UP Board Solutions for Class 9 English Grammar Chapter 6 Negative Sentences

UP Board Solutions for Class 9 English Grammar Chapter 6 Negative Sentences

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SOLVED EXERCISES BASED ON TEXT BOOk
EXERCISE :: 1
Change the following sentences into Negative Sentences. Study the examples. Use suitable words of your own in place of the italicized words :

Examples :

I. Affirmative Sentence: My brother is an engineer.
Negative Sentence : My brother is not an engineer.
II. Affirmative Sentence: I like coffee.
Negative Sentence : I don’t like coffee.

Questions.

1. The referee has blown the whistle.
2. The wood-cutter was cutting the tree.
3. I bathe in the morning everyday.
4. We took the test last week.
5. My cycle has been stolen.
6. I will buy a gun for my son.
7. Turn the tap on.
8. He writes to me quite often.
9. You can solve this problem.
10. My friend likes shooting wild animals.
Answers:
1. The referee has not blown the whistle.
2. The wood-cutter was not cutting the tree.
3. I do not bathe in the morning everyday.
4. We did not take the test last week.
5. My cycle has not been stolen.
6. I will not buy a gun for my son.
7. Do not turn the tap on.
8. He does not write to me quite often.
9. You can not solve this problem.
10. My friend does not like shooting wild animals.

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EXERCISE :: 2
Change the following sentences into Negative Sentences. Study the examples. Use suitable words of your own in place of the italicized words :
Examples :
I. Affirmative Sentence           : He went to Kolkata last year.
Negative Sentence                   : He did not go to Mumbai last year.
II. Affirmative Sentence        : I lost my pen.
Negative Sentence                   : I did not lose my book.
III. Affirmative Sentence      : Bhola is a farmer.
Negative Sentence                   : Bhola is not a carpenter.
Questions.
1. They play hockey.
2. I shot the bird.
3. Uma is a nurse.
4. The farmers were going to the fields.
5. He has read the Bible.
6. The boys are singing.
7. She can speak Bengali
8. It may rain today.
9. Stand there.
10. Our course in Mathematics has been completed.
Answers:
1. They do not play cricket.
2. I do not shoot the lion.
3. Uma is not a doctor.
4. The farmer were not going to temple.
5. He has not read the Ramayan.
6. The boys are not playing.
7. She can not speak Urdu.
8. It may not rain tomorrow.
9. Do not sit here.
10. Our course in English has not been completed.

EXERCISE :: 3
Change the following sentences into Negative sentences. Study the examples. Use the suitable Verbs of your own in place of the italicized words :
Examples :
Question 1.
I. You can buy a car but I…………one.
Answer:
You can buy a car but I can’t buy one.
Question 2.
II. I have sold my horse, but I………..my cow.
Answer:
I have sold my horse but I haven’t sold my cow.

Questions.

1. Meera plays badminton but she ……….. hockey.
2. It was raining in the morning yesterday, but it…………. in the evening.
3. You sent me an invitation, for your brother’s wedding but you ……one for your sister’s
4. She has a car, but she………… a driver.
5. He knows you, but he ……….your brother.
6. I can lend you money but………….you my books.
7. My mother cooks but my sister…….
8. Our Principal is strict but he….. ……unkind.
9. I have two brothers but I ……….. any sister.
10. Buy some fruits but……….. any bananas.
Answers:
1. does not play
2. was not raining
3. did not send
4. has not
5. does not know
6. I cannot lend
7. does not cook
8. is not
9. have not
10. Do not buy.

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EXERCISE :: 4
Change the following sentences into Negative sentences. Study the examples. Use the suitable Negative words of your own in place of the italicized words :

Examples :

Question 1.
I. Somebody gave me this news.
Answer:
Nobody gave me this news.
Question 2.
II. Have you ever been to Mumbai?
Answer:
Have you never been to Mumbai?
Questions.
1. I had some difficulty in answering his questions.
2. He goes to films sometimes.
3. I heard someone knocking at the door.
4. Have you ever read this story before?
5. Somebody will help the poor woman.
6. Somebody will help the poor man.
7. I have already sent a telegram to my father.
8. There is some water in the jug.
9. You will find him somewhere in the school.
10. She told me something about you last week.
Answers:
1. I had no difficulty in answering his questions.
2. He does not go to films anytime.
3. I did not hear anyone knocking at the door.
4. Have you never read this story before?
5. Nobody will help the poor woman.
6. Nobody will help the poor man.
7. I have not already sent a telegram to my father.
8. There is no water in the jug.
9. You will not find him anywhere in the school.
10. She did not tell me anything about you last weak.

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UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 जयशंकर प्रसाद (काव्य-खण्ड)

UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 जयशंकर प्रसाद (काव्य-खण्ड)

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विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए तथा काव्यगत सौन्दर्य भी स्पष्ट कीजिए :

( पुनर्मिलन)

1. चौंक उठी …………………………………. मैं फेरा।
अथवा  अरे बता दो मुझे …………………………………. 
आकर कह दे रे!
शब्दार्थ- दूरागत = दूर से आयी। निस्तब्ध = शान्त, शब्दविहीन । निशा = रात्रि । प्रवासी = विदेश में गया हुआ।
सन्दर्भ- यह पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ के ‘पुनर्मिलन’ कविता से लिया गया है। यह कविता जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘कामायनी’ महाकाव्य से संकलित है।
प्रसंग- प्रस्तुत पद्यावतरण में यह बताया गया है कि मनु श्रद्धा से रुष्ट होकर सारस्वत नगर चले गये। वहाँ वे संघर्षों में घायल हो गये। श्रद्धा ने उनकी इस स्थिति को स्वप्न में देखा और मनु को ढूंढ़ने निकल पड़ी। मनु को खोजती हुई यहाँ श्रद्धा का वर्णन किया गया है।
व्याख्या- श्रद्धा मनु को खोजती हुई जा रही है। रात का समय, एकान्त निर्जन वन, विचारों में डूबी वह चली जा रही है । इड़ा अपने विचारों में डूबी हुई बैठी है, अचानक दूर से आयी आवाज सुनकर वह चौंक पड़ी । इड़ा सोचने लगी, इस शान्त शब्दविहीन सुनसान रात्रि में यह इस प्रकार कहती कौन आ (UPBoardSolutions.com) रही है ! आवाज इस प्रकार थी-”अरे मुझे कोई दया करके बता दो कि वह मेरा प्रवासी (विदेश में गया हुआ) प्रियतम कहाँ चला गया है? उसी पगले से मिलने के लिए मैं चक्कर काट रही हूँ।”
काव्यगत सौन्दर्य

  1. भाषा- खड़ीबोली। रस- वियोग श्रृंगार। गुण- प्रसाद । अलंकार- रूपक, अनुप्रास।

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2. रूठ गया था…………………………………..……………..जलती।
शब्दार्थ- शूल = काँटा। सदृश = समान। साल रही = चुभ रही है। उर = छाती, मन । राजपथ = राजमार्ग, रास्ता । वेदना = पीड़ा।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं ‘जयशंकर प्रसाद’ द्वारा रचित ‘पुनर्मिलन’ से उद्धृत है।
प्रसंग- मनु श्रद्धा से रूठ गये थे। वह उन्हें खोजती हुई निकल पड़ी। श्रद्धा मनु के रूठने के विषय में बताती हुई कहती है –
व्याख्या- इड़ा ने दूर से आती हुई ध्वनि सुनी। यह ध्वनि श्रद्धा की थी। श्रद्धा कह रही थी कि मैं अपने बिछुड़े प्रियतम से मिलने के लिए ही फेरा लगा रही हैं। वह आगे कहती है- मेरा प्रियतम मनु मुझसे क्या रूठ गया था, मानो अपने-आपसे ही रूठ गया था। उसके रूठने का कारण यह था कि मैं (UPBoardSolutions.com) उसे उस रूप में नहीं अपना सकी थी, जिस रूप में वह चाहता था। वह मुझ पर पूर्ण अधिकार चाहता था। मेरे मन में मेरी भावी सन्तति के प्रति पनपते प्रेम से उसे ऐसा लगा, जैसे वह उपेक्षित हो रहा हो और इसीलिए वह मुझे छोड़कर चला गया। उसमें और मुझमें कोई अन्तर तो था नहीं- यह सोचकर ही मैं रूठे हुए प्रियतम को मना भी नहीं सकी थी। भला कोई स्वयं को मनाता थोड़े ही है।
                 किन्तु वस्तुत: यह एक भूल ही हुई थी। मुझे उसे मनाना चाहिए था। मेरी वह भूल अब काँटे की तरह मेरे मन में चुभ रही है। कोई मुझे यह तो बताये कि मैं उसे किस प्रकार पा सकती हूँ? पता नहीं वह कहाँ-कहाँ भटकता फिर रहा होगा।
काव्यगत सौन्दर्य

  1. वातावरण की दृष्टि से उत्तम अभिव्यक्ति हुई है।
  2. भाषा- खड़ीबोली, “उर को सालता’ मुहावरा।
  3. गुण- प्रसाद।
  4. रस- विप्रलंभ श्रृंगार।
  5. शब्द-शक्ति- अपनेपन से रूठना’, ‘धुंधली-सी छाया चलती’, ‘जलती’ आदि लाक्षणिक प्रयोग है। अलंकार-रूपक, अनुप्रास।

3. इड़ा उठी………………………………………….………घायल होकर लेटे।
शब्दार्थ- वसन = वस्त्र । विशृंखले = अस्त-व्यस्त। कबरी = चोटी । छिन्न पत्र = छिन्न-भिन्न (टूटे) पत्तेवाली । मकरन्द = पराग । अवलम्ब = सहारा । वय = उम्र । बटोही = पथिक।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘पुनर्मिलन’ शीर्षक पाठ से अवतरित हैं।
प्रसंग- श्रद्धा ने अपने बिछडे पति मनु को स्वप्न में घायल और मरणासन्न अवस्था में देखा। वह पुत्र को साथ लेकर मनु को खोजने निकल पड़ती है और खोजते-खोजते इड़ा के पास पहुँचती है । इड़ी श्रद्धा की अस्त-व्यस्त दशा का चित्रण करती है।
व्याख्या- इड़ा ने जब उठकर देखा तो उसे राजपथ पर एक धुंधली-सी छाया आती दिखायी दी। उसके स्वर में करुण वेदना थी और उसकी पुकार दु:ख की आग में जलती हुई-सी प्रतीत हो रही थी। श्रद्धा का शरीर निरन्तर चलने के कारण थक गया था। उसके वस्त्र अस्त-व्यस्त हो गये थे। उसकी चोटी खुल गयी थी, जो उसकी अधीरता को प्रकट कर रही थी। वह ऐसी मुरझाई कली के समान मालूम पड़ रही थी, (UPBoardSolutions.com) जिसकी पंखुड़ियाँ टूटकर बिखर गयी हों, जिसका पराग लुट गया हो। श्रद्धा की अस्त-व्यस्तता उसकी मानसिक परेशानी को प्रकट कर रही थी, जिससे उसे अपने शरीर की सुध नहीं थी।
                   इड़ा कहती है कि उस स्त्री के साथ एक नवीन किशोर आयु का कोमल और सुन्दर बालक था। वह अपनी माँ की उँगली पकड़कर चल रहा था। वह शान्त और धैर्य की मूर्ति के समान था। वह अपनी माँ का एकमात्र आधार था और अपनी माँ को कसकर पकड़े हुए धीरे-धीरे चल रहा था। वे दोनों ही पथिक जो माँ-बेटे थे, अत्यन्त थके हुए और दु:खी लग रहे थे। वे दोनों उस भूले हुए मनु की खोज कर रहे थे जो घायल होकर लेटा हुआ था।
काव्यगत सौन्दर्य

  1. प्रस्तुत पंक्तियों में मनु की खोज में श्रद्धा की अस्त-व्यस्त दशा का करुण चित्रण हुआ है।
  2. पुत्र मानव को माँ श्रद्धा का एकमात्र सहारा बताया है; क्योंकि पति के बिछुड़ने पर पुत्र ही स्त्री का अवलम्ब कहा जाता है।
  3. भाषा- साहित्यिक खड़ीबोली
  4. शैली- चित्रात्मक।
  5. रस- विप्रलम्भ श्रृंगार एवं केरुण।
  6. शब्द शक्ति- लक्षणा ।
  7. गुण- माधुर्य
  8. अलंकार- अनुप्रास, उपमा।

4. इड़ा आज कुछ ……………………………………….…..दुःख की रातें।
शब्दार्थ- द्रवित = दयालु । बिसराया = भुला दिया है। रजनी = रात । व्यथा = दु:ख।
सन्दर्भ- ये पंक्तियाँ ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘कामायनी’ के ‘पुनर्मिलन’ शीर्षक से ली गयी हैं।
प्रसंग- इन पंक्तियों में इड़ा श्रद्धा की करुण दशा को देखकर पूछती है कि तुम्हें किसने भुला दिया है।
व्याख्या- इड़ा श्रद्धा की करुण वाणी को सुनकर उसके पास जाती है और उसका परिचय पूछते हुए यह प्रश्न करती है कि तुमको किसने भुला दिया है? तुम किसे यहाँ खोज रही हो? इस रात में तुम कहाँ भटकती फिरोगी? मेरे पास बैठकर थोड़ी देर विश्राम करो, आज मैं भी अत्यधिक व्यथित हूँ। तुम (UPBoardSolutions.com) अपने दु:ख को मुझे बताओ । यह जीवन एक लम्बी यात्रा के सदृश है जिसमें खोये हुए पुनः मिलते हैं। इस जीवन में मिलने और बिछुड़ने का क्रम दिन और रात के क्रम के समान चलता रहता है। दु:ख की रातें कितनी ही लम्बी हों पर समाप्त हो जाती हैं।
काव्यगत सौन्दर्य

  1. भाग्यवादी विचारधारा का संकेत है।
  2. भाषा शुद्ध एवं परिमार्जित है।
  3. शैली लाक्षणिक तथा प्रसाद गुण दृष्टिगोचर हो रहा है।
  4. अनुप्रास, उपमा, दृष्टान्त अलंकार है।

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5. श्रद्धा रुकी………………………………………………..क्यों रह जाती?
शब्दार्थ- श्रान्त = थका हुआ। वह्नि-शिखा = आग की लपटें । वेदी-ज्वाला = यज्ञवेदी की अग्नि । अनुलेपन = मरहम।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘पुनर्मिलन’ से उधृत है।
प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में मूर्च्छित मनु को देखकर श्रद्धा के हृदय में उत्पन्न भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति हुई है।
व्याख्या- इड़ा की सहानुभूतिपूर्ण बातों को सुनकर श्रद्धा वहीं रुक गयी। उसका बेटा भी बहुत थक गया था और वहाँ आश्रय भी मिल रहा था। श्रद्धा तब इड़ा के साथ उस स्थान की ओर चल दी, जहाँ पर आग की लपटें उठ रही थीं। सहसा यज्ञवेदी की अग्नि धधक उठी, जिससे मण्डप में प्रकाश फैल गया। श्रद्धा ने वहाँ कुछ देखा और कदम बढ़ाती हुई वहाँ तक जा पहुँची। उसने वहाँ मनु को घायल अवस्था में देखा। (UPBoardSolutions.com) श्रद्धा सोचने लगी कि क्या मेरा स्वप्न सच्चा निकला? वह चीख उठी-“आह प्राणप्रिय ! यह क्या हो गया? तुम इस दशा में क्यों हो?” ऐसा कहते हुए उसका मन भर आया और उसके नेत्रों से आँसू बहने लगे। यह देखकर इड़ा चकित रह गयी। श्रद्धा अपने पति मनु के पास बैठकर उनके शरीर पर हाथ फेरने लगी। उसका वह स्पर्श मरहम के समान कोमल एवं कष्ट हरनेवाला था; तब मनु के हृदय में पीड़ा क्यों शेष रहती?
काव्यगत सौन्दर्य

  1. यहाँ कवि ने श्रद्धा और मनु के मिलन का मार्मिक चित्रण किया है।
  2. भाषा- साहित्यिक खड़ीबोली
  3. शैली- चित्रात्मक।
  4. रस- करुण।
  5. अलंकार- ‘घुला हृदय बन नीर बहा’ में रूपक है।

6. उस मूर्च्छित नीरवता …………………………………………… लगते जी को? (Imp.)
शब्दार्थ- नीरवता = सूनापन, सन्नाटा। स्पन्दन = कम्पन।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘पुनर्मिलन’ से उद्धृत है।।
प्रसंग- इन पद्य-पंक्तियों में प्रसादजी ने श्रद्धा और मनु के मिलने का मार्मिक चित्रण किया है।
व्याख्या- श्रद्धा अपने पति मनु को घायल और मूच्छित देखकर ‘प्राणप्रिय’ कहकर उनके पास बैठ गयी और उनको सहलाने लगी। श्रद्धा का सुखद एवं मधुर स्पर्श पाकर (UPBoardSolutions.com) शब्दहीन, चुपचाप मूच्छित पड़े मनु के शरीर में हल्की-सी हलचल उत्पन्न हो गयी। मनु ने आँखें खोलीं और एक-दूसरे को प्रेमपूर्वक देखते रहे, तब दोनों की आँखों से पश्चाताप के आँसू बहने लगे।
                 उधर श्रद्धा का पुत्र मानव यज्ञभूमि के ऊँचे मन्दिर, यज्ञ-मण्डप और यज्ञ की वेदी को देख रहा था, वह सोचने लगा कि यह सब कितना मोहक, सुन्दर और नवीन है, जो मेरे मन को आकर्षित कर रहा है।
काव्यगत सौन्दर्य

  1. यहाँ कवि ने पतिपरायणा स्त्री के सहज प्रेम और सेवाभाव का चित्रण किया है।
  2. प्रेम का मधुर स्पर्श शारीरिक पीड़ा को दूर कर देता है।
  3. भाषा- साहित्यिक खड़ीबोली ।
  4. शैली- भावात्मक, चित्रात्मक।
  5. रस- शृंगार।
  6. छन्द- माधुर्य ।।

7. माँ ने कहा …………………………………………….…. श्रद्धा का संगीत बना।
शब्दार्थ- रोएँ खड़े होना = रोमांचित होना। सजीवता = जीवन्तता।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्यांश ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘पुनर्मिलन’ शीर्षक से अवतरित है।
प्रसंग- इन पंक्तियों में श्रद्धा अपने पुत्र को मनु से मिलवाती है। सबके मिलन पर छोटे-से परिवार में आत्मीयता का भाव भर जाता है।
व्याख्या- मनु के होश में आने पर श्रद्धा ने अपने पुत्र से कहा कि तू भी आकर अपने पिता के दर्शन कर ले । ये भूमि पर लेटे हुए हैं – माँ का कथेनें:सुनते ही उसने पितोकेपीस”जोकर कहा-पंतीर्जी’ ! देखों मैं आपके पास आ गया।” पिंतों से बँतकरं पुत्र को अति प्रसन्नत हुई । दनों हरिसँचित हो गये। (UPBoardSolutions.com) पुत्र अपनी माँ ( श्रद्धा) से बोला कि माताजी आप यहाँ बैठी क्या कर रही हो? पिताजी प्यासे होंगे, इन्हें जल लाकर दो। बालक की मधुर ध्वनि से मण्डप में ऐसी सजीवता छा गयी, जो पहले नहीं थी। | इस प्रकार उस घर में पुन: अपनेपन का भाव भर गया। श्रद्धा, मनु और कुमार के मिलने से वहाँ एक छोटा-सा परिवार बन गया। उस परिवार में श्रद्धों का मधुर स्वर संगीत बनकर छा गया।
काव्यंगत सौन्दर्य

  1. प्रैस्तुत पंक्तियों में श्रद्धा, कुमार और मनु के सुखद मिलन का मार्मिक चित्रण हुआ है।
  2. भाषा- शुद्ध साहित्यिक खड़ीबोली
  3. शैली- चित्रात्मक, संलाप।

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प्रश्न 2. जयशंकर प्रसाद की जीवनी एवं रचनाओं पर प्रकाश डालिए।
अथवा जयशंकर प्रसाद की साहित्यिक सेवाओं एवं भाषा-शैली का उल्लेख कीजिए।

जयशंकर प्रसाद
( स्मरणीय तथ्य )

जन्म- सन् 1890 ई०, काशी। मृत्यु- सन् 1937 ई० । पिता- बाबू देवीप्रसाद ।
रचनाएँ- ‘झरना’, ‘लहर’, ‘आँसू’, ‘कामायनी’, ‘प्रेम पथिक’ आदि।
काव्यगत विशेषताएँ
वर्य-विषय- छायावाद, रहस्यवाद, ईश्वरोन्मुख लौकिक प्रेम, प्रकृति-प्रेम तथा भारतीय संस्कृति से प्रेम। रस-प्राय: सभी।
भाषा- आरम्भ में ब्रजभाषा, बाद में खड़ीबोली, संस्कृत शब्दों की प्रचुरता, मुहावरों का अभाव ।
शैली- 1. कथात्मक, 2, दुरूह तथा गहन और 3. भावात्मक।
अलंकार- सभी प्राचीन, नवीन (मानवीकरण आदि) अलंकार।
छन्द- हिन्दी के प्राचीन छन्द।

  • जीवन-परिचय- बाबू जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में सन् 1890 ई० में हुआ था। इनके पिता बाबू देवीप्रसाद ‘सुँघनी साहू’ के नाम से प्रसिद्ध एक धनी व्यवसायी थे। बचपन में ही पिता की मृत्यु के बाद इनकी शिक्षा का प्रवन्ध घर पर ही हुआ। यहाँ इन्होंने हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, फारसी तथा अंग्रेजी का गम्भीर अध्ययन किया और अपने व्यापार की देखभाल के साथ हिन्दी की सेवा में भी लगे रहे। प्रसाद जी स्वभाव से बड़े उदार, मृदुभाषी, स्पष्ट वक्ता, साहसी और हँसमुख (UPBoardSolutions.com) प्रकृति के व्यक्ति थे। इनकी मनोवृत्ति धार्मिक थी। ये भारतीय संस्कृति के सच्चे उपासक और शिव के परम भक्त थे। इनकी मृत्यु सन् 1937 ई० में क्षय रोग के कारण हो गयी।
  • रचनाएँ- प्रसाद जी ने साहित्य के विविध क्षेत्रों में अपना स्वतन्त्र मार्ग बनाया। इन्होंने काव्य, नाटक, उपन्यास और निबन्ध सभी विषयों को स्पर्श किया है।
  • काव्य- चित्राधार, कानन कुसुम, करुणालय, प्रेम पथिक, झरना, आँसू, लहर और कामायनी ।

काव्यगत विशेषताएँ

  • (क) भाव-पक्ष-आधुनिक काल के छायावादी ऐवं रहस्यवादी कवियों में प्रसाद जी का सर्वोच्च स्थान है।‘आँसू’ इनका प्रथमं छायावादी कार्ये हैं कॉमर्यंन इन ऑन्तैम और र्सर्वं श्रेष्ठ रचना है। पौराणिक कथा पर आधारित इस काव्य में इन्होंने अपनी काव्य-प्रतिभा को चरम सीमा तक पैहुँचा दिया है। ये भारतीय संस्कृति के सच्चे पुजारी थे, जिसका प्रभाव इनकी रचनाओं पर पड़ा है। (UPBoardSolutions.com) प्रसादजी मूल रूप से कल्पना और भावना के कवि थे। भावना के क्षेत्र में इन्होंने प्रेम और सौन्दर्य को स्थान दिया है। इनकी यह प्रेम-भावना मुख्यत: तीन रूपों में दिखायी देती है—
    1. ईश्वरोन्मुख लौकिक प्रेम,
    2. भारतीय संस्कृति से प्रेम,
    3. प्रकृति प्रेम।
  • (ख) कला-पक्ष-भाषा- प्रसादजी की भाषा शुद्ध साहित्यिक खड़ीबोली है। वह सरल और क्लिष्ट दो रूपों में दिखायी देती है। उनकी प्रारम्भिक रचनाओं में व्यावहारिक भाषा का प्रयोग हुआ है, किन्तु पद की रचनाएँ संस्कृत प्रधान हो गयो हैं । अत: कहीं-कहीं क्लिष्टता आ गयी है। इनका वाक्य-विन्यास और शब्द-चयन अति सुन्दर और अद्वितीय है। इनकी रचनाओं में एक-एक वाक्य नेगीने की भाँति जड़ा होता है। इनकी भाषा लाक्षणिकता और चित्रात्मकता अधिक है, किन्तु मुहावरों का सर्वथा अभाव है। संच तो यह है कि आधुनिक हिन्दी साहित्य में प्रसाद जैसी सशक्त भाषा किसी साहित्यकार की नहीं है।
    • शैली– प्रसाद जी की शैली ठोस, स्पष्ट, परिष्कृत और स्वाभाविक है। छोटे-छोटे वाक्यों में गम्भीर भाव भर देना और उसमें संगीत का विधान कर देना इन शैली की विशेषता है। इनकी रचनाओं में इनका व्यक्तित्व झाँकता रहता है। इन्होंने अपने दार्शनिक विचारों को गम्भीर शैलीं मैंव्यक्त किया है तथा लज्जा, चिन्ता औदिं मानसिक भवों के चित्रण में इन्होंने भावात्मक शैली को अपनाया है।
    • रस- रस की दृष्टि से प्रसाद जी मुख्यतः श्रृंगार रस के कवि हैं, किन्तु कॅरुणवीर, वात्सल्य आदि के भी सुन्दर उदाहरण इनकी रचनाओं में मिलते हैं।
    • अलंकार- प्रसाद जी ने अलंकारों का सुन्दर स्वाभाविकै प्रयोग किया है। उनमें रूपक, उत्प्रेक्षा, उपमा, श्लेष, विरोधाभास आदि मुख्य हैं। एक उदाहरण देखिए-
    • रूपक-

काली आँखों में कितनी, यौवन के मद की लाली।
मानसिक मदिरा से भर दी, कितने नीलम की प्याली।।

  • छन्द- आधुनिक छन्दों के अतिरिक्त प्रसादजी ने कवित्त, रोली, रूपमाला आदि छन्दों को अपनाया है। संस्कृत छन्दों के साथ इन्होंने सुन्दर गीत भी लिखे हैं। वस्तुत: प्रसादजी का कवि-रूप बड़ा ओजस्वी था। ये छायावादी युग के प्रथम प्रवर्तक थे। आधुनिक युग के कवियों में उनका स्थान सर्वोच्च है। इनकी रचनाओं के कारण हिन्दी साहित्य गौरवान्वित हुआ है।

प्रश्न 3. ‘पुनर्मिलन’ काव्यांश का सारांश एवं मूलभाव अपने शब्दों में लिखिए।
‘पुनर्मिलन’ कविता जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित ‘कामायनी’ नामक महाकाव्य का एक अंश है। जल-प्रलय से बचे हुए मनु और श्रद्धा साथ-साथ रहने लगे। श्रद्धा (UPBoardSolutions.com) अपनी भावी सन्तान के लिए वस्त्र बुनने लगी। मनु को यह अच्छा न लगा और वे श्रद्धा को छोड़कर भाग गये। एक रात स्वप्न में श्रद्धा ने मनु को घायल और मूर्च्छित अवस्था में देखा। श्रद्धा उनकी खोज में अपने पुत्र को साथ लेकर चल पड़ी। इस कविता का सारांश निम्न पंक्तियों में प्रस्तुत है –
सारांश- रात्रि के समय श्रद्धा अपने पुत्र के साथ यह कहती हुई जा रही थी कि कोई मुझे यह बता दे कि मेरा प्रिय कहाँ है? वह मुझसे रूठकर चला आया था और मैं उसे मना नहीं पायी थी। ‘इड़ा’ इन शब्दों को सुनकर उठी और उसने सड़क पर शिथिल शरीर और अस्त-व्यस्त वस्त्रों को पहने हुए श्रद्धा को देखा। उसका पुत्र कुमार उसकी अँगुली पकड़े हुए था। |
इड़ा उसकी ऐसी दशा देखकर बोली कि तुम्हें किसने बिसराया है? तुम बैठो और मुझे अपनी कथा सुनाओ। श्रद्धा, इड़ा के साथ जलती हुई अग्नि के पास पहुँची। उसने वहाँ मनु को (UPBoardSolutions.com) देखा। वह वहाँ पहुँच गयी और बोली, मेरा स्वप्न सच्चा निकला है। अरे प्रिय ! तुम्हारा यह क्या हाल है? वह मनु के पास बैठकर उसे सहलाने लगी, जिससे मनु की मूच्र्छा दूर हो गयी और उन्होंने अपनी आँखें खोलीं । जैसे ही दोनों की आँखें चार हुईं, उनकी आँखों में आँसू आ गये। इस समय कुमार राजमहल की ओर देख रहा था। श्रद्धा ने उसे पुकारकर कहा कि तेरे पिता यहाँ हैं। तू भी यहाँ आ जा। वह पिता-पिता कहते हुए वहाँ आया और बोला कि हे माँ ये प्यासे होंगे। तू इनको पानी पिला। इस प्रकार वहाँ सबका मिलन हो गया।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. प्रसाद के प्रकृति-चित्रण पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर- प्रसाद ने प्रकृति के सुन्दर रूपों का चित्रण किया है।’झरना’ में प्रेम और सौन्दर्य के साथ प्रकृति के मनोरम रूप का भी चित्रण किया है। इसमें कवि के छायावादी रूप के स्पष्ट दर्शन होते हैं।

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प्रश्न 2. इड़ा को कामायनी’ धुंधली-सी छाया’ क्यों लग रही थी?
उत्तर- कामायनी अत्यन्त दुबली हो गयी थी। रात्रि में गहन अँधेरा छाया था। इस कारण इड़ा को वह धुंधली छाया-सी मालूम पड़ रही थी।

प्रश्न 3. विरहिणी के रूप में कवि ने कामायनी का चित्रण किस प्रकार किया है?
उत्तर- विरहिणी कामायनी बहुत कमजोर हो गयी है। उसने अपने वस्त्र भी ठीक प्रकार से नहीं पहन रखे हैं। उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है, जैसे किसी ने कली का मकरन्द लूट लिया हो और वह मुरझा गयी हो।

प्रश्न 4. ‘पुनर्मिलन’ काव्यांश का भाव लिखिए।
उत्तर- रात्रि के समय श्रद्धा अपने पुत्र के साथ यह कहती हुई जा रही थी कि कोई मुझे यह बता दे कि मेरा प्रिय कहाँ है? वह मुझसे रूठकर चला आया था और मैं उसे मना नहीं पायी थी।’ इड़ा’ इन शब्दों को सुनकर उठी और उसने सड़क पर शिथिल शरीर और अस्त-व्यस्त वस्त्रों को पहने हुए श्रद्धा को देखा। उसका पुत्र कुमार उसकी उँगली पकड़े हुए था।
                     इड़ा उसकी ऐसी दशा देखकर बोली कि तुम्हें किसने बिसराया है? तुम बैठो और मुझे अपनी कथा सुनाओ। श्रद्धा, इड़ा के साथ जलती हुई अग्नि के पास पहुँची। उसने वहाँ मनु को देखा। वह वहाँ पहुँच गयी और बोली मेरा स्वप्न सच्चा निकला है। अरे प्रिय ! तुम्हारा यह क्या हाल है? वह मनु के पास बैठकर उसे सहलाने लगी, जिससे मनु की मूच्र्छा दूर हो गयी और उन्होंने अपनी आँखें खोलीं। जैसे ही दोनों (UPBoardSolutions.com) की आँखें चार हुईं, उनकी आँखों में आँसू आ गये। इस समय कुमार राजमहल की ओर देख रहा था। श्रद्धा ने उसे पुकार कर कहा कि तेरे पिता यहाँ हैं । तू भी यहाँ आ जा। वह पितापिता कहते हुए वहाँ आया और बोला कि हे माँ ये प्यासे होंगे। तू इनको पानी पिला। इस प्रकार वहाँ सबका मिलन हो। गया।

प्रश्न 5. कामायनी तथा उसके पुत्र के मनु से पुनर्मिलन को संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर- श्रद्धा अपने पुत्र के साथ मनु को खोजती चली जा रही है। वह लोगों से उनका पता पूछ रही है और पश्चात्ताप कर रही है कि यदि मैं उन्हें मना लेती तो सम्भवतः वे न जाते । इड़ा उसकी आवाज सुनकर चौंक जाती है। वह देखती है कि पथ पर अस्त-व्यस्त वस्त्रों में एक युवती चली आ रही है। (UPBoardSolutions.com) उसके साथ एक किशोर भी है। इड़ा ने उसके रोने का कारण पूछा। तभी श्रद्धा को घायल अवस्था में लेटे हुए अपने पति मनु दिखायी पड़े। उन्हें देखते ही श्रद्धा की आँखों में आँसू बहने लगे। जब श्रद्धा ने अपने हाथों से मनु को सहलाया तो उनमें चेतना आयी। श्रद्धा को अपने पास देखकर उनकी आँखों से आँसू बहने। लगे।
                              उनका पुत्र यज्ञ भूमि के ऊँचे मन्दिर, यज्ञ मण्डप और यज्ञ की वेदी को देख रहा था, तभी श्रद्धा ने कहा-‘देख पुत्र! तेरे पिता यहाँ हैं। यह सुन कर वह दौड़कर पास आ गया तथा अपनी माँ से अपने पिता को जल पिलाने के लिए कहा। उसी समय सारा मण्डप नवनिर्मित परिवार की प्रसन्नता से भर उठा।

प्रश्न 6. जयशंकर प्रसाद की भाषा-शैली बताइए।
उत्तर- भाषा-शैली- प्रसाद जी की भाषा पूर्णत: साहित्यिक, परिमार्जित एवं परिष्कृत है। भाषा प्रवाहयुक्त होते हुए भी संस्कृतनिष्ठ खड़ीबोली है, जिसमें सर्वत्र ओज एवं माधुर्य गुण विद्यमान है। अपने सूक्ष्म भावों को व्यक्त करने के लिए प्रसाद जी ने लक्षणा एवं व्यंजनों का आश्रय लिया है। प्रसाद जी की शैली काव्यात्मक चमत्कारों से परिपूर्ण है। संगीतात्मकता तथा लय पर आधारित इनकी शैली अत्यन्त सरस एवं मधुर है।

प्रश्न 7. ‘पुनर्मिलन’ कविता का केन्द्रीय भाव लिखिए।
उत्तर- इस कविता में श्रद्धा, मनु और उनके पुत्र कुमार के मिलन का वर्णन है। एक बार मनु किसी बात पर खिन्न होकर घर से बाहर चले जाते हैं। श्रद्धा रात्रि में उनकी तलाश में पुत्र का हाथ पकड़े हुए बाहर निकल जाती है और यह कहती जा रही थी कि ”मेरा प्रिय कहाँ है वह मुझसे नाराज होकर चला गया है।” इड़ा श्रद्धा की आवाज सुनकर बाहर निकलती है और उसका हाल-चाल जानने के लिए उसे जलती हुई (UPBoardSolutions.com) अग्नि के पास ले जाती है। वहाँ मनु पड़े हुए थे। वहाँ जाकर श्रद्धा मनु का सिर सहलाने लगी। मूच्र्छा दूर होने पर उन्होंने आँखें खोलीं। दोनों की आँखें चार होते ही मनु की आँखों में आँसू आ गये। श्रद्धा अपने पुत्र को पुकारती है कि तुम्हारे पिता यहाँ हैं। कुमार आता है और अपने पिता को देखता है । इस तरह तीनों को पुनर्मिलन होता है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. जयशंकर प्रसाद किस काल के कवि हैं?
उत्तर- जयशंकर प्रसाद आधुनिक काल के कवि हैं।

प्रश्न 2. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित महाकाव्य का नाम बताइए।
उत्तर- कामायनी।

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प्रश्न 3. जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित दो काव्य ग्रन्थों के नाम लिखिए।
उत्तर- कामायनी और लहर।

प्रश्न 4. जयशंकर प्रसाद को किस युग का प्रवर्तक माना जाता है?
उत्तर- छायावादी युग का।

प्रश्न 5. कवि किस आशा से अनुप्रेरित होकर क्यारी और कुंज में परिश्रम कर रहा है?
उत्तर-
कवि मल्लिका पुष्प खिलने की आशा से क्यारी और कुंज में परिश्रम कर रहा है।

प्रश्न 6. श्रद्धा कौन थी?
उत्तर- श्रद्धा मनु की पत्नी थी।

प्रश्न 7. निम्नलिखित में से सही उत्तर के सम्मुख सही (√) का चिह्न लगाइए-
(अ) श्रद्धा के पुत्र का नाम मानव है।                       (×)
(ब) जयशंकर प्रसाद छायावादी कवि हैं।                (√)
(स) पुनर्मिलन कामायनी निर्वेद सर्ग में उद्धृत है।     (√)

काव्य-सौन्दर्य एवं व्याकरण-बोध

प्रश्न 1. निम्नलिखित पंक्तियों का काव्य-सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए
(अ) मुखर हो गया सूना मण्डप।
(ब) आत्मीयता घुली उस घर में छोटा सा परिवार बना।
उत्तर-

  • (अ) काव्य-सौन्दर्य-
    1. यहाँ बालकों की प्रकृति एवं उनकी उत्सुकता सम्बन्धी भावना का अत्यन्त स्वाभाविक चित्रण किया गया है।
    2. मनु से श्रद्धा और पुत्र के मिलन में स्वाभाविकता का समावेश हुआ है।
    3. भाषा- ऐतिहासिक खड़ीबोली ।
    4. रस- शृंगार तथा वात्सल्य
    5. गुण- माधुर्य।
    6. अलंकार- अनुप्रास।।
  • (ब) काव्य-सौन्दर्य- 
    1. कवि ने पति, पत्नी तथा पुत्र का मिलन दिखलाकर भावात्मकता, आत्मीयता तथा स्वाभाविकता की सृष्टि की है।
    2. भाषा- सरस एवं प्रवाहपूर्ण खड़ीबोली।
    3. अलंकार- अनुप्रास एवं उपमा।
    4. गुण- प्रसाद।
    5. शैली- संवादात्मक।
    6. रस- श्रृंगार, वात्सल्य ।
    7. गुण- माधुर्य ।

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प्रश्न 2. निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त रस का नाम बताइए-
(अ) घुला, हृदय, बन नीर बहा।
(ब) इड़ा आज कुछ द्रवित हो रही दुःखियों को देखा उसने।
उत्तर-
(अ) करुण
(ब) करुण एवं शान्त रस।

प्रश्न 3. ‘मुखर हो गया सूना मण्डप’ में कौन-सा अलंकार है?
उत्तर-
मानवीकरण।

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UP Board Solutions for Class 9 English Grammar Chapter 9 The Passive Voice

UP Board Solutions for Class 9 English Grammar Chapter 9 The Passive Voice

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SOLVED EXERCISES BASED ON TEXT BOOK
EXERCISE : 1

Change the following sentences into Passive Voice :
Questions.
1. Does he help his friends?
2. Do you read the newspaper?
3. Do you not drink water?
4. When does he leave his bed in the morning?
5. Who loves you?
6. Is he writing a letter to his father?
7. Am I teaching English to your brother?
8. Is he teaching Mathematics to him?
9. Are you riding the cycle?
10. Why are you eating an apple?
11. Is the grandmother telling us stories?
12. Why is he not playing basket ball?
13. Have we washed our clothes?
14. Did Savitri marry Satyavan?
15. Did I open the letter box?
Answers:
1. Are his friends helped by him?
2. The newspaper read by you.
3. Is water not drunk by you?
4. When is his bed left by him in the morning?
5. By whom are you loved?
6. Is a letter being written to his father by him?
7. Is your brother being taught English by me?
8. Is he being taught Mathematics by him?
9. Is the cycle being riden by you?
10. Why is an apple being eaten by you?
11. Are stories being told us by the grandmother?
12. Why is basket ball not being played by him?
13. Have our clothes been washed by us?
14. Was Satyavan married by Savitri?
15. Was the letter box opened by me?

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MIXED EXERCISE : 2

Change the following sentences into Passive Voice :
Questions.
1. We believe that he is honest.
2. Do we find that many novels are harmful?
3. They say that he is a thief.
4. He likes cold water.
5. Nobody has answered this question correctly.
6. The people believe that he is a thief.
7. One uses milk for making butter and chees.
8. Someone has broken two of my dinner plates.
9. My father loves me very much.
10. Who writes a letter?
Answers:
1. It is believed by us that he is honest.
2. It is found by as that many novels are harmful.
3. It is said by them that he is a thief.
4. Cold water is liked by him.
5. This question has been answered correctly by nobody.
6. He is a thief that believed by the people.
7. Milk is used by one for making butter and chees.
8. Two of my dinner plates have been broken by someone.
9. I am loved very much by my father.
10. By whom is a letter written?

EXERCISE : 3

Change the following sentences into Passive Voice :
Questions.
1. Shershah Suri defeated Humayun.
2. My sister painted that picture.
3. Ram killed a snake.
4. The Delhi Transport Corporation runs many buses between Delhi and Uttar Pradesh.
5. I gave hundred rupees to my younger brother.
6. Kiran sang a beautiful song last evening.
7. Ravi Shanker’s performance thrilled the audience.
8. The teacher congratulated Ram on his success.
9. Shakespeare wrote many great tragedies.
10. A little girl greeted him.
Answers:
1. Humayun was defeated by Shershah Suri.
2. That picture was painted by my sister.
3. A snake was killed by Ram.
4. Many buses are run between Delhi and Uttar Pradesh by the Delhi Transport Corporation.
5. My younger brother was given hundred rupees by me.
6. A beautiful song was sung by Kiran last evening.
7. Audience was thrilled by Ravi Shankar’s performance.
8. Ram was congratulated on his success by the teacher.
9. Many great tragedies were written by Shakespeare.
10. He was greeted by a little girl.

EXERCISE : 4

Change the following sentences as directed against each :
Questions.
1. The student hit the teacher.                              (Passive Voice)
2. All the doors have been locked by them.        (Active Voice)
3. The letter will be posted by you.                      (Active Voice)
4. You should play games everyday.                    (Passive Voice)
5. He shot the tiger.                                                  (Passive Voice)
6. The map was drawn by Gopal.                         (Active Voice)
7. Who wrote this beautiful poem?                     (Passive Voice)
8. The watch maker repaired the watch.           (Passive Voice)
9. His father wrote a number of letters.             (Passive Voice)
10. His teacher praised him.                                 (Passive Voice)
11. This house was built by my father.               (Active Voice)
12. You will be given a ticket by the manager. (Active Voice)
13. They have solved all the sums in the class. (Passive Voice)
14. He made a mistake.                                           (Passive Voice)
15. The temple in Delhi was built by Birlaji.      (Active Voice)
Answers:
1. Teacher was hit by the student.
2. They have locked all the doors.
3. You will post the letter.
4. Games should be played by you everyday.
5. Tiger was shot by him.
6. Gopal drew the map.
7. By whom was written this beautiful poem.
8. The watch was repaired by the watch maker.
9. A number of letters were written by his father.
10. He was praised by his teacher.
11. My father built this house.
12. The manager will give you a ticket you.
13. All the sums have been solved in the class by them.
14. A mistake was made by him.
15. Birlaji built the temple in Delhi.

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UP Board Solutions for Class 9 English Grammar Chapter 10 The Parts of Speech

UP Board Solutions for Class 9 English Grammar Chapter 10 The Parts of Speech

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SOLVED EXERCISES BASED ON TEXT BOOK
EXERCISE : 1

Change the following words into Abstract Noun :
Questions.
1. man,
2. friend,
3. boy,
4. brother,
5. teacher,
6. white,
7. child.
Answers:
1. Manhood,
2. friendship,
3. boyhood,
4. brotherhood,
5. teachership,
6. whiteness,
7. hildhood.

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EXERCISE : 2

Write kinds of the Noun given below :
Questions.
1. man, child, furniture, teeth,
2. Ganga, Nainital,
3. army, class, family,
4. gold, milk, oil,
5. honesty, wisdom, kindness, leadership.
Answers:.
1. Man, Child, Furniture, Teeth -(Common Noun)
2. Ganga, Nainital- (Proper Noun)
3. Army, Class, Family – (Collective Noun)
4. Gold, Milk, Oil – ( Uncountable Noun)
5. Wisdom, Honesty, Kindness, Leadership – ( Abstract Noun).

EXERCISE : 3

Point out the Nouns in the following sentences :
Questions.
1. Honesty is the best policy.
2. The crowd was big.
3. The elephant has great strength.
4. The king is just.
5. He gave me a bunch of grapes.
6. Never tell a lie.
7. Wisdom is better than strength.
8. We always speak truth.
9. The boys are playing.
10. We all love honesty.
Answers:
1. Honesty
2. Crowd
3. Elephant
4. King
5. Bunch
6. Lie
7. Wisdom
8. Truth
9. Boys
10. Honesty.

EXERCISE : 4

Correct the following sentences :
Questions.
1. India won the match by an inning.
2. The cattle is grazing in the field.
3. He bought five dozens oranges.
4. I saw lovely sceneries in Kashmir.
5. I am fond of a music.
6. He gave me severals informations.
7. He has several furnitures.
8. Thanks is due to him.
9. Where is your spectacles?
10. Riches has wings.
Answers:
1. India won the match.
2. The cattle are grazing in the field.
3. He bought five dozen oranges.
4. I saw lovely scenery in Kashmir.
5. I am fond of music.
6. He gave me many informations.
7. He has many furnitures.
8. Thanks are due to him.
9. Where are your spectacles?
10. Riches have wings.

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EXERCISE : 5

Point out the Pronouns in the following sentences :
Questions.
1. I wash my clothes myself.
2. The little boy was weeping because he had lost his school bag.
3. Bring me the letters which the postman left.
4. I saw the old man who had been hurt.
5. Each of the men received a reward.
6. I bought these mangoes for ten paise each.
7. Either of you can go.
8. The prisoner hanged himself.
9. I brush my teeth daily.
10. My brother brought some books. He gave them to me.
11. She has completed her work.
12. Nature has its own plans.
13. While we were in Delhi, we met a very old friend of our there.
14. Trees shed their leaves in Autumn.
15. We whitewashed our house and they whitewashed theirs.
Answers:
1. I, Myself
2. He, His
3. Me
4. I
5. Each
6. I, These
7. You
8. Himself
9. I, My
10. My, He, Me
11. She, Her
12. Its, Own
13. We, Our
14. Their
15. We, Our, They, Theirs.

EXERCISE : 6

Fill in the blanks with suitable Adjectives in the following sentences :
Questions.
1. She is an ………………………. girl.
2. He has a …………………….. house.
3. He got the……………… prize.
4. This is a very …………………book.
5. There are ……………… boys in the class.
6. He is his …….. master.
7. He died a …………….. death.
8. ………………………. dog has his day.
9. I hate ……………………. things.
10. He lives in a……………………. house.
Answers:
1. ideal
2. big
3. first
4. interesting
5. five hundred
6. good
7. glorious
8. Every
9. bad
10. beautiful.

EXERCISE : 7

Fill in the blanks with appropriate Comparatives or Superlatives to each of the following sentences :
Questions.
1. Kolkata is the ………………………………. city in India. (big)
2. The pen is …………………………….. than the sword. (mighty)
3. The……… buildings are found in India. (high)
4. Which of the two girls has the …………………………. dress? (dirty)
5. Honour is ……………………… to me than life. (dear)
6. This pen is……………….. than the other.(good)
7. Who is the …………………… boy in your class? (fat)
8. Tulsi is a. ………………. poet than Kabir? (good)
9. Kapil Dev is the ……………. ……………… bowler in India. (fast)
10. He is one of the ………… men in Aligarh. (rich)
Answers:
1. biggest
2. mightier
3. highest
4. dirtiest
5. dearer
6. better
7. fattest
8. better
9. fastest
10.richest.

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EXERCISE : 8

Fill in the blanks using either ‘a’, ‘an’ or ‘the’ wherever necessary in the following sentences :
Questions.
1. Do you see …………………… blue sky?
2. He returned after ………………………………… hour.
3. Wisdom is…………….. gift of heaven.
4. I gave him ………………… watch.
5. He told me ………………………………………….. story.
6. A word to…………….. wise is sufficient.
7. He will bathe in …………………………….Ganga.
8. Hindi is…………….. easy language.
9. I saw …………………….. elephant yesterday.
10. ……………… earth moves round……………………..sun.
11. Dr. Hill is ……………………….. European.
12. Everyone likes …………… …………………….. honest man.
13. Rakesh reads in………… university.
14. …………. Sun rises in……………………..east.
15. Birds fly in ……………….. air.
Answers:
1. the
2. an
3. a
4. a
5. a
6. the
7. the
8. a
9. an
10. The, the
11. an
12. an
13. the
14. The, the
15. the.

EXERCISE : 9

Point out the Verb in the following sentences :
Questions.
1. Tell me the truth.
2. The dog ran after me.
3. Time changes everything.
4. Your book lies on the table.
5. Cocks crow in the morning.
6. The fire burns dimly.
7. The clock ticks all day long.
8. The beggar sat down by the side of the road.
9. He took shelter under the tree.
10. My new watch does not keep good time.
11. The policeman blows his whistle.
12. The birds sing in the green trees.
13. I shall bring my camera with me.
14. The boy lifted the heavy weight.
15. The little bird hopped about and sang.
Answers:
1. tell
2. ran
3. changes
4. lies
5. crow
6. burns
7. ticks
8. sat
9. took
10. keep
11. blows
12. sing
13. bring
14. lifted
15. hopped.

EXERCISE : 10

Insert the given Adverbs in their suitable place in the following sentences :
Questions.
1. I go for a morning walk. (always)
2. She tells a lie. (never)
3. Will he be there? (still)
4. We should come. (everyday, in the morning)
5. He goes to the cinema.(often)
6. This is not good. (enough)
7. I have completed my work. (already)
8. Rama is a lazy boy. (rather)
9. This book is interesting (very)
10. He has seen a tiger. (never)
Answers:
1. I always go for a morning.walk.
2. She never tells a lie.
3. Will he still be there?
4. We should come everyday in the morning.
5. He often goes to the cinema.
6. This is not good enough.
7. I have already completed my work.
8. Rama is rather a lazy boy.
9. This book is very interesting.
10. He has never seen a tiger.

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EXERCISE : 11

Point out the Adverbs in the following sentences :
Questions.
1. He is much better than he was.
2. He sometimes stays with me in this town.
3. I was very pleased to see her.
4. He is too shy.
5. Try again, you will definitely succeed.
6. He is very rich yet he is much discontented.
7. He went off on Friday. 8. The patient is much worse today.
9. He is too weak to walk properly.
10. Wisdom is too high for a fool.
11. I could not speak, I was so angry.
12. Cut it lengthwise.
13. Your mother is somewhat better.
14. She was dressed all in white.
15. I surely expect him tomorrow.
Answers:
1. much
2. sometimes
3. very
4. too
5. again
6. yet, much
7. off
8. much
9. properly
10. too
11. so
12. lengthwise
13. somewhat
14. all
15. tomorrow.

EXERCISE : 12

Fill in the blanks with suitable Prepositions in the following sentences :
Questions.
1. Mohan is ashamed …………… his folly.
2. I have no excuse ……………………………….. coming late.
3. This novel must be written …………………….. tomorrow.
4. Geeta takes pride ….her beauty
5. All the difficulties are result……..his foolishness.
6. The hunter aimed ………………………………. the dove.
7. The accused was charged……….. murder.
8. Children must be respectful…………… their elders.
9. We should not be cruel ………………………. animals.
10. My father reminded me ……………………. my promise.
11. I do not pay attention ………………………………….. my promise.
12. He is wanting……………… common sense.
13. He does not reply ………………….. my letters.
14. My advice proved useful ……………………………….. him.
15. The beggar is short…………… sight.
Answers:
1. of
2. for
3. by
4. in
5. of
6. at
7. of
8. to
9. to
10. of
11. to
12. in
13. to
14. for
15. of.

EXERCISE : 13

Correct the following sentences :
Questions.
1. Everyone except her sang a song.
2. Nobody but me was able to answer the question.
3. Let it be divided among you and I.
4. Nothing can prevent me to do what I like.
5. Would he not accept of my invitation?
6. Why did you not reply my letter?
7. How can I agree with your proposal?
8. Why should I differ from you?
9. Please write me at you earliest.
10. Can you correct the one to the other?
11. I will prefer death rather than dishonour.
12. Is she ill from fever?
13. He would prefer dying than begging.
14. She was presented with a nice gift.
15. I am not averse to play football.
Answers:
1. Everyone sang a song except her.
2. Nobody but I was able to answer the question.
3. Let it be divided between you and me.
4. Nothing can prevent me from doing what I like.
5. Would he not accept my invitation?
6. Why did you not reply to my letter?
7. How can I agree to your proposal?
8. Why should I differ with you?
9. Please write to me at your earliest.
10. Can you correct one after the other?
11. I would prefer death to dishonour.
12. Is she ill with fever?
13. He would prefer dying to begging.
14. She was presented a nice gift.
15. I am not averse to playing football.

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EXERCISE : 14

Fill in the blanks with suitable words given in the brackets in the following sentences :
Questions.
1. I shall return the pen ……………………. Writing. (for, after, by)
2. I have no intimacy ………………………………. him. (to, with, from)
3. The sun sets…………. the west. (in, into, to)
4. We should not read late …………………. night. (in, at, to)
5. I shall reach there ………………….. 2 p.m. (by, during for)
6. Ghee is made…………….. milk. (out, by, of, from)
7. He recovered …………………………. his illness. (of, from, with)
8. The bamboo is useful ………………. mai(for, to, of)
9. The king sent…………..the old peasant. (with, for, to)
10. The school will remain closed… Diwali. (for,on account of, in)
11. He did the same …….. my repeated requests. (inspite of, instead of)
12. He resigned his post ……………………. his friend.(for, in favour of)
13. Come and sit ……………………………… me. (on, to, near)
14. He was seen ………………………….. the room. (into, in, ai, to)
15. He is true …………….. his word. (with, to, of, on)
Answers:
1. after
2. to
3. in
4. at
5. by
6. of
7. of
8. for
9. to
10. on account of
11. inspite of
12. in favour of
13. to
14. into
15. with

EXERCISE :15

Point out the Conjunctions in the following sentences :
Questions.
1. The child is weeping because he is hungry.
2. He is so poor that he cannot buy books.
3. You will not succeed unless you work hard.
4. I waited till the train arrived.
5. He will pass if he reads.
6. He is happy though he is poor.
7. He is richer than I.
8. Tom runs faster than Hari.
9. Do not go before I come.
10. Since you say so, I must believe it.
11. I was sleeping when he came here.
12. The rain fell after we reached home.
13. Catch me if you can.
14. We can travel by land or water.
15. Either you are mistaken or I.
16. Unless you tell me the truth, I shall punish you.
17. Blessed are the merciful for they shall obtain mercy.
18. Is this story true or false?
19. He fled lest he should be killed.
20. If I feel any doubt, I ask.
Answers:
1. because
2. that
3. unless
4. till
5. if
6. though
7. than
8. than
9. before
10. so
11. when
12. after
13. if
14. by
15. or
16. unless
17. for
18. or
19. lest
20. if.

EXERCISE : 16

Fill in the blanks with suitable Co-ordinating Conjunctions in the following sentences :

Questions.

1. She came here ………………… stayed with me.
2. He is not only hardworking ……….. intelligent.
3. She was ill …………………. she could not go to office.
4. Make haste ……………………… you will miss the train.
5. Do ……………………….. die.
6. Come here…………… go there.
7. Neither Radha ……………………………. Shyama attended the class.
8. Is that story true…………….. false?
9. He is slow ……………………………… he is sure?
10. ………. be a borrower, …………….a lender.
Answers:
1. and
2. but
3. so
4. unless
5. or
6. or
7. nor
8. or
9. but
10. Neither, nor.

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EXERCISE : 17

Fill in the blanks with ‘this’, ‘that’, ‘these’ or ‘those’ in the following sentences :
Questions.
1. ………………. flower is yellow but that flower is red.
2. These books are new but…. books are old.
3. ………………………. boy is crying but……….. ….boy is laughing.
4. Are ………………………… frocks new?
5. ………………. bottles are not empty.
6. I have just purchased …………….
7. ………………. girl is sitting but…………………girl is playing.
8. This bird is big but…… bird is small
9. ……… is the best student of our school.
10. Is ……………… a new building?
11. ………………………….. boy is stronger than Rakesh.
12. ………………… boy is industrious.
13. …………… mangoes are sour.
14. ……………. rascals must be punished.
Answers:
1. This
2. those
3. This, that
4. these
5. These
6. this
7. This, that
8. that
9. This
10. this
11. This
12. This
13. These
14. This.

EXERCISE : 18

Fill in the blanks in the following sentences with ‘my’, ‘our’, ‘your’, ‘his’, ‘her’, ‘its’ or ‘their’:

Questions.

1. He is writing on ……………….. copy
2. Poonam is going to…………………. school.
3. The horse is shaking ……………………
5. …………….. neck.
4. I will visit ………………………… friend.
5. You should read …. ………………………….. books.
6. Where is ………………………………………. lunch, here is mine?
7. Donkey praises ……………………… own tail.
8. It is ……………… duty to obey……………….elders.
9. They are not at …………………………… house.
10. …………. younger sister lives with you.
11. I saw it with …………….. own eyes.
Answers:
1. his
2. her
3. his
4. my
5. your
6. his
7. his
8. your, their
9. their
10. Your
11. my.

EXERCISE : 19

Fill in the blanks with ‘few’, ‘a few’ or ‘the few’ in the following sentences :

Questions.

1. …… cities in India have public libraries.
2. ……………….. persons can keep a secret.
3. …………… Words spoken in earnest will convinc
4. …………… friends, he has, are all very poor.
5. ……………. works of reference are so.
6. ……………. public libraries, that we have, are not well equipped.
7. ……………. days, rest is all that is needed.
8. It is a question of spending ……………………. rupees.
9. When I met him ………… years after, he looked old and haggard.
10. …………………..Americans have their offices in Kolkata.
11. …………………. women can keep a secret.
12. ……………. Hindus can understand Malyalam.
13. ……………. men are free from criticism.
14. ……… clothes they had, were all tattered and torn.
Answers:
1. Few
2. Few
3. The few
4. The few
5. Few
6. A few
7. Few
8. the few
9. few
10. The few
11. Few
12. Few
13. The few
14. Few.

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EXERCISE : 20

Fill in the blanks with ‘a little’, ‘little’ or ‘the little’ in the following sentences :

Questions.

1. There is ………………………………….. hope of his recovery.
2. …… information he had, was not quite reliable.
3. ………………. learning is a dangerous thing.
4. ………………… care could have prevented the accident.
5. …………………………… precaution is necessary to prevent the diseases.
6. ……………….. influence that he has, he uses to the best advantage.
7. He showed ……………………… concern for his friend.
8. …………….. knowledge of grammar, that he posessed, stood him in good stead.
9. …………….. food, they had, was taken away by the dogs.
10. Radha spent……………. money, she had.
Answers:
1. a little
2. little
3. Little
4. A little
5. A little
6. The little
7. a little
8. Little
9. The little
10. a little.

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UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (काव्य-खण्ड)

UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5 भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (काव्य-खण्ड)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 5  भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (काव्य-खण्ड).

(विस्तृत उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 1. निम्नलिखित पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए तथा काव्यगत सौन्दर्य भी स्पष्ट कीजिए :

( प्रेम-माधुरी )

1. कूकै लगीं ……….…………………………………………………….. बरसै लगे।
शब्दार्थ- कुकै लगीं = कूकने लगीं। पात = पत्ते । सरसै लगे = सुशोभित होने लगे। दादुर = मेंढक। मयूर = मोर। सँजोगी जन = अपने प्रिय के साथ रहनेवाले लोग। हरसै = हर्षित। सीरी = शीतल । हरिचंद = कवि हरिश्चन्द्र, श्रीकृष्ण। निगोरे = निगोड़े, ब्रज की एक गाली जिसका अर्थ विकलांग होता है।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्यांश पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में कवित्त-छन्द भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचना है जो कि उनके ‘प्रेममाधुरी’ शीर्षक के अन्तर्गत संगृहीत छन्दों से उधृत है।
प्रसंग- कवि ने इस छन्द में वर्षा-ऋतु के आगमन पर दृष्टिगोचर होने वाले विविध प्राकृतिक दृश्यों का वर्णन किया है।
व्याख्या- वर्षा-ऋतु आने पर कोयलें फिर कदम्ब के वृक्षों पर बैठकर कूकने लगी हैं। वर्षा के जल से धुले हुए वृक्षों के पत्ते वायु में हिलते हुए शोभा पाने लगे हैं। मेंढक बोलने (UPBoardSolutions.com) लगे हैं, मोर नाचने लगे हैं और अपने प्रियजनों के समीप स्थित लोग इस वर्षा-ऋतु के दृश्यों को देख-देखकर प्रसन्न होने लगे हैं। सारी भूमि हरियाली से भर गयी है, शीतल वायु चलने लगी है और हरिश्चन्द्र (श्रीकृष्ण) को देखकर हमारे प्राण मिलने को फिर तरसने लगे हैं। झूमते हुए बादलों के साथ यह वर्षा-ऋतु फिर आ गयी और ये निगोड़े बादल फिर धरती पर झुक झुककर बरसने लगे हैं।
काव्यगत सौन्दर्य- 

  1. कवि ने वर्षा के मनोहारी दृश्यों को शब्द-चित्रों में उतारा है।
  2. भाषा में सरसता एवं प्रवाह है।
  3. शैली वर्णनात्मक तथा शब्द चित्रात्मक है।
  4. अलंकार- अनुप्रास तथा पुनरुक्ति अलंकार हैं। रस-शृंगार।

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2. जिय पै जु…………………………………………………………………………….. कै बिसारिए।
शब्दार्थ- निरधारिये = निर्धारित कीजिए, निश्चित कीजिए। जिय = हृदय। श्रोत = कान। उतै = उधर, कृष्ण की ओर। पराई = परवश। निषारिये = रोकिये। ताहि = उसे । बिसारिए = भुलाइये।
सन्दर्भ- प्रस्तुत छन्द ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं कवि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के ‘प्रेम-माधुरी’ काव्य संग्रह से उद्धृत है।
प्रसंग- गोपियाँ उद्धव के सम्मुख अपनी कृष्ण-प्रेमजनित विवशता का वर्णन कर रही हैं।
व्याख्या- गोपियाँ कहती हैं-हे उद्धव। यदि हमारा अपने मन पर अधिकार हो तभी तो हम लोक-लज्जा तथा अच्छे-बुरे आदि का निर्धारण कर सकती हैं। पर हमारे नेत्र, कान, (UPBoardSolutions.com) हाथ, पैर सभी तो परवश हो चुके हैं। ये तो बार-बार कृष्ण की ओर ही आकर्षित होते चले जाते हैं। हम तो सब प्रकार से परवश हो चुकी हैं। अब हमें ज्ञान का उपदेश देकर आप कृष्ण से विमुख कैसे कर पायेंगे। अरे। जो मन में बसा हो उसे तो भुलाया भी जा सकता है, किन्तु स्वयं मन जिसमें बसा हुआ हो उसे कैसे भुलाया जा सकता है।
काव्यगत सौन्दर्य-

  1. भारतेन्दु जी ने गोपियों की प्रेम-विवशता को बड़े मार्मिक शब्दों में प्रस्तुत किया है।
  2. भाषी भावानुरूप है।
  3. शैली भावुकता से सिंचित है।
  4. अलंकार-अनुप्रास अलंकार की योजना है। छन्द-कवित्त।

3. यह संग में………………………………………………………………..………….. नहिं मानती हैं।
शब्दार्थ-  लागिये = लगी हुई। आनती हैं = लाती हैं, धारण करती हैं। छिनहू = क्षण-भर को भी। चाल प्रलै की = आँसू बहाना । बरुनी = बरौनी । थिरें = स्थिर रहतीं । झपैं = बन्द होती हैं। उझपैं = खुलती हैं। पल = पलक। समाइबौ = बन्द होना । निहारे = देखे।
सन्दर्भ – प्रस्तुत सवैया-छन्द ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित है जो कवि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की ‘प्रेम-माधुरी’ को प्रसाद है।
प्रसंग- कवि ने वियोगिनी गोपियों के नेत्रों की विवशता को मार्मिक वर्णन किया है।
व्याख्या- गोपियाँ कहती हैं-हे प्रिय । हमारी ये आँखें सदा आपके संग-संग ही लगी रही हैं। आपको देखे बिना इनको चैन ही नहीं पड़ता। यदि कभी क्षणभर को भी आपसे वियोग (UPBoardSolutions.com) हो जाता है तो ये आँखें प्रलय की ठान लेती हैं अर्थात् आँसू बरसाना प्रारम्भ कर देती हैं। ये कभी बरौनियों में स्थिर नहीं रह पातीं। कभी बन्द होती हैं तो कभी खुलती हैं। पलकों में बन्द होना तो जैसे इनको आता ही नहीं है। हमारे प्यारे, हे प्रिय । आपको देखे बिना हमारी आँखें मानती ही नहीं।
काव्यगत सौन्दर्य-

  1. आँखों का मिलन-आकुलता का कवि ने बड़ा हृदयस्पर्शी वर्णन प्रस्तुत किया है। ‘प्रिय प्यारे…..नहीं मानती है’ पंक्ति के चारों ओर ही पूरे छन्द को बुना गया है।
  2. भाषा ब्रज है।
  3. शैली चमत्कारिक और आलंकारिक है।
  4. मुहावरों का मुक्त भाव से प्रयोग हुआ है जैसे-संग लगे डोलना, धीरज न लाना, प्रलय की चाल ठानना आदि । रस-वियोग श्रृंगार । गुण-माधुर्य, छन्द-सवैया।

4. पहिले बहु भाँति……..…………………………………………………………. अब आपुहिं धावती हैं।
शब्दार्थ- भरोसो = आश्वासन। जुदा = अलग।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्य हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित ‘प्रेम माधुरी’ पाठ से उधृत है।
प्रसंग- इस सवैये में श्रीकृष्ण के वियोग में व्याकुल एक गोपी अपनी सखियों के समझाने पर उपालम्भ दे रही है
व्याख्या- हे सखि । पहले तो तुम हमें तरह-तरह से भरोसा दिलाती थीं कि हम अभी श्रीकृष्ण को लाकर तुमसे मिला देती हैं। जो मेरी अपनी सखियाँ कहलाती हैं, मैं उनके ही (UPBoardSolutions.com) विश्वास पर बैठी रही, लेकिन अब वही मुझसे अलग हो गयी हैं। श्रीकृष्ण को मिलाने की अपेक्षा वे उल्टा मुझे ही समझाती हैं। अरी सखी । इन्होंने पहले तो मेरे हृदय में प्रेम की आग भड़का दी और अब उसे बुझाने के लिए स्वयं ही जल लेने को दौड़ी जाती हैं। यह कहाँ का न्याय है?
काव्यगत सौन्दर्य- 

  1. यहाँ कवि ने सखियों के प्रति गोपी की खीझ का सुन्दर चित्रण किया है।
  2. भाषा- ब्रजे ।
  3. शैली- मुक्तक।
  4. रस- विप्रलम्भ श्रृंगार।
  5. छन्द- सवैया।
  6. अलंकार- अनुप्रास। गुण- प्रसाद।

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5. ऊधौ जू सूधो गहो……………………………………………………………….. यहाँ भाँग परी है।
शब्दार्थ- गहो = पकड़ो। सिख = शिक्षा। खरी = पक्की।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्य हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित ‘प्रेम माधुरी’ से उधृत है।
प्रसंग- इस सवैये में गोपियाँ उद्धव से कहती हैं कि वे किसी प्रकार भी उनके निराकार ब्रह्म के उपदेश को ग्रहण नहीं कर सकतीं।
व्याख्या- हे उद्धव। तुम उस मार्ग पर सीधे चले जाओ, जहाँ तुम्हारे ज्ञान की गुदड़ी रखी हुई है। यहाँ पर तुम्हारे उपदेश को कोई गोपी ग्रहण नहीं करेगी; क्योंकि सभी श्रीकृष्ण के प्रेम में विश्वास रखती हैं। हे उद्धव । ये सभी ब्रजबालाएँ एक-सी हैं, कोई भिन्न प्रकृति की नहीं हैं। इनकी तो पूरी मण्डली (UPBoardSolutions.com) ही बिगड़ी हुई है। यदि किसी एक गोपी की बात होती तो तुम उसे ज्ञान का उपदेश देते किन्तु यहाँ तो कुएँ में ही भाँग पड़ी हुई है अर्थात् सभी श्रीकृष्ण के प्रेम-रस में सराबोर होकर पागल-सी हो गयी हैं। इसलिए तुम्हारा उपदेश देना व्यर्थ होगा।
काव्यगत सौन्दर्य-

  1. यहाँ कवि ने श्रीकृष्ण के प्रति गोपियों का अनन्य प्रेम प्रकट किया है।
  2. भाषा- मुहावरेदार, सरस ब्रज।
  3. शैली- मुक्तक।
  4. छन्द- सवैया।
  5. अलंकार- अनुप्रास, रूपक। रस- शृंगार।

6. सखि आयो बसन्त ………………………………………………….. पाँय पिया परसों।
शब्दार्थ-   रितून को कन्त = ऋतुओं को स्वामी बसन्त । वर = श्रेष्ठ। समीर = वायु । गर सों = गले तक, पूरी तरह। परसों = (1) स्पर्श करूँ, (2) आने वाख्ने कल के बाद का दिन।
सन्दर्भ- प्रस्तुतः पद्य हमारी पाठ्यपुस्तक हिद्धी काव्य में भ्रारतेन्दु हुश्चिन्द्र द्वाह चूित ग्रेस धुमाढले अधूख है।
प्रसंग- इस सवैये में बसन्त ऋतु के आगमन पर गोपियों की विरह-व्यथा का चित्रण किया गया है।
व्याख्या- एक गोपी कृष्ण-विरह से पीड़ित होकर दूसरी सखी से अपनी मनोव्यथा को व्यक्त करती हुई कहती है कि हे सखि । ऋतुओं का स्वामी बसन्त आ गया है। चारों दिशाओं में पीली-पीली सरसों फूल रही है। अत्यन्त सुन्दर, शीतल, मन्द और सुगन्धित वायु बह रही है किन्तु बसन्त ऋतु का (UPBoardSolutions.com) मादक वातावरण श्रीकृष्ण के बिना मुझे पूर्णरूप से कष्टदायक प्रतीत हो रहा है। नन्दनन्दन श्रीकृष्ण हमसे यह बताकर गये थे कि मैं परसों तक मथुरा से लौट आऊँगा, परन्तु उन्होंने परसों के स्थान पर न जाने कितने वर्ष व्यतीत कर दिये और अभी तक लौटकर नहीं आये। मैं तो अपने प्रियतम कृष्ण के चरणों का स्पर्श करने के लिए तरस रही हूँ, पता नहीं कब उनके दर्शन हो सकेंगे?
काव्यगत सौन्दर्य- 

  1. बसन्त ऋतु का सुहावना वातावरण गोपियों की विरह-व्यथा को और भी अधिक बढ़ाता है।
  2. भाषा- ब्रज।
  3. शैली- वर्णनात्मक, मुक्तक।
  4. रस- वियोग शृंगार।
  5. छन्द- सवैया।
  6. अलंकार- यमक, अनुप्रास । गुण- माधुर्य ।

7. इन दुखियान को…………………………………………………………………….रहि जायँगी।
शब्दार्थ-   चैन = शान्ति, सुख । बिकल = बेचैन। औधि = अवधि। जौन-जौन = जिस-जिस।
सन्दर्भ- प्रस्तुत पद्य हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी काव्य’ में संकलित एवं भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित ‘प्रेम माधुरी’ पाठ से अवतरित है।
प्रसंग- इस सवैये में श्रीकृष्ण के विरह में व्याकुल गोपियों के नेत्रों की व्यथा का मार्मिक चित्रण किया गया है।
व्याख्या- विरहिणी गोपियाँ कहती हैं कि प्रियतम श्रीकृष्ण के विरह में आकुल इन नेत्रों को स्वप्न में भी शान्ति नहीं मिल पाती है; क्योंकि इन्होंने कभी स्वप्न में भी श्रीकृष्ण के दर्शन नहीं किये। इसलिए ये सदा प्रिय-दर्शन के लिए व्याकुल होते रहेंगे। प्रियतम के लौट आने की अवधि को बीतती (UPBoardSolutions.com) हुई जानकर मेरे प्राण इस शरीर से निकलकर जाना चाहते हैं, परन्तु मेरे मरने पर भी ये नेत्र प्राणों के साथ नहीं जाना चाहते हैं; क्योंकि इन्होंने अपने प्रियतम कृष्ण को जी भरकर नहीं देखा है। इसलिए जिस किसी भी लोक में ये नेत्र जायेंगे, वहाँ पश्चाताप ही करते रहेंगे। हे उद्धव। तुम श्रीकृष्ण से कहना कि हमारे नेत्र मृत्यु के पश्चात् भी तुम्हारे दर्शन की प्रतीक्षा में खुले रहेंगे।
काव्यगत सौन्दर्य-

  1. गोपियों के एकनिष्ठ प्रेम का चित्रण है।
  2. भाषा- ब्रज।‘सपनेहुँ चैन न मिलना’, ‘देखो एक बारहू न नैन भरि’-मुहावरों का सुन्दर प्रयोग है।
  3. शैली- मुक्तक।
  4. रस- वियोग श्रृंगार।
  5. छन्द- सवैया।
  6. अलंकार- अनुप्रास, पुनरुक्तिप्रकाश।
  7. भाव-साम्य- सूर की अँखियाँ भी हरि-दर्शन की भूखी हैं –

अँखियाँ हरि दरसन की भूखी।
कैसे रहति रूप-रस राँची,ये बतियाँ सुनि रूखी॥

प्रश्न 2. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के जीवन-परिचय एवं रचनाओं का उल्लेख कीजिए।
अथवा भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की साहित्यिक सेवाओं का उल्लेख करते हुए उनके जीवन-परिचय पर प्रकाश 
डालिए।
अथवा भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की कृतियों का उल्लेख करते हुए उनकी भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।

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भारतेन्दु हरिश्चन्द्र 
( स्मरणीय तथ्य )

जन्म- सन् 1850 ई०, काशी। मृत्यु- सन् 1885 ई० । पिता- बाबू गोपालचन्द्र।
रचनाएँ- प्रेम-माधुरी, प्रेम-तरंग, प्रेम-फुलवारी, श्रृंगार सतसई आदि।
काव्यगत विशेषताएँ
वण्र्य-विषय- श्रृंगार, प्रेम, ईश्वर-भक्ति, राष्ट्रीय प्रेम, समाज-सुधार आदि।
भाषा- गद्य-खड़ीबोली, पद्य-ब्रजभाषा में उर्दू, अंग्रेजी आदि के शब्द मिश्रित हैं और व्याकरण की अशुद्धियाँ हैं।
शैली- उद्बोधन, भावात्मक, व्यंग्यात्मक।
छन्द- गीत, कवित्त, कुण्डलिया, लावनी, गजल, छप्पय, दोहा आदि।
रस तथा अलंकार- नव रसों का प्रयोग।

  • जीवन-परिचय- बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्म काशी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में सन् 1850 ई० में हुआ था। इनके पिता बाबू गोपालचन्द्र जी (गिरधरदास) ब्रजभाषा के अच्छे कवि थे। इन्हें काव्य की प्रेरणा पिता से ही मिली थी। पाँच वर्ष की अवस्था में ही एक दोहा लिखकर बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने पिता से कवि होने का आशीर्वाद प्राप्त कर लिया था। दुर्भाग्य से भारतेन्दु जी की स्कूली शिक्षा सम्यक् प्रकार से नहीं हो सकी थी। इन्होंने घर पर ही हिन्दी, उर्दू, फारसी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषाओं का ज्ञान स्वाध्याय से प्राप्त किया था। भारतेन्दु जी साहित्य स्रष्टा होने के साथ-साथ साहित्यकारों और कलाकारों को खूब (UPBoardSolutions.com) सम्मान करते थे। ये अत्यन्त ही मस्तमौला स्वभाव के व्यक्ति थे और इसी फक्कड़पन में आकर इन्होंने अपनी सारी पैतृक सम्पत्ति को बर्बाद कर दिया था जो बाद में इनके पारिवारिक कलह का कारण बना। सन् 1885 ई० में इनका देहान्त राजयक्ष्मी की बीमारी से हो गया। 35 वर्ष के अल्पकाल में ही भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने हिन्दी के सर्वतोन्मुखी विकास के लिए जो प्रयास किया वह अद्वितीय । था। इन्होंने पत्रिका प्रकाशन के साथ-साथ लेखकों का एक दल तैयार किया और निबन्ध, कहानी, उपन्यास, नाटक, कविता आदि हिन्दी की विभिन्न विधाओं में साहित्य प्रणयन को प्रेरणा प्रदान की। भारतेन्दु की साहित्यिक सेवाओं का ही परिणाम है कि उनके युग को ‘भारतेन्दु युग’ कहा गया है।
  • रचनाएँ- बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की प्रसिद्ध काव्य-रचनाएँ हैं-प्रेम-माधुरी, प्रबोधिनी, प्रेम-सरोवर, प्रेम-फुलवारी, सतसई श्रृंगार, भक्तमाल, विनय, प्रेम पचीसी आदि । काशी नागरी प्रचारिणी सभा से प्रकाशित तीन खण्डों में भारतेन्दु ग्रन्थावली’ नाम से इनकी सस्त रचनाओं का (UPBoardSolutions.com) संकलन हुआ है। भारतेन्दु जी की रचनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्होंने रीतिकालीन काव्यधारा को राजदरबारी विलासिता के वातावरण से मुक्त कराकर स्वतन्त्र जन-जीवन के साथ विचरण करने की नयी दिशा प्रदान की। इनकी रचनाओं में प्रेम और भक्ति के साथ-साथ राष्ट्रीयता, समाज-सुधार, राष्ट्रभक्ति और देश-प्रेम के व्यापक स्वरूप के दर्शन होते हैं। इन्होंने रीतिकालीन कवियों की भाँति प्रेम और श्रृंगार की भी सरल एवं भावपूर्ण मार्मिक रचनाएँ की हैं।

काव्यगत विशेषताएँ

  • (क) भाव-पक्ष-
    1. भारतेन्दु जी को हिन्दी के आधुनिक काल का प्रथम राष्ट्रकवि नि:संकोच कहा जा सकता है। क्योंकि सर्वप्रथम इन्होंने ही साहित्य में राष्ट्रीयता, समाज-सुधार, राष्ट्रभक्ति तथा देश-भक्ति के स्वर मुखर किये।
    2. गद्यकार के रूप में तो आप आधुनिक हिन्दी गद्य के जनक ही माने जाते हैं।
    3. कविवचन सुधा और हरिश्चन्द्र सुधा आदि पत्रिकाओं के माध्यम से भारतेन्दु जी ने हिन्दी के लेखकों और कवियों को प्रेरणा प्रदान की तथा पद्य की विविध विधाओं का मार्ग निर्देशन किया।
  • (ख) कला-पक्ष-
    1. भाषा-शैली- भारतेन्दु जी की काव्य की भाषा ब्रज़ी और गद्य की भाषा खड़ीबोली है। इन्होंने भाषा का पर्याप्त संस्कार किया है। बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की काव्यगत शैलियों को निम्नलिखित चार श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है- (1) भावात्मक शैली, (2) अलंकृत शैली, (३) उद्बोधन शैली तथा (4) व्यंजनात्मक शैली ।। इसके अतिरिक्त गद्य के क्षेत्र में परिचयात्मक, विवेचनात्मक तथा भावात्मक, तीन प्रकार की रचनाएँ प्रयुक्त हुई हैं।
    2. रस-छन्द-अलंकार- बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचनाओं में भक्ति, श्रृंगार, हास्य, वीभत्स और करुण आदि रसों को विशेष रूप से प्रयोग हुआ है। इन्होंने गीति काव्य के अतिरिक्त कवित्त, सवैया, छप्पय, कुण्डलिया, लावनी, गजल, दोहे आदि सभी प्रचलित (UPBoardSolutions.com) छन्दों का प्रयोग अपनी रचनाओं में किया है। उपमा, रूपक, सन्देह, अनुप्रास, श्लेष, यमक इनके प्रिय अलंकार हैं।
  • साहित्य में स्थान- आपको हिन्दी का युग-निर्माता कहा जाता है। आपने अपनी प्रतिभा से हिन्दी साहित्य को एक नया मोड़ दिया। इस दृष्टि से आधुनिक काल के साहित्यकारों में आपका एक विशिष्ट स्थान है।

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प्रश्न 3. ‘प्रेम माधुरी’ के सम्बन्ध में भारतेन्दु के विचारों को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर- ‘प्रेम माधुरी’ कविता भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा रचित है। इस कविता में कवि ने गोपिकाओं की विरह दशा का वर्णन किया है।
सारांश- वर्षा ऋतु आने पर कोयलें फिर कदम्ब के वृक्षों पर बैठकर कूकने लगी हैं। मेंढक बोलने लगे हैं, मोर नाचने लगे। हैं और अपने प्रियजनों के समीप स्थित लोग इस वर्षा-ऋतु के दृश्यों को देख-देखकर प्रसन्न होने लगे हैं।
                   भगवान् श्रीकृष्ण के मथुरा चले जाने पर उनके वियोग में गोपिकाएँ अत्यन्त दु:खी हैं। मथुरा जाते समय श्रीकृष्ण ने गोपिकाओं से वादा किया था कि परसों आ (UPBoardSolutions.com) जायँगे। परसों की जगह बरसों बीत गये लेकिन श्रीकृष्ण भगवान् वापस नहीं आये। उद्धव गोपिकाओं को निर्गुण ब्रह्म की उपासना का सन्देश देते हैं। इसके उत्तर में गोपिकाएँ कहती हैं कि हम लोगों का मन पूरी तरह से श्रीकृष्ण में लीन है, अत: भगवान् श्रीकृष्ण से अलग नहीं हो सकता।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. ‘प्रलय’ की चाल से कवि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर- प्रलयकाल में भयंकर वर्षा होती है, पृथ्वी पानी में डूब जाती है। प्रलय की चाल से कवि का तात्पर्य है कि आँखों से बहुत आँसू बहते हैं।

प्रश्न 2. श्रीकृष्ण को भूलने में गोपियाँ अपने को असमर्थ क्यों पाती हैं?
उत्तर- गोपियाँ श्रीकृष्ण को भूलने में अपने को इसलिए असमर्थ पाती हैं, क्योंकि उनका स्वयं मन ही जाकर श्रीकृष्ण में बस गया था।

प्रश्न 3. ‘कूप ही में यहाँ भाँग परी है’ से कवि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर- इस पंक्ति में गोपियाँ उद्धव से कहती हैं कि यहाँ तो कुएँ में ही भाँग पड़ी हुई है; अर्थात् सारे ब्रजवासियों पर श्रीकृष्ण के प्रेम का नशा चढ़ा हुआ है।

प्रश्न 4. निगोड़े का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि बादलों को निगोड़े क्यों कहा गया है?
उत्तर- बादलों को देखकर गोपियों की विरह-वेदना और तेज हो गयी। विरहिणी ने बादल को निगोड़ा इसलिए कहा है। क्योंकि बादलों ने उमड़-घुमड़ कर ऐसा वातावरण निर्मित कर दिया है कि उनकी विरह वेदना और बढ़ गयी है। बादलों ने उनके साथ ऐसा करके दुष्टता का काम किया है।

प्रश्न 5. ‘आग लगा कर पानी के लिए दौड़ने’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- आग लगाकर पानी के लिए दौड़ने का आशय अपनी की हुई गलत्री को छिपाना है। आग लगाकर पानी के लिए दौड़नेवाला यह दिखाना चाहता है कि आग उसने नहीं (UPBoardSolutions.com) लगायी, बल्कि वह तो आग से बचाना चाहता है। विरहिणी गोपी को उसकी सखी ने पहले प्रिय से मिलाने का वायदा किया और उसके मन में उत्कण्ठा पैदा की और फिर उसे समझाने लगी।

प्रश्न 6. वियोगिनी गोपियों की आँखों को सदैव पश्चात्ताप क्यों रहेगा?
उत्तर- गोपियों की आँखें कृष्ण को नयन भरकर नहीं देख पायीं; अत: उनके वियोग में मरने के उपरान्त जिस-जिस लोक में वे जायेंगी, उन्हें पश्चात्ताप रहेगा।

प्रश्न 7. कृष्ण के रूप-सौन्दर्य को देखे बिना गोपियों के नेत्रों की क्या दशा हो रही है?
उत्तर- गोपियों के नेत्रों को स्वप्न में भी चैन प्राप्त नहीं है। श्रीकृष्ण के वियोग में गोपियों के प्राण निकलना चाहते हैं; किन्तु नेत्र उनके साथ नहीं जाना चाहते । अपने नेत्रों की व्याकुलता का वर्णन करती हुई गोपियाँ कहती हैं कि श्रीकृष्ण के दर्शन के अभाव में मरने पर भी हमारी आँखें खुली-की-खुली रह जायेंगी।

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प्रश्न 8. भारतेन्दु जी के लेखन की भाषा बताइए। 
उत्तर- भारतेन्दु जी के लेखन की भाषा ब्रजभाषा एवं खड़ीबोली हिन्दी है।

प्रश्न 9. ‘उतै चलि जात’ में किधर जाने की ओर संकेत है?
उत्तर- जिधर श्रीकृष्ण गये (मथुरा की ओर) उधर जाने का संकेत है।

प्रश्न 10. रितून को कंत’ किसे और क्यों कहा गया है?
उत्तर- ‘रितून को कंत’ बसंत को कहा गया है क्योंकि चारों तरफ सरसों के फूल खिले हुए हैं।

प्रश्न 11. गोपियाँ उद्धव से ज्ञान का उपदेश वापस ले जाने के लिए क्यों कह रही हैं?
उत्तर- गोपियाँ उद्धव से ज्ञान का उपदेश वापस लेने को इसलिए कह रही हैं क्योंकि ब्रज में उसको कोई ग्रहण नहीं करेगा। उनका मन श्रीकृष्ण के साथ चला गया है फिर वे कौन-से मन से उनके उपदेश को ग्रहण करें।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र किस युग के साहित्यकार हैं?
उत्तर- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र भारतेन्दु युग के साहित्यकार हैं।

प्रश्न 2. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को ‘भारतेन्दु’ की उपाधि से किसने सम्मानित किया?
उत्तर- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को ‘भारतेन्दु’ की उपाधि से तत्कालीन पत्रकारों ने सम्मानित किया।

प्रश्न 3. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की किन्हीं दो रचनाओं के नाम लिखिए।
उत्तर- ‘प्रेम-माधुरी’ और ‘प्रेम-तरंग’ ।

प्रश्न 4. ‘प्रेम-माधुरी’ भारतेन्दु जी की किस भाषा की रचना है?
उत्तर- ‘प्रेम माधुरी’ की रचना ब्रजभाषा में की गयी है।

प्रश्न 5. भारतेन्दु युग के उस कवि का नाम बताइए, जिसे खड़ीबोली को जनक कहा जाता है।
उत्तर- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ।

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प्रश्न 6. निम्नलिखित में से सही उत्तर के सम्मुख सही (√) का चिह्न लगाइए-
(अ) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र शुक्ल युग के कवि हैं।                                  (×)
(ब) अपनी भाषा में व्यक्त बातों को सभी समझ लेते हैं।                   (√)
(स) अपनी मातृभाषा ही सभी उन्नति का मूल है।                             (√)
(द) ‘कविवचन सुधा’ पत्रिका के सम्पादक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र थे।       (√)

काव्य-सौन्दर्य एवं व्याकरण-बोध

प्रश्न 1. निम्नलिखित पंक्तियों का काव्य-सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए-
(अ) परसों को बिताय दियो बरसों तरसों कब पांय पिया परसों।
(ब) पिय प्यारे तिहारे निहारे बिना, अँखियाँ दुखियाँ नहीं मानती हैं।
(स) बोलै लगे दादुर मयूर लगे नाचै फेरि ।
       देखि के संजोगी जन हिय हरसै लगे।
उत्तर-

  • (अ) काव्य-सौन्दर्य- 
    1. यहाँ पर कवि ने बसंत ऋतु के आगमन का सुन्दर वर्णन करते हुए गोपियों की विरह अवस्था का मर्मस्पर्शी चित्रण किया है। प्रकृति के उद्दीपन रूप का सजीव चित्रण है।
    2. अलंकार- अन्त्यानुप्रास, वृत्त्यनुप्रास।
    3. रस- विप्रलम्भ श्रृंगार।
    4. भाषा- साहित्यिक ब्रजभाषा।
    5. शैली- भावात्मक।
    6. छन्द- सवैया।
    7. गुण- माधुर्य ।
  • (ब) काव्य-सौन्दर्य- 
    1. यहाँ गोपियों की श्रीकृष्ण दर्शन की तीव्र लालसा का सुन्दर चित्रण है।
    2. अलंकार- अनुप्रास
    3. रस- वियोग श्रृंगार ।
    4. भाषा- साहित्यिक ब्रजभाषा।
    5. गुण- माधुर्य ।
    6. शैली- भावात्मक।
    7. छन्द- सवैया।
  • (स) काव्य-सौन्दर्य- 
    1. वर्षा ऋतु विरही जन के लिए दु:खद होती है। यह उद्दीपन का कार्य करती है। तुलसी ने भी कहा है

“घन घमण्ड नभ, गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा।”

प्रश्न 2. ‘कुकै लग कोइलैं कदंबन पै बैठि फेरि’ पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
उत्तर- ‘कूकै लगीं’ कोइलैं कदंबन पै बैठि फेरि’ में वृत्त्यनुप्रास अलंकार है।

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प्रश्न 3. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए –
प्रलय ढाना, पलकों में न समाना, कुएँ में भाँग पड़ी होना।

  • प्रलय ढाना- (कहर ढाना)
    मेरे परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर घर में जैसे प्रलये ढा गया हो।
  • पलकों में न समाना- (आनन्दित होना)
    विवाह के समय इतना उल्लास था कि वह आनन्द जैसे पलकों में न समा रहा हो।
  • कुएँ में भाँग पड़ी होना- (सभी की एक जैसी स्थिति)।
    कृष्ण के विरह में ब्रज की सभी गोपियाँ व्याकुल थीं, जिसे देखकर लगता था जैसे पूरे कुएँ में भाँग पड़ी हो।

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