UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents

UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents (तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 11 History . Here we have given UP Board Solutions for Class 11 History  Chapter 3 An Empire Across Three Continents

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर
संक्षेप में उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
यदि आप रोम साम्राज्य में रहे होते तो कहाँ रहना पसन्द करते-नगरों में या ग्रामीण क्षेत्रों में? कारण बताइए।
उत्तर :
यदि मैं रोम साम्राज्य में निवास कर रहा होता तो नगरीय क्षेत्र में ही रहना पसन्द करता, क्योंकि
(i) राम साम्राज्य नगरों का साम्राज्य था। ऐसे में वहाँ गाँवों का बहुत कम महत्त्व था।
(ii) रोम साम्राज्य में नगरों का शासन स्वतन्त्र होता था। इससे व्यक्तित्व के विकास में सहायता मिलती।
(iii) सबसे बड़ा लाभ यह होता कि वहाँ खाद्य पदार्थों की कमी नहीं होती और अकाल के दिनों में भी भोजन प्राप्त हो सकता था।
(iv) नगरों में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अन्य सुविधाएँ अधिक और अच्छी थीं।

प्रश्न 2.
इस अध्याय में उल्लिखित कुछ छोटे शहरों, बड़े नगरों, समुद्रों और प्रान्तों की सूची बनाइए और उन्हें नक्शों पर खोजने की कोशिश कीजिए। क्या आप अपने द्वारा बनाई गईसूची में संकलित किन्हीं  3  विषयों के बारे में कुछ कह सकते हैं?
उत्तर :
शहरों की सूची :
गॉल, मकदूनिया, रोम, इफेसस, हिसपेनिया, बेटिका, तांजियर मोरक्को, दमस्कस, अलेक्जेण्ड्रिया, कार्थेज, कुस्तुनतुनिया, फिलिस्तीन, मदीना, मक्का, बगदाद, समरकन्द, बुखारा, अफगानिस्तान, सीरिया।
UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents image 1
UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents image 2
इस प्रकार छात्र अध्यापक की सहायता से समुद्रों, पत्तनों, प्रांतों की और सूची बना सकते हैं। आपकी सहायता के लिए उपयुक्त नक्शे प्रस्तुत किए गए हैं।

प्रश्न 3.
कल्पना कीजिए कि आप रोम की एक गृहिणी हैं जो घर की जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी की सूची बना रही हैं? अपनी सूची में आप कौन-सी वस्तुएँ शामिल करेंगी?
उत्तर :
यदि मैं रोम की गृहिणी होती तो अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निम्नलिखित वस्तुएँ मॅगाती

  1.  रोटी और मक्खन
  2.  सब्जियाँ
  3.  दूध
  4. अण्डे तथा मांस
  5. चीनी
  6.  तेल
  7. बच्चों के लिए आवश्यक वस्तुएँ
  8. सौन्दर्य प्रसाधन
  9. कपड़े धोने तथा नहाने का साबुन
  10. कपड़े, दवाइयाँ आदि

प्रश्न 4.
आपको क्या लगता है कि रोमन सरकार ने चाँदी में मुद्रा को ढालना क्यों बन्द किया होगा और वह सिक्कों के उत्पादन के लिए कौन-सी धातु का उपयोग करने लगे?
उत्तर :
रोमन सरकार द्वारा चाँदी में मुद्रा ढालना इस धातु की कमी तथा मूल्यवान होने के कारण बन्द किया होगा। तत्कालीन शासन में स्पेन में चाँदी की खाने समाप्त हो गई थीं तथा सरकार के पास.चाँदी के भण्डार रिक्त हो गए थे। कॉन्स्टेनटाइन ने सोने पर आधारित नई मौद्रिक प्रणाली स्थापित की और परवर्ती सम्पूर्ण पुराकाल में सोने की मुद्राओं का भारी मात्रा में प्रचलन रहा। वस्तुत: रोम में सोने के कई भण्डार थे। ।

संक्षेप में निबन्ध लिखिए

प्रश्न 5.
अगर सम्राट त्राजान भारत पर विजय प्राप्त करने में वास्तव में सफल रहे होते और रोमवासियों का इस देश पर अनेक सदियों तक कब्जा रहा होता तो क्या आप सोचते हैं कि भारत वर्तमान समय के देश से किस प्रकार भिन्न होता?
उत्तर :
त्राजान भारत पर विजय प्राप्त करने के लिए निकला था किन्तु सफल नहीं हो सका। यदि वह सफल हो जाता और रोमवासियों का अनेक सदियों तक कब्जा होता तो ऐसा भारत वर्तमान भारत से बिल्कुल अलग होता। वह भारत वैसा होता जैसा ब्रिटिश शासनकाल में था। रोम के निवासी एक गुलाम देश के समान व्यवहार करते और भारत के संसाधनों का दोहन करते। भारतीयों को किसी प्रकार का अधिकार प्रदान नहीं किया जाता उन्हें अपमानजनक दशाओं में जीवन व्यतीत करना पड़ता। उल्लेखनीय है कि उस काल में सोना रोम से भारत आता था और भारत सम्पन्न देश था। रोमवासियों की अधीनता स्वीकार हो जाने पर यह सम्भव नहीं होता। भारत के सभी क्षेत्रों में विकास रुक जाता।

प्रश्न 6.
अध्याय को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसमें से रोमन समाज और अर्थव्यवस्था को आपकी दृष्टि में आधुनिक दर्शाने वाले आधारभूत अभिलक्षण चुनिए।
उत्तर :
रोमन समाज और अर्थव्यवस्था में दिखने वाले आधारभूत अभिलक्षण निम्नलिखित हैं

  1. रोमन समाज में नाभिकीय परिवारों (Nuclear Family) का चलन था। वयस्क पुत्र परिवारों के साथ नहीं रहते थे।
  2. पत्नी अपनी सम्पत्ति को अपने पति को हस्तांतरित नहीं करती थी, वह अपने पैतृक परिवार की सम्पत्ति में अपने पूरे अधिकार बनाए रखती थी। अपने पिता की मुख्य उत्तराधिकारी बनी रहती थी और पिता की मृत्यु होने पर उस सम्पत्ति की स्वतंत्र मालिक बन जाती थी।
  3. रोम में साक्षरता थी। सभी नगरों में साक्षरता की दर भिन्न-भिन्न थी।
  4.  जैतून के तेल का निर्यात किया जाता था।
  5. रोम में व्यापार एवं वाणिज्य उन्नति पर था। बैंकिंग व्यवस्था भी प्रचलित थी।
  6. रोम के विविध प्रांतों में जलशक्ति से कारखाने चलाए जाते थे।
  7.  सोने-चाँदी की खदानों में भी जलशक्ति का उपयोग किया जाता था।

परीक्षोपयोगी अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य कौन-सा था?
(क) रोम साम्राज्य
(ख) ब्रिटिश साम्राज्य
(ग) भारतीय साम्राज्य
(घ) रूसी साम्राज्य
उत्तर :
(क) रोम साम्राज्य

प्रश्न 2.
रोम साम्राज्य की प्रमुख भाषा थी
(क) लैटिन
(ख) अंग्रेजी
(ग) स्पेनिश
(घ) रूसी
उत्तर-
(क) लैटिन

प्रश्न 3.
ऑगस्टस का एक अन्य नाम क्या था?
(क) जूलियस सीजर
(ख) ब्रूटस
(ग) ऑक्टेवियन
(घ) एलन
उत्तर :
(ग) ऑक्टेवियन

प्रश्न 4.
कॉन्स्टेनटाइन ने अपनी दूसरी राजधानी कहाँ बनाई?
(क) कुस्तुनतुनिया में
(ख) वेनिस में
(ग) इटली में
(घ) गैलीनस में
उत्तर :
(क) कुस्तुनतुनिया में

प्रश्न 5.
हिप्पो शहर के प्रमुख बिशप कौन थे?
(क) मार्टिन लूथर
(ख) सेंट ऑगस्टाइन
(ग) कोलूमेल्ला
(घ) कॉन्स्टेनटाइन
उत्तर :
(ख) सेंट ऑगस्टाइन

प्रश्न 6.
ऑगस्टस कब शासक बना था?
(क) 27 ई० पू० में
(ख) 26 ई० पू० में
(ग) 507 ई० पू० में
(घ) 230 ई० पू० में
उत्तर :
(क) 27 ई० पू० में

प्रश्न 7.
पैपाइरस पत्र को प्रयोग किस रूप में किया जाता था?
(क) ईंधन के रूप में
(ख) कागज के रूप में
(ग) औषधि के रूप में
(घ) कलम के रूप में
उत्तर :
(ख) कागज के रूप में

प्रश्न 8.
टॉलमी किस विषय का ज्ञाता था?
(क) खगोल व भूगोल
(ख) गणित
(ग) भाषा
(घ) आयुर्वेद
उत्तर :
(क) खगोल व भूगोल

प्रश्न 9.
सॉलिड्स सिक्का किसने चलाया था?
(क) कॉन्स्टेनटाइन
(ख) प्लिनी
(ग) कोलुमेल्ला
(घ) बिलकिस
उत्तर :
(क)कॉन्स्टेनटाइन्

प्रश्न 10.
ऑगस्टस के साम्राज्य को कहते थे
(क) प्रिन्सिपेट
(ख) गणतन्त्र
(ग) यूनियन
(घ) संघ
उत्तर :
(क) प्रिन्सिपेट

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रोमन साम्राज्य को कब और क्यों दो भागों में बाँटा गया ?
उत्तर :
350-400 ई० पू० में शासन को बेहतर ढंग से चलाने के लिए रोमन साम्राज्य को पूर्वी तथा , पश्चिमी दो भागों में बाँट दिया गया।

प्रश्न 2.
वर्ष वृत्तान्त से क्या आशय है?
उत्तर :
समकालीन इतिहासकारों द्वारा लिखा गया इतिहास वर्ष वृत्तान्त कहलाता है। ये वृत्तान्त वार्षिक आधार पर प्रतिवर्ष लिखे जाते थे।

प्रश्न 3.
रोम में गणतंत्र दिवस कब तक चला?
उत्तर :
रोम में गणतंत्र दिवस 509 ई० पू० से 27 ई० पू० तक चला।

प्रश्न 4.
ऑगस्टस का शासनकाल क्यों याद किया जाता है?
उत्तर :
ऑगस्टस का शासनकाल शान्ति के लिए याद किया जाता है।

प्रश्न 5.
एम्फोरा क्या थे?
उत्तर :
एम्फोरा ढुलाई के ऐसे मटके अथवा कन्टेनर्स थे जिनमें शराब, जैतून का तेल और दूसरे तरल पदार्थ लाए व ले जाए जाते थे।

प्रश्न 6.
बहुदेववाद का क्या अर्थ है?
उत्तर :
बहुदेववाद का अर्थ है अनेक देवी-देवताओं की पूजा-उपासना करना

प्रश्न 7.
सीनेट क्या है?
उत्तर :
सीनेट धनी कुलीन वर्ग का समूह था जो शासन चलाता था।

प्रश्न 8.
रोम के तीन बड़े शहरी केंद्रों के नाम बताइए।
उत्तर :
(i) कॉर्थेज
(ii) सिकंदरिया
(iii) एंटिऑक

प्रश्न 9.
रोम के शहरी जीवन की दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :

  1.  प्रत्येक शहर में सार्वजनिक स्नानगृह होता था।
  2.  लोगों को उच्च स्तर के मनोरंजन उपलब्ध थे।

प्रश्न 10.
सेंट ऑगस्टाइन कौन था?
उत्तर :
सेंट ऑगस्टाइन उत्तरी अफ्रीका के हिप्पो नामक नगर का बिशप था और चर्च के बौद्धिक इतिहास में उसका उच्चतम स्थान था।

प्रश्न 11.
रोमवासी किन-किनं देवताओं की पूजा करते थे?
उत्तर :
(i) जुपीटर
(ii) जूना
(iii) मिनर्वा
(iv) मार्स

प्रश्न 12.
पैपाइरस पत्र का प्रयोग किस कार्य में होता था?
उत्तर :
पैपाइरस पत्र का प्रयोग लेखन कार्य के लिए होता था।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
चौथी सदी ईसवी के उत्तरार्द्ध में सिकंदर के सैन्य अभियानों का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर :
चौथी सदी ईसवी के उत्तरार्द्ध में मेसीडोन राज्य के शासक सिकंदर ने कई सैन्य अभियान किए। सिकंदर के नियंत्रण में सभी क्षेत्रों में यूनानी संस्कृति, विचार तथा आदर्शों को सम्मिश्रण हो गया। पूरे क्षेत्र का यूनानीकरण हो गया। सिकंदर ने उत्तर अफ्रीका, पश्चिम एशिया तथा ईरान के अनेक भागों को जीत लिया। उसके इन अभियानों के फलस्वरूप ईरानी तथा मिस्त्री क्षेत्रों के साथ सिन्धु घाटी तक विस्तृत प्रांत एक हो गए।

प्रश्न 2.
पैपाइरस के विषय में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर :
पैपाइरस एक सरकण्डे जैसा पौधा था। यह पौधा मिस्र में नील नदी के किनारे उगता था। इस । पौधे से लेखन सामग्री तैयार की जाती थी। इसका उपयोग व्यापक रूप में किया जाता था। पैपाइरस पत्रों पर हजारों संविदाएँ, लेख, पत्र तथा सरकारी दस्तावेज लिखे हुए पाए गए हैं। इन्हें पैपाइरस विज्ञानियों द्वारा प्रकाशित किया गया है।

प्रश्न 3.
सीनेट नामक संस्था के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
रोम में सीनेट कुलीन वर्ग के लोगों का एक समूह था जिसमें धनी परिवारों के लोग शामिल थे। गणतंत्र की वास्तविक सत्ता सीनेट नामक निकाय में ही निहित थी। कुलीन वर्ग के लोग सीनेट के माध्यम से ही सरकार चलाते थे। सीनेट की सदस्यता जीवन भर चलती थी। इसके लिए जन्म के स्थान पर धन और पद प्रतिष्ठा को अधिक महत्त्व दिया जाता था। जूलियस सीजर के दत्तक पुत्र तथा उत्तराधिकारी ऑक्टेवियन ने गणतंत्र को समाप्त कर दिया।

प्रश्न 4.
रोम समाज में महिलाओं की दशा कैसी थी?
उत्तर :
रोम के समाज में महिलाओं की दशा :

  1.  रोम के समाज में महिलाओं की स्थिति सुदृढ़ थी। पत्नी अपनी सम्पत्ति अपने पति को हस्तान्तरित नहीं करती थी और पैतृक सम्पत्ति पर उसका अधिकार बना रहता था।
  2.  महिलाएँ अपने पिता की मुख्य उत्तराधिकारी बनी रहती थीं और अपने पिता की मृत्यु होने पर उसकी सम्पत्ति की स्वतंत्र मालिक बन जाती थीं। इस प्रकार महिलाओं को पर्याप्त अधिकार प्राप्त थे।
  3. विवाह-अनुच्छेद आसान था। पति अथवा पत्नी द्वारा विवाह भंग करने के उद्देश्य से सूचना देना पर्याप्त था।
  4. लड़के-लड़कियों के विवाह की आयु में पर्याप्त अन्तर था फिर भी महिलाएँ पुरुषों पर अधिकार रखती थीं।

प्रश्न 5.
कॉन्स्टेनटाइन के प्रमुख सुधार लिखिए।
उत्तर :
कॉन्स्टेनटाइन के प्रमुख सुधार निम्नखित थे :

  1. इसका प्रमुख सुधार मौद्रिक क्षेत्र में है। उसने ‘सॉलिड्स’ नामक एक नया सिक्का चलाया जो 4.5 ग्राम शुद्ध सोने का बना था। यह सिक्का रोम साम्राज्य के पतन के बाद भी चलता रहा।
  2. ये सॉलिड्स सिक्के बड़े पैमाने पर ढाले जाते थे और करोड़ों की संख्या में चलन में थे।
  3. कॉन्स्टेनटाइन की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि कुस्तुनतुनिया नगर का निर्माण है। यह नवीन राजधानी तीन ओर से समुद्र से घिरी हुई और सुरक्षित थी।
  4. उसके काल में तेल मिलों और शीशे के कारखानों सहित ग्रामीण उद्योग-धंधों स्क्रूप्रेसों आदि का विकास हुआ।
  5. इन सबसे उसके साम्राज्य में व्यापार की खूब उन्नति हुई।

प्रश्न 6.
“रोमवासी बहुदेववादी थे।” इस कथन को समझाइए।
उत्तर :
यूनान और रोमवासियों की पारम्परिक धार्मिक संस्कृति बहुदेववादी थी। ये लोग अनेक पन्थों एवं उपासना पद्धतियों में विश्वास रखते थे और जुपीटर, जूनो, मिनर्वा और मॉर्स जैसे अनेक रोमन इतालवी देवों और यूनानी तथा पूर्वी देवी-देवताओं की पूजा किया करते थे जिसके लिए उन्होंने साम्राज्य भर में हजारों मंदिर-मठ और देवालय बना रखे थे। ये बहुदेववादी स्वयं को किसी एक नाम से नहीं पुकारते थे।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित के विषय में आप क्या जानते हैं?

  1. जूलिसय सीजर
  2.  ऑगस्टस
  3.  मार्कस ओरिलियस

उत्तर :

  1. जूलियस सीजर (46 ई० पू० से 44 ई० पू०) : जूलियस सीजर मौलिक रूप से रोम का एक महान् सेनापति था जिसने अनेक युद्धों तथा रोमन दासों के विद्रोह को कुचलने के पश्चात् अपने प्रतिद्वंद्वी पाम्पी की मिस्र में हत्या करा दी। उसने 46 ई० पू० में एक तानाशाह के रूप में रोम की गद्दी को प्राप्त किया था।
  2. ऑगस्टस : ऑगस्टस या ऑक्टेवियन जूलियस सीजर का ही वंशज था। वह 37 ई० पू० में | रोम साम्राज्य का सर्वाधिक शक्तिशाली व्यक्ति हो गया। उसने ऑगस्टस (पवित्र) और इम्पेरेटर  (राज्य का प्रथम नागरिक) नामक पदवियाँ ग्रहण कीं और 24 वर्ष तक रोम पर शासन-किया।
  3. मार्कस ओरिलियस : ऑगस्टस के पश्चात् के शासकों में सबसे योग्य शासक मार्कस | ओरिलियस थी। उसने लगभग 20 वर्षों तक राज्य किया। वह योग्य सेनापति, कुशल प्रशासक व महान् दार्शनिक था।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रोम साम्राज्य की सामाजिक संरचना के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
इतिहासकार टैसिटस ने जिन प्रारम्भिक साम्राज्य के प्रमुख सामाजिक समूहों का उल्लेख किया है; वे हैं—सीनेटर, अश्वारोही वर्ग, जनता का सम्माननीय वर्ग, निम्नतम वर्ग। तीसरी सदी के प्रारम्भिक वर्षों में सीनेटर की सदस्य संख्या लगभग 1000 थी तथा कुल सीनेटरों में लगभग आधे सीनेटर इतालवी परिवारों के थे। साम्राज्य के परवर्तीकाल में, जो चौथी सदी के प्रारम्भिक भाग में कॉन्स्टेनटाइन प्रथम के शासनकाल में आरम्भ हुआ, टैसिटस द्वारा बताए गए प्रथम दो समूह (सीनेटर और अश्वारोही) एकीकृत होकर विस्तृत कुलीन वर्ग बन गए थे। इनके कुल परिवारों में से कम-से-कम आधे परिवार अफ्रीकी अथवा पूर्वी मूल के थे। यह ‘परवर्ती रोम’ कुलीन वर्ग अत्यधिक धनी थी। मध्यम वर्गों में नौकरशाही और सेना की सेवा से जुड़े लोग थे किन्तु इनमें अपेक्षाकृत अधिक समृद्ध सौदागर और किसान भी शामिल थे जिनमें बहुत-से लोग पूर्वी प्रान्तों के निवासी थे। टैसिटस ने इस सम्माननीय मध्यम वर्ग को सीनेट गृहों के आश्रितों के रूप में उल्लेख किया है। बड़ी संख्या में निम्न वर्गों के समूह थे जिन्हें ह्युमिलिओरिस अर्थात् ‘निम्नतर वर्ग’ कहा जाता था। इनमें ग्रामीण श्रमिक बल शामिल था जिनमें बहुत से लोग स्थायी रूप से मिलों में काम करते थे।

प्रश्न 2.
विजेण्टाइन साम्राज्य के नारे में संक्षेप में लिखिए।
उत्तर :
मध्य युग में रोमन सम्राट कॉन्स्टेनटाइन ने रोमन साम्राज्य के पूर्वी प्रदेशों को संगठित करके 330 ई० में पश्चिमी विजेण्टाइन साम्राज्य की स्थापना की। इस साम्राज्य की राजधानी यूनानी नगर ‘विजेण्टाइन’ थी। 476 ई० में जब रोमन साम्राज्य का पतन हो गया, तब विजेण्टाइन साम्राज्य ने पर्याप्त प्रसिद्धि प्राप्त की। अब उसकी राजधानी कॉन्स्टेनटिनोपल (कुस्तुनतुनिया) थी। इस साम्राज्य पर अनेक राजाओं ने शासन किया। फलस्वरूप कुस्तुनतुनिया संसार का सबसे अधिक वैभवशाली नगर बन गया। इस साम्राज्य के अंतर्गत व्यापार, वाणिज्य, शासन-प्रणाली, कानून आदि के क्षेत्र में अभूतपूर्व उन्नति हुई।
UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents image 3
इस साम्राज्य में सामन्तवाद का विकास हुआ और समाज में ‘सर्फ प्रथा’ (Serf System) प्रर्चा हुई। इस साम्राज्य में ग्रीक ऑथ्रोडॉक्स (नास्तिक) चर्च का बहुत विकास हुआ और राजा ही धर्म अध्यक्ष बने। इस काल में अनेक भवनों, नाटकघरों, गिरजाघरों आदि का निर्माण हुआ, जिन कुस्तुनतुनिया में बना ‘सेण्ट सोफिया का गिरजाघर’ बहुत प्रसिद्ध है। सन् 1453 ई० में तुर्को : कुस्तुनतुनिया पर आक्रमण करके विजेण्टाइन साम्राज्य को नष्ट कर दिया।

प्रश्न 3.
कला, भाषा, दर्शन साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में रोम की क्या देन है?
उत्तर :
कला के क्षेत्र में देन :

  1.  रोम ने कंकरीट को प्रयोग सर्वप्रथम किया।
  2.  वे ईंट-पत्थरों को बड़ी मजबूती से जोड़ सकते थे, इस शिल्पकला को रोम ने ही विश्व को सिखाया।
  3.  डाट का प्रयोग रोम ने सम्भवतः सर्वप्रथम किया। वे मजबूत डाटों के सहारे कई मंजिले मकान बना सकते थे।
  4.  वे मजबूत व सुंदर नहरें बनाना जानते थे।
  5. उन्होंने अपने सम्राटों की मूर्तियाँ बनाकर महत्त्वपूर्ण स्थानों पर लगाई।

भाषा, दर्शन, साहित्य तथा विज्ञान के क्षेत्र में देन

भाषा : रोम के लोगों ने यूनानियों से वर्णमाला सीखकर अपनी वर्णमाला और भाषा का विकास किया। उनकी लैटिन भाषा सारे पश्चिमी यूरोप के पढ़े-लिखे लोगों की भाषा बन गई। कई आधुनिक यूरोपीय भाषाएँ; जैसे–फ्रांसीसी, स्पेनिश, इतालवी उनकी लैटिन भाषा पर आधारित हैं।

दर्शन : एषीक्यूरिन तथा स्टोक दर्शन रोम में बहुत प्रसिद्ध थे। रोम में ल्यूकीट्स, सिसरो, मार्कस, ओरीलियस आदि प्रसिद्ध दार्शनिक हुए।

साहित्य : रोम ने साहित्य के क्षेत्र में कुछ प्रसिद्ध कवि दिए। होरेश और वर्जिल उनके महानतम कवि थे।

विज्ञान : रोम के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सेल्सस ने चिकित्साशास्त्र के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध पुस्तक लिखी जिसमें शल्य चिकित्सा का विस्तृत वर्णन किया गया। गैलेन नामक वैज्ञानिक ने चिकित्साशास्त्र को विशेष कोष तैयार किया। उसने रक्त संचालन का पता लगाया। खगोल तथा भूगोल के क्षेत्र में टॉलमी नामक विद्वान् नेविशेष कार्य किया। उसने तारों व ग्रहों की स्थिति का अध्ययन किया।

We hope the UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 History Chapter 3 An Empire Across Three Continents , drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 शाप-मुक्ति (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 शाप-मुक्ति (मंजरी)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 7 Hindi . Here we have given UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 शाप-मुक्ति (मंजरी).

महत्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या

दादी का स्वभाव …………………. नहीं हुई।
संदर्भ:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘शाप-मुक्ति’ नामक पाठ से लिया गया है। इस कहानी के लेखक रमेश उपाध्याय हैं।

UP Board Solutions

प्रसंग:
दादी को नेत्रों के इलाज के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक (UPBoardSolutions.com) डॉ० प्रभात के पास ले जाया गया। बातचीत में पता चला कि वह इलाहाबाद के वकील का लड़का मंटू था जिसने बचपन में आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं।

व्याख्या:
दादी ने निश्चय कर लिया था कि वह डॉ० प्रभात से नेत्र चिकित्सा नहीं कराएँगी। दादी जो ठान लेती थी, बच्चों की तरह हठपूर्वक वही करती थीं। दादी को समझाने की सब कोशिशें बेकार गईं। दादी ने डॉ० प्रभात द्वारा लिखी गई आँखों की दवाई, जो दादी की आँख में डाली जानी थी, मँगाने से साफ इनकार कर दिया। अच्छी तरह से समझाने पर भी दादी ने अपना निश्चय नहीं बदला।

UP Board Solutions

पाठ का सार (सश)

मैं दादी के नेत्रों की चिकित्सा कराने दिल्ली के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सालय में डॉ० प्रभात के पास गया। बात-बात में पता चला कि डॉ० प्रभात इलाहाबाद में पड़ोस में रहने वाला ‘मंटू’ था, जो मेरे (बब्बू का) बचपन का साथी था। दादी भी (UPBoardSolutions.com) यह जानकर प्रसन्न हुई। परंतु साथ ही दादी ने डॉ० प्रभात को यह भी बताया कि इलाहाबाद में एक वकील को बदमाश लड़का भी ‘मंटू’ नाम का था। , दादी ने मुझे बताया कि मंटू ने बचपन में आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं। उस घटना को यादकर मैं हैरान रह गया। दादी को पैंतीस साल पहले की वह घटना याद थी। दादी ने निश्चय किया कि वह मंटू यानी डॉ० प्रभात से इलाज नहीं कराएँगी। डॉ० प्रभात दादी को समझाने स्वयं घर आया। उसने दादी से कहा, “मैंने बचपन में पिल्लों की आँखें फोड़कर जो पाप किया वह मुझे याद है। उस पाप के प्रायश्चित्त में ही मैं नेत्र चिकित्सक बना। दादी के शाप से अपनी आँखें फूटने से पहले कितनों को आँखें दे जाऊँगा। उसमें दो आँखें दादी की भी होंगी।”

डॉ० प्रभात की बात सुनकर दादी ने उसे गले लगा लिया। उसे आशीर्वाद देते हुए कहा कि
तुम्हारी आँखों की ज्योति हमेशा बनी रहे। इस प्रकार डॉ० प्रभात को दादी के शाप से मुक्ति मिली।

UP Board Solutions

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1:
आक के पौधे से गाढ़ा दूध निकलता है। अन्य किन-किन पेड़-पौधों से गाढ़ा दूध निकलता है, उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
बरगद, धतूरा, कटहल आदि पेड़-पौधों से भी गाढ़ा दूध निकलता है।

प्रश्न 2:
अपने पास के किसी अस्पताल में जाकर किसी (UPBoardSolutions.com) आँख के डॉक्टर से मिलिए और पूछिए कि उन्होंने यह पेशा क्यों चुना।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

UP Board Solutions

प्रश्न 3:
किसी दृष्टिहीन व्यक्ति से मिलिए, उससे बातचीत (UPBoardSolutions.com) कीजिए और महसूस कीजिए कि उसकी कल्पना में दुनिया कैसी है।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 4.
यह जानकारी हम …………………. डाल रहा था। उपर्युक्त अनुच्छेद को ध्यान से पढ़िए और अपने सहपाठियों से पूछने के लिए चार प्रश्न बनाइए।
उत्तर:
प्र०1. कुतिया ने तीन पिल्ले कहाँ दिए थे?
प्र०2. पिल्ले कैसे (UPBoardSolutions.com) थे?
प्र०3. मंटू ने कौन-सा प्रयोग किया?
प्र०4. मंटू के प्रयोग का दुष्परिणाम क्या हुआ?

UP Board Solutions

विचार और कल्पना

प्रश्न 1:
और
प्रश्न 3: विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 2:
जब उस पिल्ले की आँखें चली गयी होंगी तो उसे क्या-क्या कठिनाइयाँ हुई होंगी। सोचिए और लिखिए।।
उत्तर:
उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता होगा, आने-जाने (UPBoardSolutions.com) में कठिनाई होती होगी इत्यादि।

UP Board Solutions

प्रश्न 4:
बचपन में मंटू ने पिल्लों के साथ बहुत खराब काम किया था। इस विषय में आप के मन में जो विचार आ रहे हैं, उन्हें लिखिए।
उत्तर:
बचपन में मंटू ने सच में बहुत खराब काम किए थे। उसने मासूम पिल्लों की आँख में आक का दूध डालकर उन्हें अनजाने में ही सही लेकिन अंधा बना दिया। मंटू को इस तरह का प्रयोग नहीं करना चाहिए था।

कहानी से

प्रश्न 1:
डॉ० प्रभात का चेहरा किसे दुःखदायी स्मृति से काला-सा हो गया?
उत्तर:
डॉ० प्रभात का चेहरा दुखदायी स्मृति से (UPBoardSolutions.com) इसलिए काला पड़ गया, क्योंकि बचपन में डॉ० प्रभात ने आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं।

प्रश्न 2:
मंटू ने बचपन में क्या पाप किया था और उस पाप का प्रायश्चित उसने किस प्रकार किया?
उत्तर:
मंटू ने बचपन में आक के दूध से तीन पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं। इसका प्रायश्चित्त उसने नेत्र चिकित्सक बनकर किया।

UP Board Solutions

प्रश्न 3:
“पर मैं तो आँखों का डॉक्टर हैं दादी अम्मा! बुढ़ापे का इलाज मेरे पास कहाँ?” डॉ० प्रभात ने यह जवाब दादी के किस बात के उत्तर में दिया था?
उत्तर:
दादी जब लेखक के साथ डॉक्टर प्रभात के क्लीनिक में पहुँची तो उन्होंने मुस्कुराते हुए उनका स्वागत किया, आओ, आओ, दादी अम्मा! कहाँ, क्या तकलीफ है? उसकी इस बात पर दादी बोलीं “कोई तकलीफ नहीं, बेटा। बस बुढ़ापे (UPBoardSolutions.com) में नजर कमजोर हो ही जाती है।” दादी के इसी बात का उत्तर देते हुए डॉ. प्रभात ने उपरोक्त वाक्य कहे।

प्रश्न 4:
दादी डॉ० प्रभात से अपनी आँखों का इलाज क्यों नहीं करवाना चाहती थीं, फिर वह इलाज के लिए कैसे तैयार हुई?
उत्तर:
दादी डॉ० प्रभात से आँखों का इलाज करवाने के लिए इसलिए तैयार नहीं थी क्येंकि डॉ० प्रभात ने बचपन में पिल्लों की आँखें फोड़ दी थीं। लेकिन डॉ० प्रभात ने समझाया कि वह उसी प्रायश्चित्त के कारण ही नेत्र चिकित्सक बना है। उसे दादी का वह शाप भी याद है जिसमें उन्होंने कहा था (UPBoardSolutions.com) कि एक दिन उसकी आँखें भी फूट जाएँगी। इसलिए अपनी आँखें फूटने से पहले वह अधिक से अधिक लोगों को आँखें दे जाना चाहता है। डॉ० प्रभात की यह बात सुनकर दादी इलाज के लिए तैयार हो गईं।

UP Board Solutions

भाषा की बात

नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 1:
निम्नलिखित शब्दों के विलोम लिखिए- नयी, ठंड, पाप, बूढ़ा।
उत्तर:
नयी        – पुरानी
ठण्ड      – गर्म
पाप        – पुण्य
बूढा        – युवा

प्रश्न 2:
निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए टस से मस न होना, हृदय से लगाना, मुस्कान लुप्त होना।
उत्तर:
टस से मस न होना (स्थिर रहना): दादी अपने निर्णय से टस से मस न हुईं।
हृदय से लगाना (प्यार करना): दादी ने डॉ० प्रभात को हृदय से लगा लिया।
मुस्कान लुप्त होना (फिक्र में पड़ जाना): परिचय हो जाने पर डॉ० प्रभात की (UPBoardSolutions.com) मुस्कान लुप्त हो गई, क्योंकि उसे बचपन के पाप का ध्यान आ गया।

UP Board Solutions

प्रश्न 3:
बच्चा’ शब्द में ‘पन’ प्रत्यय लगाकर ‘बचपन’ शब्द बना है जो भाववाचक संज्ञा है। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों में ‘पन’ प्रत्यय लगाकर भाववाचक संज्ञा बनाइए लड़का, अपना, अनाड़ी, रूखा।
उत्तर:
लड़का           –        लड़कपन
अपना            –        अपनापन
अनाड़ी           –        अनाड़ीपन
रूखा             –        रूखापन

प्रश्न 4:
निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित (UPBoardSolutions.com) पदों के कारक बताइए
(क) मैं तो आँखों का डॉक्टर हूँ। – संबंध कारक
(ख) मैं तुम्हारी दवाई लिख रहा हूँ। – संबंध कारक
(ग) दूध पिल्ले की आँखों में डाल रहा था। – अधिकरण कारक
(घ) सब लोगों ने मंटू को बुरा-भला कहा। – कर्म कारक

UP Board Solutions

यह भी करें:
नोट– विद्यार्थी स्वयं करें।

We hope the UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 शाप-मुक्ति (मंजरी) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 6 शाप-मुक्ति (मंजरी), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 7 English Chapter 7 The Responsible King

UP Board Solutions for Class 7 English Chapter 7 The Responsible King

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 7 English. Here we have given UP Board Solutions for Class 7 English Chapter 7 The Responsible King.

The Responsible King

TRANSLATION OF THE LESSON (पाठ का हिन्दी अनुवाद)

Once upon …………………………….. of the stone.
हिन्दी अनुवाद- एक समय में, एक राजा था जो एक नदी के किनारे एक महल में रहता था। वह दुखी था क्योंकि उसकी प्रजा के लोग गैर-ज़िम्मेदार थे।

जब भी वह अपने रथ पर बाहर जाता, उसे रास्तों में पत्थर और कचरा (UPBoardSolutions.com) पड़ा मिलता। जब भी वह अपनी नाव में जाता, उसे नदी में बहुत गंदी मिलती।

“आह! मेरे लोग इतना गौर-जिम्मेदार क्यों है?” उसक विलाप किया|

“वे रास्तों को साफ़ क्यों नहीं रखते?” उसने कुछ देर सोचा और बोला, “मुझे इन्हें पाठ पढ़ाना ही होगा।” एक रात, वह अपने साथ स्वर्ण मुद्राओं का एक थैला लेकर मुख्य रास्ते पर गया। उसका वज़ीर भी उसके साथ था। उसने रास्ते में एक गड्ढा देखा। उसने उसमें स्वर्ण मुद्राएँ रख दीं। तब राजा और वज़ीर ने एक बड़े पत्थर से गड्ढा बंद कर दिया।

UP Board Solutions

अगले दिन, एक आदमी अपनी बग्घी में, जिसमें कोयला भरा था, उसी रास्ते से निकला। उसने रास्ते के उस बड़े पत्थर को देखा परन्तु वह उसे लेकर चिन्तित नहीं था। उसने अपनी बग्घी उस पत्थर के साथ से निकाल ली।

फिर एक और आदमी अपनी भेड़ों और बकरियों के झुंड के (UPBoardSolutions.com) साथ आया। उस आदमी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और अपने झुण्ड को उस पत्थर के साथ से निकालकर दूसरी ओर चला गया।

UP Board Solutions

Many other people ……………………………. sorry too.
हिन्दी अनुवाद- बहुत से लोग उसी सड़क से गुजरे। परन्तु सभी इतने गैर-ज़िम्मेदार थे कि उन्होंने उस चट्टान को हटाने का कष्ट नहीं किया। अन्ततः राजा ने अपनी प्रजा के सभी लोगों को बुलाया और कहा, “आओ, इस पत्थर को सड़क से हटाएँ।” लोग चकित रह गए जब उन्होंने इस पत्थर को रास्ते से हटाया और उसके नीचे के गड्ढे में स्वर्ण मुद्राएँ देखीं।

“देखो, पत्थर के नीचे स्वर्ण मुद्राएँ थीं परन्तु किसी ने पत्थर को हटाने का (UPBoardSolutions.com) कष्ट नहीं किया। इसलिए कोई भी इन स्वर्ण मुद्राओं के योग्य नहीं है। अगर तुम जिम्मेदार होते और पत्थर हटा देते, तो स्वर्ण मुद्राएँ तुम्हारी होतीं,” राजा ने अपने लोगों को कहा।

राजा ने अपने वज़ीर को आदेश दिया, “इन स्वर्ण मुद्राओं को मेरे महल ले आओ।” इसे सुनने के बाद लोगों को शर्मिन्दगी और ग्लानी महसूस हुई।

UP Board Solutions

EXERCISE (अभ्यास)

Comprehension Questions

Question 1.
Answer the following questions:
Answer:
Question a.
Why was the king unhappy?
Answer:
The king was unhappy because all the (UPBoardSolutions.com) people of his kingdom were irresponsible.

Question b.
What did the king see every time he went out in his chariot?
Answer:
Everytime he went out in his chariot, the king used to see stones and rubbish lying on the roads.

UP Board Solutions

Question c.
Where did he put the gold coins?
Answer:
He saw a pit in the middle of the road. He put the gold coins in it.

Question d.
Who covered the pit with a big stone?
Answer:
The king with the help of the vizier (UPBoardSolutions.com) covered the pit with a big stone.

Question e.
Why did the people not remove the stone from the road?
Answer:
All the people were too careless and irresponsible to remove the stone from the road.

UP Board Solutions

Question f.
What lesson did the king want to teach his people?
Answer:
The king wanted to teach his people (UPBoardSolutions.com) that if they would be responsible, it would be rewarding to them.

Question 2.
Write True or False for the given statements:
Answer:
a. The king lived in a palace.                                                                 (True)
b. His people were responsible.                                                            (False)
c. The king wanted to teach a lesson to the people.                          (True)
d. The people removed the stone from the middle of the road.     (False)
f. The king gave the gold coins to the people.                                    (False)
g. People felt ashamed and sorry.                                                        (True)

UP Board Solutions

Word Power          Note: Do it yourself.

Language Practice

Question 1.
Make sentences using the table:
UP Board Solutions for Class 7 English Chapter 7 The Responsible King img-1
Answer:
→ The first day of the week is Sunday.
→ The second day of the week is Monday.
→ The last day of the week (UPBoardSolutions.com) is Saturday.
→ The first month of the year is Janurary.
→ The second month of the year is February.
→ The last month of the year is December.

Activity            Note: Do it yourself.

We hope the UP Board Solutions for Class 7 English Chapter 7 The Responsible King help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 7 English Chapter 7 The Responsible King, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi काव्यांजलि Chapter 7 महाकवि भूषण

UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi काव्यांजलि Chapter 7 महाकवि भूषण are part of UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi . Here we have given UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi काव्यांजलि Chapter 7 महाकवि भूषण.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Sahityik Hindi
Chapter Chapter 7
Chapter Name महाकवि भूषण
Number of Questions 4
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi काव्यांजलि Chapter 7 महाकवि भूषण

कवि-परिचय एवं काव्यगत विशेषताएँ

प्रश्न:
कवि भूषण का जीवन-परिचय लिखिए।
या
कवि भूषण की काव्यगत विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
या
कवि भूषण का जीवन-परिचय लिखते हुए उनकी कृतियों का नामोल्लेख कीजिए तथा साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
जीवन-परिचय: कविवर भूषण का जन्म संवत् 1670 वि० (सन् 1813 ई०) में कानपुर जिले के तिकवाँपुर (त्रिविक्रमपुर) ग्राम में हुआ था। इनके पिता पं० रत्नाकर त्रिपाठी संस्कृत के महान् विद्वान् एवं ब्रजभाषा के अच्छे कवि थे। ये कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे। भूषण का वास्तविक नाम क्या था? इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती। एक दोहे से विदित होता है कि चित्रकूट के सोलंकी राजा रुद्रदेव ने इन्हें ‘भूषण’ की उपाधि दी थी। कदाचित् कालान्तर में ये ‘भूषण’ नाम से इतने विख्यात हुए कि इनका वास्तविक नाम ही विलुप्त हो गया। इनके जीवन का प्रारम्भिक चरण अकर्मण्यता से ग्रसित था, परन्तु भाभी के एक कटु व्यंग्य ने इनका जीवन बदल डाला। ये मर्माहत हो घर से निकल गये। कहाँ गये, कैसे रहे, इसका कुछ पता नहीं चलता, पर जब ये दस वर्षों के बाद घर लौटे तो इनमें पाण्डित्य एवं कवित्व-शक्ति का पर्याप्त विकास हो चुका था, जिसका राज्याश्रयों में उत्तरोत्तर विकास होता रहा। ये कई राजदरबारों में रहे, परन्तु इन्हें सन्तुष्टि न मिली। अन्त में मनोवांछित आश्रयदाताओं के रूप में इन्हें वीर शिवाजी व छत्रसाल मिले। इन दोनों ने भूषण को पर्याप्त सम्मान दिया। संवत् 1772 वि० (सन् 1715 ई०) के लगभग इनकी मृत्यु हो गयी।

रचनाएँ – भूषण की कीर्ति के आधारस्तम्भ इनके तीन काव्य-ग्रन्थ हैं – (1) शिवराज भूषण, (2) शिवा बावनी और (3) छत्रसाल दशक। शिवसिंह सरोज ने ‘भूषण-हजारा’ व ‘भूषण-उल्लास’ नामक दो अन्य रचनाओं को भी भूषणकृत माना है, परन्तु उनका यह मत प्रमाणपुष्ट नहीं है।

काव्यगत विशेषताएँ

भावपक्ष की विशेषताएँ

राष्ट्रीयता की भावना – भूषण के काव्य की सबसे बड़ी विशेषता उनकी राष्ट्रीयता है। यद्यपि रीतिकाल के अन्य कवियों की भाँति ये भी राज्याश्रित कवि थे और इन्होंने भी अपने आश्रयदाताओं की यशोगान किया है, तथापि इनकी मनोवृत्ति उनसे भिन्न रही है। इन्होंने वीर शिवाजी तथा छत्रसाल को हिन्दू संस्कृति के रक्षक के रूप में देखा, इसीलिए उन्हें अपने काव्य का नायक बनाकर उनकी प्रशस्ति की। भूषण की कविताओं ने उस समय सम्पूर्ण राष्ट्र को चेतना प्रदान की। इनकी रचनाओं की यही विशेषता इनको ‘राष्ट्रीय कवि’ कहने के लिए बाध्य करती है।

वीर रस की मार्मिक व्यंजना – भूषण के काव्य की दूसरी विशेषता वीर रस की अभूतपूर्व व्यंजना है। वीर रस को उद्दीप्त करने वाले सम्पूर्ण तत्त्व इनकी रचनाओं में विद्यमान हैं। अनेक पद्यों में शिवाजी की वीरता एवं उनका मुगलों पर आतंक बहुत प्रभावशाली रूप में चित्रित हुआ है; जैसे

गरुड़ को दावा जैसे नाग के समूह पर,
दावा नाग जूह पर सिंह सरताज को।

युद्ध में छत्रसाल की बरछी के कमाल द्रष्टव्य हैं

भुज भुजगेस की वै संगिनी भुजंगिनी-सी,
खेदि-खेदि खाती दीह दारुन दलन के।

भूषण ने शिवाजी एवं छत्रसाल की वीरता का वर्णन युद्ध-क्षेत्र में ही नहीं, अपितु दया, दान, धर्म आदि क्षेत्रों में भी किया है।
वीर रस के साथ रौद्र एवं भयानक रसों का वर्णन भी स्वाभाविक रूप में हुआ है। वीभत्स रस युद्ध-स्थलों पर स्वत: आ जाता है। इनकी रचनाओं में श्रृंगार रस के भी कई छन्द मिलते हैं, पर उनमें वह सौन्दर्य नहीं, जो वीर रस के पदों में है। भूषण की कविता ओज गुण की साक्षात् मूर्ति है।

कलापक्ष की विशेषताएँ

भूषण का कलापक्ष भी इतना उच्चकोटि का है कि उनके भावपक्ष और कलापक्ष में से कौन बढ़कर है, यह कह सकना कठिन है।।
भाषा – भूषण की भाषा में इतनी व्यंजकता एवं ओजस्विता है कि उसमें वीर रस को गर्जन सुनाई पड़ता है

इन्द्र जिमि जंभ पर, बाड़व सुअंभ पर,
रावण सदंभ पर रघुकुल राज है।।

भूषण के काव्य में प्रयुक्त ब्रजभाषा पूर्णतः शुद्ध ब्रजभाषा नहीं है, अपितु उसमें बुन्देलखण्डी, अवधी, अपभ्रंश, तत्कालीन अरबी और फारसी के शब्दों का भी योग है। ब्रजभाषा के अन्य कवियों की भाँति इच्छानुसार तोड़-मरोड़ एवं शब्दं गढ़ने की प्रवृत्ति भी इनमें दिखाई पड़ती है। भूषण ने लोकोक्तियों व मुहावरों के प्रयोग द्वारा भाषा एवं भाव में चमत्कार उत्पन्न किया है। , अलंकार-भूषण के काव्य में उत्प्रेक्षा, रूपक, उपमा, यमक, व्यतिरेक, व्याजस्तुति, अनुप्रास आदि अलंकारों का प्रयोग स्वाभाविक रूप में हुआ है। यमक का एक उदाहरण द्रष्टव्य है

ऊँचे घोर मंदर के अन्दर रहनवारी,
ऊँचे घोर मंदर के अन्दर रहाती हैं।

शब्दालंकारों के समावेश के चक्कर में इन्होंने शब्दों की तोड़-मरोड़ अवश्य की है, जिससे भाषा क्लिष्ट हो गयी है, परन्तु इनकी भाषा में ओज एवं प्रवाह निरन्तर बने रहे हैं; जैसे

पच्छी पर छीने ऐसे परे पर छीने वीर,
तेरी बरछी ने बर छीने हैं, खलन के।

शैली – भूषण की शैली अति प्रभावोत्पादक, चित्रमय, ओजपूर्ण, ध्वन्यात्मक एवं बहुत सशक्त है। इनकी शैली : युद्ध-वर्णन में प्रभावपूर्ण, ओजस्विनी तथा दानवीरता और धार्मिकता के चित्रण में प्रसादयुक्त है।

साहित्य में स्थान – भूषण की कविता भावपक्ष एवं कलापक्ष दोनों ही दृष्टियों से श्रेष्ठ है तथा हिन्दी के वीर रसात्मक काव्य में अद्वितीय स्थान की अधिकारिणी है।

पद्यांशों पर आधारित प्रश्नोत्तर

प्रश्न-दिए गए पद्यांशों को पढ़कर उन पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

शिवा-शौर्य

प्रश्न 1:
साजि चतुरंग सैन अंग मैं उमंग धारि,
सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत हैं ।
भूषन भनत नाद बिहद नगारन के,
नदी नद मद गैबरन के रलते हैं ।।
ऐलफैल खेलभैल खलक में गैलगैल,
गजन की वैल पैल सैल उसलत हैं ।।
तारा सो तरनि धूरि धारा में लगत जिमि,
थारा पर पारा पारावार यों हलत हैं ।

(i) उपर्युक्त पद्यांश के शीर्षक और कवि का नाम बताइए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) “सरजा’ की उपाधि से कौन सुशोभित थे?
(iv) शिवाजी की सेना कहाँ के लिए प्रयाण करती है?
(v) सूर्य तारे के समान क्यों दिखायी देने लगता है?
उत्तर:
(i) प्रस्तुत पद महाकवि भूषण द्वारा रचित ‘भूषण ग्रन्थावली’ से हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘काव्यांजलि’ में संकलित ‘शिवा-शौर्य’ शीर्षक काव्यांश से उदधृत है।
अथवा निम्नवत् लिखिए-
शीर्षक का नाम – शिवा-शौर्य।
कवि का नाम – महाकवि भूषण।
[संकेत-इस शीर्षक के शेष सभी पद्यांशों के लिए प्रश्न (i) का यही उत्तर लिखना है।]

(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या – भूषण कवि कहते हैं कि शिवाजी की सेना के युद्ध के लिए प्रस्थान करते समय बहुत अधिक धूल उड़ रही थी। उड़ती हुई धूल इतनी अधिक थी कि इस धूल में सूर्य एक तारे के समान प्रतीत हो रहा था। शिवाजी की विशाल सेना के भार से पृथ्वी भी काँप उठी थी। पृथ्वी के कम्पायमान हो जाने से समुद्र आदि भी हिलने लगे थे। समुद्र के हिलने से ऐसा प्रतीत होता था मानो किसी थाली में रखा हुआ पारा हिल रहा हो। तात्पर्य यह है कि शिवाजी की सेना इतनी अधिक विशाल थी कि उसके युद्ध के लिए प्रयाण करते समय उस स्थान पर ही नहीं, वरन् सम्पूर्ण पृथ्वी पर ही खलबली मच गयी थी और समस्त चराचर जगत् में अव्यवस्था का बोलबाला हो उठा था।
(iii) ‘सरजा’ की उपाधि से शिवाजी सुशोभित थे।
(iv) शिवाजी की सेना युद्ध के लिए प्रयाण करती है।
(v) शिवाजी की सेना के चलने से उड़ी धूल की विपुल राशि से सूर्य तारे के समान दिखायी देने लगता है।

प्रश्न 2:
बाने फहराने घहराने घंटा’गजन के,
नाहीं ठहराने राव राने देस देस के ।।
नग भहराने ग्राम नगर पराने सुनि, ।
बाजत निसाने सिवराजजू नरेस के ।।
हाथिन के हौदा उकसाने कुंभ कुंजर के,
भौन को भजाने अलि छूटे लट केस के ।
दल के दरारन ते कमठ करारे फूटे,
केरा के से पात बिहराने फन सेस के ।।

(i) उपर्युक्त पद्यांश के शीर्षक और कवि का नाम बताइट।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) शिवाजी की सेना के नगाड़ों को क्या प्रभाव दिखाई पड़ता है?
(iv) बालों की लटों के समान क्या प्रतीत होते हैं?
(v) किस कारण शेषनाग के फल केले के पत्तों जैसे चिर गए हैं?

उत्तर:
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या – पौराणिक मान्यता के अनुसार विष्णु के 24 अवतारों में से एक अवतार कछुए को हुआ था, जिसने समुद्र मन्थन के समय मन्दराचल पर्वत को अपनी पीठ पर धारण किया था। अन्य मान्यता के अनुसार पृथ्वी को शेषनाग (सहस्र फन वाले सर्प) ने अपने फनों पर धारण कर रखा है। इसी कछुए की कठोर पीठ शिवाजी की सेना के चलने की धमक से विदीर्ण हो गयी है और शेषनाग के फन केले के पत्तों के समान चिरकर अलग-अलग हो गये।
(iii) शिवाजी के प्रचण्ड नगाड़ों की ध्वनि से पहाड़ ढह गए और सेना के नमन-मार्ग में पड़ने वाले गाँवों के लोग भाग खड़े हुए।
(iv) हाथियों के गण्डस्थल पर मदपान के लिए एकत्रित भौंरे बालों की लटों के समान प्रतीत हो रहे हैं।
(v) शिवाजी की सेना के चलने की धमक से शेषनाग के फन केले के पत्तों के समान चिर गए हैं।

छत्रसाल-प्रशस्ति

प्रश्न 1:
भुज भुजगेस की वै संगिनी भुजंगिनी-सी,
खेदि खेदि खाती दीह दारुन दलन के ।
बखतर पाखरन बीच धेसि जाति मीन,
पैरि पार जात परवाह ज्यों जलन के ।।
रैयाराव चंपति, के छन्नसाले महाराज,
भूषन सकै करि बखान को बलन के ।
पच्छी पर छीने ऐसे परे पर छीने वीर,
तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के ।।

(i) उपर्युक्त पद्यांश के शीर्षक और कवि का नाम बताइए।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(iii) छत्रसाल की भुजा और बरछी को किसके समान बताया गया है?
(iv) छत्रसाल की बरछी ने किनको बलहीन कर दिया है?
(v) उपर्युक्त पंक्तियाँ किस रस का अनुपम उदाहरण हैं?
उत्तर:
(i) प्रस्तुत पद महाकवि भूषण की ‘भूषण-ग्रन्थावली’ से हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘काव्यांजलि’ में संकलित ‘छत्रसाल-प्रशस्ति’ शीर्षक काव्यांश से उद्धृत है।
अथवा निम्नवत् लिखिए
शीर्षक का नाम – छत्रसाल-प्रशस्ति ।
कवि का नाम – महाकवि भूषण।
(ii) रेखांकित अंश की व्याख्या – युद्धभूमि में महाराज छत्रसाल की बरछी गजब का कौशल दिखा रही थी। जिस प्रकार पंख कट जाने पर पक्षी भूमि पर गिर पड़ते हैं, उसी प्रकार छत्रसाल की बरछी शत्रु पक्ष के बड़े-बड़े वीरों के हाथ-पैर काटकर उन्हें असहाय पक्षियों की भाँति भूमि पर गिरा रही थी।
(iii) छत्रसाल की भुजा को शेषनाग के समान और उनकी बरछी को शेषनाग की जीवन-संगिनी नागिन के समान भयंकर बताया गया है।
(iv) छत्रसाल की बरछी ने शत्रुओं के बल-पौरुष छीनकर उन्हें सर्वथा बलहीन कर दिया है।
(v) उपर्युक्त पंक्तियाँ वीर रस का अनुपम उदाहरण हैं।

We hope the UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi काव्यांजलि Chapter 7 महाकवि भूषण help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 Sahityik Hindi काव्यांजलि Chapter 7 महाकवि भूषण, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप

UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 7 Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप.

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिये-
(क) द्रव के गैस में बदलने की क्रिया को कहते हैं-
(अ) गलनांक
(ब) हिमांक
(स) वाष्पीकरण (✓)
(द) संघनन

(ख) द्रवों में (UPBoardSolutions.com) ऊष्मा संचरण होता है-
(अ) चालन द्वारा
(ब) संवहन द्वारा (✓)
(स) विकिरण द्वारा
(द) इनमें से कोई नहीं

UP Board Solutions

(ग) जल का क्वथनांक होता है-
(अ) 10°C
(ब) 100°C (✓)
(स) 120°C
(द) 40°C

(घ) ऊष्मीय ऊर्जा का मात्रक है-
(अ) मीटर
(ब) जूले (✓)
(स) न्यूटन
(द) कूलॉम

(ङ) ऊष्मा का कुचालक है-
(अ) लोहा
(ब) ऐलुमिनियम
(स) स्टील
(द) काँच (✓)

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथनों में सही (UPBoardSolutions.com) कथन पर सही (✓) और गलत कथन पर गलत (✗) का चिन्ह लगायें
(क) किसी वस्तु को गर्म करने पर उसका ताप घटता है। (✗)
(ख) ठोस वस्तुओं में ऊष्मा का संचरण चालन द्वारा होता है। (✓)
(ग) वस्तु द्वारा ली गयी, ऊष्मा वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करती है। (✓)
(घ) अवस्था परिवर्तन के समय वस्तु का ताप स्थिर रहता है। (✓)
(ङ) पारा ऊष्मा का कुचालक है। (✗)

UP Board Solutions

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) ताप का SI मात्रक केल्विन है।
(ख) गलते हुए बर्फ का ताप °C होता है।
(ग) किसी ठोस के द्रव में (UPBoardSolutions.com) बदलने की क्रिया गलनांक कहलाती है।
(घ) विकिरण विधि द्वारा ऊष्मा स्थानान्तरण में माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।
(ङ) बर्तन का हत्था बनाने में कुचालक धातु का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 4.
कॉलम (क) और कॉलम (ख) का मिलान कीजिये-
UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप 4

UP Board Solutions

प्रश्न 5.
समान द्रव्यमान के दो अलग-अलग पदार्थों A तथा B (UPBoardSolutions.com) को समान ताप तक गर्म करने में किसको अधिक ऊष्मा की आवश्यकता होगी, जबकि A की विशिष्ट ऊष्मा B से अधिक है।
उत्तर-
समान द्रव्यमान के दो अलग-अलग पदार्थ A तथा B को समान ताप पर गर्म करने में B को अधिक ऊष्मा की आवश्यकता होगी क्योंकि B की विशिष्ट ऊष्मा A से कम है।

प्रश्न 6.
गैसों के प्रसार को एक क्रियाकलाप द्वारा स्पष्ट कीजिए?
उत्तर-
गैसों के प्रकार को स्पष्ट करने के लिए निम्नांकित क्रियाकलाप को देखेंकाँच की एक खाली तथा स्वच्छ छोटी बोतल के मुँह पर एक बिना फूला हुआ गुब्बारा बाँध देंगे।
अब बोतल को चौड़े मुँह के बर्तन में रखेंगे और इस बर्तन में (UPBoardSolutions.com) गर्म पानी डालेंगे। ऐसा करने पर गुब्बारा फूल जाएगा क्योंकि गर्म जल के करण बोतल के अंदर की हवा गर्म होकर फैलती है और बोतल के मुँह पर लगे गुब्बारे में प्रवेश करती है और गुब्बारा फूल जाता है। बोतल को गर्म जल से निकालकर ठंडा करने पर गुब्बारा पुनः पिचक जाता है। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि गैसों में प्रसार होता है। गर्म करने पर गैसें फैलती हैं और ठंडा करने पर सिकुड़ती हैं।

UP Board Solutions

प्रश्न 7.
रेल की पटरी जोड़ते समय उनके बीच थोड़ी जगह क्यों छोड़ते हैं।
उत्तर-
रेल की पटरियों को जोड़ते समय उनके बीच कुछ (UPBoardSolutions.com) जगह छोड़ी जाती है ताकि गर्म होकर फैलने पर पटरी टेढ़ी न हो जाए।

प्रश्न 8.
सुचालक तथा कुचालक पदार्थों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
जिन पदार्थों से ऊष्मा का संचरण सुगमतापूर्वक होता है, उन्हें ऊष्मा का सुचालक कहते हैं; जैसे- लोहा, ऐलुमिनियम, ताँबा आदि।
जिन पदार्थों में ऊष्मा का संचरण सुगमता से नहीं होता, (UPBoardSolutions.com) उन्हें ऊष्मा का कुचालक कहते हैं। जैसे-लकड़ी, कागज, ऊन, पोर्सिलीन, वायु आदि।

प्रश्न 9.
186°F को डिग्री सेण्टीग्रेट में बदलिये।
UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप 9

UP Board Solutions

प्रश्न 10.
गलनांक की परिभाषा लिखिये।
उत्तर-
वह निश्चित ताप जिस पर कोई ठोस गरम करने पर द्रव में बदलता है, (UPBoardSolutions.com) उसे पदार्थ का गलनांक कहते हैं। बर्फ कां गलनांक 0°C है।

प्रश्न 11.
क्वथनांक की परिभाषा लिखिये।
उत्तर-
वह निश्चित ताप जिस पर कोई द्रव उबलता है और गैसीय अवस्था में बदलता है, वह द्रव का क्वथनांक कहलाता है। पानी का क्वथनांक 100°C है।

प्रश्न 12.
5 कैलोरी कितने जूल के बराबर होता है?
उत्तर-
1 कैलोरी = 4.18 जूल
5 कैलोरी = 4.18 x 5 = 20.90 = 20.9 जूल।

UP Board Solutions

प्रश्न 13.
समान पदार्थ के दो टुकड़ों का द्रव्यमान क्रमशः 2 किलोग्राम तथा 4 किलोग्राम है, (UPBoardSolutions.com) समान ऊष्मा देने पर किसका ताप अधिक बढ़ेगा ?
उत्तर-
चूंकि किसी वस्तु के ताप में वृद्धि के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा उस वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करती है। यदि समान पदार्थ के दो टुकड़ों का द्रव्यमान क्रमश: 2 किलोग्राम तथा 4 किलोग्राम है तो समान ऊष्मा देने पर 2 किलोग्राम द्रव्यमान वाले टुकड़े का ताप अधिक बढ़ेगा।

प्रश्न 14.
0.2 किग्रा द्रव के ताप को 20°C से 70°C तक बढ़ाने के लिये 700 कैलोरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है। द्रव की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात कीजिये।
(क) कैलोरी में
(ख) जूल में
UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप 14

UP Board Solutions

प्रश्न 15.
0.2 किग्रा द्रव को 135°C से 25°C तक ठंडा करने में द्रव से निकली (UPBoardSolutions.com) ऊष्मीय ऊर्जा ज्ञात कीजिये। जबकि द्रव की विशिष्ट ऊष्मा 750 जूल/किग्रा °C है।
उत्तर-
ऊष्मीय ऊर्जा = पदार्थ का द्रव्यमान x पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा x पदार्थ की तापवृद्धि
उष्मीय ऊर्जा = Q = ?
पदार्थ का द्रव्यमान = 0.2 किग्रा
पदार्थ का विशिष्ट ऊष्मा = 750 जूल/किग्रा.°C = 110°C
Q = m x S x ∆t = 0.2 किग्रा. x 750 जूल x 110°C = 16500 जूल

प्रोजेक्ट कार्य – नोट – विद्यार्थी स्वयं करें |

We hope the UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.