UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions

UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions (सम्बन्ध एवं फलन) are part of UP Board Solutions for Class 12 Maths. Here we have given UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions (सम्बन्ध एवं फलन)

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject Maths
Chapter Chapter 1
Chapter Name Relations and Functions
Exercise Ex 1.1, Ex 1.2, Ex 1.3, Ex 1.4,
Number of Questions Solved 55
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions

Chapter 1 Relations and Functions Ex 1.1

We have to find the L.C.M of 12,18 and 24. Now,. Write the given number in their form of multiple.

प्रश्न 1.
निर्धारित कीजिए कि क्या निम्नलिखित सम्बन्धों में से प्रत्येक स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं
(i) से (iv) व उनके हल के लिए प्रश्नावली 1 (A) का प्रश्न 1 देखें।
(v) किसी विशेष समय पर किसी नगर के निवासियों के समुच्चय में निम्नलिखित सम्बन्ध R
(a) R = { (x, y) : x तथा y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं }
(b) R = { (x, y) : x तथा y एक ही मोहल्ले में रहते हैं }
(c) R = { (x, y) : x, y से ठीक-ठीक 7 सेमी लम्बा है }
(d) R = { (x, y) : x, y की पत्नी है}
(e) R = { (x, y) : x, y के पिता हैं }
हल :
(v) माना A = किसी विशेष समय पर किसी नगर के निवासियों का समुच्चय
(a)
R = { (x, y) : x तथा y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं }
R स्वतुल्य है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति उस नगर में उस विशेष समय पर कार्यरत है। R सममित है, क्योंकि x , y एक ही स्थान पर एक समय पर कार्यरत हैं तो y, x भी उसी स्थान पर उस समय कार्यरत हैं। R संक्रामक है, क्योंकि x, y तथा y, z एक नगर में एक ही समय पर कार्यरत हैं तो उस नगर में उसी समय x, z भी कार्यरत हैं।
अतः
स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।

(b)
R = { (x , y) : x तथा y एक ही मोहल्ले में रहते हैं }
R स्वतुल्य है, क्योंकि उस स्थान का प्रत्येक व्यक्ति वहीं पर रहता है। R सममित है, क्योकि x और y एक स्थान पर रहते हैं तथा उसी स्थान पर y और x भी रहते हैं। R संक्रामक है, क्योंकि x , y तथा y, z एक स्थान पर रहते हैं तब x , z भी उसी स्थान पर रहते हैं।
अतः
स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।

(c)
R = { (x,  y) : x, y से ठीक-ठीक 7 सेमी लम्बा है।
R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति अपने आप से 7 सेमी अधिक लम्बा नहीं हो सकता। R सममित नहीं है, क्योंकि  y, x से ठीक 7 सेमी अधिक लम्बा है तब  x, y से  7 सेमी लम्बा नहीं हो सकता। R संक्रामक नहीं है, क्योंकि  x, y से तथा  y, z से ठीक 7 सेमी लम्बे तो  x, y से ठीक 7 सेमी अधिक लम्बा नहीं हो सकता।
अतः
स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक में से कोई भी नहीं है।

(d)
R = { (x,  y) : x, y की पत्नी है}
R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि x स्वयं अपनी ही पत्नी नहीं हो सकती है। R सममित नहीं है, क्योंकि यदि  x, y की पत्नी है तो  y, x की पत्नी नहीं हो सकती। R संक्रामक नहीं है, क्योंकि यदि  x, y की पत्नी है तो  y किसी की भी पत्नी नहीं हो सकती।
अतः
स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक नहीं है।

(e)
R = { (x, y) : x, y के पिता हैं}
R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि x अपना ही पिता नहीं हो सकता। R सममित नहीं है, क्योंकि यदि  x, y का पिता है तो  y, x का पिता नहीं हो सकता। R संक्रामक नहीं है, क्योंकि x, y का y, z का पिता है तो x,  z का पिता नहीं हो सकता।
अतः
स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक नहीं है।

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The LCM of 12 and 16 is 48.

प्रश्न 2.
सिद्ध कीजिए कि वास्तविक संख्याओं के समुच्चय R में R = { (a, b) : a ≤ b2}, द्वारा परिभाषित सम्बन्ध R, न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
हल :
माना A = वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है और R = { (a, b) : a ≤ b2}

  1. R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि ,[latex s=2]\frac { 1 }{ 2 } [/latex], [latex s=2]\frac { 1 }{ 4 } [/latex] से कम नहीं है।
  2. R सममित नहीं है, क्योंकि a ≤ b2 तो b, a2 से कम या बराबर नहीं है, जैसे -2 < 52 परन्तु  5, 22 से कम नहीं है।
  3. R संक्रामक नहीं है, माना a = 2, b = -2 और c = -1 तब 2 < (-2)2, -2 < (-1)2 परन्तु  2, (-1)2 से कम नहीं है।

अत:
1,2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक नहीं है।

प्रश्न 3.
जाँच कीजिए कि क्या समुच्चय{ 1, 2, 3, 4, 5, 6 } में R = { (a, b) : b = a + 1} द्वारा परिभाषित सम्बन्ध R स्वतुल्य, सममित या संक्रामक है।
हल :
दिया है, A = {1, 2, 3, 4, 5, 6} तथा R = { a, b ) : b = a + 1}

  1. R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि  a, a + 1 के बराबर नहीं हो सकता।
    माना 4 = 1, 1, (1 + 1) = 2 के बराबर नहीं हो सकता।
  2. R सममित नहीं है, क्योंकि b = a + 1
    तब a ≠ b + 1 यदि b = 1 + 1 = 2, 1 ≠ 2 + 1
  3. R संक्रामक नहीं है, क्योंकि b = a + 1, c = b + 1
    तो c ≠ a + 1 यदि b = 1 + 1 = 2 तथा c = 2 + 1 = 3 तो 3 ≠ 1 + 1

अत:
1, 2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक नहीं है।

प्रश्न 4.
सिद्ध कीजिए कि R में R = { (a, b) : a ≤ b}, द्वारा परिभाषित सम्बन्ध R स्वतुल्य तथा संक्रामक है किन्तु सममित नहीं है।
हल :
माना R कोई वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R = { (a, b):a≤b}

  1. R स्वतुल्य है, क्योंकि a ≤ a ⇒ a = a
  2. R सममित नहीं है, क्योंकि a, b से कम है तब b, a से कम नहीं है।
    यदि 1, 2 से कम है तब 2, 1 से कम नहीं हो सकती।
  3. R संक्रामक है, क्योंकि  a ≤ b और b ≤ c तब a ≤ b

अत:
1, 2 व 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य और संक्रामक है परन्तु सममित नहीं है।

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प्रश्न 5.
वास्तविक संख्याओं के समुच्चय 5 में सम्बन्ध R, R = {(a, b): <b} द्वारा परिभाषित है, तो इसकी स्वतुल्यता, सममितता और संक्रमकता की जाँच कीजिए।
हल :
स्वतुल्यता :
UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions image 1
प्रश्न 6.
सिद्ध कीजिए कि समुच्चय {1,2,3} में R = { (1,2), (2,1) } द्वारा प्रदत्त सम्बन्ध R सममित है किन्तु न तो स्वतुल्य है और न संक्रामक है।
हल :
दिया है, A = {1, 2, 3} तथा R = { (1, 2), (2, 1) }

  1. R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि (1, 1), (2, 2), (3, 3) ∉ R
  2. R सममित है, क्योंकि (1, 2) ∈ R और (2, 1) ∈ R
  3. R संक्रामक नहीं है, क्योंकि R में केवल 2 ही अवयव हैं, जबकि संक्रामक होने के लिए तीन अवयव का होना आवश्यक हैं।

अत:
1, 2 व 3 से स्पष्ट है कि R न तो स्वतुल्य है और न ही संक्रामक है परन्तु R सममित है। इति सिद्धम्

प्रश्न 7.
सिद्ध कीजिए कि किसी कॉलेज के पुस्तकालय की समस्त पुस्तकों के समुच्चय A में R = { (x, y) : x तथा y में पेजों की संख्या समान है } द्वारा प्रदत्त सम्बन्ध R एक तुल्यता सम्बन्ध
हल :
दिया है, A किसी कॉलेज के पुस्तकालय की समस्त पुस्तकों का समुच्चय है। तथा R = { (x, y) : x तथा y में पेजों की संख्या समान है }

  1. R स्वतुल्य है, क्योंकि बराबर पृष्ठों वाली प्रत्येक पुस्तक में पृष्ठों की संख्या बराबर होगी।
  2. R सममित है, क्योंकि x, y पुस्तकों में पृष्ठ बराबर है तो y, x पुस्तकों में भी पृष्ठ बराबर होगे।
  3. R संक्रामक है, क्योंकि x, y तथा y, z पुस्तकों में पृष्ठ बराबर हैं तो x, z पुस्तकों में भी पृष्ठ बराबर होंगे।

अत:
1, 2 व 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है। इसलिए R तुल्यता सम्बन्ध है।

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प्रश्न 8.
सिद्ध कीजिए कि A = {1, 2, 3, 4, 5} में, R = { (a, b) :|a – b| सम है } द्वारा प्रदत्त सम्बन्ध R एक तुल्यता सम्बन्ध है। प्रमाणित कीजिए कि {1, 3, 5} के सभी अवयव एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं और समुच्चय {2, 4} के सभी अवयव एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं परन्तु {1, 3 ,5} का कोई भी अवयव {2, 4} के किसी अवयव से सम्बन्धित नहीं है।
हल :
दिया है, A = {1, 2, 3, 4, 5} तथा R = { (a, b) : |a – b| एक सम संख्या } = { (1, 3), (1, 5), (2, 4), (3, 5)}
(a) तुल्यता सम्बन्ध सिद्ध करने के लिए प्रश्नावली 1 (A) के प्रश्न 10 का हल देखें।
(b) समुच्चय {1, 3, 5} में |1 -3|,|1 -5|,|3 -5| सभी सम संख्याएँ हैं। सभी अवयव एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं। समुच्चय {2, 4} में |2 -4| एक सम संख्या है।
अतः
इसमें अवयव एक-दूसरे से सम्बन्धित हैं। परन्तु {1, 3, 5}, {2, 4} के अवयव आपस में सम्बन्धित नहीं हैं|1 -2|, |3 -4|,|3 -5|| सम संख्याएँ नहीं हैं। (इति सिद्धम्)

प्रश्न 9.
सिद्ध कीजिए कि समुच्चय A = { x ∈ z : 0 ≤ x ≤ 12 }, में दिए गए निम्नलिखित सम्बन्धों R में से प्रत्येक एक तुल्यता सम्बन्ध है :
(i) R = { (a, b) : |a – b|, 4 का एक गुणज है},
(ii) R = { (a, b) : a = b}, प्रत्येक दशा में 1 से सम्बन्धित अवयवों को ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है,  A = {x ∈ z : 0≤ x ≤ 12} = {0, 1, 2, 3, 4, ….., 12}
(i)
R = { (a, b) :|a – b|, 4 का एक गुणज है } ,
= { (1, 5), (1, 9), (2, 6), (2, 10), (3, 7), 3, 11),(4, 8) (4, 12), (5, 9), (6, 10), (7, 11), (8, 12),(0, 4), (0, 8), (0, 12), (0, 0), (1, 1), (2, 2), (3, 3), …, (12, 12)}

  1. R स्वतुल्य है, यदि a – b= 4k ⇒ k = 0
  2. R सममित है, यदि | a – b| =| b – a| = 4k
  3. R संक्रामक है, यदि a – b, 4 का गुणज है तथा b – c, 4 का गुणज है। तो a – b + b – c = |a – c| भी 4 का एक गुणज होगा।

अत:
1, 2 व 3 से स्पष्ट है कि R, स्वतुल्य, सममित तथा स्वतुल्य है।
अत:
R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
1 से सम्बन्धित अवयव = {1, 5, 9}

(ii)
R = { (a, b) : a = b} ∴ R = { (0, 0), (1, 1), (2, 2), (3, 3),…. (12, 12) }

  1. 4 = 1 = (a, a) = R
    ∴R स्वतुल्य है।
  2. R सममित है, यदि 4 = b = b = d
  3. R संक्रामक है, यदि 1 = b,
    b = c ⇒ a = c अर्थात a, b, c तीनों बराबर हैं।

अत:
1, 2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
अंतः
R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
1 से सम्बन्धित अवयव = { 1 }

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प्रश्न 10.
ऐसे सम्बन्ध का उदाहरण दीजिए, जो
(i) सममित हो परन्तु न तो स्वतुल्य हो और न संक्रामक हो।
(ii) संक्रामक हो परन्तु न तो स्वतुल्य हो और न सममित हो।
(iii) स्वतुल्य तथा सममित हो किन्तु संक्रामक न हो।
(iv) स्वतुल्य तथा संक्रामक हो किन्तु सममित न हो।
(v) सममित तथा संक्रामक हो किन्तु स्वतुल्य न हो।
हल :
(i)
माना A एक समतल में सरल रेखाओं का समुच्चय है तथा R = { (a, b) : a, b पर लम्ब है }

  1. रेखा a, b पर लम्ब है तो b रेखा a पर लम्ब है।
    ∴ R सममित सम्बन्ध है।
  2. R स्वतुल्य नहीं है, क्योंकि रेखा a अपने आप पर ही लम्ब नहीं हो सकती है।
  3. R संक्रामक नहीं है, यदि a रेखा b पर लम्ब है, b रेखा c पर लम्ब है तो a रेखा c पर लम्ब नहीं

(ii)
माना A एक वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है। तथा R = { (a, b) : a > b}

  1. R संक्रामक है, यदि a > b और b > c = a > c
  2. R स्वतुल्य नहीं है, a अपने आप से बड़ी संख्या नहीं है।
  3. R सममित नहीं है, यदि a > b तो b, a से बड़ा नहीं है।

(iii)
माना A = {1, 2, 3} तथा R = { (1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 1), (2, 3), (3, 2) }
समतुल्य व सममित है। परन्तु संक्रामक नहीं है क्योंकि (1, 2) ∈ R, (2, 3) ∈ R, परन्तु  (1, 3) ∉ R

(iv)
माना A = {1, 2, 3} तथा
R = { (a, b) : a ≤ b} = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (1, 3), (2, 3) }

  1. R स्वतुल्य है, क्योंकि (1, 1), (2, 2), (3, 3) ∈ R
  2. R संक्रामक है, क्योंकि (1, 2), (2, 3) ∈ R = (1, 3) ∈ R
  3. R सममित नहीं है, यदि a < b परन्तु b, a से कम नहीं है।

UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions image 2

(v)
माना A = {1, 2, 3} तब R = { (1, 1), (2, 2), (1, 2), (2, 1)} सममित व संक्रामक है, ।
परन्तु स्वतुल्य नहीं हैं क्योकि (3, 3) ∉R

प्रश्न 11.
सिद्ध कीजिए कि किसी समतल में स्थित बिन्दुओं के समुच्चय में  R : { ( P, Q : बिन्दु P की मूलबिन्दु से दूरी, बिन्दु Qकी मूलबिन्दु से दूरी के समान है} द्वारा प्रदत्त सम्बन्ध R एक तुल्यता सम्बन्ध है। पुनः सिद्ध कीजिए कि बिन्दु P ≠ (0,0) से सम्बन्धित सभी बिन्दुओं का समुच्चय P से होकर जाने वाले एक ऐसे वृत्त को निरूपित करता है, जिसका केन्द्र मूलबिन्दु पर है।

हल :
दिया है, A समतल में बिन्दुओं को समुच्चय है। तथा R = { ( P, Q) : मूलबिन्दु से P तथा Q की दूरी समान है }
= { (P, Q) : OP = OQ}

  1. R स्वतुल्य है, क्योंकि OP अपने ही बराबर है।
  2. R सममित है, यक्योंकि OP = OQ ⇒ OQ = OP
  3. R संक्रामक है, क्योंकि OP = OQ,
    OQ = QR ⇒ OP =QR

1, 2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
अत:
R तुल्यता सम्बन्ध है। चूँकि o मूलबिन्दु है तथा P वृत्त की परिधि पर रहता है अर्थात् यदि OP = K ⇒ बिन्दु P एक वृत्त पर रहता है जो 0 से K दूरी पर है। अतः बिन्दु P ≠ (0, 0) से सम्बन्धित सभी बिन्दुओं का समुच्चय P से होकर जाने वाले एक ऐसे वृत्त को निरूपित करता है, जिसका केन्द्र मूलबिन्दु पर है। (इति सिद्धम्)

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प्रश्न 12.
सिद्ध कीजिए कि समस्त त्रिभुजों के समुच्चय A में, R = { (T1 T2) : T1 T2, के समरूप है} द्वारा परिभाषित सम्बन्ध R एक तुल्यता सम्बन्ध है। भुजाओं 3, 4, 5 वाले समकोण त्रिभुज T1 भुजाओं 5, 12, 13 वाले समकोण त्रिभुज T2, तथा भुजाओं 6, 8, 10 वाले समकोण त्रिभुज T3  पर विचार कीजिए। T1 T2 और T3  में से कौन-से त्रिभुज परस्पर सम्बन्धित हैं?
हल :
तुल्यता संबंध सिद्ध करने के लिए प्रश्नावली 1 (A) के प्रश्न 16 का हल देखें।

(i)
त्रिभुज , की भुजाएँ 3, 4, 5 हैं त्रिभुज T, की भुजाएँ 5, 12, 13 हैं तथा त्रिभुज T3 की भुजाएँ 6, 8, 10 हैं। चूँकि त्रिभुज  T1, की भुजाएँ 3, 4, 5, त्रिभुज T2, की भुजाओं 5, 12, 13 के समानुपाती नहीं है। इसी प्रकार त्रिभुज T2 , की भुजाएँ 5, 12, 13 त्रिभुज  T3 की भुजाओं 6, 8, 10 के समानुपाती नहीं है, इसलिए ये त्रिभुज समरूप त्रिभुज नहीं होंगे।
पुनः
त्रिभुज  T3 तथा  T3 की भुजाएँ समानुपाती हैं, इसलिए यह समरूप त्रिभुज है।
अत:
त्रिभुज  T1 तथा  Tआपस में सम्बन्धित है।

प्रश्न 13.
सिद्ध कीजिए कि समस्त बहुभुजों के समुच्चय A में, R = { (p1, p2) : p1, तथा p}, की भुजाओं की संख्या समान है। प्रकार से परिभाषित सम्बन्ध R एक तुल्यता सम्बन्ध है। 3,4 और 5 लम्बाई की भुजाओं वाले समकोण त्रिभुज से सम्बन्धित समुच्चय A के सभी अवयवों का समुच्चय ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, A समस्त बहुभुजों का समुच्चय है। तथा R = { (p1, p2) : p1, p2, की भुजाओं की संख्या बराबर है।
(i)

  1. R स्वतुल्य है, क्योंकि प्रत्येक बहुभुज की भुजाओं की संख्या स्वयं के समान होती है।
  2. R सममित है, यदि बहुभुज  p1, p2, की भुजाएँ  n है तो बहुभुज pऔर p1,की भुजाएँ भी n ही होंगी।
  3. R संक्रामक है, यदि बहुभुज  p1, p2 औरp2, p3 प्रत्येक की n भुजाएँ है तो p1 और p3 की भुजाएँ भी n ही होंगी।

अतः
1, 2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।
अतः
R एक तुल्यता सम्बन्ध है।

(ii)
सभी त्रिभुजों का समुच्चय त्रिभुज T से सम्बन्धित है।

प्रश्न 14.
मान लीजिए कि X Y – तल में स्थित समस्त रेखाओं का समुच्चय L है और L में R = { (L1,L2) : L1 समान्तर है L2 के } द्वारा परिभाषित सम्बन्ध R है। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता सम्बन्ध है। रेखा y = 2 x + 4 से सम्बन्धित समस्त रेखाओं का समुच्चय ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, L किसी X Y- तल में स्थित समस्त रेखाओं का समुच्चय है।
तथा R = { (L1, L2) : L1 समान्तर है L2 के }
(i)

  1. R स्वतुल्य है, क्योंकि प्रत्येक रेखा अपने आप के समान्तर है।
  2. R सममित है, यदि  Lरेखा, L2 के समान्तर है तो Lरेखा, Lके भी समान्तर होगी।
  3. R संक्रामक है, यदि  L1, Lऔर  L2, Lसमान्तर रेखाएँ हैं तो L1और Lभी समान्तरे रेखाएँ होंगी।

अतः
1, 2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।
अतः
R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
इति सिद्धम्

(ii)
माना y = 2 x + c, जबकि c का मान कुछ भी हो सकता है।
अतः
y = 2 x +4 से सम्बन्धित रेखाओं का समुच्चय y = 2 x + c है।

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प्रश्न 15.
मान लीजिए कि समुच्चय {(1, 2, 3, 4)} में, R = { (1, 2), (2, 2), (1, 1), (4, 4), (1, 0, (3, 3), (3, 2)} द्वारा परिभाषित सम्बन्ध में है। निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिए।
(A) R स्वतुल्य तथा सममित है किन्तु संक्रामक नहीं है।
(B) R स्वतुल्य तथा संक्रामक है किन्तु सममित नहीं है।
(C) R सममित तथा संक्रामक है किन्तु स्वतुल्य नहीं है।
(D) R एक तुल्यता सम्बन्ध है।
हल :
दिया है, A = {1, 2, 3, 4}
तथा R = { (1, 2), (2, 2), (1, 1), 4, 4), (1, 3), (3, 3), (3, 2) }

  1. R स्वतुल्य है, क्योकि (1, 1), (2, 2), (3, 3), (4, 4) ∈ R
  2. R सममित नहीं है, क्योंकि (1,2) ∈ R परन्तु (2,1) ∉ R
  3. R संक्रामक है, क्योंकि (1, 3) ∈ R,(3, 2) ∈ R = (1, 2) ∈ R

अत:
1, 2 तथा 3 से स्पष्ट है कि R स्वतुल्य तथा संक्रामक है परन्तु सममित नहीं है।
अत:
विकल्प (B) सही है।

प्रश्न 16.
यदि प्राकृतिक संख्याओं के समुच्चय N में सम्क्न्ध में इस प्रकार है कि R = {(a, b) : a = b -2, b> 6} तो सही उत्तर चुनिए ।
(a) (2,4) ∈ R,
(b) (3, 8) ∈ R,
(c) (6, 8) ∈ R
(d) (8, 7) ∈ R
हल :
6 = 8 – 2, तथा 8 > 6
∴ (6, 8) ∈ R
अत: विकल्प (c) सही है।

Chapter 1 Relations and Functions Ex 1.2

प्रश्न 1.
सिद्ध कीजिए कि f(x) = [latex s=2]\frac { 1 }{ x }[/latex]  द्वारा परिभाषित फलन f : R→ R* एकैकी तथा आच्छादक है, जहाँ  R* सभी ऋणेतर वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है। यदि प्रान्त Rको N से बदल दिया जाए, जबकि सहप्रांत पूर्ववत  R* ही रहे, तो भी क्या यह परिणाम सत्य होगा?
हल :
(a)
(i) दिया है, f (x) = [latex s=2]\frac { 1 }{ x }[/latex] यदि f (x1) = f (x2)  ⇒ [latex s=2]\frac { 1 }{ { x }_{ 1 } }[/latex] = [latex s=2]\frac { 1 }{ { x }_{ 2 } } [/latex] 
x1 = x2
अत:
प्रान्त के प्रत्येक अवयव का एक ही प्रतिबिम्ब है।
अतः
f एकैकी फलन है।

(ii)
दिया है, ye
y = [latex s=2]\frac { 1 }{ x }[/latex]
x = [latex s=2]\frac { 1 }{ y }[/latex]
y ≠ 0
सहप्रान्त का प्रत्येक अवयव प्रान्त में क्रमश: एक ही अवयव का प्रतिबिम्ब है।
∴ f आच्छादक फलन है।
∴ f एकैकी व आच्छादक फलन है।

(b)
यदि प्रान्त R को N से बदल दिया जाता है तब सहप्रान्त R वही रहे तो f : N → R
जब f (x1) = f (x2)
⇒ [latex s=2]\frac { 1 }{ { x }_{ 1 } }[/latex] = [latex s=2]\frac { 1 }{ { x }_{ 2 } } [/latex]
x1 = x2 ∈ N
 ⇒  f एकैकी है।
परन्तु सहप्रान्त का प्रत्येक अवयव प्रान्त के अवयव का प्रतिबिम्ब न हो।
UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions image 3
इस प्रकार f एकैकी है परन्तु आच्छादक नहीं है। (इति सिद्धम्)

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित फलनों की एकैक (Injective) तथा आच्छादी (Surjective) गुणों की जाँच कीजिए :
(i) f (x) = x2  द्वारा प्रदत्त f : N → N फलन है।
(ii) f (x) = x2  द्वारा प्रदत्त f : Z → Z फलन है।
(iii) f (x) = x2  द्वारा प्रदत्त f : R → R फलन है।
(iv) f (x) = x3  द्वारा प्रदत्त f : N → N फलन है।
(v) f (x) = x3  द्वारा प्रदत्त f : Z → Z फलन है।
हल :
(i)
दिया है, f ( x ) = x2  और  f : N → N
(a)
f ( x) = f ( x) ⇒ [latex]{ x }_{ 2 }^{ 1 }[/latex]
⇒  x1 = x2 ,
⇒  x1 = x2 ∈ N
f  एकैकी है।
(b)
परन्तु सहप्रान्त में ऐसे कुछ अवयव हैं जो प्रान्त के किसी भी अवयव का प्रतिबिम्ब नहीं हैं।

उदाहरणार्थ :
माना 3 सहप्रान्त में है तो 3 प्रान्त के किसी भी अवयव को प्रतिबिम्ब नहीं होगा।
∴ f आच्छादक नहीं है।
अत:
f एकैकी है परन्तु आच्छादक नहीं है।

(ii)
f (x) = x2   f : Z → Z , जबकि  f (x) = x
(a)
f (-1) = f (1) = 1 ⇒ -1 और 1 का प्रतिबिम्ब 1 है।
∵ प्रान्त के दो भिन्न-भिन्न अवयवों -1 और 1 का परिसर R में एक ही f-प्रतिबिम्ब 1 पर है।
∵ प्रतिबिम्ब समान है।
∴ f एकैकी नहीं है।
(b)
सहप्रान्त में ऐसे अवयव हैं जो प्रान्त के किसी अवयव में प्रतिबिम्ब नहीं हैं।
उदाहरणार्थ-3
सहप्रान्त में है, परन्तु 3 प्रान्त के किसी अवयव का प्रतिबिम्ब नहीं है।
∴ f आच्छादक नहीं है।
अत:
f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक है।

(iii)
f : R → R, यदि f (x) = x2
(a)
( -1 )= (1)2 = f (-1) = f (1)
अतः
-1 और 1 का प्रतिबिम्ब 1 है। अर्थात् प्रान्त के दो भिन्न-भिन्न अवयवों -1 और 1 का परिसर R में एक ही f- प्रतिबिम्ब 1 है। अर्थात् प्रतिबिम्ब समान है,
∴ f एकैकी नहीं है।
(b)
-2 सहप्रान्त में है परन्तु यह प्रान्त के किसी भी अवयव का प्रतिबिम्ब नहीं है।
अत:
f आच्छादक नहीं है।
∴ f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक है।
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प्रश्न 3.
सिद्ध कीजिए कि f(x) = [x] द्वारा प्रदत्त महत्तम पूर्णाक फलन f : R – R, न तो एकैकी है और न आच्छादक है, जहाँ [x], x से कम या उसके बराबर महत्तम पूर्णांक को निरूपित करता है।
हल :
स्पष्ट है कि f(x) का प्रान्त = R
तथा f(x) = 0 Y x e[0, 1)
∴ f : R → R एकैकी नहीं है।
पुनः f(x) केवल पूर्णांक मान ग्रहण करता है।
∴ सह प्रान्त के अपूर्णांक अवयव प्रान्त के किसी भी अवयव के प्रतिबिम्ब नहीं हैं।
∴ f : R → R आच्छादक नहीं है।
अत: f : R → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक।

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प्रश्न 4.
सिद्ध कीजिए कि f ( x ) =| x | द्वारा प्रदत्त मापांक फलन f : R→ R, न तो एकैकी है। और न आच्छादक है, जहाँ | x | बराबर x , यदि x धन या शून्य है तथा| x | बराबर  – x, यदि x ऋण है।
हल :
यहाँ f : R → R, जबकि f ( 3 ) = [x]
(a)
f (-1) = |- 1 | = 1, f(1) = |1| = 1
-1 और 1 का एक ही प्रतिबिम्ब है।
अत:
प्रान्त के दो भिन्न-भिन्न अवयवों -1 और 1 का परिसर R में एक ही f – प्रतिबिम्ब 1 है।
∵ प्रतिबिम्ब समान है।
इसलिए  f  एकैकी नहीं है।
(b)
सहप्रान्त की कोई भी ऋणात्मक संख्या प्रान्त के किसी भी अवयव का प्रतिबिम्ब नहीं है।
∴ f आच्छादक नहीं है।
अत:
f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक है। इति सिद्धम्

प्रश्न 5.
सिद्ध कीजिए कि f :R → R
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हल :
स्पष्टतया f(2) = 1 तथा f (3) = 1
∴ f(2) = f(3) जबकि 2 ≠ 3
∴ f एकैकी नहीं है। f का परिसर = {1, 0, -1} c R
∴ f अन्तः क्षेपी है।
अतः फलन न तो एकैकी है और न आच्छादक।

प्रश्न 6.
मान लीजिए कि A = {1, 2, 3}, B = {4, 5, 6, 7} तथाf = { (1, 4), (2, 5), (3, 6) } A से B तक एक फलन है। सिद्ध कीजिए कि f एकैकी है।
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हल :
दिया है, A ={1, 2, 3}, B = {4, 5, 6, 7}
f : A → B इस प्रकार है कि f = { (1, 4 ), ( 2, 5 ), ( 3, 6 ) } A के प्रत्येक अवयव का अलग-अलग प्रतिबिम्ब है। इसलिए  f  एकैकी है।
( इति सिद्धम् )

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से प्रत्येक स्थिति में बताइये कि क्या दिए हुए फलन एकैकी, आच्छादक अथवा एकैकी आच्छादी (bijective) हैं। अपने उत्तर का औचित्य भी बताइये।
(i) f (x) = 3 – 4 द्वारा परिभाषित फलन f : R → R है।
(ii) f (x) = 1 + x2 द्वारा परिभाषित फलन f : R → R है।
हल :
(i)
यहाँ f : R – R, यदि f(x) = 3 – 4 x
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अत:
f, बहु-एक फलन है।
∴ f एकैकी नहीं है।
(b)
पुनः x के प्रत्येक वास्तविक मान के लिए (1 + x) का मान सदैव 1 या 1 से बड़ा होगा।
∴ परिसर R में 1 से छोटे अवयव (0 तथा ऋणात्मक संख्याएँ ), डोमेन R के किसी भी अवयव के f-प्रतिबिम्ब नहीं होंगे।
∴ f – अन्त:क्षेपी फलन है अर्थात् आच्छादक नहीं है।
इसलिए दिया हुआ फलन न तो एकैकी है और न ही आच्छादक है।

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प्रश्न 8.
मान लीजिए A तथा B दो समुच्चय हैं। सिद्ध कीजिए किf : A × B → B × A, इस प्रकार हैं कि f (a, b) = f (b, a) एक एकैकी आच्छादक फलन है।
हल :
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प्रश्न 9.
दिखाइए कि फलन f : N → N जोकि
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हल :
UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions image 11
प्रश्न 10.
मान लीजिए कि A= R → { 3 } तथा  B = R – { 1 } हैं। (x) = [latex s=2]\frac { x-2 }{ x-3 } [/latex] द्वारा परिभाषित फलन f : A → B पर विचार कीजिए। क्या । एकैकी तथा आच्छादक है? अपने का औचित्य भी बतलाइए।
हल :
दिया है , f : A → B , तथा
A= R → { 3 } तथा  B = R – { 1 } हैं। (x) = [latex s=2]\frac { x-2 }{ x-3 } [/latex] द्वारा परिभाषित फलन f : A → B पर विचार कीजिए। क्या । एकैकी तथा आच्छादक है? अपने का औचित्य भी बतलाइए।
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इससे सिद्ध होता है कि सहडोमेन R का स्वेच्छ अवयव y ≠ 1, डोमेन R के अवयव x का f-प्रतिबिम्ब है अर्थात् सहडोमेन R का प्रत्येक अवयव, डोमेन R के किसी-न-किसी अवयव का f-प्रतिबिम्ब अवयव है।
फलन f का परिसर = सहडोमेन R फलन f आच्छादक है।
इसलिए दिया हुआ फलन । एकैकी तथा आच्छादक है।

प्रश्न 11.
मान लीजिए : R – R; f (3) = * द्वारा परिभाषित है। सही उत्तर का चयन कीजिए।
(a) एकैकी आच्छादक है।
(b) f बहुएक आच्छादक है।
(c) f एकैकी है किन्तु आच्छादक नहीं है,
(d) f न तो एकैकी है और न आच्छादक है।
हल :
दिया है, f : R → R, यदि f (x) = x4
(i) f(-1) = (-1)4 = 1, f(1) = 14 = 1
f(-1) = f(1)
∴ -1 और 1 का प्रतिबिम्ब 1 है। इसलिए f एकैकी नहीं है।

(ii)
सहप्रान्त का अवयव -1 प्रान्त के किसी भी अवयव का प्रतिबिम्ब नहीं है। इसलिए f आच्छादक नहीं है। अत: f न तो एकैकी है और न ही आच्छादक है।
अत: विकल्प (d) सही है।

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प्रश्न 12.
मान लीजिए कि f(a) = 3x द्वारा परिभाषित फलन f : R → R है। सही उत्तर चुनिए :
(a) f एकैकी आच्छादक है
(b) f बहुएक आच्छादक है।
(c) f एकैकी है परन्तु आच्छादक नहीं है
(d) f न तो एकैकी है और न आच्छादक है।
हल :
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इससे सिद्ध होता है कि सहडोमेन R का स्वेच्छ अवयव y, डोमेन R के किसी-न-किसी अवयव का f-प्रतिबिम्ब अवश्य है। फलन f का परिसर = सहडोमेन R, फलन / आच्छादक है। इसलिए f एकैकी तथा आच्छादक है। अतः विकल्प (a) सही है।

Chapter 1 Relations and Functions Ex 1.3

प्रश्न 1.
मान लीजिए कि f : {1, 3, 4} {1,2, 5} तथा f : {1,2, 5} {1, 3}, f = { (1, 2), (3, 5), (4, 10} तथा g = { (1, 3), (2, 3), (5, 10} द्वारा प्रदत्त हैं। gof ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है, f : { 1, 3, 4 } → { 1, 2, 5 } तथा g : { 1, 2, 5 } → { 1 , 3 } .
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प्रश्न 2.
मान लीजिए कि f, g तथा h, R से R तक दिए फलन हैं। सिद्ध कीजिए कि
(f + g) oh = foh + goh
(f.g) oh = (foh). (goh)
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प्रश्न 3.
gof तथा fog ज्ञात कीजिए, यदि
(i) f (x) = | x | तथा g (x) =| 5 x – 2|
(ii) f (x) = g x3 तथा g (x) = x1/3
हल :
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प्रश्न 4.
यदि y(x) = [latex]\frac { 4x+3 }{ 6x-4 } ,x\neq \frac { 2 }{ 3 }[/latex] तो सिद्ध कीजिए कि सभी [latex]x\neq \frac { 2 }{ 3 }[/latex] के लिए fof (x) = x है। f का प्रतिलोम भी ज्ञात कीजिए।
हल :
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f का प्रतिलोम तभी ज्ञात किया जा सकता है जब f एकैकी आच्छादक हो। f एकैकी है माना कि x1 x2 ∈ प्रान्त तब f (x1) = f(x2)
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प्रश्न 5.
कारण सहित बताइए कि क्या निम्नलिखित फलनों के प्रतिलोम हैं ?
(i) f : {1, 2, 3, 4} → {10} जहाँ f = {(1, 10), (2, 10), (3, 10), 4, 10)}
(ii) g: {5, 6, 7, 8} → {1, 2, 3, 4} जहाँ g = {(5, 4), (6, 3), (7, 4), (8, 2)}
(iii) h : {2, 3, 4, 5} → {7, 9, 11, 13} जहाँ h = {(2, 7), (3, 9), (4, 11), (5, 13)}
हल :
(i) नहीं, क्योंकि एक बहुएक फलन है।
(ii) नहीं, इयोंकि g एक बहुएक फलन है।
(iii) हाँ, क्योंकि h एक एकैकी आच्छादक फलन है।

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प्रश्न 6.
यदि f :[-1, 1] → Y: f(x) = [latex]\frac { x }{ x+2 } ,x\neq -2[/latex] तथा Y = परिसर (f) तो दिखाइए कि f-1 व्युत्क्रमणीय है तथा ज्ञात कीजिए।
हल :
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प्रश्न 7.
f (x) = 4 x + 3 द्वारा प्रदत्त फलन f : R → R पर विचार कीजिए। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है। f का प्रतिलोम फलन ज्ञात कीजिए।
हल :
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प्रश्न 8.
f(x) = x + 4 द्वारा प्रदत्त फलन f : R → [4,∞) पर विचार कीजिए। सिद्ध कीजिए किf व्युत्क्रमणीय है तथा का प्रतिलोम -1,f (y) = [latex]\sqrt { y-4 } [/latex] द्वारा प्राप्त होता है, जहाँ R सभी ऋणेतर वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है।
हल :
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प्रश्न 9.
यदि f : R+ → [-5, ∞]: f (3) = 9x2 + 6x – 5 तो सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f-1(y) = [latex]\left( \frac { \sqrt { Y+6-1 } }{ 3 } \right)[/latex]
हल :
उपरोक्त प्रश्न की भाँति स्वयं हल करें।

प्रश्न 10.
मान लीजिए कि f : X→ Y एक व्युत्क्रमणीय फलन है। सिद्ध कीजिए कि f  को प्रतिलोम फलन अद्वितीय (unique) है।
हल :
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प्रश्न 11.
f : { 1, 2, 3} {a, b, c}, f (1) = a, f (2) = b तथा f (3) = c द्वारा प्रदत्त फलन f पर विचार कीजिए। f -1 ज्ञात कीजिए और सिद्ध कीजिए कि  (f -1 )-1 =  f है।
हल :
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प्रश्न 12.
मान लीजिए कि f : A → B एक व्युत्क्रमणीय फलन है। सिद्ध कीजिए कि f-1 का प्रतिलोम f है अर्थात् (f-1)-1 = f है।
हल :
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UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions image 25
प्रश्न 13.
प्रश्नावली 1(C) का प्रश्न 5 व हल देखें।

प्रश्न 14.
प्रश्नावली 1(C) का प्रश्न 20 व हल देखें।

Chapter 1 Relations and Functions Ex 1.4

प्रश्न 1.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 1 व हल देखें।

प्रश्न 2.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 2 व हल देखें।

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प्रश्न 3.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 16 व हल देखें।

प्रश्न 4.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 17 व हल देखें।

प्रश्न 5.
मान लीजिए कि समुच्चय { 1,2,3,4,5 } में एक द्विआधारी संक्रिया *’, a *’ b = a तथा b का HCF द्वारा परिभाषित है। क्या संक्रिया *’ उपर्युक्त प्रश्न 4 में परिभाषित संक्रिया * के समान है? अपने उत्तर का औचित्य भी बतलाइए।
हल :
प्रश्नानुसार, समुच्चय {1, 2, 3, 4, 5} संक्रिया a *’ b H.C.F. a तथा b द्वारा परिभाषित है। द्विआधारी संक्रिया * के लिए सारणी निम्नलिखित होगी ।

*’ 1 2 3 4 5
1 1 1 1 1 1
2 1 2 1 2 1
3 1 1 3 1 1
4 1 2 1 4 1
5 1 1 1 1 5

यह संक्रिया सारणी प्रश्न 4 में दी गई संक्रिया सारणी के समान है।
अतः
द्विआधारी संक्रिया *’ तथा * समान होगी।

प्रश्न 6.
मान लीजिए कि N में एक द्विआधारी संक्रिया *, a* b = a तथा b का L.C.M. द्वारा परिभाषित है। निम्नलिखित ज्ञात कीजिए।
(i) 5 * 7, 20 * 16
(ii) क्या संक्रिया * क्रमविनिमेय है?
(iii) क्या * साहचर्य है?
(iv) N में * का तत्समक अवयव ज्ञात कीजिए।
(v) N के कौन-से अवयव * संक्रिया के लिए व्युत्क्रमणीय हैं?
हल:
प्रश्न में समुच्चय N = प्राकृत संख्याओं का समुच्चय में * संक्रिया, a * b = a, b का L.C.M. द्वारा परिभाषित है।
(i)
5 * 7 = 5 व 7 का L.C.M. = 35
20 * 16 = 20 वे 16 का L.C.M. = 80
∴ 5 * 7 = 35 , 20 *16 = 80

(ii)
a*b = a, b का  L.C.M.
b* a = b, a का  L.C.M.
∵ a * b तथा b* a का L.C.M. बराबर है।
इसलिए
⇒  a * b = b * a
∵ स्पष्ट है कि संक्रिया * क्रमविनिमेय द्विआधारी संक्रिया है।

(iii)
a * (b * c) = a * (b, c का L.C.M.)
= a, b, c का  L.C.M.
(a*b)* c = (a, b का L.C.M.) *C
= a, b, c का L.C.M.
∵ a* (b * c) तथा (a * b)* c के L.C.M. बराबर हैं।
⇒ (a * b)* c = a * (b* c)
∴ स्पष्ट है कि संक्रिया * साहचर्य द्विआधारी संक्रिया है।

(iv)
* संक्रिया का तत्समक अवयव 1 है।
1 * a = a * 1 = a

(v)
N * N → N, * संक्रिया का a * b = a, b का L.C.M. द्वारा परिभाषित किया गया है। यदि a = 1, b = 1, a * b = 1 अन्यथा नहीं
⇒ 1 * 1 =1
⇒ 1 के लिए व्युत्क्रमणीय है।

प्रश्न 7.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 12 व हल देखें।

प्रश्न 8.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 13 व हल देखें।

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प्रश्न 9.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 9 व हल देखें।

प्रश्न 10.
प्रश्न 9 में दी गई संक्रियाओं में किसी का तत्समक है, वह बतलाइए।
हल :
(i)
दिया है, a * b = a – b यदि e तत्समक अवयव हो तब ।
a * e = a – e  तथा  e * a = e – a
a – e ≠ e – a  ⇒  a * e ≠ e * a
अत :
स्पष्ट है कि e का अस्तित्व नहीं है।

(ii)
दिया है, a * b = a2 + b2
∴ a * e = a2 + e2  तथा e * a = e2+a2
∵ हम देखते हैं कि
a *e = e * a ≠ 1
अत :  
स्पष्ट है कि e का अस्तित्व नहीं है।

(iii)
दिया है, a * b = a+ ab
a* e = a + ae तथा
∵ हम देखते हैं कि a * e ≠ e * a ≠ a
अत :
स्पष्ट है कि e का अस्तित्व नहीं है।

(iv)
दिया है, a* b = (a – b)2
a * e = (a – e)2 ≠ a तथा e * a = (e – a)2 ≠ a
a * e =e * a ≠ a
अत :
स्पष्ट है कि e का अस्तित्व नहीं है।

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अतः
स्पष्ट है कि e का अस्तित्व नहीं है।

प्रश्न 11.
प्रश्नावली 1(D) का प्रश्न 14 हल देखें।

प्रश्न 12.
बताइए कि क्या निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य हैं। औचित्य भी बतलाइए।
(i) समुच्चय N में किसी भी स्वेच्छ द्विआधारी संक्रिया * के लिए a * a = a, ∀ a ∈ N
(ii) यदि N में * किसी क्रमविनिमेय द्विआधारी संक्रिया है तो a* (b * c) = (c * b) * a
हल :
प्रश्नानुसार, द्विआधारी संक्रिया समुच्चय N पर इस प्रकार परिभाषित की गयी है कि a * a = a, ∀ a ∈ N
(i)
यहाँ पर * संक्रिया में केवल एक ही अवयव का प्रयोग किया गया है।
अत :
स्पष्ट है कि यह कथन असत्य है।

(ii)
वास्तविक संख्याओं में समुच्चय पर संक्रिया * क्रमविनिमेय है।
b * c = c * b
∴ तथा (c * b) * a = (b * c) * a = a * (b * c)
∴ a* (b * c) = (c * b) * a
∴ यह कथन सत्य है।

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प्रश्न 13.
a * b= a3 + b3 प्रकार से परिभाषित N में एक द्विआधारी संक्रिया * पर विचार कीजिए। अब निम्नलिखित में से सही उत्तर का चयन कीजिए
(A) * साहचर्य तथा क्रमविनिमेय दोनों है।
(B) * क्रमविनिमेय है किन्तु साहचर्य नहीं है।
(C) * साहचर्य है किन्तु क्रमविनिमेय नहीं है।
(D) * न तो क्रमविनिमेय है और न साहचर्य है।
हल :
प्रश्नानुसार, द्विआधारी संक्रिया * को समुच्चय N पर इस प्रकार परिभाषित किया गया है कि
a * b= a3 + b3
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We hope the UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions (सम्बन्ध एवं फलन) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 12 Maths Chapter 1 Relations and Functions (सम्बन्ध एवं फलन), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 12 English Poetry Short Stories Chapter 3 The Lost Child

UP UP Board Solutions for Class 12 English Poetry Short Stories Chapter 3 The Lost Child are part of UP Board Solutions for Class 12 English. Here we have given UP Board Solutions for Class 12 English Poetry Short Stories Chapter 3 The Lost Child.

MCQ Questions for Class 9 English Moments Chapter 1 The Lost Child MCQ with Answers … Question 1.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject English Poetry Short Stories
Chapter Chapter 3
Chapter Name The Lost Child
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 English Poetry Short Stories Chapter 3 The Lost Child

STORY at a Glance

On a spring festival a little boy went to see the fair with his parents. There he requested them to buy a toy. But his father very politely refused him. Then he saw a sweet meat seller, a flower seller, a man selling balloons of different colours, a juggler playing on a flute to a snake and so on. The child wanted to have these things. But he knew well that his parents would not buy him anything. Then he came to a roundabout which was in full swing. Men, women and children were enjoying it and looked very happy. Now he was overpowered by his desire and boldly requested them, “I want to go on the roundabout, please, father, mother.” But there was no reply. He turned to look at his parents but they were not there. He had lost his parents. He shouted loudly. He ran to and fro. He saw a thick crowd of people outside a temple. He ran through their legs, searched his parents but found no sign of them.

A man in the crowd heard his groan and lifted him in his arms. The man asked him many questions about his parents. But he went on weeping and cried only, “I want my mother, I want my father.” The man took him to the juggler, balloon seller, flower seller, sweet seller, etc. But he did not see towards them at all. He wanted only his parents. Now everything was useless for him.

कहानी पर एक दृष्टि

वसन्त ऋतु के त्योहार पर एक छोटा लड़का अपने माता-पिता के साथ मेला देखने गया। वहाँ उसने उनसे एक खिलौना खरीदने के लिए प्रार्थना की। किन्तु उसके पिता ने बड़ी विनम्रता से उसे मना कर दिया। फिर उसने एक मिठाई वाले को, फूल बेचने वाले को, भिन्न-भिन्न रंग के गुब्बारे बेचने वाले को, फिर एक साँप के सामने बाँसुरी बजाते हुए मदारी आदि को देखा। बच्चा इन सभी वस्तुओं को लेना चाहता था। किन्तु वह भली प्रकार जानता था कि उसके माता-पिता उसके लिए कोई वस्तु नहीं खरीदेंगे। फिर वह एक झूले के निकट आया जो पूरे जोर पर था। पुरुष, स्त्रियाँ और बच्चे इसका आनन्द ले रहे थे और प्रसन्न दिखायी पड़ते थे। अतः अब वह अपनी इच्छा के वशीभूत हो गया और बहादुरी से उनसे प्रार्थना की,मैं झूले पर बैठना चाहता हूँ, कृपया मम्मी-पापा। किन्तु उसे कोई उत्तर नहीं मिला। वह अपने माता-पिता  को देखने के लिए मुड़ा, किन्तु वे वहाँ नहीं थे। उसके माता-पिता खो गए थे। वह जोर-जोर से चीखा। वह इधर-उधर दौड़ा। उसने एक मन्दिर के बाहर लोगों की बहुत भारी भीड़ देखी। वह उनकी टाँगों के बीच में से निकलकर दौड़ा। अपने माता-पिता की तलाश की किन्तु उनका कोई नामोनिशान भी नहीं था।

भीड़ में से एक आदमी ने उसकी रोने की आवाज सुनी और उसे अपनी गोद में उठा लिया। उस व्यक्ति ने उससे उसके माता-पिता के विषय में अनेक प्रश्न पूछे। किन्तु वह फूट-फूटकर रोता रहा और चीखता रहा, मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरे पिता चाहिए। वह आदमी उसे झूले पर ले गया। मदारी के पास ले गया। गुब्बारा बेचने वाले के पास, फूल बेचने वाले के पास और मिठाई बेचने वाले के पास ले गया। किन्तु हर बार उसने उनकी ओर देखा भी नहीं। उसे केवल अपने माता-पिता चाहिए थे। अब उसके लिए प्रत्येक वस्तु बेकार थी।

Understanding the Text

Short Answer Type Questions

Answer two of the following questions in not more than 30 words each :
Question 1.
How were the people going to the fair ?
(लोग मेले में किस प्रकार जा रहे थे ?)
Answer.
The people were going to the fair either on foot, or on horses or in bullockcarts.
(लोग मेले में पैदल, घोड़ों पर या बैलगाड़ियों में जा रहे थे।)

Question 2.
Why did the parents call the child ?
(माता-पिता ने बच्चे को क्यों पुकारा ?)
Answer.
The parents called the child because he had lagged behind on a toy shop.
(माता-पिता ने बच्चे को पुकारा क्योंकि वह एक खिलौनों की दुकान पर पीछे रह गया था।)

Question 3.
Why did the child want to suppress his desire ?
(बच्चा अपनी इच्छाओं को दबानो क्यों चाहता था ?)
Answer.
The child wanted to suppress his desire because he knew well that his parents would refuse him coldly
(बच्चा अपनी इच्छा को दबाना चाहता था क्योंकि वह भली प्रकार जानता था कि उसके माता-पिता शान्ति से उसे मना कर देंगे।)

Question 4.
Where did they reach after leaving the dusty road ?
(धूलभरी सड़क को छोड़कर वे कहाँ पहुँचे ?)
Answer.
After leaving the dusty road, they entered a footpath in a field.
(धूलभरी सड़क को छोड़कर वे एक खेत में एक पगडण्डी पर पहुँचे।)

Question 5.
Why was the boy attracted towards fields ?
(लड़की खेतों की ओर आकर्षित क्यों हुआ ?)
Answer.
The boy was attracted towards the fields because they were in full bloom with pale mustard flowers. Beautiful butterflies and other insects were hovering there.
(लड़की खेतों की ओर आकर्षित हुआ क्योंकि वे पूरी तरह सरसों के पीले खिले हुए फूलों से भरपूर थे। सुन्दर तितलियाँ और अन्य कीड़े वहाँ मँडरा रहे थे।)

Question 6.
What did the boy do ?
(लड़के ने क्या किया ?)
Answer.
The boy entered the meadow, played with the butterflies and other insects and with a great difficulty he could catch a butterfly.
(लड़का खेत में चला गया, तितलियों से खेला और दूसरे कीड़ों से भी और बहुत मुश्किल से एक तितली को पकड़ सका।)

Question 7.
Why did the parents sit on the well ?
(माता-पिता कुएँ पर क्यों बैठ गये ?)
Answer.
The parents sat down on the well to take rest. Moreover the boy was left behind playing with the insects on the footpath. So they waited for him also.
(माता-पिता कुएँ पर आराम करने के लिए बैठ गए। इसके अतिरिक्त लड़का कीड़े-मकोड़ों से खेलता हुआ पीछे रह गया था। इसलिए उन्होंने उसकी भी प्रतीक्षा की।)

Question 8.
What happened when the child saw sweetmeat seller’s shop ?
(जब बच्चे ने मिठाई वाले की दुकान को देखा तब क्या हुआ ?)
Answer.
The child saw many sweets there as; gulab jamun, rasgulla, burfi, jalebi, etc. His mouth began to water when he saw his favourite sweet burfi.
(बच्चे ने बहुत-सी मिठाइयाँ देखीं; जैसे-गुलाब जामुन, रसगुल्ला, बर्फी, जलेबी आदि। उसके मुँह में पानी आ गया जब उसने अपनी प्रिय मिठाई बर्फी को देखा।)

Question 9.
Did the child request his parents to buy sweets ? Give reasons in support of your answer.
(क्या बच्चे ने अपने माता-पिता से मिठाई खरीदने की प्रार्थना की ? अपने उत्तर की पुष्टि में कारण दो।)
Answer.
The child did not request his parents to buy sweets because he knew that they would not buy sweets and would say him greedy.
(बच्चे ने अपने माता-पिता से मिठाई खरीदने की प्रार्थना नहीं की, क्योंकि वह जानता था कि वे मिठाइयाँ नहीं खरीदेंगे और उसे लालची कहेंगे।)

Question 10.
What was the first demand of the child while accompanying his parents to the fair ? [2016, 18]
(बच्चा जब अपने माता-पिता के साथ मेले में जा रहा था तब उसकी पहली माँग क्या थी ?)
Answer.
The first demand of the child was for burfi while he was accompanying his parents to the fair.
(जब बच्चा अपने माता-पिता के साथ मेले में जा रहा था तब उसकी पहली माँग बर्फी की थी।)

Question 11.
What did the child see the juggler doing? Why didn’t the child stay for long at the place where a juggler was playing his flute to the snake in the [2010]
(बच्चे ने मदारी को क्या करते देखा? जहाँ एक मदारी साँप को बीन सुना रहा था, बच्चा वहाँ अधिक 
देर क्यों नहीं रुका ?)
Answer.
The child saw the juggler playing on a flute to a dancing cobra. The child was attracted by it. But he did not stay there for a long because his parents had forbidden him to hear such coarse music as the juggler played.
(बच्चे ने मदारी को नाचते हुए साँप के ऊपर बीन बजाते देखा। बच्चा इससे आकर्षित तो हुआ परन्तु वहाँ अधिक देर नहीं रुका क्योंकि उसके माता-पिता ने उसे ऐसा रूखा संगीत सुनने को मना किया था।)।

Question 12.
What were the things which attracted the child most in the fair ? [2018]
(वे कौन-सी वस्तुएँ थीं जिन्होंने बच्चे को मेले में बहुत आकर्षित किया ?)
Answer.
Burfi, garland of gulmohar, balloons of different colours flying from a pole, a juggler playing on flute to a snake and a roundabout attracted the child most in the
(बर्फी, गुलमोहर का हार, भिन्न-भिन्न रंगों के गुब्बारे जो एक बाँस पर उड़ रहे थे, साँप के सामने बाँसुरी बजाते हुए मदारी ने तथा झूले ने मेले में बच्चे को बहुत आकर्षित किया।)

Question 13.
Where was the child lost and how ?
(बच्चा कैसे और कहाँ खो गया ?)
Answer.
The child was lost at a roundabout. There was a thick crowd of men, women and children who were enjoying the roundabout. The child could not suppress his desire. He also entered the crowd and went forward. But when he did not get his turn for long, he came out of the crowd to see his parents. But he could not find them there or anywhere else. Thus the lost his parents.
(बच्चा झूले पर खोया। वहाँ पुरुषों, स्त्रियों तथा बच्चों की भारी भीड़ थी जो झूले का आनन्द ले रहे थे। बच्चा अपनी इच्छा को नहीं दबा सका। उसने भी भीड़ में प्रवेश किया और आगे बढ़ गया। किन्तु जब काफी समय तक उसकी बारी नहीं आई तब वह भीड़ से बाहर अपने माता-पिता को देखने आया। किन्तु वह उन्हें वहाँ या अन्य कहीं नहीं पा सका। इस प्रकार उसके माता-पिता खो गये।)

Question 14.
Describe the condition plight of the child when he had lost his parents. [2015, 17, 18]
(जब बच्चे के माता-पिता खो गए तब उसके बाद की उसकी स्थिति का वर्णन कीजिए।)
Answer.
The condition of the child was very pitiable when he had lost his parents. He was running to and fro searching for his parents. He was shouting loudly, “My mother, my father.” Tears were flowing from his eyes. He was quite hopeless.
(जब बच्चे से उसके माता-पिता खो गए तब उसकी दशा बहुत दयनीय थी। वह अपने माता-पिता की तलाश करता हुआ इधर-उधर फिर रहा था। वह जोर-जोर से चीख रहा था, “मेरी मम्मी, मेरे पापा।” उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे। वह बिल्कुल निराश था।)

Question 15.
Why did the child enter the over-crowded temple ? 
[2015]
(लड़के ने भीड़ से भरे मन्दिर में क्यों प्रवेश किया ?)
Answer.
The child entered the over-crowded temple in search of his parents.
(लड़के ने अपने माता-पिता को ढूंढ़ने के लिए भीड़ से भरे मन्दिर में प्रवेश किया।)

Question 16.
Who tried to soothe him and how ?
(उसे किसने चुप कराने की कोशिश की और कैसे ?)
Answer.
A man in the crowd heard his groan. He lifted him up in his arms. He tried to soothe him. He took him to the roundabout, to the juggler, to the balloon seller, to the sweet seller, to the garland seller and so on
(भीड़ में एक आदमी ने उसका रुदन सुना। उसने उसे अपनी गोद में उठा लिया। उसने उसे चुप कराने की चेष्टा की। वह उसे झूले पर, मदारी के पास, गुब्बारे बेचने वाले के पास, मिठाई वाले के पास और हार बेचने वाले आदि के पास ले गया।)

Question 17.
How did the child react to every kind of offer of the gentleman ?
(उस भद्र पुरुष की प्रत्येक प्रार्थना पर बच्चे ने किस प्रकार की प्रतिक्रिया प्रकटं की ?)
Answer.
The child behaved quite differently. He turned his face from everything which he had keenly desired with his parents. Now his parents were above all things for him. He did not even see towards anything and cried only, “I want my mother, I want my father.”
(बच्चे ने बिल्कुल भिन्न प्रकार का व्यवहार किया। उसने प्रत्येक वस्तु की ओर से अपना मुँह फेर लिया जिसकी उसने अपने माता-पिता के साथ तीव्र इच्छा व्यक्त की थी। अब उसके माता-पिता सभी वस्तुओं से उसके लिए सर्वोपरि थे। उसने किसी वस्तु की ओर देखा भी नहीं और केवल यही चिल्लाया, “मुझे मेरी मम्मी चाहिए, मुझे मेरे पापा चाहिए।”)

Question 18.
Do you think that the behaviour of the lost child has been realistically painted by Mulk Raj Anand ?
(क्या आप सोचते हो कि खोये हुए बच्चे का चरित्र चित्रण मुल्क राज आनन्द ने वास्तविक ढंग से 
किया है ?)
Answer.
Yes, the behaviour of the lost child has been realistically.painted by Mulk Raj Anand. Every reader of the story would find as if all the incidents are happening before his eyes. All the related incidents and scenes are so artistically intertwined that the interest of the reader is not disturbed anywhere.
(हाँ, खोये हुए बच्चे के व्यवहार को मुल्क राज आनन्द ने बहुत ही वास्तविक ढंग से चित्रित किया है। कहानी के प्रत्येक पाठक को ऐसा लगेगा मानो सारी घटनाएँ उसकी आँखों के सामने हो रही हैं। सभी सम्बन्धित घटनाएँ और दृश्य इतनी कलाकारी से आपस में सँजोए गए हैं कि पढ़ने वाले की रुचि कहीं भी गड़बड़ नहीं होती।)

Question  19.
What did the child finally want in the story “The Lost Child’ ? Give examples in support of your answer.[2012]
(“The Lost Child’ नामक कहानी में अन्त में बच्चे ने किस वस्तु को चाहा? उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।)
Answer.
Finally the child wanted only his parents. An old man took him to the things which he had keenly desired with his parents. But he did not even see at them and cried only ‘I want my mother, I want my father.
अन्त में बच्चा केवल अपने माता-पिता को चाहता था। एक बूढ़ा आदमी उसे उन सभी वस्तुओं के पास ले गया जिन्हें वह अपने माता-पिता के साथ लेना चाहता था। किन्तु उसने उनकी और देखा भी नहीं। वह केवल यह चिल्लाया, “मुझे अपनी माँ चाहिए, मुझे अपने पिता चाहिए।

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UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 17 डाटाबेस कन्सेप्ट

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject Computer
Chapter Chapter 17
Chapter Name डाटाबेस कन्सेप्ट
Number of Questions 26
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 17 डाटाबेस कन्सेप्ट

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
DBMS का सम्बन्ध निम्नलिखित में से किससे है? (2012)
(a) डाटा के भण्डारण से
(b) डाटाबेस से डाटा प्राप्त करने से
(c) डाटाबेस की सुरक्षा से
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर
(d) उपरोक्त सभी

प्रश्न 2.
DBMS का पूर्ण रूप क्या है?
(a) डाटाबेस मैनेज सिस्टम
(b) डिस्ट्रीब्यूटिड मैनेजमेण्ट सिस्टम
(c) डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर
(c) डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन-सा डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम का उदाहरण नहीं है?
(a) MS-Word
(b) Oracle
(c) Sybase
(d) MS-Access
उत्तर
(a) MS-Word

प्रश्न 4.
एक टेबल में कितनी प्राइमरी की हो सकती हैं?
(a) दो
(b) तीन
(c) एक
(d) चार
उत्तर
(c) एक

प्रश्न 5.
रिलेशनल डाटाबेस में डाटा किस फॉर्म में स्टोर रहता है?
(a) नम्बर
(b) डिग्री
(C) टेबल
(d) टपल
उत्तर
(d) रिलेशनल डाटाबेस में प्रत्येक रिकॉर्ड को टपल के रूप में स्टोर किया जाता है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
डाटाबेस शब्द का अर्थ समझाइए। (2008)
अथवा
DBMS का पूर्ण रूप लिखिए।
उत्तर
किसी कार्य विशेष से सम्बन्धित सूचनाओं तथा डाटा का व्यवस्थित रूप से एकत्रीकरण ही डाटाबेस कहलाता है। DBMS को पूर्ण रूप डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम है।

प्रश्न 2.
DBMS की व्याख्या संक्षेप में कीजिए। (2015, 13)
उत्तर
डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम प्रोग्राम का एक ऐसा समूह है, जो डाटाबेस को परिभाषित करने, क्रिएट करने व व्यवस्थित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 3.
RDBMS की एक वाक्य में व्याख्या कीजिए। (2016)
उत्तर
रिलेशनल डाटाबेस के रख-रखाव के तरीके को रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम (RDBMS) कहा जाता है।

प्रश्न 4.
रिलेशनल डाटाबेस तन्त्र के गुणों को समझाइए। (2012)
उत्तर
रिलेशनल डाटाबेस तत्र में निम्न गुण पाए जाते हैं।

  1. प्रत्येक टेबल के सभी रिकॉर्ड्स के फिल्ड संख्या एक समान होना चाहिए।
  2. प्रत्येक फाइल में एक ही प्रकार के रिकॉर्ड होते हैं।

प्रश्न 5.
नॉर्मलाइजेशन शब्द को समझाइए। (2012)
उत्तर
रिलेशनल मॉडल के अन्तर्गत नॉर्मलाइजेशन का अर्थ है-डाटाबेस में होने वाली पुनरावृत्ति को कम करना।

प्रश्न 6.
SQL का विकास समय बताइए। (2015)
उत्तर
SQL का विकास 1970 के दशक में डॉ. ई.एफ. कोड ने किया था।

प्रश्न 7.
फाइल में लिखने के लिए SQL के किन्हीं दो स्टेटमेण्ट को समझाइट। (2012)
उत्तर

  1. DELETE इस कमाण्ड का प्रयोग किसी टेबल से अवांछित रॉज अथवा रिकॉर्ड्स को डिलीट करने के लिए किया जाता है।
  2. INSERT किसी टेबल को क्रिएट करने के पश्चात् उस टेबल में डाटा-रिकॉड्र्स को एण्टर करने के लिए INSERT कमाण्ड का प्रयोग होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न ।

प्रश्न 1.
डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम क्या है? इनके मुख्य उद्देश्यों का वर्णन कीजिए। (2009)
उत्तर
डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम प्रोग्राम का एक ऐसा समूह है, जो डाटाबेस परिभाषित करने, क्रिएट करने तथा मेण्टेन करने के लिए यूजर को योग्य बनाता है। यह उपयोगकर्ता को एक ऐसा वातावरण प्रदान करती है, जिसके माध्यम से डाटा को संग्रहीत करना तथा पुन: प्राप्त करना बहुत ही सुविधाजनक हो जाता है।
डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  1. इसका मूल उद्देश्य प्रयोगकर्ता और डाटाबेस के मध्य एक ऐसा दक्ष और सुविधाजनक वातावरण बनाना है, जिसमें डाटाबेस और प्रयोगकर्ता के मध्य डाटा का आदान-प्रदान सरलता से हो सके।
  2. इसका दूसरा उद्देश्य डाटाबेस के प्रयोगकर्ताओं की जानकारियों का तथा उनके द्वारा की जाने वाली डाटाबेस क्रियाओं का प्रबन्धन करना है।

प्रश्न 2,
रिलेशनल डाटाबेस सिस्टम का वर्णन कीजिए। (2013, 09)
उत्तर
रिलेशनल डाटाबेस में डाटा को द्वि-आयामी सारणियों (Two-dimensional tables) के रूप में संग्रहीत किया जाता है। इन सारणियों को रिलेशन भी कहा जाता है। रिलेशन डाटाबेस के रख रखाव के लिए रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम (RDBMS) की आवश्यकता होती है। RDBMS, DBMS का ही एक प्रकार हैं। रिलेशनल डाटाबेस की मुख्य विशेषता यह है कि एकल डाटाबेस में एक-से-अधिक सारणियों को संग्रहीत किया जा सकता है और ये सारणियाँ आपस में सम्बन्धित होती हैं।

प्रश्न 3.
फंक्शनल डिपेण्डेन्सी पर संक्षिप्त वर्णन कीजिए। (2010)
उत्तर
किसी टेबल का फील्ड A, फील्ड B पर तब फंक्शनली डिपेण्डेण्ट होता है, जब फील्ड A के समस्त मान फील्ड B में उपस्थित हो। इसे हम → (ऐरो सिम्बल) से प्रदर्शित करते हैं।
जैसे B ← A

प्रश्न 4.
निम्नलिखित SQL क्वेरी के उदाहरण दीजिए।
(i) Create
(ii) Select
(iii) Delete
(iv) Update
Student यहाँ टेबल का नाम है।
उत्तर
(i) CREATE TABLE Student (Roll_NO int (5),
(ii) SELECT * FROM Student;
उपरोक्त क्वेरी से Student टेबल का सारा डाटा रिट्रीव किया जाता है।
SELECT Name FROM Student;
उपरोक्त क्वेरी से किसी एक विशेष प्रकार का डाटा रिट्रीव किया जाता है।
(iii) DELETE Student;
(iv) UPDATE Student SET Name =”Shikha” WHERE Roll_No = 1;

प्रश्न 5.
DBMS व RDBMS में बीच कोई दो अन्तर बताइए। (2017)
उत्तर
DBMS व RDBMS के बीच अन्तर निम्न प्रकार है
UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 17 डाटाबेस कन्सेप्ट img-1

लघु उत्तरीय प्रश्न ।।

प्रश्न 1.
डाटाबेस से आप क्या समझते हैं? (2010)
अथवा
डाटाबेस की अवधारणा तथा सिद्धान्तों का वर्णन कीजिए !(2008)
अथवा
डाटाबेस क्या है? उनके गुणों व अवगुणों का वर्णन कीजिए| (2012)
अथवा
DBMS की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए। (2014)
उत्तर
किसी कार्य विशेष से सम्बन्धित सूचनाओं/डाटा का व्यवस्थित रूप से एकत्रीकरण ही डाटाबेस कहलाता है। डाटाबेस डाटा फाइल्स का एक ऐसा समूह है, जो एकीकृत फाइल सिस्टम (Integrated file system) की भाँति होता है तथा डाटा के डुप्लीकेशन (Duplication) को कम करता है, साथ ही कोई भी वांछित सूचना सरलता से एक्सेस करता है।
इस एकीकृत फाइल सिस्टम में अनेक फाइल्स एक दूसरे से सम्बद्ध होते हुए भी पूर्णता का आभास प्रदान करती हैं। टेलीफोन डायरेक्ट्री, इसका एक अच्छा उदाहरण हैं।
उदाहरण यदि आपने किसी इण्डेक्स्ड एड्रेस बुक (Indexed address book) में अपने जानने वाले व्यक्तियों के नाम, टेलीफोन नम्बर एवं एड्रेस को लिख रखा है, तो इसे एक डाटाबेस कहा जा सकता हैं।

DBMS की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  1. डाटाबेस का निर्माण करना।
  2. नए डाटा को सम्मिलित करना या जोड़ना।
  3. वर्तमान डाटा को सम्पादित करना।
  4. डाटा को अस्थायी एवं स्थायी रूप से डिलीट करना।

प्रश्न 2.
नॉर्मलाइजेशन से आप क्या समझते हैं? 2NF क्या है और उसके लाभ व हानियाँ क्या है? (2010, 08)
अथवा
विभिन्न प्रकार के नॉर्मलाइजेशन के लाभ क्या है? (2012)
अथवा
नॉर्मलाइजेशन क्या है? इससे प्राप्त लाभ को लिखें।
अथवा
नॉर्मलाइजेशन का वर्णन कीजिए। द्वितीय नॉर्मल फॉर्म को समझाइट। (2015, 10)
उत्तर
रिलेशनल मॉडल के अन्तर्गत नॉर्मलाइजेशन का मुख्य कार्य डाटाबेस में होने वाली पुनरावृत्ति (Redundancy) को कम करना है। दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि डाटा को केवल एक ही बार संग्रहीत करना चाहिए, क्योंकि डाटा को अनेक बार तथा अनेक जगह पर संग्रहीत करने में समय व स्टोरेज दोनों का ही व्यय होता है। डाटा को नॉर्मलाइज करने के लिए टेबल को अन्य टेबल में विभक्त किया जाता है।

(ii) द्वितीय नॉर्मल फॉर्म कोई भी सारणी द्वितीय नॉर्मल फॉर्म (2NF) में तब कहलाई जाती है, जब वह सारणी प्रथम नॉर्मल फॉर्म में हो तथा प्रत्येक एट्रिब्यूट जोकि Non-key है, प्राइमरी की पर फंक्शनली डिपेण्डेण्ट हो।
Table : Employee

Emp_No Name Designation
25 Rakesh Computer Operator
26 Manish Manager
27 Rakesh Computer Program

इस टेबल में प्राइमरी की Emp_No है, यहाँ पर एट्रिब्यूट प्राइमरी की पर फंक्शनली डिपेण्डेण्ट नहीं है, इसलिए इसे निम्न प्रकार से विभक्त करेंगे

Emp_No Name
25 Rakesh
26 Manish
27 Rakesh
Emp_No Designation
25 Computer Operator
26 Manager
27 Computer Program

अब इस प्रकार से बनी टेबल में कोई Designation हटाया जाता है, तो डाटा नष्ट नहीं होगा।
नॉर्मलाइजेशन से निम्न प्रकार के लाभ होते हैं।

  1. यह डाटा की होने वाली पुनरावृत्ति को कम करता है तथा यह आकार में छोटा होता है, इसलिए इसे स्टोर करने के लिए कम मैमोरी की आवश्यकता होती है।
  2. डाटा की पुनरावृत्ति नहीं होती, डाटा की एक से अधिक विभिन्न प्रतियों को स्टोर करने की सम्भावना कम होती है।

नॉर्मलाइजेशन के प्रयोग से निम्न हानियाँ हैं

  1. डाटा को नॉर्मलाइज्ड करने के लिए अधिक मैमोरी की आवश्यकता होती है।
  2. डाटाबेस में अधिक टेबल होती है, जिन्हें जोड़ना कठिन होता है।

प्रश्न 3.
नॉर्मलाइजेशन के विभिन्न प्रकारों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए। (2010)
उत्तर
यहाँ अनेक प्रकार के नॉर्मल फॉर्म परिभाषित हैं।
(i) प्रथम नॉर्मल फॉर्म डाटा को नॉर्मलाइज करने की प्रक्रिया 1NF से ही आरम्भ होती है। कोई भी टेबल प्रथम नॉर्मल फॉर्म में होती है, यदि कोई भी दो रॉ (Row) एक समान नहीं हो तथा प्रत्येक कोष्ठक में केवल एक ही मान रखा हो।
Table : Course

Course_id Course_Name College
101 BCA Deewan
102 BBA GBIT
103 MCA IIMT

उपरोक्त सारणी में प्रस्तुत टेबल 1NF में है, जहाँ प्रत्येक कोष्ठक में एक मान है।

(ii) द्वितीय नॉर्मल फॉर्म इसके लिए लघु उत्तरीय प्रश्न II का प्रश्न 2 देखें।
(iii) तृतीय नॉर्मल फॉर्म कोई भी टेबल तृतीय नॉर्मल फॉर्म (3NF) में तब माना जाता है, जब वह द्वितीय नॉर्मल फॉर्म (2NF) में हो तथा प्रत्येक एट्रिब्यूट Non-key हो, जो केवल प्राइमरी की पर फंक्शनली डिपेण्डेन्ट
हो और किसी पर नहीं। उपरोक्त टेबल Designate को निम्न प्रकार से विभक्त करेंगे।

Desig_No Designation
1 Computer Operator
2 Manager
3 Computer program
Desig_No Emp_No
1 25
2 26
3 27

Normality formula is defined as the number of grams that is equal to the solute mixed in per liter of the solution.

प्रश्न 4.
बॉयस-कोड नॉर्मल फॉर्म (BCNF Boyce-Codd Normal Form) से आपका क्या तात्पर्य है? उदाहरण सहित वर्णन करें। (2008)
उत्तर
BCNF, 3NF का एडवान्स वर्ज़न है। एक टेबल BCNF’ में तब मानी जाती है जब वह 3NF में हो तथा प्रत्येक फंक्शनल डिपेण्डेन्सी में प्रथम टेबल की सुपर की हो।
सारणी को BCNF में होने के लिए निम्न आवश्यकताएँ हैं।
(i) दी गई सारणी में अनेक कैण्डिडेट की हो।
(ii) जहाँ अनेक कैण्डिडेट की कम्पोजिट की (Key) की तरह कार्य करती है।
(iii) जहाँ कैण्डिडेट की एक-दूसरे को ओवरलैप (Overlap) करती है।
(iv) जहाँ एक एट्रिब्यूट समान होता है।
(v) रिलेशन तब BCNF में कहलाया जाता है, जब प्रत्येक डिटरमिनेण्ट एक कैण्डिडेट हो।

सारणी को BCNF में बदलने के लिए
Table : Project

E_Code Proj_Code Dept Depthead Hours
E101 P27 System E901 90
E305 P27 Finance E909 10
E508 P51 Admin E908 NULL
E101 P51 System E901 101
E101 P20 System E901 60
E508 P27 Admin E908 72

सारणी से Overlapping एट्रिब्यूट को ढूंढिए और Remove कीजिए और कैण्डिडेट की के part को तथा एट्रिब्यूट को जिस पर फंक्शनली डिपेण्डेण्ट हो, दूसरी सारणी में रख दीजिए और बचे हुए एट्रिब्यूट को ग्रुप कर दीजिए। यहाँ पर Dept, E_Code पर डिपेण्डेण्ट है, इसलिए इसे एक सारणी में रखिए।

E_code Dept
E101 System
E305 Finance
E508 Admin
E101 System
E101 System
E508 Admin

Depthead भी E_Code तथा Dept पर डिपेण्डेण्ट है, लेकिन E_Code कॉमन एट्रिब्यूट है, इसलिए इसे हटा दीजिए।

Depthead Dept
E901 System
E909 Finance
E908 Admin
E901 System
E901 System
E908 Admin

प्रश्न 5.
SQL पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखो। (2016, 14, 10, 07, 06)
अथवा
SQL क्या है? इस पर की जाने वाली डाटा सम्बन्धित मुख्य क्रियाओं को समझाइए।
अथवा
SQL क्या है? किसी उच्चस्तरीय भाषा से यह कैसे भिन्न है? (2008)
अथवा
विस्तार में sQL की व्याख्या करें। (2018)
उत्तर
एस-क्यू-एल (SQL) का पूरा नाम स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज (Structured Query Language) है। यह एक हाई लेवल लैंग्वेज है, जिसका प्रयोग डाटाबेस एवं इससे सम्बन्धित ऑब्जेक्टस; जैसे-टेबल्स (Tables), क्वेरीज (Queries), व्यूज (Views) इत्यादि को क्रिएट (Create) करने, टेबल के स्ट्रक्चर (Structure) को परिवर्तित करने, टेबल में डाटा को इन्सर्ट (Insert), अपडेट (Update) एवं डिलीट (Delete) करने में किया जाता है।
डाटाबेस पर की जाने वाली डाटा सम्बन्धी मुख्य क्रियाएँ निम्न प्रकार हैं।

  1. इन्सर्ट इसका अर्थ होता है-किसी टेबल में डाटा को जोड़ना।
  2. डिलीट इसका अर्थ होता है-किसी टेबल से अवांछित रॉज अथवा रिकॉर्ड्स को मिटाना।
  3. अपडेट इसका अर्थ है-किसी टेबल या व्यू में स्टोर डाटा को अपडेट अर्थात् मॉडिफाइ करना।

SQL एक उच्चस्तरीय भाषा ही है, लेकिन इसमें कुछ अन्तर भी है; जैसे –

  1. इसमें डाटा की पुनरावृत्ति को कम किया जाता है।
  2. इसमें विभिन्न प्रकार की कमाण्ड प्रयोग की जाती है; जैसे- डिलीट, इन्सर्ट, अपडेट आदि।
  3. प्रयोगकर्ता की आवश्यकतानुसार पहले से उपलब्ध डाटाबेस में से डाटा को रिट्रीव (Retrieve) कर सकते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
डाटा क्या है? डाटाबेस क्या है? हमें डाटाबेस की आवश्यकता क्यों होती है? रिलेशनल डाटाबेस की विशेषताएँ समझाइए। (2006)
उत्तर
किसी वस्तु, व्यक्ति या समूह के बारे में किसी तथ्य अथवा जानकारी को डाटा कहा जाता है। किसी व्यक्ति का नाम, किसी वस्तु का वजन तथा मूल्य, किसी कक्षा के विद्यार्थियों की उम्र आदि ये सभी डाटा के उदाहरण हैं। डाटाबेस, सूचनाओं (या डाटा) का एक ऐसा व्यवस्थित संग्रह (Organised collection) होता है, जिससे हम किसी भी सूचना को सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। डाटाबेस व्यवस्थित इसलिए होता है, क्योंकि इसमें किसी भी डाटा या सूचना को एक निश्चित स्थान पर पहले से तय किए हुए रूप में रखा जाता है, ताकि कभी भी आवश्यकता पड़ने पर उसे आसानी से ढूँढ़कर देखा जा सके।

डाटाबेस की आवश्यकता
हाथ से बनाए गए डाटाबेस (हस्तचालित डाटाबेस) में बहुत-सी समस्याएँ होती है; जैसे –

  1. नया डाटा जोड़ने की समस्या
  2. डाटा को बदलने की समस्या
  3. डाटा को अपनी शर्तों के अनुसार प्राप्त करने की समस्या आदि।

इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए कम्प्यूटरीकृत डाटाबेस का निर्माण किया गया। इसमें सभी सूचनाएँ कम्प्यूटर पर रखी जाती हैं और कम्प्यूटर की सहायता से ही उनका रख-रखाव तथा प्रोसेसिंग की जाती है।
कम्प्यूटर पर डाटाबेस बनाने के कई कारण हैं, जो निम्नलिखित हैं

  1. कम्प्यूटर पर बड़े आकार का डाटाबेस सरलता से बनाया जा सकता है, क्योंकि उसमें डाटा को संग्रहीत करने की क्षमता अधिक होती है।
  2. कम्प्यूटर की कार्य करने की गति तेज होने के कारण कितने भी बड़े डाटाबेस में से कोई भी इच्छित सूचना निकालना और डाटाबेस पर विभिन्न क्रियाएँ करना आदि कार्य बहुत कम समय में ही सम्पन्न हो । जाते हैं। इतना ही नहीं, तेज गति के कारण उस पर कोई लम्बी-चौड़ी रिपोर्ट निकालना और छापना मिनटों का कार्य होता है।
  3. इसमें हस्तचालित डाटाबेस की तुलना में बहुत कम खर्च आता है।
    रिलेशनल डाटाबेस की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।

रिलेशनल डाटाबेस की विशेषताएँ
रिलेशनल डाटाबेस को विशेषताएँ निम्न हैं

  1. डाटाबेस की प्रत्येक फाइल में एक ही तरह के रिकॉर्ड होते हैं।
  2. डाटाबेस की फाइल में प्रत्येक रिकॉर्ड के फील्डों की संख्या समान होती है।
  3. टेबल के प्रत्येक रिकॉर्ड का एक विशेष आइडेण्टीफायर होता है।

प्रश्न 2.
रिलेशनल डाटाबेस मॉडल को विस्तार से समझाएँ। (2018)
उत्तर
रिलेशनल डाटा मॉडल में, डाटा सारणियों के रूप में संग्रहीत किया जाता है। इन डाटा सारणियों में स्तम्भ, सारणी में स्टोर होने वाले डेटा के प्रकार को तथा पंक्तियाँ डेटा को दर्शाती हैं। यह मॉडल डाटाबेस संरचना को सरल बना देता है। इसमें सारणियों (Tables) का उपयोग किया जाता है अर्थात् डाटा को द्विविमीय टेबल्स के रूप में स्टोर किया जाता है। टेबल्स को एक-दूसरे से सम्बद्ध किया जाता है। इसमें पॉइण्टर नहीं होता। टेबल्स में कोई भौतिक सम्बन्ध भी नहीं होता।
UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 17 डाटाबेस कन्सेप्ट img-2
रिलेशनल डाटा मॉडल के लाभ निम्न हैं

  1. टेबल के रूप में संरचना साधारण होती है, जिसे समझना आसान है।
  2. टेबल्स में डाटा पर सभी प्रकार की क्रियाएँ करना सरल है।
  3. टेबल्स में गणितीय क्रियाएँ करना भी सम्भव होता है।
  4. रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम में एक क्वेरी लैंग्वेज उपलब्ध होती है।
  5. यह डाटा संगठन बहुत फ्लेक्सिबल है।

प्रश्न 3.
रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम क्या है? इसके क्या लाभ हैं? समझाइए (2007)
अथवा
RDBMS पर निबन्ध लिखिए। (2014, 13)
उत्तर
रिलेशनल डाटाबेस में, डाटा को द्वि-आयामी सारणियों के रूप में संग्रहीत किया जाता है। इन सारणियों को रिलेशन (Relation) भी कहा जाता है। रिलेशन डाटाबेस के रख-रखाव के लिए रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम (Relational Database Management System-RDBMS) की आवश्यकता होती हैं।

RDBMS, DBMS का ही एक प्रकार है। रिलेशनल डाटाबेस की मुख्य विशेषता यह है कि एकल डाटाबेस में एक से अधिक सारणियों को संग्रहीत किया जा सकता है और ये सारणियाँ आपस में सम्बन्धित होती है। रिलेशनल डाटाबेस एक ऐसा डाटाबेस है, जोकि रिलेशनल मॉडल पर आधारित है। इस मॉडल के अनुसार, डाटा को विभिन्न टेबल्स में संग्रहीत किया जा सकता हैं।
इस प्रकार के मॉडल के मुख्य गुण निम्नलिखित हैं।
(i) प्रत्येक टेबल के सभी रिकॉर्ड्स का स्ट्रक्चर एक जैसा ही होगा।
(ii) प्रत्येक टेबल के सभी रिकॉर्ड्स के एट्रिब्यूट की संख्या एक जैसी ही होगी।
(iii) टेबल के प्रत्येक रिकॉर्ड का कोई-न-कोई आइडेण्टीफायर होता है। यदि Students का डाटा संग्रहीत करना हो

Roll_No Name Address
1 Rajesh Delhi
2 Ravi Mumbai
3 Manish Kolkata
4 Sagar Meerut
5 Nitin Modipuram

रिलेशनल डाटाबेस की कुछ सम्बन्धित पदावली निम्नलिखित हैं।

  1. रिलेशन (Relation) इसके अन्तर्गत एक टेबल (Table) तैयार की जाती है, जो एक सिक्वेन्शियल फाइल को निरूपित करती है, जिसमें टेबल की पंक्तियाँ (Rows) फाइल के रिकॉर्ड को इण्डीकेट करती हैं, एवं स्तम्भ (Column) रिकॉर्ड के फील्ड को दर्शाता है। ये टेबल्स रिलेशन ही होते हैं। रिलेशन को उच्चस्तरीय फाइल्स के रूप में समझा जाता हैं।
    • प्रत्येक रिलेशन में एक ही तरह के रिकॉर्ड होते हैं।
    • किसी दिए गए रिलेशन में प्रत्येक रिकॉर्ड के फील्डों की संख्या समान होती है।
    • प्रत्येक रिकॉर्ड का एक अलग पहचानने वाला आइडेण्टीफायर (Identifier) होता है।
    • रिलेशन के अन्दर रिकॉर्ड किसी विशेष क्रम में व्यवस्थित होते हैं।
  2. टपल (Tuplo) रिलेशन में प्रत्येक रिकॉर्ड को टपल कहा जाता है।
  3. एट्रिब्यूट (Attribute) रिलेशन के सन्दर्भ में प्रत्येक कॉलम् (फील्ड) को एट्रिब्यूट कहते हैं।
  4. डोमेन (Domain) रिलेशन के सन्दर्भ में डोमेन मानों का एक समूह होता है, जिससे किसी कॉलम में दिए गए वास्तविक मानों को व्युत्पन्न किया जा सकता है।

प्रश्न 4.
नॉर्मलाइजेशन का मुख्य कार्य क्या है? प्रथम तथा द्वितीय नॉर्मल फॉर्म को उदाहरण सहित समझाइए। (2006)
उत्तर
यहाँ अनेक प्रकार के नॉर्मल फॉर्म परिभाषित हैं।
(i) प्रथम नॉर्मल फॉर्म डाटा को नॉर्मलाइज करने की प्रक्रिया 1NF से ही आरम्भ होती है। कोई भी टेबल प्रथम नॉर्मल फॉर्म में होती है, यदि कोई भी दो रॉ (Row) एक समान नहीं हो तथा प्रत्येक कोष्ठक में केवल एक ही मान रखा हो।
Table : Course

Course_id Course_Name College
101 BCA Deewan
102 BBA GBIT
103 MCA IIMT

उपरोक्त सारणी में प्रस्तुत टेबल 1NF में है, जहाँ प्रत्येक कोष्ठक में एक मान है।

(ii) द्वितीय नॉर्मल फॉर्म इसके लिए लघु उत्तरीय प्रश्न II का प्रश्न 2 देखें।
(iii) तृतीय नॉर्मल फॉर्म कोई भी टेबल तृतीय नॉर्मल फॉर्म (3NF) में तब माना जाता है, जब वह द्वितीय नॉर्मल फॉर्म (2NF) में हो तथा प्रत्येक एट्रिब्यूट Non-key हो, जो केवल प्राइमरी की पर फंक्शनली डिपेण्डेन्ट
हो और किसी पर नहीं। उपरोक्त टेबल Designate को निम्न प्रकार से विभक्त करेंगे।

Desig_No Designation
1 Computer Operator
2 Manager
3 Computer program
Desig_No Emp_No
1 25
2 26
3 27

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UP Board Solutions for Class 12 English Composition Chapter 2 Unseen Passage

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject English Composition
Chapter Name Unseen Passage
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 English Composition Chapter 2 Unseen Passage

From U.P. Board Examination Papers
Exercise 1

(a) Summary : Permanent success can by attained only by self help. Generally people blame others for their failure while a man of self help never blames others. he analyses his own actions and tries to overcome his own short comings. He does not rest till he succeeds in his aim. Thus not only his friends but also his enemies congratulate him.
(b) A suitable title to the given passage may be ‘Self Help’.
(c)
(i) Many people regard others responsible for their own failures.
(ii) We should never rest till we achieve success.
(d) We should never rest till we achieve success.
(e) A man of self help never blames others for his failures but analyses his own actions to overcome his shortcomings. (2012)

Exercise 2

(a) (i)
(b) The sick man will refuse to touch the most delicious food. He would imagine him to be happy if he is as healthy as even his lowest servant who is not sick. The reason is the healthy servant enjoys whatever coarse cheap or little food he gets.
(c) Health is Wealth
(d)
(i) Cannot out weigh the suffering of the sick. All the joys that life can give cannot be more in importance than the suffering of the sick. In other words the suffering of the sick exceed many times the joys.
(ii) The miserable beggars with health sleep sweetly. The beggars lead a miserable life. The reason is they are devoid of every comfort. Yet they possess one thing that surpasses all the scarcities and that is their being healthy. They have a sound sleep while lying on hard stony floor without any mattress to lie on and quilt to cover themselves and protect against cold.
(e) Summary : Loss of health is the greatest misfortune. Silken bed, tasty and choicest foods and all the wealth will be useless for him. He will not be able to enjoy sound sleep. While the poorest man who eats a piece of dry bread and has no comfort except good health, will enjoy a sound sleep and will be full of happiness. Thus, health is the greatest boon for everybody. (2012)

Exercise 3

(a) Sir Waltered Raleigh smoked tobacco.
(b) The servant rushed up to his master with water because seeing his master smoking, he thought that his clothes must have caught fire.
(c) When the servant saw the clouds of smoke he rushed to his master and poured water on him.
(d) Summary : Sir Walter Raleigh was fond of smoking tobacco. He was the first man to indulge in the habit of smoking tobacoo in England. One day his servant saw him smoking. He thought his master’s clothes had caught fire. So he threw a bucket full of water over his master and ran to bring more.
(e) A suitable title to the given passage may be ‘A Faithful Servant’. (2012)

Exercise 4

(a) Summary : In this passage the writer describes that Napoleon never lost heart in difficulties and discouragements of life but he faced them and marched forward. This is the golden rule of successes and victories for all heroes. The writer prescribes this rule for all kinds of people of the world. We should never be discouraged in any type of odds of life. The man who is always marching forward will win over all misfortunes and losses. So remember that continuous efforts to recover the loss by new energy and new action will brighten your life.
(b) A suitable title to the above passage may be ‘The Golden Rule of Life.’
(c)
(i) however stormy …………. dark the way even in the odds of life and in uncertainty.
(ii) be up and ………….. new action. We should always work hard with new energy to recover the loss.
(d) Our motto should be ‘Press on!’.
(e) ‘To press on’ solves the problem of all the heroes. (2012)

Exercise 5

(a) Summary : In this passage the writer tells us that to enter the kingdom of God exemplary human conduct, ethical values and God-fearning conduct are necessary. Wealth has nothing to do with it. Wealth, in reality, is a great obstacle because a wealthy man commits moral crimes without which he cannot gather wealth. These crimes may remain hidden temporarily. But when they come to light, all the secrets are revealed and he is bound to live behind bars instead of reaching the kingdom of God.
(b) A suitable title to the given passage may be ‘The Way to the Kingdom of God.’
(c)
(i) A rich man is deprived of the wisdom and sensibility to accept a fundamental truth about human life.
(ii) When the secrets of a wealthy man are revealed.
(d) A real and good life is a life which has examplary human conduct, ethical values and God fearing demeanour.
(e) Money alone cannot bring happiness, to human life because a rich man commits moral crimes to gather more and more money and ignores other qualities of human life which bring real happiness.(2012)

Exercise 6

(a) Summary : Physical pollution has adversely affected not only our body but mind also. The nobility of character has become a thing of the past. We have become purely materialistic due to scientific and technological development and increase in wealth. We have gone very far from spiritualism and are completely engrossed in earning, spending and increasing money.(b) A suitable title for the passage may be ‘Materialism Versus Spiritualism’.
(c)
(i) Materialism…us = Now a days we have become completely money minded and are busy in earning and spending money.
(ii) accumulation…end all = Our main aim is to gather and increase money.
(d) The pollution of physical environment has contaminated our minds.
(e) Materialism is sounding the final death knell of humanism. (2013)

Exercise 7

(a) The greatest misfortune that can befall a man is the loss of health.
(b) The given phrase means that a sick person will dream to enjoy the health even of his poorest servant.
(c)
(i) Cannot out weigh the suffering of the sick. All the joys that life can give cannot be more in importance than the suffering of the sick. In other words the suffering of the sick exceed many times the joys.
(ii) The rich man when sick would not accept the delicious dishes and out of apathy withdraw his hand.
(d) Gist : Loss of health is the greatest misfortune. Silken bed, tasty and choicest foods and all the wealth will be useless for him. He will not be able to enjoy sound sleep. While the poorest man who eats a piece of dry bread and has no comfort except good health, will enjoy a sound sleep and will be full of happiness. Thus, health is the greatest boon for everybody.
(e) A suitable title to the given passage may be ‘Health—The Greatest Boon.’ (2013)

Exercise 8

(a) Marco Polo first discovered a route across Asia to China.
(b) Marco Polo told Europeans about the court of Peking.
(c) Two animals of the Arctic countries are white bear and reindeers.
(d) Summary : First of all Marco Polo discovered a route across Asia to China. He described Burma, Tibet and India and the customs and manners of the people. He described the cold Arctic countries also. Marco’s discoveries and descriptions stirred men up to find out more about this outside world.
(e) A suitable title to the passage may be ‘Marco Polo A Great Discoverer’. (2013)

Exercise 9

(a) Summary : In this passage the writer advises us that we should not read books for amusement only. We should read great literature with deeper qualities. Books which give intellectual food and make an appeal to the higher emotions and to the intellect are included in great literature.
(b) A suitable title to passage may be ‘Books Worth Reading’.
(c) Explanation : Wine-drinking and opium-smoking give temporary happiness till there is their effect. In the same way the amusement obtained from cheap books is temporary till we are reading the book.
(d) A young man with university education should read a book with the aim of obtaining intellectual food and an appeal to the higher emotions.
(e) The books which give only amusement and have no deeper qualities should not be read. (2013)

Exercise 10

(a) The money-minded men and women believe that it is foolishness to exert themselves for such study and brain work as cannot be converted into cash.
(b) Their rule of life is ‘Hard work only for money and then plenty of play and pleasure’.
(c) The old working woman complained to the author that her son was habitual of wasting money on buying books. He was a carpenter, not a school master.
(d) The psychology of material prosperity is deep rooted in the majority of people in society.
(e) Main idea : Generally the people are money-minded and they want to work hard only when they get money. They apply their intellect in getting material prosperity and give no importance to personal mental development. This psychology is deep rooted in all classes of society. (2014)

Exercise 11

(a) We can live a better life by adjusting ourselves properly well with other people. (b) The herd instinct brings animals closer together.
(c) Explanation :
(i) Herd instincts means to behave and think like the majority.
(ii) All animals crowd together in a small space under the same tree to protect them from wind or rain.
(d) Summary : We should live together in the society as companions of one another. We should not be centred up to our own resources. We should learn a lesson from animals how they adjust themselves like companions and enjoy security, warmth and comfort. Group instinct will always be more useful for us.
(e) A suitable heading to the given passage may be ‘Togetherness’. (2014)

Exercise 12

(a) A suitable heading to the given passage may be ‘Be Charitable’.
(b) Explanation :
(i) Fully satisfied.
(ii) If you are generous to give your any thing to a needy freely and lovingly.
(c) Summary : The thirsty horses go to a beautiful stream and pacify their thirst by drinking water. Then they make the water of the stream dirty by turning their back upon it or by stamping in it. Then the horses go out. But the stream at once floats away the mud and allows other creatures to pacify their thirst. This is the generosity of the stream. So we should learn a lesson from the stream and be charitable without expecting any reward or gratitude.
(d) The horses pollute the water after satisfying their thirst. This is the price they pay.
(e) This life is meant for sowing and scattering seed, not for reaping the produce. (2014)

Exercise 13

(a) The main function of a newspaper is to supply us with all sorts of news, local and foreign.
(b) In a country without newspaper, the people of that country will remain totally ignorant of the affairs of the world. (c) The newspapers can be given a name ‘Contemporary History’ in modern times.
(d) Explanation :
(i) Without newspapers we will be totally ignorant of the world affairs.
(ii) We remain aware of the latest news.
(e) Summary : Newspapers are really a part and parcel of modern life. They supply us local and foreign news of every part of the world. They bring us into close touch with one another and promote friendly feelings. They create a link between the rulers and the ruled. Newspapers are the best source of expressing the grievances and views of people and vice versa.
(f) A suitable title to the passage may be ‘Benefits of Newspapers’. (2014)

Exercise 14

(a) The wish of the author is to have ‘smile’ if he were to be born into this world again.
(b) The author admires the right kind of smile because there is nothing so irresistible as the right sort of smile.
(c) A pleasant smile is better than riches because it can carry us anywhere and can win us anything including riches.
(d) A good smile disarms our enemies and makes them forget that they have a grudge against us.
(e) The author illustrates the effect of a pleasing smile by narrating a short story of a public man who forgot the reasons of disliking the author’s friend whenever he was with him. (2014)

Exercise 15

(a) Some people want students to do nothing but add to their knowledge as they think that the aim of education is merely to give knowledge.
(b) Real function of education is to make all-round development of men. Education should be such that not only the person gets benifit but the society and country as a whole should be benefitted.
(c) The three aims of education are to give men knowledge, make them self-reliant and they should be able to serve others.
(d) Education should not produce citizens who love their own freedom and take away the freedom of others. It should not make men who want to harm other countries.
(e) A suitable title is “Role of Education”. (2015)

Exercise 16

(a) In this passage it is discussed how speaker should interact with his audience in order to have positive impact on them.
(b) Sometimes speakers suffer from superiority complex and deliver the talk like great teachers and wise preachers.
(c) Humility is a virtue that is universally appreciated and reciprocated.
(d) The audience should feel wiser and uplifted after listening the speech. They should have positive impact of the speech on them.
(e) ‘Assume air’ means to have particular feeling. ‘Superiority Complex’ means feeling that makes you feel better than others ‘Doling out means to give something to others. (2015)

Exercise 17

(a) Suitable title is ‘Meaning of Liberty’
(b)
(i) While enjoying our liberty, we should take care of others, liberty as well. For this we should adjust ourselves for others. We should sometimes give away our enjoyment and take tough condition in order to enjoy liberty in real sense.
(ii) Liberty means enjoying our freedom with appropriate checks and balances.
(c) Summary : Liberty means freedom to do our work as we wish but we should not harm others while doing so. This means we should take care of limits of liberty. Man is born free but everywhere he is in chains. Liberty means we should put restriction on us if others’ liberty is harmed. We should respect others’ point of view and should not show our supremacy in all decisions taken in public.
(d) Man should not be allowed to commit crimes in the name of liberty so that others’ safety is maintained. Others should not be harmed in the name of liberty.
(e) Liberty means enjoying our freedom with appropriate checks and balances. (2015)

Exercise 18

(a) Indian muslins were found wrapped around mummies in Egyptian Pyramids dating back to 3,000 B.C.
(b) Indian iron and steel industry is too old as Damascus steel for swords and armour used in the crusades came from India.
(c) During the eighteenth century, many of the finest British warships were built in India.’
(d) Crusade means a long and determined effort to achieve something in order to start or stop some activity.
(e) Indian industrial advancement and excellence in art and craft ebb out due to political disintegration and foreign conquest. (2015)

Exercise 19

(a) Early rising gives us good start in our day work.
(b) In the early morning the mind is fresh and there are few sounds or other distractions. So the work done in the early morning is well done.
(c) The early riser by beginning early is left with plenty of time to do all his work thoroughly. Therefore he is not tempted to hurry over his day’s work.
(d) The early riser finishes his work in good time and has long interval of rest in the evening. This enables him to go to bed at the proper time.
(e) A suitable title is “Benefits of Rising Early.” (2015)

Exercise 20

(a) Suitable heading is “Drawbacks of rising and sleeping late”.
(b)
(i) In the morning fresh air and cool environment give you a feeling of less tiredness or less hotness. It is pleasent when felt and gives you a fresh feeling.
(ii) Doing work in midnight.
(c) Summary : Rising early in the morning and avoiding midnight working habit is good for one’s health. When we get up early we have enough time to complete our work. We can have proper exercise which is good for our health. One who is habitual of working midnight cannot produce good results. Few persons say that they work with clear brain at midnight but they are not aware of the concequences of working late when body needs rest. They soon loose their good health.
(d) Early rising is better than rising late because man who rises late, can have little rest in the course of the day and devoid of evening exercise which is so important. He cannot take advantage of refreshing hours of the morning.
(e) Those who work into midnight soon loose their health and bad health has a bad effect on the quality of their work. (2015)

Exercise 21

(a) Gautam Buddha left home at the age of twenty-nine.
(b) Buddha fasted in order to seek true path.
(c) The meaning of ‘nirvana’ is the state of peace and happiness that a person gets after giving up his all desires. ‘Englightened one’ means to attain true knowledge.
(d) Summary : Gautam Buddha was the son of the ruler of a small state in northern India. He was married and had a son. He left his home at the age of twenty-nine to attain true knowledge. He wandered on and finally while sitting under a tree he became ‘the Buddha’ or ‘the Enlightened one’. He entered ‘nirvana’ and came out of the process of rebirth.
(e) Suitable title is ‘Enlightenment of Buddha. (2015)

Exercise 22

(a) Now there is hardly any sphere of human life where computers have not been pressed into service of man. Computers will become part of man’s daily life.
(b) Automation helps human beings in every sphere by doing work very accurately and at a high speed.
(c) In future small computers will be carried in pocket. They will inform weather condition, traffic routes, and the nature of patient’s illness. They will relieve the people of their tedious work. Thus they will be called the most efficient servants of man.
(d) In future small computers will be developed easy to be carried in pocket anywhere.
(e) A suitable title to the given passage may be ‘Bright Future of Computers.’ (2016)

Exercise 23

(a) A suitable title to the given passage may be ‘Miseries of Riches’.
(b) Explanation:
(i) fearing ………….. the lambs.: The night of a rich man is full of various miseries. He fears that people who are own may revolt against us and may kill also.
(ii) No sooner ……….. new care. A rich man can’t sleep peacefully. His night is full of cares. One care ends and another follows.
(c) Husband and wife had so many cares e.g care of new guests, care of people in power, care of thieves, care of future amenities etc.
(d) Writer’s idea is that riches keep a man restless all the twenty four hours. He sleeps on the pillow of cares.
(e) There was no happiness in their life UMBRARY because due to riches they had various types of cares. They were always restless and had no time even to hear of their soul or pray to God. (2016)

Exercise 24

(a) A suitable title to the given passage may be ‘Poverty is a Blessing’.
(b)
(i) moan about poverty: become sad in poverty.
(ii) governesses : a woman employed to teach young children in their home.
(c) Summary : Most of the people do not like poverty. When they compare themselves to the rich people, they conclude that money is necessary to buy happiness. But in reality the rich people, even though they have a lot of money to buy anything and many servants to serve them, miss the true happiness. A poor man is free from all those cares, envies, jealousies etc. . from which a rich man can’t get rid of. History tells us that the majority of great, eminent and strong men have come from poor class.
(d) The sons and daughters of the rich should be pitied because they have missed something real and most important but they are not aware of it.
(e) Great men are mostly born in poor families because they live in a very sweet, poor and happy home of honest poverty and use their precious time in working hard to make their life great. (2016)

Exercise 25

(a) The life of Shivaji’s was full of action and achievement.
(b) Shivaji’s treatment towards Islam was unique. He loved every Musalman like a Brahmin. He respected all followers of Islam and their holy buildings.
(c) He behaved women in a gentle way.
(d) The role of his guru Ramdas was very great. His guru strengthened the teachings of his mother.
(e) Shivaji built a large and brave army and laid the foundations of an organised state. He shaped the Marathas into a nation. (2016)

Exercise 26

(a) A suitable title to the given passage may be ‘An Intelligent Thief”.
(b)
(i) a tree …………….. honest person = only an honest man can plant a tree which would have golden fruits.
(ii) so the king pardoned the thief = when the king came to know that he was also not an honest man, he forgive the thief and let him go.
(c) The pre-condition was that the person who would plant the tree should be honest.
(d) The king pardoned him because he came to know that he also was dishonest.
(e) From the story we learn a lesson that before blaming others, we should first see ourselves whether we are free from that evil. (2016)

Exercise 27

(a) Summary : In this passage, the writer advises the students to be diligent. This quality of being diligent includes all qualities which a student should have. He also tells them that the young age is the golden period of life. So they should develop good qualities in this period so that their future life i.e. adult hood and old age also should be joyful.
(b) A suitable title to the given passage may be ‘Be Diligent.
(c) Explanations :
(i) not what ………… today ………… the explanation which modern people give.
(ii) seed time of life …………. starting period of life when we can grow primary virtues to make future life good.
(d) In our life time we should sow the seed which may give good reap. This is the seed of diligence.
(e) I can say that life depends on my being diligent because it includes all virtues that a student should have. (2016)

Exercise 28

(a) A man who possesses a strong will and a firm determination can steer clear of all dangers and difficulties.
(b) The man who labours hard with a strong resolution and an unshaken will, could achieve success and thus, he is a builder of his own fortune.
(c) Summary : A man who possesses a strong will and firm determination could accomplish success in his life. Man must be persevering and must exert himself to shape out his destiny. Man who does not work hard and labour could bring misery and suffering to himself. Thus, to gain wealth, fame and power he must labour with a strong resolution and unshaken will, and thereby could make his own fortune.
(d) Resolution here means strong determination. A man who works hard with a strong resolution and powerful will accomplish success. Industrious means laborious or hard working. By being industrious and persevering one can make his fortune.
(e) A suitable title to the given passage may be A Man of Strong Will. (2017)

Exercise 29

(a) Summary : It is undeniably true that in the ultimate measure the deeds done by man in his life time sums up the quality of his life. The span of life is meaningless when measured in years alone. Noble deeds, splendid ideas and fine sentiments, not the number of years, carved a niche for the real man in history.
(b) A suitable title to the given passage may be Live in Deeds not in Years.
(c) A man is memorable by his noble deeds and conscientious efforts.
(d) Noble deeds, splendid ideas and fine sentiments constitute the real glory of the character.
(e) Noble endeavours is an earnest and conscientious effort that a man wants to accomplish his goal. For them, just to eat, sleep and exist is no life at all. They suffer for mitigating the miseries of others and for the good of humanity. Trivial pursuits is an activity that one engages in, which is of no real importance.
(2017)

Exercise 30

(a) The real ornamentation for the women lies not in loading the body with metal and stone but in purifying the heart and developing the beauty of soul.
(b) Author’s advice to the women of India is to get rid of their jewellery.
(c) He/She who does not offer sacrifice of his or her wealth has been termed as a thief according to the Bhagvad Gita.
(d) Some women feel more happy in sacrificing their possessions to help the poor and needy person.
(e) Summary : The real beauty of a woman is her character, her purity not a jewellery. Woman like Sati, Savitri and Damayanti have become sacred to us for their unsullied virtue not for their ornaments. Bhagavad Gita has termed those people as a thief who do not sacrifice their wealth to the poor and needy persons. It is a social and religious obligation for every men and women. There can be no sacrifice higher than to clear out the distinctions of high and low and to maintain the equality of men and women. The women of India should realize the value of ornamentation which lies not in wearing the jewellery but in purifying the heart and developing the beauty of soul. (2017)

Exercise 31

(a) A polling station is a suitable building away from the town, situated in some lonely spot.
(b) The after-effects of the elections that we gather from the above are that as soon as the people cast their vote, nobody cares for them. All their importance
vanished. The seed of dissension is sown which is accompanied by the division of the community.
(c) The portions italisized in the passage means that he or she becomes a worthless trifles and nobody cares for them.
(d) Summary : Although elections have an important place in democracy, yet few of them have made it as a funny affair. There is an activity and bustle, hue and cry with a compliments of each and every voter to get a sure success by the candidate. The poll takes place on a certain day at the polling station. Everybody is welcomed like princess but as soon as they cast their vote their importance vanished. Nobody cares for them. The after-effects of the election could also be seen by the arguments, dissension and partisan which is finally accompanied by the division of the community.
(e) A suitable title to the given passage may be ‘An Election Scene’. (2017)

Exercise 32

(a) A suitable title to the given passage may be “The Prevention from Food Adulteration’.
(b) Summary : Adulteration of food-stuffs was so rampant and widespread that a drastic remedy in the form of or amendment of a comprehensive legislation became the need of the hour. Adulteration can be seen in most of the essential food items like milk, bottled water, tea, coffee and spices etc. Thus, to check ‘this kind of anti-social evil Supreme Court has asked the centre to amend the Indian Penal Code and the Food Safety Standards Act to make this punishable with life imprisonment. It is a much needed hope and relief for the consumers at large.
(c) ‘You are what you eat is the dictum about body and health.
(d) Many Indians have a lot to worry about their health and future generations because of the serious issue like food adulteration.
(e) Food Safety and Standards Authority of India. (2017)

Exercise 33

(a) A suitable title to the given passage may be “The Migration of Birds’.
(b) Summery : Migratory birds travel from one region to another depending on the availability of foods, habitat and climatic conditions of a place. These birds usually take their shelter in the country like India to escape from the severe winter of Northern and Central Asia. Migratory birds like small ducks, barheaded geese, Siberian crane and spotted eagle coming here has reduced considerably. So, this has become a great concern for the bird watcher and ornithologist.
(c) Migratory means moving from one place to another at particular times of the year especially by animals like birds of fishes. They travel to countries where they find optimal conditions of food and climate for their survival. Ornithologist is the zoologist who studies birds.
(d) The availability of food, habitat and climatic conditions of a place are the factors which decidei which way the migratory birds will go.
(e) Optimal conditions of food and suitable climate for the survival attracts the migratory birds in India that they choose it as their preferred destination. (2017)

Exercise 34

(a) Summary : Speech is a great blessing but it can also be a great curse. Speech, as a blessing helps us to make our intentions and desires, known to fellows, make our attitude completely understood as well as helped to win a friend. But it becomes curse when it is used without any thought. A slip of tongue, the use of unusual word or an ambiguous word may create an enemy. Different classes of people use different vocabularies. So one should be very careful in handling the speech and should express according to the kinds and conditions of men.
(b) A suitable title to the given passage may be ‘Speech, Blessings as well as Curse’.
(c) These types of words are used either without thought or sometimes it may be understood in two or more possible senses respectively.
(d) Speech can be great blessing if it has been used with thought and careful handling. (2017)

Exercise 35

(a) Sardar Patel was called the ‘Iron man of India’ because he was a strict and efficient administrator.
(b) In private life, Sardar Patel was kind and considerate. Sometimes, he became emotional even.
(c)
(i) Any person could be sure of his being a strict and efficient administrator.
(ii) He was a philanthropist. He profoundly loved all wihout any distiction. Thus he had firm faith in universal love.
(d) Summary : Generally the people opined that Sardar Patel was a man of rough temperament. He was called an Iron man because he was a strict and efficient administrator. But in personal life he was kind and considerate and even emotional. He was a great organiser. He selected proper man and got every work done by him.
(e) ‘Sardar Patel, the Iron man’. (2018)

The half-life formula of a reaction is the time required for the reactant concentration to decrease to one-half its initial value.

Exercise 36

(a) The children.believe in challenges and possibilities.
(b) When we grow up our inspiration is dampened by the skepticism and realism of society. Our self-doubt also grows up.
(c) We merely exist means we pull on our lives in a half-hearted manner.
(d) Life becomes full of inspiration, involvement and intensity when we do what we love and love what we do.
(e) The law of nature, according to the passage is that everything which loses its purpose ceases to exist becomes extinct. (2018)

Exercise 37

(a) We call ourselves civilized because we have the advantages of the inventions of science which our ancestors had never known.
(b) We can become truly civilized by learning to live in peace.
(c)
(i) Science has made us full of more worries.
(ii) Adopt the principle of universal fraternity i.e., all the human beings are brothers.
(d) Summary : We do not claim to be civilized because we live and dress better than our ancestors. Science has equipped us with inventions. However science has increased our worries. We fight more fatal wars killing more men than earlier. To be really civilized we must believe in universal brotherhood.
(e) The suitable title is ‘true civilization’. (2018)

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UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry

UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry (वैद्युत रसायन) are part of UP Board Solutions for Class 12 Chemistry. Here we have given UP Board for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry (वैद्युत रसायन).

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject Chemistry
Chapter Chapter 3
Chapter Name Electro Chemistry
Number of Questions Solved 82
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry (वैद्युत रसायन)

अभ्यास के अन्तर्गत दिए गए प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
निकाय Mg2+ | Mg का मानक इलेक्ट्रोड विभव आप किस प्रकार ज्ञात करेंगे?
उत्तर
निकाय Mg2+ | Mg का मानक इलेक्ट्रोड विभव ज्ञात करने के लिए एक सेल स्थापित करते हैं। जिसमें एक इलेक्ट्रोड Mg | MgSO4 (1M), एक मैग्नीशियम के तार को 1M MgSO4 विलयन में डुबोकर (UPBoardSolutions.com) व्यवस्थित करते हैं तथा मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड Pt, H2 (1 atm) | H+ (1M) को दूसरे इलेक्ट्रोड की भाँति व्यवस्थित करते हैं (चित्र-1)।
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 1
सेल का विद्युत वाहक बल मापते हैं तथा वोल्टमीटर में विक्षेप की दिशा को भी नोट करते हैं। विक्षेप की दिशा प्रदर्शित करती है कि इलेक्ट्रॉनों को प्रवाह मैग्नीशियम इलेक्ट्रोड से (UPBoardSolutions.com) हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड की ओर है। अर्थात् मैग्नीशियम इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीकरण तथा हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड पर अपचयन होता है। अत: सेल को निम्नवत् व्यक्त किया जा सकता है –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 2

प्रश्न 2.
क्या आप एक जिंक के पात्र में कॉपर सल्फेट का विलयन रख सकते हैं?
उत्तर
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 3
अब हम यह जाँच करेंगे कि निम्नलिखित अभिक्रिया होगी अथवा नहीं।
Zn(s)+ CuSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Cu(s)
सेल को इस प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है –
Zn | Zn2+ || Cu2+ | Cu
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 4
= 0.34 V – (- 0.76V) = 1.1 V
चूंकि Ecell धनात्मक है, अत: अभिक्रिया होगी तथा इस कारण हम जिंक के पात्र में कॉपर सल्फेट नहीं रख सकते हैं।

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प्रश्न 3.
मानक इलेक्ट्रोड विभव की तालिका का निरीक्षण कर तीन ऐसे पदार्थ बताइए जो अनुकूल परिस्थितियों में फेरस आयनों को ऑक्सीकृत कर सकते हैं।
उत्तर
फेरस आयनों के ऑक्सीकरण का अर्थ है –
Fe2+ → Fe3+ + e ; E =- 0.77 V
केवल वे पदार्थ Fe2+ को Fe3+ में ऑक्सीकृत कर सकते हैं जो प्रबल ऑक्सीकारक हों तथा जिनका धनात्मक अपचायक विभव 0.77 V से अधिक हो जिससे सेल (UPBoardSolutions.com) अभिक्रिया का विद्युत वाहक बल धनात्मक प्राप्त हो सके। यह स्थिति उन तत्वों पर लागू हो सकती है जो विद्युत-रासायनिक श्रेणी में Fe3+ | Fe2+ से नीचे स्थित हैं; उदाहरणार्थ- Br, Cl तथा I.

प्रश्न 4.
pH = 10 के विलयन के सम्पर्क वाले हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के विभव का परिकलन कीजिए।
हल
हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के लिए,
H+ + e → 1/2 H2
नेर्नुस्ट समीकरण से,
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 5

प्रश्न 5.
एक सेल के emf का परिकलन कीजिए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है। दिया गया है: Ecell = 1.05 V
Ni(s) + 2Ag+ (0.002M) → Ni2+ (0.160M) + 2Ag(s)
हल
दी गई सेल अभिक्रिया के लिए नेस्ट समीकरण से,
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 6

प्रश्न 6.
एक सेल जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है –
2Fe3+ (aq) + 2I (aq) → 2Fe2+ (aq) + I(s)
का 298K ताप पर Ecell = 0.236 V है। सेल अभिक्रिया की मानक गिब्ज ऊर्जा एवं साम्य स्थिरांक का परिकलन कीजिए।
हल
2Fe3+ + 2e → 2Fe2+
2I → I2 + 2e
अतः दी गई सेल अभिक्रिया के लिए, n = 2
ΔrG = – nFEcell
= – 2 x 96500 x 0.236 J
= -45.55 kJ mol-1
ΔrG = -2.303 RT log KC
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 7
= 7.983
KC = Antilog (7.983) = 9.616 x 107

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प्रश्न 7.
किसी विलयन की चालकता तनुता के साथ क्यों घटती है?
उत्तर
विलयन की चालकता, विलयन के एकांक आयतन में उपस्थित आयनों की चालकता होती है। तनुकरण पर प्रति एकांक आयतन आयनों की संख्या घटती है, अत: चालकता भी घट जाती है।

प्रश्न 8.
जल की Δºm ज्ञात करने का एक तरीका बताइए।
उत्तर
अनन्त तनुता पर जल की सीमान्त मोलर चालकता (Δºm), अनन्त तनुता पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम क्लोराइड (जिसमें सभी प्रबल विद्युत-अपघट्य हैं) की मोलर चालकताएँ ज्ञात होने पर निम्न प्रकार प्राप्त की जा सकती है –
Δºm (H2O ) = Δºm (NaOH)  + Δºm HCl  – Δºm (NaCl)

प्रश्न 9.
0.025 mol L-1 मेथेनोइक अम्ल की चालकता 46.1 S cm2 mol-1 है। इसकी वियोजन की मात्रा एवं वियोजन स्थिरांक का परिकलन कीजिए। दिया गया है कि
λ°(H+) = 349.6S cm mol-1 एवं
λ°(HCOO-) = 54.6 S cm mol-1.
हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 8

प्रश्न 10.
यदि एक धात्विक तार में 0.5 ऐम्पियर की धारा 2 घंटों के लिए प्रवाहित होती है तो तार में से कितने इलेक्ट्रॉन प्रवाहित होंगे?
हल
Q (कूलॉम) = i (ऐम्पियर) × t (सेकण्ड)
= (0.5 ऐम्पियर) × (2 × 60 x 60 s) = 3600 C
96500 C का प्रवाह 1 मोल इलेक्ट्रॉन अर्थात् 6.02 x 1023 इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के तुल्य होता है।
3600 C के तुल्य इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह = [latex s=2]\frac { { 6.02\times 10 }^{ 23 } }{ 96500 } \times 3600[/latex]
= 2246 x 1022 इलेक्ट्रॉन

प्रश्न 11.
उन धातुओं की एक सूची बनाइए जिनका विद्युत-अपघटनी निष्कर्षण होता है।
उत्तर
Na, Ca, Mg तथा Al.

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प्रश्न 12.
निम्नलिखित अभिक्रिया में Cr2O72- आयनों के एक मोल के अपचयन के लिए कूलॉम में विद्युत की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी ?
Cr2O72- + 14H+ + 6e → 2Cr3++ + 7H2O
हल
दी गई अभिक्रिया के अनुसार,
Cr2O72- – आयनों के एक मोल को 6 मोल इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।
अतः F = 6 x 96500 C = 579000 C
अत: Cr3+ में अपचयन के लिए 579000 C विद्युत की आवश्यकता होगी।

प्रश्न 13.
चार्जिंग के दौरान प्रयुक्त पदार्थों का विशेष उल्लेख करते हुए लेड संचायक सेल की चार्जिंग क्रियाविधि का वर्णन रासायनिक अभिक्रियाओं की सहायता से कीजिए।
उत्तर
चार्जिग (आवेशन) के दौरान एक बाह्य स्रोत से (UPBoardSolutions.com) सेल को विद्युत ऊर्जा दी जाती है अर्थात् सेल एक विद्युतअपघटनी सेल की भाँति कार्य करता है। अभिक्रियाएँ डिस्चार्ज (निरावेशन) के दौरान होने वाली अभिक्रियाओं से विपरीत प्रकार होती हैं।
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 9

प्रश्न 14.
हाइड्रोजन को छोड़कर ईंधन सेलों में प्रयुक्त किए जा सकने वाले दो अन्य पदार्थ सुझाइए।
उत्तर
मेथेन (CH4), मेथेनॉल (CH3OH)।

प्रश्न 15.
समझाइए कि कैसे लोहे पर जंग लगने का कारण एक विद्युत-रासायनिक सेल बनना माना जाता है?
उत्तर
लोहे की सतह पर उपस्थित जल की परत वायु के अम्लीय ऑक्साइडों; जैसे- CO2, SO2 आदि को घोलकर अम्ल बना लेती है जो वियोजित होकर H+ आयन देते हैं
H2O+ CO2 → H2CO3 [latex s=2]\rightleftharpoons [/latex] 2H+ +CO32-
H+ आयनों की उपस्थिति में, लोहा कुछ स्थलों पर से इलेक्ट्रॉन खोना प्रारम्भ कर देता है तथा फेरस आयन बना लेता है। अतः ये स्थल ऐनोड का कार्य करते हैं –
Fe(s) → Fe2+ (aq) + 2e
इस प्रकार धातु से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन अन्य स्थलों पर पहुँच जाते हैं जहाँ H+ आयन तथा घुली हुई ऑक्सीजन इन इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण कर लेती है तथा अपचयन अभिक्रिया हो जाती है। अतः ये स्थल कैथोड की भाँति कार्य करते हैं –
O2(g) +4H+ (aq) +4e → 2H2O(l)
सम्पूर्ण अभिक्रिया इस प्रकारे दी जाती है
2Fe(s)+O2(g) + 4H+ (aq) → 2Fe2+ (aq) + 2H2O(l)

इस प्रकार लोहे की सतह पर विद्युत-रासायनिक सेल बन जाता है।
फेरस आयन पुनः वायुमण्डलीय ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकृत होकर फेरिक आयनों में परिवर्तित हो जाते हैं। जो जल अणुओं से संयुक्त होकर जलीय फेरिक ऑक्साइड Fe2O3. xH2O बनाते हैं। यह जंग कहलाता है।

अतिरिक्त अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित धातुओं को उस क्रम में व्यवस्थित कीजिए जिसमें वे एक-दूसरे को उनके | लवणों के विलयनों में से प्रतिस्थापित करती हैं।
Al, Cu, Fe, Mg एवं Zn.
उत्तर
Mg, Al, Zn, Fe तथा Cu

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प्रश्न 2.
नीचे दिए गए मानक इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
K+ । K = -2.93 V, Ag+ | Ag= 0.80V,
Hg2+ | Hg= 0.79 V
Mg2+ | Mg = -2.37 V, Cr3+ | Cr = -0.74 V
उत्तर
किसी धातु की अपचायक शक्ति उसके ऑक्सीकरण विभव पर निर्भर करती है। ऑक्सीकरण विभव जितना अधिक होगा, ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति (UPBoardSolutions.com) उतनी अधिक होगी तथा इसलिए उसकी अपचायक शक्ति भी उतनी ही अधिक होगी। अत: दिये गये धातुओं की बढ़ती अपचायक शक्ति का क्रम निम्न होगा –
Ag < Hg < Cr < Mg < K

प्रश्न 3.
उस गैल्वेनी सेल को दर्शाइए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है –
Zn(s) + 2Ag+ (aq) → Zn2+ (aq) + 2Ag(s)
अब बताइए –

  1. कौन-सा इलेक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित है?
  2. सेल में विद्युत-धारा के वाहक कौन-से हैं?
  3. प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर होने वाली अभिक्रिया क्या है?

उत्तर
जिंक इलेक्ट्रोड ऐनोड का कार्य करता है, जबकि सिल्वर इलेक्ट्रोड कैथोड का कार्य करता है। सेल को निम्न प्रकार प्रदर्शित कर सकते हैं –
Zn (S)| Zn2+ (aq)|| Ag+ (aq)| Ag (s)
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 10

  1. Zn / Zn2+ इलेक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित होता है तथा ऐनोड की तरह कार्य करता है।
  2. बाह्य परिपथ में इलेक्ट्रॉन तथा आंतरिक परिपथ में आयन।
  3. ऐनोड पर : Zn (s) → Zn2+ (aq) + 2e
    कैथोड पर : Ag+ (aq) + e → Ag(s)

प्रश्न 4.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं वाले गैल्वेनी सेल का मानक सेल-विभव परिकलित कीजिए।
(i) 2Cr(s) + 3Cd2+ (aq) → 2Cr3+ (aq) + 3Cd
(ii) Fe2+ (aq) + Ag+ (aq) → Fe3+ (aq) + Ag(s)
उपर्युक्त अभिक्रियाओं के लिए ΔrG एवं साम्य स्थिरांकों की भी गणना कीजिए।
हल
(i) सेले को निम्न प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 11
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 12

प्रश्न 5.
निम्नलिखित सेलों की 298K पर नेर्नुस्ट समीकरण एवं emf लिखिए।

  1. Mg(s) | Mg2+ (0001 M) || Cu2+ (0.0001 M) | Cu(s)
  2. Fe(s) | Fe2+ (0.001 M) || H+ (1 M) | H2(g) (1 bar) | Pt(s)
  3. Sn(8) | Sn2+ (0.050 M) | H+ (0.020 M) | H2(g) (1 bar) | Pt(s)
  4. Pt(s) | Br (0.010 M)|Br2 (l) || H+ (0.030 M) | H2(g) (1 bar) | Pt (s).

हल
1. सेल अभिक्रिया निम्न प्रकार है –
Mg(s) + Cu2+ (0.0001 M) → Mg2+ (0.001 M) + Cu (s)
इसलिए n = 2,
इसके अनुसार नेर्नस्ट समीकरण निम्नवत् होगी –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 13

2. सेल अभिक्रिया निम्न है –
Fe(s) + 2H+ (1M)→ Fe2+ (0.001M)+ H2 (1bar)
इसलिए n = 2,
इस सेल के epf के लिए नेर्नस्ट समीकरण निम्न होगी –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 14

3. सेल अभिक्रिया निम्न है –
Sn(s) + 2H+ (0.020M) → Sn2+ (0.050M)+ H2 (1 bar)
इसलिए n = 2,
इसके अनुसार, नेर्नस्ट समीकरण निम्न होगी –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 14a

4. सेल अभिक्रिया निम्न है –
2Br (0.010 M) + 2H+ (0.030 M) → Br2(l) + H2 (1 bar)
इसलिए n = 2,
सेल के लिए नेर्नस्ट समीकरण के अनुसार emf निम्न है –
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 15
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 16

प्रश्न 6.
घड़ियों एवं अन्य युक्तियों में अत्यधिक उपयोग में आने वाली बटन सेलों में निम्नलिखित अभिक्रिया होती है –
Zn(s) + Ag2O(s) + H2O(l) → Zn2+ (aq) + 2Ag(s) + 2OH (aq)
अभिक्रिया के लिए ΔrG एवं E ज्ञात कीजिए।
हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 17
सेल अभिक्रिया के लिए, n = 2
∴ ΔrG = – nFEcell
∴ ΔrG = – 2 x 96500 x 1.104 = -2.13 x 105 CV mol-1
= – 2.13 x 10 J mol-1

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प्रश्न 7.
किसी विद्युत-अपघट्य के विलयन की चालकता एवं मोलर चालकता की परिभाषा दीजिए। सान्द्रता के साथ इनके परिवर्तन की विवेचना कीजिए।
उत्तर
विद्युत-अपघट्य के विलयन की चालकता (Conductivity of the solution of an electrolyte) – यह प्रतिरोध R का व्युत्क्रम होती है तथा इसे उस सरल रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिससे धारा किसी चालक में प्रवाहित होती है।
c = [latex s=2]\frac { 1 }{ R } =\frac { A }{ pl } [/latex]
k = [latex s=2]\frac { A }{ l }[/latex]
यहाँ k विशिष्ट चालकता है। चालकता का SI मात्रक सीमेन्ज (Siemens) है जिसे प्रतीक ‘S’ से निरूपित किया जाता है तथा यह ohm-1 या Ω-1 के तुल्य होता है।
मोलर चालकता (Molar conductivity) – वह चालकता जो 1 मोल विद्युत-अपघट्य को विलयन में घोलने पर समस्त आयनों द्वारा दर्शायी जाती है, मोलर चालकता कहलाती है, इसे Δm (लैम्ब्डा) से व्यक्त किया जाता है। यदि विद्युत-अपघट्य विलयन के V cm3 में विद्युत-अपघट्य के 1 mol उपस्थित हों, तब
Δm = K x V
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 18
इसकी इकाई ohm-1 cm2 mol-1 या S cm2 mol-1 है।

सान्द्रता के साथ चालकता तथा मोलर चालकता में परिवर्तन
(Variation of Conductivity and Molar Conductivity with Concentration)
विद्युत-अपघट्य की सान्द्रता में परिवर्तन के साथ-साथ चालकता एवं मोलर चालकता दोनों में परिवर्तन होता है। दुर्बल एवं प्रबल दोनों प्रकार के विद्युत-अपघट्यों की सान्द्रता (UPBoardSolutions.com) घटाने पर चालकता सदैव घटती है। इसकी इस तथ्य से व्याख्या की जा सकती है कि तनुकरण (dilution) करने पर प्रति इकाई आयतन में विद्युत धारा ले जाने वाले आयनों की संख्या घट जाती है। किसी भी सान्द्रता पर विलयन की चालकता उस विलयन के इकाई आयतन का चालकत्व होता है जिसे परस्पर इकाई दूरी पर स्थित एवं इकाई अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले दो प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के मध्य रखा गया हो।

यह निम्नलिखित समीकरण से स्पष्ट है –
C = [latex s=2]\frac { kA }{ l } [/latex] =k
(A एवं । दोनों ही उपयुक्त इकाइयों m या cm में हैं)
किसी दी गई सान्द्रता पर एक विलयन की मोलर चालकता उस विलयन के V आयतन का चालकत्व है जिसमें विद्युत-अपघट्य का एक मोल घुला हो तथा जो एक-दूसरे से इकाई दूरी पर स्थित, A अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले दो इलेक्ट्रोडों के मध्य रखा गया हो। अतः
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 19
Δm = [latex s=2]\frac { kA }{ l } [/latex] = k
चूंकि l = 1 एवं A = V (आयतन, जिसमें विद्युत अपघट्य का एक मोल घुला है।)
Δm = k V
सान्द्रता घटने के साथ मीलर चालकता बढ़ती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह कुल आयतन (V) भी बढ़ जाता है जिसमें एक मोल विद्युत अपघट्य उपस्थित होता है। यह पाया गया है कि विलयन के तनुकरण पर आयतन में वृद्धि K में होने वाली कमी की तुलना में कहीं अधिक होती है।

प्रबल विद्युत-अपघट्य (Strong Electrolytes)
प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए Δm का मान तनुता के साथ धीरे-धीरे बढ़ता है एवं इसे निम्नलिखित समीकरण द्वारा निरूपित किया जा सकता है –
Δm  = Δºm – Ac1/2
यह देखा जा सकता है कि यदि Δm को c1/2 के विपरीत आरेखित किया जाए (चित्र-3) तो हमें एक सीधी रेखा प्राप्त होती है जिसका अन्त:खण्ड A एवं ढाल ‘A’ के बराबर है। दिए गए विलायक एवं ताप पर स्थिरांक ‘A का मान विद्युत-अपघट्य के प्रकार अर्थात् विलयन में विद्युत-अपघट्य के (UPBoardSolutions.com) वियोजन से उत्पन्न धनायन एवं ऋणायन के आवेशों पर निर्भर करता है। अत: NaCl, CaCl2, MgSO4 क्रमशः 1-1, 2-1 एवं 2-2 विद्युत-अपघट्य के रूप में जाने जाते हैं। एक प्रकार के सभी विद्युत-अपघट्यों के लिए ‘A’ का मान समान होता है।

प्रश्न 8.
298 K पर 0.20 M KCl विलयन की चालकता 0.0248 S cm-1 है। इसकी मोलर चालकता का परिकलन कीजिए।
हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 20

प्रश्न 9.
298 K पर एक चालकता सेल जिसमें 0.001 M KCl विलयन है, का प्रतिरोध 1500 Ω है। यदि 0.001 M KCl विलयन की चालकता 298K पर 0.146 x 10-3 S cm-1 हो तो सेल स्थिरांक क्या है?
हल
k = [latex s=2]\frac { 1 }{ R } [/latex] x सेल नियतांक
∴ सेल नियतांक = K R= 0.146 x 10-3 x 1500 = 0.219 cm-1

प्रश्न 10.
298 K पर सोडियम क्लोराइड की विभिन्न सान्द्रताओं पर चालकता का मापन किया गया जिसके आँकड़े अग्रलिखित हैं –
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हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 22
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सीधी रेखा को पीछे तक खींचने पर यह Δm अक्ष पर 124.0 S cm2 mol-1 पर मिलती है। यह Δºm का मान है।

प्रश्न 11.
0.00241 M ऐसीटिक अम्ल की चालकता 7.896 x 10-5 S cm-1 है। इसकी मोलर चालकता को परिकलित कीजिए। यदि ऐसीटिक अम्ल के लिए  Δºm का मान 390.5 S cm2 mol-1 हो तो इसका वियोजन स्थिरांक क्या है?
हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 24

प्रश्न 12.
निम्नलिखित के अपचयन के लिए कितने आवेश की आवश्यकता होगी?
(i) 1 मोल Al3+ को Al में
(ii) 1 मोल Cu2+ को Cu में।
(iii) 1 मोल MnO4 को Mn2+ में
हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 25

प्रश्न 13.
निम्नलिखित को प्राप्त करने में कितने फैराडे विद्युत की आवश्यकता होगी?
(i) गलित CaCl2 से 20.0 g Ca
(ii) गलित Al2O3 से 40.0 g Al
हल
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प्रश्न 14.
निम्नलिखित को ऑक्सीकृत करने के लिए कितने कूलॉम विद्युत आवश्यक है?

  1. 1 मोल H2O को O2 में।
  2. 1 मोल FeO को Fe2O3 में।

हल
1. 1 mol H2O के लिए इलेक्ट्रोड अभिक्रिया इस प्रकार दी जाती है –
H2O → H2 + 1/2 O2
अर्थात् O2- → 1/2 O2 + 2e
∴ आवश्यक विद्युत की मात्रा = 2F = 2 x 96500 C = 193000 C

2. 1 mol FeO के लिए इलेक्ट्रोड अभिक्रिया इस प्रकार दी जाती है –
FeO → 1/2 Fe2O3
अर्थात् Fe2+ → Fe3+ + e
∴ आवश्यक विद्युत की मात्रा = 1F = 96500 C

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प्रश्न 15.
Ni(NO3)2 के एक विलयन का प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के बीच 5 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित करते हुए 20 मिनट तक विद्युत-अपघटन किया गया। Ni की कितनी मात्रा कैथोड पर निक्षेपित होगी?
हल
अभिक्रिया निम्न प्रकार सम्पन्न होती है –
Ni2+ + 2e  → Ni
Ni का परमाणु भार = 58.70
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प्रश्न 16.
ZnSO4, AgNO3 एवं CuSO4 विलयन वाले तीन विद्युत-अपघटनी सेलों A, B, C को श्रेणीबद्ध किया गया एवं 1.5 ऐम्पियर की विद्युत धारा, सेल B के कैथोड पर 145 सिल्वर निक्षेपित होने तक लगातार प्रवाहित की गई। विद्युत धारो कितने समय तक प्रवाहित हुई? निक्षेपित कॉपर एवं जिंक को द्रव्यमान क्या होगा ?
हल
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 28

प्रश्न 17.
तालिका 3.1 (पाठ्यपुस्तक) में दिए गए मानक इलेक्ट्रोड विभवों की सहायता से अनुमान लगाइए कि क्या निम्नलिखित अभिकर्मकों के बीच अभिक्रिया सम्भव है?
(i) Fe3+ (aq) और I (aq)
(ii) Ag+ (aq) और Cu (s)
(iii) Fe3+ (aq) और Br (aq)
(iv) Ag (s) और Fe3+ (aq)
(v) Br2(aq) और Fe2+ (aq).
उत्तर
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प्रश्न 18.
निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए विद्युत-अपघटन से प्राप्त उत्पाद बताइए –

  1. सिल्वर इलेक्ट्रोडों के साथ AgNO3 का जलीय विलयन
  2. प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ AgNO3 का जलीय विलयन
  3. प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ H2SO4 का तनु विलयन
  4. प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ CuCl2 का जलीय विलयन।

उत्तर
1. AgNO3 (aq) → Ag+ (aq) + NO3 (aq)
H2O [latex s=2]\leftrightarrows [/latex] H+ + OH
कैथोड पर : चूंकि सिल्वर का अपचयन विभव (+0.80 V) जल (-0.830 V) से अधिक है, इसलिए Ag+ वरीयता के आधार पर अपचयित होगा तथा सिल्वर धातु कैथोड पर जमा होगी।
Ag+ (aq) + e → Ag (s)
ऐनोड पर : निम्न अभिक्रिया होगी –
H2O (l) → 1/2 O2(g) + 2H+ (aq)
NO3 (aq) → NO3 + e
Ag(s) → Ag+ (aq) + e

इन अभिक्रियाओं में कॉपर का अपचयन विभव न्यूनतम है। इसलिए सिल्वर स्वयं ऐनोड पर ऑक्सीकरण के फलस्वरूप Ag’ में परिवर्तित हो जायेगी और Ag’ आयन विलयन में चले जायेंगे।
Ag(s) → Ag(aq) + e

2. कैथोड पर : सिल्वर आयने अपचयित होंगे तथा सिल्वर धातु जमा होगी।
ऐनोड पर : चूँकि जल का अपचयन विभव NO3 आयनों से कम होता है, इसलिए जल वरीयता के आधार पर ऑक्सीकृत होगा तथा ऑक्सीजन मुक्त होगी।
H2O (l) → 1/2 O(g) + 2H+ (aq) + 2e

3. प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के साथ H2SO4 के तनु विलयन का विद्युत-अपघटन
H2SO4(aq) → 2H+ (aq) + SO2-4 (aq)
H2O [latex s=2]\leftrightarrows [/latex] H+ + OH
कैथोड पर : H+ +e → H
H → H(g)
ऐनोड पर : OH → OH + e
4OH → 2H2O (l) + O(g)
अत: कैथोड पर H, तथा ऐनोड पर 0 मुक्त होगी।

4. CuCl2 (aq) → Cu2+ (aq) + 2Cl (aq)
H2O [latex s=2]\leftrightarrows [/latex] H+ + OH
कैथोड पर : चूंकि Cu2+ (+0.341 V) का अपचयन विभव जल (-0.83 V) से अधिक होता है, इसलिए Cu2+ वरीयता के आधार पर अपचयित होंगे तथा कैथोड पर कॉपर धातु जमा होगी।
Cu2+ (aq) + 2e → Cu (s)

ऐनोड पर : निम्न अभिक्रियाओं के होने की सम्भावना है –
H2O (l) → 1/2 O(g) + 2H+ (aq) + 2e– ;
E° = +1.23 V
2Cl–  (aq) → Cl2 (g) + 2e–  ; E° = + 1.36V
चूँकि जल का अपचयन विभव Cl (जलीय) आयनों से कम होता है, इसलिए जल वरीयता के आधार पर ऐनोड पर ऑक्सीकृत होगा तथा O2, गैस मुक्त होगी।

परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1.
चार क्षार धातुओं A, B, C व D के मानक अपचयन विभव क्रमशः-3.05 -1.66,- 0.40 तथा 0.80 वोल्ट हैं। इनमें से प्रबलतम अपचायक है – (2011)
(i) A
(ii) B
(iii) C
(iv) D
उत्तर
(i) A

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प्रश्न 2.
प्रबलतम अपचायक है – (2016)
(i) Li
(ii) Na
(iii) K
(iv) Cs
उत्तर
(i) Li

प्रश्न 3.
25°C पर Li+ /Li, Ba2+ / Ba, Na+ / Na तथा Mg2+/Mg के मानक अपचयन इलेक्ट्रोड विभव क्रमशः -305,- 273 – 271 तथा -237 वोल्ट हैं। सबसे प्रबल ऑक्सीकारक है – (2009, 13, 18)
(i) Ba2+
(ii) Mg2+
(iii) Na+
(iv) Li+
उत्तर
(ii) Mg2+

प्रश्न 4.
किसी भी इलेक्ट्रोड का इलेक्ट्रोड विभव निर्भर करता है – (2012)
(i) धातु की प्रकृति पर
(ii) विलयन के ताप पर
(iii) विलयन की मोलरता पर
(iv) इनमें से सभी पर
उत्तर
(iv) इनमें से सभी पर

प्रश्न 5.
तत्त्वों A, B,C तथा D के मानक अपचयन विभव क्रमशः -2.90, +1.50, -0.74 तथा +0.34 वोल्ट हैं। इनमें सर्वाधिक विभव ऑक्सीकारक है – (2016)
(i) A
(ii) B
(iii) C
(iv) D
उत्तर
(ii) B

प्रश्न 6.
धातु जो सरलता से ऑक्सीकृत हो जाती है – (2017)
(i) Cu
(ii) Ag
(iii) Al
(iv) At
उत्तर
(iii) Al

प्रश्न 7.
चार धातुओं A, B, C तथा D के मानक ऑक्सीकरण इलेक्ट्रोड विभव क्रमशः + 1.5 वोल्ट,- 20 वोल्ट, + 0.84 वोल्ट तथा- 0.36 वोल्ट हैं। इन धातुओं की बढ़ती सक्रियता का क्रम है – (2017)
(i) A < B < C < D
(ii) D < C < B < A
(iii) A < C < D < B
(iv) B < C < D < A
उत्तर
(iii) A < C < D < B

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प्रश्न 8.
निम्न में कौन-सा ऑक्साइड हाइड्रोजन द्वारा अपचयित होगा? (2017)
(i) Na2O
(ii) MgO
(iii) Al2O3
(iv) Ag2O
उत्तर
(iv) Ag2O

प्रश्न 9.
Mg, Cu, Na तथा Au की सक्रियता का सही क्रम है – (2016)
(i) Au > Cu > Mg > Na
(ii) Mg > Cu > Au > Na
(iii) Na > Mg > Cu> Au
(iv) Cu > Mg > Na > Au
उत्तर
(iii) Na > Mg > Cu> Au

प्रश्न 10.
चार धातुओं A, B, C, D के मानक इलेक्ट्रोड विभव (E0) क्रमशः + 1.5 V, -20 V, + 0.34 V तथा – 0.76 v हैं। इन धातुओं की घटती हुई सक्रियता का क्रम है –(2014)
(i) A> C> D> B
(ii) A> B> D> C
(iii) B> D> C> A
(iv) D> A> B> C
उत्तर
(iii) B> D> C> A

प्रश्न 11.
A, B और C तत्त्वों का मानक अपचयन विभव क्रमशः +0.68 V,-0.50 V और-2.5 V है। उनकी अपचयन शक्ति का क्रम है – (2017)
(i) A > B > C
(ii) A > C > B
(iii) C > B > A
(iv) B > C > A
उत्तर
(ii) A > C > B

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प्रश्न 12.
धातु जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से H, विस्थापित नहीं कर सकती है, वह है – (2017)
(i) Zn
(ii) Cu
(iii) Mg
(iv) Al
उत्तर
(ii) Cu

प्रश्न 13.
निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया सम्भव नहीं है? (2017)
(i) Cu + 2AgNO3 → Cu (NO3)2 + 2Ag
(ii) CaO + H2 → Ca + H2O
(iii) CuO+ H2 → Cu + H2O
(iv) Fe + H2SO4 → FeSO4 + H2 ↑
उत्तर
(i) Cu + 2AgNO3 → Cu (NO3)2 + 2Ag

प्रश्न 14.
आर्यन जिसकी विद्युत चालकता जलीय विलयन में सबसे अधिक है, है – (2014)
(i) Li+
(ii) Na+
(iii) K+
(iv) Cs+
उत्तर
(iv) Cs+

प्रश्न 15.
अच्छे चालकत्व विलयन वाले पदार्थ हैं – (2017)
(i) दुर्बल वैद्युत अपघट्य
(ii) प्रबल वैद्युत अपघट्य
(iii) विद्युत अपघट्य
(iv) उत्प्रेरक
उत्तर
(ii) प्रबल वैद्युत अपघट्य

प्रश्न 16.
[latex s=2]\frac { N }{ 50 } [/latex] KCl विलयन की 25°C पर विशिष्ट चालकता 0.002765 म्हो सेमी-1  है। यदि विलयन सहित सेल का प्रतिरोध 400 ओम हो तो सेल स्थिरांक होगा – (2017)
(i) 0.553 सेमी-1
(ii) 1.106 सेमी-1
(iii) 2.212 सेमी-1
(iv) इनमें से कोई नही
उत्तर
(ii) 1.106 सेमी-1

प्रश्न 17.
जल के विद्युत अपघटन में बनी ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का भारात्मक अनुपात है – (2016)
(i) 2 : 1
(ii) 8 : 1
(iii) 16 : 1
(iv) 1 : 4
उत्तर
(i) 2 : 1

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प्रश्न 18.
हाइड्रोजन-ऑक्सीजन ईंधने सेल में नेट अभिक्रिया संपन्न होती है – (2016)
(i) 2H(g) +4 OH (aq) → 4H2O (l) +4e
(ii) O2(g) + 2H2O (l) → 2e + 4OH (aq)
(iii) 2H2(g) + O(g) → 2H2O (l)
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर
(iii) 2H2(g) + O(g) → 2H2O (l)

प्रश्न19.
सीसा संचायक सेल को आवेशित करने पर – (2017)
(i) PbO2 घुलता है।
(ii) लेड इलेक्ट्रोड पर PbSO4 जमता है।
(iii) H2SO4 पुन: बनता है।
(iv) अम्ल की मात्रा घटती है।
उत्तर
(ii) लेड इलेक्ट्रोड पर PbSO4 जमता है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रेडॉक्स विभव किसे कहते हैं? (2014)
उत्तर
जब सेल में ऑक्सीकरण तथा अपचयन अभिक्रिया होती है तो धातु और विलयन के मध्य स्थापित विभवान्तर को रेडॉक्स विभव कहते हैं; जैसे
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 32
यदि इस प्रकार के सेल का विभव E हो तो ऑक्सीकारक की सान्द्रता [Ox] तथा अपचायक की सान्द्रता [Red] में 25°C पर निम्नलिखित सम्बन्ध होता है –
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जहाँ, E° रेडॉक्स विभव है और n ऑक्सीकारक (Ox) द्वारा ग्रहण किये गये इलेक्ट्रॉनों की संख्या है। जिन्हें ऑक्सीकारक ग्रहण करके अपने संगत अपचायक में बदल देता है।

प्रश्न 2.
किसी सेल के विद्युत वाहक बल से क्या तात्पर्य है? (2017)
उत्तर
किसी सेल के इलेक्ट्रोडों के इलेक्ट्रोड विभवों में वह अन्तर, जब सेल से परिपथ में कोई विद्युत धारा नहीं बहती है, सेल को विद्युत वाहक बल कहलाता है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित सम्भव अभिक्रियाओं की सहायता से Mg, Zn, Cu और Ag को उनके घटते हुए इलेक्ट्रोड विभव के क्रम में लिखिए – (2014)

  1. Cu + 2Ag+ → Cu2+ + 2Ag
  2. Mg + Zn2+ → Mg2+ + Zn
  3. Zn + Cu2+ → Zn2+ + Cu

उत्तर

  1. Cu + 2Ag+ → Cu2+ + 2Ag
    Cu > E°Ag
  2.  Mg + Zn2+ → Mg2+ + Zn
    Mg  > E°Zn
  3. Zn + Cu2+ → Zn2+ + Cu
    Zn > E°Cu

अतः E° का घटता हुआ क्रम इस प्रकार होगा –
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प्रश्न 4.
Mg, Zn, Cu, Ag में से किस तत्त्व की अम्ल से अभिक्रिया होने पर हाइड्रोजन गैस विमुक्त होती है? (2015)
उत्तर
Mg तथा Zn अम्ल से अभिक्रिया करके H, गैस विमुक्त करते हैं क्योंकि विद्युत रासायनिक श्रेणी में Mg तथा Zn का स्थान हाइड्रोजन से ऊपर है अर्थात् Mg तथा Zn की अपचायक क्षमता हाइड्रोजन से अधिक है।

प्रश्न 5.
कॉपर सल्फेट के विलयन में लोहे की कील डालने पर क्या होगा? (2016)
उत्तर
कॉपर सल्फेट के विलयन में लोहे की कील डालने पर लोहे की कील के ऊपर कॉपर की परत चढ़ जायेगी, क्योंकि कॉपर की सक्रियता लोहे से कम होती है।

प्रश्न 6.
जिंक तथा ताँबे में से एक अम्लों से हाइड्रोजन गैस विस्थापित नहीं करता है। क्यों? (2016)
उत्तर
वैद्युत रासायनिक श्रेणी में जिंक हाइड्रोजन से ऊपर तथा ताँबा हाइड्रोजन से नीचे स्थित है जिसके कारण जिंक हाइड्रोजन से अधिक अपचायक है और ताँबा कम अपचायक है। इसीलिए जिंक अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थाप्रित करता है परन्तु, ताँबा नहीं करता है।

प्रश्न 7.
यद्यपि विद्युत रासायनिक श्रेणी में ऐलुमिनियम हाइड्रोजन से ऊपर है किन्तु यह वायु और जल में स्थायी है। क्यों? (2016, 18)
उत्तर
यद्यपि विद्युत रासायनिक श्रेणी में ऐलुमिनियम हाइड्रोजन से ऊपर है किन्तु यह वायु और जल में स्थायी है क्योंकि यह गर्म जल या जलवायु के साथ उच्च ताप पर क्रिया करता है और साधारण ताप पर जल के साथ इसकी क्रिया मन्द होती है।

प्रश्न 8.
Zn तथा Fe, कॉपर सल्फेट (CuSO4) में Cu को विस्थापित कर सकते हैं, परन्तु Pt और Ag नहीं करते। कारण स्पष्ट कीजिए। (2009, 12, 13)
या
Zn, CuSO4 विलयन से कॉपर को विस्थापित कर सकता है जबकि सोना (Ag) ऐसा नहीं कर सकता है। क्यों? (2017)
उत्तर
कम इलेक्ट्रोड विभव वाली धातु अधिक इलेक्ट्रोड विभव वाली धातु को उसके लवण के विलयन में से प्रतिस्थापित कर देती है। विद्युत रासायनिक श्रेणी में नीचे की ओर चलने पर इलेक्ट्रोड विभव कम होता जाता है। चूंकि विद्युत रासायनिक श्रेणी में Zn तथा Fe धातुएँ Cu से नीचे स्थित हैं अत: (UPBoardSolutions.com) इनका इलेक्ट्रोड विभव Cu से कम होता है और ये Cu को उसके लवण विलयन CuSO4 में से विस्थापित कर देती हैं, जबकि Pt और Ag का स्थान विद्युत रासायनिक श्रेणी में Cu से ऊपर होता है जिसके कारण इनका इलेक्ट्रोड विभव Cu से अधिक होता है। इसी कारण से ये Cu को इसके लवण विलयन में से विस्थापित नहीं कर पाती हैं।

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प्रश्न 9.
सिल्वर नाइट्रेट के घोल में कॉपर की छड़ डालने पर घोल नीला क्यों हो जाता है? (2010, 16)
उत्तर
वैद्युत रासायनिक श्रेणी का प्रत्येक तत्त्व अपने से नीचे स्थित तत्त्वों को उसके विलयन से विस्थापित कर सकता है। श्रेणी में Cu का स्थान Ag से ऊपर है. अत: यह AgNO3 से निम्नलिखित क्रिया देगा –
Cu + 2AgNO3 → Cu2+ + 2NO3 + 2Ag
इस प्रकार विलयन में क्यूप्रिंक आयन (Cu2+) विद्यमान होने से विलयन का रंग नीला हो जायेगा।

प्रश्न 10.
विशिष्ट चालकता से क्या तात्पर्य है? इसका मात्रक क्या है? (2014, 17)
उत्तर
किसी चालक के विशिष्ट प्रतिरोध के व्युत्क्रम को उस चालक की विशिष्ट चालकता (या केवल चालकता) कहते हैं। इसे ग्रीक अक्षर K (कप्पा, kappa) से निरूपित किया जाता है।
k = [latex s=2]\frac { 1 }{ p } [/latex]
विशिष्ट चालकता के मात्रक ओम-1 सेमी-1 या Ω-1 सेमी-1 या S सेमी-1 हैं।

प्रश्न11.
एक विद्युत अपघट्य विलयन की मोलर चालकता को परिभाषित कीजिए तथा उसके मात्रक लिखिए। (2014, 18)
उत्तर
किसी विलयन के एक निश्चित आयतन में उपस्थित एक विद्युत अपघट्य पदार्थ के एक मोल द्वारा उपलब्ध कराये गये आयनों की चालकता को मोलर चालकता कहते हैं। इसे A से प्रदर्शित करते हैं। मोलर चालकता के मात्रक ओम-1 सेमी2 मोल-1 या S सेमी2 मोल-1 हैं।

प्रश्न 12.
कोलराउश का नियम क्या है? (2014, 15, 16, 17)
उत्तर
इस नियम के अनुसार, “किसी विद्युत अपघट्य की अनन्त तनुता पर चालकता इसके धनायनों तथा ऋणायनों की मोलर चालकताओं के योग के बराबर होती है, यदि प्रत्येक चालकता पद को विद्युत अपघट्य सूत्र में उपस्थित संगत आयनों की संख्या से गुणा किया जाये।”
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प्रश्न13.
मोलर चालकता तथा तुल्यांक चालकता में क्या सम्बन्ध है? (2017)
उत्तर
मोलर चालकता तथा तुल्यांक चालकता में निम्नलिखित सम्बन्ध है – UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 36

प्रश्न14.
विद्युत अपघटन की क्रियाविधि उपयुक्त उदाहरण सहित समझाइए। (2016)
उत्तर
किसी विद्युत अपघट्य का विद्युत धारा द्वारा अपघटन विद्युत अपघटन कहलाता है। उदाहरणार्थ- गलित सोडियम क्लोराइड में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर यह सोडियम और क्लोरीन में अपघटित हो जाता है।
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प्रश्न15.
फैराडे का विद्युत अपघटन का प्रथम नियम लिखिए। (2017)
उत्तर
इस नियम के अनुसार, “विद्युत अपघटन की प्रक्रिया में किसी इलेक्ट्रोड विशेष पर मुक्त (अथवा एकत्रित) पदार्थ का द्रव्यमान विलयन में प्रवाहित की गई विद्युत की मात्रा (कुल आवेश) के समानुपाती होता है।”

प्रश्न16.
फैराडे का विद्युत अपघटन का द्वितीय नियम लिखिए। (2016, 17)
उत्तर
इस नियम के अनुसार, “जब श्रेणीक्रम में जुड़े विभिन्न विद्युत अपघट्यों के विलयनों में समान मात्रा में विद्युत प्रवाहित की जाती है, तो इलेक्ट्रोडों पर मुक्त (या एकत्रित) पदार्थों के द्रव्यमान उनके तुल्यांक भारों के समानुपाती होते हैं।’
अर्थात्  W1 ∝ E1 W2 ∝ E2, [latex s=2]\frac { { W }_{ 1 } }{ { E }_{ 1 } } [/latex] = [latex s=2]\frac { { W }_{ 2 } }{ { E }_{ 1=2 } } [/latex] = [latex s=2]\frac { { W }_{ 3 } }{ { E }_{ 3 } } [/latex]

प्रश्न17.
विद्युत लेपन को उदाहरण द्वारा संक्षेप में समझाइए। (2014)
उत्तर
विद्युत अपघटन द्वारा कम सक्रिय धातु की कलई अधिक सक्रिय धातु पर चढ़ाई जाती है। इस प्रक्रिया को विद्युत लेपन कहते हैं। धातुओं की होने वाली अवांछनीय संक्षारण क्रिया को विद्युत लेपन द्वारा रोका जाता है।
उदाहरणार्थ– लोहे की चादर पर जिंक या टिन का लेप किया जाता है। क्योंकि जिंक या टिन की सक्रियता लोहे से कम है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विद्युत अपघटनी सेल तथा गैल्वेनी सेल में अन्तर स्पष्ट कीजिए। (2014, 15, 17)
उत्तर
विद्युत अपघटनी सेल तथा गैल्वेनी सेल में निम्न अन्तर हैं –
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प्रश्न 2.
इलेक्ट्रोड विभव किसे कहते हैं? इसका मान किन-किन कारकों पर निर्भर करता है? (2012, 15)
उत्तर
जब किसी धातु (इलेक्ट्रोड) को उसी धातु के किसी लवण विलयन में रखा जाता है तो धातु तथा विलयन के सम्पर्क स्थल पर वैद्युत द्विक-स्तर (electrical double layer) उत्पन्न हो जाता है जिसके फलस्वरूप धातु तथा विलयन के मध्य विभवान्तर उत्पन्न हो जाता है जिसे (UPBoardSolutions.com) इलेक्ट्रोड विभव (electrode potential) कहते हैं। इसे E° से प्रकट करते हैं और इसे वोल्ट में मापा जाता है। उदाहरणार्थ-जब कॉपर की छड़, कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोई जाती है तो कॉपर की छड़, विलयन के सापेक्ष ऋणावेशित हो जाती है जिससे कॉपर धातु और कॉपर आयनों के मध्य विभवान्तर उत्पन्न हो जाता है।
Cu (s) [latex s=2]\rightleftharpoons [/latex] Cu2+ + 2e
इस विभवान्तर को कॉपर इलेक्ट्रोड का विभव कहते हैं।
इलेक्ट्रोड विभव निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है –

  1. चालक की प्रकृति – जिस इलेक्ट्रोड की चालकता अधिक होगी वह उतना ही अधिक इलेक्ट्रोड विभवे उत्पन्न करता है।
  2. धात्विक आयन की विलयन में सान्द्रता – सान्द्रता बढ़ाने पर इलेक्ट्रोड विभव को मान घटता है, क्योंकि सान्द्रता बढ़ाने पर आयनन घट जाता है, फलस्वरूप चालकता कम हो जाती है।
  3. तापक्रम – इलेक्ट्रोड विभव का मान ताप पर भी निर्भर करता है जो ताप बढ़ाने पर आयनन बढ़ जाने के कारण बढ़ता है।

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प्रश्न 3.
मानक इलेक्ट्रोड विभव क्या है? इलेक्ट्रोड विभव (E) और मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) में सम्बन्ध लिखिए। (2016)
या
टिप्पणी लिखिए-नेर्नस्ट समीकरण। (2015, 16, 17)
उत्तर
मानकं इलेक्ट्रोड विभव – किसी धातु की छड़ को 25°C पर एक मोलर धातु आयन सान्द्रता के विलयन में डुबोने पर धातु और विलयन के मध्य जो विभवान्तर उत्पन्न होता है उसे धातु का मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) कहते हैं।
इलेक्ट्रोड विभव (E) और मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) में सम्बन्ध
माना एक इलेक्ट्रोड अभिक्रिया इस प्रकार है –
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नेर्नस्ट के अनुसार, किसी ताप T पर धातु इलेक्ट्रोड M| Mn+ के विभव E और विलयन में धातु आयनों की सान्द्रता [Mn+] में निम्नलिखित सम्बन्ध होता है,
UP Board Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 3 Electro Chemistry image 40

इसे नेर्नस्ट समीकरण भी कहते हैं।
जहाँ E° धातु का मानक इलेक्ट्रोड विभव (वोल्ट में), R गैस नियतांक (R= 8.312 JK-1 mol-1), T परम ताप (केल्विन में), F फैराडे नियतांक (F = 96,485 C mol-1), n इलेक्ट्रोड अभिक्रिया में भाग लेने वाले इलेक्ट्रॉनों के मोलों की संख्या तथा [Mn+] विलयन में धातु आयनों की सक्रियता (activity) अथवा मोल प्रति लीटर में व्यक्त सान्द्रता है।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित सेल के विद्युत वाहक बल की गणना कीजिए – (2017)
Cu | Cu++ (1M) | Ag+ (1M) | Ag
दिया है : E° Cu2+ | Cu= + 0.34 volt
E° Ag+ | Ag = + 0.80 volt
हल
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प्रश्न 5.
निम्नलिखित सेल का e.m.f. निकालिए। यह भी बताइए कि कौन-सा इलेक्ट्रोड धन ध्रुव और कौन-सा ऋण ध्रुव है? सेल में होने वाली अर्द्ध अभिक्रियाएँ और पूर्ण अभिक्रियाएँ लिखिए – (2015)
Ni | Ni++ (0.1M) || Ag+ (0.1M) | Ag
E° Ni++ | Ni=- 0.25 v और E° Ag+ | Ag= + 0.80 V
हल
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प्रश्न 6.
वैद्युत रासायनिक श्रेणी किसे कहते हैं? इसके प्रमुख लक्षण तथा दो प्रमुख उपयोग लिखिए। (2009, 10, 12, 14, 16, 17)
उत्तर
वैद्युत रासायनिक श्रेणी–विभिन्न धातुओं तथा अधातुओं के मानक इलेक्ट्रोड विभवों (अपचयन विभव) को बढ़ते हुए क्रम में रखने पर जो श्रेणी प्राप्त होती है, उसे वैद्युत रासायनिक श्रेणी कहते हैं।
वैद्युत रासायनिक श्रेणी के लक्षण

  1. श्रेणी में ऊपर से नीचे की ओर जाने पर तत्त्वों की अपचयन क्षमता घटती है, जबकि नीचे से ऊपर जाने पर अपचयन क्षमता बढ़ती है।
  2. हाइड्रोजन से ऊपर के सभी तत्त्व अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं, जबकि नीचे वाले तत्त्व अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करते।
  3. हाइड्रोजन से ऊपर के सभी तत्त्व जल या भाप के साथ क्रिया करके H, गैस देते हैं।
  4. जिस तत्त्व का अपचयन विभव जितना अधिक होता है, वह उतना ही प्रबल ऑक्सीकारक होता है।
  5. जिस तत्त्व का अपचयन विभव जितना कम होता है, वह उतना ही प्रबल अपचायक होता है।
  6. श्रेणी का ऊपर वाला तत्त्व नीचे वाले तत्त्व को उसके विलयन से विस्थापित कर देता है।

उपयोग – वैद्युत रासायनिक श्रेणी के दो उपयोग निम्नवत् हैं –

  1. किसी सेल के मानक वैद्युत वाहक बल का निर्धारण करने में,
  2. धातुओं की क्रियाशीलता की तुलना करने में।

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प्रश्न 7.
गरम करने पर HgO अपघटित हो जाता है परन्तु MgO नहीं। क्यों? (2017)
उत्तर
जो धातु विद्युत रासायनिक श्रेणी में Cu से नीचे हैं उनके ऑक्साइड कम स्थायी होते हैं और वे गर्म करने पर आसानी से अपघटित हो जाते हैं।
2HgO [latex s=2]\underrightarrow { \triangle } [/latex] 2Hg + O2
MgO [latex s=2]\underrightarrow { \triangle } [/latex] कोई विघटन नहीं

प्रश्न 8.
निम्नलिखित को कारण सहित समझाइए –

  1. क्लोरीन KI विलयन से I2 को विस्थापित कर देती है परन्तु I2, KBr विलयन से ब्रोमीन को विस्थापित नहीं करती है। क्यों ? (2017)
  2. Hg+ H2SO4 → HgSO4 + H2

उपर्युक्त अभिक्रिया सम्भव नहीं है। (2017)
उत्तर
1. Cl2 की ऑक्सीकारक क्षमता आयोडीन से अधिक है इसलिए Cl2 KI विलयन से आयोडीन को विस्थापित कर देती है।
2KI + Cl2 → 2KCl + I2
I2 की ऑक्सीकारक क्षमता ब्रोमीन से कम है इसलिए I2, KBr विलयन से ब्रोमीन को विस्थापित नहीं कर पाती है।
2KBr + I2 → कोई अभिक्रिया नहीं

2. Hg विद्युत रासायनिक श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे है इसलिए Hg, H2SO4 से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर पाती है।
Hg+ H2SO4 → कोई अभिक्रिया नहीं

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प्रश्न 9.
कोलराउश के नियम की सहायता से आप ऐसीटिक अम्ल की अनन्त तनुता पर मोलर चालकता किस प्रकार ज्ञात करेंगे? (2014, 15)
उत्तर
कोलराउश के नियम की सहायता से किसी दुर्बल विद्युत अपघट्य की अनन्त तनुता पर मोलर चालकता का निर्धारण आसानी से किया जा सकता है। जैसे- CH3COOH के लिए Δm का मान निम्न प्रकार से प्राप्त किया जा सकता है –
कोलराउश के नियम के अनुसार,
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यदि H+ आयन तथा CH3COO आयन के लिए अनन्त तनुता पर मोलर चालकताओं के मान ज्ञात हैं। तो उपर्युक्त समीकरण की सहायता से CH3COOH के लिए Δm का मान आसानी से ज्ञात किया जा सकता है। यदि आयनिक चालकताएँ ज्ञात नहीं हैं तो निम्न परोक्ष विधि का प्रयोग किया जाता हैपरोक्ष विधि में तीन (या अधिक) ऐसे प्रबल विद्युत अपघट्यों का चुनाव किया जाता है जिनके Δm के मानों (UPBoardSolutions.com) के योग/अन्तर से विचाराधीन दुर्बल विद्युत अपघट्य के Δm का मान प्राप्त किया जा सके जैसे- CH3COOH के Δm के मान को निर्धारित करने के लिए HCl, CH3COONa तथा NaCl का चुनाव किया जाता है और इनके Δm के मानों को बहिर्वेशन विधि द्वारा ज्ञात कर लिया जाता है। कोलराउश के नियम के अनुसार,
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प्रश्न 10.
क्या कारण है कि गलित कैल्शियम हाइड्राइड का विद्युत अपघटन करने पर हाइड्रोजन ऐनोड पर मुक्त होती है? समझाइए। (2017)
उत्तर
गलित CaH2 में हाइड्रोजन हाइड्राइड आयन H के रूप में रहता है और विद्युत अपघटन करने पर H को ऑक्सीकरण होता है।
CaH2 → Ca2+ + 2H
2H → H2 +2e (ऐनोड)

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न सेलों की संरचना तथा कार्य प्रणाली का वर्णन कीजिए

  1. शुष्क सेल तथा
  2. मर्करी सेल। (2014)

उत्तर
1. शुष्क सेल – यह सबसे अधिक प्रयोग किए जाने वाला प्राथमिक व्यापारिक सेल है। एक सामान्य शुष्क सेल को संलग्न चित्र में दर्शाया गया है। इसमें जिंक धातु से बना एक पात्र होता है जो ऐनोड का कार्य करता है। MnO2 + C चूर्ण से घिरी एक ग्रेफाइट छड़ कैथोड का कार्य करती है। जिंक पात्र (UPBoardSolutions.com) तथा ग्रेफाइट छड़ के मध्य के रिक्त स्थान में NH4Cl तथा ZnCl2 का एक नम पेस्ट भरा रहता है। जिंक पात्र के चारों ओर गत्ते का आवरण चढ़ा रहता है। सेल के ऊपरी सिरे को मोम अथवा पिच (pitch) से सील कर दिया जाता है।
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इस सेल में जटिल रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं।
इन अभिक्रियाओं को सरल रूप में निम्न प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है-
ऐनोड पर–  Zn(s) → Zn2+ + 2e
कैथोड पर– MnO2 + NH+4 +e → MnO(OH) + NH3

ऐनोड पर जिंक ऑक्सीकृत होकर Zn2+ आयनों में परिवर्तित होता है। कैथोड पर मैंगनीज +4 अवस्था से +3 ऑक्सीकरण अवस्था में अपचयित होता है। कैथोड अभिक्रिया में उत्पन्न अमोनिया ऐनोडिक अभिक्रिया में उत्पन्न Zn2+ आयनों से संयोग कर Zn(NH3)+4 आयनों का निर्माण करती है। Zn2+ आयनों के NH3 अणुओं द्वारा जटिलीकरण के कारण मुक्त Zn2+ आयनों की सान्द्रता घट जाती है। जिससे सेल की वोल्टता (voltage) में वृद्धि होती है।

शुष्क सेल का विभव लगभग 1.25 – 1.5 V होता है। इन सेलों की आयु अधिक नहीं होती है क्योंकि सेल में प्रयुक्त NH4Cl अम्लीय प्रकृति का होता है और प्रयोग में न लेने की अवस्था में भी जिंक पात्र का संक्षारण (corrosion) करता रहता है। यह एक प्राथमिक सेल है तथा इसे पुनः आवेशित करना सम्भव नहीं है।

(ii) मर्करी सेल – मर्करी सेल एक विशेष प्रकार का शुष्क सेल है जिसका उपयोग प्राय: घड़ी, कैमरा आदि छोटे यन्त्रों में ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जाता है।
मर्करी सेल में जिंक-मर्करी अमलगम ऐनोड के रूप में कार्य करता है। मरक्यूरिक ऑक्साइड (HgO) तथा कार्बन का एक पेस्ट कैथोड का कार्य करता है। पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) तथा जिंक ऑक्साइड (ZnO) के एक पेस्ट को विद्युत अपघट्य के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। सेल में निम्न अभिक्रियाएँ होती हैं –
ऐनोड पर – Zn (amalgam) + 2OH → ZnO(s) + H20+ 2e
कैथोड पर – HgO(s) + H2O+ 2e → Hg(l) + 2OH
नेट सेल अभिक्रिया –
Zn(amalgam) + HgO(s) → ZnO(s) + Hg(l)

इस सेल की सेल अभिक्रिया में विलयन में उपस्थित कोई ऐसा आयन निहित नहीं है जिसकी सान्द्रता में परिवर्तन हो सकता हो। इस कारण इस सेल का सेल विभव केवल प्रयोग की अवधि में ही नहीं अपितु इसके सम्पूर्ण कार्यकाल में स्थिर रहता है। इसका सेल विभव लगभग 1.35 V है।

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प्रश्न 2.
एक लेड संचायक बैटरी की संरचना तथा कार्य प्रणाली का वर्णन कीजिए। इस बैटरी के पुनः आवेशन में निहित अभिक्रियाओं को लिखिए।
या
किसी व्यापारिक सेल का वर्णन कीजिए। (2015)
या
सीसा संचायक सेल का संक्षिप्त वर्णन करते हुए इसके ऐनोड और कैथोड पर होने वाली अभिक्रियाएँ लिखिए। (2018)
उत्तर
लेड संचायक बैटरी – यह सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली संचायक बैटरी है। इसका उपयोग सभी स्वचालित वाहनों, जैसे-कार, बस आदि में तथा घरेलू ऊर्जा स्रोतों (power inverters) में किया जाता है। इसमें अनेक लेड संचायक सेल (lead storage cells) श्रेणीक्रम में व्यवस्थित होते हैं।
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एक लेड संचायक सेल वास्तव में एक गैल्वेनिक सेल है जिसमें ऐनोड सूक्ष्म वितरित स्पंजी लेड (finely divided spongy lead) से पैक की गई लेड (या लेड-ऐन्टीमनी मिश्र धातु) की एक जाली का बना होता है, जबकि कैथोड लेड डाइऑक्साइड (PbO2) की एक परत युक्त (UPBoardSolutions.com) एक लेड की जाली का बना होता है। विद्युत अपघट्य के रूप में सल्फ्यूरिक अम्ल के एक तनु विलयन (लगभग 38% द्रव्यमानानुसार) का प्रयोग किया जाता है जिसका विशिष्ट घनत्व (specific gravity) 1.3 g cm होता है। एक संचायक सेल का सेल विभव 2 वोल्ट होता है।

लेड संचायक बैटरी बनाने के लिए अनेक लेड संचायक सेलों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है। सेल विभव (emf) 12 V प्राप्त करने के लिए 6 सेलों को तथा सेल विभव 24 V प्राप्त करने के लिए 12 सेलों को श्रेणीक्रम में जोड़ने की आवश्यकता होती है। एक लेड संचायक बैटरी में ऐनोड तथा कैथोड़ प्लेटें (जिन्हें ग्रिड (grids) कहा जाता है। एकान्तर रूप में व्यवस्थित होती हैं तथा सल्फ्यूरिक अम्ल के 38% विलयन में डूबी रहती हैं। ऐनोडों तथा कैथोडों को एक-दूसरे से पृथक् करने के लिए कुचालक पदार्थ से बने पृथक्कारकों (separators) को प्रयोग किया जाता है। ऐलोड तथा कैथोड प्लेटें पृथक् रूप से एक-दूसरे से जोड़ दी जाती हैं। इससे इलेक्ट्रोडों के पृष्ठ क्षेत्रफल में वृद्धि होती है तथा बैटरी की विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो जाती है।

बैटरी में स्थित प्रत्येक सेल में निम्न इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएँ होती हैं –
ऐनोड पर : Pb(s) + SO2-4(aq) → PbSO4 (5) + 2e
कैथोड पर : PbO2 (s) + SO2-4 (aq) + 4H+ (aq) + 2e → PbSO4 (s) + 2H2O
शुद्ध सेल अभिक्रिया :
Pb (s) + PbO2 (s) + 4H+ (aq) + 2SO2-4 (aq) → 2PbSO4 (s) + 2H2O
उपर्युक्त अभिक्रियाओं से स्पष्ट है कि सेल (बैटरी) से विद्युत-धारा ग्रहण करने की प्रक्रिया (discharging of the cell) में सल्फ्यूरिक अम्ल का उपभोग होता है और इस कारण सेल में उपस्थित सल्फ्यूरिक अम्ल तनु हो जाता है एवं इसका विशिष्ट घनत्व कम हो जाता है। (UPBoardSolutions.com) दोनों प्रकार के इलेक्ट्रोडों पर PbSO4 का सफेद अवक्षेप जमा हो जाता है। जब सल्फ्यूरिक अम्ल का विशिष्ट घनत्व
1.2 g cm-3 से कम हो जाता है तथा दोनों प्रकार के इलेक्ट्रोड PbSO4 से आच्छादित हो जाते हैं तो सेल अभिक्रिया रुक जाती है। ऐसे सेल (बैटरी) को निरावेशित (discharged) कहा जाता है। इस स्थिति में सेल (बैटरी) को पुनः आवेशित करने की आवश्यकता होती है।

पुनः आवेशन—निरावेशित लेड संचायक सेल (बैटरी) को विपरीत दिशा में किसी बाह्य स्रोत से दिष्ट धारा (D.C.) प्रवाहित कर पुनः आवेशित किया जा सकता है। इसके लिए संचायक सेल (बैटरी) के ऋणात्मक इलेक्ट्रोड टर्मिनल को एक दिष्ट धारा स्रोत के ऋणात्मक से तथा सेल (बैटरी) के धनात्मक इलेक्ट्रोड को स्रोत के धनात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर इलेक्ट्रोड
अभिक्रियाएँ उत्क्रमित हो जाती हैं जिससे PbSO4 ऋणात्मक इलेक्ट्रोड पर Pb में तथा धनात्मक इलेक्ट्रोड पर PbO2 में परिवर्तित हो जाता है। पुनः आवेशन के समय निम्न अभिक्रियाएँ होती हैं –

ऐनोड पर – PbSO4 (5) + 2e → Pb(s) + SO2-4 (aq)
कैथोड पर – PbSO4 (s) + 2H2O → PbO2(s) + 4H+ (aq) + SO4 (aq) + 2e
शुद्ध आवेशन अभिक्रिया
2PbSO4 (s) + 2H2O [latex s=2]\underrightarrow { Charging } [/latex] Pb(s) + PbO2(s) + 4H+ (aq) + 2SO2-4 (aq)
उपर्युक्त अभिक्रियाओं से स्पष्ट है कि सेल (बैटरी) की पुन: आवेशन प्रक्रिया में इलेक्ट्रोड पदार्थ अपने मूल रूप में पुनः प्राप्त हो जाते हैं तथा H+ एवं SO2-4 आयनों के निर्माण (UPBoardSolutions.com) के कारण H2SO4 के विशिष्ट घनत्व में वृद्धि होती है और यह बढ़कर पुनः 1.3 g cm-3 हो जाता है। इस प्रकार सेल (बैटरी) पुनः विद्युत धारा को उत्पन्न करने में सक्षम हो जाती है और इसे पुन: उपयोग में लाया जा सकता है।

प्रश्न 3.
संक्षारण क्या है और यह किन कारकों पर निर्भर करता है? इसे एक विद्युत रासायनिक घटना क्यों माना जाता है? (2015)
या
लोहे पर जंग लगने से क्या तात्पर्य है? किन परिस्थितियों में लोहे पर जंग लगती है? जंग लगने की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए।
या
लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए प्रयुक्त कुछ प्रमुख विधियों का वर्णन कीजिए।
या
संक्षारण से आप क्या समझते हैं? इसे प्रेरित करने वाले मुख्य कारकों का वर्णन कीजिए।
या
धातुओं के बलिदानी रक्षण का क्या अभिप्राय है और इसे कैसे सम्पन्न किया जाता है?
या
कैथोडिक रक्षण से आप क्या समझते हैं? यह किस प्रकार लोहे को जंग लगने से बचाता है?
उत्तर
संक्षारण – जब एक धातु को किसी विशिष्ट वातावरण में रखा जाता है तो वह वातावरण से क्रिया कर सकती है जिसके फलस्वरूप उसकी सतह कलुषित (deteriorate) हो सकती है। इस घटना को संक्षारण (corrosion) कहते हैं।

अधिकांश धातुएँ वायुमण्डल में रखे जाने पर किसी न किसी रूप में प्रभावित होती हैं। वायुमण्डल में उपस्थित गैसें धातु से मन्द गति से क्रिया कर उसकी सतह को कलुषित कर देती हैं। इससे धातुएँ अपनी विशिष्ट चमक खो देती हैं। कुछ धातुओं की शक्ति कम हो जाती है और वे दुर्बल तथा भंगुर (UPBoardSolutions.com) (brittle) । हो जाती हैं। चाँदी की चमक का कम होना (tarnishing of silver), लोहे पर जंग लगना (rusting on iron), ताँबे या कॉसे पर हरी परत का जमा होना आदि संक्षारण के कुछ सामान्य उदाहरण हैं। संक्षारण को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है –
किसी निश्चित वातावरण की मन्द किन्तु स्वतः प्रवर्तित क्रिया द्वारा धातुओं की सतह के कलुषित (deteriorate) होने की प्रक्रिया को संक्षारण कहा जाता है।

संक्षारण को प्रभावित करने वाले कारक
धातुओं का संक्षारण अनेक कारकों पर निर्भर करता है। इनमें से कुछ प्रमुख कारक निम्न हैं –
1. धातु की क्रियाशीलता – अधिक क्रियाशील धातु के संक्षारण की सम्भावना किसी अन्य कम क्रियाशील धातु की तुलना में अधिक होती है। उदाहरणार्थ- लोहा अपने से कम क्रियाशील धातु चाँदी की तुलना में अधिक तेजी से संक्षारित होता है। किसी धातु की क्रियाशीलता उसकी विद्युत धनात्मक प्रकृति पर निर्भर करती है। धातु की विद्युत धनात्मक प्रकृति जितनी अधिक होगी, वह उतनी ही अधिक क्रियाशील होगी। इस प्रकार धातुएँ जैसे-Na, Ca, Mg, Al, Zn आदि शीघ्रता से संक्षारित होती हैं।

2. धातु में अशुद्धियों की उपस्थिति – शुद्ध धातुएँ प्राय: अधिक संक्षारित नहीं होती हैं। एक धातु में अन्य अशुद्ध धातुओं की उपस्थिति उस धातु में संक्षारण को प्रेरित करती है। इसका कारण यह है कि कम विद्युत धनात्मक अशुद्ध धातुएँ ग्राही धातु के साथ गैल्वेनिक सेलों का निर्माण करती हैं जिससे ग्राही धातु संक्षारित हो जाती है।

3. जल में विद्युत अपघट्यों की उपस्थिति – जल में विद्युत अपघट्य पदार्थों की उपस्थिति संक्षारण की दर में वृद्धि करती है। उदाहरणार्थ-लोहे का संक्षारण आसुत जल की (UPBoardSolutions.com) तुलना में समुद्री जल में अधिक सीमा तक होता है, क्योंकि समुद्री जल में अनेक विद्युत अपघट्य जैसे NaCl, KCl आदि घुले रहते हैं।

4. वायु में क्रियाशील गैसों की उपस्थिति – वायु में उपस्थित क्रियाशील गैसें; जैसे- CO2 , SO2, NO2 आदि जल में घुलकर अम्लों का निर्माण करती हैं, जो विद्युत-अपघट्यों का कार्य करते हैं एवं संक्षारण प्रक्रिया को त्वरित करते हैं।

लोहे पर जंग लगना – जब लोहे के एक टुकड़े को नम वायु में खुला रखा जाता है, तो उसकी सतह पर एक लाल-भूरी (reddish brown) परत बन जाती है। इस परत को आसानी से खुरचा जा सकता है। नम वायु की क्रिया द्वारा लोहे की सतह पर एक लाल-भूरी परत के जमा होने की प्रक्रिया को जंग लगना कहते हैं तथा लाल-भूरी परत को जंग कहा जाता है।

लोहे पर जंग लगना वास्तव में वायु, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड की लोहे से संयुक्त अभिक्रिया के कारण होता है। पूर्णरूप से शुष्क वायु या वायु मुक्त शुद्ध जल में (UPBoardSolutions.com) लोहे पर जंग नहीं लगती है। जंग की सही संरचना वायुमण्डलीय परिस्थितियों तथा जंग को प्रेरित करने वाले कारकों के सापेक्ष योगदान पर निर्भर करती है। यह मुख्य रूप से जलयोजित फैरिक ऑक्साइड Fe2O3.xH2O है। इसके निर्माण को सरल रूप में निम्न समीकरण द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है –
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जंग लगने की प्रक्रिया में नम वायु की उपस्थिति में सर्वप्रथम लोहे की बाहरी सतह जंग ग्रस्त होती है। और सतह पर जलयोजित फेरिक ऑक्साइड (जंग) की एक परत जमा हो जाती है। यह परत मुलायम तथा सरन्ध्र होती है और मोटाई बढ़ने पर स्वयं नीचे गिर सकती है। परत के नीचे गिरने से लोहे की आन्तरिक परत वायुमण्डल के सम्पर्क में आ जाती है और उस पर भी जंग लग जाती है। इस प्रकार यह प्रक्रम चलता रहता है और धीरे-धीरे लोहा अपनी शक्ति खोता रहता है।
लोहे पर जंग लगने की प्रक्रिया निम्नलिखित कारकों से प्रेरित तथा अधिशासित होती है –

  1. वायु की उपस्थिति
  2. नमी की उपस्थिति
  3. कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति
  4. जल में विद्युत अपघट्यों की उपस्थिति
  5. लोहे में कम विद्युत धनात्मक धातुओं की अशुद्धि के रूप में उपस्थिति

संक्षारण की क्रियाविधि – संक्षारण की क्रियाविधि की व्याख्या करने के लिए समय-समय पर अनेक सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया गया है। इन सिद्धान्तों में विद्युत रासायनिक सिद्धान्त (electrochemical theory) सर्वाधिक मान्य है।

विद्युत रासायनिक सिद्धान्त के अनुसार, संक्षारण मूल रूप से एक विद्युत रासायनिक घटना है। यह मुख्य रूप से धातु सतह के विभिन्न भागों के विद्युत रासायनिक व्यवहारों में भिन्नता के कारण सम्पन्न होती है। लोहे पर जंग लगना संक्षारण का एक विशिष्ट रूप है। विद्युत रासायनिक सिद्धान्त के आधार पर संक्षारण की क्रियाविधि को लोहे पर जंग लगने के उदाहरण से निम्न प्रकार से आसानी से समझा जा (UPBoardSolutions.com) सकता है। लोहे पर जंग लगने की क्रियाविधि-लोहे का संक्षारण उस समय होता है जब इसे जल, घुलित ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वातावरण में रखा जाता है। विद्युत रासायनिक सिद्धान्त के अनुसार, लोहे की सतह के रासायनिक रूप से भिन्न भाग घुलित ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड युक्त जल की उपस्थिति में लघु गैल्वेनिक सेलों (miniature galvanic cells) की भाँति व्यवहार करते हैं। सतह का एक भाग ऐनोड की भाँति तथा कोई अन्य भाग कैथोड की भाँति कार्य करता है। इसके फलस्वरूप ऐनोडिक क्षेत्र (anodic area) में ऑक्सीकरण की क्रिया सम्पन्न होती है और आयरन परमाणु Fe2+ आयनों में ऑक्सीकृत हो जाते हैं।
ऐनोडिक क्षेत्र में
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इस प्रकार मुक्त इलेक्ट्रॉन धातु माध्यम में गति कर कैथोडिक क्षेत्र में पहुँच जाते हैं। कैथोडिक क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन H+ आयनों की उपस्थिति में ऑक्सीजन को अपचयित करते हैं। H’ आयनों का निर्माण जल परत में H2CO3 के वियोजन के कारण होता है जो CO2 के जल में घुलने से प्राप्त होता है।
जल परत में– H2O(l) + CO2 (g) → H2CO3 (aq)
H2CO3 (aq) [latex s=2]\rightleftharpoons [/latex] H+ (aq) + HCO3 (aq)

कैथोडिक क्षेत्र में – O2 (g) + 4H+ (aq) + 4e → 2H2O (l); E° = 1.23 V
इस प्रकार लोहे की सतह पर स्थित एक लघु गैल्वेनिक सेल में सम्पन्न होने वाली नेट अभिक्रिया को निम्न प्रकार से प्राप्त किया जा सकता है –

ऐनोड पर – [Fe(s) → Fe2+ (aq) + 2e ] x 2
कैथोड पर – O2 (g) + 4H+ (aq) +4e → 2H2O(l)
नेट अभिक्रिया
2Fe(s) + O2(g) + 4H+ (aq) → 2Fe2+ (aq) + 2H2O(l); E° cell = 1.67 V

उपर्युक्त अभिक्रिया में निर्मित Fe2+ आयन लोहे की सतह पर स्थित जल परत में गति करने लगते हैं। यदि जल परत में NaCl, MgCl2 आदि विद्युत अपघट्य उपस्थित हैं तो लघु सेल में अधिक विद्युत धारा का संचालन होता है तथा जंग लगने की प्रक्रिया तीव्र हो जाती है।
एक लघु गैल्वेनिक सेल में निर्मित Fe2+ आयन वायुमण्डलीय ऑक्सीजन द्वारा Fe3+ आयनों में ऑक्सीकृत हो जाते हैं तथा वायुमण्डलीय ऑक्सीजन एवं नमी से संयोग कर जलयोजित आयरन (III) ऑक्साइड (Fe2O3 . xH2O) का निर्माण करते हैं जो लोहे की सतह पर जंग के रूप में जमा हो जाता है।
4Fe2+ (aq) + O2 (g) + 4H2O(l)-→ 2Fe2O3 (s) + 8H+
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उपर्युक्त अभिक्रिया में उत्पन्न हुए H+ ओयन जंग लगने की प्रक्रिया में पुन: उपभोगित हो जाते हैं। यदि लोहे में कम विद्युत धनात्मक धातुएँ अशुद्धि के रूप में उपस्थित हैं तो जंग लगने की प्रक्रिया त्वरित हो जाती है क्योकि अशुद्धियाँ लोहे की सतह पर अनेक लघु गैल्वेनिक सेलों का निर्माण (UPBoardSolutions.com) करती हैं। अत्यन्त शुद्ध लोहे पर शीघ्रता से जंग नहीं लगती है। जल में विद्युत अपघट्यों की उपस्थिति जंग प्रक्रिया को त्वरित करती है क्योंकि अपघट्य लोहे की सतह पर उपस्थित जल परत की विद्युत चालकता में वृद्धि करते हैं। यही कारण है कि आसुत जल की तुलना में समुद्री जल में लोहे पर अधिक तेजी से जंग लगती है।

संक्षारण से बचाव – संक्षारण से बचाव की कुछ प्रमुख विधियाँ निम्न हैं –
1. अवरोध रक्षण – लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए इस विधि का काफी उपयोग किया जाता है। इस विधि में धातु सतह तथा वायुमण्डलीय वायु के मध्य एक उपयुक्त अवरोध का निर्माण किया जाता है! इससे धातु सतह वायु, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड की क्रिया से बची रहती है और संक्षारित नहीं होती है। अवरोध रक्षण निम्न में से किसी भी विधि द्वारा किया जा सकता है –

  1. धातु की सतह पर तेल या ग्रीस के लेपन द्वारा – लोहे की सतह पर तेल या ग्रीस (grease) की एक पतली फिल्म बनाकर उसे जंग लगने से बचाया जा सकता है। लोहे के औजारों तथा मशीनी भागों (machinery parts) को इसी प्रकार जंग लगने से बचाया जाता है।
  2. धातु सतह पर पेंट के लेपन द्वारा – धातु सतह पर किसी पेंट (paint), एनामिल (enamel) आदि का एक पतली परत के रूप में लेपन करने से धातु संक्षारित होने से बच जाती है।
  3. धातु पर कुछ विशिष्ट रसायनों के लेपन द्वारा – लोहे की सतह पर FePO4 या अन्य किसी उपयुक्त रसायन का लेप कर उसे जंग लगने से बचाया जा सकता है। रसायन की पतली अविलेय परत लोहे को वायु तथा नमी के सम्पर्क से बचाकर इस पर जंग नहीं लगने देती है।
  4. धातु पर असंक्षारणीय धातुओं की परत द्वारा – किसी असंक्षारणीय धातु; जैसे- निकिल, क्रोमियम आदि की एक पतली परत को किसी धातु पर चढ़ाकर भी उसकी संक्षारण से रक्षा की जा सकती है। जैसे, लोहे पर निकिल या क्रोमियम की एक पतली परत द्वारा लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है।

2. बलिदानी रक्षण – इस विधि में धातु का रक्षण उसकी सतह पर लेपित एक अन्य अधिक सक्रिय धातु के बलिदान द्वारा किया जाता है। जब एक धातु की सतह को एक अधिक सक्रिय धातु से आवृत कर दिया जाता है, तो अधिक सक्रिय धातु प्रथम धातु की तुलना में वरीयता से इलेक्ट्रॉन त्याग (UPBoardSolutions.com) कर आयनिक अवस्था में परिवर्तित होती रहती है। इससे अधिक सक्रिय धातु धीरे-धीरे उपभोगित होती रहती है और प्रथम धातु की संक्षारण से रक्षा करती है। जब तक अधिक सक्रिय धातु संक्षारणीय धातु की सतह पर स्थित होती है तब तक प्रथम धातु-संक्षारण से बची रहती है।

लोहे का गैल्वेनीकरण – जिंक लोहे से अधिक क्रियाशील (अधिक विद्युत धनात्मक) है, अत: जिंक का उपयोग प्राय: लोहे की सतह को आवृत करने के लिए किया जाता है। लोहे की सतह पर जिंक की एक पतली परत को जमा करने की प्रक्रिया को गैल्वेनीकरण कहा जाता है। गैल्वेनीकरण को निम्न दो प्रकार से सम्पन्न किया जा सकता है –

  1. लोहे को पिघले जिंक में डुबोकर – इस विधि में लोहे की चादरों को पिघले जिंक में डुबोया जाता है और इसके पश्चात् उन्हें गर्म रॉलरों (rollers) के मध्य से गुजारा जाता है, जिससे लोहे की चादर से चिपका अतिरिक्त जिंक हट जाता है और उस पर जिंक की एक समान पतली परत शेष रह जाती है।
  2. शेरार्डीकरण द्वारा – इस विधि में जिंक चूर्ण को उच्च ताप पर गर्म किया जाता है और प्राप्त जिंक वाष्प को लोहे की चादरों की सतह पर संघनित होने दिया जाता है, जिससे उन पर जिंक की एक
    पतली तथा एक समान परत जमा हो जाती है।

लोहे की सतह पर स्थित जिंक की परत के कारण लोहे की सतह वायु तथा नमी के सम्पर्क में नहीं आने पाती है। जिंक की परत में खरोंच अथवा दरारें उत्पन्न होने पर भी लोहे पर जंग नहीं लगती है। इसका कारण यह है कि जिंक का मानक अपचयन विभव लोहे के मानक अपचयन विभव से कम है। स्पष्ट है कि लोहे की तुलना में जिंक में ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति अधिक होती है। जिंक परत में दरार पड़ने (UPBoardSolutions.com) पर जिंक परत ऐनोड की भाँति तथा लोहे की खुली सतह कैथोड की भाँति कार्य करने लगती है। ऐनोड पर जिंक के ऑक्सीकरण में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन आयरन कैथोड पर जाकर वायुमण्डलीय ऑक्सीजन को जल में अपचयित कर देते हैं। ऑक्सीकरण के कारण जिंक परत वायुमण्डलीय O2, CO2 तथा नमी की उपस्थिति में भास्मिक जिंक कार्बोनेट, ZnCO3, Zn(OH)2 में परिवर्तित हो जाती है। यह परत लोहे की खुली सतह को जंग लगने से बचाती है।

टिन द्वारा लोहे की रक्षण – लोहे की सतह पर टिन की एक पतली परत जमाकर भी उसकी जंग लगने से रक्षा की जा सकती है। लोहे की सतह को टिन की एक पतली परत से आवृत करने की प्रक्रिया को टिनिंग (tinning) कहा जाता है। टिनिंग द्वारा लोहा (आयरन) उस समय तक रक्षित रहता है जब तक कि टिन परत अक्षुण (intact) रहती है। यदि टिन परत में खरोंच या दरारें उत्पन्न हो जाती हैं तो लोहा आरक्षित हो जाता है और उस पर जंग लगना प्रारम्भ हो जाता है। इसका कारण यह है कि आयरन का मानक अपचयन विभव टिन से कम है।

इससे स्पष्ट है कि टिन की तुलना में आयरन में ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति अधिक होती है। अत: यदि टिन परत में दरार उत्पन्न हो जाती है तो सतह के खुले भाग में उपस्थित आयरन एक ऐनोड का तथा टिन परत एक कैथोड का कार्य करने लगती है। इसके फलस्वरूप आयरन वरीयता से ऑक्सीकृत होकर जंग ग्रस्त हो जाता है।

3. जंग-रोधी विलयनों द्वारा रक्षण – लोहे के संक्षारण को जंग-रोधी विलयनों द्वारा भी रोका जा सकता है। इस प्रकार के विलयन प्रायः क्षारीय फॉस्फेट या क्रोमेट विलयन होते हैं। विलयन का क्षारीय माध्यम H+ आयनों की उपलब्धता को कम करता है। चूंकि H+ आयन जंग लगने के लिए (UPBoardSolutions.com) अपरिहार्य हैं, अतः उनके कम होने से जंग लगने की प्रक्रिया मन्द हो जाती है। इसके अतिरिक्त फॉस्फेटों में धातु पर आयरन फॉस्फेट की एक परत का आवरण चढ़ाने की प्रवृत्ति होती है। यह परत धातु की जंग लगने से रक्षा करती है। इस प्रकार के विलयनों का प्रयोग स्वचालित वाहनों के इंजनों के भागों को तथा कार रेडियेटरों की जंग लगने से रक्षा करने के लिए किया जाता है।

4. कैथोडिक रक्षण या विद्युत रक्षण – इस विधि का उपयोग धरातल के नीचे दबे पाइपों तथा टैंकों के रक्षण के लिए किया जाता है। इस विधि में रक्षित की जाने वाली धातु को एक अधिक सक्रिय (अधिक विद्युत धनात्मक) धातु से जोड़ा जाता है।

धरातल के नीचे स्थित जिस लोहे के पाइप या टैंक की जंग लगने से रक्षा करनी होती है उसके निकट एक सक्रिय धातु जैसे Zn या Mg की एक प्लेट या ब्लॉक को रखा जाता है और दोनों को एक तार से जोड़ दिया जाता है। चूंकि अधिक सक्रिय धातु में ऑक्सीकृत होने की प्रवृत्ति अधिक होती है। (UPBoardSolutions.com) अत: यह लोहे की तुलना में वरीयती से ऑक्सीकृत होती रहती है। इस प्रकार अधिक सक्रिय धातु एक ऐनोड का कार्य करती है। उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन कैथोड की भाँति कार्य कर रहे लोहे के पाइप पर जाकर O, को OH आयनों में अपचयित कर देते हैं।
O2 + 2H2O + 4e → 4OH
सक्रिय धातु के ऑक्सीकरण के कारण ऐनोड धीरे-धीरे लुप्त होता रहता है। इस प्रकार लोहे का पाइप या अन्य वस्तु जंग लगने से रक्षित रहती है और सक्रिय धातु ऐनोड व्यतित होता रहता है। जब तक सक्रिय धातु उपस्थित होती है, लोहे के पाइप पर जंग नहीं लगती है। इस विधि में समय-समय पर सक्रिय धातु के पुराने ऐनोड के स्थान पर नया ऐनोड स्थापित करना आवश्यक होता है।

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