UP Board Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 लोकतंत्र लोकतन्त्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

UP Board Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 लोकतंत्र लोकतन्त्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

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पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
यहाँ चार देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ हैं। इन सूचनाओं के आधार पर आप इन देशों का वर्गीकरण किस तरह करेंगे? इनके सामने ‘लोकतांत्रिक’, ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘पक्का नहीं लिखें।
(क) देश क : जो लोग देश के आधिकारिक धर्म को नहीं मानते उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं है।
(ख) देश ख : एक ही पार्टी बीते वर्षों से चुनाव जीतती आ रही है।
(ग) देश ग : पिछले तीन चुनावों में शासक दल को पराजय को मुँह देखना पड़ा।
(घ) देश घ : यहाँ स्वतन्त्र चुनाव आयोग नहीं है।
उत्तर:
(क) अलोकतांत्रिक
(ख) पक्का नहीं
(ग) लोकतांत्रिक
(घ) अलोकतांत्रिक

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प्रश्न 2.
यहाँ चार अन्य देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ दी गई हैं। इन सूचनाओं के आधार पर इन देशों का वर्गीकरण आप किस तरह करेंगे? इनके आगे ‘लोकतांत्रिक’, ‘अलोकतांत्रिक’ और ‘पक्का नहीं लिखें।
(क) देश च : संसद सेना प्रमुख की मंजूरी के बिना सेना के बारे में कोई कानून नहीं बना सकती।
(ख) देश छ : संसद न्यायपालिका के अधिकारों में कटौती का कानून नहीं बना सकती।
(ग) देश जे : देश के नेता बिना पड़ोसी देश की अनुमति के किसी और देश से संधि नहीं कर सकते।
(घ) देश झ : देश के अधिकांश फैसले केन्द्रीय बैंक के अधिकारी करते हैं जिसे मंत्री भी नहीं बदल सकते।
उत्तर:
(क) अलोकतांत्रिक
(ख) लोकतांत्रिक
(ग) अलोकतांत्रिक
(घ) अलोकतांत्रिक

प्रश्न 3.
इनमें से कौन-सा तर्क लोकतंत्र के पक्ष में अच्छा नहीं है और क्यों?
(क) लोकतन्त्र में लोग खुद को स्वतंत्र और समान मानते हैं।
(ख) लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ दूसरों की तुलना में टकरावों को ज्यादा अच्छी तरह सुलझाती हैं।
(ग) लोकतांत्रिक सरकारें लोगों के प्रति ज्यादा उत्तरदायी होती हैं।
(घ) लोकतांत्रिक देश दूसरों की तुलना में ज्यादा समृद्ध होते हैं।

उत्तर:
(क) एक लोकतंत्रीय राज्य अन्य राज्यों की तुलना में अधिक समृद्ध हो, ऐसा होना आवश्यक नहीं है। देश विदेश के लोगों की समृद्धि और खुशहाली देश के आर्थिक विकास पर निर्भर करती है न कि सरकार के स्वरूप पर। हमें ऐसे अनेक उदाहरण सरलता से प्राप्त हो जाएँगे कि देश में लोकतांत्रिक सरकार विद्यमान होते हुए भी वहाँ के लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश आज भी आर्थिक रूप से
विकसित हो रहे हैं। जबकि संयुक्त अरब अमीरात जैसे राजतंत्र वाले देश आर्थिक रूप से समृद्ध हैं।

प्रश्न 4.
इन सभी कथनों में कुछ चीजें लोकतांत्रिक हैं तो कुछ अलोकतांत्रिक। हर कथन में इन चीजों को अलग अलग करके लिखें।
(क)
एक मंत्री ने कहा कि संसद को कुछ कानून पास करने होंगे जिससे विश्व व्यापार संगठनों द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके।
(ख) चुनाव आयोग ने एक चुनाव क्षेत्र के सभी मतदान केन्द्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया जहाँ बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ की गई थी।
(ग) संसद में औरतों का प्रतिनिधित्व कभी भी 1 प्रतिशत तक नहीं पहुँचा है। इसी कारण महिला संगठनों ने संसद में एक-तिहाई आरक्षण की माँग की है।
उत्तर:
(क) लोकतांत्रिक चीज : “संसद को कुछ कानून पास करने होंगे।’
अलोकतांत्रिक चीज : “विश्व व्यापार संगठन द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके।
(ख) लोकतांत्रिक चीज : “चुनाव आयोग ने किसी चुनाव क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया।”
अलोकतांत्रिक चीज : “बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ हुई थी।
(ग) लोकतांत्रिक चीज : “इसी के कारण महिला संगठनों ने एक तिहाई आरक्षण की माँग की है।”
अलोकतांत्रिक चीज : “संसद में औरतों का प्रतिनिधित्व कभी भी 10 प्रतिशत तक नहीं पहुँचा है।”

प्रश्न 5.
लोकतन्त्र में अकाल और भुखमरी की संभावना कम होती है। यह तर्क देने का इनमें से कौन-सा कारण सही नहीं है?
(क) विपक्षी दल भूख और भुखमरी की ओर सरकार को ध्यान दिला सकते हैं।
(ख) स्वतंत्र अखबार देश के विभिन्न हिस्सों में अकाल की स्थिति के बारे में खबरें दे सकते हैं।
(ग) सरकार को अगले चुनाव में अपनी पराजय का डर होता है।
(घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है।

उत्तर:
(घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है।

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प्रश्न 6.
किसी जिले में 40 ऐसे गाँव हैं जहाँ सरकार ने पेयजल उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है। इन गाँवों के लोगों ने एक बैठक की और अपनी जरूरतों की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए कई तरीकों पर विचार किया। इनमें से कौन-सा तरीका लोकतांत्रिक नहीं है।
(क) अदालत में पानी को अपने जीवन के अधिकार का हिस्सा बताते हुए मुकदमा दायर करना।
(ख) अगले चुनाव का बहिष्कार करके सभी पार्टियों को संदेश देना।
(ग) सरकारी नीतियों के खिलाफ जन-सभाएँ करना।
(घ) सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देना।
उत्तर:
(घ) यह एक अलोकतांत्रिक तरीका है।

प्रश्न 7.
लोकतन्त्र के खिलाफ दिए जाने वाले इन तर्को का जवाब दीजिए
(क) सेना देश का सबसे अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है। इसलिए सेना को देश का शासन करना चाहिए।
(ख) बहुमत के शासन का मतलब है मूख और अशिक्षितों का राज। हमें तो होशियारों की जरूरत है, भले ही उनकी संख्या कम क्यों न हो।
(ग) अगर आध्यात्मिक मामलों में मार्गदर्शन के लिए हमें धर्म-गुरुओं की जरूरत होती है तो उन्हीं को राजनैतिक मामलों में मार्गदर्शन का काम क्यों नहीं सौंपा जाए। देश पर धर्म गुरुओं का शासन होना चाहिए।
उत्तर:
(क) किसी देश की सेना रक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण है लेकिन यह लोगों द्वारा निर्वाचित नहीं है। इसलिए एक लोकतांत्रिक
सरकार का गठन नहीं कर सकती है। निश्चय ही सेना सर्वाधिक अनुशासित एवं भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है फिर भी कोई व्यक्ति इस बात की गारण्टी नहीं दे सकता है कि सेना तानाशाह नहीं बनेगी। सैन्य शासन के अधीन नागरिकों के सभी मौलिक अधिकार छीन लिए जाएँगे। उदाहरण के (UPBoardSolutions.com) लिए, जनरल ऑगस्तों पिनोशे के शासन के अधीन चिली के लोगों को अनेक कष्ट भोगने पड़े थे।

(ख) किसी भी देश के सभी लोग कुछ सीमा तक समझदार होते हैं। सार्वभौम वयस्क मताधिकार सिद्धान्त के अनुसार भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मताधिकार प्रदान किया गया है। समाज के कुछ वर्गों की उपेक्षा करना उचित नहीं है।

(ग) तीसरा कथन उपयुक्त नहीं है। राजनीति में धर्म को शामिल करने से खतरनाक विवाद उत्पन्न हो सकता है क्योंकि भारत में अनेक धर्मों के लोग साथ-साथ रहते हैं ऐसे में किसी एक धर्म के धर्मगुरुओं को राज्य के संचालन का कार्य सौंप देने से देश में साम्प्रदायिक संघर्ष उत्पन्न हो सकते हैं। वैश्विक स्तर पर अभी तक किसी धार्मिक नेता द्वारा सफल शासन संचालन का उदाहरण प्राप्त नहीं हुआ है।
ऐसे में धर्म को राजनीति से पृथक् रखना ही उचित है। राजनीति में धर्म का हस्तक्षेप विनाशकारी होता है। अतः सत्ता को धर्म-निरपेक्ष होना चाहिए और धार्मिक विश्वास के मामले को व्यक्ति की उसकी रुचि पर छोड़ देना चाहिए।

प्रश्न 8.
इनमें से किन कथनों को आप लोकतांत्रिक समझते हैं? क्यों?
(क) बेटी से बाप : मैं शादी के बारे में तुम्हारी राय सुनना नहीं चाहता। हमारे परिवार में बच्चे वहीं शादी करते हैं जहाँ माँ-बाप तय कर देते हैं।
(ख)  छात्र से शिक्षक : कक्षा में सवाल पूछकर ध्यान मत बँटाओ।
(ग) अधिकारियों से कर्मचारी : हमारे काम करने के घंटे कानून के अनुसार कम किए जाने चाहिए।
उत्तर:
(क) पहला कथन लोकतांत्रिक नहीं है क्योंकि बेटी को उसकी शादी के बारे में अपना मत प्रकट करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। बेटी को दूसरे लोगों द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए। विवाह के पश्चात् बेटी को ही अपने पति के साथ जीवन-निर्वाह करना होता है। इसलिए बेटी के विवाह में पति का चयन करते समय बेटी के विचार को महत्त्व दिया जाना चाहिए।

(ख) दूसरी कथन लोकतांत्रिक नहीं है क्योंकि छात्र को प्रश्न पूछ कर अपने मन में उत्पन्न संशय का समाधान करने का पूरा अधिकार है। अध्यापक द्वारा छात्र को प्रश्न पूछने से रोकना अलोकतांत्रिक है। उपयुक्त तो यह होता है कि शिक्षक छात्रों से कहें कि कक्षा समाप्त होने के पश्चात् छात्र अपने मन में उठे विषय से सम्बन्धित प्रश्नों का समाधान करें। शिक्षक को छात्रों के प्रश्नों का निश्चय ही समाधान करना चाहिए।

(ग) यह कथन लोकतांत्रिक है क्योंकि वह ऐसे नियम या कानून की माँग करता है जो कर्मचारियों के लिए लाभप्रद है। कर्मचारी कानूनी मानकों के अनुरूप अपने अधिकारी (UPBoardSolutions.com) से किसी चीज की माँग कर सकते हैं। अतः यह कथन
लोकतांत्रिक मूल्यों के सापेक्ष है।

प्रश्न 9.
एक देश के बारे में निम्नलिखित तथ्यों पर गौर करें और फैसला करें कि आप इसे लोकतंत्र कहेंगे या नहीं। अपने फैसले के पीछे के तर्क भी बताएँ।।
(क) देश के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार है और चुनाव नियमित रूप से होते हैं।
(ख) देश ने अन्तर्राष्ट्रीय एजेंसियों से ऋण लिया। ऋण के साथ यह एक शर्त जुड़ी थी कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर अपने खर्चे में कमी करेगी।
(ग)  लोग सात से ज्यादा भाषाएँ बोलते हैं पर शिक्षा का माध्यम सिर्फ एक भाषा है, जिसे देश के 52 फीसदी लोग बोलते हैं।
(घ) सरकारी नीतियों का विरोध करने के लिए अनेक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करने और देश भर में हड़ताल करने का आह्वान किया है। सरकार ने उनके नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
(ङ) देश के रेडियो और टेलीविजन चैनल सरकारी हैं। सरकारी नीतियों और विरोध के बारे में खबर छापने के लिए अखबारों को सरकार से अनुमति लेनी होती है।
उत्तर:
(क) सभी नागरिकों को समानता के सिद्धान्त पर मताधिकार देना और नियमित चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली के अनुरूप है परन्तु चुनाव स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष होना चाहिए।
(ख)वह देश लोकतांत्रिक हो सकता है यदि ऋण लेने वाली सरकार जनता द्वारा निर्वाचित है।
(ग)  वह राज्य लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता क्योंकि नागरिकों को अपनी भाषा में शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं है।
(घ) सभी लोकतांत्रिक राज्य अपने नागरिकों को हड़ताल करने का अधिकार देते हैं, इससे राज्य अलोकतांत्रिक नहीं बन जाता।
(ङ) यह अलोकतांत्रिक है। रेडियो तथा टेलीविजन सरकारी नहीं होना चाहिए। लोगों को समाचार-पत्रों, रेडियो तथा टेलीविजन द्वारा अपने विचार प्रकट करने तथा सरकार की जन-विरोधी नीतियों की आलोचना करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

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प्रश्न 10.
अमेरिका के बारे में 2004 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार वहाँ के समाज में असमानता बढ़ती जा रही है।
आमदनी की असमानता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों की भागीदारी घटने-बढ़ने के रूप में भी सामने आई। इन समूहों की सरकार के फैसलों पर असर (UPBoardSolutions.com) डालने की क्षमता भी इससे प्रभावित हुई है। इस रिपोर्ट की मुख्य बातें थीं
(क) सन् 2004 में एक औसत अश्वेत परिवार की आमदनी 100 डालर थी जबकि गोरे परिवार की आमदनी 162 डालर/औसत गोरे परिवार के पास अश्वेत परिवार से 12 गुना ज्यादा सम्पत्ति थी।

(ख) राष्ट्रपति चुनाव में 75,000 डालर से ज्यादा आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से 9 लोगों ने वोट डाले थे। यही लोग आमदनी के हिसाब से समाज के ऊपरी 20 फीसदी में आते हैं। दूसरी ओर 15,000 डालर से कम आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 10 में से सिर्फ 5 लोगों ने ही वोट डाले। आमदनी के हिसाब से ये लोग सबसे निचले 20 फीसदी हिस्से में आते हैं।

(ग) राजनैतिक दलों का करीब 95 फीसदी चंदा अमीर परिवारों से ही आता है। इससे उन्हें अपनी राय और चिंताओं से नेताओं को अवगत कराने का अवसर मिलता है। यह सुविधा देश के अधिकांश नागरिकों को उपलब्ध नहीं है।

(घ) जब गरीब लोग राजनीति में कम भागीदारी करते हैं तो सरकार भी उनकी चिंताओं पर कम ध्यान देती हैगरीबी दूर करना, रोजगार देना, उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था करने पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता जितना दिया जाना चाहिए। राजनेता अक्सर अमीरों और व्यापारियों की चिंताओं पर ही नियमित रूप से गौर करते हैं।

इस रिपोर्ट की सूचनाओं को आधार बनाकर और भारत के उदाहरण देते हुए ‘लोकतंत्र और गरीबी’ पर एक लेख लिखें।
उत्तर:
भारत में आर्थिक आधार पर अत्यधिक असमानता पायी जाती है। समाज में एक वैभवशाली, साधन सम्पन्न विलासी वर्ग है तो वहीं ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें वक्त की रोटी भी मुश्किल से मिल पाती है। इससे स्पष्ट है कि लोगों की आय में अत्यधिक असमानता पायी जाती है। मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार भारत में 26 प्रतिशत लोग गरीबी की श्रेणी में आते हैं। निर्धनता अनेक सामाजिक (UPBoardSolutions.com) और आर्थिक बुराइयों को जन्म देती है।
निर्धन व्यक्ति को हमेशा अपने भरणपोषण की चिन्ता सताती रहती है। ऐसे में उसके पास समाज और देश की समस्याओं के बारे में विचार करने का न तो समय होता है और न ही इच्छा।
गरीब व्यक्ति चुनाव लड़ना तो दूर उसके बारे में मुश्किल से सोच पाता है क्योंकि उसके सामने आर्थिक समस्याओं का पहाड़ खड़ा रहता है। राजनीतिक दल पूँजीपतियों से पार्टी फण्ड में चन्दा लेते हैं, इसलिए यह आम धारणा है कि सरकार पर पूँजीपतियों का नियंत्रण है। प्रत्येक राजनीतिक दल गरीबों की गरीबी का राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है।
चुनाव के समय सभी राजनीतिक दल गरीबी उन्मूलन की बात तो करते हैं किन्तु सत्ता में आने के बाद वे अपने इस वायदे को भूल जाते हैं। निर्धनता ने अनेक हिंसात्मक आन्दोलनों को जन्म दिया है। निश्चय ही निर्धनता भारतीय लोकतन्त्र की सफलता में बहुत बड़ी बाधा है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सार्वभौम वयस्क मताधिकार से क्या आशय है?
उत्तर
भारत में 18 वर्ष से अधिक की आयु का कोई भी नागरिक चाहे वह किसी भी जाति, रंग, सम्प्रदाय या सामाजिक स्थिति का हो उसे मतदान का अधिकार है।

प्रश्न 2.
डेमोक्रेसी शब्द की उत्पत्ति किस भाषा के शब्द से हुई है?
उत्तर
डेमोक्रेसी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द डीमोस (Demos) तथा क्रेशिया (Cratia) से हुई है, ‘डीमोस’ का अर्थ है जनता (लोग) तथा ‘क्रेशिया’ का अर्थ है शासन। अतः लोकतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें देश का शासन जनता के हाथों में होता है।

प्रश्न 3
अधिनायकवाद ( तानाशाही ) का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
तानाशाही शासन का वह रूप है जिसमें शासन की सत्ता एक ही व्यक्ति अथवा एक ही राजनैतिक दल के हाथों में होती है। तानाशाह (अधिनायक) अपनी शक्तियों का प्रयोग अपनी इच्छानुसार करता है और वह किसी के प्रति उत्तरदायी नहीं होता। नागरिकों को तानाशाह अथवा (UPBoardSolutions.com) उसकी नीतियों की आलोचना करने का अधिकार नहीं होता। उसका कार्यकाल निश्चित नहीं होता और वह तब तक अपने पद पर बना रहता है जब तक शासन की शक्ति उसके हाथों में रहती है।

प्रश्न 4.
लोकतांत्रिक सरकार की सीमाएँ बताइए।
उत्तर:
एक लोकतांत्रिक सरकार संवैधानिक कानूनों एवं नागरिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए शासन करती है। इसमें कानून का शासन होता है जिससे सरकार संवैधानिक कानूनों एवं नागरिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए शासन करती है।

प्रश्न 5.
लोकतन्त्र लोगों की गरिमा में वृद्धि करता है। व्याख्या करें।
उत्तर:
राजनीतिक समानता पर आधारित होने के कारण लोकतन्त्र यह स्वीकार करता है कि सबसे निर्धन एवं सबसे कम पढ़े लिखे लोगों की समाज में वही स्थिति है जो अमीर व शिक्षित लोगों की है। लोकतंत्र में लोग शासक की प्रजा नहीं बल्कि स्वयं शासक हैं।

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प्रश्न 6.
लोकतांत्रिक व्यवस्था दूसरों से बेहतर है क्योंकि लोकतंत्र मतभेदों और टकरावों को संभालने का तरीका उपलब्ध कराता है। व्याख्या करें।
उत्तर:
किसी भी समाज में लोगों के हितों और विचारों में अन्तर होता है। भारत की तरह भारी सामाजिक विविधता वाले देश में इस तरह का अन्तर और भी ज्यादा होता है। भारत में विभिन्न भाषा, क्षेत्र, जाति, धर्म के लोग रहते हैं। इनके रहन-सहन में भी अन्तर है। एक समूह की पसंद और दूसरे (UPBoardSolutions.com) समूह की पसंद में टकराव भी होता है। लोकतन्त्र इस समस्या का एकमात्र शांतिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है। लोकतांत्रिक सरकार विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सामंजस्य कराता है।

प्रश्न 7.
बेहतर सरकार और सामाजिक जीवन पर प्रभाव की दृष्टि से तीन तर्क दीजिए जो लोकतन्त्र को सुदृढ़ सिद्ध करते हैं।
उत्तर:
(क) लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिक अधिकार और सम्मान में वृद्धि होती है।
(ख) लोकतन्त्र में अन्य शासकीय व्यवस्थाओं की तुलना में नागरिक की स्थिति अच्छी होती है।
(ग) लोकतन्त्र राजनीतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है, यहाँ सबसे गरीब और अनपढ़ को भी वही दर्जा प्राप्त है जो अमीर और पढ़े लिखे लोगों को है। लोग किसी शासक की प्रजा न होकर खुद अपने शासक हैं।

प्रश्न 8.
लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी गलती सुधारने का अवसर मिलता है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ऐसा कोई शासन तन्त्र नहीं जिसमें शासन तन्त्र से कोई गलती न हो चाहे वह लोकतन्त्र ही क्यों न हो। लेकिन लोकतन्त्र में गलतियों पर विचार-विमर्श करने और उसे सुधारने की संभावना अन्तर्निहित होती है। इसका आशय यह है कि या तो शासक समूह अपना निर्णय बदले या फिर शासक समूह को ही बदला जा सकता है। गैरलोकतांत्रिक सरकारों में ऐसा नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 9.
जिम्बाब्वे की लोकतांत्रिक व्यवस्था ने किस तरह का उदाहरण प्रस्तुत किया है?
उत्तर:
जिम्बाब्वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि शासकों द्वारा जनता का विश्वास पाने के लिए बार-बार जनादेश पाना लोकतन्त्र की एक आवश्यकता है पर इतना ही पर्याप्त नहीं है। लोकप्रिय नेता भी अलोकतांत्रिक हो सकते हैं। लोकप्रिय नेता भी तानाशाह हो सकते हैं। जिम्बाब्वे के नेता रॉबर्ट मुगाबे अत्यधिक लोकप्रिय नेता हैं। स्वतन्त्रता के बाद से ही शासन कर रहे हैं। चुनाव नियमित रूप से होते हैं और सदा जानु पी. एफ. दल ही चुनावों में जीतता आया है। चुनाव जीतने के लिए गलत तरीके भी अपनाए जाते हैं। अतः यह उदाहरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संदेश नहीं है।

प्रश्न 10.
मैक्सिको में पी. आर. आई. पार्टी निरन्तर 2000 ई. से किस तरह से सत्ता में बनी हुई है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
मैक्सिको का यह राजनीतिक दल चुनाव में हर तरह के हथकण्डे अपनाकर किसी न किसी तरह चुनाव जीतने का प्रयास करती रही है और इसमें सफल भी रही थी। सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले सभी लोगों के लिए पार्टी की बैठकों में जाना (UPBoardSolutions.com) अनिवार्य था। सरकारी स्कूलों के अध्यापक अपने विद्यार्थियों के माता-पिता से पी.आर.आई. को वोट देने को कहते थे। कई बार अन्तिम क्षणों में मतदान केन्द्रों को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह कर दिया जाता था जिससे अनेक लोग वोट नहीं डाल पाते थे। पी.आर.आई. राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के चुनाव अभियान में काफी धन खर्च करती थी।

प्रश्न 11.
चीन में सांसद का चुनाव किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर:
चीन की संसद ‘राष्ट्रीय जन संसद’ कहलाती है। चीन की संसद हेतु प्रत्येक पाँचवें वर्ष नियमित रूप से चुनाव होता है। इस संसद को देश का राष्ट्रपति नियुक्त करने का अधिकार है। इसमें पूरे देश से लगभग 3,000 सदस्य आते हैं। कुछ सदस्यों का चुनाव सेना (UPBoardSolutions.com) भी करती है। चुनाव लड़ने से पहले सभी उम्मीदवारों को चीनी कम्युनिष्ट पार्टी से मंजूरी लेनी होती है। 2002-03 ई. में हुए चुनावों में सिर्फ कम्युनिस्ट पार्टी और उससे सम्बद्ध कुछ छोटी पार्टियों के सदस्यों को ही चुनाव लड़ने की अनुमति मिली। सरकार सदा कम्युनिष्ट पार्टी की ही बनती है।

प्रश्न 12.
ऐसे दो देशों का उदाहरण दीजिए जहाँ नागरिकों को मतदान के समान अधिकार नहीं हैं?
उत्तर:
एस्टोनिया ने अपने यहाँ नागरिकता के नियम कुछ इस तरह बनाए हैं कि रूसी अल्पसंख्यक समाज के

  1. लोगों को मतदान का अधिकार हासिल करने में मुश्किल होती है।
  2. फिजी की चुनाव प्रणाली में वहाँ के मूल निवासियों के वोट का महत्त्व भारतीय मूल के फिजी नागरिक के वोट से ज्यादा है।

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प्रश्न 13.
अर्थशास्त्रियों के अनुसार चीन में पड़े भयंकर अकाल के कारण तीन करोड़ से अधिक लोगों के मरने का प्रमुख कारण क्या था?
उत्तर:
अर्थशास्त्रियों के अनुसार चीन में पड़े भयंकर अकाल के कारण तीन करोड़ से अधिक लोगों के मरने का मुख्य कारण वहाँ पर साम्यवादी शासन व्यवस्था को माना गया है।

लघु उत्तरीय प्रश्न –

प्रश्न 1.
लोकतन्त्र की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
लोकतन्त्र की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं–

  1.  एक लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक वयस्क नागरिक को एक वोट देने का अधिकार है और प्रत्येक वोट का समान | महत्त्व है। कोई भी नागरिक किसी भी जाति, धर्म, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का हो वह किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ सकता है जिसका अर्थ यह है कि सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त है।
  2. एक लोकतांत्रिक सरकार संवैधानिक कानूनों एवं नागरिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए शासन करती है।
  3. लोकतांत्रिक देशों में शासकों का चयन जनता करती है जो सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।
  4.  इसमें स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव लोगों के सामने वर्तमान शासकों को बदलने का एक विकल्प एवं अच्छा अवसर (UPBoardSolutions.com) प्रदान करते हैं।
  5. चुनाव के पहले और बाद में भी विपक्षी दलों को स्वतन्त्र रूप से काम करते रहने की अनुमति है।
  6.  इसमें अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता होती है और लोग मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हैं।
  7. ऐसी सरकारें राजनैतिक समानता के मौलिक सिद्धान्त पर आधारित होते हैं।

प्रश्न 2.
लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रमुख दोषों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रमुख दोष इस प्रकार हैं

  1. लोकतंत्र भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है क्योंकि यह चुनावी प्रतिस्पर्धा पर आधारित है।
  2. निर्वाचित नेता लोगों के सर्वश्रेष्ठ हितों से परिचित नहीं होते हैं। ऐसे में वे अनेक गलत निर्णय करते हैं जिससे जन
    सामान्य को कष्ट होता है।
  3.  लोकतन्त्र में नेता बदलते रहते हैं। यह अस्थिरता का कारण बनता है।
  4. लोकतन्त्र राजनैतिक प्रतिद्वन्दिता एवं शक्ति का खेल है। इसमें नैतिकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
  5.  जनसाधारण को यह पता नहीं होता है कि उनके लिए क्या करना अच्छा है, उन्हें कोई निर्णय नहीं लेने दिया जाता है।

प्रश्न 3.
प्रत्यक्ष लोकतन्त्र को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्रत्यक्ष लोकतन्त्र में राज्य की इच्छा जनता द्वारा आम सभाओं के माध्यम से प्रकट की जाती है। इसमें जनता अपने प्रतिनिधियों को निर्वाचित करके नहीं भेजती, वरन् स्वयं एकत्रित होकर अधिकारियों को नियुक्त करती है, कर निर्धारित करती है तथा (UPBoardSolutions.com) कानून बनाती है।
ऐसा प्रजातन्त्र छोटे-छोटे राज्यों में ही स्थापित किया जा सकता है। प्राचीन यूनान तथा रोम के नगर-राज्यों में प्रत्यक्ष प्रजातन्त्र प्रणाली प्रचलित थी। आधुनिक राष्ट्र राज्यों में इसे लागू नहीं किया जा सकता फिर भी स्विट्जरलैण्ड के कुछ कैंटनों, अमेरिका तथा रूस के कुछ राज्यों तथा गणतन्त्रों में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की व्यवस्था है।
प्रत्यक्ष प्रजातंत्र के आधुनिक साधनों में जनमत संग्रह, प्रस्तावाधिकार तथा प्रत्यावर्तन के साधन हैं। इन साधनों द्वारा मतदाता कानून के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से भाग ले सकते हैं। जनमत संग्रह का थोड़ा-बहुत प्रयोग अन्य देशों में भी किया जाता है।

प्रश्न 4.
अप्रत्यक्ष लोकतंत्र का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अप्रत्यक्ष (प्रतिनिधि) लोकतन्त्र वर्तमान समय में ऐसे राज्यों में पाया जाता है जहाँ का क्षेत्रफल तथा जनसंख्या अधिक होती है। जनसंख्या व क्षेत्रफल की विशालता के कारण ही अप्रत्यक्ष लोकतन्त्र का विकास हुआ, जिसमें मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो देश का शासन चलाते हैं।
ये प्रतिनिधि एक निश्चित समय के लिए चुने जाते हैं। यदि ये प्रतिनिधि जनता की इच्छानुसार या जनमत के अनुसार कार्य नहीं करते तो अगले चुनाव में जनता उन्हें वोट नहीं करेगी और वे चुनाव हार कर सत्ता से बाहर हो जायेंगे। इस तरह जनता के प्रतिनिधि जनता के प्रति उत्तरदायी बने रहते हैं। वर्तमान समय में जहाँ भी प्रजातंत्रात्मक शासन प्रणाली अपनायी गयी है वहाँ प्रतिनिधि प्रजातन्त्र प्रणाली ही पायी जाती है।

प्रश्न 5.
भारत में लोकतन्त्र का भविष्य बताइए।
उत्तर:
यद्यपि भारत के लोकतांत्रिक विकास के मार्ग में अनेक बाधाएँ हैं लेकिन भारत में अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत में लोकतन्त्र का भविष्य उज्ज्वल है। ये सभी चुनाव प्रायः स्वतन्त्र और निष्पक्ष रूप से कराए गए हैं।
न केवल भारतीय जनता बल्कि राजनीतिक दलों को भी लोकतन्त्र में दृढ़ विश्वास है। भारतीय मतदाता अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए आंदोलन करने तथा बड़ी-से-बड़ी कुरबानी देने के लिए तैयार रहते हैं। चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की स्थापना की गई है जो पूर्ण रूप से निष्पक्ष होकर कार्य करता है। भारत में न्यायपालिका भी स्वतन्त्र है जो (UPBoardSolutions.com) लोकतन्त्र पर होने वाले किसी भी आघात को रोकती है। यद्यपि भारत के अधिकांश लोग अशिक्षित हैं, परन्तु वे राजनीतिक दृष्टि से जागरुक हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय लोकतन्त्र के सफल भविष्य के बारे में चिंता की कोई बात नहीं है।

प्रश्न 6.
लोकतन्त्र की त्रुटियों को कैसे सुधारा जा सकता है?
उत्तर:
लोकतन्त्र स्वयं की गलतियों को सुधारने की अनुमति देता है। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि लोकतन्त्र में कोई गलती नहीं हो सकती। सरकार का कोई भी स्वरूप इसकी गारण्टी नहीं दे सकता। लोकतन्त्र का गुण यह है कि ऐसी गलतियाँ लम्बे समय तक छिपी नहीं रहतीं। इन गलतियों पर सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है और गलती सुधारने का अवसर भी उपलब्ध रहता है या तो शासकों को अपने निर्णय बदलने पड़ते हैं अन्यथा शासकों को बदल दिया जाता है।

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प्रश्न 7.
“लोकतन्त्र मतभेदों एवं विवादों से निपटने का तरीका उपलब्ध कराता है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
किसी भी समाज के लोगों में मत एवं हितों में विवाद हो सकता है। भारत में ये मतभेद और भी गहरे हैं। लोग विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्ध रखते हैं, वे अलग-अलग भाषाएँ बोलते हैं, अलग-अलग धर्म का पालन करते हैं और वे विभिन्न जातियों से सम्बन्ध रखते हैं।
एक समूह की प्राथमिकता दूसरे समूह के साथ टकराव का कारण बन सकती है। इस विवाद को बल प्रयोग से भी हल किया जा सकता है। जो भी समूह अधिक शक्तिशाली होगा वह अपनी शर्ते मनवा लेगा और दूसरे लोगों को इसे स्वीकार करना होगा। किन्तु यह आक्रोश का कारण बनेगा। (UPBoardSolutions.com) लोकतन्त्र इस समस्या का एकमात्र शांतिपूर्ण हल उपलब्ध कराता है। लोकतन्त्र में कोई भी स्थायी विजेता नहीं होता। विभिन्न समूह परस्पर शांतिपूर्वक रह सकते हैं। भारत जैसे विविधता । भरे देश में लोकतन्त्र विभिन्न प्रकार के लोगों को एक साथ रहने में मदद करता है।

प्रश्न 8.
“1958-1961 ई. के बीच का चीन का अकाले सरकारी नीतियों का परिणाम था।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
चीन में 1958 से 1961 ई. के बीच भीषण अकाल पड़ा। इस अकाल में लगभग 3 करोड़ लोग मारे गये। उस समय चीन की अर्थव्यवस्था भारत की अर्थव्यवस्था से अच्छी नहीं थी। चीन में लोकतांत्रिक व्यवस्था न होने के कारण सरकार लोगों की अधिक फिक्र नहीं करती थी। यदि चीन में बहुदलीय चुनावी व्यवस्था होती, विपक्षी दल होता और सरकार की आलोचना कर सकने वाली स्वतन्त्र मीडिया होती तो इतने सारे लोग भूख से नहीं मरे होते।

प्रश्न 9.
लोकतन्त्र को सरकार के अन्य स्वरूपों की अपेक्षा बेहतर क्यों माना जाता है?
उत्तर:
लोकतन्त्र को सरकार के अन्य स्वरूपों से बेहतर इसलिए माना जाता है क्योंकि यह लोगों की आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करता है। लोकतन्त्र शासक या (UPBoardSolutions.com) तानाशाह की सनक पर निर्भर नहीं है। लोकतन्त्र लोगों के लिए है तथा एक लोकतांत्रिक सरकार सदैव लोगों के प्रति उत्तरदायी है जिसका विवरण इस प्रकार है

  1. यह राजनैतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है जो यह स्वीकार करता है कि सबसे निर्धन एवं सबसे कम पढ़े-लिखे लोगों की भी समाज में वही स्थिति है जो अमीर व शिक्षित लोगों की है। इस प्रकार लोकतंत्र नागरिकों की गरिमा में वृद्धि करता है।
  2.  लोकतन्त्र सरकार के अन्य स्वरूपों की अपेक्षा बेहतर है क्योंकि यह हमें इसकी गलती सुधारने का अवसर प्रदान करती है।
  3.  लोकतन्त्र मतभेदों एवं विवादों से निपटने का तरीका उपलब्ध कराता है।
  4.  लोकतन्त्र निर्णय लेने की गुणवत्ता में सुधार करता है क्योंकि यह मंत्रणा एवं परिचर्चा पर आधारित होता है।
  5. लोकतन्त्र प्रत्येक समस्या का शान्तिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है। यह भारत जैसे देश के लिए उपयुक्त है जिसमें भाषा, धर्म एवं संस्कृति आधारित भिन्नताएँ पायी जाती हैं। भारतीय लोकतन्त्र ने भिन्नता में एकता बनाए रखते हुए एक शांतिपूर्ण समाज उपलब्ध कराया है।

प्रश्न 10.
किन्हीं दो देशों के नाम बताएँ जहाँ नियमित रूप से चुनाव कराए जाते हैं किन्तु उन्हें लोकतांत्रिक देश नहीं कहा जा सकता? इसके कारण भी बताएँ।
उत्तर:
चीन और मैक्सिको लोकतांत्रिक देश नहीं हैं क्योंकि चीन में चुनाव लोगों को कोई गम्भीर विकल्प उपलब्ध नहीं कराते। उन्हें शासन कर रहे दल (कम्युनिस्ट पार्टी) और उसके द्वारा अनुमोदित उम्मीदवारों को ही चुनना पड़ता है। मैक्सिको में 1930 (इसकी आजादी के दिन से) से सन् 2000 तक प्रत्येक चुनाव में पी. आर. आई. (इंस्टीट्यूशनल रिवोल्यूशनरी पार्टी) ही विजयी होती आई थी क्योंकि विपक्षी दल कभी भी जीत ही नहीं पाए। पी.आर.आई. चुनाव में गन्दे हथकण्डे अपनाकर जीतने के लिए कुख्यात थी। किसी प्रकार (UPBoardSolutions.com) के चुनाव कराना ही पर्याप्त नहीं है। अपितु चुनाव में उपलब्ध विकल्पों में से किसी एक को चुनने की स्थिति भी होनी चाहिए। किन्तु मैक्सिको में शासक दल को पराजित नहीं किया जा सकता था, चाहे लोग उसके विरुद्ध ही क्यों न हों। इसलिए लोकतन्त्र एक स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष चुनाव पर आधारित होना चाहिए जिसमें सत्ताधारी दल के हार जाने के भी पूर्ण अवसर हों। लेकिन चीन और मैक्सिको में ऐसा नहीं है।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लोकतांत्रिक एवं अलोकतांत्रिक सरकारों के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
लोकतांत्रिक एवं अलोकतांत्रिक सरकारों के मध्य अन्तर लोकतांत्रिक सरकार
UP Board Solutions for Class 9 Social Science Civics Chapter 2 लोकतंत्र लोकतन्त्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

प्रश्न 2.
भारतीय लोकतन्त्र की प्रमुख समस्याएँ बताइए तथा उन समस्याओं को दूर करने के उपाय बताइए।
उत्तर:
भारतीय लोकतन्त्र की प्रमुख समस्याएँ इस प्रकार हैं

  1. असामाजिक तत्वों की भूमिका- चुनावों में असामाजिक तत्वों की भूमिका बहुत बढ़ गयी है। चुनावों के दौरान मतदाताओं पर किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव डाला जाता है। चुनाव के दौरान मत खरीदे और बेचे जाते हैं और मतदान केन्द्रों पर कब्जा किया जाता है।
  2. जातिवाद और सम्प्रदायवाद- जातिवाद एवं सम्प्रदायवाद भारतीय लोकतन्त्र के सम्मुख उपस्थित एक गम्भीर समस्या है। चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन करते समय सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरण को महत्त्व देते हैं। मतदाता भी मतदान करते समय जातिवाद तथा सम्प्रदायवाद से प्रभावित होकर मतदान करते हैं। कई राजनीतिक दलों का गठन भी सम्प्रदाय तथा जातिवाद के आधार पर किया गया है। जातिवाद के आधार पर लोगों में आपसी झगड़े होते रहते हैं जो लोकतन्त्र की बड़ी समस्या का कारण बनते हैं।
  3. सामाजिक तथा आर्थिक असमानता- किसी भी देश में लोकतन्त्र की सफलता के लिए सामाजिक एवं आर्थिक समानता का होना अनिवार्य होता है। भारत में इसका अभाव है। समाज में सभी नागरिकों को समान नहीं समझा जाता। जाति, धर्म तथा वंश आदि के आधार पर नागरिकों में भेदभाव किया जाता है। आर्थिक दृष्टि से अमीर तथा गरीब की खाई बहुत बड़ी है।
  4. निरक्षरता- भारत में बहुत बड़ी संख्या में लोग अनपढ़ हैं। उन्हें अपने अधिकारों तथा कर्तव्यों के बारे में पूरा ज्ञान नहीं है। अनपढ़ व्यक्ति देश की समस्याओं को ठीक प्रकार से नहीं समझ सकते। उनका दृष्टिकोण संकुचित होता है और वे जातिवाद, भाषावाद तथा (UPBoardSolutions.com) सम्प्रदायवाद की भावनाओं में पड़े रहते हैं। अनपढ़ता के कारण देश में राजनीतिक समस्याओं के बारे में स्वस्थ जनमत का निर्माण नहीं हो सकता। अतः निरक्षरता लोकतन्त्र की सफलता में बाधक बनती है।

लोकतंत्र की समस्याओं को दूर करने के उपाय

  1. सरकार द्वारा लोकतन्त्र में व्याप्त समस्याओं के निराकरण के लिए निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं|
  2.  चुनावों में धर्म तथा जाति के प्रयोग में कड़ी पाबन्दी लगा देनी चाहिए, धर्म अथवा जाति के आधार पर राजनैतिक । दलों के गठन को रोका जाए और चुनावों के दौरान धर्म अथवा जाति के आधार पर वोट माँगने वाले उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर देना चाहिए।
  3. नागरिकों में सामाजिक व आर्थिक असमानता को दूर करने के उपाय करने चाहिए।
  4. नागरिकों को शिक्षित करने का प्रबन्ध करना चाहिए। शिक्षित तथा राजनीतिक दृष्टि से जागरूक नागरिक ही कुशल ईमानदार तथा निःस्वार्थी प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकते हैं।
  5. समाज में लोकतंत्रीय मूल्यों का विकास करना चाहिए, प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वह अन्य नागरिकों के अधिकारों तथा स्वतंत्रताओं का आदर करें।

प्रश्न 3.
लोकतन्त्र किसे कहते हैं? लोकतन्त्र के गुण-दोषों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
लोकतन्त्र से आशय-वह शासन पद्धति जिसमें शासक लोगों द्वारा निर्वाचित किए जाते हैं, को लोकतन्त्र कहते हैं। इस प्रकार लोकतन्त्र का अर्थ है लोगों द्वारा शासन। लोकतंत्र के गुण :

  1.  लोकतन्त्र में किसी की भी जय या पराजय स्थायी नहीं होती।
  2. लोकतन्त्र मतभेदों एवं विवादों से निपटने का तरीका उपलब्ध कराती है।
  3.  लोकतन्त्र नागरिकों की गरिमा में वृद्धि करता है क्योकि यह राजनैतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है जो
    यह स्वीकार करता है कि सबसे निर्धन एवं सबसे कम पढ़े-लिखे लोगों की भी समाज में वही स्थिति है जो अमीर | व शिक्षित लोगों की है। लोग किसी शासक की प्रजा नहीं हैं अपितु वे स्वयं शासक हैं।
  4.  लोकतन्त्र लोगों की जरूरतों को प्रत्युत्तर देती है। एक लोकतांत्रिक सरकार सदैव लोगों के प्रति जवाबदेह है।
  5. लोकतन्त्र निर्णय करने की गुणवत्ता में सुधार लाती है क्योंकि ये संविधान एवं परिचर्चा पर आधारित होते हैं।
  6. लोकतन्त्र प्रत्येक समस्या का शांतिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है। यह भारत जैसे देश के लिए उपयुक्त है जिसमें भाषा, धर्म एवं संस्कृति आधारित भिन्नताएँ पायी जाती हैं।

भारतीय लोकतन्त्र ने भिन्नता में एकता बनाए रखते हुए एक शांतिपूर्ण समाज उपलब्ध कराया है।

  1.  लोकतन्त्र भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है क्योंकि यह चुनावी प्रतिस्पर्द्ध पर आधारित है।
  2. जनसाधारण को पता नहीं होता कि उनके लिए क्या अच्छा है; न ही उन्हें कोई निर्णय लेने का समय होता है।
  3. लोकतन्त्र में नेता बदलते रहते हैं। यह अस्थिरता का कारण बनता है।
  4.  लोकतन्त्र राजनैतिक प्रतिद्वन्द्विता एवं शक्ति का खेल है। इसमें नैतिकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
  5. निर्वाचित नेता लोगों के सर्वश्रेष्ठ हितों से परिचित नहीं होते। यह गलत निर्णयों का कारण बनता है।

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प्रश्न 4.
‘लोकप्रिय सरकारें अलोकतांत्रिक हो सकती हैं और लोकप्रिय नेता स्वेच्छाचारी हो सकते हैं।’ जिम्बाब्वे के सन्दर्भ में इस कथन की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
जिम्बाब्वे ने सन् 1980 में स्वतन्त्रता प्राप्त की। इस देश में तभी से जानु पी. एफ. दल का शासन है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद से इस देश पर रॉबर्ट मुगाबे का शासन है। जिम्बाब्वे में नियमित रूप से चुनाव कराए जा रहे हैं और हर बार रॉबर्ट मुगाबे का दल चुनाव में विजयी हो रहा है।
रॉबर्ट मुगाबे यद्यपि अपने देश में लोकप्रिय है किन्तु वह चुनाव में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है। राष्ट्रपति की शक्तियाँ बढ़ाने और उसे कम जवाबदेह बनाने के लिए संविधान में कई बार संशोधन किए जा चुके हैं। विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं को सताया जाता है और उनकी सभाओं को तितर-बितर किया जाता है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों एवं आन्दोलनों को गैर कानूनी घोषित (UPBoardSolutions.com) कर दिया गया है। राष्ट्रपति की आलोचना का अधिकार सीमित है।
मीडिया पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है और केवल सत्ताधारी दल की विचारधारा का प्रसार करते हैं। स्वतन्त्र अखबारों को सत्ताधारी दल के विरुद्ध कुछ भी लिखने पर सताया जाता है। सरकार न्यायालय के ऐसे फैसलों की परवाह नहीं करती जो उसके विरुद्ध जा रहे हों और जजों पर दबाव डाला जाता है।
उपरोक्त विवेचन से स्पष्ट है कि लोकतन्त्र में शासकों का लोकप्रिय अनुमोदन किया जाए, यही पर्याप्त नहीं है। लोकप्रिय सरकारें आलोकतांत्रिक हो सकती हैं और लोकप्रिय नेता स्वेच्छाचारी हो सकता है।

प्रश्न 5.
क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था सभी राज्यों के लिए उपयुक्त है?
उत्तर:
अनेक लोगों का विचार है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल उन्हीं देशों के लिए उपयुक्त है जो आर्थिक तथा औद्योगिक दृष्टि से विकसित हैं। उनके विचार में यह प्रणाली भारत एवं पाकिस्तान जैसे विकासशील देशों के लिए उपयुक्त नहीं है। उन विचारकों का कहना है कि देश का ठीक तथा शीघ्र (UPBoardSolutions.com) विकास तानाशाही शासन में ही संभव है क्योंकि उसमें अनुशासन रहता है और निर्णय शीघ्र किया जा सकता है। वाद-विवाद में समय नष्ट नहीं करना पड़ता और निर्णय लेते समय सरकार को अगले चुनावों को ध्यान में रखना पड़ता है। किन्तु यह विचार उपयुक्त नहीं है।

यदि हम संयुक्त-राज्य अमेरिका, इंग्लैण्ड तथा भारत जैसे लोकतंत्रीय देशों की ओर ध्यान करें तो हमें यह बात स्पष्ट दिखाई देगी कि इन देशों की सरकारें देश के विकास के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं। सरकार द्वारा नागरिकों की भलाई के लिए अनेक योजनाएँ लागू की गई हैं और लोगों को समान रूप से शिक्षा तथा रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
इसके दूसरी ओर तानाशाही शासन में तानाशाह द्वारा नागरिकों की भलाई की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता और लोगों को भी सरकार की आलोचना करने का अधिकार नहीं होती। देश के विकास की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता और थोड़ा-बहुत विकास का लाभ तानाशाह तथा शासक दल के अन्य सदस्यों द्वारा हथिया लिया जाता है। वे गैर-कानूनी तथा भ्रष्ट उपायों से धन इकट्ठा करने में लगे रहते हैं।

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UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables

UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables (दो चरों में रैखिक समीकरण)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 9 Maths. Here we have given UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables (दो चरों में रैखिक समीकरण).

प्रश्नावली 4.1

प्रश्न 1.
एक नोटबुक की कीमत एक कलम की कीमत से दो गुनी है। इस कथन को निरूपित करने के लिए दो चरों वाला रैखिक समीकरण लिखिए।
हल :
माना एक नोटबुक की कीमत = x
एक कलम की कीमत = y
प्रश्नानुसार,
एक नोटबुक की कीमत = 2 x एक कलम की कीमत
x = 2y
⇒ x – 2y = 0

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित रैखिक समीकरणों को ax + by + c = 0 के रूप में व्यक्त कीजिए और प्रत्येक स्थिति में a, b और c के मान बताइए:
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-1
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-2

प्रश्नावली 4.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा विकल्प सत्य है और क्यों?
y = 3x + 5 का
(i) एक अद्वितीय हल है।
(ii) केवल दो हल हैं।
(iii) अपरिमित रूप से अनेक हल हैं।
हल :
दिया समीकरण y = 3x + 5 ⇒ 3x – y + 5 = 0
जो दो चर राशियों में रैखिक समीकरण है।
क्योंकि x के प्रत्येक मान के लिए 9 का एक संगत मान होता है और विलोमत: भी।
इसलिए इसके अपरिमित रूप से अनेक हल हैं।
विकल्प (iii) सत्य है।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित समीकरणों में से प्रत्येक समीकरण के चार हल लिखिए :
(i) 2x + y = 7
(ii) πx + y = 9
(iii) x = 4y
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-3
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-4

प्रश्न 3.
बताइए कि निम्नलिखित हलों में से कौन-कौन समीकरण x – 2y = 4 के हल हैं और कौन-कौन हल नहीं है :
(i) (0, 2)
(ii) (2, 0)
(iii) (4, 0)
(iv) (√2, 4√2)
(v) (1, 1)
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-5
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-6

प्रश्नावली 4.3

प्रश्न 1.
दो चरों वाले निम्नलिखित रैखिक समीकरणों में से प्रत्येक का आलेख खींचिए।
(i) x + y = 4
(ii) x – y = 2
(iii) y = 3x
(iv) 3 = 2x + y
हल :
(i) दिया हुआ समीकरण : x + y = 4
माना x = 1, तब
3 + y = 4 या y = 4 – 1 या y = 3.
तब, समीकरण x + y = 4 के आलेख पर एक बिन्दु A (1, 3) स्थित है।
पुनः माना x = 3, तब
3 + y = 4 या y = 4 – 3 या y = 1
तब समीकरण x + y = 4 के आलेख पर एक बिन्दु B (3, 1) स्थित है।
बिन्दुओं A (1, 3) तथा B(3, 1) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया। अब ऋजु, रेखा AB खींची।
ऋजु रेखा AB दिए हुए रैखिक समीकरण x + y = 4 का आलेख है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-7
(ii) दिया हुआ समीकरण x – y = 2
माना x = 1, तब
1 – y = 2 या -y = 2 – 1 या y = -1
तब, समीकरण x – y = 2 के आलेख पर एक बिन्दु A(1, -1) स्थित है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-8
पुनः माना x = 4, तब
4 – y = 2 या -y = 2 – 4 या -y = – 2 या y = 2
तब समीकरण x – y = 2 के आलेख पर एक अन्य बिन्दु B (4, 2) स्थित है।
प्राप्त बिन्दुओं A (1, -1) वे B(4 , 2) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया और उन्हें मिलाकर ऋजु रेखा AB खींची।
ऋजु रेखा AB दिए गए रैखिक समीकरण x – y = 2 का आलेख है।
(iii) दिया हुआ समीकरण y = 3x
माना x = – 1, तो y = 3 x -1 = -3
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-9
अत: समीकरण y = 3x के आलेख पर एक बिन्दु A (-1, -3) स्थित है।
पुनः माना x = 1, तो y = 3 x 1 = 3
अतः समीकरण y = 3x के आलेख पर एक अन्य बिन्दु B (1, 3) स्थित है।
प्राप्त बिन्दुओं A(-1, -3)तथा B (1, 3) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया और उन्हें मिलाकर ऋजु रेखा AB खींची।
ऋजु रेखा AB दिए गए रैखिक समीकरण y = 3 का आलेख है।
(iv) दिया हुआ समीकरण : 3 = 2x + y या 2x + y = 3
माना x = -1 तो 2 x -1 + y = 3 या -2 + y = 3 ⇒ y = 3 + 2 = 5
अत: समीकरण 3 = 2x + y के आलेख पर एक बिन्दु A(-1, 5) स्थित है।
पुनः माना x = 2 तो 2 x 2 + y = 3 या 4 + y = 3 या y = 3 – 4 = – 1
अत: समीकरण 3 = 2x + y के आलेख पर एक अन्य बिन्दु B (2, -1) स्थित है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-10
बिन्दुओं A(-1, 5) व B (2, -1) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया और ऋजु रेखा AB खींची।
ऋजु रेखा AB दिए गए रैखिक समीकरण 3 = 2x + y या 2x + y = 3 का आलेख है।

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प्रश्न 2.
बिन्दु (2, 14) से होकर जाने वाली दो रेखाओं के समीकरण लिखिए। इस प्रकार की और कितनी रेखाएँ हो सकती हैं और क्यों?
हल :
माना (2, 14) से होकर जाने वाली रेखा ax + by + c= 0 है।
x = 2, y = 14 रखने पर,
2a + 14b + c = 0
यदि q = 1, b = 1 तो।
2 x 1 + 14 x 1 + c = 0
c = – 16
(2, 14) से होकर जाने वाली एक रेखा का समीकरण x + y – 16 = 0 अथवा x + y = 16.
पुनः a = 7, b = -1 तो
2 x 7 + 14 x -1 + c = 0 ⇒ 14 – 14 + c= 0 ⇒ c = 0
(2, 14) से होकर जाने वाली एक अन्य रेखा का समीकरण 7x – y = 0
इस प्रकार, किसी बिन्दु (2, 14) से जाने वाली ऋजु रेखाओं की संख्या अपरिमित रूप से अनेक होगी, क्योंकि एक बिन्दु किसी सरल रेखा की स्थिति निर्धारित नहीं कर सकता। किसी सरल रेखा की स्थिति को निर्धारित करने के लिए कम-से-कम दो बिन्दुओं की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3.
यदि बिन्दु (3, 4) समीकरण 3y = ax + 7 के आलेख पर स्थित है, तो a का मान ज्ञात कीजिए।
हल :
बिन्दु (3, 4), समीकरण 3y = ax +7 के आलेख पर स्थित है।
समीकरण 3y = ax +7 में x = 3, y = 4 रखने पर,
3 x 4= (a x 3) + 7
⇒ 12 = 3a + 7 या
⇒ 3a = 12 – 7 = 5
⇒ a = [latex]\frac { 5 }{ 3 }[/latex]
अत: a का अभीष्ट मान = [latex]\frac { 5 }{ 3 }[/latex]

प्रश्न 4.
एक नगर में टैक्सी का किराया निम्नलिखित है :
पहले किमी का किराया 8 है और उसके बाद की दूरी के लिए प्रति किमी का किराया है 5 है। यदि तय की गई दूरी x किमी हो और कुल किराया y हो, तो इसका एक रैखिक समीकरण लिखिए और उसका आलेख खींचिए।
हल :
पहले 1 किमी यात्रा का किराया = 8
और शेष यात्रा का प्रति किमी किराया = 5
तय की गई यात्रा = x किमी
तबे, x किमी यात्रा का किराया = पहले 1 किमी यात्रा का किराया + शेष (3 – 1) किमी यात्रा का किराया
y = 1 x 8 + (x – 1) x 5
y = 8 + 5x – 5
y = 5x + 3
अर्थात तय की गई x किमी यात्रा का किराया y प्रदर्शित करने वाला रैखिक समीकरण y = 5x + 3 अथवा 5x – y + 3 = 0 है।
(i) माना x = – 1 तो
y = (5 x – 1) + 3 = -5 + 3 = – 2 या y = – 2
समीकरण y = 5x + 3 के आलेख पर एक बिन्दु A(-1, -2) स्थित है।
(ii) पुनः माना x = 2 तो
y = (5 x 2) + 3 = 10 + 3 = 13 या y = 13
समीकरण y = 5 + 3 के आलेख पर एक बिन्दु B (2, 13) स्थित है।
(iii) बिन्दुओं A(-1, -2) और B (2, 13) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया।
चित्र में समीकरण y = 5x + 3 द्वारा यात्रा-किराया आलेख प्रदर्शित किया गया है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-11

प्रश्न 5.
निम्नलिखित आलेखों में से प्रत्येक आलेख के लिए दिए गए विकल्पों से सही समीकरण का चयन कीजिए :
(i) y = x
(ii) x + y = 0
(iii) y = 2x
(iv) 2 + 3y = 7x
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-12
(i) y = x + 2
(ii) y = x – 2
(iii) y = -x + 2
(iv) x + 2y = 6
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-13
हल :
पहले आलेख के लिए पहले आलेख पर स्थित बिन्दु हैं : (-1, 1) व (1, -1)
(i) दिया समीकरण y = x
इस समीकरण से स्पष्ट है कि x व y के निर्देशांक जिन बिन्दुओं में बराबर और समान चिह्न के होंगे, वही बिन्दु इस समीकरण को सन्तुष्ट करेंगे।
अतः विकल्प (i) सही नहीं है।
(ii) दिया हुआ समीकरण x + y = 0
बिन्दु (-1, 1) के लिए समीकरण x + y = 0 में x = -1 तथा y = +1 प्रतिस्थापित करने पर, बायाँ पक्ष = (-1) + (1) = 0 = दायाँ पक्ष
और बिन्दु (1, -1) के लिए समीकरण x + y = 0 में x = 1 तथा y = – 1 प्रतिस्थापित करने पर,
बायाँ पक्ष = (1) + (- 1) = 0= दायाँ पक्
बिन्दु (-1, 1) व (1,- 1), समीकरण x + y = 0 के आलेख पर स्थित हैं।
अत: विकल्प (ii) सही है।
दूसरे आलेख के लिए
इस आलेख पर स्थित बिन्दु (-1, 3), (0, 2) व (2, 0) हैं। तब आलेख के समीकरण को उक्त बिन्दुओं में से कम-से-कम दो बिन्दुओं द्वारा सन्तुष्ट होना चाहिए।
(i) दिया हुआ समीकरण y = x + 2 तब समीकरण y = x + 2 में x = -1, y = 3 रखने पर,
3 = -1 + 2 जो कि असंगत है।
अतः बिन्दु (-1, 3) समीकरण y = x + 2 के आलेख पर स्थित नहीं है।
अत: विकल्प (i) सही नहीं है।
(ii) दिया हुआ समीकरण y = x – 2
तब समीकरण y = x – 2 में x = -1, y = 3 रखने पर,
3 = -1 – 2 जो कि असंगत है।
अतः बिन्दु (-1, 3) समीकरण y = x – 2 के आलेख पर स्थित नहीं है।
अतः विकल्प (ii) सही नहीं है।
(iii) दिया हुआ समीकरण y = – x + 2
तब समीकरण y = – x + 2 में x = – 1 व y = 3 रखने पर,
3 = – (-1) + 2 = 1 + 2 = 3
अर्थात, बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष
बिन्दु (-1, 3) समीकरण y = -x + 2 के आलेख पर स्थित है।
तब बिन्दु (0, 2) के लिए : समीकरण में x = 0, y = 2 प्रतिस्थापित करने पर,
बायाँ पक्ष = 2 और दायाँ पक्ष = – 0 + 2 = 2
बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष
बिन्दु (0, 2) समीकरण y = -x + 2 के आलेख पर स्थित है।
और बिन्दु (2, 0) के लिए : समीकरण में x = 2 तथा y = 0 प्रतिस्थापित करने पर,
दायाँ पक्ष = – x + 2= – 2 + 2 = 0 = बायाँ पक्ष
बिन्दु (2, 0) समीकरण y = – x + 2 के आलेख पर स्थित है।
सभी बिन्दु (-1, 3), (0, 2), (2, 0) समीकरण y = -x + 2 के आलेख पर स्थित हैं।
अतः विकल्प (iii) सही है।

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प्रश्न 6.
एक अचर बल लगाने पर पिण्ड द्वारा किया गया कार्य पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी के अनुक्रमानुपाती होता है। इस कथन को दो चरों वाले एक समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए और अचर बल 5 मात्रक लेकर इसका आलेख खींचिए।
यदि पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी
(i) 2 मात्रक
(ii) 0 मात्रक
हो तो आलेख से किया हुआ कार्य ज्ञात कीजिए।
हल :
माना किसी पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी के लिए चर 5 तथा पिण्ड द्वारा किए गए कार्य के लिए चर W है।
पिण्ड द्वारा किया गया कार्य ∝ पिण्ड द्वारा तय की गई दूरी (प्रश्नानुसार)
W ∝ s
यदि समानुपात का नियतांक (बल F) हो तो
W = F.s …(1)
दिया है, अचर बल F = 5 मात्रक है।
W = 5s
X-अक्ष (X’OX) पर पिण्ड द्वारा चली दूरी 8 तथा Y-अक्ष पर पिण्ड द्वारा किए गए कार्य W को प्रदर्शित किया।
माना s = 1 मात्रक, तो । समीकरण W = 5s में s = 1 रखने पर,
W = 5 x 1 = 5 मात्रक तब, बिन्दु A(1, 5), समीकरण W = 5s के आलेख पर स्थित है।
पुनः माना s = 3 मात्रक, तो समीकरण W = 5s में s = 3 रखने पर,
W = 5 x 3= 15 मात्रंक …(2)
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-14
तब बिन्दु B (3, 15), समीकरण W = 5s के आलेख पर स्थित है।
बिन्दुओं A(1, 5) व B (3, 15) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया और ऋजु रेखा AB खींची।
ऋजु रेखा AB अभीष्ट दूरी-कार्य का आलेख है।
(i) 2 मात्रक दूरी के लिए पिण्ड द्वारा किया गया कार्य :
(a) X-अक्ष पर 2 मात्रक चलकर Y-अक्ष के समान्तर चलाने पर आलेख पर बिन्दु P प्राप्त होता है।
(b) P से X-अक्ष के समान्तर चलकर Y-अक्ष पर पहुँचते हैं।
(c) पैमाने की सहायता से Y-अक्ष पर स्थिति 2 के सापेक्ष 10 मात्रक है अर्थात P (2, 10)
स्पष्ट है कि 2 मात्रक दूरी चलने पर पिण्ड द्वारा किया गया कार्य 10 मात्रक होगा।
(ii) 0 मात्रक दूरी के लिए :
ग्राफ के आलेख पर एक बिन्दु (0, 0) है।
0 मात्रक दूरी चलने पर किया गया कार्य = 0(शून्य) मात्रक।

प्रश्न 7.
एक विद्यालय की कक्षा IX की छात्राएँ यामिनी और फातिमा ने मिलकर भूकम्प पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में 100 अंशदान दिया।एक रैखिक समीकरण लिखिए जो इन आँकड़ों को सन्तुष्ट करता हो।(आप उनका अंशदान x और y मान सकते हैं)। इस समीकरण का आलेख खींचिए।
हल :
माना यामिनी ने x तथा फातिमा ने y दिए।
दोनों ने मिलकर (x + 3) का अंशदान दिया,
परन्तु प्रश्नानुसार दोनों ने 100 अंशदान दिया
तब, x + y = 100
जो कि अभीष्ट रैखिक समीकरण है।
यामिनी-फातिमा के प्रधानमंत्री राहत कोष में दिए अंशदान का ग्राफीय आलेख
(i) प्राप्त रैखिक समीकरण x + y = 100
(ii) माना x = 10, तो 10 + y = 100 या y = 90
अतः बिन्दु A(10, 90), समीकरण x + y = 100 के आलेख पर स्थित है।
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(iii) माना x = 80, तो
80 + y = 100 या y = 20
अतः बिन्दु B (80, 20) समीकरण x + y = 100 के आलेख पर स्थित है।
(iv) बिन्दुओं A (10, 90) तथा B (80, 20) को ग्राफ पेपर पर अंकित किया तथा इन्हें मिलाते हुए एक ऋजु रेखा AB . खींची।
ऋजु रेखा AB दोनों छात्राओं द्वारा प्रधानमंत्री राहत कोष में दिए गए अंशदान का आलेख प्रदर्शित करती है।

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प्रश्न 8.
अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में तापमान फारेनहाइट में मापा जाता है, जबकि भारत जैसे देशों में तापमान सेल्सियस में मापा जाता है। यहाँ फारेनहाइट को सेल्सियस में रूपान्तरित करने वाला एक रैखिक समीकरण दिया गया है।
F = ([latex]\frac { 9 }{ 5 }[/latex]) C + 32
(i) सेल्सियस को X-अक्ष और फारेनहाइट को Y-अक्ष मानकर ऊपर दिए गए रैखिक समीकरण का आलेख खींचिए।
(ii) यदि तापमान 30°c है, तो फारेनहाइट में तापमान क्या होगा?
(iii) यदि तापमान 95° F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या होगा?
(iv) यदि तापमान 0° c है, तो फारेनहाइट में तापमान क्या होगा? और यदि तापमान 0° F है, तो सेल्सियस में तापमान क्या होगा?
(v) क्या ऐसा भी कोई तापमान है जो फारेनहाइट और सेल्सियस दोनों के लिए संख्यात्मकतः समान है? यदि हाँ, तो उसे ज्ञात कीजिए।
हल :
फारेनहाइट-सेल्सियस तापमान रूपान्तरण समीकरण
F= ([latex]\frac { 9 }{ 5 }[/latex]) C + 32
(i) (1) X-अक्ष पर सेल्सियस पैमाना अंकित किया।
(2) Y-अक्ष पर फारेनहाइट पैमाना अंकित किया।
(3) दिया हुआ समीकरण F= ([latex]\frac { 9 }{ 5 }[/latex]) C + 32
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प्रश्नावली 4.4

प्रश्न 1.
(i) एक चर वाले
(ii) दो चर वाले समीकरण के रूप में y = 3 का ज्यामितीय निरूपण कीजिए।
हल :
(i) एक चर वाले समीकरण के रूप में y = 3 का ज्यामितीय निरूपण :
संख्या रेखा खींचिए और उस पर 0 के दायीं ओर तीसरा चिह्न चिह्नित कीजिए। y = 3 की संख्या-रेखा पर यही ज्यामितीय स्थिति है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-20
(ii) दो चर वाले समीकरण के रूप में y = 3 का ज्यामितीय निरूपण :
(1) वर्ग पत्रक (ग्राफ पेपर) पर X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचकर उन पर मापन चिह्न अंकित कीजिए।
(2) Y-अक्ष पर +3 चिह्न से X-अक्ष के समान्तर रेखा AB खींचिए जो X-अक्ष के ऊपर X-अक्ष से 3 इकाई की दूरी पर स्थित हैं।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-21
इस रेखा पर x (भुज) के भिन्न-भिन्न मान वाले बिन्दुओं के लिए भी y (कोटि) का मान 3 स्थिर है।
अतः ऋजु रेखा AB अभीष्ट आलेख है।

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प्रश्न 2.
(i) एक चर वाले
(ii) दो चर वाले
समीकरण के रूप में 2x + 9 = 0 का ज्यामितीय निरूपण कीजिए।
हल :
(i) एक चर वाले समीकरण के रूप में 2x + 9 = 0 की ज्यामितीय निरूपण :
दिया हुआ समीकरण 2x + 9 = 0 या 2x = – 9 या x = -4[latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] संख्या-रेखा खींचिए। 0 के बायीं ओर -4[latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] पर चिह्न लगाइए संख्या-रेखा पर 2x + 9 = 0 की यही स्थिति है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-22
(ii) दो चर वाले समीकरण के रूप में 2x + 9 = 0 का ज्यामितीय निरूपण :
(1) ग्राफ पेपर पर X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचकर उन पर मापक चिह्न अंकित कीजिए।
(2) X-अक्ष पर [latex]\frac { -9 }{ 2 }[/latex] या -4.5 चिह्नित (अंकित) कीजिए और इससे Y-अक्ष के समान्तर रेखा AB खींचिए जो Y-अक्ष के बायीं ओर Y-अक्ष से 4.5 इकाई दूरी पर स्थित है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 4 Linear Equations in Two Variables img-23
इस रेखा पर स्थित सभी बिन्दुओं के लिए x = -4[latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] चाहे 3 को मान कुछ भी हो।
अतः ऋजु रेखा AB अभीष्ट आलेख है।

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UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 2 सदाचारः (उत्तम आचरण) (संस्कृत-खण्ड)

UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 2 सदाचारः (उत्तम आचरण) (संस्कृत-खण्ड)

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1. सतां सज्जनानाम् ………………………………………………………………………. कुर्वन्ति।

शब्दार्थ-आचारः = आचरण सद = सत्य, सही। विचारयन्ति = सोचते हैं। वदन्ति = बोलते हैं। आचरयन्ति = आचरण करते हैं। भवन्ति = होते हैं स्वकीयानि = अपनी। शिष्टं = सभ्यतापूर्ण, अनुशासित।

सन्दर्भ – प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक के अन्तर्गत संस्कृत खण्ड के ‘सदाचारः’ नामक पाठ से लिया गया है। इसमें सदाचार के महत्त्व पर प्रकाश डाला गया है।

हिन्दी अनुवाद – सत् अर्थात् सज्जनों का आचरण ही सदाचार है। जो लोग सत्य ही विचारते हैं, सत्य ही बोलते हैं और सत्य का ही आचरण करते हैं; वे ही सज्जन होते हैं। सज्जन लोग जैसा आचरण करते हैं वैसा ही आचरण सदाचार होता है। सदाचार से ही सज्जन लोग अपनी इन्द्रियों को वश में करके सबके साथ शिष्टता का व्यवहार करते हैं।

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2. विनयः हि ………………………………………………………………………. अनुकरणीयः।

शब्दॆर्थ-विनयः = विनम्रता भूषणम् = गहना। उद्भवति = उत्पन्न होती है। अपितु = बल्कि।विविधा = अनेक प्रकार के। विकसन्ति = विकसित होते हैं। दक्षिण्यम् = उदारता संयम = इच्छाओं का दमन निर्भीकता = निडरता। अस्माकं = हमारी प्रतिष्ठा = सम्मान सदाचार-परायणात् = सदाचार का पालन करने लगे शिक्षरेन् = सीखें जननी = माता एतेषां = इनका। अनुकरणीयः = अनुकरण करना चाहिए।

हिन्दी अनुवाद – विनय ही मनुष्य का आभूषण है। विनयशील मनुष्य सब लोगों का प्रिय हो जाता है। विनय सदाचार से ही पैदा होता है। सदाचार से केवल विनय ही नहीं, बल्कि अनेक प्रकार के अन्य सद्गुण भी विकसित होते हैं; जैसे धैर्य, उदारता, संयम, आत्मविश्वास और निर्भयता। हमारी (UPBoardSolutions.com) भारतभूमि की प्रतिष्ठा संसार में सदाचार के कारण ही थी पृथ्वी पर सब मनुष्यों को अपना-अपना चरित्र भारत के सदाचार का पालन करनेवाले मनुष्यों से सीखना चाहिए। भारतभूमि अनेक सदाचारी पुरुषों की माता है। इन महापुरुषों के आचरण को अनुकरण करना चाहिए।

3. सदाचारः नाम ………………………………………………………………………. निर्णोतुं शक्यते।

शब्दार्थ-युक्ताहार = उचित भोजन। विहारेण = भ्रमण से। युक्तस्वप्नावबोधेन = उचित शयन और जागरण से। सम्भवति = सम्भव होता है। युक्तम् = उचित अयुक्तम् = अनुचित निर्णोतुं शक्यते = निर्णय किया जा सकता है।

हिन्दी अनुवाद – नियम और संयम के पालन का नाम सदाचार है। इन्द्रिय-संयम सदाचार के मूल में स्थित है। इन्द्रिय संयम उचित आहार और व्यवहार तथा उचित शयन और आचरण से सम्भव होता है। क्या उचित है और क्या अनुचित है, इसका सदाचार से ही निर्णय किया जा सकता है।

4. ये कोऽपि पुरुषाः ………………………………………………………………………. अपि वर्णितः।

शब्दार्थ-कोऽपि = कोई भी। गताः = प्राप्त हुए हैं। अधीते = पढ़ता है। शेते = सोता है। जागर्ति = जागता है। अभ्युदयं गच्छति = उन्नति को प्राप्त होता है।

हिन्दी अनुवाद – जो कोई भी पुरुष महान् हुए हैं, वे संयम और सदाचार से ही उन्नति को प्राप्त हुए हैं। जो मनुष्य नियमपूर्वक पढ़ता है, समय पर सोता है, जागता है, खाता है और पीता है, वह निश्चय ही उन्नति को प्राप्त करता है। सदाचार का महत्त्व शास्त्रों में भी वर्णित है।

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5. (श्लोक 1) सर्वलक्षणहीनोऽपि ………………………………………………………………………. वर्षाणि जीवति।

शब्दार्थ-सर्वलक्षणहीनोऽपि = सभी शुभ गुणों से रहित होने पर भी। शतं वर्षाणि = सौ वर्षों तक।

हिन्दी अनुवाद – सभी शुभ गुणों (लक्षणों) से रहित होने पर भी जो मनुष्य सदाचारी है, श्रद्धावान् और द्वेष रहित हैं, वह सौ वर्षों तक जीवित रहता है।

(श्लोक 2)-आचाराल्लभते ………………………………………………………………………. परमं धनम्।

शब्दार्थ-आचाराल्लभते = सदाचार से प्राप्त करता है। ह्यायुराचाराल्लभते (हि + आयुः + आचारात् + लभते) ! श्रियम् = लक्ष्मी, धन-सम्पत्ति । परम् = उत्तम, श्रेष्ठ।।

हिन्दी अनुवाद – मनुष्य (उत्तम) आचरण से दीर्घ आयु प्राप्त करता है। (सद्) आचरण से (मनुष्य) धन-सम्पत्ति (लक्ष्मी) को प्राप्त करता है। (सद्) आचरण से ही (मनुष्य) कीर्ति को प्राप्त करता है। सदाचार परम (श्रेष्ठ) धन है।

6. अतएव सदाचारः ………………………………………………………………………. विनष्टं भवति।

शब्दार्थ-उक्तम् = कहा है। आयाति = आता है। याति = चला जाता है। तर्हि = तो।

हिन्दी अनुवाद – इसलिए सदाचार की सब प्रकार से रक्षा करनी चाहिए। महाभारत में सत्य ही कहा गया है कि हमें सदा चरित्र की रक्षा करनी चाहिए। धन तो आता है और चला जाता है। (किन्तु) यदि चरित्र नष्ट हो जाय तो सब कुछ नष्ट हो जाता है।

7. वृत्तं यत्लेन ………………………………………………………………………. हतो हतः।

शब्दार्थ-वृत्तं = चरित्र। संरक्षेत् = रक्षा करनी चाहिए। वित्तमेति (वित्तम् + एति) = धन आता है। अक्षीणो = कुछ भी नष्ट नहीं हुआ। हतो = नष्ट हुआ। हतः = मरा हुआ।

हिन्दी अनुवाद – चरित्र की यत्नपूर्वक रक्षा करनी चाहिए। धन आता है और चला जाता है। धन से क्षीण हुआ मनुष्य क्षीण नहीं होता, लेकिन चरित्र से हीन होकर नष्ट हो जाता है।

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UP Board Solutions for Class 9 Hindi प्रमुख रचनाएँ एवं पत्रिकाएँ

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UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 सुभाषितानि (सुन्दर उक्तियाँ) (संस्कृत-खण्ड)

UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 सुभाषितानि (सुन्दर उक्तियाँ) (संस्कृत-खण्ड)

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[पाठ-परिचय : ‘संस्कृत’ के इस पाठ में जीवनोपयोगी उपदेश निहित हैं, जिनका आचरण करके मनुष्य सुख-शान्ति का जीवन जी सकता है।]

1. वरमेको गुणी ………………………………………………………………………. तारागणैरपि।

शब्दार्थ-वरम् = श्रेष्ठ। गुणी = गुणवान् शतैरपि = सैकड़ों भी। तुम = अन्धकार।

सन्दर्भ – प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्य-पुस्तक के अन्तर्गत संस्कृत खण्ड के ‘सुभाषितानि’ नामक पाठ से उधृत है।

हिन्दी अनुवाद – सैकड़ों मूर्ख पुत्रों से (भी) एक गुणवान् पुत्र श्रेष्ठ है; (क्योंकि असंख्य) तारागणों और एक चन्द्रमा दोनों में चन्द्रमा अन्धकार को मार देता है; असंख्य तारे नहीं।

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2. मनीषिणः सन्ति ………………………………………………………………………. हितं च दुर्लभम्।।

शब्दार्थ – मनीषिणः = विद्वान् हितैषिणः = हित चाहनेवाले। सुहृत् = मित्र नृणाम् = मनुष्यों में। यथौषधम् (यथा + औषधम्) = जैसे ओषधि। हितं = हितकारी।

हिन्दी अनुवाद – जो विद्वान् हैं, वे हितैषी ( भला चाहनेवाले) नहीं हैं। जो हित चाहने वाले हैं, वे विद्वान् नहीं हैं। जो विद्वान् भी हो और हितैषी भी, ऐसा व्यक्ति मनुष्यों में उसी प्रकार से दुर्लभ है, जिस प्रकार स्वादिष्ट और हितकारी ओषधि दुर्लभ होती है।

3. चक्षुषा मनसा ………………………………………………………………………. लोको नु प्रसीदति।।

शब्दार्थ-चक्षुषा = नेत्र से । वाचा = वाणी से। चतुर्विधम् = चार प्रकार से । प्रसादयति = प्रसन्न करता है। लोकं = संसार को। तं = उसके प्रति ।

हिन्दी अनुवाद – जो मनुष्य नेत्र से, मन से, वाणी से और कर्म से-(इन) चारों प्रकार से संसार को प्रसन्न रखता है, संसार उसे प्रसन्न रखता है।

4. अक्रोधेन जयेत् ………………………………………………………………………. सत्येन चानृतम्॥

शब्दार्थ-अक्रोधेन = क्रोध न करने से। असाधुम् = दुर्जन को। जयेत् = जीतना चाहिए। कदर्यम् = कंजूस को। अनृतं = झूठ।।

हिन्दी अनुवाद – क्रोध को क्रोध न करने से (शान्ति से) जीतना चाहिए। दुर्जन को सज्जनता से जीतना चाहिए। कंजूस को दान से जीतना चाहिए। असत्य (झूठ) को सत्य से जीतना चाहिए।

5. अकृत्वा परसन्तापमगत्वा ………………………………………………………………………. स्वल्पमपि तद् बहु॥

शब्दार्थ – अकृत्वा = न करके। परसन्तापम् = दूसरे को दुःख देना। अगत्वा = न जाकर । तद् = वह। खल = दुष्ट । सतां = सज्जनों का।।

हिन्दी अनुवाद – दूसरों को दु:खी न करके, दुष्ट के घर न जाकर, संज्जनों के मार्ग का उल्लंघन न करके, जो थोड़ा भी मिल जाता है, वही बहुत है।

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6. सत्याधारस्तपस्तैलं ………………………………………………………………………. यत्नेन वार्यताम्।

शब्दार्थ-सत्याधारः = सत्य ही जिसका आधार है। दयावर्तिः = दयारूपी बत्ती। शिखा = लौ । वार्यताम् = जलाना चाहिए। तपस्तेले = तपरूपी तेल।।

हिन्दी अनुवाद – सत्य का आधार वाले, तपरूपी तेल वाले, दयारूपी बत्ती वाले, (और) क्षमारूपी लौ वाले दीपक को अन्धकार में प्रवेश करते समय प्रयत्न से जलाना चाहिए।

7. त्यज दुर्जन ………………………………………………………………………. नित्यताम्।।

शब्दार्थ-संसर्ग = संगति साथ, समगमम् = मेल-मिलाप अहः = दिन नित्यम् = उचित, ठीक। अनित्यम् = अनुचित भज = अनुकरण करो।

हिन्दी अनुवाद – दुष्टों की संगति त्याग दो। सज्जनों से मेल-मिलाप करो दिन में पुण्य कर्म करो और रात्रि में उचितअनुचित को याद करो अर्थात् हमें दिनभर अच्छे कार्य करने चाहिए और रात्रि में उन पर विचार करना चाहिए कि हमने क्या उचित किया और क्या अनुचित

8. मनसि वचसि ………………………………………………………………………. सन्ति सन्तः कियन्तः।।

शब्दार्थ – काये = शरीर में । पुण्यपीयूषपूर्णाः = पुण्यरूपी अमृत से भरे हुए। परगुण-परमाणून् = दूसरों के अत्यल्प गुणों पर्वतीकृत्य = पर्वत के समान बड़ा।

हिन्दी अनुवाद – मन, वाणी और शरीर में पुण्यरूपी अमृत से भरे हुए, परोपकारों के द्वारा तीन लोकों को प्रसन्न करनेवाले, दूसरों के परमाणु जैसे बहुत छोटे गुणों को भी पर्वत के समान बड़ा देखकर और अपने हृदय से सदा प्रसन्न रहनेवाले सज्जन इस संसार में कितने हैं अर्थात् बिरले ही हैं।

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