UP Board Solutions for Class 6 Computer Education (कम्प्यूटर शिक्षा)

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कम्प्यूटर का इतिहास

बच्चो, अभी तक आप कम्प्यूटर की उपयोगिता, प्रयोग क्षेत्र और उसके प्रमुख भागों के साथ-साथ यह तो जान ही गए हैं कि कम्प्यूटर की कक्षा में क्या-क्या सावधानियाँ रखनी (UPBoardSolutions.com) चाहिए। अब आप इस अध्याय में कम्प्यूटर के विकास तथा इसमें किन प्रमुख लोगों का योगदान रहा है, इसके बारे में जानेंगे। 

पहला कम्प्यूटर : अबाकस:

बच्चो, प्राचीन काल में लोग गणना करने के लिए कंकड़ों और पत्थरों का प्रयोग करते थे। जब इस तरह से गणना का कार्य कठिन लगने लगा तो उन्होंने अबाकस नामक एक उपकरण का आविष्कार किया। इस उपकरण को आज से लगभग दो हज़ार वर्ष पहले चीन में बनाया गया था। चित्र में आप इसे देख सकते हैं। यह उपकरण एक लकड़ी के फ्रेम का बना था, जिसमें कई छड़ें थीं। ये छड़ें एक समानान्तर छड़ से दो असमान भागों में बँटी होती थीं।
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लम्बवत छड़ों के ऊपरी भाग में दो गोलियाँ और निचले भाग में पाँच गोलियाँ होती थीं। ऊपर की एक गोली को पाँच इकाइयों के बराबर माना जाता था और नीचे की एक गोली को एक इकाई के। इन गोलियों को कुछ निश्चित नियमों के साथ प्रयोग करके गणना का कार्य किया जाता था, जिससे गणितीय समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाता था।

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कम्प्यूटर के जनक : चार्ल्स बैवेज़:
चार्ल्स बैवेज़ एक अंग्रेज गणितज्ञ थे। सबसे पहले इन्होंने कम्प्यूटर जैसी किसी मशीन की परिकल्पना की थी। इसी वजह से इन्हें कम्प्यूटर का जनक कहा जाता है। सन् 1823 में इन्होंने (UPBoardSolutions.com) एक ऐसी मशीन का आविष्कार किया जो तेजी से गणना करने में सक्षम थी। इस मशीन को डिफरेन्स इंजिन का नाम दिया गया। यह मशीन वर्तमान समय के कम्प्यूटर से काफी मिलती-जुलती थी।
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कम्प्यूटर पारचया

कम्प्यूटर परिचय बच्चो, पिछले अध्याय में आपने पढ़ा कि प्राचीन काल में मनुष्य गिनने के लिए और हिसाब-किताब रखने के लिए कंकड़ों और पत्थरों का प्रयोग करता था। इसके बाद उसने अबाकस नामक एक उपकरण बनाया जो चीन में दो हजार साल पहले बना था।

सन् 1823 में एक अंग्रेज गणितज्ञ, जिनका नाम चार्ल्स बैवेज़ था, उन्होंने डिफरेन्श इंजिन नामक एक मशीन बनायी, जो हमारे आज के कम्प्यूटर से काफी मिलती-जुलती थी। इसलिए चार्ल्स बैवेज़ को कम्प्यूटर का जनक कहा गया। आइए इस अध्याय में कम्प्यूटर के बारे में कुछ और जानकारी प्राप्त करें।

कम्प्यूटर क्या है?

कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसके द्वारा सभी तरह की गणितीय और तार्किक समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

हम कम्प्यूटर से गणित के सवाल हल कर सकते हैं, चित्र बना (UPBoardSolutions.com) सकते हैं, गेम खेल सकते हैं, पत्र लिखकर उन्हें प्रिंट कर सकते हैं, कार्ड बना सकते हैं और इसी तरह से अनेक कार्य कर सकते हैं।
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कम्प्यूटर बहुत ही तेजी व शुद्धता से कार्य करने वाली मशीन है। कम्प्यूटर की कार्य करने की गति हमसे बहुत तेज होती है। यदि हम किसी सवाल को एक मिनट में हल करते हैं तो कम्प्यूटर इस कार्य को एक सेकंड के हजारवें हिस्से में कर देगा। कम्प्यूटर की एक विशेषता यह भी है कि यह हमेशा सही उत्तर देता है।

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कम्प्यूटर और हम:
कम्प्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, जिसका निर्माण मनुष्य ने किया है। इसलिए हम यह कह सकते हैं कि मनुष्य का दिमाग ही कम्प्यूटर का मालिक है। कम्प्यूटर मनुष्य के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य करता है और इसमें खुद की सोचने व समझने की शक्ति नहीं होती है।
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कम्प्यूटर का प्रयोग क्यों?

कम्प्यूटर हमारे ऊपर पूरी तरह से निर्भर होते हैं, फिर भी हम इनका प्रयोग जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में करते हैं। इसके निम्न कारण हैं –

  • कम्प्यूटर की मेमोरी बहुत बड़ी होती है।
  • कम्प्यूटर कभी भी थकते नहीं हैं।
  • कम्प्यूटर बहुत तेजी से कार्य कर सकते हैं।
  • कम्प्यूटर हमेशा सही परिणाम देते हैं।
  • कम्प्यूटर बहुत बड़ी मात्रा में डेटा स्टोर कर सकते हैं।

कम्प्यूटर की सीमाएँ:

जहाँ एक ओर कम्प्यूटर के बहुत से फायदे हैं, वहीं दूसरी (UPBoardSolutions.com) ओर इसकी कार्य संबंधी कुछ सीमाएँ भी हैं। आइए जानें कि ये सीमाएँ क्या हैं –

  • कम्प्यूटर खुद कोई कार्य नहीं कर सकता है।
  • कम्प्यूटर में मेमोरी तो होती है, लेकिन सोचने वाला दिमाग नहीं होता है।
  • ‘कम्प्यूटर बुद्धिमान नहीं होता है।
  • कम्प्यूटर कारणों की व्याख्या नहीं कर सकता है।
  • कम्प्यूटर हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों का ही पालन कर सकता है।

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कम्प्यूटर के मुख्य भाग

बच्चो, पिछले अध्याय में आपने कम्प्यूटर की विशेषताओं और सीमाओं के बारे में पढ़ा। इस अध्याय में आइए अब यह जानकारी प्राप्त करते हैं कि कम्प्यूटर के मुख्य भाग कौन-कौन से होते हैं।

कम्प्यूटर में क्या-क्या?

बच्चो, जिस तरह से हमारे शरीर में अलग-अलग कार्यों को करने के लिए अलग-अलग भाग होते हैं, ठीक उसी तरह से कम्प्यूटर में भी अलग-अलग कार्यों को करने के लिए अलग-अलग भाग होते हैं।

इन भागों को हम दो वर्गों में बाँट सकते हैं। पहले वर्ग में इसके अनिवार्य भाग होते हैं।

कम्प्यूटर के अनिवार्य भाग:-
बच्चो, कम्प्यूटर के तीन अनिवार्य भाग होते हैं। ये भाग निम्न हैं –
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ये तीनों भाग जुड़कर एक कम्प्यूटर का निर्माण करते हैं।

कम्प्यूटर का की-बोर्ड
की-बोर्ड कम्प्यूटर का पहला अनिवार्य भाग है। देखने में यह टाइपराइटर की तरह ही होता है। इसके द्वारा टाइप करके डेटा और निर्देशों को कम्प्यूटर के सीपीयू में भेजते हैं, इसीलिए (UPBoardSolutions.com) इसे इनपुट डिवाइस भी कहते हैं। टाइप करने के लिए जिन बटनों को दबाया जाता है, उन्हें कीज़ कहते हैं।
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की-बोर्ड को कम्प्यूटर के सीपीयू से जोड़ा जाता है। आजकल जिस तरह के की-बोर्ड प्रयोग किए जा रहे हैं, उनमें 104 से लेकर 124 तक कीज़ हो सकते हैं।

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कम्प्यूटर का सीपीयू:
यह कम्प्यूटर का सबसे महत्त्वपूर्ण भाग होता है। इसका पूरा नाम सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट है। इसे आप कम्प्यूटर का दिमाग भी कह सकते हैं। सभी तरह की गणनाओं और तार्किक कार्यों को पूरा करने का काम सीपीयू द्वारा ही सम्पन्न होता है। वर्तमान समय में इसके दो रूप हैं। इन्हें आप निम्न चित्र में देख सकते हैं –
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कम्प्यूटर का मॉनीटर:

यह एक मॉनीटर है। मॉनीटर देखने में टेलीविजन की तरह ही दिखाई देता है। मॉनीटर के जिस भाग पर हमें चित्र या अक्षर दिखाई देते हैं, उसे स्क्रीन कहते हैं। तकनीकी भाषा में इसे सीआरटी कहा जाता है। इसका पूरा नाम है केथोड रे ट्यूब। की-बोर्ड के द्वारा जो भी टाइप किया जाता है, वह (UPBoardSolutions.com) मॉनीटर पर ही दिखाई देता है। काम पूरा होने पर हमें परिणाम भी मॉनीटर पर ही दिखाई देते हैं, इसलिए इसे आउट पुट डिवाइस कहा जाता है।।
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कम्प्यूटर का माउस:
माउस भी कम्प्यूटर की इनपुट डिवाइस है। इसके ऊपर दो या तीन बटनें होती हैं और यह एक तार के द्वारा सीपीयू से जुड़ा रहता है। (आजकल बिना तार के माउस भी आ गए हैं।)
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माउस को एक चौकोर पैड पर रखा जाता है, इसे माउस पैड कहते हैं। जब आप माउस पैड पर माउस को घुमाएँगे तो एक तीर के निशान की तरह का संकेतक (प्वाइन्टर) मॉनीटर पर हिलता हुआ दिखाई देगा।

इसे आम बोलचाल की भाषा में माउस प्वाइन्टर कहा जाता है। माउस के द्वारा कम्प्यूटर को निर्देश देने का काम भी किया जाता है, इसीलिए यह भी एक इनपुट डिवाइस है।

की-बोर्ड, मॉनीटर, सीपीयू और माउस को जोड़कर सम्पूर्ण पीसी अर्थात् पर्सनल कम्प्यूटर बनता है। वर्तमान समय में माउस भी एक महत्त्वपूर्ण इनपुट डिवाइस है। विंडोज (UPBoardSolutions.com) ऑपरेटिंग सिस्टम में इसके बिना काम करना बहुत ही मुश्किल है। तो यह तो थे आज के कम्प्यूटर के अनिवार्य भाग। आइए अब एक नजर कम्प्यूटर के सहायक उपकरणों पर डालें।

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प्रिंटर:
प्रिंटर कम्प्यूटर का एक प्रमुख उपकरण है। इसके द्वारा आप कम्प्यूटर में स्टोर सूचनाओं (डेटा) को कागज पर प्रिंट कर सकते हैं। इस समय कई तरह के प्रिंटर प्रयोग किए जा रहे हैं। इनमें डॉट मैट्रिक्स, इंकजेट और लेज़र प्रिंटर प्रमुख हैं। सामान्य प्रिंटर देखने में इस तरह से दिखाई देता है –
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चित्र में जो प्रिंटर दिखाई दे रहा है, वह डॉट मैट्रिक्स है। चूंकि प्रिंटर कम्प्यूटर में स्टोर सूचनाओं को कागज पर प्रिंट करता है, इसलिए इसे आउटपुट डिवाइस या आउटपुट उपकरण भी कहते हैं।

फ्लॉपी डिस्क:
फ्लॉपी डिस्क कम्प्यूटर में डेटा स्टोर करने का माध्यम है। कम्प्यूटर में स्टोर या उपलब्ध सूचनाओं को फ्लॉपी में भी कॉपी कर सकते हैं। इस समय सामान्य तौर पर जिस फ्लॉपी का प्रयोग किया जा रहा है, वह आकार में 3.5 इंच की होती है और यह वर्गाकार होती है। चित्र में आप इसे देख सकते हैं –
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आप फ्लॉपी में कम्प्यूटर का डेटा स्टोर कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर फ्लॉपी में स्टोर डेटा वापस कम्प्यूटर में ले जा सकते हैं। डेटा स्टोर करने की वजह से इसे स्टोरेज़ डिवाइस कहा जाता है।

सीडी अर्थात् कॉम्पैक्ट डिस्क:
सीडी का प्रयोग वर्तमान समय में प्रमुख स्टोरेज डिवाइस (UPBoardSolutions.com) के तौर पर किया जा रहा है। चित्र में आप इसे देख सकते हैं।
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सीडी का डेटा स्टोर करने की क्षमता फ्लापी से कई सौ गुना ज्यादा होती है। इसमें आप संगीत, फिल्म और फोटो जैसा डेटा भी स्टोर कर सकते हैं।

कम्प्यूटर की कार्य प्रणाली

अभी आपने कम्प्यूटर के अनिवार्य और सहायक उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कम्प्यूटर के अनिवार्य अंग आपस में जुड़कर एक सम्पूर्ण पीसी अर्थात् पर्सनल कम्प्यूटर का निर्माण करते हैं। जबकि सहायक उपकरण प्रिंटिंग करने और डेटा स्टोर करने जैसे कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। आइए, अब आगे यह समझते हैं कि कम्प्यूटर काम कैसे करता है।

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कैसे काम करता है कम्प्यूटर?
कम्प्यूटर के तीन प्रमुख अंगों को इनपुट डिवाइस (की-बोर्ड), प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) और आउटपुट डिवाइस (मॉनीटर) के नाम से जाना जाता है। अर्थात् इनपुट (UPBoardSolutions.com) डिवाइस सूचनाओं को कम्प्यूटर के अन्दर भेजती है। प्रोसेसिंग यूनिट इन्हें प्रोसेस करती है जबकि आउटपुट यूनिट हमें परिणाम दर्शाती है। आइए इसे एक और उदाहरण के द्वारा समझें।
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यदि आप सन्तरे का रस (जूस) निकालना चाहते हैं तो आपको जूसर नामक उपकरण में सन्तरे डालने होंगे। इस क्रिया में सन्तरे जूसर में इनपुट हो रहे हैं।

इसके पश्चात यह जूसर-मिक्सर प्रोसेसिंग करके इनका रस निकालेगा। इसे आप ग्लास या किसी तरह के किसी दूसरे बर्तन में इकट्ठा करेंगे। यहाँ पर आउटपुट को हमने ग्लास में एकत्रित किया। अर्थात इस क्रिया में इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट जैसे तीनों कार्य सम्पन्न हुए। इस कार्य प्रणाली को आप नीचे बने रेखा चित्र से समझ सकते हैं –
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इसी तरह से जब आपको अपने घर के फ्रिज का प्रयोग करके बर्फ जमानी होती है तो आप ट्रे में पानी लेकर फ्रीज़र प्रोसेसिंग करके बर्फ जमा लेते हैं, जिसे हम ट्रे से निकालकर एक बड़ी ट्रे में स्टोर कर देते हैं। यहाँ पर भी इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट जैसे तीनों कार्य होते हैं।

इस तरह आप समझ गए होंगे कि मशीनों की कार्यप्रणाली किस तरह से इन तीन प्रक्रियाओं से संचालित होती हैं और ये तीन चरण हैं –

  • इनपुट
  • प्रोसेसिंग
  • आउटपुट

बच्चो, कम्प्यूटर इसी तरह से अपना कार्य करता है। कम्प्यूटर पर जब आप उसे किन्हीं दो संख्याओं को जोड़ने के लिए कहते हैं, उसमें सबसे पहले ये दो संख्याएँ की-बोर्ड के द्वारा टाइप करके इनपुट की जाती हैं। इनपुट होते ही ये सीपीयू में पहुँचती हैं।

सीपीयू में प्रोसेसिंग यूनिट के द्वारा गणना करने का कार्य पूरा होता है और इस प्रक्रिया में ये दोनों संख्याएँ आपस में जुड़ जाती हैं। इन्हें जोड़ने के लिए हम कम्प्यूटर को कुछ निर्देश देते हैं। इसी निर्देश के परिणामस्वरूप प्रोसेसिंग यूनिट अपना कार्य करती है।

निर्देश का पालन करते हुए प्रोसेसिंग यूनिट संख्याओं को आपस में जोड़कर उनका परिणाम आउटपुट यूनिट पर भेजती है और हमें मॉनीटर के स्क्रीन पर यह रिजल्ट दिखाई (UPBoardSolutions.com) देता है। जोड़ने की तरह ही दूसरे कार्य भी इन्हीं चरणों का पालन करते हुए सम्पन्न होते हैं। निम्न रेखा चित्र में आप इन तीनों चरणों को समझ सकते हैं –
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इनपुट उपकरण

अभी तक आप यह तो समझ ही गए हैं कि कम्प्यूटर में डेटा और निर्देशों को इनपुट किया जाता है। डेटा इनपुट करने के बाद निर्देश देकर उसे प्रोसेस करते हैं और परिणाम प्राप्त करते हैं। कम्प्यूटर डेटा और निर्देशों के बगैर कोई भी कार्य नहीं कर सकता है। जिन उपकरणों को इसके लिए प्रयोग किया जाता है, उन्हें इनपुट उपकरण कहते हैं। निम्न रेखाचित्र में आप इस प्रक्रिया को समझ सकते हैं –
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कम्प्यूटर में इनपुट करने के लिए वैसे तो आजकल कई उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन सबसे ज्यादा की-बोर्ड और माउस को इसके लिए इस्तेमाल करते हैं। की-बोर्ड को प्राइमरी इनपुट डिवाइस भी कहा जाता है। इस अध्याय में आइए की-बोर्ड और माउस के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

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की-बोर्ड:
कम्प्यूटर का की-बोर्ड टाइपराइटर के की-बोर्ड जैसा होता है। इसके बटन टाइपराइटर के बटनों की अपेक्षा आसानी से दबते हैं। इससे कार्य करने में आसानी होती है। इसकी एक (UPBoardSolutions.com) खासियत यह है कि यदि एक बटन को लम्बे समय तक दबाए रखें तो अक्षर स्वयं को दोहराने लगता है।
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की-बोर्ड एक केबल (तार) के जरिए कंप्यूटर से जुड़ा होता है। इस तार के दूसरे सिरे पर लगा प्लग कम्प्यूटर के पीछे के बने एक सॉकेट में लग जाता है। यह केबल ही दोनों के बीच संपर्क का काम करता है।

की-बोर्ड की कीज़:
की-बोर्ड में कुछ अतिरिक्त कीज़ होती हैं, जो टाइपराइटर में नहीं होती हैं। जैसे – तीर (एरो कीज) तथा दूसरे संचालन करने वाली विशेष कीज़। आइए, इन्हें क्रम में समझें –

फंक्शन कीज़:
फंक्शन कीज़ का प्रयोग कम्प्यूटर को विशेष कमांड देने के लिए किया जाता है। वर्तमान समय में जो की-बोर्ड प्रयोग किए जाते हैं, उनमें इनकी संख्या बारह होती है। चित्र में आप इन्हें देख सकते हैं-
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बैकस्पेस की:
इस की का प्रयोग टाइप किए हुए अक्षरों को दाएँ से बाईं ओर मिटाने के लिए किया जाता है। की-बोर्ड में यह अपनी तरह की एक ही की होती है। चित्र में आप इसे देख सकते हैं-
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स्पेसबार की :
यह की-बोर्ड की सबसे लम्बी की होती है। इसका प्रयोग अक्षरों और शब्दों के बीच स्पेस देने के लिए किया जाता है। चित्र में आप इसे देख सकते हैं –
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एंटर या रिटर्न की :
इस की का प्रयोग सीपीयू में डेटा और कमांड्स को भेजने (UPBoardSolutions.com) के लिए किया कुछ की-बोर्ड में इस पर रिटर्न भी लिखा होता है। देखने में यह इस तरह से है
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कैप्स लॉक की:

इस की का प्रयोग की-बोर्ड में कैपिटल लेटर्स (बड़े अक्षर) को स्मॉल लेटर्स (छोटे अक्षर) में या फिर स्मॉल लेटर्स को कैपिटल लेटर्स में बदलने के लिए किया जाता है।
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एरो कीज़ :
इन कीज़ के द्वारा आप कर्सर को स्क्रीन पर चारों दिशाओं में ले जा सकते हैं। यह संख्या में चार होती हैं। चित्र में आप देख सकते हैं –
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कर्सर कंट्रोल कीज :
इन पर अलग-अलग दिशा के तीर के निशान बने होते हैं। कर्सर कंट्रोल की इन कीज़ को लेफ्ट, राइट, अप एंड डाउन कीज़ कहा जाता है। यह कीज़ कर्सर को ऊपर-नीचे, दाएँ, बाएँ ले जाने का काम करती हैं। कर्सर नियंत्रक चार दूसरी कीज़ होम, एंड, पेजअप, पेज डाउन हैं। इन पर (Home. End, PgUp, PgDn) लिखा होता है।

पेजअप का मतलब इस की को दबाकर पहले वाले पेज को स्क्रीन पर देखना और काम करना है। पेज डाउन से पेज के नीचले हिस्से को सामने लाकर वहाँ काम करना है। होम (UPBoardSolutions.com) कीज़ को दबाने से स्क्रीन पर लगे दस्तावेज की शुरुआत में पहुँचा या लाइन के शुरू में जाया जा सकता है। एंड वाली कीज़ को दबाने से लाइन के आखिर में जाया जा सकता है।

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न्यूमेरिक कीज़ :
ये की-बोर्ड के दायीं तरफ होती हैं। इनमें से कुछ के दोहरे काम होते हैं। जब नम लॉक ऑन होता है तो (मतलब ऊपर की हरी लाइट चालू होना) ये सभी नंबर की तरह काम करती हैं और लॉक बन्द या लाइट बन्द होने पर ये कीज कर्सर की तरह काम करती हैं। यह ० से लेकर ६ तक होती है –
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शिफ्ट कीज़ :
यदि किसी की पर दो संकेत या कैरक्टर हैं तो उसके ऊपर के अक्षर को टाइप करने के लिए शिफ्ट कीज़ को अक्षर कीज़ के साथ दबाना होता है।

एस्केप की :
इसे दबाने का मतलब, पहले दी कमांड या प्रविष्टि को रद्द करना है। देखने में यह Esed इस तरह से दिखाई देती है –
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पॉज या ब्रेक की :
यदि डॉस मोड में काम कर रहे हैं और किसी कमांड के प्रयोग से स्क्रीन पर एक के बाद एक लगातार मैटर आता जाए तो इस कीज़ को दबाने पर वह रुक जाएगा।
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टैब की:
यह ऐज में पैराग्राफ, टेक्स्ट, संख्या आदि पहले तय करने यानी कर्सर को एक लाइन के साथ नि-सेट जगह पर ले जाने वाली की है।

डिलीट को :
स्क्रीन पर जहाँ कर्सर है और उस शब्द को मिटाना है तो इसे दबाने से वह मिट जाएगा।
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टाइपिंग कीज़ :
ज्यादातर यह सफेद रंग की कीज़ होती है। इन पर अक्षर (A-Z) संख्या और विराम के संकेत होते हैं। यह टाइपराइटर के कीज़ जैसी होती है।।

माउस
यह बहुत छोटा उपकरण है, जिसे हाथ से मेज की सतह पर इधर-उधर सरकाया जाता है। इसमें दो-तीन बटन होते हैं, जिन्हें अंगुलियों से क्लिक किया जाता है अथवा दबाया जाता (UPBoardSolutions.com) यह एक इनपुट उपकरण है जो पीसी से एक केबल द्वारा जुड़ा हो है। इसके कई तार होते हैं। केबल के दूसरे सिरे पर लगा प्लग पीसी पीछे लगे सीरियल पोर्ट वाले सॉकेट में लगा दिया जाता है।
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माउस को मेज की सतह पर जब इधर-उधर सरकाया जाता है मॉनीटर के पटल पर एक तीर की आकृति का चिह्न इधर-उधर चल दिखाई पड़ता है। इस तीर के निशान को माउस का प्वाइंट कहते हैं।

माउस बहुपयोगी है। इससे अनेक कार्य सम्पन्न किए जा सकते। विशेष रूप से ग्राफिक्स के लिए तो इसका बहुत अधिक उपयोग है। जब आपका मन ग्राफिक्स के प्रोग्राम में रेखा खींचने का हो तो यह माउस प्वाइन्टर तीर की बजाए एक पेंसिल की शक्ल अख्तियार कर लेता है। यदि किसी रेखा या चित्र को मिटाना चाहें तो रबड़ और यदि रंग भरने का विचार रखेंगे तो रंग के डिब्बे की आकृति ग्रहण कर लेगा।

वैसे सामान्य स्थिति में यह अपने पूर्ववत रूप में यानी प्वाइन्टर रूप में चला आएगा। माउस के नीचे एक छोटी गेंद लगी होती है, जिससे माउस को सतह पर इधर-उधर सरकाने में आसानी होती है। इसे एक पैड पर घुमाते हैं, जिसे माउस पैड के नाम से जाना जाता है। आजकल ऐसे माउस भी (UPBoardSolutions.com) चलन में हैं, जिनमें प्रकाश परावर्तन तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इन्हें ऑप्टिकल माउस कहते हैं। इसके अलावा बिना तार वाले वायरलेस माउस भी अब खूब इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

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माउस से जुड़ी शब्दावली:
जब आप माउस से कम्प्यूटर पर कार्य करेंगे तो कई शब्द आपको इस तरह के पता चलेंगे, जिन्हें आप अभी तक जानते ही नहीं हैं। माउस को सरलता से प्रयोग किया जा सके, इसलिए पहले इन शब्दों के अर्थ जानते हैं

क्लिक करना:
जब माउस के प्वाइन्टर अर्थात संकेतक को मॉनीटर की स्क्रीन पर किसी आइकन (चित्र) पर ले जाकर उसकी बाईं बटन को दबाते हैं तो यह क्रिया क्लिक करना कहलाती है। क्लिक करने से आप मॉनीटर के ऑब्जेक्ट को सिलेक्ट कर सकते हैं।

डबल क्लिक करना :
जब आप किसी ऑब्जेट पर एक बार क्लिक करके उसे सिलेक्ट करते हैं तो वह केवल सिलेक्ट होता है। उस ऑब्जेक्ट या उससे जुड़े प्रोग्राम को खोलने के लिए ऑब्जेक्ट पर तेजी से दो बार लगातार क्लिक करते हैं तो इससे प्रोग्राम क्रियान्वित हो जाता है। यह क्रिया डबल क्लिकिंग कहलाती है।

ड्रैग एंड ड्रॉप करना :
मॉनीटर की स्क्रीन पर दिखाई दे रहे ऑब्जेक्ट पर माउस प्वांइटर ले जाकर जब एक बार क्लिक करके उसे सिलेक्ट करते हैं तथा आप इस बाएँ बटन को यदि दबाए रखें और माउस को पैड पर घुमाएँ तो ऑब्जेक्ट भी स्क्रीन पर स्थान बदलेगा। इस क्रिया को ड्रैग करना कहते हैं।

ड्रैग करके ऑब्जेक्ट को नए स्थान पर लाकर छोड़ना (अर्थात् नए स्थान पर आने के बाद बाएँ बटन को छोड़ देना) ड्राप करना कहलाता है।

प्रोसेसिंग उपकरण

जैसा कि आप अभी तक यह जान गए होंगे कि सभी कम्प्यूटर तीन अनिवार्य भागों में विभाजित होते है। ये भाग हैं – इनपूट यूनिट, प्रोसेसिंग यूनिट और आउटपुट यूनिट। पिछले अध्याय में आपने इनपुट यूनिट के बारे में पढ़ा। इस अध्याय में आप प्रोसेसिंग यूनिट के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट:
कम्प्यूटर की प्रोसेसिंग यूनिट को सीपीयू अर्थात सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट कहते हैं। इसमें कम्प्यूटर के बहुत ही जरूरी उपकरण होते हैं जो प्रोसेसिंग का कार्य सम्पन्न करते हैं। सभी तरह की गणनाएँ यहीं पूरी होती हैं, इसलिए इसे कम्प्यूटर का दिमाग भी कहते हैं।
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आजकल जिस तरह के सीपीयू का सर्वाधिक प्रयोग किया जा रहा है, उसे चित्र में दर्शाया गया है।
सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट तीन मुख्य भागों में विभाजित होती हैं-

  • अर्थमेटिक एंड लॉजिक यूनिट
  • मेमोरी यूनिट क
  • कंट्रोल यूनिट

ये तीनों भाग मिलकर सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण करते हैं।
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अर्थमेटिक एंड लॉजिक यूनिट:
सीपीयू के इस भाग में ही सभी तरह की गणनाओं के कार्य सम्पन्न होते हैं। इसके अलावा कम्प्यूटर तार्किक कार्य भी इसी के द्वारा पूरा करता है। इस तरह के कार्यों में एक (UPBoardSolutions.com) कम्प्यूटर की तुलना दूसरे से कर सकते है।

उदाहरण के लिए यदि यह पता लगाना है कि १० और ४० में छोटा कौन है तो यह तुलना करने वाला काम भी अर्थमेटिक एंड लॉजिक यूनिट ही करेगा।

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मेसोरी यूनिट:
कम्प्यूटर की मेमोरी यूनिट डेटा को स्टोर करती है। इसके अलावा कम्प्यूटर को दिए जाने वाले निर्देश भी इसी में जमा रहते हैं। प्रोसेसिंग के पहले और बाद दोनों स्थितियों में डेटा और परिणाम मेमोरी यूनिट में ही रहते हैं।

कंट्रोल यूनिट:
कम्प्यूटर की यह यूनिट इसके सभी भागों पर नियन्त्रण बनाए रखती है। इसके द्वारा इनपुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस और अर्थमेटिक एंड लॉजिक यूनिट से प्रोसेसिंग के पश्चात परिणाम प्राप्त करने की प्रक्रिया भी नियंत्रित होती है अर्थात् कम्प्यूटर का पूरा कंट्रोल यहीं से होता है।

आउटपुट उपकरण

जैसा कि आप अभी तक यह जान गए होंगे कि सभी कम्प्यूटर तीन अनिवार्य भागों में विभाजित होते हैं। ये भाग हैं – इनपुट यूनिट, प्रोसेसिंग यूनिट और आउटपूट यूनिट। पिछले अध्याय में आपने सीपीयू के बारे में पढ़ा। इस अध्याय में आप आउटपुट यूनिट के बारे में पढ़ेंगे।

प्राइमरी तौर पर मॉनीटर मुख्य आउटपुट डिवाइस है और प्रिंटर सहायक आउटपुट डिवाइस की श्रेणी में आता है।

मॉनीटर:
मॉनीटर देखने में टेलीविज़न की तरह ही होता है। इनपुट होते समय सूचना और निर्देश तथा प्रोसेसिंग के बाद सभी परिणाम इस पर ही दिखाई देते हैं।
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हमारे देश में दो तरह के मॉनीटर प्रयोग किए जा रहे हैं। मॉनीटरों का यह वर्गीकरण रंगों के आधार पर है और ये हैं –

  • मोनोक्रोम मॉनीटर
  • कलर मॉनीटर

मोनोक्रोम मॉनीटर :
इस श्रेणी में आने वाले सभी मॉनीटर केवल एक रंग में ही सूचनाओं को दर्शाते हैं, इसीलिए इनके संदर्भ में मोनो शब्द का प्रयोग किया जाता है। अब इनका चलन लगातार कम होता जा रहा है।

कलर मॉनीटर:
इस श्रेणी में आने वाले मॉनीटर सभी रंगों में सूचनाओं को दर्शाते हैं, इसीलिए इनके संदर्भ में कलर शब्द का प्रयोग किया जाता है। हमारे देश में कीमतें कम होने से इनका चलन लगातार बढ़ रहा है।

प्रिंटर:
प्रिंटर कम्प्यूटर का एक प्रमुख सहायक उपकरण है। इसके द्वारा आप कम्प्यूटर में स्टोर सूचनाओं (डेटा) को कागज पर प्रिंट कर सकते हैं। इस समय कई तरह के प्रिंटर प्रयोग किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख है

  • डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
  • इंकजेट प्रिंटर
  • लेज़र प्रिंटर

निम्न चित्रों में आप इन तीनों तरह के प्रिंटर देख सकते हैं –
UP Board Solutions for Class 6 Computer Education (कम्प्यूटर शिक्षा) 33

लेज़र प्रिंटर डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर :
इस तकनीक से काम करने वाले सभी प्रिंटर पिनों की सहायता से प्रिंटिंग करते हैं। ये पिनें एक रिबन पर दबाव बनाती हैं, जिससे कागज पर अक्षर छप जाता है। ये बहुत ही (UPBoardSolutions.com) साधारण क्वालिटी की प्रिंटिंग करते हैं। इन्हें बैंकों और इसी तरह के बड़े-बड़े संस्थानों में बहुत बड़ी मात्रा में डेटा प्रिंट करने के लिए प्रयोग करते हैं। इनकी छपाई की लागत भी बहुत कम होती है।

इंक जेट प्रिंटर:
इस तकनीक से काम करने वाले सभी प्रिंटर एक जेट से फुहार छोड़कर प्रिंटिंग करते हैं। यह भी कीमत में सस्ते होते हैं और ये काली तथा रंगीन दोनों तरह की प्रिंटिंग करने की क्षमता रखते हैं। इनके द्वारा आप फोटो क्वालिटी की प्रिंटिंग भी कर सकते हैं। लेकिन इनके द्वारा होने वाली छपाई बहुत महँगी होती है और ये धीमी गति से कार्य करते हैं।

लेज़र प्रिंटर :
इस तकनीक से काम करने वाले सभी प्रिंटर लेज़र किरण की सहायता से प्रिंटिंग करते हैं। इसमें लेज़र किरण टोनर नामक पाउडर जैसी स्याही को पिघलाकर कागज पर अक्षरों को प्रिंट करती है। ये कीमत में बहुत महँगे होते हैं और इनके द्वारा तीव्र गति से बेहतरीन प्रिंटिंग की जा सकती है।

UP Board Solutions

कम्प्यूटर ऑन/ऑफ करना
अभी तक आप कम्प्यूटर के प्रमुख भागों और सहायक उपकरणों के साथ-साथ उसकी कार्य-प्रणाली के बारे में जान गए होंगे। आइए अब यह सीखते हैं कि कम्प्यूटर पर काम की शुरुआत कैसे करते हैं।

कम्प्यूटर ऑन करना:

  • सबसे पहले अपनी कम्प्यूटर किताब लें।
  • कम्प्यूटर प्रयोगशाला में हमेशा टीचर के साथ जाएँ।।
  • मुख्य पॉवर स्विच को ऑन करें।
  • सीवीटी या यूपीएस को ऑन करने के बाद कम्प्यूटर को ऑन करें।
  • यदि मॉनीटर सीपीयू के विद्युत् प्रवाह से नहीं जुड़ा है तो मॉनीटर का स्विच ऑन करें।
  • इसके पश्चात् सीपीयू का स्विच ऑन करें।
  • विंडोज़ डेस्कटॉप आने का इंतजार करें।

विंडोज़ के डेस्कटॉप में आपको जो छोटे-छोटे चित्र दिखाई देते हैं, उन्हें आइकन कहते हैं। इसमें सबसे नीचे टास्क बार होता है। टास्कबार के बाएँ कोने पर स्टार्ट बटन होती है, जिस पर क्लिक करके आप अपने काम की शुरुआत कर सकते हैं।

आपको विंडोज़ के डेस्कटॉप पर माउस प्वाइन्टर भी दिखाई देगा। जब आप माउस को पैड पर घुमाएँगे तो यह भी घूमेगा।

यदि आप विंडोज़ में कोई काम करना चाहते हैं तो आपको वह प्रोग्राम शुरू करना होगा। इस कक्षा में आप पेंट जैसे प्रोग्रामों में काम कर सकते हैं। इसमें आप तरह-तरह की पिक्चर बना सकते हैं। इस सम्बन्ध में आप अपने अध्यापक से कहें।

कम्प्यूटर ऑफ करना:

काम समाप्त होने के पश्चात् कम्प्यूटर को निम्न क्रम में बन्द करें –

  • सबसे पहले विंडोज़ के स्टार्ट बटन पर क्लिक करें। आपके सामने यह इस तरह से खुलकर आ जायेगा-
  • इसमें दिए शटडाउन या टर्न ऑफ विकल्प पर क्लिक करें। आपके सामने यह विकल्प बॉक्स आ जाएगा
  • इसमें शटडाउन या टर्न ऑफ विकल्प पर क्लिक करके ओके बटन पर क्लिक करें। आपके सामने यह संदेश आएगा

It’s now safe to turn off your computer

  • इस संदेश को पढ़ने के बाद सीपीयू का स्विच बन्द करें।
  • मॉनीटर का स्विच बन्द करें।
  • सीवीटी या यूपीएस को बन्द करें।
    • मुख्य विद्युत् आपूर्ति स्विच बन्द करें।

UP Board Solutions for Class 6

UP Board Class 6 Agricultural Science Model Paper कृषि विज्ञान

UP Board Class 6 Agricultural Science Model Paper are part of UP Board Class 6 Model Papers. Here we have given UP Board Class 6 Agricultural Science  Model Paper.

Board UP Board
Class Class 6
Subject Agricultural Science
Model Paper Paper 1
Category UP Board Model Papers

UP Board Class 6 Agricultural Science Model Paper कृषि विज्ञान

सत्र परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-कृषि विज्ञान

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा में पाए जाने वाले घटक व उनकी प्रतिशत मात्रा लिखिए।
उत्तर:
मृदा में खनिज 45 प्रतिशत, जैविक पदार्थ 5 प्रतिशत, मृदा जल 25 प्रतिशत, मृदा वायु 25 प्रतिशत हैं।

प्रश्न 2.
प्रारम्भिक भू-परिष्करण किसे कहते हैं?
उत्तर:
खेत की तैयारी से बीज बोने तक जितने भी कृषि कार्य किए जाते हैं, उन्हें प्रारम्भिक भू-परिष्करण कहते हैं।

प्रश्न 3.
जैविक खाद का प्रयोग कब किया जाता है?
उत्तर:
जैविक खाद का प्रयोग बुआई से पूर्व किया जाता है?

प्रश्न 4.
खाद के रूप में प्रयोग की जाने वाली तीन खलियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
खाद के रूप में प्रयुक्त होने वाली तीन खलियों के नाम हैं – नीम, महुआ’ और अलसी।

प्रश्न 5.
उत्तर प्रदेश की प्रमुख मृदाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
मृदा पृथ्वी का सबसे ऊपरी भाग है, जो चट्टानों एवं खनिजों के टूटने-फूटने व स्थानांतरित होकर एकत्रित होने से बनी है।

प्रश्न 6.
खाद किसे कहते हैं?
उत्तर:
जीव-जन्तुओं एवं पेड़-पौधों के अवशेषों के विघटित अंश को ‘खाद’ कहते हैं। गोबर और घर का कचरा सड़ने के बाद खाद बन जाता है।

प्रश्न 7.
नालों की निचली सतह में क्या जमा हो जाता है?
उत्तर :
सिल्ट

प्रश्न 8.
खेत में खरपतवार नष्ट करने के लिए क्या-क्या कार्य करेंगे?
उत्तर:
खरपतवार नष्ट करने के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए जिससे खरपतवारों की जड़े एवं कंद मृदा सतह पर आकर धूप एवं वायु से नष्ट हो सकें।

प्रश्न 9.
कार्बनिक पदार्थ का मृदा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
कार्बनिक पदार्थ का मृदा पर बहुत प्रभाव पड़ता है। इससे मृदा का उपजाऊपन बढ़ जाता है।

प्रश्न 10.
चट्टानों एवं खनिजों के टूटने से क्या प्राप्त होता है?
उत्तर:
बालू

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11.
पौधों में नाइट्रोजन के महत्त्व को लिखिए।
उत्तर:
नाइट्रोजन को पोषक तत्वों का राजा कहते हैं। यह एक संरचनात्मक तत्त्व है। नाइट्रोजन पौधों में हरा रंग क्लारोफिल उत्पन्न करता है। यह पौधों की तीव्र वृद्धि में सहायक होता है।

प्रश्न 12.
गर्मी की जुताई का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गर्मी की जुताई खरीफ की फसलों की बुवाई से पहले की जाती है। भीषण गर्मी के बाद गर्म आई मौसम आता है। इस समय वर्षा रुक-रुककर होती रहती है जो घास जमने को प्रोत्साहित करती है, यद्यपि फसलों को उगने के लिए उचित दशाएँ उपलब्ध नहीं होती।

प्रश्न 13.
खादर या कछारीय मृदा किसे कहते हैं?
उत्तर:
ये नवीन जलोढ़ मृदाएँ हैं ये हल्के भूरे रंग की छिद्रयुक्त महीन कणों वाली होती हैं। चूना, पोटाश व मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

प्रश्न 14.
गोबर गैस संयंत्र से होने वाले लाभों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गोबर गैस संयंत्र से लाभ –

  1. भोजन पकाने के लिए ईंधन के रूप में गैस प्राप्त होती है।
  2. गैस का उपयोग गैस लैंप में प्रकाश के लिए भी किया जाता है।
  3. संयंत्र से गोबर की खाद (गाद) प्राप्त होती है।
  4. इस खाद (गाद) में सामान्य गोबर की खाद से कई गुना अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 15.
काली मृदा के गुण-दोष लिखिए।
उत्तर:
काली मृदा के गुण व दोष

  1. यह मृदा गहरे भूरे, काले रंग की होती हैं।
  2. इस मृदा में लोहा, चूना, कैल्सियम, मैग्नीशियम तथा मृत्तिका की प्रचुरता होती है।
  3. इस मृदा में नवजन, फॉस्फोरस तथा कार्बनिक पदार्थ की न्यूनता पाई जाती है।
  4. यह मृदा स्वभाव में चिपचिपी एवं सुघट्य होती है।
  5. इस मृदा में सिकुड़ने एवं फूलने का गुण पाया जाता है तथा सूखने पर दरारें पड़ जाती हैं।
  6. यह मृदा काली, कपासी मृदा एवं रेगुर के नाम से भी प्रचलित है।

प्रश्न 16.
खाद को वर्गीकृत करते हुए हरी खाद बनाने की विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
खाद के प्रकार – यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है
(i) जैविक खाद

  • (क) गोबर की खाद
  • (ख) कम्पोस्ट की खाद
  • (ग) हरी खाद
  • (घ) खली की खाद
  • (ङ) मल-मूत्र की खाद

(ii) उर्वरक या रासायनिक खाद

  • (क) नाइट्रोजन उर्वरक
  • (ख) फॉस्फेटिक उर्वरक
  • (ग) पोटाश उर्वरक
  • (घ) उर्वरक मिश्रण

हरी खाद बनाने की विधि – इस विधि से जिस खेत में खाद देनी होती है, उसी में हरी खाद की फसल को लगभग एक माह पश्चात् खेत में ही पाटा लगाकर गिरा देते हैं। इसके बाद मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई कर देते हैं। जिससे सभी हरे पौथे मिट्टी में दब जाते हैं। कुछ दिन में पौधे सड़-गलकर खाद बन जाते हैं।

 

अर्द्धवार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-कृषि विज्ञान

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
फसलों में बाड़ लगाने का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
फसलों में बाड़ लगाने से जंगली एवं पालतू जानवरों से फसल की सुरक्षा होती है।

प्रश्न 2.
साधारण बीज किसे कहते हैं?
उत्तर:
कृषक बीज को साधारण बीज कहते हैं।

प्रश्न 3.
संकर बीज का प्रयोग कितनी बार किया जाता है?
उत्तर:
संकर बीज का प्रयोग केवल एक बार किया जाता है।

प्रश्न 4.
कैंटीली झाड़ी द्वारा बाड़ लगाने में किन-किन पौधों का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर:
कैंटीली झाड़ी लगाने हेतु करौंदा, झरबेरी, बबूल इत्यादि पौधों का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 5.
उन्नतिशील बीज को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
उन्नतिशील बीज वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोग कर बनाए जाते हैं।

प्रश्न 6.
गेहूँ की तीन उन्नतशील किस्में लिखिए।
उत्तर:
गेहूँ की तीन उन्नतशील किस्में-एच.डी. 2285, मालवीय-234 तथा पी.बी. डब्लू-343 है।

प्रश्न 7.
गेहूं की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन की कितनी मात्रा प्रयोग करनी चाहिए?
उत्तर:
120 किग्रा० प्रति हेक्टेयर |

प्रश्न 8.
उड़द को बुवाई से पूर्व किस रसायन से उपचारित करते हैं?
उत्तर:
उड़द को बुवाई से पूर्व अच्छी पैदावार व सही बढ़ोतरी के लिए राइजोबियम जैसे रसायन से उपचारित करते हैं।

प्रश्न 9.
सुगन्धित धान की दो प्रजातियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
टी-3, बासमती-370

प्रश्न 10.
फसलों को सिचाई की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर:
पौधों को बढ़वार के लिए

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11.
पौधों की बाड़ लगाने से क्या लाभ होता है?
उत्तर:
इस विधि में जानवरों से फसलों की सुरक्षा मेड़ों के किनारे झाड़दार पौधे लगाकर की जाती है। बाड़ लगाने हेतु सरपत, मेंहदी आदि पौधों का चुनाव किया जाता है।

प्रश्न 12.
उन्नतिशील बीज कैसे बनाया जाता है?
उत्तर:
इस तरह के बीज वैज्ञानिक विधि से बनाए जाते हैं। इनको बनाने में चार पाँच साल का समय लगता है।

प्रश्न 13.
मटर की सिंचित असिंचित क्षेत्र में खेती हेतु उर्वरक की मात्रा बताइए।
उत्तर:
मटर की खेती में कम्पोस्ट खाद लगाने के बाद 25-30 किग्रा० नाइट्रोजन, 50-60 किग्रा० फॉस्फोरस तथा 40-50 किग्रा० पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से लगाना चाहिए।

प्रश्न 14.
खखड़ी द्वारा बाड़ कैसे बनायी जाती है?
उत्तर:
इस विधि में पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़ों को दीवार की तरह खेत के चारों तरफ रखकर बाड़ बनाते हैं। इसमें सीमेन्ट या मिट्टी का प्रयोग दीवार बनाने हेतु नहीं किया जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 15.
फसलों के लिए जल की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जल की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं

  1. गर्मी में मृदा-जल का वाष्पीकरण अधिक होने से फसलों को अधिक जल चाहिए।
  2. बलुई व बलुई दोमट में जल रिसता है, इसलिए फसलों को अधिक जल चाहिए।
  3. धान, गन्ना जैसी फसलों को अधिक जल की जरूरत होती है।
  4. वर्षा की मात्रा व वितरण सिंचाई को प्रभावित करते हैं।
  5. अधिक जैविक खाद से जल धारण क्षमता बढ़ने से सिंचाई की जरूरत घटती है।
  6. रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग से सिंचाई की अधिक जरूरत होती है।

प्रश्न 16.
गेहूं की फसल में सिंचाई प्रबन्धन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सामान्यत: गेहूँ में 5-6 सिंचाई की आवश्यकता होती है। पहली सिंचाई बोने के 20-25 दिन बाद की जाती है, जो महत्त्वपूर्ण होती है। इसके बाद आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहना चाहिए। अंतिम सिंचाई से पहले वाली सिंचाई दूधिया अवस्था में करनी चाहिए। अन्त में हलकी सिंचाई दाना पकते समय करनी चाहिए।

 

वार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-कृषि विज्ञान

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लू किस मौसम में चलती है?
उत्तर:
लू गर्मी के मौसम में चलती है।

प्रश्न 2.
पाला किस मौसम में पड़ता है?
उत्तर:
पाला सर्दी के मौसम में पड़ता है।

प्रश्न 3.
नींबू में …………… प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। वाक्य पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
नींबू में विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।

प्रश्न 4.
परिरक्षण में 10 से 15% नमक ………. के लिए विष का काम करता है। वाक्य पूर्ण कीजिए।
उत्तर:
परिरक्षण में 10 से 15% नमक जीवाणुओं के लिए विष का काम करता है।

प्रश्न 5.
ओला वृष्टि का क्या अर्थ है?
उत्तर:
ओला वृष्टि में, बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े आसमान से गिरते हैं।

प्रश्न 6.
बाग लगाने की किस विधि में 15 प्रतिशत पौधे अधिक लगाए जाते हैं?
उत्तर:
षट्भुजाकार विधि में।

प्रश्न 7.
ऊष्मा द्वारा परिरक्षण कैसे किया जाता है?
उत्तर:
खाद्य पदार्थों के जीवाणुओं को सामान्यतः 65 डिग्री सेल्सियस ऊष्मा पर गर्म करके नष्ट किया जाता

प्रश्न 8.
बाग के लिए सबसे उपयुक्त मृदा कौन-सी होती है?
उत्तर:
दोमट

प्रश्न 9.
अमरूब की खेती किस जलवायु में अच्छी होती हैं?
उत्तर:
शुष्क जलवायु में।

प्रश्न 10.
तरल तथा पेय पदार्थों को परिरक्षित करने के लिए कौन-सा रसायन प्रयोग किया जाता है।
उत्तर:
पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट तथा सोडियम बेन्जोएट।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11.
पाला पड़ने से पूर्व वातावरण में कौन-कौन से परिवर्तन होते हैं?
उत्तर:
पाला पड़ने से पूर्व आकाश का स्वच्छ होना, रात का तापमान कम होना, भूमि के निकट तापमान शून्य °C से भी कम होना, दिन में ठंडी हवा चले और रात में शांत हो जाए। जलवायु में वायु की मात्रा कम होना।

प्रश्न 12.
परिरक्षण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
फलों एवं सब्जियों को खराब होने से बचाने हेतु अथवा उनकी गुणवत्ता अधिक समय तक बनाए रखने के लिए की जाने वाली क्रियाओं को फल परिरक्षण कहते हैं।

प्रश्न 13.
अमरूद में तना छेदक कीट की रोकथाम कैसे की जाती है?
उत्तर:
अमरूद में तना छेदक कीट नियन्त्रण के लिए रुई को मिट्टी के तेल में भिगोकर कीट द्वारा बनाए छिद्रों में डालकर गीली मिट्टी से बन्द कर देते हैं।

प्रश्न 14.
नींबू के पौधे किस प्रकार तैयार किए जाते हैं?
उत्तर:
नींबू के पौधे को बीज द्वारा तथा वानस्पतिक प्रसारण की कई विधियाँ- कलिकायन, कर्तन, गूटी द्वारा तैयार की जाती है। कलिकायन विधि पौध तैयार करने की व्यावसायिक विधि हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 15.
पौध खरीदते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
पौधा खरीदते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

1.प्रजाति के अनुसार चुनाव- पौधा विक्रेता एवं नर्सरी मालिक कई प्रकार की प्रजातियों के पौधों को एक में मिलाकर बेच देते हैं। जब यह पौधे दस बारह साल बाद फलते हैं तब उनकी प्रजाति का पता चलता है और पूरा बाग खराब हो जाता है। अतः पौधे खरीदते समय वांछित प्रजाति की पहचान करके ही खरीदें।

2. कलमी पौधों की जगह वेशी पौधों का रोपण- पौधा विक्रेता देशी पौधे सस्ते होने के कारण कलमी पौधे के साथ देशी पौधों को बेच देते हैं। पौधा खरीदते समय तना पर कलिकायन अथवा ग्राफ्टिंग का चीरा देखकर कलमी पौधे पहचाने जा सकते हैं तथा धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

प्रश्न 16.
आम का मीठा अचार कैसे तैयार किया जाता है?
उत्तर:
आम का मीठा अचार
आवश्यक सामग्री- आम की फाँके – 1 किलोग्राम, नमक – 200 ग्रा, चीनी – 600 ग्रा, पीसी लाल मिर्च – 20 ग्रा, गर्म मसाला – 20 ग्रा, सोंठ – 15 ग्रा, सौंफ – 20 ग्रा, हींग – थोड़ा-सा।
बनाने की विधि- आमों को ठंडे पानी से धोते हैं। छिलका उतारकर लम्बाई में बड़े सरोते से काटकर फाँकों को स्टील के काँटों से छेदते हैं। चाशनी अचार को सुरक्षित रखती है। आम के फाँके चीनी की चाशनी को अच्छी तरह सोखते हैं। काँच के बर्तन में रखकर मसाले और चीनी को अच्छी तरह मिलाते रहें। 4-5 दिन धूप में रखते हैं।

We hope the UP Board Class 6 Agricultural Science Model Paper (कृषि विज्ञान), help you. If you have any query regarding UP Board Class 6 Agricultural Science Model Paper (कृषि विज्ञान), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Class 6 Home Craft Model Paper गृहशिल्प

UP Board Class 6 Home Craft Model Paper are part of UP Board Class 6 Model Papers. Here we have given UP Board Class 6 Home Craft Model Paper.

Board UP Board
Class Class 6
Subject Home Craft
Model Paper Paper 1
Category UP Board Model Papers

UP Board Class 6 Home Craft Model Paper गृहशिल्प

सत्र परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय – गृह शिल्प

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हैजा रोग किससे होता हैं?
उत्तर:
हैजा रोग दुषित खाने पीने की वस्तुओं से होता है?

प्रश्न 2.
फल एवं हरी सब्जियों से कौन सा पोषक तत्व प्राप्त होता है?
उत्तर:
विटामिन और खनिज-लवण।

प्रश्न 3.
विश्व शौचालय दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर:
विश्व शौचालय दिवस 19 नवम्बर को मनाया जाता है?

प्रश्न 4.
सूर्योदय से पूर्व उठना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना आवश्यक है।

प्रश्न 5.
किसी एक वंशानुगत रोग का नाम लिखिए।
उत्तर:
वर्णान्धता

प्रश्न 6.
हमें उत्तम स्वास्थ्य के लिए कितने घंटे सोना चाहिए?
उत्तर:
हमें उत्तम स्वास्थ्य के लिए कम-से-कम छह-सात घंटे तक सोना चाहिए।

प्रश्न 7.
हरे तथा नीले रंग के कूड़ेदान का प्रयोग क्यों करते है ?
उत्तर:
गीले कचरे फेंकने के लिए हरे रंग के कूड़ेदान तथा सूखे कचरे फेंकने के लिए नीले रंग के कूड़ेदान का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 8.
कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख कार्य क्या है?
उत्तर:
कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख कार्य है दैनिक कार्यों के लिए हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करना।

प्रश्न 9.
किशोरावस्था में बालिकाओं को किस पोषक तत्व की अधिक आवश्यकता होती है?
उत्तर:
लौह तत्व

प्रश्न 10.
विटामिन ‘A’ की कमी से कौन सा रोग होता है?
उत्तर:
रतौंधी

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11.
संतुलित आहार किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जिस भोजन में समस्त पोषक तत्त्व उचित मात्रा में विद्यमान रहता है तथा जो शरीर की समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति करता है, सन्तुलित भोजन कहलाता है।

प्रश्न 12.
सुखी परिवार किसे कहते हैं?
उत्तर:
उस परिवार को सुखी परिवार कहा जाता है, जिसके सदस्यों में पूर्ण तालमेल हो, सबका स्वास्थ्य उत्तम हो, परिवार की जरूरतों के अनुसार आय हो, शिक्षा का वातावरण हो और बुरी आदतों से सब दूर हों।

प्रश्न 13.
खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
खुले में शौच करने से हानिकारक कीटाणु हवा में तेजी से फैलते हैं और इससे दस्त, टायफायड आँतों में कीड़े, मलेरिया, पीलिया, टिटनेस आदि रोग हो जाते हैं।

प्रश्न 14.
असंक्रामक रोग क्या होते हैं ?
उत्तर:
वे रोग हैं जो छुआछूत से नहीं फैलते। ये पोषण की कमी से होते हैं। जैसे- विटामिन ‘ए’ की कमी से रतौंधी हो जाना। कुछ असंक्रामक रोग वंशानुगत भी होते हैं, जैसे- वर्णान्धता।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 15.
उत्तम स्वास्थ्य के लिए आप किन किन बातों का ध्यान रखेंगे ?
उत्तर:
उत्तम स्वास्थ्य के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है –
प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व जागना, शौच, स्नानादि से निवृत्त होकर हल्का-फुलका व्यायाम करना, जैसे टहलना, दौड़ना, रस्सी कूदना आदि। नाश्ते में पौष्टिक चीजें जैसे- अंकुरित अन्न, फल, दूध, दलिया आदि लेना। दिनचर्या ऐसी बनाना कि उसमें दिनभर के कार्यों के अलावा खेलकूद व मनोरंजन भी अनिवार्य रूप से शामिल हो। भरपूर मेहनत करना और छः-सात घंटे की गहरी नींद लेना, भोजन में हरी-पत्तीदार सब्जियाँ, दाल, सलाद, रोटी, चावल, दही, जैसे पदार्थों को शामिल करना जरूरी है।

प्रश्न 16.
रोग कितने प्रकार के होते हैं? संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों के बारे में संक्षेप में बताइए।
उत्तर:
रोग मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं-संक्रामक एवं असंक्रामक रोग। संक्रामक रोग वे रोग होते हैं। जो बैक्टीरिया, वाइरस, कृमि जैसे सूक्ष्म अतिसूक्ष्म जीवों से होते हैं। ये रोगं सूक्ष्म जीव, दूषित खाद्य या पेय पदार्थ, संक्रमित मिट्टी, वायु में उपस्थित सूक्ष्म जीवाणुओं, मच्छर तथा मनुष्य के स्पर्श के कारण फैलते हैं। हैजा, टायफॉइड, उल्टी, दस्त, जुकाम इन्फ्लुएन्जा, तपेदिक, मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू तथा दाद-खाज जैसे चर्म रोग संक्रमक रोग के उदाहरण हैं।

असंक्रामक रोग वे रोग होते हैं जो छुआछूत से नहीं फैलते। ये पोषण की कमी से होते हैं। जैसे-विटामिन ए की कमी से रतौंधी का होना। कुछ असंक्रामक रोग वंशानुगत भी होते हैं जो बच्चों में अपने पूर्वजों या माता-पिता से आते हैं। वर्णान्धता एक ऐसा ही वंशानुगत रोग है।

 

अर्द्धवार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय – गृह शिल्प

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रदूषण किसे कहते हैं?
उत्तर:
प्रकृति के सन्तुलन में मानव द्वारा परिवर्तन करना ही प्रदूषण कहलाता है।

प्रश्न 2.
प्राथमिक चिकित्सा क्या है?
उत्तर:
प्राथमिक चिकित्सा उस चिकित्सा को कहते हैं जो दुर्घटना स्थल पर डॉक्टर के देखने से पूर्व की जाती है।

प्रश्न 3.
शरीर के विभिन्न भागों के नाप लेने की विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. प्रत्यक्ष नाप तथा
  2. वक्ष या सीट की नाप से नाप निकालना।

प्रश्न 4.
विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर:
विश्व जल दिवस 22 मार्च को मनाया जाता है।

प्रश्न 5.
वस्त्र पर नमूना छापने की विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
नमूना छापने की दो विधियाँ निम्नलिखित हैं

  1. कार्बन पेपर द्वारा
  2. लकड़ी के ठप्पों द्वारा

प्रश्न 6.
सिलाई कला का अर्थ लिखिए।
उत्तर:
किसी कपड़े को नाप के अनुसार काट कर उसे सुई धागे द्वारा हाथ अथवा मशीन से जोड़ना ही सिलाई कला है।

प्रश्न 7:
पागल कुत्ते के काटने से कौन सा रोग होता है?
उत्तर:
हाइड्रोफोबिया।

प्रश्न 8.
जल का रासायनिक संकेत क्या हैं?
उत्तर:
H2O

प्रश्न 9.
डॉक्टर के आने से पहले दिया जाने वाला उपचार क्या कहलाता है ?
उत्तर:
डॉक्टर के आने से पहले दिया जाने वाला उपचार प्राथमिक उपचार कहलाता है।

प्रश्न 10.
अशुद्ध जल पीने से कौन-कौन से रोग होते हैं ?
उत्तर:
अशुद्ध जल पीने से टायफॉयड, पीलिया, हैजा, डायरिया तथा पेचिश जैसी बीमारियाँ होती हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11.
जल का हमारे जीवन में क्या महत्व है?
उत्तर:
जल का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। जल पीने, खाना पकाने, नहाने, कपड़ा धोने, सिंचाई, बिजली उत्पादन, मछली पालन, परिवहन उद्योग आदि कामों में आता है इसलिए जल को जीवन का आधार माना गया है।

प्रश्न 12.
कढ़ाई करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर:
कढ़ाई करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए |

  1. नमूना वस्त्र के अनुकूल हो, छोटे वस्त्र पर छोटा और बड़े पर बड़ा।
  2. थागों के रंगों का उचित चुनाव करना चाहिए।
  3. रंग पक्के और चमकदार होने चाहिए।
  4. धागे की गाँठ को कढ़ाई में छिपा देना चाहिए।

प्रश्न 13.
प्राथमिक चिकित्सा पेटी से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
प्राथमिक उपचार के दौरान उपयोग में आने वाली वस्तुओं को जिस बॉक्स में रखा जाता है। उसे प्राथमिक चिकित्सा पेटी कहा जाता है, जिसका उपयोग कर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल आने वाली परेशानियों से बचाया जा सकता है।

प्रश्न 14.
सिलाई की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?
उत्तर:
घर में कभी भी सिलाई का काम निकल आता है, जैसे- वस्त्र का कहीं से कट जाना, सिलाई खुल जाना, चूहों द्वारा काटा जाना आदि। ऐसे कपड़ों को ठीक करने के लिए सिलाई की आवश्यकता पड़ती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 15.
मधामक्खी के काटने पर क्या लक्षण होते हैं तथा उसका उपचार क्या है ?
उत्तर:
मधुमक्खी के काटने से बहुत पीड़ा होती है। जलन होती है, चकत्ते पड़ जाते हैं। इंक की नोंक शरीर में रह जाती है, जिससे विष फैलने से उस स्थान पर सूजन हो जाती है। उपचार- कटी जगह को स्प्रिट या साबुन से थोना चाहिए। डंक को नुकीली चीज से निकालना चाहिए। घाव पर हल्का अमोनिया या नौसादर और चूना बराबर-बराबर मात्रा में लेकर लगाना चाहिए। ठंडा और गर्म सेंक देना लाभदायक होता है। रोगी को प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर के पास ले जाना चाहिए।

प्रश्न 16.
कढ़ाई कला में उपयोगी उपकरणों के नाम एवं उनके प्रयोग लिखिए।
उत्तर:
कढ़ाई कला में उपयोगी उपकरणों के नाम एवं उनके प्रयोग

  1. ट्रैसिंग पेपर- यह पतला कागज होता है। चित्र पर रखने से चित्र दिखाई देता है। इसलिए इसे नमूने के ऊपर रखकर नमूना उतारते हैं।
  2. कार्बन पेपर- इससे भी कपड़े पर नमूना छापते हैं। कार्बन पेपर कई रंग के होते हैं- लाल, नीला, काला, सफेद आदि। गहरे नीले, काले वस्त्र पर लाल या सफेद कार्बन पेपर से छापते हैं। हल्के रंग के वस्त्र पर काले नीले कार्बन पेपर से छापते हैं।
  3. पेंसिल- यह नमूना उतारने और छापने के काम आती है।
  4. सुई- सुई कई प्रकार की होती है- पतली, मोटी,, मैटी एवं मशीन की सुई । साधारण वस्त्र पर कढ़ाई करने के लिए पतली सुई का प्रयोग करते हैं। मैटी के लिये मैटी की सुई प्रयोग करते हैं।
  5. धागा- विभिन्न प्रकार के रंगीन धागे कढ़ाई करने के काम आते हैं।
  6. फ्रेम- यह लकड़ी या प्लास्टिक का गोलाकार होता है जिसे फ्रेम कहते हैं। इसमें लगाकर कपड़े को तान देते हैं जिससे कढ़ाई करने में सुविधा होती है।
  7. छोटी कैंची- धागा काटने के काम आती है।
  8. कढ़ाई किट- इसमें कढ़ाई का सभी सामान एकत्रित रखते हैं ताकि सामान सुरक्षित और साफ रहे।

 

वार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय – गृह शिल्प

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ऊनी वस्त्र कितने प्रकार से बुने जाते हैं, उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
ऊनी वस्त्र दो प्रकार से बुने जाते हैं-

  1. हाथ द्वारा
  2. मशीन द्वारा

प्रश्न 2.
आकस्मिक आवश्यकता की किन्हीं चार वस्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
टॉर्च, दवा, प्राथमिक चिकित्सा पेटी, रस्सी

प्रश्न 3.
चाय बनाने में कौन-कौन सी आवश्यक सामग्री प्रयुक्त होती हैं ?
उत्तर:
चाय बनाने में चीनी, चाय पत्ती, दूध, पानी, बनाने का बर्तन और छानने की छन्नी चाहिए।

प्रश्न 4.
बिजली से चलने वाले चूल्हों के नाम लिखिए।
उत्तर:
बिजली से चलने वाले चूल्हें हैं – हीटर, इण्डक्शन चूल्हा, माइक्रोवेव तथा टोस्टर।

प्रश्न 5.
बुनाई कला का क्या अर्थ है?
उत्तर:
कलात्मक ढंग से ऊन के फंदे बनाकर सलाइयों के माध्यम से डिजाइनदार वस्त्र तैयार करना ही बुनाई कला है।

प्रश्न 6.
आप अपने घर की दैनिक सफाई में कौन-कौन से कार्य करते हैं?
उत्तर:
हम अपने घर की दैनिक सफाई में फर्श पर झाडू देना पोंछा लगाना, बरतन धोना, कपड़े धोना आदि कार्य करते हैं।

प्रश्न 7.
वस्त्रों में सिकुड़न कैसे दूर करते हैं?
उत्तर:
वस्त्रों को प्रेस कर उनकी सिकुड़न दूर की जाती है।

प्रश्न 8.
वार्षिक सफाई में कौन-कौन से कार्य आते हैं ?
उत्तर:
वार्षिक सफाई में घर की दीवारों पर पुताई करने का कार्य तथा टूटी-फूटी दीवारों का प्लास्टर आदि ठीक करने का कार्य आता है।

प्रश्न 9.
वस्त्रों की नियमित धुलाई क्यों आवश्यक है ?
उत्तर:
वस्त्र प्रयोग करने, पहनने आदि से गंदे हो जाते हैं। इस कारण वस्त्रों की नियमित धुलाई शारीरिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती है।

प्रश्न 10.
हम ऊनी वस्त्र क्यों पहनते हैं?
उत्तर:
ठंड से अपने शरीर की सुरक्षा के लिए जाड़े में ऊनी वस्त्र पहनते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11.
नाप-तौल किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जब हम खाद्य पदार्थों की मात्रा कटोरी, गिलास व कप की सहायता से ज्ञात करते हैं, तब हम उसे नाप कहते हैं। इसी प्रकार जब हम खाद्य पदार्थों की मात्रा तराजू की सहायता से ज्ञात करते हैं, तब उसे तौल कहते हैं।

प्रश्न 12.
गृह प्रबंध से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
घर के सभी सदस्यों की आवश्यकता के अनुसार वस्तुओं की उपलब्धता तथा उनका उचित रख-रखाव या घर की समस्त वस्तुओं का उनके उपयोग के अनुसार रख-रखाव ही गृह-प्रबन्ध है। घर के सदस्यों में उचित तालमेल व सामंजस्य की दृष्टि से गृह-प्रबन्ध आवश्यक है।

प्रश्न 13.
स्वयं बुनाई करने के किन्हीं दो लाभों को लिखिए।
उत्तर:
स्वयं बुनाई करने के दो लाभ हैं-

  • अपने मनपसंद रंग व डिजाइन के वस्त्र कम दाम में बनाया जा सकता है।
  • समय का सदुपयोग होता है एवं धन कमाया जा सकता है।

प्रश्न 14.
ईंधन की बचत के दो उपाय लिखिए।
उत्तर:
ईंधन की बचत के उपाय

  1. भोजन पकाने से पूर्व भोजन की पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए। उसके बाद ही ईथन जलाना चाहिए।
  2. दो मुँह वाले चूल्हे का प्रयोग करना चाहिए। उसमें एक ही समय में 2 वस्तुएँ तैयार होती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 15.
गृह प्रबंधा के क्या लाभ हैं, घर के प्रबंधन में किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक हैं?
उत्तर:
गृह-प्रबन्ध में वस्तुओं के उपलब्ध होने के बाद उनका रख-रखाव होता है फिर उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाती है। गृह प्रबन्ध से सम्बन्धित कुछ विशेष बातें निम्नलिखित हैं

  1. भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना गृह प्रबन्धन के लिए आवश्यक है।
  2. गृह-प्रबन्धन का सीधा सम्बन्ध हमारी सोच, हमारी आदतों से होता है। ये आदत हमें स्वयं ही विकसित करनी होती है। अच्छे गृह-प्रबन्धन के लिए घर के सभी सदस्यों को एक-दूसरे की आदतों के बारे में बातें भी करते रहना चाहिए।
  3. गृह-प्रबन्धन के लिए हमें वस्तुओं के प्रयोग के तरीकों को भी जानना चाहिए।
  4. घर के उचित प्रबन्धन में समय-पालन का महत्व होता है। सभी सदस्यों को नित्यकर्म, नाश्ता, भोजन सही समय पर करना चाहिए।

प्रश्न 16.
टमाटर के सूप बनाने की विधिा लिखिए।
उत्तर:
टमाटर का सूप- आवश्यक समग्री- टमाटर-250 ग्राम, पानी-300 मिली०, अदरक-1 इंच का टुकड़ा, पिसी काली मिर्च चौथाई छोटा चम्मच, भुना पिसा जीरा-चौथाई छोटा चम्मच।

विधि- टमाटर धोकर छोटे-छोटे टुकड़े करें। स्टील के भगोने में थोड़े पानी में डालकर आग पर रखें। अदरक, काली मिर्च, नमक डालकर पकाएँ। महीन कपड़े से छानकर बीज व छिलका अलग करें। थोड़ा भुना जीरा डालकर परोसें।

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UP Board Class 6 Sports and Fitness Model Paper खेलकूद : खेल और स्वास्थ्य

UP Board Class 6 Sports and Fitness Model Paper are part of UP Board Class 6 Model Papers. Here we have given UP Board Class 6 Sports and Fitness Model Paper.

Board UP Board
Class Class 6
Subject Sports And Fitness
Model Paper Paper 1
Category UP Board Model Papers

UP Board Class 6 Sports and Fitness Model Paper खेलकूद : खेल और स्वास्थ्य

 

सत्र परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-खेल और स्वास्थ्य

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
शरीर फुर्तीला तथा निरोगी कैसे बनता है?
उत्तर:
व्यायाम करने से।

प्रश्न 2.
व्यायाम कहाँ करना चाहिए?
उत्तर:
खुले स्थान में।

प्रश्न 3.
किस आसन से कद की वृद्धि होती हैं?
उत्तर:
पश्चिमोत्तनासन से।

प्रश्न 4.
राष्ट्रगान की रचना किसने की थी?
उत्तर:
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने।

प्रश्न 5.
मार्चिग से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
मार्किंग से हमें अनुशासन में रहने की शिक्षा मिलती हैं।

प्रश्न 6.
वेश में राष्ट्रीय शोक के समय राष्ट्रध्वज का क्या किया जाता है?
उत्तर:
राष्ट्रध्वज को नियमानुसार झुकाया जाता है।

प्रश्न 7.
राष्ट्रगान कितने सेकंड में पूरा होना चाहिए?
उत्तर:
52 सेकंड में।

प्रश्न 8.
अंगों के सुधार हेतु क्या करना चाहिए?
उत्तर:
अंगों के सुधार हेतु नियमित योग, प्राणायाम, व्यायाम या पी०टी० करनी चाहिए।

प्रश्न 9.
जीतने या हारने पर अपने ऊपर नियन्त्रण रखने से कौन-सा गुण विकसित होता है?
उत्तर:
अनुशासन का।

प्रश्न 10.
सबसे लम्बी दौड़ कितने मीटर की होती है?
उत्तर:
600 मीटर की।

प्रश्न 11.
कौन-सा आसन सभी आसनों का राजा है?
उत्तर:
शीर्षासन।

प्रश्न 12.
ओलम्पिक खेलों का प्रारम्भ कहाँ हुआ?
उत्तर:
यूनान में।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 13.
शारीरिक शिक्षा की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर:

  1. शारीरिक अंगों के सुधार हेतु
  2. अपनी रक्षा हेतु
  3. शरीर को फुर्तीला बनाने हेतु
  4. मनोरंजन हेतु

प्रश्न 14.
माचिंग क्या है?
उत्तर:
माचिंग वह क्रिया है, जिसे एक निश्चित क्रम से किया जाता है। इसमें आदेशों को सुनते हुए ध्यान से क्रियाकलाप किए जाते हैं।

प्रश्न 15.
प्राथमिक चिकित्सा क्या है?
उत्तर:
जब कोई घटना घटती हैं, तब डॉक्टर के आने से पहले घायल व्यक्ति का जो उपचार किया जाता है, उसे प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं।

प्रश्न 16.
राष्ट्रगान की रचना किसने की थी? यह कब स्वीकार किया गया?
उत्तर:
राष्ट्रगान की रचना गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने की थी। राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ 24 जनवरी सन 1950 को स्वीकार किया गया।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
राष्ट्रगान गाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
राष्ट्रगान गाते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए

  1. राष्ट्रगान के समय सावधान की मुद्रा में खड़ा होना चाहिए।
  2. राष्ट्रगान गाते समय न हिले-डुलें और न बात करें।
  3. राष्ट्रगान को सही-सही गाएँ।
  4. राष्ट्रगान का सम्मान करें।
  5. राष्ट्रगान 52 सेकंड़ में पूरा होना चाहिए।

प्रश्न 18.
माचिंग क्या है? माचिंग करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
मार्चिग वह क्रिया है, जिसमें आदेशों को सुनते हुए ध्यान से मार्च किया जाता है, जैसे सेना व पुलिस के जवानों का कदमताल करते हुए चलना व विद्यालयों में बच्चों की ड्रिल। माचिंग करते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है–सावधान की मुद्रा में खड़ा होना, गर्दन सीधी व आँखें सामने की ओर खुली रखना। विश्राम की अवस्था में दोनों हाथ पीछे करना, हाथों । और पैरों को ढीला छोड़ना। बात करना, पीछे मुड़ना व रूमाल का प्रयोग करना मना है।

 

अर्द्धवार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-खेल और स्वास्थ्य

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किस आसन को करने से स्मरण शक्ति का विकास होता है?
उत्तर:
शीर्षासन को

प्रश्न 2.
शारीरिक तथा मानसिक विकास कैसे होता है?
उत्तर:
शरीरिक क्रियाओं द्वारा।

प्रश्न 3.
योग के कितने अंग होते हैं?
उत्तर:
आठ

प्रश्न 4.
गले सम्बन्धी रोगों में कौन-सा आसन उपयोगी है?
उत्तर:
सिंहासन

प्रश्न 5.
मनुष्य एक मिनट में कितनी बार श्वास लेता है?
उत्तर:
सोलह से अट्ठारह बार

प्रश्न 6.
फेफड़े कैसे मजबूत होते हैं?
उत्तर:
प्राणायाम करने से।

प्रश्न 7.
राष्ट्र ध्वज का केसरिया रंग किसका प्रतीक है?
उत्तर:
त्याग तथा बलिदान का

प्रश्न 8.
ऊँची कूद में प्रत्येक खिलाड़ी द्वार कितने प्रयास किए जाते हैं?
उत्तर:
तीन

प्रश्न 9.
सिगरेट में कौन-सा विषैला रासानिक तत्व पाया जाता है?
उत्तर:
निकोटिन्

प्रश्न 10.
ओलम्पिक खेल कितने वर्षों में अन्तराल में आयोजित होता है?
उत्तर:
चार वर्षों के

प्रश्न 11.
मल्ल युद्ध को वर्तमान में किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:
कुश्ती

प्रश्न 12.
‘रुस्तम-ए-जहाँ’ किसे कहा जाता है?
उत्तर:
गामा पहलवान को

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 13.
व्यायाम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
मनुष्य की ऐसी क्रियाएँ, जिनसे शरीर की मांसपेशियाँ अच्छी तरह विकसित और मजबूत हो जाती हैं तथा शरीर निरोग हो जाता है, व्यायाम’ कहलाता है। खेलकूद व विभिन्न आसन इसके अन्तर्गत आते हैं।

प्रश्न 14.
योग का क्या अर्थ है?
उत्तर:
योग शब्द ‘युज’ से बना है। युज का अर्थ होता है जोड़ना या मिलाना। योग के द्वारा कार्य करते समय शरीर व मन में ताल-मेल बैठता है। योग एक प्रकार का आसन करने का अभ्यास है। योगाभ्यास करने से शरीर और मस्तिक दोनों स्वस्थ रहते हैं।

प्रश्न 15.
भस्त्रिका प्राणायाम कैसे किया जाता है? इसके चरण बताएँ।
उत्तर:
भस्त्रिका प्राणायाम 3 से 5 मिनट तक किया जाता है। इसे करने के लिए सर्वप्रथम वज्रासन में बैठ जाएँ, दोनों नासिकाओं से साँस अन्दर खींचे तथा बिना अन्दर रोके पूरी ताकत से बाहर निकालें।

प्रश्न 16.
अन्तरराष्ट्रीय खेल से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
राष्ट्रीय स्तर पर योग्य खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में भाग लेकर खेलते हैं, उन्हें अन्तरराष्ट्रीय खेल कहते हैं। अन्तरराष्ट्रीय खेलों में ओलम्पिक, एशियाड़ एवं सैफ खेल प्रमुख हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
व्यायाम करते समय कौन-कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
उत्तर:
व्यायाम करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए |

  1. शुद्ध हवा प्राप्त करने हेतु व्यायाम सदैव खुले स्थान में करना चाहिए।
  2. व्यायाम के तुरन्त पहले अथवा तुरन्त बाद भोजन नहीं करना चाहिए।
  3. व्यायाम के तुरन्त पहले अथवा तुरन्त बाद स्नान नहीं करना चाहिए।
  4. हमें अधिक व्यायाम नहीं करना चाहिए। शक्ति से अधिक व्यायाम करना हानिकारक है। हम कितना व्यायाम करें, यह हमारी आयु, कार्य, भोजन और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

प्रश्न 18.
चक्रासन से होने वाले लाभ लिखिए।
उत्तर:
चक्रासन से निम्नलिखित लाभ होते हैं

  1. यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर वृद्धावस्था नहीं आने देता तथा दाँतों को सक्रिय बनाता है।
  2. शरीर में स्फूर्ति एवं शक्ति बढ़ाता है।
  3. यह श्वास रोग, सिरदर्द, नेत्र विकार, सर्वाइकल तथा स्पोंडोलाइसिस में विशेष हितकारी है।
  4. यह हाथों तथा पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

 

वार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-खेल और स्वास्थ्य

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्रिकेट की गेंद को पकड़ने के लिए किसका प्रयोग होता है?
उत्तर:
शरीर तथा मस्तिष्क का।

प्रश्न 2.
रक्त संचार कैसे बढ़ता है?
उत्तर:
अंगों की गति से।

प्रश्न 3.
कौन-सा आसान थायराइड को सक्रिय एवं स्वस्थ बनाता है?
उत्तर:
सर्वांगासन

प्रश्न 4.
किस आसन से मोटापा दूर होता है?
उत्तर:
पद्ममयूरासन

प्रश्न 5.
किस प्राणायाम से हृदय रोग दूर हो जाते हैं?
उत्तर:
भ्रामरी प्राणायाम

प्रश्न 6.
वालीबॉल में एक टीम के कितने खिलाड़ी होते हैं?
उत्तर:
बारह

प्रश्न 7.
राष्ट्रकुल खेल कितने वर्ष में अन्तराल पर आयोजित होते हैं?
उत्तर:
चार वर्ष के

प्रश्न 8.
टेक ऑफ किस खेल से सम्बन्धित है?
उत्तर:
लम्बी कूद

प्रश्न 9.
अर्जुन पुरस्कार किसे दिया जाता है?
उत्तर:
अच्छे खिलाड़ियों को

प्रश्न 10.
द्रोणाचार्य पुरस्कार किस वर्ष से प्रारम्भ किया गया?
उत्तर:
वर्ष 1985 से

प्रश्न 11.
राष्ट्रीय स्तर का सर्वोच्च पुरस्कार कौन-सा है?
उत्तर:
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

प्रश्न 12.
खो-खो में एक पाली कितने मिनट की होती है?
उत्तर:
7 मिनट की।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 13.
योग का क्या अर्थ है?
उत्तर:
योग शब्द ‘युज’ से बना है। युज का अर्थ होता है जोड़ना या मिलाना। योग के द्वारा कार्य करते समय शरीर व मन में ताल-मेल बैठता है। योग एक प्रकार का आसन करने का अभ्यास है। योगाभ्यास करने से शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं।

प्रश्न 14.
योग के कितने अंग होते हैं?
उत्तर:
योग के आठ अंग होते हैं

  1. यम
  2. नियम
  3. आसन
  4. प्राणायाम
  5. प्रत्याहार
  6. धारणा
  7. ध्यान
  8. समाधि।

प्रश्न 15.
सिंहासन या व्याघ्रासन की स्थिति समझाइए।
उत्तर:
सिंहासन या व्याघ्रासन करते समय यदि सम्भव हो तो सूर्य की ओर मुख करके वज्रासन में बैठकर घुटनों को थोड़ा खोलकर रखें। हाथों की अंगुलियाँ पीछे की ओर करके पैरों के बीच सीधा रखें। श्वास अन्दर भरकर जिह्वा को बाहर निकालें। सामने देखते हुए श्वास को बाहर निकालते हुए सिंहवत् गर्जना कीजिए। यह क्रिया 3-4 बार करनी चाहिए।

प्रश्न 16.
खो-खो खेल के एक टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं?
उत्तर:
खो-खो खेल के एक टीम में बारह खिलाड़ी होते हैं। खेलते समय नौ खिलाड़ी प्रत्येक टीम में खेलते हैं। तीन खिलाड़ी अतिरिक्त होते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
“किसी कार्य को करने के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है।’ इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए जो सीख, ज्ञान और क्रियाएँ कराई जाती हैं, वहीं शारीरिक शिक्षा कहलाती है। पढ़ना और ज्ञान प्राप्त करना मानसिक कार्य के अन्तर्गत आते हैं। शरीर को मजबूत बनाने के लिए जो व्यायाम किए जाते हैं, वे सब शारीरिक कार्य के अन्तर्गत आते हैं। किसी भी कार्य को करने के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से विकसित होना आवश्यक है। पढ़ने-लिखने आदि सभी कार्यों में हमारा मस्तिष्क और शरीर दोनों एक साथ कार्य करते हैं। जैसे क्रिकेट में गेंद को पकड़ने (कैच) के लिए मस्तिष्क और शरीर दोनों का प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 18.
नशीले पदार्थों का सेवन करने से शरीर पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
नशीले पदार्थ के सेवन से स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अधिक समय तक इन ” पदार्थों का सेवन करते रहने से इनकी आदत पड़ जाती है। एक बार आदत पड़ जाने पर नशीला पदार्थ न मिलने पर व्यक्ति के अन्दर बेचैनी बढ़ने लगती है। बेचैनी दूर करने के लिए वह बार-बार नशीले पदार्थों का सेवन करने लगता है। परिणामस्वरूप वह गम्भीर रोगों का शिकार हो जाता है जैसे-हृदय रोग, यकृत एवं मस्तिष्क का कैंसर, दमा रोग, एड्स आदि। नशीले पदार्थ का सेवन करने से मरीज का चेहरा एकदम से बुझ सा जाता है। उसकी आँखों के नीचे काले धब्बे पड़ जाते हैं।

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UP Board Class 6 Environment Model Paper पर्यावरण : हमारा पर्यावरण

UP Board Class 6 Environment Model Paper are part of UP Board Class 6 Model Papers. Here we have given UP Board Class 6 Environment Model Paper.

Board UP Board
Class Class 6
Subject Environment
Model Paper Paper 1
Category UP Board Model Papers

UP Board Class 6 Environment Model Paper पर्यावरण : हमारा पर्यावरण

सत्र परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-हमारा पर्यावरण

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पर्यावरण का क्या अर्थ है?
उत्तर:
चारों ओर का आवरण।

प्रश्न 2.
सजीव घटक कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, जीव-जन्तु तथा मनुष्य।

प्रश्न 3.
प्रकृति में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत क्या है?
उत्तर:
सूर्य

प्रश्न 4.
जल के स्रोत कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
धरातलीय जल, भूमिगत जल, वर्षा तथा हिमनद्

प्रश्न 5.
मिट्टी किसे कहते हैं?
उत्तर:
भूमि की सबसे ऊपरी परत को मिट्टी कहते हैं।

प्रश्न 6.
मिट्टी के कितने प्रकार हैं?
उत्तर:
मिट्टी के मुख्य रूप से तीन प्रकार हैं- काली मिट्टी, लाल मिट्टी तथा लैटेराइट मिट्टी।

प्रश्न 7.
प्राणी साँस लेते समय कौन-सी गैस ग्रहण करते हैं?
उत्तर:
ऑक्सीजन

प्रश्न 8.
कारखानों की चिमनियों से कौन-सी गैस निकलती है?
उत्तर:
कार्बन डाइऑक्साइड

प्रश्न 9.
समुद्र का जल कैसा होता हैं?
उत्तर:
खारी

प्रश्न 10.
गंगा तथा यमुना नदियों का संगम कहाँ होता है?
उत्तर:
प्रयाग में।

प्रश्न 11.
दूषित जल से कौन-सी बीमारियाँ होती हैं?
उत्तर:
आंत रोग, टायफाइड, पेचिश आदि।

प्रश्न 12.
जलमण्डल क्या है?
उत्तर:
पृथ्वी का जल वाला भाग।

लघुउत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 13.
पारिस्थितिकी तंत्र किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी स्थान पर पाए जाने वाले जीव-जन्तु, पेड़-पौधे तथा वहाँ के वातावरण में पाई जाने वाली विभिन्न वस्तुओं के तंत्र को पारिस्थितिकी तंत्र कहते हैं।

प्रश्न 14.
आहार जाल किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी पारिस्थितिकी तंत्र में उपस्थित विभिन्न आहार श्रृंखलाएँ एक-दूसरे से सम्बद्ध होकर एक जाल रूपी संरचना का निर्माण करती हैं, जिसे आहार-जाल कहते हैं।

प्रश्न 15.
मृदा प्रदूषण किन करणों से होता हैं?
उत्तर:
मृदा प्रदूषण रासायनिक खादों तथा कीटनाशक दवाओं के अत्यधिक प्रयोग, परमाणु कचरे, पेड़-पौधों की अन्धाधुंध कटाई आदि के कारण होता है।

प्रश्न 16.
प्रकृति में जल किन-किन रूपों में विद्यमान हैं?
उत्तर:
प्रकृति में जल तीन रूपों में पाया जाता है-ठोस, द्रव और गैस। पहाड़ों पर जमी बर्फ जल का ठोस रूप है। नदियों, तालाबों, झरनों, समुद्रों आदि में बहता पानी जल का द्रव रूप है। वायुमण डल में उपस्थित जलवाष्प जल का गैसीय रूप है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
अपशिष्ट संग्रह के दुष्प्रभावों को उदाहरण सहित समझाइए।

प्रश्न 18.
वायुमण्डल क्या है? हमारे वायुमण्डल का संतुलन कैसे बिगड़ रहा है?

 

अर्द्धवार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-हमारा पर्यावरण

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
शेर कहाँ रहता हैं?
उत्तर:
माँद में

प्रश्न 2.
पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना किन-किन घटकों से मिलकर होती हैं?
उत्तर:
सजीव घटक तथा निर्जीव घटक।

प्रश्न 3.
मृत जीवधारियों से भोजन प्राप्त करने वाले जीव क्या कहलाते हैं?
उत्तर:
मृतोपजीवी

प्रश्न 4.
जो सजीव घटक अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, वे क्या कहलाते हैं?
उत्तर:
स्वपोषी।

प्रश्न 5.
पेड़-पौधे अपना भोजन बनाते समय किस गैस का प्रयोग करते हैं?
उत्तर:
कार्बन डाइऑसाइड का।

प्रश्न 6.
जल के भाप बनकर उड़ने की क्रिया को क्या कहते हैं?
उत्तर:
वाष्पीकरण।

प्रश्न 7.
जनसंख्या में वृद्धि किस क्रम से होती है?
उत्तर:
ज्यामितीय क्रम से।

प्रश्न 8.
कोयला कैसा स्रोत हैं?
उत्तर:
अपूर्य स्रोत

प्रश्न 9.
वाहनों को चलाने के लिए न्यूनतम प्रदूषण वाला ईंधन कौन-सा है?
उत्तर:
सी०एन०जी०

प्रश्न 10.
वाहनों से निकलने वाले धुएँ में कौन-सी गैस पाई जाती है?
उत्तर:
कार्बन मोनो-ऑक्साइड

प्रश्न 11.
वायु में किस गैस की मात्रा सबसे अधिक है?
उत्तर:
नाइट्रोजन

प्रश्न 12.
घरों की नालियों का गंदा पानी किस प्रकार का अपशिष्ट है?
उत्तर:
द्रव अपशिष्ट

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 13.
गैसीय अपशिष्ट पदार्थ के स्रोत क्या हैं ?
उत्तर:
गैसीय अपशिष्ट पदार्थ के स्त्रोत हैं- लकड़ी, कोयला, कारखाने, परिवहन के साधन, मरे हुए जीव-जंतु, अँगीठी, सिगरेट, बीड़ी आदि।

प्रश्न 14.
जनसंख्या पर माल्थस के विचार क्या हैं?
उत्तर:
माल्थस के अनुसार खाद्य सामग्री में वृद्धि सदैव अंकगणितीय क्रम (जैसे 1,2, 3, 4, 5…) में होती हैं, जबकि जनसंख्या वृद्धि ज्यामितीय क्रम (जैसे 2, 4, 8, 16, ..) में होती है।

प्रश्न 15.
ऊर्जा के कौन-कौन से स्रोत हैं?
उत्तर:
सूर्य का प्रकाश, कोयला, लकड़ी, पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस, मिट्टी का तेल, गोबर गैस, गोबर के कंडे, बिजली आदि ऊर्जा से स्रोत हैं।

प्रश्न 16.
वन क्षेत्र में मिट्टी का कटाव क्यों कम होता है?
उत्तर:
वन तेज वर्षा में मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। वन-क्षेत्र में पेड़-पौधे पानी के वेग को कम करते हैं। तथा वायु की तीव्र गति को भी कम करते हैं, इससे वन-क्षेत्र में मिट्टी का कटाव कम होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
जल कैसे प्रदूषित होता है?

प्रश्न 18.
अनुकूलन से आप क्या समझते हैं? मरुस्थलीय पौधे अपने वातावरण में किस प्रकार अनुकूलित रहते हैं?

 

वार्षिक परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-6
विषय-हमारा पर्यावरण

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अपशिष्ट पदार्थ कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
अपशिष्ट पदार्थ तीन प्रकार के होते हैं- ठोस अपशिष्ट, द्रव अपशिष्ट तथा गैस अपशिष्ट।

प्रश्न 2.
प्राकृतिक आपदाओं के नाम लिखें।
उत्तर:
भूकम्प, ज्वालामुखी उद्गार, भू-स्खलन, बादल फटना, बाढ़, सूखा आदि।

प्रश्न 3.
धरती की खुदाई क्यों की जा रही है?
उत्तर :
खनिजों को प्राप्त करने के लिए।

प्रश्न 4.
पराबैंगनी किरणों के कारण कौन-सा रोग फैलता है?
उत्तर:
केंसर

प्रश्न 5.
चमड़ा बनाने में किस रसायन का प्रयोग होता है?
उत्तर:
क्रोमियम

प्रश्न 6.
वायु प्रदूषण से होने वाले दो रोगों के नाम लिखो।
उत्तर:
दमा तथा कैंसर

प्रश्न 7.
भूजल स्तर नीचे क्यों गिरता है?
उत्तर:
वर्षा जल की कमी तथा जल की अधिक माँग के कारण।

प्रश्न 8.
भूजल में वृद्धि कैसे की जा सकती है?
उत्तर:
वर्षा जल का संचयन एवं पुनर्भरण करको

प्रश्न 9:
गैसीय अपशिष्ट के प्रमुख स्रोत कौन-से हैं?
उत्तर:
कारखानों की चिमनियाँ, वाहन, बीड़ी-सिगरेट आदि।

प्रश्न 10.
जलाने पर सबसे कम प्रदूषण करने वाला ऊर्जा का स्रोत कौन-सा है?
उत्तर:
एल०पी०जी०

प्रश्न 11.
भेड़ से हमें क्या प्राप्त होता है?
उत्तर:
ऊन।

प्रश्न 12.
आधुनिक कृषि में खरपतवारों को नष्ट करने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?
उत्तर:
कल्टीवेटर

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 13.
प्रवासी पक्षी किसे कहते हैं?
उत्तर:
मौसम से अनुकूलन बनाए रखने के लिए पक्षी हिमालय के बर्फीले क्षेत्रों साइबेरिया, ऑस्ट्रेलिया से हजारों किलोमीटर की यात्रा करके हमारे देश में आते हैं। इन पक्षियों को प्रवासी पक्षी कहते हैं।

प्रश्न 14.
ऑक्सीजन का जीवन में क्या महत्त्व है?
उत्तर:
ऑक्सीजन का जीवन में बहुत अधिक महत्त्व है। किसी भी प्राणी को जीवित रखने के लिए ऑक्सीजन अनिवार्य है इसलिए इसे प्राण वायु भी कहा जाता है। यह आग जलाने के लिए भी आवश्यक है।

प्रश्न 15.
वर्षा जल का संचयन एवं पुनर्भरण क्यों आवश्यक हैं ?
उत्तर:
वर्षा जल का संचयन एवं पुनर्भरण भू-जल आपूर्ति और भू-सतही जल द्वारा सभी कार्यों के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 16.
प्राकृतिक आपदाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
भूकम्प, ज्वालामुखी उद्गार, भू-स्खलन, बादल फटना, बिजली गिरना, बाढ़, सूखा, वनों की । आग, चक्रवात, सुनामी लहरें, तूफान, शीतलहर आदि प्राकृतिक आपदाएँ हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
ऊर्जा संरक्षण के उपाय लिखिए।

प्रश्न 18.
एड्स कैसे फैलता है? इसके बचाव के उपाय बताइए।

 

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