UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध are part of UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Name विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध

विज्ञान : वरदान या अभिशाप

सम्बद्ध शीर्षक

  • विज्ञान और समाज
  • विज्ञान के बढ़ते चरण
  • विज्ञान के चमत्कार
  • विज्ञान लाभ एवं हानि
  • विज्ञान की देन
  • वैज्ञानिक प्रगति और मानव-जीवन
  • विज्ञान का कल्याणकारी स्वरूप
  • विज्ञान का रचनात्मक स्वरूप

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-1
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-2
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-3
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-4
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-5
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-6
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-7
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-8
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-9

कम्प्यूटर : आधुनिक यन्त्र-मानव

सम्बद्ध शीर्षक

  • कम्प्यूटर के प्रयोग से लाभ तथा हानि
  • कम्प्यूटर की उपयोगिता
  • कम्प्यूटर का महत्त्व
  • कम्प्यूटर की आत्मकथा
  • भारत में कम्प्यूटर का महत्त्व

प्रमुख विचार-बिन्दु

  1. प्रस्तावेला : कम्प्यूटर क्या है ?
  2. कम्प्यूटर के उपयोग
  3. कम्प्यूटर तकनीक से हानियाँ
  4. कम्प्यूटर और मानवे-मस्तिष्क
  5. उपसंहार

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-10
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-11
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-12
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-13
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-14
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-15
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-16

इण्टरनेट

सम्बद्ध शीर्षक

  • इण्टरनेट का विकास और उपलब्ध सेवाएँ
  • भारत में इण्टरनेट का विकास’
  • सूचना प्रौद्योगिकी और मानव-कल्याण

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-17
इतिहास और विकास–इण्टरनेट का इतिहास पेचीदा है। इसका पहला दृष्टान्त सन् 1962 ई० में मैसाचुसेट्स टेक्नोलॉजी संस्थान के जे० सी० आर० लिकप्लाइडर द्वारा लिखे गये कई ज्ञापनों के रूप में सामने आया था। उन्होंने कम्प्यूटर की ऐसी विश्वव्यापी अन्तर्सम्बन्धित श्रृंखला की कल्पना की थी जिसके जरिये वर्तमान इण्टरनेट की तरह ही आँकड़ों और कार्यक्रमों को तत्काल प्राप्त किया जा सकता था। इस प्रकार के नेटवर्क में सहायक बनी तकनीकी सफलता पहली बार इसी संस्थान के लियोनार्ड क्लिनरोक ने सुझायी थी। उनकी यह सूझ पैकेट स्विचिंग नाम की नयी टेक्नोलॉजी थी जो सामान्य टेलीफोन प्रणाली में प्रयुक्त सर्किट स्विचिंग टेक्नोलॉजी से मिलती-जुलती थी। पैकेट स्विचिंग उस पत्र पेटी की तरह थी, जिसका इस्तेमाल चाहे जितने लोग कर सकते थे। इसके जरिये दुनिया में कम्प्यूटर अन्य कम्प्यूटरों से जुड़े बिना भी एक-दूसरे से संवाद कायम कर सकते थे।

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-18
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-19
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-20
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-21
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-22
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-23
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-24

भारत की वैज्ञानिक प्रगति

सम्बद्ध शीर्षक

  • भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियाँ
  • भारतीय विज्ञान की देने

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-25
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-26
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-27
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-28
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-29
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-30
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-31
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध img-32
We hope the UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi विज्ञान सम्बन्धी निबन्ध, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध are part of UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Name साहित्यिक निबन्ध
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध

साहित्य और समाज

सम्बद्ध शीर्षक

  • साहित्य समाज का दर्पण है।
  • साहित्य और मानव-जीवन
  • साहित्य समाज की अभिव्यक्ति है।
  • साहित्य और जीवन

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-1
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-2
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-3
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-4
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-5
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-6
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-7
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-8

मेरा प्रिय ग्रन्थ  (श्रीरामचरितमानस)

सम्बद्ध शीर्षक

  • मेरी प्रिय पुस्तक
  • हिन्दी की सर्वाधिक लोकप्रिय, अमर साहित्यिक कृति

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-9
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-10
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-11
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-12
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-13
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-14
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध img-15
We hope the UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi साहित्यिक निबन्ध, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र are part of UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Name सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र
Number of Questions 7
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र

प्रश्न 1.
अपने क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप का वर्णन करते हुए उचित कार्यवाही के लिए स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।
या
अपने क्षेत्र में मलेरिया फैलने की सम्भावना को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
या
अपने मुहल्ले में वर्षा के कारण उत्पन्न हुई जल-भराव की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए नगरपालिका अधिकारी/जिलाधिकारी को पत्र लिखिए।
या
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को अपने मुहल्ले में विद्यमान गन्दगी के विषय में एक पत्र लिखिए।
या
नगर की स्वच्छता हेतु नगरपालिका अध्यक्ष को आवेदन देते हुए उनका ध्यान गन्दगी से होने वाली बीमारियों की ओर आकृष्ट कीजिए।
या
ग्राम प्रधान की ओर से अपने जनपद के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए, जिसमें गाँव की सफाई व्यवस्था हेतु अनुरोध किया गया हो।
या
अपने ग्राम प्रधान को एक पत्र लिखकर गाँव की सफाई हेतु अनुरोध कीजिए।
या
अपने नगर में बाढ़ एवं घनघोर वर्षा के बाद गम्दगी के कारण फैलने वाले संक्रामक रोगों की आशंका को दृष्टिगत करते हुए रोकथाम के उपायों हेतु जिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
…………………… नगर निगम।
……………… नगर।

विषय-मच्छरों का बढ़ता हुआ प्रकोप।

महोदय,
मैं आपका ध्यान बढ़ते हुए मच्छरों के प्रकोप की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। मैं सुभाष नगर क्षेत्र का निवासी हूँ। पूरे सुभाष नगर क्षेत्र में आजकल मच्छरों का भयंकर आतंक छाया हुआ है। दिन हो या रात, मच्छरों के झुंड सदा घूमते नज़र आ जाते हैं। रात को तो वे सोना दूभर कर देते हैं। जब सुबह उठते हैं। तो बच्चों के मुँह लाल-लाल दानों से भरे होते हैं। मच्छरों के कारण घर-घर में मलेरिया फैला हुआ है। प्रायः सभी घरों में कोई-न-कोई मलेरिया का रोगी मिल जाएगा। इन मच्छरों के कारण स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

हमारे क्षेत्र में मच्छरों की अधिकता का बड़ा कारण है-पानी के जमे हुए तालाब और गली-मुहल्लों में फैली चौड़ी-चौड़ी खुली नालियाँ। उन कच्ची नालियों को व्यवस्थित करने की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। मुहल्ले के जमादार सफाई की ओर ध्यान नहीं देते, इसलिए नालियों में सदा मल जमा पड़ा रहता है। लोग अपने घरों के गन्दे जेल को बाहर यूँ ही बिखरा देते हैं, जिससे मार्गों के गड्ढे भर जाते हैं। हमने कई बार निवेदन किया है कि मारे क्षेत्र के तालाब को भरवा दिया जाए, जिससे मच्छरों का मुख्य अड्डा समाप्त हो जाए, किन्तु इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया।

इस बार अत्यधिक वर्षा के कारण जगह-जगह जल का जमाव हो गया है। सभी जगह कीचड़, मल और बदबूदार जले का प्रकोप है। अतः मैं पुन: सुभाष नगर के निवासियों की ओर से आपसे अनुरोध करता हूँ कि मच्छरों को समाप्त करने के लिए सार्वजनिक रूप से क्षेत्र में मच्छरनाशक दवाई छिड़कवाने की व्यवस्था की जाए। मलेरिया से बचने के लिए कुनीन बाँटने तथा पूरे क्षेत्र की सफाई के व्यापक प्रबन्ध किये जाएँ। आशा है आप शीघ्र कार्यवाही करेंगे।

धन्यवाद सहित।

भवदीय
क ख ग
मंत्री, मुहल्ला सुधार समिति
सुभाष नगर।

दिनांक : 19 जुलाई, 2016

प्रश्न 2.
दिल्ली नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखकर उनसे अपने मुहल्ले की सफाई कराने का अनुरोध कीजिए।
या
अपने क्षेत्र की गन्दगी की ओर ध्यान आकर्षित कस्ते हुए स्वास्थ्य अधिकारी/ उपजिलाधिकारी को एक पत्र लिखिए।
या
अपने गली-मुहल्ले की नालियों की समुचित सफाई के लिए नगरपालिका के अध्यक्ष को एक पत्र लिखिए।
या
नगर की सफाई हेतु नगरपालिका को एक पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
दिल्ली नगर निगम,
दिल्ली।

विषय-मुहल्ले की सफाई कराने हेतु प्रार्थना-पत्र।

श्रीमान,
हम आपका ध्यान मुहल्ले की सफाई सम्बन्धी दुरवस्था की ओर खींचना चाहते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे मुहल्ले की सफाई हेतु नगर निगम का कोई सफाई कर्मचारी गत दस दिनों से काम पर नहीं आ रहा है। घरों की सफाई करने वाले कर्मचारियों ने भी मुहल्ले में स्थान-स्थान पर गन्दगी और कूड़े-कर्कट के ढेर लगा दिये हैं। इसका कारण सम्भवतः यह भी है कि आसपास कूड़ा-करकट तथा गन्दगी डालने के लिए कोई निश्चित स्थान नहीं है।

आज स्थिति यह है कि मुहल्ले का वातावरणं अत्यन्त दूषित तथा दुर्गन्धमय हो गया है। मुहल्ले से गुजरते हुए नाक बन्द कर लेनी पड़ती है। चारों ओर मक्खियों की भिनभिनाहट है। रोगों के कीटाणु प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। नालियों की सफाई न होने के कारण मच्छरों का प्रकोप इस सीमा तक बढ़ गया है कि दिन का चैन और रात की नींद हराम हो गयी है।

वर्षा पाँच-सात दिनों में प्रारम्भ होनी सम्भावित है। यथासमय मुहल्ले की सफाई न होने पर मुहल्ले की दुरवस्था का अनुमान लगाना कठिन है। अतः आपसे हम मुहल्ले वालों का निवेदन है कि आप यथाशीघ्र मुहल्ले का निरीक्षण करें तथा सफाई का नियमित प्रबन्ध करवाएँ, अन्यथा मुहल्ला निवासियों के स्वास्थ्य पर उसका कुप्रभाव पड़ने की आशंका है।

आपकी ओर से उचित कार्यवाही के लिए हम प्रतीक्षारत हैं।

दिनांक : 5 जून, 2017

प्रार्थी
…………………………….. नगर
ब्लॉक-डी के निवासी।

प्रश्न 3.
आपके नगर में प्रदूषित पानी पीने से दस्त व हैजे के रोगी बढ़ रहे हैं। नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराएँ।
उत्तर:
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिक्रारी,
कटनी नगरपालिका, कटनी।

विषय-प्रदूषित पानी से महामारी की आशंका।

महोदय,
पिछले कुछ समय से हमारे क्षेत्र में पीने का शुद्ध पानी नहीं आ रहा है। पानी का स्वाद भी कुछ बदला हुआ-सा है। इस पानी को पीने से लोगों को कई तरह के रोगों का सामना करना पड़ रहा है तथा दस्त व हैजे की आम शिकायत बनी हुई है। पानी को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि इसका रंग कुछ मटमैला-सा है। हमारे क्षेत्र से एक सीवरेज पाइप भी गुज़रती है। इस बात की सम्भावना है कि पानी की पाइप में सीवरेज का गन्दा पानी मिल रहा हो। लोगों को पीने के पानी के लिए इसी पाइप लाइन का सहारा लेना पड़ता है। अगर इसी तरह प्रदूषित जल की आपूर्ति होती रही तो किसी महामारी की समस्या खड़ी हो सकती है। बीमारों की निरन्तर बढ़ती संख्या चिन्ता का कारण है। आपसे अनुरोध है कि हमारे क्षेत्र की पानी के पाइप लाइन की जाँच करवाएँ तथा उसे अति शीघ्र ठीक करवाएँ।
आशा है, आप हमारी समस्या को गम्भीरता से लेंगे।
धन्यवाद !
दिनांक : 10 जून, 2017

भवदीय
असलम, रहीम, रहमान,
कादिर, मनीष, कल्पना

प्रश्न 4.
अपने क्षेत्र में व्याप्त गन्दगी के कारण उत्पन्न डेंगू व मलेरिया जैसी भयंकर बीमारियों की जानकारी किसी दैनिक पत्र के सम्पादक को देते हुए पत्र लिखिए।
या
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपके क्षेत्र की गन्दगी की ओर कोई ध्यान न दिये जाने पर किसी दैनिक पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।
उत्तर:

राकेश शुक्ला
प्रधान
‘मेरा मेरठ : स्वच्छ मेरठ
जागृति विहार, मेरठ
दिनांक : 19 सितम्बर, 2017

श्रीमान सम्पादक महोदय,
दैनिक जागरण,
मोहकमपुर, दिल्ली रोड
मेरठ-250 002

विषय-क्षेत्र की गन्दगी से उत्पन्न समस्याओं तथा स्वास्थ्य विभाग की उपेक्षा के सम्बन्ध में।

महोदय,
आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से मैं मेरठ प्रशासन तथा उसके वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान मेरठ के नगरीय क्षेत्र मलियाना, कासमपुर, तारापुरी, ब्रह्मपुरी में व्याप्त गन्दगी तथा इसके दुष्प्रभाव की ओर आकृष्ट करना चाहता हूँ। आपसे अनुरोध है कि मेरे इस पत्र को ‘जनवाणी’ शीर्षक स्तम्भ में प्रकाशित करने का कष्ट करें। ये सभी ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ मध्यम तथा निम्न आय वर्ग एवं गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग रहते हैं। ये चारों ही क्षेत्र प्रत्येक स्तर पर उपेक्षित रहे हैं। इस बार वर्षा की अधिकता के कारण इन क्षेत्रों में स्थान-स्थान पर पानी भर गया है तथा इनके पास बहने वाला नाला भी पानी से भर गया है। पानी के इस भराव के कारण चारों ओर गन्दगी तथा दुर्गन्ध व्याप्त हो गयी है तथा मच्छरों के पनपने के कारण मलेरिया और डेंगू फैल रही है। आये दिन इन रोगों से ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। खेद का विषय है कि अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराये जाने पर भी उनकी ओर से इस समस्या के समाधान के लिए गम्भीरतापूर्वक कोई प्रयास नहीं किये गये। प्रशासन की इस उपेक्षा के कारण इन क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को अपने स्वास्थ्य को लेकर चिन्तित होना स्वाभाविक है।।

अपनी संस्था की ओर से मेरा नगर के उच्च पदाधिकारियों तथा नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह है कि इससे पूर्व कि स्थिति अत्यन्त भयावह होकर अनियन्त्रित हो जाए, इस समस्या को अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुए तत्काल इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएँ।

सधन्यवाद!
दिनांक : ……………

भवदीय
राकेश शुक्ला

प्रश्न 5.
शुल्क मुक्ति हेतु अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
श्रीयुत् प्रधानाचार्य,
जवाहर पब्लिक स्कूल,
जनकपुरी, दिल्ली-18
मान्यवर महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा 12 (B) का विद्यार्थी हूँ। मेरे पिताजी अपने छोटे से व्यवसाय द्वारा बड़ी कठिनाई से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कमरतोड़ महँगाई के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घर में प्रायः आवश्यक वस्तुओं का अभाव रहता है। मेरे 4 भाई-बहन विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई-लिखाई आदि के खर्चे का मानसिक बोझ पिताजी के सिर पर सदा रहता है।

मैं अपनी कक्षा का परिश्रमी छात्र हूँ और कक्षा में सदा प्रथम स्थान प्राप्त करता रहा हूँ। खेलकूद में भी मेरी अच्छी रुचि है। मैं सीनयर ग्रुप फुटबॉल का कप्तान भी हूँ।

अतः आपसे निवेदन है कि मुझे विद्यालय शुल्क से पूर्ण मुक्ति प्रदान करें, जिससे मैं अध्ययनरत रहकर अपने भविष्य को सँवार सकें। मेरे अभिभावक आपके अत्यन्त आभारी रहेंगे।

आपका आज्ञाकारी शिष्य
सतीश शर्मा
कक्षा-12 (B)

दिनांक : ……………

प्रश्न 6.
बिजली-समस्या के निराकरण हेतु अपने जिले के बिजली विभाग को एक शिकायती पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
बिजली विभाग,
मेरठ

विषय–बिजली की अनियमित आपूर्ति

मान्यवर,
हम जैन नगर कालोनी के निवासी आपका ध्यान बिजली समस्या की ओर आकर्षित कराना चाहते हैं। पानी तथा अन्य कार्यों के लिए बिजली की सर्वाधिक आवश्यकता ग्रीष्म काल में ही होती है और हम सब अप्रैल के प्रारम्भ से ही अनुभव कर रहे हैं कि भरपूर गर्मी प्रारम्भ होने से पूर्व ही बिजली की आपूर्ति कम हो गई है। बिजली जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। कोई भी लोकप्रिय सरकार इसकी उपेक्षा नहीं करती।।

हमारी कालोनी में बिजली आपूर्ति प्रारम्भ और बन्द होने का कोई समय भी निर्धारित नहीं है। हमारी कालोनी से एक प्रतिनिधि मण्डल इस सम्बन्ध में बिजली आपूर्ति अधिकारी से भी मिला था और उन्होंने एक सप्ताह में बिजली-आपूर्ति बढ़ाने का वचन दिया था। खेद है कि आज तीन सप्ताह व्यतीत हो जाने पर भी कोई कार्यवाही इस सम्बन्ध में नहीं हुई है।

इस स्थिति में आपसे हमारा निवेदन है कि कृपया हमारी समस्या की ओर ध्यान दें और इसका शीघ्र समाधान करायें। यदि बिजली-आपूर्ति तुरन्त बढ़ाना सम्भव नहीं हो तो कम से कम उसका समय तो निर्धारित किया जा सकता है।
शीघ्र कार्यवाही की आशा में।

हम हैं आपके जैन नगर निवासी
(1) ………………………….
(2) …………………………
(3) …………………………
(4) …………………………

दिनांक : ………………………

प्रश्न 7.
किसी संसाचार-पत्र के सम्पादक को अपने मुहल्ले में लाउडस्पीकर के कारण पढ़ाई में आने वाले व्यवेधान की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
सम्पादक महोदय,
दैनिक जागरण, मेरठ।।

विषय–परीक्षा के समय लाउडस्पीकर आदि पर रोक।

मान्यवर,
निवेदन यह है कि प्रायः सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं का आयोजन मार्च और अप्रैल माह में होता है। विद्यार्थी अपने भविष्य को दाँव पर लगाने के लिए बड़ी लगन व उत्साह से अध्ययनरत रहते हैं। थोड़ी-सी अशान्ति और शोरगुल से वे अधीर और आतुर हो उठते हैं। परीक्षा : की तैयारी के समय वे एकान्त, शान्त व एकाग्रचित रहना चाहते हैं।

देखा गया है कि उक्त दोनों महीनों में वातावरण बड़ा अस्थिर व अशान्त रहता है। विवाह-लग्नों की धूम के कारण लाउडस्पीकर और वाद्य-यन्त्रों का शोर मच जाता है। बैण्ड-बाजों की कर्कश ध्वनि मानो पागलै-सा बना देती है। विद्यार्थी अपना सिर थाम लेते हैं। फलस्वरूप झगड़े और फिसाद खड़े हो जाते हैं।

इस वर्ष भी मार्च और अप्रैल महीनों में बहुत शादियाँ हैं। अत: प्रशासन को शीर्ष सतर्क और सावधान होकर लाउडस्पीकर और वाद्य-यन्त्रों पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए, अन्यथा गत वर्ष की तरह हिंसा की वारदातें पुनर्जीवित हो सकती हैं।

जिला प्रशासन से हमारा अनुरोध है कि परीक्षा की इन अमूल्य घड़ियों में शोरगुल व बैण्ड-बाजों की कर्कश कटु ध्वनि पर प्रतिबन्ध लगा दें और विवाह-लग्न के अवसर पर धीमा संगीत रखने के आदेश जारी किये जाएँ।

मोहन लाल गुप्त
अध्यक्ष,
भारतीय विद्यार्थी परिषद्
मेरठ।।

दिनांक : …………………

We hope the UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सफाई हेतु सम्बन्धित अधिकारी को प्रार्थना-पत्र, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध are part of UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Name सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध

भारतीय समाज में नारी का स्थान

सम्बद्ध शीर्षक

  • भारतीय समाज में स्त्रियों की स्थिति
  • आधुनिक भारत में नारी का स्थान
  • आधुनिक नारी
  • स्वातन्त्र्योत्तर भारत में महिलाओं की स्थिति
  • भारतीय नारी: आज और कल
  • नारी सम्मान: भारतीय संस्कृति की पहचान
  • नारी-चिन्तन को बदलता स्वरूप

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-1
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-2
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-3
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-4
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-5
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-6

भारतीय नारी की समस्याएँ

सम्बद्ध शीर्षक

  • कामकाजी महिलाओं की समस्याएँ
  • आधुनिक समाज में नारी की समस्याएँ

प्रमुख विचार-बिन्दु

  1. प्रस्तावना : वैदिक काल में नारी,
  2. मध्यकाल में नारी,
  3. आधुनिक काल में नारी,
  4. संविधान द्वारा दिये गये अधिकार,
  5. कामकाजी महिलाओं की समस्याएँ,
  6. कामकाज से इतर महिलाओं की समस्याएँ,
  7. उपसंहार

प्रस्तावना : वैदिक काल में नारी-भारत में महिलाओं का स्थान कुछ वर्षों पहले तक घर-परिवार की सीमाओं तक ही सीमित माना जाता रहा है। प्राचीन भारत में नारी के पूर्ण स्वतन्त्र तथा सभी प्रकार के दबावों से पूर्ण मुक्त रहने के विवरण मिलते हैं। उस समय वे अपनी पारिवारिक स्थिति के अनुसार इस प्रकार की शिक्षा प्राप्त किया करती थीं; क्योंकि तब शिक्षा-प्रणाली आश्रम-व्यवस्था पर आधारित थी। इस कारण नारियाँ भी उन आश्रमों में पुरुषों के समान रहकर ही शिक्षा प्राप्त किया करती थीं। गार्गी, मैत्रेयी, अरुन्धती जैसी महिलाओं के विवरण भी मिलते हैं कि वे मन्त्र-द्रष्टा थीं। अपने पतियों के साथ आश्रमों में रहकरवहाँ की सम्पूर्ण व्यवस्था की, वहाँ रहने वाले अन्य स्त्री-पुरुष व विद्यार्थियों; यहाँ तक कि आश्रमवासी पशु-पक्षियों तक की वे देखभाल किया करती थीं। महर्षि वाल्मीकि और कण्व के आश्रमों में भी नारियों के निवास के विवरणं मिलते हैं। इस प्रकार कहा जा सकता है कि वैदिक काल में नारी सुरक्षित तो होती ही थी, प्रत्येक प्रकार से स्वतन्त्र भी हुआ करती थी। फिर भी ऐसे विवरण कहीं नहीं मिलते कि घर-गृहस्थी चलाने के लिए उसे कहीं काम करके धनोपार्जन भी करना पड़ता था। गृहस्वामिनी एवं माँ के रूप में उसे पिता एवं आचार्य से भी उच्च स्थान प्राप्त था। महाभारत में उल्लेख भी है कि “गुरुणां चैव सर्वेषां माता परमं को गुरुः।”

मध्यकाल में नारी–इतिहास के अध्ययन से स्पष्ट है कि मध्यकाल में आकर नारी पूर्णरूपेण घरपरिवार की चारदीवारी में बन्द होकर रह गयी थी। यह काल नारियों के लिए अवनति का काल था। भोग-विलास की प्रवृत्ति बढ़ जाने के कारण नारी के शारीरिक पक्ष को अधिक महत्त्व दिया जाने लगा। मध्यकालीन कुरीतियों में सती–प्रथा, बाल-विवाह और विधवाओं को हेय दृष्टि से देखना प्रमुख थीं । इस काल के सन्तों एवं सिद्ध कवियों ने भी नारी के प्रति अत्यन्त कटु दृष्टिकोण अपनाया—

नारी तो हम भी करी, जाना नहीं बिचार।।
जब जाना तब परिहरी, नारी बड़ा बिकार॥
नारी की झाँई परत, अंधा होत भुजंग।
कबिरा तिन की कौन गति, जेनित नारी के संग ।।।

(कबीरदोस)

आधुनिक काल में नारी-अंग्रेजों के आगमन के बाद, कुछ उनके और कुछ उनकी चलाई शिक्षादीक्षा के, कुछ यहाँ चलने वाले अनेक प्रकार के शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक आन्दोलनों के प्रभाव से भारतीय नारी को घर-परिवार से बाहर कदम रखने का अवसर मिला। इस काल में महान् समाज-सुधारक’राजा राममोहन राय ने सती–प्रथा की समाप्ति, विधवाओं के पुनर्विवाह, स्त्री-शिक्षा आदि पर जोर दिया। महात्मा गाँधी मे अछूतोद्धार की भॉति नारी मुक्ति के लिए भी प्रयास किया। समाज-सुधारकों के सामूहिक प्रयास, देश में सामाजिक और राजनीतिक चेतना के प्रादुर्भाव, पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव तथा प्रगतिशील विचारधा ने नारी दासता की बेड़ियों को काटा और वह मुक्ति की ओर अग्रसर हुई। आज नारी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्याप्त है। वह राजनीतिज्ञ, राजनयिक, विधिवेत्ता, न्यायाधीश, प्रशासक, कवि, चिकित्सकै आदि के रूप में समाज को अपना योगदान दे रही है।

संविधान द्वारा दिये गये अधिकार स्वतन्त्रता मिलने के पश्चात् लागू भारतीय संविधान में (अनुच्छेद 14 और 15) पुरुषों और स्त्रियों की पूर्ण समानता की गारण्टी दी गयी तथा लैंगिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव न करने की बात कही गयी। हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 में लड़की को लड़के के समान सह-उत्तराधिकारी बना दिया गया। हिन्दू विवाह अधिनियम, 1956 ने विशेष आधारों पर विवाह के सम्बन्ध को समाप्त करने की अनुमति दी। दहेज को अवैध घोषित किया गया तथा इसके लिए सजा की व्यवस्था की गयी। दहेज की विकरालता को देखते हुए सन् 1961 में एक दहेज विरोधी कानून बनाया गया।

बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में नारी ने लगभग प्रत्येक आन्दोलन में पुरुषों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर योगदान दिया है तथा समाज की प्रत्येक समस्या के विरुद्ध अपनी आवाज उठायी है। शोषण की घटनाओं के विरुद्ध तो उसने शक्तिशाली प्रतिक्रियाएँ व्यक्त की हैं। यह इस बात का संकेत है कि महिलाओं में पर्याप्त जागरूकता आयी है। नारियों को विभिन्न स्तरों पर आरक्षण देने की बातें हो रही हैं, परन्तु संविधान में यह व्यवस्था अभी तक नहीं की जा सकी है।

कामकाजी महिलाओं की समस्याएँ--अभाव और महँगाई से दो-चार होने के लिए महिलाओं को कुछ मात्रा में स्वतन्त्रता-प्राप्ति से पहले और अधिकतर स्वतन्त्रता-प्राप्ति के बाद कई तरह के काम-काज का भी सहारा लेना पड़ा। पुरुषों एवं महिलाओं को एक वर्ग यह समझता है कि कामकाजी नारी की समस्त समस्याएँ समाप्त हो जाती हैं। नौकरी मिलते ही नारी नारीत्व के अभिशापों से मुक्त हो जाती है, परन्तु वस्तुस्थिति सर्वथा भिन्न है, यथा—

(1) नारी कामकाजी महिला बनने का निर्णय लेने में स्वतन्त्र नहीं होती है। विवाह के पहले माता-पिता और बाद में ससुरालीजनों की इच्छा पर निर्भर रहता है कि वह कामकाजी बनी रहे अथवा नहीं।
(2) कामकाजी होने पर भी महिला आर्थिक दृष्टि से स्वतन्त्र नहीं बन पाती है। उसको अपनी कमाई का हिसाब घरवालों को देना पड़ता है। प्राय: यह भी देखने में आता है कि ससुराल वाले विवाह के पूर्व की जाने वाली उसकी कमाई का भी हिसाब माँगते हैं।
(3) दोहरी जिम्मेदारी कामकाजी महिलाओं को नौकरी से लौटकर घरेलू, कार्य करने पड़ते हैं। अत: एक अतिरिक्त जिम्मेदारी सँभालकर भी कामकाजी महिलाएँ अपनी पूर्व जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो पायी हैं।
(4) बच्चों की परवरिश-कामकाजी महिलाओं के पास बच्चों को देने के लिए समय का अभाव होता है। फलतः उनके बच्चे संस्कारित नहीं हो पाते और उनका भविष्य बिगड़ जाने की सम्भावना रहती है।
(5) समाज में बदनामी-आधुनिक युग में भी स्त्रियों को नौकरी करना उचित नहीं माना जाता। बहू को नौकरी नहीं करने देने के लिए सास-ससुर, देवर-ज्येष्ठ और पति तक भी तनकर खड़े हो जाते हैं।
(6) परिजनों का शक-नौकरी-पेशा करने वाली महिलाएँ चरित्र के प्रति सन्देह की समस्या से कभी नहीं उबर पाती हैं। कार्यालय में किसी भी कारण से थोड़ी भी देर हो जाए तो परिजनों, विशेषकर पति की शक की निगाहें उसे अन्दर तक बेध डालती हैं। यह समस्या उस वक्त और भी बढ़ जाती है, जब महिला कोई स्टेनो या सेक्रेटरी हो।
(7) यौनशुचिता-आज भी स्त्री की सबसे बड़ी समस्या उसकी यौन शुचिता है। ऑफिस में किसी भी मुस्कराहट या स्पर्श से भी वह दूषित हो जाती है। यौन शुचिता का यह परिवेश नारी को खुलकर कार्य करने से रोकता है तथा उसकी प्रतिभा को कुण्ठित करता है।
(8) यौन-शोषण-सरकारी कार्यालयों में कार्य करने वाली महिलाएँ पूर्ण तो नहीं, किन्तु अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। सरकारी कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं के भी यौन-शोषण होते हैं, किन्तु निजी संस्थानों में अथवा मजदूरी करने वाली महिलाओं की दशा तो अत्यधिक दारुण है।
(9) वरीयता का मापदण्ड योग्यता नहीं--प्राइवेट संस्थानों के रोजगार विज्ञापनों में स्मार्ट, सुन्दर वे आधुनिक महिलाओं की वरीयता यह प्रश्न खड़ा करती है कि कार्यक्षमता के आधार पर आगे बढ़ने वाले। निजी संस्थानों का काम क्या स्मार्ट, सुन्दर व आधुनिक महिलाएँ ही सँभाल सकती हैं ? योग्यता कोई मापदण्ड नहीं? यह भी एक बीमारे मानसिकता की परिचायक है।
(10) परिधान कामकाजी महिलाओं के लिए परिधान (ड्रेस) बहुत बड़ी समस्या रहती है। वह जरा-सी भी सज-सँवर करके चले तो उस पर फब्तियाँ कसी जाती हैं, उसको तितली अथवा फैशन परेड की नारी कहा जाता है।
(11) पुरुषों की अपेक्षा सौतेला व्यवहार–महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम वेतन दिया जाता है। तथा पुरुषों की तुलना में इनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। पहले विमान परिचारिकाओं के गर्भवती होते ही उन्हें सेवा-मुक्त कर दिया जाता था। लम्बे संघर्ष के उपरान्त अब विमान परिचारिकाओं ने माँ बनने का अधिकार पाया है।
(12) बाहरी दौरे कार्य के लिए अपने गृह जिले के बाहर जाना भी कामकाजी महिलाओं की एक प्रमुख समस्या है। घर की जिम्मेदारी, शील व गरिमा की चिन्ता, पति व बच्चों से आत्मीयता आदि उसे दौरे पर जाने से रोक देते हैं।
(13) रात्रि ड्यूटी–कामकाजी महिलाओं के लिए रात्रि ड्यूटी करना बहुत कठिन होता है। लोगों की शक की निगाहें मुसीबत कर देती हैं। अस्पतालों में रात्रि की पारी में काम करने वाली नर्से, बड़े होटलों में काम करने वाली महिलाएँ अपनी ड्यूटी सुरक्षित निकालकर सुकून का अनुभव करती हैं।
(14) नारी की नौकरी यदि पति की अपेक्षा श्रेष्ठ होती है तो उसको पति की हीन भावना का भी शिकार होना पड़ता है।
(15) नौकरी करते हुए पति-पत्नी एक ही स्थान पर कार्यरत रहें, तब तो कुछ ठीक है, अन्यथा उनको दाम्पत्य तथा गृहस्थ जीवन समाप्त हो जाते हैं, वैसे भी कामकाजी महिलाओं की गृहस्थी अव्यवस्थित तो हो ही जाती है।
(16) कुछ कामकाजी महिलाओं के लिए तो नौकरी अभिशाप बन जाती है। ऐसा प्रायः उन महिलाओं के साथ होता है, जिनके पतियों की आमदनी कम होती है, अथवा पति शराबी व कुमार्गी होते हैं। ऐसे पति अपनी पत्नी की आमदनी को भी उड़ाने के लिए पत्नी को भाँति-भाँति से उत्पीड़ित एवं प्रताड़ित करते हैं।

कामकाज से इतर महिलाओं की समस्याएँ-सुधारों की गर्जना तथा संवैधानिक प्रयास नारी की मौलिक समस्याओं को सुलझा नहीं सके हैं। संविधान ने नारी को मताधिकार एवं सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने का अधिकार दे दिया है, परन्तु समाज की दृष्टि में नारी को आज भी पुरुष की अंकशायिनी और दासी ही माना जाता है। हम आज भी अनेकानेक नारियों के उत्पीड़न, आत्मदाह तथा उनकी हत्या के समाचार सुनते रहते हैं। इनमें नौकरी करने वाली यानी कामकाजी महिलाएँ भी सम्मिलित हैं। आज भी.दहेज का दानव नारी के जीवन को त्रस्त किये हुए है। विधवा-विवाह के नाम पर आज भी लोग नाक-भौंह सिकोड़ते हैं। नारी की उन्नति के नाम पर हम कितनी भी बातें करें, परन्तु नारी आज भी उपेक्षित है। वह घर-परिवार में एक सामान्य नारी से अधिक कुछ नहीं है। आज भी गर्भ में बच्ची (लड़की) को मार दिया जाता है तथा प्रसूति के समय दूषित प्रकृति का शिकार होना पड़ता है। अपनी रक्षा के लिए मुस्तैद नारी पर लोग तरह-तरह की फब्तियाँ कसते हैं।

उपसंहार–महिला हो या पुरुष, काम करना किसी के लिए भी अनुचित या बुरा नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि समाज की मानसिकता, घर-परिवार और समूचे जीवन की परिस्थितियाँ ऐसी बनायी जाएँ, ऐसे उचित वातावरण का निर्माण किया जाए कि कामकाजी महिला भी पुरुष के समान व्यवहार और व्यवस्था पा सके। नारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए फैमिली कोर्ट बनाये जाने चाहिए और उनके प्रति किये जाने वाले आपराधिक मामलों में तकनीकी नहीं, व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। दहेज, बलात्कार, अपहरण आज की नारी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियाँ हैं। नारियों के समर्थन में किये ज़ाने वाले हमारे आन्दोलन पश्चिम के अन्धानुकरण को लेकर नहीं होने चाहिए। उनको भारतीय गृहिणी के आदर्शों के अनुरूप ढालने का प्रयास करना चाहिए। पाश्चात्य चिन्तन के अन्धानुकरण से इस देश की नारियों को भी जल्दी-जल्दी तलाक, अवैध शिशु-जन्म आदि समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि जब तक नारी के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव नहीं आएगा, तब तक नारी का जीवन त्रस्त ही बना रहेगा। भारतीय नारी की मुक्ति के लिए सांस्कृतिक आन्दोलन की आवश्यकता है, संविधान और कानून तो उसमें सिर्फ मददगार हो सकते हैं।

वर्तमान समाज पर दूरदर्शन

सम्बद्ध शीर्षक

  • दूरदर्शन : एक वरदान अथवा अभिशाप
  • मेरे जीवन पर दूरदर्शन का प्रभाव
  • दूरदर्शन : गुण एवं दोष का प्रभाव
  • दूरदर्शन और भारतीय समाज
  • दूरदर्शन : लाभ-हानि
  • दूरदर्शन और आधुनिक जीवन
  • दूरदर्शन का शैक्षिक उपयोग

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-7
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-8
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-9
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-10
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-11
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-12
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-13
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध img-14
We hope the UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi सामाजिक व सांस्कृतिक निबन्ध, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र are part of UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Name नियुक्ति आवेदन-पत्र
Number of Questions 3
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र

कुछ महत्वपूर्ण बातें

  1. अन्य पत्रों के समान आवेदन तथा प्रर्थनापत्र में पत्र-लेखक अपना नाम-पतादि प्रारम्भ में नहीं लिखता और न ही प्रारम्भ में दिनांक लिखा जाता है। आंवेदक अपना पता पत्र-समाप्ति पर अन्त में हस्ताक्षर के नीचे दायीं ओर लिखता है और बायीं ओर दिनांक लिखा जाता है।
  2. इन पत्रों का प्रारम्भ प्रथम पंक्ति में बायीं ओर कोने में ‘सेवा में या ‘प्रति’ लिखने से होता है।
  3. ‘सेवा में लिखकर दूसरी पंक्ति में बायीं ओर से कुछ स्थान छोड़कर उद्दिष्ट अधिकारी का पदनाम और पता लिखा जाता है।
  4. सम्बोधन के रूप में मान्यवर/मान्य महोदय/महोदया लिखना चाहिए।
  5. निवेदन प्रारम्भ करते हुए प्रारम्भिक विनय-वाक्य लिखना चाहिए; जैसे-सादर निवेदन है।सविनय निवेदन है आदि।।
  6. आवेदन का सम्पूर्ण कथ्य लिखने के उपरान्त शिष्टाचार के लिए सधन्यवाद लिखना चाहिए।
  7. स्वनिर्देश के रूप में भवदीय/विनीत/प्रार्थी लिखना चाहिए। स्वनिर्देश के नीचे हस्ताक्षर और पूरा पता देना चाहिए।
  8. अन्त में संलग्न प्रपत्रों की सूची देनी चाहिए।

आवेदन-पत्र की दो शैलियाँ होती हैं—

  1. प्रपत्र शैली तथा
  2. पत्र शैली। दोनों ही शैली के उदाहरण यहाँ दिये जा रहे हैं।

प्रश्न 1.
लिपिक पद हेतु हिन्दी में प्रपत्र शैली में एक आवेदन-पत्र लिखिए।
या
अपनी शैक्षिक योग्यताओं का उल्लेख करते हुए किसी उद्योग प्रबन्यक को लिपिक के पद पर नियुक्ति हेतु एक आवेदन-पत्र लिखिए।
या
अपने जनपद के जिलाधिकारी को उनके कार्यालय में रिक्त लिपिक पद पर नियुक्ति पाने के लिए एक आवेदन-पत्र लिखिए।
या
प्रधानाचार्य प्रबन्धक महोदय को लिपिक पद पर नियुक्ति हेतु एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर:
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र img-1
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र img-2
9. शुल्क विवरण-पोस्टल आर्डर संलग्न (संख्या 05921, दिनांक …………………………………) मैं घोषणा करती हूँ कि आवेदित पद के लिए सभी निर्धारित अर्हताएँ मुझमें हैं। मैंने जो सूचनाएँ इस आवेदन-पत्र में दी हैं, वे सही हैं। यदि इनमें से कोई भी जानकारी गलत पायी जाये तो मेरी उम्मीदवारी निरस्त कर दी जाये।।
10. संलग्नकों की संख्या : तीन
दिनांक : 14 मई, 2014

भवदीया
हस्ताक्षर
[ नाम …………………………………..]

प्रश्न 2.
सहायक अध्यापक पद के लिए पत्र शैली में शिक्षा-निदेशक के नाम एक आवेदन-पत्र लिखिए।
या
किसी विद्यालय के प्रबन्धक के नाम हिन्दी प्रवक्ता पद हेतु अपनी नियुक्ति के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
या
अपने जनपद के किसी विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए अपना आवेदन-पत्र विद्यालय-प्रबन्धक को प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
सेवा में,
शिक्षा निदेशक
लखनऊ

विषय-सहायक अध्यापक पद के लिए आवेदन-पत्र।

महोदय,
दिनांक 11 मार्च, 2010 के ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में प्रकाशित आपके विज्ञापन के उत्तर में मैं हिन्दी में सहायक अध्यापक पद के लिए आवेदन कर रहा हूँ। मेरी शैक्षणिक योग्यताओं एवं अन्य जानकारियों का विवरण इस प्रकार है–
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र img-3
अन्य गतिविधियाँ-विद्यालय तथा महाविद्यालय स्तर पर हुई वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार विजेता, कुछ एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल संचालन का अनुभवे।

स्थायी पता-15A, सी-ब्लॉक, शास्त्रीनगर, मेरठ।
मेरी अध्यापन में अत्यधिक रुचि है। यदि आपने इस पद का उत्तरदायित्व मुझे सौंपा, तो मैं पूर्ण निष्ठा से उसका निर्वाह करूंगा तथा कभी शिकायत का अवसर नहीं दूंगा।।
सेवा का अवसर प्रदान कर कृतार्थ करें।
धन्यवाद!

भवदीया

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र img-4

प्रश्न 3.
बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राइमरी शिक्षक के पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
या
समाचार-पत्र में दिये गये विज्ञापन के आधार पर सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हेतु अपने जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक आवेदन-पत्र लिखिए।
या
समाचार-पत्र में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर नियुक्ति हेतु अपने जनपद के जिला पंचायत राज अधिकारी को एक आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर:
सेवा में,
बेसिक शिक्षा अधिकारी,
मेरठ (उ० प्र०)

विषय-प्राइमरी शिक्षक के पद हेतु आवेदन-पत्र।

महोदय,
आपके कार्यालय द्वारा कल दिनांक ………….. को दैनिक जागरण में प्रकाशित विज्ञापन के प्रत्युत्तर में मैं अपना आवेदन-पत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ। मुझसे सम्बन्धित विवरण निम्नवत् है-
UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र img-5
शैक्षणिक योग्यताएँ—

  1. 2002 ई० में उ० प्र० बोर्ड से 62% अंक लेकर हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण की।
  2. 2004 ई० में उ० प्र० बोर्ड से 61% अंक लेकर इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की।
  3. 2006 ई० में दो वर्षीय बी० टी० सी० प्रशिक्षण कोर्स (उ० प्र०) से किया।

अनुभव-सितम्बर 2006 से अब तक जनता विद्यालय, मेरठ में प्राथमिक शिक्षक के रूप में कार्य कर रहा हूँ।
आशा है कि आप सेवा का अवसर प्रदान कर कृतार्थ करेंगे।
दिनांक …………………………….

भवदीय
रूपेश कुमार

संलग्नक-सभी प्रमाण-पत्रों की सत्यापित प्रतिलिपियाँ व अनुभव प्रमाण की मूल प्रति।

We hope the UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi नियुक्ति आवेदन-पत्र, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.