UP Board Solutions for Class 10 Hindi वस्तुनिष्ठ प्रश्न

UP Board Solutions for Class 10 Hindi वस्तुनिष्ठ प्रश्न

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वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न
निम्नलिखित में से कोई एक कथन सत्य है, पहचानकर लिखिए-
[सकत-प्रश्न-पत्र में किसी एक वाक्य की सत्यता से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं। विद्यार्थियों के उचित बोध के लिए हम अन्य प्रश्नों के उत्तर भी दे रहे हैं। दो बार पूछे गये वाक्य हटा दिये गये हैं।]

1.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल एक प्रसिद्ध आलोचक हैं। – सत्य
(ii) श्री गुलाबराय कहानी-लेखक हैं। – असत्य

2.
(i) ‘उर्वशी रामधारी सिंह ‘दिनकर’ द्वारा लिखित निबन्ध-संग्रह है। – असत्य
(ii) चिन्तामणि भाग ।’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध-ग्रन्थ है। – असत्य
(iii) ‘सिद्धान्त और अध्ययन’ बाबू गुलाबराय का आलोचना-ग्रन्थ है। – सत्य

3.
(i) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद कवि-रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘अपनी खबर’ उग्र की आत्मकथा है। – सत्य
(iii) डॉ० लक्ष्मीसागर वाष्र्णेय उपन्यासकार थे! – असत्य

4.
(i) पदुमलाल पुन्नालाल बरी कवि-रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) डॉ० रामकुमार वर्मा (UPBoardSolutions.com) कहानीकार थे। – असत्य

5.
(i) मोहन राकेश द्विवेदी युग के कवि हैं। – असत्य
(ii) भारतेन्दु आधुनिक गद्य के प्रवर्तक हैं। – सत्य
(iii) प्रेमचन्द प्रसिद्ध निबन्धकार हैं। – असत्य

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6.
(i) कंकाल’ जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी है। – असत्य
(ii) ‘ठेले पर हिमालय’ धर्मवीर भारती द्वारा लिखित कहानी-संग्रह है। – असत्य

7.
(i) रामचन्द्र शुक्ल निबन्ध, समालोचना और इतिहास-लेखक के लिए प्रसिद्ध हैं। – सत्य
(ii) प्रेमचन्द कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य

8.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल निबन्धकार थे। – सत्य
(ii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद एकांकीकार थे। – असत्य

9.
(i) प्रेमचन्द एक अच्छे उपन्यासकार थे। – सत्य
(ii) गुलाबराय एक अच्छे नाटककार थे। – असत्य
(iii) हरिभाऊ उपाध्याय एक अच्छे कहानीकार थे। – असत्य

10.
(i) डॉ० भगवतशरण उपाध्याय कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘नदी प्यासी थी’ धर्मवीर भारती को नाटक है। – सत्ये
(iii) ‘अर्द्धनारीश्वर’ दिनकर जी की प्रसिद्ध कहानी है। – असत्य
(iv) ‘यांमा’ जयशंकर प्रसाद का कहानी-संग्रह है। – असत्य

11.
(i) डॉ० लक्ष्मीसागर वाष्र्णेय हिन्दी के सुप्रसिद्ध समीक्षक और उच्चकोटि के निबन्धकार थे। – सत्य
(ii) चाँद और टूटे हुए लोग’ धर्मवीर भारती का प्रसिद्ध उपन्यास हैं। – असत्य
(iii) पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी प्रसिद्ध नाटककार थे। – असत्य

12.
(i) पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एक कुशल सम्पादक, श्रेष्ठ निबन्धकार और विचारशील आलोचक थे। – सत्य
(ii) कुरुक्षेत्र’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का प्रसिद्ध निबन्ध-संग्रह है। – असत्य
(iii) ‘जनमेजय का नागयज्ञ’ जयशंकर प्रसाद का प्रसिद्ध उपन्यास है। – असत्य
(iv) पं० रामचन्द्र शुक्ल एक श्रेष्ठ नाटककार थे। – असत्य

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13.
(i) जैनेन्द्र कुमार मुख्यतः नाटककार हैं। – असत्य
(ii) प्रेमचन्द कहानीकार और उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – सत्य [2011]
(iii) हजारीप्रसाद द्विवेदी कवि एवं कहानीकार हैं। – असत्य [2011]
(iv) बाबू गुलाबराय एक उपन्यासकार हैं। – असत्य [2011]

14.
(i) ‘जनमेजय का नागयज्ञ’ बाबू गुलाबराय का प्रसिद्ध नाटक है। – असत्य
(ii) संस्कृति के चार अध्याय’ के लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हैं। – सत्य
(iii) ‘गुनाहों का देवता’ धर्मवीर भारती (UPBoardSolutions.com) का आलोचना-ग्रन्थ है। – असत्य [2009]

15.
(i) जयप्रकाश भारती आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) मुंशी प्रेमचन्द एक प्रसिद्ध उपन्यासकार एवं कहानीकार थे। – सत्य [2009]

16.
(i) ‘गबन’ प्रेमचन्द की प्रसिद्ध काव्य-कृति है। – असत्य
(ii) ‘खून के छींटे’ डॉ० भगवतशरण उपाध्याय का नाटक है। – असत्य
(iii) कुरुक्षेत्र’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का काव्य-ग्रन्थ है। – सत्य
(iv) ‘स्कन्दगुप्त’ रामचन्द्र शुक्ल की रचना है। – असत्य [2009]

17.
(i) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र रीतिकाल के रचनाकार हैं। – असत्य
(ii) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल प्रख्यात निबन्धकार और आलोचक हैं। – सत्य
(iii) जयशंकर प्रसाद छायावादी कवि हैं। – सत्य
(iv) नागार्जुन प्रयोगवाद के कवि हैं। – असत्य

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18.
(i) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी श्रेष्ठ ललित निबन्धकार हैं। – सत्य
(ii) ‘तारसप्तक’ का सम्पादन सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने किया है। – सत्य
(iii) ‘गुनाहों का देवता’ शीर्षक उपन्यास के लेखक प्रेमचन्द हैं। – असत्य

19.
(i) हरिभाऊ उपाध्याय ने ‘विचार-वीथी’ पुस्तक लिखी है। – असत्य
(ii) शिक्षा और संस्कृति’ कृति डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ने लिखी है। – सत्य
(iii) ‘मेरे निबन्ध’ के लेखक धर्मवीर भारती हैं। – असत्य

20.
(i) पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ‘सरस्वती’ के सम्पादक थे। – सत्य
(ii) ‘मित्रता’ गुलाबराय का निबन्ध है। – असत्य
(iii) नीली झील धर्मवीर भारती को उपन्यास है। – असत्य

21.
(i) ‘रस-मीमांसा’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की रचना है। – सत्ये
(ii) उर्वशी रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का उपन्यास है। – असत्य
(iii) मेरी असफलताएँ’ बाबू गुलाबराय का निबन्ध है। – असत्य
(iv) ध्रुवस्वामिनी’ जयशंकर (UPBoardSolutions.com) प्रसाद का नाटक है। – सत्य [2010]

22.
(i) अर्द्धनारीश्वर’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का प्रसिद्ध निबन्ध-संग्रह है। – सत्य
(ii) चम्पारन में महात्मा गाँधी डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का काव्य-संग्रह है। – असत्य
(iii) ‘आँसू’ डॉ० रामकुमार वर्मा का काव्य-संग्रह है। – असत्य
(iv) त्रिवेणी’ रामचन्द्र शुक्ल का कविता-संग्रह है। – असत्य [2010]

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23.
(i) ‘फोर्ट विलियम कॉलेज’ डॉ० लक्ष्मीसागर वाष्र्णेय की कृति है। – सत्य
(ii) अजन्ता’ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का निबन्ध है। – असत्य [2010]

24.
(i) ‘इरावती’ वृन्दावनलाल वर्मा की रचना है। – असत्य
(ii) जनमेजय का नागयज्ञ रायकृष्णदास का नाटक है।। – असत्य
(iii) ‘सर्वोदय की बुनियाद’ श्री हरिभाऊ उपाध्याय की रचना है। – सत्य [2010]

25.
(i) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद लिखित ‘मेरी आत्मकथा’ एक प्रमुख उपन्यास है। – असत्य
(ii) आचार्य रामचन्द्र शुक्लकृत ‘रस-मीमांसा’ एक आलोचना ग्रन्थ है। – सत्य
(iii) चलो चाँद पर चलें’ रचना पर जयप्रकाश भारती को यूनेस्को पुरस्कार प्राप्त हुआ है। – असत्य
(iv) ‘कलकत्ता से पीकिंग’ डॉ० भगवतशरण उपाध्याय की रिपोर्ताज | रचना है। – असत्य [2010]

26.
(i) उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ प्रसिद्ध कहानी-लेखक हैं। – असत्य
(ii) नदी प्यासी थी’ धर्मवीर भारती को नाटक है। – सत्य [2011]

27.
(i) रेती के फूल’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का निबन्ध-संग्रह है। – सत्य
(ii) ‘हिन्दी-साहित्य-विमर्श’ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का महाकाव्य है। – असत्य
(iii) तितली’ जयशंकर प्रसाद का कहानी-संग्रह है। – असत्य
(iv) ‘चिन्तामणि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का उपन्यास है। – असत्य [2011]

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28.
(i) ‘चिन्तामणि’ रामचन्द्र शुक्ल का इतिहास-ग्रन्थ है। – असत्य
(ii) तितली’ जयशंकर प्रसाद का प्रसिद्ध उपन्यास है। – सत्य
(iii) ‘गाँधीजी की देन’ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद को समालोचना-ग्रन्थ है। – असत्य
(iv) साहित्य और कला’ भगवतशरण (UPBoardSolutions.com) उपाध्याय का एक नाट्य-ग्रन्थ है। – असत्य [2011]

29.
(i) मुंशी प्रेमचन्द कहानीकार एवं उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – सत्य
(ii) हजारीप्रसाद द्विवेदी प्रसिद्ध कवि हैं। – असत्य
(iii) कुरुक्षेत्र’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का निबन्ध-संग्रह है। – असत्य
(iv) डॉ० भगवतशरण उपाध्याय एक कहानीकार थे। – असत्य [2011]

30.
(i) हिन्दी शब्द-सागर’ जयशंकर प्रसाद का सम्पादित ग्रन्थ है। – असत्य
(ii) क्या भूलें क्या याद करू’ हरिवंशराय बच्चन की कृति है। – सत्य
(iii) गुलाबराय भारतेन्दु युग के प्रमुख लेखक हैं। – असत्य
(iv) राहुल सांकृत्यायन की मेरी तिब्बत यात्रा’ जीवनी साहित्य की विधा है। – असत्य [2011]

31.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल एक प्रसिद्ध आलोचक हैं। – सत्य
(ii) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र शुक्ल युग के लेखक हैं। – असत्य
(iii) वृन्दावनलाल वर्मा उपन्यासकार नहीं हैं। – असत्य [2011]

32.
(i) झूठा सच’ यशपाल का प्रसिद्ध काव्य है। – असत्य
(ii) डॉ० नगेन्द्र ख्यातिप्राप्त उपन्यासकार हैं। – असत्य
(iii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद निबन्धकार थे। – सत्य
(iv) ‘गबन’ बालकृष्ण भट्ट की प्रसिद्ध कृति है। – असत्य [2012]

33.
(i) धर्मवीर भारती रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं। – असत्य
(ii) त्रिवेणी’ रामचन्द्र शुक्ल का प्रसिद्ध उपन्यास है। – असत्य
(iii) ‘कुटज’ डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी का प्रसिद्ध निबन्ध है। – सत्य
(iv) ‘उर्वशी’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का आलोचना-ग्रन्थ है। – असत्य [2012]

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34.
(i) रामवृक्ष बेनीपुरी को रेखाचित्रों के लेखन में विशेष सफलता मिली है। – सत्य
(ii) डॉ० लक्ष्मीसागर वाष्र्णेय ‘झरना’ के लेखक हैं। – असत्य
(iii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद को काव्य-रचना के क्षेत्र में सफलता मिली है। – असत्य
(iv) अर्द्धनारीश्वर’ के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। – असत्य। [2012]

35.
(i) ‘रांगेय राघव’ द्विवेदी युग के एक प्रसिद्ध कहानीकार हैं। – असत्य
(ii) यशपाल’ एक प्रसिद्ध नाटककार थे। – असत्य
(iii) नन्ददुलारे वाजपेयी शुक्ल युग के प्रमुख लेखक हैं। – सत्य
(iv) हरिभाऊ उपाध्याय एक प्रसिद्ध रिपोर्ताज लेखक हैं। – असत्य [2012]

36.
(i) ‘ऐसे थे हमारे बापू’ के रचयिता डॉ० भगवतशरण उपाध्याय हैं। – असत्य
(ii) राहुल सांकृत्यायन की ‘मेरी तिब्बत यात्रा’ एक रिपोर्ताज विधा है।। – असत्य
(iii) ‘कलम का सिपाही साहित्य की जीवनी विधा है। – सत्य
(iv) विचार-वीथि’ रामचन्द्र शुक्ल का सम्पादित ग्रन्थ है। – असत्य [2012]

37.
(i) जयशंकर प्रसाद समालोचक हैं। – असत्य
(ii) भारतेन्दु जी हिन्दी नाट्य साहित्य के जनक हैं। – सत्य
(iii) डॉ० भगवतशरण उपाध्याय कवि के रूप में विख्यात हैं। – असत्य [2012]

38.
(i) ‘चिन्तामणि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध-संग्रह है। – सत्य
(ii) ‘शतदल’ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का काव्य-संग्रह है। – सत्य
(iii) ‘मेरी योरोप यात्रा’ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद की उल्लेखनीय रचना है। – सत्य
(iv) ‘रश्मिरथी’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (UPBoardSolutions.com) का निबन्ध-संग्रह है। – असत्य [2012]

39.
(i) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद कहानीकार हैं। – असत्य
(ii) सेवासदन प्रेमचन्द का काव्य-संग्रह है। – असत्य
(iii) ‘आकाशदीप’ जयशंकर प्रसाद का नाटक है। – असत्य [2012]

40.
(i) महादेवी वर्मा को रेखाचित्रों में विशेष सफलता मिली है।। – सत्य
(ii) डॉ० लक्ष्मीसागर वाष्र्णेय एक प्रसिद्ध आलोचक हैं। – सत्य |
(iii) सुमित्रानन्दन पन्त उपन्यासकार हैं। – असत्य
(iv) गोदान के लेखक अमृतलाल नागर हैं। – असत्य [2013]

41.
(i) ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का उपन्यास है। – असत्य
(ii) ‘क्या लिखें’ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का निबन्ध है। – असत्य
(iii) “अजन्ता’ जयप्रकाश भारती की कहानी है। – असत्य
(iv) ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है। – सत्य [2013]

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42.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘गबन’ प्रेमचन्द की एक काव्य-कृति है। – असत्य
(iii) हजारीप्रसाद द्विवेदी निबन्धकार एवं आलोचक (UPBoardSolutions.com) के रूप में प्रसिद्ध हैं। – सत्य
(iv) ठेले पर हिमालय’ के लेखक गुलाबराय हैं। – असत्य [2013]

43.
(i) श्रीनारायण चतुर्वेदी एक प्रमुख रेडियो रूपककार थे।– असत्य
(ii) ‘झलमला’ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का कहानी-संग्रह है। – सत्य
(iii) इँठा आम’ के लेखक जयप्रकाश भारती हैं। – असत्य
(iv) ‘मैला आँचल’ के लेखक फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ हैं। – असत्य [2013]

44.
(i) ‘अशोक के फूल’ हजारीप्रसाद द्विवेदी का निबन्ध-संग्रह है। – सत्य
(ii) डॉ० रामकुमार वर्मा ख्यातिप्राप्त कहानीकार है।। – असत्य
(iii) ‘ध्रुवस्वामिनी’ जयशंकर प्रसाद का प्रसिद्ध काव्य है। – असत्य
(iv) त्रिवेणी’ रामचन्द्र शुक्ल का प्रसिद्ध नाटक है। – असत्य [2013]

45.
(i) रांगेय राघव प्रसिद्ध नाटककार हैं।। – असत्य
(ii) ‘गबन’ के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। – असत्य
(iii) ‘माधुरी’ के सम्पादक रामचन्द्र शुक्ल हैं। – असत्य
(iv) डॉ० नगेन्द्र प्रसिद्ध आलोचक हैं। – सत्य [2013]

46.
(i) ‘विचार वीथी’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का इतिहास-ग्रन्थ है। – असत्य
(ii) ‘इन्द्रजाल’ जयशंकर प्रसाद का नाटक है। – असत्य
(iii) ‘कुरुक्षेत्र रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का काव्य-ग्रन्थ है। – सत्य
(iv) ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ जयप्रकाश भारती का साहित्यिक योगदान है। – असत्य [2014]

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47.
(i) हजारीप्रसाद द्विवेदी प्रसिद्ध कवि हैं। – असत्य
(ii) ‘कानन-कुसुम’ जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी है। – असत्य
(iii) डॉ० नगेन्द्र प्रसिद्ध आलोचक हैं। – सत्य
(iv) ‘गोदान’ प्रेमचन्द्र का प्रसिद्ध काव्य है।– असत्य [2014]

48.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कवि के रूप में ख्याति प्राप्त हैं। – असत्य
(ii) मुंशी प्रेमचन्द्र उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – सत्य
(iii) ‘गुनाहों के देवता’ के लेखक गुलाबराय हैं। – असत्य
(iv) ‘डॉ० राजेन्द्र प्रसाद’ कहानीकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य [2014]

49.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं। – असत्य
(ii) ‘अथाह सागर’ के लेखक जयप्रकाश भारती हैं। – सत्य
(iii) ‘विश्व को एशिया की देन’ डॉ० राजेन्द्र (UPBoardSolutions.com) प्रसाद की प्रमुख रचना है। – असत्य
(iv) ‘गोदान’ प्रेमचन्द्र का काव्य-संग्रह है। – असत्य [2014]

50.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल प्रसिद्ध जीवनी लेखक हैं। – असत्य
(ii) ‘कलम का सिपाही’ के लेखक प्रेमचन्द हैं। – असत्य
(iii) ‘गिरती दिवारें’ के लेखक उपेन्द्रनाथ अश्क हैं। – सत्य
(iv) रामस्वरूप चतुर्वेदी सफल भेटवार्ता लेखक हैं। – असत्य [2014]

51.
(i) ‘मित्रता’ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद द्वारा लिखा गया उपन्यास है। – असत्य
(ii) रंगभूमि’ के लेखक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हैं। – असत्य
(iii) अथाह सागर’ जयप्रकाश भारती की रचना है। – सत्य
(iv) ‘ममता’ के लेखक रामधारी सिंह दिनकर हैं। – असत्य [2014]

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52.
(i) रामवृक्ष बेनीपुरी ‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक थे। – असत्य
(ii) गुलाबराय प्रसिद्ध कवि थे। – असत्य
(iii) हजारीप्रसाद द्विवेदी हिन्दी के प्रसिद्ध आलोचक हैं। – सत्य
(iv) ‘स्कन्दगुप्त’ डॉ० रामकुमार वर्मा की रचना है। – असत्य [2014]

53.
(i) नन्ददुलारे वाजपेयी कहानीकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘गोदान’ प्रेमचन्द का प्रसिद्ध कहानी-संग्रह है। – असत्य
(iii) बूंद और समुद्र के लेखक अज्ञेय हैं। – असत्य
(iv) जैनेन्द्र एक प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं। – सत्य [2015]

54.
(i) ‘ध्रुव स्वामिनी’ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद की नाट्य-कृति है। – असत्य
(ii) अमृतलाल नागर एक प्रसिद्ध कवि थे। – असत्य
(iii) ‘शेखर : एक जीवनी’ अज्ञेय की रचना है। – सत्य
(iv) रामधारी सिंह ‘दिनकर’ उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य [2015]

55.
(i) मुंशी प्रेमचन्द्र एक कवि के रूप में प्रसिद्ध थे। – असत्य
(ii) रामवृक्ष बेनीपुरी ‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक थे। – असत्य
(iii) चिन्तामणि’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध संग्रह है। – सत्य
(iv) ‘इरावती’ वृन्दावनलाल वर्मा की रचना है। – असत्य [2015]

56.
(i) जयशंकर प्रसाद आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) महादेवी वर्मा की प्रसिद्ध रचना ‘गोदान’ है। – असत्य
(iii) ‘गुनाहों को देवता’ धर्मवीर भारती का उपन्यास है। – सत्य
(iv) गुलाबराय प्रसिद्ध कवि हैं। – असत्य [2015]

57.
(i) हजारीप्रसाद द्विवेदी निबन्धकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – सत्य
(ii) डॉ० लक्ष्मीसागर एक प्रसिद्ध कवि थे। – असत्य
(iii) ‘कंकाल’ के लेखक गुलाब राय हैं। – असल्य
(iv) राजेन्द्र प्रसाद एक सफल नाटककार हैं। – असत्य [2015]

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58.
(i) ‘आकाशदीप जयशंकर प्रसाद का प्रसिद्ध नाटक है। – असत्य
(ii) तीर्थसलिल’ के लेखक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी हैं। – सत्य
(iii) ईष्र्या तू न गयी मेरे मन से’ रामधारी (UPBoardSolutions.com) सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध काव्यकृति है।। – असत्य
(iv) ‘हिमालय की पुकार’ भगवतशरण उपाध्याय की रचना है। – असत्य [2015]

59.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल निबन्ध, समालोचना और इतिहास लेखन | के लिए प्रसिद्ध हैं। – सत्य
(ii) डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी कवि एवं कहानीकार हैं। – असत्य
(iii) जैनेन्द्र कुमार मुख्यत: नाटककार हैं। – असत्य
(iv) ‘गबन’, ‘रंगभूमि’ जयशंकर प्रसादजी के उपन्यास हैं। – असत्य [2015]

60.
(i) डॉ० श्यामसुन्दर दास एक प्रख्यात नाटककार थे। – असत्य
(ii) मुंशी प्रेमचन्द एक प्रसिद्ध उपन्यासकार थे। – सत्य
(iii) जयप्रकाश भारती आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(iv) ‘गुनाहों के देवता’ उपन्यास के लेखक कमलेश्वर हैं। – असत्य [2016]

61.
(i) रामचन्द्र शुक्ल महान कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) संस्कृति के चार अध्याय’ के लेखक रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हैं। – असत्य
(iii) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र रीतिकाल के रचनाकार हैं। – सत्य
(iv) स्कन्दगुप्त’ धर्मवीर भारती की रचना है। – असत्य [2016]

62.
(i) जैनेन्द्र कुमार मुख्यत: नाटककार हैं। – असत्य
(ii) ‘यामा’ जयशंकर प्रसाद का कहानी-संग्रह है। – असत्य
(iii) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल साहित्येतिहासकार थे। – सत्य
(iv) डॉ० रामकुमार वर्मा कहानीकार थे। – असत्य [2016]

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63.
(i) रामविलास शर्मा ख्यातिप्राप्त कवि हैं। – असत्य
(ii) इलाचन्द्र शर्मा सफल उपन्यासकार हैं। – सत्य
(iii) “मैला आंचल’ शैलेश मटियानी का प्रसिद्ध उपन्यास है। – असत्य
(iv) सियाराम शरण गुप्त भेटवार्ताकार हैं। – असत्य [2016]

64.
(i) ममता’ जयशंकर प्रसाद का प्रसिद्ध उपन्यास है। – असत्य
(ii) क्या लिखें? पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी का निबंध है। – सत्य
(iii) उजली आग’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का महाकाव्य है। – असत्य
(iv) ‘अजन्ता’ के लेखक जयप्रकाश भारती हैं। – असत्य [2016]

65.
(i) जयशंकर प्रसाद समालोचक हैं। – असत्य
(ii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं। – असत्य
(iii) रामचन्द्र शुक्ल प्रसिद्ध निबन्धकार हैं। – सत्य
(iv) डॉ० भगवतशरण उपाध्याय कवि के रूप में विख्यात हैं। – असत्य [2016]

66.
(i) विद्यानिवास मिश्र कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) स्कन्दगुप्त आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की नाटयकृति है। – असत्य
(iii) जैनेन्द्र मूलतः डायरी (UPBoardSolutions.com) लेखक हैं। – असत्य
(iv) ‘मेरी तिब्बत यात्रा’ राहुल सांकृत्यायन की कृति है। – सत्य [2016]

67.
(i) रामचन्द्र शुक्ल महान नाटककार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘ममता’ जयशंकर प्रसाद का प्रसिद्ध नाटक है। – असत्य
(iii) भारतीय संस्कृति’ निबन्ध के लेखक डॉ० राजेन्द्र प्रसाद हैं। – सत्य
(iv) ‘स्कन्दगुप्त’ प्रेमचन्द का प्रसिद्ध उपन्यास है। – असत्य [2017]

68.
(i) डॉ० हजारी प्रसाद द्विवेदी नाटककार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘अजातशत्रु’ के लेखक उदयशंकर भट्ट हैं। – असत्य
(iii) ‘शेखर : एक जीवनी’ अज्ञेय की कृति है। – सत्य
(iv) राजेन्द्र यादव शुक्ल युग के प्रसिद्ध कहानीकार हैं। – असत्य [2017]

69.
(i) वृन्दावन लाल वर्मा लब्धप्रतिष्ठ कवि हैं। – असत्य
(ii) बच्चन’ प्रसिद्ध समालोचक हैं। – असत्य
(iii) प्रकाश चन्द्र गुप्त ख्यातिप्राप्त रिपोर्ताज लेखक हैं। – सत्य
(iv) बनारसीदास चतुर्वेदी सशक्त व्यंज्य लेखक हैं। – असत्य [2017]

70.
(i) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी श्रेष्ठ संस्मरण लेखक हैं। – असत्य
(ii) तार सप्तक’ का सम्पादन सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने किया है। – सत्य
(iii) ‘गुनाहों का देवता’ उपन्यास के लेखक प्रेमचन्द हैं। – असत्य
(iv) गुलाबराय प्रसिद्ध कवि हैं। – असत्य [2017]

71.
(i) विद्यानिवास मिश्र नाटककार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) डॉ० श्यामसुन्दर दास एक प्रख्यात कवि थे। – असत्य
(iii) ईष्र्या, तू न गई मेरे मन से’ निबन्ध के लेखक जयप्रकाश भारती हैं। – असत्य
(iv) ‘मित्रता’ निबन्ध के लेखक आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हैं। – सत्य। [2017]

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72.
(i) अमृतलाले सागर प्रसिद्ध एकांकी लेखक हैं। – असत्य
(ii) रामविलास शर्मा प्रसिद्ध भेट वार्ताकार हैं। – असत्य
(iii) डॉ० नगेन्द्र ख्यातिप्राप्त समालोचक हैं। – सत्य
(iv) जयप्रकाश भारती कवि के रूप में विख्यात हैं। – असत्य [2017]

73.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल एक प्रसिद्ध निबन्धकार हैं। – सत्य
(ii) डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी एक महान् कहानीकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(iii) जयशंकर प्रसाद एक प्रसिद्ध आलोचक हैं। – असत्य
(iv) उर्वशी के लेखक जयप्रकाश भारती हैं। – असत्य [2018]

74.
(i) धर्मवीर भारती रीतिमुक्त काव्यधारा के प्रमुख कवि हैं। – असत्य
(ii) ‘कुटज’ डॉ० हजारी प्रसाद द्विवेदी का प्रसिद्ध निबन्ध है। – सत्य
(iii) ‘उजली आग’ यशपाल का निबन्ध-संग्रह है। – असत्य
(iv) “डॉ० नगेन्द्र ख्यातिप्राप्त उपन्यासकार हैं। – असत्य [2018]

75.
(i) इलाचन्द्र जोशी एकांकीकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) झूठा संच’ के लेखक यशपाल हैं। – असत्य
(iii) दैनिकी प्रसिद्ध कहानी (UPBoardSolutions.com) संग्रह है। – असत्य
(iv) राहुल सांकृत्यायन लब्धप्रतिष्ठ आलोचनाकार हैं। – सत्य [2018]

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76.
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल एक सुप्रसिद्ध कवि हैं। – असत्य
(ii) “ममता’ जयशंकर प्रसाद का एक महाकाव्य है। – असत्य
(iii) ‘गोदान’ प्रेमचन्द का प्रसिद्ध उपन्यास है। – सत्य
(iv) झाँसी की रानी’ के लेखक उपेन्द्रनाथ अश्क’ हैं। – असत्य [2018]

77.
(i) जयशंकर प्रसाद एक आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य
(ii) ‘प्रेमचन्द अपने घर में की लेखिका शिवरानी देवी हैं। – सत्य
(iii) रामचन्द्र शुक्ल की गणना श्रेष्ठ कवि के रूप में होती है। – असत्य
(iv) ‘रांगेय राघव’ कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। – असत्य [2018]

We hope the UP Board Solutions for Class 10 Hindi वस्तुनिष्ठ प्रश्न help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 10 Hindiवस्तुनिष्ठ प्रश्न, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Class 10th English Supplementary Chapter 1 Question Answer The Judgement-Seat of Vikramaditya (Sister Nivedita).

Class 10 English Supplementary Reader Chapter 2 Questions and Answers UP Board The Judgement-Seat of Vikramaditya (Sister Nivedita).

कक्षा 10 अंग्रेजी पाठ 2 प्रश्न उत्तर

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 English. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 English Supplementary Reader Chapter 2 The Judgement-Seat of Vikramaditya (Sister Nivedita).

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 25 words :

Question 1.
Do we know anything definite about Vikramaditya ? If so, what ?
(क्या हम विक्रमादित्य के विषय में कोई बात निश्चित रूप से जानते हैं ? यदि जानते हैं, तो वह क्या है ?)
Answer:
We do not know anything definite about Vikramaditya. The only thing that we are sure about him is that he was a lover of justice and learning.
(हम विक्रमादित्य के विषय में कोई बात निश्चित रूप से नहीं जानते। केवल एक बात जो उनके बारे में निश्चित है, वह यह है कि वे न्याय और ज्ञान के प्रेमी थे।)

Question 2.
why did the guilty tremble before Vikramaditya ? [2009, 11, 12, 13, 14, 15]
(विक्रमादित्य के सामने अपराधी क्यों काँपने लगते थे ?)
Answer:
The guilty trembled before Vikramaditya because they knew that his eyes would look straight into their guilt and punish them.
(राजा विक्रमादित्य के सामने आकर (UPBoardSolutions.com) अपराधी इसलिए काँपने लगते थे, क्योंकि वे जानते थे कि राजा की आँखें उनके अपराध को पहचान लेंगी और उनको दण्ड मिलेगा।)

Question 3.
What happened to the palace and the fortress of Vikramaditya after  his death ?। [2011, 12, 14, 18]
(विक्रमादित्य की मृत्यु के बाद उसके महल तथा किले का क्या हुआ ?)
Answer:
After the death of Vikramaditya his palace and fortress were ruined with passage of time. The ruins were covered with grass and dust. (विक्रमादित्य की मृत्यु के बाद उसका महल और किला दोनों नष्ट हो गये और खण्ड़हर घास और मिट्टी में दब गये।)

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Question 4.
What did the village-boys find in the pastures ? [2013, 15, 17]
(गाँव के लड़कों ने चरागाह में क्या पाया ?)
Answer:
The village-boys used to go to a nearby pastures with their cattle. The village-boys found a green mound in the pasture just like a judgement-seat.
(गाँव के लड़के पास के एक चरागाह में अपने पशुओं के साथ जाया करते थे। गाँव के लड़कों को चरागाह में एक हरा-भरा टीला मिला जो न्यायाधीश के सिंहासन जैसा प्रतीत होता था।)

Question 5.
What did the village-boy say to his friends after sitting on the green | mound? What did his friends do?
(गाँव के लड़के ने उस हरे-भरे टीले पर बैठकर अपने मित्रों से क्या कहा ? उसके मित्रों ने क्या किया ?)
Answer:
After sitting on the green mound the village-boy said to his friends, “I will be the judge. You can bring all your cases before me and I will have trials.” His friends soon brought cases before him for decision.
(उस हरे-भरे टीले पर बैठने के बाद उस ग्रामीण-लड़के (UPBoardSolutions.com) ने अपने मित्रों से कहा, “मैं न्यायाधीश हूँ। तुम अपने मुकदमे मेरे पास लाओ और मैं न्याय करूंगा।” उसके मित्र शीघ्र ही निर्णय के लिए उसके सामने अपने मुकदमे लाये।)

Question 6.
What changes did the village-boys notice in the boy who sat on the mound? [2012, 15, 16, 17]
(गाँव के लड़कों ने टीले पर बैठने वाले लड़के में क्या परिवर्तन देखे ?)
Answer:
The village-boys noticed that the boy who sat on the mound had become serious and grave. His tone and manners were impressive.
(गाँव के लड़कों ने देखा कि टीले पर बैठने वाला लड़का एकदम शान्त और गम्भीर हो गया था। उसका स्वर और बातचीत का ढंग प्रभावशाली था।)

Question 7.
Why did the grown-up men and women put their disputes before the cowherd boy ? How did the boy satisfy them ?
(बड़े स्त्री-पुरुष अपने झगड़ों को ग्वाले के सामने क्यों रखते थे? वह उन्हें कैसे सन्तुष्ट करता था?)
Answer:
The grown-up men and women put their disputes before the cowherd boy for justice. He settled them wisely and satisfied them. (बड़े स्त्री-पुरुष अपने झगड़ों को ग्वाले के सामने न्याय के लिए रखते थे। वह उन्हें निपटाता था और उन्हें सन्तुष्ट कर देता था।)

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Question 8.
What guess did the king of Ujjain make about the boy ? (उस लड़के के विषय में उज्जैन के राजा ने क्या अनुमान लगाया ?) [2011]
Answer:
The king of Ujjain guessed about the boy that he must have sat on the judgement-seat of Vikramaditya because he was doing perfect justice.
(उज्जैन के राजा ने यह अनुमान लगाया कि वह लड़का (UPBoardSolutions.com) विक्रमादित्य के न्याय-सिंहासन पर बैठा होगा क्योंकि वह एकदम सही निर्णय दे रहा था।)

Question 9.
what did the king decide to do ?
(राजा ने क्या करने का निश्चय किया?)
                   Or
Why did the king of Ujjain want to sit on the judgement-seat of Vikramaditya ? [2013, 16]
उज्जैन का राजा विक्रमादित्य के न्याय सिंहासन पर क्यों बैठना चाहता था ?)
Answer:
The king decided to dig out the judgement-seat and bring it to Ujjain. Then he would sit on it and deliver judgements.
(राजा ने यह निश्चय किया कि वह खुदाई कराकर न्याय-सिंहासन को प्राप्त करेगा और उसे उज्जैन लाएगा, फिर उस पर बैठेगा तथा न्याय करेगा।)

Question 10.
What did the first angel ask the king when he was about to sit on the throne ? [2018]
(जब राजा उस सिंहासन पर बैठने ही वाला था तो पहले देवदूत ने उससे क्या पूछा ?)
Answer:
When the king was about to sit on the throne the first angel asked him if he never desired to rule over kingdoms that were not his own and if he thought himself worthy to sit on the throne.
(जब राजा उस सिंहासन पर बैठने ही वाला था तो पहले (UPBoardSolutions.com) देवदूत ने उससे पूछा, “क्या तुमने ऐसे राज्यों पर शासन करने की इच्छा नहीं की जो तुम्हारे नहीं थे ? क्या तुम स्वयं को इस सिंहासन पर बैठने के योग्य समझने हो ?”)

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Question 11.
Why could the king of Ujjain not sit on the judgement-seat of Vikramaditya ?
(विक्रमादित्य के न्याय-सिंहासन पर उज्जैन का राजा क्यों नहीं बैठ सका ?)
Answer:
The king of Ujjain could not sit on the judgement-seat of Vikramaditya because he was not perfectly pure in heart and as such not worthy of it.
(विक्रमादित्य के न्याय-सिंहासन पर उज्जैन का राजा इसलिए नहीं बैठ सका, क्योंकि उसका हृदय शुद्ध नहीं था और इस तरह उसके योग्य नहीं था।)

Question 12.
What qualities were needed to make the king worthy to sit on the throne of Vikramaditya ?
(विक्रमादित्य के सिंहासन पर बैठने योग्य बनने के लिए राजा को किन गुणों की आवश्यकता थी ?)
Answer:
The following qualities were needed to make the king worthy to sit on the throne of
Vikramaditya :

  1. a desire not to rule over kingdoms that were not his own,
  2. a pure heart like a child,
  3. a desire not to possess the riches of others and life full of justice.

(विक्रमादित्य के सिंहासन पर बैठने योग्य बनने के लिए राजा को निम्नलिखित गुणों की आवश्यकता थी–

  1. ऐसे राज्यों पर राज्य न करने की इच्छा जो उसके नहीं थे,
  2. बच्चे के समाने पवित्र हृदय,
  3. दूसरों का धन न हड़पने की इच्छा और न्यायसंगत जीवन।)

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Question 13.
What qualities did the last angel want the king to have in order to be worthy of sitting on the throne? What did the last angel do then ?
(अन्तिम देवदूत उस सिंहासन पर बैठने के योग्य बनने के लिए राजा में किन गुणों को चाहता था ? तब अन्तिम देवदूत ने क्या किया ?)
Answer:
The last angel wanted the king to have pure heart like a child in order to be worthy of sitting on the throne which the king did not have. Then the last angel flew up into the sky bearing the throne (UPBoardSolutions.com) upon his head.
(अन्तिम देवदत उस सिंहासन पर बैठने के योग्य बनने के लिए राजा में बच्चे के समान पवित्र हृदय चाहता था। ऐसा हृदय राजा के पास नहीं था। तब अन्तिम देवदूत सिंहासन को अपने सिर पर रखकर आसमान में उड़ गया।)

Question 14.
Why did the judgement-seat of Vikramaditya disappear from the earth ?
(विक्रमादित्य का न्याय-सिंहासन इस पृथ्वी से क्यों लुप्त हो गया ?) [2012, 16,17]
Answer:
The judgement-seat of Vikramaditya disappeared from the earth because no other king was able to match Vikramaditya in the matter of justice.
(विक्रमादित्य का न्याय-सिंहासन इस पृथ्वी से इसलिए लुप्त हो गया, क्योंकि कोई भी राजा न्याय के मामले में विक्रमादित्य के समान योग्य नहीं था।)

Question 15.
who was vikramaditya ? why is vikramaditya called the greatest | judge in history ? [2009, 11, 14]
(विक्रमादित्य कौन था ? विक्रमादित्य को ‘इतिहास का सबसे बड़ा न्यायाधीश’ क्यों कहते हैं ?)
                                  Or
Who is called ‘the greatest judge in history ? Why did the guilty tremble before him ? [2009]
( इतिहास में सबसे बड़ा न्यायाधीश’ कौन है ? अपराधी उसके सामने क्यों काँप जाता था ?)
                                  Or
Why is Vikramaditya said to be the greatest judge in history?
(इतिहास में विक्रमादित्य को सबसे बड़ा न्यायाधीश क्यों कहा गया है ?) [2015, 16, 17]
Answer:
Vikramaditya was the king of Ujjain. He is called the greatest judge in history because he always gave perfect justice to his people. Guilty persons trembled to come to him.
(विक्रमादित्य उज्जैन का राजा था। उसको इतिहास का सबसे (UPBoardSolutions.com) बड़ा न्यायाधीश इसलिए कहते हैं क्योंकि उसने सदैव अपनी प्रजा को पूरा न्याय प्रदान किया। दोषी लोग उनके सामने आने पर काँपते थे।)

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Question 16.
What was the special quality of vikramaditya ? [2017]
(राजा विक्रमादित्य का विशेष गुण क्या था ?)
Answer:
The special quality of king Vikramaditya was that he always gave perfect judgement and the guilty trembled to come to him.
(राजा विक्रमादित्य का विशेष गुण यह था कि वह सदैव सही निर्णय देता था। दोषी उनके सामने आने पर काँपते थे।)

Question 17.
why was king Vikramaditya so famous ? [2011, 12, 16]
(राजा विक्रमादित्य इतने प्रसिद्ध क्यों थे ?)
                             Or
Why was King Vikramaditya praised by the people or one and all ? [2013, 14, 15, 16, 17]
(राजा विक्रमादित्य की सभी के द्वारा प्रशंसा क्यों की जाती थी ?)
Answer:
King Vikramaditya was famous (or was prised by all) for his justice. He gave perfect justice to his people.
(राजा विक्रमादित्य न्याय के लिए प्रसिद्ध थे। वे अपनी प्रजा को सही और पूर्ण न्याय देते थे।)

Question 18.
“Have you never desired to possess the riches of others ………?” Who said this and why ?
(“क्या तुमने कभी दूसरों का धन लेने की इच्छा नहीं की……?” यह किसने कहा और क्यों ?)
Answer:
Another angel asked this question because the king wanted to sit on the judgement-seat of Vikramaditya. (यह प्रश्न दूसरे देवदूत ने पूछा क्योंकि राजा विक्रमादित्य के सिंहासन पर बैठना चाहता था।)

Question 19.
There is a sentence, And at these words the angel flew up into the sky.” What does these words refer to here?
(एक वाक्य है, “इन शब्दों पर देवदूत आकाश में उड़ गया,” यहाँ “These words’ नामक शब्द किस प्रसंग को बताते हैं ?)
Answer:
Here these words’ refers to the words of the king, “No, I am not worthy.”
(यहाँ ये शब्द राजा के इन शब्दों के प्रसंग (UPBoardSolutions.com) में है-“नहीं, मैं योग्य नहीं हूँ।”)

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Question 20.
what did the last angel say to the king ?
(अन्तिम देवदूत ने राजा से क्या कहा ?)
Answer:
The last angel said to the king, “Are you then, perfectly pure in heart, 0 king? Is your heart as pure as that of a little child? If so, you are indeed worthy to sit on his seat.”
(अन्तिम देवदूत ने राजा से कहा, “तब क्या तुम पूर्णरूप से मन से पवित्र हो? क्या तुम्हारा हृदय इतना ही शुद्ध है। जितना एक छोटे बच्चे का? यदि ऐसा है तब तुम वास्तव में इस सिंहासन पर बैठने योग्य हो।’)।

Question 21.
when and where did the last angel fly and to what result ?
(अन्तिम देवदूत कब और कहाँ उड़ गया और क्या परिणाम हुआ ?)
Answer:
When the king said ‘No’, the last angel flew into the sky and took away the slab on his head.
(जब राजा ने कहा ‘नहीं’, तब अन्तिम देवदूत (UPBoardSolutions.com) आकाश में उड़ गया और उस पत्थर की शिला को भी अपने सिर पर रख कर ले गया।)

Question 22.
What happened when the king tried again to sit on the , judgement-seat ?
( जब राजा ने पुनः सिंहासन पर बैठने की कोशिश की तब क्या हुआ ?) Ans. When ever the king tried to occupy the throne, he was questioned by an angel and he had to withdraw. (जब भी राजा ने सिंहासन पर बैठने की चेष्टा की, देवदूत के द्वारा प्रश्न पूछे गए और उसे पीछे हटना पड़ा।)

Question 23.
How many stone angels supported the seat ?
(पत्थर के कितने देवदूत सिंहासन को अपने ऊपर टिकाए हुए थे ?)
Answer:
Twenty-five stone angels supported the seat. । (पच्चीस पत्थर के देवदूत सिंहासन को अपने ऊपर टिकाए हुए थे।)

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Question 24.
What happened on the fourth day ?
(चौथे दिन क्या हुआ ?)
Answer:
On the fourth day also the same thing happened. The another fairy asked the king a question. The king answered in negative. So that angel also flew away.
(चौथे दिन भी वही बात हुई, दूसरे देवदूत ने राजा (UPBoardSolutions.com) से प्रश्न किया, राजा का उत्तर ‘ना’ में था। अत: वह देवदूत भी उड़ गया।)

Question 25.
Who was Vikramaditya? Where did he reign? [2014, 15] 
Answer:
Vikramaditya was a king famous for his justice. He reigned over Ujjain.
(विक्रमादित्य अपने न्याय के लिए प्रसिद्ध एक राजा था। वह उज्जैन पर शासन करता था।)

Question 26.
Where did King Vikramaditya reign? What did he decide to do? [2018]
(राजा विक्रमादित्य कहाँ शासन करता था? उसने क्या करने का निश्चय किया?)
Ans.
King Vikramaditya reigned over Ujjain. He decided to do justice.
(राजा विक्रमादित्य उज्जैन पर शासन करता था। उसने न्याय करने का निश्चय किया।)

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Question 27.
What do we know definitely about king Vikramaditya ? [2015, 18]
(हम विक्रमादित्य के बारे में क्या निश्चित रूप से क्या जानते हैं?)
Answer:
We do not know anything definite about Vikramaditya except his learning and justice.
(सिवाय न्याय तथा विद्वता के हम विक्रमादित्य (UPBoardSolutions.com) के बारे में कोई निश्चित बात नहीं जानते हैं।)

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MULTIPLE CHOICE TYPE QUESTIONS

Select the most suitable alternative to complete each of the following statements :

1. Vikram Samvat’ owes its origin to ………… [2011, 12, 14, 16]
(a) Lord Buddha.
(b) Ashoka.
(c) Vikramaditya.

2. Vikramaditya is famous for his …. [2012, 16, 17, 18]
(a) wisdom.
(b) justice.
(c) honesty.
(d) love for his subject.

3. The labourers dug out a block of marble slab supported on the hands and wings of stone-angels numbering ……….. [2009, 13]
(a) a dozen.
(b) twenty.
(c) twenty-five.
(d) thirty-one.

4. The judgement-seat of Vikramaditya was made of … [2013, 14, 16, 18]
(a) gold.
(b) silver.
(c) iron.
(d) stone.

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5. When the king of Ujjain was making his first attempt to sit on the throne of Vikramaditya ………..
(a) his judges and priests warned him against doing so.
(b) the shephered boy stood in his way and stopped him from going to the throne.
(c) one of the angels told him to purify himself to be worthy to sit on it and
flew away.

6. The king of Ujjain could not occupy the throne because ………… [2011, 12, 14, 15]
(a) he was not as just as Vikramaditya.
(b) his heart was not as pure as that of a little child. 
(c) he had desired to possess the riches of others.

7. The angel asked the king to go and fast aid pray for three days so that [2015]
(a) somebody else could try to ascend the throne.
(b) no one might occupy it.
(c) the king might purify himself and be worthy to sit on the throne.

8. The shepherd-boy sitting on the mound looked changed because he [2011]
(a) listened to the complaints.
(b) was no ordinary boy.
(c) got the spirit of knowledge and justice.
(d) had to decide the disputes.

9. The guilty trembled before Vikramaditya because [2011, 12, 14, 16, 17, 18]
(a) he was very cruel.
(b) he was unjust.
(c) he was intelligent enough to know their guilt.
(d) he looked very fearful.

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10. The king could not sit on the judgement-seat of Vikramaditya because [2012, 14, 16, 17, 18]
(a) he was afraid of the cowherd boy.
(b) every day he was pushed aside by an angel.
(c) he thought himself to be unworthy of it.
(d) he wanted to be a just king.

11. The last angel did not allow the king to sit on the judgement-seat of Vikramaditya because
(a) the king had not completed his prayer.
(b) the angel was not in a good mood.
(c) the king had come before the right time.
(d) the king’s heart was not as pure as that of a child.

12. When the mound was dug deep, the king found ……. [2009, 11, 16]
(a) seven jars full of gold coins.
(b) skeletons of dead soldiers.
(c) rare musical instruments.
(d) the judgement-seat of Vikramaditya. 

13. The judgement-seat of Vikramaditya was found …..
(a) in the jungle.
(b) in the river.
(c) deep under the mound.

14. Vikramaditya was never deceived because ……….. [2014, 15]
(a) he was the king.
(b) he would see straight into guilt of guilty persons.
(c) he was a magician.

15. The angels took the judgement-seat to ………... [2011, 13, 14, 15, 16, 17]
(a) the sky
(b) another kingdom.
(c) the sea
(d) the hell

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16. The judgement-seat of Vikramaditya was found in ………. [2011, 13, 14, 15, 16, 17, 18]
(a) Indore.
(b) Delhi.
(c) Ujjain.
(d) Bhopal.

17. In due course of time, the palace and the fortress of Vikramaditya were ……………. [2015]
(a) ruined
(b) decorated
(c) rebuilt
(d) lost.

18. At last the labourers found a slab of black marble supported on the hands and wings of …………… [2015]
(a) thirty-five stone angels.
(b) twenty-five stone angels.
(c) twenty-one stone angels.
(d) twenty-seven stone angels.

TRUE/FALSE STATEMENTS

State whether the following statements are ‘True’ or ‘False’:
1. Vikramaditya always punished the wrong/innocent man. [2011, 13, 14, 16, 17, 18]
2. Vikramaditya loved justice and learning. [2014, 15, 16]
3. King Vikramaditya did not love justice and learning. [2011, 12, 14]
4. Vikramaditya was the king of Ujjain. [2011, 16]
5. The famous judgement-seat (UPBoardSolutions.com) of Vikramaditya, as dug out of a mound, was supported on the hands of twenty-four stone angles.
6. The judgement-seat of Vikramaditya was lying buried in the pasture.
7. After the death of Vikramaditya, the people of Ujjain, in due course of time, forgot him.
8. The first angel asked the king of Ujjain if he was worthy to sit on the judgement-seat of Vikramaditya.
9. The judgement-seat of Vikramaditya did not disappear from the earth
10. After observing three days’ prayer and fasting the king ascended the throne. [2011]
11.Vikram Samvat owes its origin to Vikramaditya. (2011, 12, 16, 17, 18] 12.
12.The beautiful palace of Vikramaditya stands even today in Ujjain. [2010, 12, 13, 14, 15, 17, 18]
13. When the shepherd-boy sat on the mound the spirit of knowledge and justice would come to him.
14. Vikramaditya was never deceived. [2009, 11, 15, 17]
15. Vikramaditya never failed in getting at the culprit.
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16. It is said that Vikramaditya was not the greatest judge in history. [2018]
17. The angel flew up into the sky bearing the slab upon his head.
18. The cowherd boy sat on the mound and became grave and serious.
19. The king of Ujjain, at last, sat on the throne of Vikramaditya. [2011, 14]
20. No one knows the name of Vikramaditya in India. [2009, 18]
21. The last angel allowed the king of Ujjain to sit on the judgement-seat of | Vikramaditya. [2009, 18]
22. We all are unfamiliar with the name of Vikramaditya. [2010, 16]
23. Vikramaditya is famous for his justice. [2011, 13, 16, 17]
24. The guilty trembled coming before him.
25. Many boys gathered to play near the ruin of the palace of Vikramaditya
which became a pasture land afterwards.
26. One boy sat on the mound and declared him a doctor.
27. The king of Ujjain ordered to dig under the mound.
28. The king prayed and fasted for 5 days.
29. The last angel was pleased with the king of Ujjain and let him sit on the Judgement-seat of Vikramaditya.
30. The Judgement-seat of Vikramaditya was a slab of white marble. [2012, 15, 16]
31. The Judgement-seat of Vikramaditya was supported on the hands and wings of twenty-five stone angles. [2012, 15, 18]
32. Vikramaditya loved experiments. [2012, 14]
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33. When the boy jumped down from his seat, he was quite different from other boys. [2014]
34. Vikramaditya always punished innocents. [2014]
35. Vikramaditya loved injustice. [2014, 18]
36. The judgement-seat of Vikramaditya was supported on the hands and wings of twenty-five stone angels. [2015]
37. King Vikramaditya did justice. [2015]
38. The beautiful palace of (UPBoardSolutions.com) Vikramaditya stood in Delhi. [2016]
39. The judgement-seat of Vikramaditya was lying buried in the pasture. [2017]
Answer:
1. T, 2. T, 3. F, 4. T, 5. F, 6. T, 7. T, 8. T, 9. F, 10. F, 11. T, 12. F, 13. T, 14. T, 15. T, 16. F, 17. T, 18. T, 19. F, 20. F, 21. F. 22. F, 23. T, 24. T, 25. T, 26. F, 27. T, 28. F, 29. F, 30. F, 31. T, 32. F, 33. F, 34. F, 35. F, 36. T, 37. T, 38. F, 39. T.

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UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 6 (Section 4)

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 6 आर्थिक नियोजन (अनुभाग – चार)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 Social Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 6 आर्थिक नियोजन (अनुभाग – चार)

विरतृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत की पंचवर्षीय योजनाओं का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर :

भारत की पंचवर्षीय योजनाएँ

स्वतन्त्रता के बाद देश के बहुमुखी विकास के लिए पंचवर्षीय योजनाएँ कार्यान्वित की गयीं। अब तक दस योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं तथा ग्यारहवीं योजना चालू है। इन परियोजनाओं की प्राथमिकताएँ (उद्देश्य) तथा उपलब्धियाँ निम्नवत् रही हैं –

प्रथम योजना (1951-56 ई०) – इस योजना के तीन उद्देश्य थे—

  1. देश विभाजन के फलस्वरूप उत्पन्न आर्थिक असन्तुलन की समस्याओं का समाधान करना,
  2. देश की अर्थव्यवस्था को सन्तुलित बनाना तथा
  3. उत्पादन में वृद्धि करके जनसाधारण के जीवन स्तर में वृद्धि करना तथा धन के वितरण की असमानता को दूर करना। इसके लिए कृषि के विकास को प्राथमिकता दी गयी। इस दौरान आर्थिक प्रगति सन्तोषजनक रही। राष्ट्रीय आय (UPBoardSolutions.com) में वृद्धि के लक्ष्य से अधिक वृद्धि दर्ज की गयी। भूमि-सुधार कार्यक्रमों के फलस्वरूप कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। औद्योगिक उत्पादन 40% बढ़ा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा परिवहन के क्षेत्र में भी विकास हुआ, जिससे औद्योगिक विकास की भूमिका तैयार हो गयी।

द्वितीय योजना (1956-61 ई०) – इस योजना में औद्योगिक विकास पर बल दिया गया। आधारभूत तथा भारी उद्योगों की स्थापना की गयी। रोजगार सुविधाओं का विकास तथा आर्थिक विषमताओं को दूर करना इस योजना के अन्य लक्ष्य थे, किन्तु इस काल में खाद्यान्नों के उत्पादन का लक्ष्य पूरा न हो सका। राष्ट्रीय आय में भी आशा से कम वृद्धि हुई और भारतीय अर्थव्यवस्था आर्थिक संकट में डूब गयी।

तृतीय योजना (1961-66 ई०) – इस योजना के खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना, आधारभूत उद्योगों का विस्तार करना, मशीनरी उद्योगों की स्थापना करना, बेरोजगारी दूर करना (UPBoardSolutions.com) आदि लक्ष्य थे किन्तु इन लक्ष्यों में भी वांछित सफलता न मिल सकी। चीन तथा पाकिस्तान के आक्रमणों के कारण देश का विकास बाधित रहा। इस योजना-काल में केवल आंशिक सफलताएँ ही प्राप्त हुईं।

तीन वार्षिक योजनाएँ – सन् 1966 से 1969 ई० तक तीन वर्षों के लिए पंचवर्षीय योजनाओं को स्थगित कर दिया गया और तीन वार्षिक योजनाएँ बनायी गयीं। इन वार्षिक योजनाओं की अवधि में साधनों का अभाव रहा, जिससे विकास की गति मन्द रही।

चौथी योजना (1969-74 ई०) – इस योजना का लक्ष्य विकास की दर को तेज करना, कृषि उत्पादन में उतार-चढ़ाव को कम करना, विदेशी सहायता पर निर्भरता को कम करना, जन-जीवन के स्तर को ऊँचा उठाना, दुर्बल वर्ग के लोगों की दशा सुधारना, सम्पत्ति, आय तथा आर्थिक शक्ति के केन्द्रीकरण को रोकना आदि थे, किन्तु ये सभी लक्ष्य पूरे न हो सके। निर्यात के क्षेत्र में अवश्य वृद्धि हुई।

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पाँचवीं योजना (1974-79 ई०) – इस योजना के मुख्य लक्ष्य आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, निर्धनता रेखा के नीचे रहने वालों का जीवन-स्तर सुधारना, मुद्रास्फीति (महँगाई) पर नियन्त्रण करना, राष्ट्रीय आय में वृद्धि करना आदि थे। योजना को एक वर्ष पूर्व ही अर्थात् 1978 ई० में समाप्त कर दिया गया। इसका कारण देश में राजनीतिक उथल-पुथल के वातावरण का होना था।

दो वार्षिक योजनाएँ – इन दो वार्षिक योजनाओं (सन् 1978-79 एवं 1979-80) के (UPBoardSolutions.com)  द्वारा पिछड़े हुए। लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया गया।

छठी योजना (1980-85 ई०) – इस योजना में कृषि तथा उद्योग के आधारभूत ढाँचे को एक-साथ विकसित करने, रोजगार के अवसर जुटाने, गरीबी दूर करने, परिवार नियोजन का प्रसार करने, क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने आदि का लक्ष्य रखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर अधिक बल दिया गया। सन्तुलित आर्थिक विकास के कार्यक्रम चलाये गये, किन्तु जनसंख्या की तीव्र दर से वृद्धि होने के कारण ये सभी कार्यक्रम लक्ष्यों को पूरा न कर सके। इस योजना ने सातवीं पंचवर्षीय योजना के लिए एक स्वस्थ वातावरण अवश्य तैयार किया।

सातवीं योजना (1985-90 ई०) – इस योजना के प्रमुख उद्देश्य थे—सुनियोजित विकास, आम लोगों के जीवन-स्तर में सुधार, उत्पादन में वृद्धि, कमजोर वर्गों को संरक्षण, निर्धनता को दूर करना, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, निर्यातों में वृद्धि, पर्यावरण-प्रदूषण दूर करना, ऊर्जा, परिवहन संचार आदि क्षेत्रों का विस्तार करना, आवासों के निर्माण में वृद्धि करना आदि। यह योजना निश्चित ही उपलब्धियों से पूर्ण थी।

दो वार्षिक योजनाएँ – आठवीं पंचवर्षीय योजना को ध्यान में रखकर तैयार की गयी इन वार्षिक योजनाओं (सन् 1990-91 एवं 1991-92)में मुख्य रूप से अधिकतम रोजगार प्रदान करने और सामाजिक स्थानान्तरण पर बल दिया गया।

आठवीं योजना (1992-97 ई०) – इस योजना में मानव संसाधन विकास पर विशेष बल दिया गया। इसके लिए गाँवों में पेयजल उपलब्ध कराना, सिर पर मैला उठाने की कुप्रथा को दूर करना, पर्यावरण स्वच्छ रखना, परिवहन, ऊर्जा, सिंचाई आदि का प्रसार करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार तथा समाजकल्याण की योजनाओं का विकास करना मुख्य लक्ष्य निर्धारित किये गये। किन्तु ये उपलब्धियाँ हासिल न हो सकीं। गरीबों और दलितों को अपेक्षित लाभ न मिल सका। क्षेत्रीय विषमताओं में वृद्धि हुई। कृषि विकास के बावजूद कुल सम्भावनाओं का दोहन नहीं किया जा सका। अन्य आधारभूत (UPBoardSolutions.com) क्षेत्रों के लक्ष्य भी अधूरे रहे।

  • नवीं योजना (1997-2002 ई०) – विस्तृत उत्तरीय प्रश्न संख्या 6 का उत्तर देखें।
  • दसवीं योजना (2002-2007 ई०) – विस्तृत उत्तरीय प्रश्न संख्या 3 का उत्तर देखें।
  • ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-2012) – लघु उत्तरीय प्रश्न संख्या 6 का उत्तर देखें।
  • बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) – विस्तृत उत्तरीय प्रश्न संख्या 8 का उत्तर देखें।

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प्रश्न 2.
भारत में आर्थिक नियोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए।
या
भारतीय अर्थव्यवस्था में ‘आर्थिक नियोजन’ क्यों आवश्यक है ? इसके उद्देश्य भी लिखिए। आर्थिक नियोजन के दो महत्त्व बताइट। [2010]
या
भारत में आर्थिक नियोजन के महत्व पर प्रकाश डालिए। [2018]
या
आर्थिक नियोजन के दो उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए। [2009, 10, 11]
या
आर्थिक नियोजन में चार उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए। [2013, 15,16, 18]
या
आर्थिक नियोजन की आवश्यकता क्यों होती है? दो कारण दीजिए। [2016]
उत्तर :

आर्थिक नियोजन की आवश्यकता

भारत एक विकासशील देश है, जो शताब्दियों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहने के कारण आर्थिक शोषण का शिकार रहा। भारत में आर्थिक नियोजन की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से है

1. आर्थिक संसाधनों के उचित प्रयोग के लिए – भारत में आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं, किन्तु उनका अभी तक सदुपयोग नहीं हुआ है। आर्थिक नियोजन का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हमारे प्राकृतिक (आर्थिक) संसाधनों का विवेकपूर्ण तथा इष्टतम उपयोग हो सकेगा।

2. राष्ट्रीय आय में वृद्धि के लिए – भारत एक जनसंकुल देश है। प्रति व्यक्ति (UPBoardSolutions.com) आय की दृष्टि से यह विश्व के निर्धन देशों में गिना जाता है। राष्ट्रीय तथा प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लिए आर्थिक नियोजन की बहुत आवश्यकता है।

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3. धन के समान वितरण के लिए – भारत में राष्ट्रीय आय के वितरण में प्रादेशिक विषमताएँ अधिक हैं। नियोजित विकास से धन का न्यायपूर्ण तथा समान वितरण सम्भव है। समाजवादी नियोजन आर्थिक समानता के सिद्धान्त को आधार मानता है।

4. आत्मनिर्भरता के लिए – यद्यपि विश्व का कोई भी देश पूर्णत: आत्मनिर्भर नहीं है, तथापि भारत आत्मनिर्भर बनने के लिए चेष्टारत है। यह कार्य आर्थिक नियोजन द्वारा ही सम्भव है।

भारत में आर्थिक नियोजन का महत्त्व

भारतीय अर्थव्यवस्था में आर्थिक नियोजन का अत्यधिक महत्त्व है। टी०टी० कृष्णामाचारी के शब्दों में, आर्थिक क्षेत्र में नियोजन का वही महत्त्व है, जो आध्यात्मिक क्षेत्र में ईश्वर का है। आर्थिक नियोजन के महत्त्व को निम्नवत् स्पष्ट किया जा सकता है –

  1. उपलब्ध सीमित संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग किया जाता है।
  2. अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा योजनाबद्ध आर्थिक विकास के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध हो जाती है।
  3. स्वतन्त्रता से पूर्व युद्धकालीन जर्जरित अर्थव्यवस्था का स्वतन्त्रता के पश्चात् पुनरुत्थान सम्भव हुआ।
  4. आर्थिक नियोजन के द्वारा आर्थिक विकास की गति को तीव्र किया जा सकता है।
  5. आर्थिक नियोजन के द्वारा पूँजी-निर्माण की दर में वृद्धि होगी, विनियोग (UPBoardSolutions.com) में वृद्धि होगी और अर्थव्यवस्था को गरीबी के दुश्चक्र से बाहर निकाला जा सकेगा।
  6. भारत में बेरोजगारी एवं अर्द्ध-बेरोजगारी की व्यापक समस्या विद्यमान है। आर्थिक नियोजन के द्वारा ही । इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
  7. नियोजन, आर्थिक एवं सामाजिक आधारिक संरचना (सड़क, रेल, बिजलीघर, शिक्षा एवं चिकित्सालय संस्थान आदि) का निर्माण जो निजी विनियोगों को प्रोत्साहन प्रदान करता है, में सहायक है।
  8. नियोजन द्वारा उत्पादन तकनीकी में परिवर्तन की गति को तीव्र किया जा सकता है।
    निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि आर्थिक नियोजन देश के आर्थिक विकास में सहायक है।

उद्देश्य

भारत में आर्थिक नियोजन के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

  1. राष्ट्रीय आय एवं प्रति व्यक्ति आय में दीर्घकालीन वृद्धि।
  2. निर्धनता के दुश्चक्र की समाप्ति।
  3. देश को आत्मनिर्भर बनाना।
  4. प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का उचित दोहन।
  5. देश की योजनाबद्ध एवं सन्तुलित आर्थिक विकास।
  6. देश में रोजगार के अवसरों का विस्तार।
  7. सामाजिक एवं आर्थिक आधारिक संरचना का निर्माण।
  8. शिक्षा, प्रशिक्षण एवं तकनीक के उच्च स्तर की प्राप्ति।
  9. संविधान के नीति-निदेशक सिद्धान्तों का क्रियान्वयन।
  10. समाजवादी ढंग से लोकतान्त्रिक समाज की स्थापना।

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प्रश्न 3.
दसवीं पंचवर्षीय योजना पर एक लेख लिखिए। [2009]
या
भारत की दसवीं पंचवर्षीय योजना के किन्हीं दो उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए। [2009]
उत्तर :

दसवीं पंचवर्षीय योजना (सन् 2002-2007 ई०)

1 सितम्बर, 2001 ई० को राष्ट्रीय विकास परिषद् (National Development Council) ने अपनी 49वीं बैठक में दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007 ई०) के दृष्टिकोण-पत्र को अपना अनुमोदन प्रदान किया। अनुमोदित दृष्टिकोण-पत्र के विशिष्ट (UPBoardSolutions.com) बिन्दु (उद्देश्य) निम्नलिखित थे

  1. सकल राष्ट्रीय उत्पाद के 8% वार्षिक दर का लक्ष्य प्राप्त करना।
  2. उद्योग क्षेत्र की वृद्धि दर 10% वार्षिक करनी।
  3. निर्धनता अनुपात 2007 ई० तक 20% तथा 2012 ई० तक 10% लाना।
  4. वर्ष 2007 तक सभी को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराना।
  5. 2001-11 के दशक में जनसंख्या की दशकीय वृद्धि को 16.2% तक सीमित रखना।
  6. साक्षरता दर को 2007 ई० तक 72% तथा 2012 ई० तक 80% करना।
  7. सन् 2012 ई० तक सभी गाँवों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना।
  8. श्रम-शक्ति को लाभपूर्ण रोजगार उपलब्ध कराना।
  9. शिशु मृत्यु-दर को 45 प्रति हजार जीवित जन्मों तक कम करना।
  10. वनों और वृक्षों से घिरे क्षेत्र को 25% तक बढ़ाना।
  11. सभी मुख्य नदियों की सफाई करना।
  12. सकल बजटीय समर्थन में 18.3% वार्षिक की वृद्धि, जिससे 2007 ई० में इसे GDP के 5% तक लाया जा सके।
  13. GDP के प्रतिशत रुपये में सकल कर राजस्व (डीजल उपकर सहित) को वर्ष 2001-02 में 9.16% से बढ़ाकर 2006-07 ई० तक 11.7% करना।
  14. ‘सेवा कर के दायरे का विस्तार।
  15. विनिवेश में वृद्धि (2002-05) की अवधि में 16-17 (UPBoardSolutions.com) हजार करोड़ रुपये की वार्षिक निवेश प्राप्तियाँ।
  16. राजकोषीय घाटे को GDP के 5% से घटाकर 2.5% तक ले जाना।

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दसवीं पंचवर्षीय योजना के प्रारम्भ के समय यानि वर्ष 2002-03 में कृषि उत्पादन में गिरावट आ गयी। वर्ष 2003-04 में यह उत्पादन 10% बढ़ा, जब कि 2004-05 और 2005-06 में क्रमश: 0.7% और 2.3% की ही वृद्धि हुई। वर्ष 2002-03 में 7%, 2003-04 में 7.6%, 2004–05 में 8.6% और 2005-06 में 9% की दर से औद्योगिक उत्पादन बढ़ा। भारतीय अर्थव्यवस्था की संवृद्धि दर को आगे बढ़ाने में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका सेवाओं के क्षेत्र की रही है। सेवाओं में संवृद्धि की दर वर्ष 2002-03, 2003-04, 2004-05 और 2005-06 में क्रमश: 7.3,8.2, 9.9 और 9.8 प्रतिशत रही। आज सेवाओं का सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा 54.1% है। विनिर्माण के क्षेत्र में उत्पादने वर्ष 2004-05 के 7.1% की तुलना में 2005-06 में 9.4% की दर से बढ़ा है। शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक भी बढ़ (UPBoardSolutions.com) रहा है। यह 2004 ई० में 11% बढ़ा और 2005 ई० में 36% 6 फरवरी, 2006 ई० को दस हजार के अंक के ऊपर चला गया और बारह हजार के अंक तक चढ़ने के बाद ही गिरा। सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात के रूप में निवेश वर्ष 2004-05 में 30.1% तक हो गया था।

दसवीं पंचवर्षीय योजना की समीक्षा के आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह योजना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक सीमा तक अवश्य सफल हुई है।

प्रश्न 4.
भारत में पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालिए।
या
पंचवर्षीय योजनाओं के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर :
भारत में पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्य स्वतन्त्रता के पश्चात् देश का तेजी से आर्थिक विकास करने के लिए भारत में सरकारी स्तर पर सर्वप्रथम 1950 ई० में योजना आयोग की स्थापना की गयी। भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू इसके अध्यक्ष थे। देश की पहली पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल, 1951 ई० से आरम्भ हुई। भारत में पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्य निम्नलिखित रहे हैं –

1. उपलब्ध साधनों का सर्वोत्तम प्रयोग – भारत के सीमित उपलब्ध साधनों का पूर्ण दोहन नहीं हो पाया है; अत: उपलब्ध साधनों का अधिकतम और श्रेष्ठतम उपयोग योजनाबद्ध दोहन का प्रमुख पहलू

2. राष्ट्रीय आय तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करना – देश की गरीबी को दूर करने के लिए प्रत्येक योजना में राष्ट्रीय आय तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

3. जनसंख्या-वृद्धि पर नियन्त्रण – देश में तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इसलिए प्रत्येक योजना में जनसंख्या वृद्धि को रोकने की प्रयत्न किया गया है।

4. जनता के जीवन-स्तर में सुधार करना – राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करके तथा जन्म-दर में कमी करके जीवन-स्तर को ऊँचा उठाना योजनाओं का उद्देश्य रहा है।

5. समाजवादी समाज की स्थापना – भारत की पंचवर्षीय योजनाओं का उद्देश्य समाजवादी समाज की स्थापना रहा है; अर्थात् इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि आर्थिक विकास का लाभ कुछ लोगों को न मिलकर सम्पूर्ण समाज़ के विशेष (UPBoardSolutions.com) रूप से पिछड़े और निर्धन लोगों को अधिक मिल सके।

6. सार्वजनिक क्षेत्र का विस्तार – भारत सरकार की नीति सार्वजनिक क्षेत्र के विस्तार की रही है। सरकारी क्षेत्र में इस्पात, रसायन, उर्वरक, तेल इत्यादि कारखानों की स्थापना, यातायात और संचार सेवाएँ, सिंचाई की सुविधा, सरकारी विपणन, बैंक व बीमा की सरकारी सेवाएँ इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रदान की गयी हैं।

7. रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना – नियोजन काल में नये-नये उद्योगों की स्थापना, पुराने उद्योगों और कृषि का सुधार, सरकारी कारखानों की संख्या में वृद्धि, कुटीर उद्योगों का विस्तार आदि का उद्देश्य रोजगार की अधिकाधिक सुविधाएँ प्रदान करना रहा है, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि की जा सके तथा बढ़ती हुई बेरोजगारी कम हो सके।

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8. आर्थिक समानता लाना – योजनाओं में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि योजनाओं का लाभ समाज के पिछड़े और गरीब लोगों को अधिक-से-अधिक मिल सके। इससे आर्थिक असमानता दूर होगी; क्योंकि समाज के कमजोर वर्गों का कल्याण सरकार ही कर सकती है।

9. जन-सुविधाओं का विस्तार – आर्थिक समानता लाने के लिए देश के पिछड़े हुए क्षेत्रों में, गाँवों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति व पिछड़े वर्गों के लोगों के लिए विभिन्न योजनाओं के द्वारा अच्छा भोजन, वस्त्र, मकान, स्कूल, अस्पताल, बिजली, पक्की सड़कें इत्यादि जन-सुविधाओं को निरन्तर बढ़ाया जा रहा है।

10. कल्याणकारी राज्य की स्थापना – देश की योजनाओं का उद्देश्य कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है। विशेषतः पाँचवीं और छठी योजना में जिस न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम पर बल दिया गया था उसका उद्देश्य देश की जनता के कल्याण को सरकारी स्तर पर बढ़ाना है। इसमें आवश्यक वस्तुओं की वितरण-व्यवस्था को सुधारना, गरीबों को उचित मूल्य पर वस्तुएँ प्रदान करना, मूल्य तथा मजदूरी आय में सन्तुलन लाना, शिक्षा, स्वास्थ्य व पौष्टिक आहार, पीने के पानी व आवास, वृद्धावस्था व अन्य आपत्तियों के समय सहायता करना इत्यादि से जन-कल्याण में वृद्धि की जा रही है। यही कल्याणकारी राज्य का उद्देश्य होता है।

11. आत्मनिर्भरता की प्राप्ति – यद्यपि योजना के प्रारम्भ से ही देश में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने का उद्देश्य रखा गया, लेकिन तीसरी योजना-अवधि में इस पर विशेष बल दिया गया कि बिना विदेशी सहायता के देश अपने पैरों पर खड़ा होकर आर्थिक विकास करे।

प्रश्न 5.
आर्थिक नियोजन की विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
या
आर्थिक नियोजन की किन्हीं तीन विशेषताओं का वर्णन कीजिए। [2010, 13, 17]
उत्तर :
आर्थिक नियोजन की विशेषताएँ आर्थिक नियोजन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

1. निश्चित उद्देश्य के लिए – आर्थिक नियोजन की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सदैव विचारयुक्त होता है तथा इसका एक निश्चित उद्देश्य होता है। ये उद्देश्य भिन्न-भिन्न हो सकते हैं; जैसे-आर्थिक विकास की गति तीव्र करना या पूर्ण रोजगार (UPBoardSolutions.com) की स्थिति प्राप्त करना आदि।

2. केन्द्रीय नियोजन सत्ता – नियोजन के लिए यह आवश्यक है कि देश में एक केन्द्रीय सत्ता हो, जो नियोजन का कार्य करे। भारत में योजना आयोग इस कार्य को करता है।

3. सम्पूर्ण नियोजन – नियोजन सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था का होता है। यह केवल कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए अर्थात् नियोजन आंशिक नहीं होना चाहिए।

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4. साधनों का विवेकपूर्ण विभाजन – आर्थिक नियोजन के अन्तर्गत देश के सीमित साधनों का विवेकपूर्ण बँटवारा इस ढंग से किया जाता है, जिससे सामाजिक कल्याण अधिकतम किया जा सके।

5. नियोजन उत्पादन तक ही सीमित नहीं – एक नियोजित अर्थव्यवस्था में उत्पादन के साथ-साथ वितरण का भी नियोजन किया जाता है। नियोजन जहाँ इस बात को निश्चित करता है कि क्या और कितना उत्पन्न किया जाए, वहाँ वह इस बात को भी निश्चित करता है कि बँटवारा किन लोगों के बीच किया जाए।

6. नियन्त्रण आवश्यक – अपने उद्देश्यों एवं लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में नियन्त्रण लगाये जाते हैं।

7. जनसहयोग आवश्यक – आर्थिक नियोजन की सफलता के लिए जनता का सहयोग आवश्यक होता है। बिना जनता के सहयोग के आर्थिक नियोजन की प्रक्रिया सफल नहीं हो सकती।

8. दीर्घकालीन प्रक्रिया – आर्थिक नियोजन एक दीर्घकालीन प्रक्रिया है। यह तभी सफल होती है, जबकि इसका आयोजन सतत व लम्बे समय के लिए किया जाए।

प्रश्न 6.
नवीं पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य, वित्त-व्यवस्था एवं उपलब्धियों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर :

नवीं पंचवर्षीय योजना (सन् 1997-2002 ई०)

नवीं पंचवर्षीय योजना 1997 ई० से आरम्भ हुई थी और यह 2002 ई० (UPBoardSolutions.com) तक चली। इस योजना के उद्देश्य (प्राथमिकताएँ) तथा लक्ष्य निम्नलिखित थे
उद्देश्य – नवीं पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य (प्राथमिकताएँ) निम्नलिखित थे –

  1. पर्याप्त उत्पादक रोजगार सृजित करना
  2. कृषि एवं ग्रामीण विकास
  3. निर्धनता का उन्मूलन
  4. सभी के लिए स्वच्छ पेयजल
  5. प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ
  6. सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा
  7. आवास की सुविधाओं सहित न्यूनतम आवश्यकताओं की समयबद्ध आपूर्ति
  8. जनसंख्या-वृद्धि पर अंकुश
  9. महिलाओं व दलित वर्ग का उत्थान
  10. मूल्यों में स्थिरता आदि। नवीं पंचवर्षीय योजना की असफलताएँ एवं उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं

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1. आठवीं पंचवर्षीय योजना में सकल घरेलू उत्पाद की दर लगभग 6.7% थी, जो नवीं योजना में घटकर 5.35% हो गयी।
2. नवीं पंचवर्षीय योजना में कृषि विकास दर आठवीं पंचवर्षीय योजना के 4.7% से घटकर 2.1% रह गयी, जब कि संशोधित लक्ष्य 3.7% का था।
3. नवीं योजना में सार्वजनिक क्षेत्र में परिव्यय का आकार 18% घटा दिया गया।
4. नंवीं योजना में विनिर्माण क्षेत्र में विकास-दर आठवीं योजना के 7.6% से घटकर 4.5% रह गयी, जब कि लक्ष्य 8.2% का था।
5. नवी योजना बचत एवं निवेश के लक्ष्य को भी प्राप्त नहीं कर सकी। सकल (UPBoardSolutions.com) घरेलू उत्पाद में बचत-दर 23.3% रही, जब कि लक्ष्य 26.3% का था। इसी प्रकार सकल घरेलू उत्पाद में निवेश-दर 24.2% रही, जब कि लक्ष्य 28.3% का था।
6. नवीं योजना में बेरोजगारी की दर में भी वृद्धि हुई।
7. नवीं योजना में कर और सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में कमी आयी, परन्तु व्यय और सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में तुलनात्मक रूप से अधिक वृद्धि हुई।
8. नवीं योजना निर्यात-क्षेत्र में भी असफल सिद्ध हुई। 11.8% वृद्धि के लक्ष्य की तुलना में निर्यातों में मात्र 5% की वृद्धि हुई। संक्षेप में, नवी योजना अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रही।

प्रश्न 7.
भारतीय आर्थिक नियोजन की उपलब्धियों पर निबन्ध लिखिए।
या
आर्थिक नियोजन की किन्हीं तीन उपलब्धियों का वर्णन कीजिए। [2011, 13, 17]
या
योजना-काल में भारत के आर्थिक विकास पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :

आर्थिक नियोजन की उपलब्धियाँ

भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951-52 ई० में आरम्भ हुई थी। नियोजित विकास के वर्षों के दौरान देश के आर्थिक विकास के प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं –

1. विकास दर – कुछ पंचवर्षीय योजनाओं को छोड़कर हम निर्धारित विकास दर को प्राप्त करने में सफल रहे हैं। प्रथम योजना काल में प्राप्त विकास दर 3.6% वार्षिक थी, जब कि लक्ष्य 2.1% वार्षिक का था। इसी प्रकार नवीं योजना में प्राप्त आर्थिक (UPBoardSolutions.com) विकास की दर का लक्ष्य 9 प्रतिशत है।

2. राष्ट्रीय आय – शुद्ध राष्ट्रीय आय में 6.8 गुनी वृद्धि हुई है। वर्ष 2010-11 में राष्ट्रीय आय (चालू मूल्यों पर) ₹ 6466860 करोड़ है। अतः सम्पूर्ण योजना-काल में शुद्ध राष्ट्रीय आय में निरन्तर वृद्धि हुई है।

3. प्रति व्यक्ति आय – इसमें चार गुनी वृद्धि हुई है। जनसंख्या में तीव्र वृद्धि होने के कारण प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि-दर आशा से कम ही रही है।

4. सकल घरेलू उत्पाद – सकल घरेलू उत्पाद में 6.9 गुनी वृद्धि हुई है।

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5. खाद्यान्न उत्पादन – यह 550 लाख टन (1950-51) से बढ़कर 2003-04 ई० में 2,135 लाख टन . हो गया है। वाणिज्यिक फसलों में आशातीत वृद्धि हुई है।

6. सिंचाई क्षमता – सन् 1950-51 ई० में बड़ी, मझोली और छोटी योजनाओं की कुल क्षमता 2 करोड़ 26 लाख हेक्टेयर थी, जो दसवीं योजना की मध्यावधि तक 8 करोड़ 93 लाख 10 हजार हेक्टेयर तक पहुँच गयी है।

7. विद्युत उत्पादन-क्षमता – 11वीं योजना में 62,374 मेगावाट के संशोधित क्षमता निर्माण के लक्ष्य के मुकाबले 54,964 मेगावट क्षमता बढ़ायी जा चुकी है, जिसमें केन्द्रीय क्षेत्र में 15,220 मेगावट, राज्य क्षेत्र में 16,732 मेगावाट और निजी क्षेत्र में 23,012 मेगावाट रहा। यह 10वीं योजना के मुकाबले ढाई गुना अधिक है। 2012 में प्रतिस्थिापित विद्युत क्षमता 1400 मेगावाट थी जो 31 मई, 2012 को बढ़कर 20297.03 मेगावाट हो गई, जिसमें 39,060.40 मेगावाट जल विद्युत, 134,635.18 मेगावाट तापीय । (गैस और डीजल सहित) बिजली, 4780.00 मेगावाट परमाणु ऊर्जा और 24,503.45 मेगावाट पवन सहित नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है।

8. औद्योगिक विकास – सन् 1948 ई० के औद्योगिक नीति प्रस्ताव के साथ औद्योगिक विकास कार्यक्रम का आरम्भ हुआ। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र को प्रोत्साहन दिया गया। सन् 1956 ई० के औद्योगिक नीति प्रस्ताव में भी सार्वजनिक क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए निजी क्षेत्र के विकास की. व्यवस्था की गयी। सन् 1993 ई० की औद्योगिक नीति के बाद से भारतीय उद्योगों को मजबूती प्रदान करने तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की प्रक्रिया तेज हुई। फलतः अप्रैल, 2001 ई० से औद्योगिक नीति को अधिक उदार बनाया जा रहा है। अधिकांश उद्योगों में लाइसेन्स व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है। रक्षा, पेट्रोलियम, (UPBoardSolutions.com) परमाणु, खनिज तथा रेल क्षेत्र को छोड़कर सभी उद्योगों को लाइसेन्स मुक्त कर दिया गया है। विदेशी पूँजी निवेश को बढ़ावा दिया गया है। परिणामतः सभी उद्योगों में उत्पादन की वृद्धि हुई है।

9. परिवहन एवं संचार – परिवहन एवं संचार के क्षेत्र में योजनी-काल में उल्लेखनीय प्रगति हुई। रेलवे लाइनों की लम्बाई 76,197 किमी, सड़कों की लम्बाई 33 लाख किमी तथा जहाजरानी की क्षमता 6.28 लाख G.R.T. हो गयी। हवाई परिवहन, बन्दरगाहों की स्थिति और आन्तरिक जलमार्गों को भी विकास किया गया है। संचार-व्यवस्था के अंन्तर्गत विकास के क्षेत्रों में डाकखानों, टेलीफोन, टेलीग्राफ, रेडियो स्टेशन एवं प्रसारण केन्द्रों की संख्या में भी पर्याप्त वृद्धि हुई है।

10. शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएँ – योजना-काल में शिक्षा का भी व्यापक प्रसार हुआ है। भारत में साक्षरता की दर 1951 ई० में 16.7% थी, जो 2011 ई० में 74.04% हो गयी। इसी प्रकार योजना-काल में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

11. बैंकिंग संरचना – योजना-काल में बैंकिंग संरचना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 30 जून, 1969 ई० को व्यापारिक बैंकों की शाखाओं की संख्या 8,262 थी; जो 30 जून, 2004 ई० को बढ़कर 67,283 हो गयी। राष्ट्रीयकरण के पश्चात् ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग शाखाओं का व्यापक विस्तार हुआ है।

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12. आत्मनिर्भरता – हमारा देश योजना-काल में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुआ है। पहले जिन वस्तुओं का आयात किया जाता था, आज वे वस्तुएँ हमारे देश में ही बनने लगी हैं खाद्यान्न उत्पादन में हमारा देश लगभग आत्मनिर्भर हो चुका है तथा विदेशी सहायता में भी कमी आयी है।

13. सामाजिक न्याय – हमारे देश में आर्थिक नियोजन का लक्ष्य ‘सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक विकास’ रहा है। योजना-काल में समाज के निर्धन वर्ग के उत्थान के लिए तथा गरीबी व बेरोजगारी जैसी भयावह समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएँ चालू की गयी हैं, जिनके सार्थक परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं।

प्रश्न 8.
बारहवीं पंचवर्षीय योजना का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए। [2013]
उत्तर :
बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017)–भारत की 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के निर्माण की दिशा का मार्ग अक्टूबर 2011 में उस समय प्रशस्त हो गया जब इस योजना के दृष्टि पत्र (दृष्टिकोण पत्र/दिशा पत्र/Approach Paper) को राष्ट्रीय विकास परिषद् (NDC) ने स्वीकृति प्रदान कर दी। 1 अप्रैल, 2012 से प्रारम्भ हो चुकी इस पंचवर्षीय योजना के दृष्टि पत्र को योजना आयोग की 20 अगस्त, 2011 की बैठक में स्वीकार कर लिया था तथा केन्द्रीय मन्त्रिपरिषद् ने इसका अनुमोदन 15 सितम्बर, 2011 की अपनी बैठक में किया था। प्रधानमन्त्री डॉ० मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विकास परिषद् की नई दिल्ली में 22 अक्टूबर, 2011 को सम्पन्न हुई इस 56वीं बैठक में दिशा पत्र को कुछेक शर्तों के साथ स्वीकार किया गया। राज्यों द्वारा सुझाए गए कुछ संशोधनों को समायोजन योजना दस्तावेज तैयार करते समय योजना आयोग द्वारा किया जायेगा। 12वीं पंचवर्षीय योजना में वार्षिक विकास दर का लक्ष्य 9 प्रतिशत है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्यों के सहयोग (UPBoardSolutions.com) की अपेक्षा प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने की है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि, उद्योग व सेवाओं के क्षेत्र में क्रमशः 4.0 प्रतिशत, 9.6 प्रतिशत व 10.0 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि प्राप्त करने के लक्ष्य तय किये गये हैं। इनके लिए निवेश दर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की 387 प्रतिशत प्राप्त करनी होगी। बचत की दर जीडीपी के 36.2 प्रतिशत प्राप्त करने का लक्ष्य दृष्टि पत्र में निर्धारित किया गया है। समाप्त हुई 11वीं पंचवर्षीय योजना में निवेश की दर 36.4 प्रतिशत तथा बचत की दर 34.0 प्रतिशत रहने का अनुमान था। 11वीं पंचवर्षीय योजना में वार्षिक विकास दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। 11वीं पंचवर्षीय योजना में थोक मूल्य सूचकांक (Wholesale Price Index) में औसत वार्षिक वृद्धि लगभग 6.0 प्रतिशत अनुमानित था, जो 12वीं पंचवर्षीय योजना में 4.5 – 5.0 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य है। योजनावधि में केन्द्र सरकार को औसत वार्षिक राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.25 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य इस योजना के दृष्टि पत्र में निर्धारित किया गया है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आर्थिक नियोजन से क्या तात्पर्य है ? स्पष्ट कीजिए। [2009, 13, 14, 17, 18]
उत्तर :
नियोजन का शाब्दिक अर्थ ‘पहले से आयोजन करना है। यह एक ऐसी विवेकपूर्ण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य किसी ‘न्यायपूर्ण आर्थिक विकास एवं अधिकतम सामाजिक कल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करना है। आर्थिक नियोजन को निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है –

आर्थिक नियोजन से आशय पूर्व-निर्धारित और निश्चित सामाजिक और आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अर्थव्यवस्था के सभी अंगों को एकीकृत और समन्वित करते हुए राष्ट्र के संसाधनों के सम्बन्ध में सोच-विचारकर रूपरेखा तैयार करने और (UPBoardSolutions.com) केन्द्रीय नियन्त्रण से है।”

प्रश्न 2.
पंचवर्षीय योजनाओं से देश को क्या लाभ हुआ है ? [2014]
या
आर्थिक नियोजन के दो लाभों का उल्लेख कीजिए। [2009, 16, 17]
या
पंचवर्षीय योजनाओं के चार लाभों का उल्लेख कीजिए। [2014]
उत्तर :
पंचवर्षीय योजनाओं से देश को निम्नलिखित लाभ हुए हैं –

  1. उपलब्ध सीमित संसाधनों का दोहन एवं सर्वोत्तम उपयोग सम्भव हुआ है।
  2. कृषि जो देश के अर्थतन्त्र की रीढ़ है, उसका विकास हुआ है। कृषि उत्पादकता तथा उत्पादन में वृद्धि होने से देश खाद्यान्नों में आत्मनिर्भर बन सका है। वाणिज्यिक फसलों का उत्पादन बढ़ने से कृषिपरक उद्योगों में भी विस्तार एवं वृद्धि हुई है।
  3. उद्योगों का विकास हुआ है। इससे देश की आर्थिक समृद्धि में वृद्धि हुई है।
  4. उद्योगों के नियोजित विकास से विदेशी व्यापार भी विकसित हुआ है।
  5. देश में परिवहन तथा संचार के साधनों तथा ऊर्जा उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।
  6. आर्थिक विकास के फलस्वरूप रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
  7. शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध, अनुसन्धान तथा तकनीकी क्षेत्रों में प्रगति के कारण देश का सामाजिक विकास सम्भव हुआ है।
  8. देशवासियों को जीवनस्तर ऊँचा उठा है।
  9. नियोजन काल में भारत में राष्ट्रीय आय एवं प्रति व्यक्ति आय दोनों में वृद्धि हुई है। इस प्रकार पंचवर्षीय योजनाओं के अन्तर्गत भारत में तीव्र आर्थिक विकास हुआ है।
  10. देश में निवेश की मात्रा एवं निवेश-दर में निरन्तर वृद्धि (UPBoardSolutions.com) हुई है, जिससे देश का आर्थिक विकास हुआ है।
  11. नियोजन काल में देश के बड़े-बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया। राष्ट्रीयकरण के पश्चात् बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ हुई एवं उसका व्यापक विस्तार हुआ।
  12. ग्रामों का विद्युतीकरण, जल-व्यवस्था एवं गरीबी की रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों को ऊपर उठाने के प्रयास किये गये, जिनका लाभ समाज के कमजोर लोगों को प्राप्त हुआ है।

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प्रश्न 3.
विभिन्न योजना-काल की प्राथमिकताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
भारत की विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं में यद्यपि विकास का उद्देश्य समान रूप से देखने को मिलता है, लेकिन भिन्न-भिन्न योजनाओं की प्राथमिकताओं में भी परिवर्तन किये गये, जो निम्नलिखित हैं –

  1. पहली योजना में कृषि विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी।
  2. दूसरी योजना में औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी गयी।
  3. तीसरी योजना में कृषि एवं उद्योग दोनों को प्राथमिकता दी गयी।
  4. चौथी योजना में कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी।
  5. पाँचवीं योजना में गरीबी उन्मूलन, औद्योगिक विकास एवं खनन को प्राथमिकता दी गयी।
  6. छठी योजना में गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता को प्रमुख लक्ष्य रखा गया।
  7. सातवीं योजना में आधारभूत वस्तुओं के उत्पादन को प्राथमिकता दी गयी।
  8. आठवीं योजना में रोजगार वृद्धि को प्राथमिकता दी गयी।
  9. नवी योजना में मानव संसाधनों के विकास पर (UPBoardSolutions.com) विशेष बल दिया गया।
  10. दसवीं योजना में सभी को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
  11. ग्यारहवीं योजना का प्रमुख उद्देश्य सभी गाँवों को फोन व ब्रॉड बैंड सुविधा देना था।
  12. बारहवीं योजना में वार्षिक विकास दर का लक्ष्य 9% रखा गया है।

प्रश्न 4.
आर्थिक नियोजन के मार्ग में आने वाली कठिनाइयों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
यद्यपि ग्यारह पंचवर्षीय योजनाएँ एवं सात एकवर्षीय योजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और बारहवीं पंचवर्षीय योजना कार्यरत है, तथापि हम नियोजन के लक्ष्यों को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं कर पाये हैं। देश में आर्थिक नियोजन के मार्ग में प्रमुख निम्नलिखित कठिनाइयाँ हैं –

  1. जनसंख्या में तीव्र वृद्धि के कारण प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की गति धीमी रही है।
  2. मूल्यों में तीव्र और निरन्तर वृद्धि ने योजनाओं की लागत को तेजी से बढ़ाया है।
  3. सार्वजनिक उपक्रमों का निष्पादन घटिया और अकुशल रहा है।
  4. श्रम-शक्ति में वृद्धि के अनुपात में रोजगार के अवसरों में वृद्धि नहीं हो पायी है।
  5. आर्थिक विषमताओं की बढ़ती खाई ने ‘सामाजिक न्याय के लक्ष्य को झुठला दिया है।
  6. सरकार की नियन्त्रण नीति दोषपूर्ण ही नहीं, अपितु एकांगी रही है। निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि लगभग सभी योजनाएँ विशाल आकार की रही हैं। इनका निर्माण भी गलत धारणाओं पर आधारित रहा है और योजनाओं की सफलता को आँकड़ों के माध्यम से दिखाने का प्रयास किया गया है।

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प्रश्न 5.
आर्थिक नियोजन को सफल बनाने के लिए आप क्या सुझाव देंगे ?
उत्तर :
भारत में आर्थिक नियोजन को सफल बनाने के लिए कुछ सुझाव दिये जा सकते हैं, जो निम्नलिखित हैं –

  1. आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं उनके मूल्यों पर प्रभावी नियन्त्रण स्थापित किया जाना चाहिए।
  2. शिक्षा-प्रणाली को कार्यपरक बनाया जाना चाहिए।
  3. आर्थिक नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
  4. जनता का पूर्ण सहयोग प्राप्त करने के लिए प्रयास किये जाने चाहिए।
  5. सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्योगों में उचित समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए।
  6. गाँवों में गैर-कृषि क्षेत्रों (दुग्ध उद्योग, मुर्गीपालन, कुटीर उद्योग) का विकास किया जाना चाहिए।
  7. केन्द्र एवं राज्यों के बीच उचित सम्बन्ध स्थापित किये जाने (UPBoardSolutions.com) चाहिए, जिससे सम्पूर्ण राष्ट्र के समन्वित आर्थिक विकास को गति दी जा सके।
  8. योजनाओं का निर्माण साधनों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
  9. प्रशासकीय व्यवस्था को चुस्त एवं दुरुस्त किया जाना चाहिए।
  10. वित्त-प्रधान योजनाओं के साथ-साथ भौतिक योजनाओं की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रश्न 6.
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उतर :
ग्यारहवीं योजना (2007-2012)–19 दिसम्बर, 2007 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विकास परिषद् की 54वीं बैठक में 11वीं पंचवर्षीय योजना के प्रारूप को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया।

प्रमुख लक्ष्य

  1. 2012 तक सभी गाँवों को टेलीफोन से जोड़ना और ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराना।
  2. सभी गाँवों व निर्धनता रेखा से नीचे के परिवारों को 2009 तक बिजली व योजना के अंत तक 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना।
  3. 2012 तक सभी भूमिहीनों को घर और जमीन उपलब्ध कराना।
  4. 0-3 वर्ष के बच्चों में कुपोषण को घटाकर आधा करना।
  5. प्रजनन दर को घटाकर 2-1 करना।
  6. वर्ष 2009 तक सभी को पीने का पानी उपलब्ध कराना।
  7. मातृ मृत्यु-दर को घटाकर 2 प्रतिशत करना और मातृ मृत्यु-अनुपात को एक हजार पर एक करना।
  8. विकास दर का लक्ष्य 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष
  9. 5.8 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
  10. 2011-2012 तक प्राथमिक शिक्षा में बीच में स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में 52.2 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत की कटौती करना।
  11. उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या 10 से बढ़ाकर (UPBoardSolutions.com) 15 प्रतिशत करना।
  12. महिलाओं के लिए केन्द्र सरकार की योजनाओं में प्रत्यक्ष तौर पर 33 प्रतिशत आरक्षण करना।

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प्रश्न 7.
भारत में योजना आयोग की स्थापना क्यों की गयी ? दो कारण दीजिए।
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध एवं स्वतन्त्रता-प्राप्ति के बाद भारत की आर्थिक स्थिति अत्यधिक बिगड़ चुकी थी और सरकार के सामने अनेक समस्याएँ एवं कठिनाइयाँ मुँह खोले खड़ी थीं। इन समस्याओं के समाधान हेतु 1950 ई० में भारत में योजना आयोग की स्थापना की गयी। योजना आयोग की स्थापना के दो प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं

1. आर्थिक संसाधनों के उचित प्रयोग के लिए – भारत में आर्थिक संसाधन प्रंचुर मात्रा में हैं, किन्तु उनका अभी तक सदुपयोग नहीं हुआ है। आर्थिक नियोजन का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि हमारे प्राकृतिक (आर्थिक) संसाधनों का विवेकपूर्ण तथा इष्टतम उपयोग हो सकेगा।

2. राष्ट्रीय आय में वृद्धि के लिए – भारत एक जनसंकुल देश है। प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से यह विश्व के निर्धन देशों में गिना जाता है। राष्ट्रीय तथा प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लिए आर्थिक नियोजन की बहुत आवश्यकता है।

प्रश्न 8.
तृतीय पंचवर्षीय योजना की वित्त-व्यवस्था लिखिए।
उत्तर :
तृतीय योजना के लक्ष्यों में खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना, आधारभूत उद्योगों का विस्तार करना, मशीनरी उद्योगों की स्थापना करना, बेरोजगारी दूर करना, आर्थिक विषमताओं को यथासम्भव कम करना, राष्ट्रीय आय में वृद्धि करना आदि थे। किन्तु इन लक्ष्यों में भी वांछित सफलता न मिल सकी। चीन (1962 ई०) तथा पाकिस्तान (1965 ई०) के आक्रमणों के कारण देश का विकास बाधित रहा। इन युद्धों के कारण महँगाई में 25% की वृद्धि हुई, विदेशी मुद्रा का अभाव उत्पन्न हुआ तथा अर्थव्यवस्था पर वित्तीय बोझ बढ़ा। इस अवधि में दो बार सूखा पड़ा, जिससे खाद्यान्न उत्पादन पूर्ववत् रहा तथा विदेशों से अनाज का भारी आयात करना पड़ा। तृतीय योजना का काल भारतीय अर्थव्यवस्था (UPBoardSolutions.com) के लिए कठिनाइयों का काल रहा। अधिक व्यय के बाद भी सामान्य रूप से इस योजना की प्रगति निराशाजनक रही। परिणामस्वरूप इस योजना-काल में केवल आंशिक सफलताएँ ही प्राप्त हुईं।

तीन वार्षिक योजनाएँ–सन् 1966 से 1969 ई० तक तीन वर्षों के लिए योजनाओं को स्थगित कर दिया गया। इसके लिए प्रमुख कारण थे(i) तृतीय योजना-अवधि में हुए दो युद्ध तथा (ii) वर्ष 1966-67 के दौरान पड़े दो सूखे। इन वार्षिक योजनाओं का प्रमुख उद्देश्य स्वयं स्फूर्त विकास, पूर्ण रोजगार तथा आर्थिक विषमताओं की समाप्ति के लिए सुदृढ़ आधार प्रदान करना था। यद्यपि इन वार्षिक योजनाओं की अवधि में साधनों का अभाव रहा, जिससे विकास की गति मन्द रही; तथापि इन योजनाओं ने चौथी पंचवर्षीय योजना को एक ठोस आधार प्रदान किया।

प्रश्न 9.
आठवीं पंचवर्षीय योजना के प्रमुख लक्ष्य क्या थे ?
उत्तर :
आठवीं योजना में मानव संसाधन विकास पर विशेष बल दिया गया। इसके लिए गाँवों में पेयजल उपलब्ध कराना, सिर पर मैला उठाने की कुप्रथा को दूर करना, पर्यावरण स्वच्छ रखना, परिवहन, ऊर्जा, सिंचाई आदि का प्रसार करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार तथा समाजकल्याण की योजनाओं का विकास करना, खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता पैदा करना, 15-35 वर्ष के आयु-वर्ग के सभी व्यक्यिों को साक्षर बनाना आदि मुख्य लक्ष्य निर्धारित किये गये। किन्तु ये उपलब्धियाँ पूर्णरूप में प्राप्त न हो सकीं। गरीबों और दलितों को अपेक्षित लाभ न मिल सका, क्षेत्रीय विषमताओं में वृद्धि हुई, कृषि विकास के बावजूद कुल सम्भावनाओं का दोहन नहीं किया जा सका तथा अन्य आधारभूत क्षेत्रों के लक्ष्य भी अधूरे रहे। इस योजना की प्रमुख उपलब्धियाँ इस प्रकार रहीं–साधन-लागत पर जीडीपी (UPBoardSolutions.com) की वृद्धि दर लक्ष्य से अधिक रही। कृषि क्षेत्र में विकास की औसत वृद्धि दर तथा औद्योगिक क्षेत्र में औसत संवृद्धि दर लक्ष्य से अधिक रही। सेवा-क्षेत्र में भी औसत वार्षिक वृद्धि दर लक्ष्य से अधिक रही।

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प्रश्न 10
महिला समृद्धि योजना पर टिप्पणी लिखिए। [2014]
उत्तर :
ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2 अक्टूबर 1993 ई० को महिला समृद्धि योजना आरम्भ की गई थी। इसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं में बचत की आदत डालना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। हालांकि प्रारम्भ के दो वर्षों में इस योजना का प्रदर्शन निराशाजनक था परन्तु वर्तमान में यह योजना सफल भी हो रही है। इस योजना के अन्तर्गत 18 वर्ष से ऊपर उम्र की महिलाएँ अपना बचत खाता खोल सकती हैं। यह खाता निकटतम डाकघर में एक न्यूनतम धनराशि द्वारा 4 वर्ष या उसके गुणक में खोला जा सकता है। इस योजना के अन्तर्गत यदि खाताधारक महिला प्रथम वर्ष में धनराशि नहीं निकालती है तो उसमें जमाधन की 25% राशि सरकार उसे प्रोत्साहन के रूप में प्रदान करती है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रथम पंचवर्षीय योजना की कार्य-अवधि क्या थी ? [2013, 16]
उत्तर :
1 अप्रैल, 1951 ई० से 31 मार्च, 1956 ई० तक।

प्रश्न 2.
भारत की कौन-सी पंचवर्षीय योजना एक वर्ष पूर्व समाप्त हो गयी थी ?
उत्तर :
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना को एक वर्ष पूर्व समाप्त कर दिया गया।

प्रश्न 3.
दसवीं पंचवर्षीय योजना की समयावधि क्या थी ?
उत्तर :
1 अप्रैल, 2002 से 31 मार्च, 2007 तक।

प्रश्न 4.
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना की कार्य-अवधि क्या थी?
उत्तर :
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल, 2007 से 31 मार्च, 2012 तक चली।

प्रश्न 5.
भारत में योजना आयोग की स्थापना कब और क्यों हुई ? एक उद्देश्य लिखिए।
उत्तर :
भारत में योजना आयोग की स्थापना सन् (UPBoardSolutions.com) 1950 ई० में हुई थी। इसका एक उद्देश्य देश में रोजगार अवसरों का विस्तार करना था।

प्रश्न 6
आर्थिक नियोजन के किन्हीं दो लाभों को लिखिए। [2009, 16, 17] 
उत्तर :

  1. उपलब्ध सीमित संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग किया जाता है।
  2. आर्थिक नियोजन के द्वारा आर्थिक विकास की गति को तीव्र किया जा सकता है।

प्रश्न 7.
भारतीय आर्थिक आयोजन की किन्हीं तीन असफलताओं की ओर संकेत कीजिए।
उत्तर :
भारतीय आर्थिक आयोजन की तीन असफलताएँ इस प्रकार हैं-

  1. प्रति व्यक्ति वास्तविक आय में असन्तोषजनक प्रगति
  2. धन तथा आय की असमानता में वृद्धि तथा
  3. जनसंख्या पर नियन्त्रण तथा बेरोजगारी की समस्या के समाधान में असफलता।

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प्रश्न 8.
पंचवर्षीय योजना क्या है ?
उत्तर :
आर्थिक योजना का वह प्रारूप जिसकी अवधि 5 (UPBoardSolutions.com) वर्ष होती है; अर्थात् जिसमें लक्ष्य प्राप्ति की अवधि 5 वर्ष रखी जाती है, पंचवर्षीय योजना कहलाती है।

प्रश्न 9.
छठवीं पंचवर्षीय योजना का प्रारम्भ कब हुआ ?
उत्तर :
छठवीं पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल, 1980 ई० को प्रारम्भ हुई थी।

प्रश्न 10.
आठवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि लिखिए।
उत्तर :
आठवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि थी-1 अप्रैल, 1992 से 31 मार्च, 1997 ई० तक।

प्रश्न 11.
आठवीं योजना के दो मुख्य उद्देश्य लिखिए।
उत्तर :
आठवीं योजना के दो मुख्य उद्देश्य थे—

  1. जनसंख्या-वृद्धि दर को नियन्त्रित करना तथा
  2. रोजगार के अधिकाधिक अवसरों का सृजन करना।

प्रश्न 12.
देश की कौन-सी पंचवर्षीय योजना केवल चार वर्ष चली ?
उत्तर :
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना केवल चार वर्ष चली थी।

प्रश्न 13.
नवीं योजना का कार्यकाल क्या था ?
उत्तर :
नवीं योजना का कार्यकाल 1 अप्रैल, 1997 से 31 मार्च, 2002 ई० था।

प्रश्न 14.
नवीं पंचवर्षीय योजना में उद्योगों के विकास पर व्यय हेतु कितनी धनराशि प्रस्तावित की गयी है ?
उत्तर :
नवीं पंचवर्षीय योजना (संशोधित) में उद्योग व खनिज पर (UPBoardSolutions.com) ₹ 69,972 करोड़ का व्यय प्रस्तावित किया गया था।

प्रश्न 15.
दसवीं योजना के प्रमुख उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर :
दसवीं योजना में यह प्रमुख उद्देश्य रखा गया है कि विकास दर बढ़े और सामाजिक न्याय के उद्देश्य को पाया जा सके। दसवीं योजना में कृषि पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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प्रश्न 16.
भारत में योजना आयोग का पदेन अध्यक्ष कौन होता है ?
उत्तर :
भारत में योजना आयोग का पदेन अध्यक्ष भारत का प्रधानमन्त्री होता है।

प्रश्न 17.
आर्थिक नियोजन के दो उद्देश्य लिखिए। [2010, 12, 15, 18]
उत्तर :
आर्थिक नियोजन के दो उद्देश्य हैं –

  1. देश को आत्मनिर्भर बनाना तथा
  2. देश में रोजगार के अवसरों का विस्तार।

प्रश्न 18.
बारहवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि लिखिए। [2013]
उत्तर :
बारहवीं पंचवर्षीय योजना 2012 से 2017 ई० तक चलेगी।

प्रश्न 19.
भारतीय योजना आयोग के चार कार्य लिखिए। [2013]
या
योजना आयोग के दो प्रमुख कार्यों का उल्लेख कीजिए। [2009, 10, 11, 13]
उत्तर :
भारतीय योजना आयोग के अनेक उद्देश्य तथा कार्य हैं, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं

  1. देश में उपलब्ध समस्त भौतिक, आर्थिक तथा मानवीय संसाधनों का आकलन करना
  2. सभी संसाधनों के सन्तुलित तथा इष्टतम (UPBoardSolutions.com) उपयोग की योजना बनाना
  3. योजना को लागू करने के लिए प्रशासन तन्त्र की रूपरेखा बनाना
  4. योजना के प्रत्येक चरण पर उसके क्रियान्वयन का मूल्यांकन करना।

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बहुविकल्पीय प्रश्न

1. योजना आयोग कब गठित किया गया? [2009, 10, 14, 15, 16, 17]

(क) 1947 ई० में
(ख) 1948 ई० में
(ग) 1949 ई० में
(घ) 1950 ई० में

2. भारत में अब तक कुल कितनी पंचवर्षीय योजनाएँ लागू हो चुकी हैं? [2015, 16]

(क) दस
(ख) ग्यारह
(ग) बारह
(घ) तेरह

3. इस समय कौन-सी पंचवर्षीय योजना चल रही है?

(क) आठवीं
(ख) नवीं
(ग) दसवीं
(घ) बारहवीं

4. किस पंचवर्षीय योजना में प्रथम बार उद्योगों के विकास पर बल दिया गया?

(क) प्रथम
(ख) द्वितीय
(ग) तृतीय
(घ) चतुर्थ

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5. किस पंचवर्षीय योजना में गरीबी उन्मूलन को प्राथमिकता दी गई?

(क) तृतीय
(ख) चतुर्थ
(ग) पाँचवीं
(घ) छठी

6. रोजगार तथा पर्यावरण विकास किस पंचवर्षीय योजना की प्राथमिकता थे?

(क) आठवीं
(ख) सातवीं
(ग) छठी
(घ) नवीं

7. आठवीं पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल निम्नलिखित में से कौन-सा है?

(क) 1990-95 ई०
(ख) 1991-96 ई०
(ग) 1992-97 ई०
(घ) 1993-98 ई०

8. योजना आयोग का पदेन अध्यक्ष होता है [2009, 11, 12, 14, 15]

(क) योजना मन्त्री
(ख) राष्ट्रपति
(ग) उपराष्ट्रपति
(घ) प्रधानमन्त्री

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9. नवीं पंचवर्षीय योजना में कितने प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि-दर निर्धारित की गई थी?

(क) 6%
(ख) 8%
(ग) 7%
(घ) 5%

10. दसवीं पंचवर्षीय योजना में कितने प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि-दर निर्धारित की गई थी?

(क) 6%
(ख) 8%
(ग) 7%
(घ) 9%

11. निम्नलिखित में से कौन-सी पंचवर्षीय योजना निर्धारित समय से पहले समाप्त हो गई? [2015]

(क) तृतीय
(ख) चतुर्थ
(ग) पंचम
(घ) सातवीं

12. भारत की किस पंचवर्षीय योजना में प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक रही?

(क) द्वितीय
(ख) प्रथम
(ग) चतुर्थ
(घ) तृतीय

13. भारत की दसवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि क्या थी?

(क) 1995-2000 ई०
(ख) 1999-2004 ई०
(ग) 2001-2006 ई०
(घ) 2002-2007 ई०

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14. प्रधानमन्त्री रोजगार योजना कब आरम्भ की गई?

(क) पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में
(ख) सातवीं पंचवर्षीय योजना में
(ग) आठवीं पंचवर्षीय योजना में
(घ) नवीं पंचवर्षीय योजना में

15. आर्थिक नियोजन का अर्थ है [2015, 18]

(क) प्रत्येक व्यक्ति की आय को बराबर करना
(ख) संसाधनों का उचित उपयोग करना।
(ग) आर्थिक प्रतियोगिता को प्रोत्साहित करना
(घ) साम्प्रदायिक सद्भावना उत्पन्न करना

16. भारत में आर्थिक नियोजन का प्रमुख उद्देश्य है

(क) देश की सामाजिक कुरीतियों को दूर करना
(ख) हिन्दू धर्म का प्रसार करना
(ग) समाजवादी समाज की स्थापना करना
(घ) साम्प्रदायिक सद्भावना पैदा करनी

17. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना की समयावधि क्या थी?

(क) 2008-13
(ख) 2007-12
(ग) 2006-11
(घ) इनमें से कोई नहीं

18. बारहवीं पंचवर्षीय योजना की समयावधि क्या है? [2013]

(क) 2011-16
(ख) 2012-17
(ग) 2013-18
(घ) 2010-15

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19. निम्नलिखित में से कौन-सा आर्थिक नियोजन का प्रमुख उद्देश्य है? [2015, 18]

(क) आर्थिक प्रतियोगिता को प्रोत्साहित करना
(ख) संसाधनों का जनकल्याण में समुचित उपयोग करना
(ग) सामुदायिक सद्भाव उत्पन्न करना
(घ) राजनैतिक लक्ष्य प्राप्त करना।

20. ‘योजना आयोग’ के स्थान पर किस आयोग का गठन वर्ष 2015 में किया गया? [2018]

(क) वाणिज्य आयोग
(ख) नीति आयोग
(ग) वित्त आयोग
(घ) सूचना आयोग

21. राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) का अध्यक्ष कौन होता है? [2018]

(क) भारत का राष्ट्रपति
(ख) प्रधानमंत्री
(ग) वित्तमंत्री
(घ) मानव संसाधन विकास मंत्री

उत्तरमाला

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 6 (Section 4)

Hope given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 6 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. UP Board Solutions try to provide online tutoring for you.

UP Board Class 10th English Chapter 5 Question Answer Torch Bearers (W.M. Ryburn).

Class 10 English Prose Chapter 5 Questions and Answers UP Board Socrates (Rhoda Power) [Adapted].

कक्षा 10 अंग्रेजी पाठ 5 प्रश्न उत्तर

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 English. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn).

Part-I
Comprehension Questions on Paragraphs

In the examination paper, there are asked only two questions from each paragraph. Given below are some more questions for extra practice. Read the following passages and answer the questions put thereupon :

(1) Once upon a time, …………..giving the matest. [ From passage 1 [2009]]

Question .
1. When did he think of passing the money in the safe hands?
(उसने अपने धन को सुरक्षित हाथों में देने के लिए कब सोचा ?)
2. What did he do all his life?
(उसने अपने सारे जीवन में क्या किया ?)
3. What did he do to divide his money between his two sons ?
(अपने दोनों पुत्रों के बीच धन बाँटने के लिए उसने क्या किया ?)
4. How had the old merchant spent all his life ?
(बूढ़े व्यापारी ने अपना सारा जीवन कैसे बिताया ?)
5. What was the result of the merchant’s hard work ?
(व्यापारी के कठिन परिश्रम का क्या परिणाम हुआ ?)
6. What was the problem ? How did he decide to solve it ?
(क्या समस्या थी? उसने इसे हल करने का कैसे निर्णय किया ?)
                         Or
What did the old merchant decide at last ?
(बूढ़े व्यापारी ने अन्त में क्या निर्णय किया ?)
Answer:
1. One day he felt that he had not long to remain in this world then, he thought of passing the money in the safe hands.
(एक दिन उसे महसूस हुआ कि अब वह इस दुनिया में ज्यादा दिन नहीं रह पाएगा तब उसने अपने धन को सुरक्षित हाथों में देने के लिए सोचा।)
2. All his life he worked hard (UPBoardSolutions.com) for buying and selling the articles.
(उसने अपने जीवन भर वस्तुओं की खरीद-फरोख्त करने में कठिन परिश्रम किया।)
3. He planned in his mind that he would give his money to that son who was found out cleverer. For this, he gave a test of both sons.
(उसने अपने मन में योजना बनायी कि वह अपना धन उस पुत्र को देगा जो सबसे ज्यादा चतुर होगा।
इसके लिए उसने दोनों पुत्रों की परीक्षा ली।)
4. The old merchant had spent all his life in working hard and earning money.
(बूढ़े व्यापारी ने अपना सारा जीवन कठिन परिश्रम करने तथा धन कमाने में व्यतीत किया।)
5. The result of merchant’s hard work was that he gathered a lot of money.
(व्यापारी के कठिन परिश्रम का यह फल हुआ कि उसने काफी धन इकट्ठा कर लिया।)
6. The problem was to find out the cleverer son. He decided to solve it by giving them a test.
(समस्या थी अधिक चतुर पुत्र को ढूँढ़ना। उसने इसे हल करने के लिए अपने बेटों की एक परीक्षा लेने का निश्चय किया।)

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(2) Calling the young men,……………….. couple of days”.[From passage 2 [2009]]

Question .
1. Why did the two sons think that the old man had taken leave of his sense ?
(दोनों पुत्रों ने क्यों सोचा कि बूढ़ा पागल हो गया है ?)
2. Why did the old merchant call his two sons and what did he say to them?
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दोनों पुत्रों को क्यों बुलाया और उनसे क्या कहा ?)
3. What did they begin to ask themselves ?
(वे अपने आपसे क्या पूछने लगे ?)
Answer:
1. The two sons thought that the old man had lost his sense because one rupee is not sufficient to fill the house.”
(दोनों पुत्रों ने सोचा कि बूढ़ा पागल हो गया है, क्योंकि एक रुपया घर भरने के लिए पर्याप्त नहीं था।)
2. The old merchant called his two sons to take test and said to fill the house with anything worth rupee one.
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दोनों पुत्रों को परीक्षा लेने के (UPBoardSolutions.com) लिए बुलाया और कहा कि एक रुपये की किसी चीज से घर भर दो।)
3. The two sons began to ask themselves how to fill the house with only one rupee.
(दोनों पुत्र अपने आपसे सवाल करने लगे कि मात्र एक रुपये में घर कैसे भरा जाए।)

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(3) So the young man ………………….all my money to you.” [From passage 3 [2010]]

Question .
What did the first son of the merchant do to comply with the orders of his father ?
(व्यापारी के पहले पुत्र ने अपने पिता के आदेश को कैसे पूरा किया ?)
2. What did the second son buy for his rupee?
(दूसरे पुत्र ने अपने रुपये से क्या खरीदा ?)
                        Or
Instead of going way to the bazaar, what did the second son do?
(सीधा बाजार जाने के सिवाय दूसरे पुत्र ने क्या किया?)
3. What happened when he lit the candles ?
(जब उसने मोमबत्तियाँ जलाईं तब क्या हुआ?)
4. With whom was the old merchant pleased and why ?
(बूढ़ा व्यापारी किससे और क्यों प्रसन्न था ?)
5. What did the second son see when he got back home? ”
(जब दूसरा पुत्र घर वापस आया तब उसने क्या देखा ?)
6. What did the old merchant say to the second son ?
(बूढ़े व्यापारी ने दूसरे पुत्र से क्या कहा ?)
7. Why was the first son disconsolate ?
(पहला पुत्र निराश क्यों हो गया ?)
Answer:
1. The first son of the merchant compiled the orders of his father to pile it into the house with hay.
(व्यापारी के पहले पुत्र ने भूसे से घर को भरकर अपने पिता के आदेश का पालन किया।)
2. Instead of way going to the bazaar, (UPBoardSolutions.com) the second son thought and bought candles for his rupee.
(सीधा बाजार जाने के बजाय दूसरे पुत्र ने पहले सोचा और अपने रुपये से मोमबत्तियाँ खरीदीं।)
3. When the second son lit the candles, the house was filled with light.
(जब दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाईं तब पूरा मकान रोशनी से भर गया।)
4. The old merchant was pleased with the second son because he had shown true wisdom.
(बूढ़ा व्यापारी दूसरे पुत्र से अत्यन्त प्रसन्न था, क्योंकि उसने वास्तविक बुद्धिमानी दिखाई थी।)
5. When the second son got back home he saw his brother was standing disconsolately looking at the hay spread out on the floor.
(जब दूसरा पुत्र घर वापस आया तब उसने अपने भाई को फर्श पर बिखरे हुए भूसे के पास दुःखी और निराश खड़े हुए देखा।)
6. The old merchant said to the second son, “My son, you have shown true wisdom. I am ready to handover all my money to you.”
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दूसरे पुत्र से कहा, “मेरे पुत्र, तुमने सच्ची बुद्धिमानी दिखाई है। मैं अपना सारा
धन तुम्हें देने को तैयार हूं।”)।
7. The first son was so disconsolate because he could not fill even the floor of the house with hay.
(पहला पुत्र इसलिए निराश था क्योंकि भूसे से वह घर के फर्श को भी नहीं भर सका।)

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(4) Now, we all live in ……………….. service of our country. [From passage 4 [2010, 16]]

Question .
What different powers have we all been given ?
(हम सभी को कौन-कौन सी भिन्न शक्तियाँ दी गई हैं ?)
                        Or
Which powers do we all possess ?
(कौन-सी शक्तियों पर हमारा अधिकार है ?)
2. How are we tested as we leave school and go out into the world ?
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं और संसार में जाते हैं तब हमारा कैसे परीक्षण होता है ?)
3. What does the author mean by hay and light in the given passage ?
(दिए हुए गद्यांश में लेखक का ‘hay’ और ‘light’ शब्दों से क्या तात्पर्य है ?)
4. What is a big house’ compared with by the author?
(लेखक के द्वारा big house की तुलना किससे की गयी है ?)
5. How shall we serve our country as good citizens ?
(हम अच्छे नागरिक के रूप में अपने देश की सेवा कैसे करेंगे?)
6. What do we carry as we leave school? ।
|(जब हम स्कूल को छोड़ते हैं तब अपने साथ क्या ले जाते हैं?)
7. What should we try to be good citizens ?
(हमें अच्छा नागरिक होने के लिए कोशिश क्यों करनी चाहिए ?)
Answer:
1. The powers which we have been given are:

  1. powers of body,
  2. powers of mind,
  3. powers of character.

(हमें निम्नलिखित शक्तियाँ दी गयी हैं :

  1. शरीर की शक्तियाँ,
  2. मस्तिष्क की शक्तियाँ,
  3. चरित्र की शक्तियाँ।)

2. We are actually tested when (UPBoardSolutions.com) we leave school and go into the world whether we use these powers in useless things or in spreading light. (हमारी परीक्षा उस समय होती है जब हम विद्यालय छोड़कर संसार में जाते हैं, तब हम इन शक्तियों को बुरे कार्यों में प्रयोग करते हैं या ज्ञान फैलाने के कार्य में।) ।
3. In the given passage the author means by ‘hay useless things and by “light good citizenship.
(दिए हुए गद्यांश में लेखक का ‘hay से तात्पर्य व्यर्थ के काम और light’ से अर्थ अच्छी नागरिकता रूपी प्रकाश से है।)
4. A big house’ is compared with our native country.
(Big house की तुलना स्वदेश या अपनी मातृभूमि से की गई है।)
5. We shall serve our country as good citizens by using our powers and abilities to spread light into all parts of our country.
(हम अच्छे नागरिक के रूप में अपने देश की सेवा अपनी शक्तियों और योग्यताओं को देश के सभी
भागों में ज्ञान फैलाने के काम में लगाकर करेंगे।)
6. As we leave school, we carry some talents with us which we possess.
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं तब हम अपने साथ कुछ प्रतिभाएँ ले जाते हैं जो हमारे पास होती हैं।)
7. We should try to be good citizen so that we may use our powers and abilities to spread light into all parts of our country.
(हमें अच्छा नागरिक बनने की कोशिश करनी चाहिए ताकि हम अपनी शक्तियों और योग्यताओं को देश के सभी भागों में प्रकाश फैलाने में प्रयोग कर सकें।) |

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(5) No country can progress ………….light of good citizenship. [From passage 4 [2014]]

Question .
What should we do if we love our country?
(यदि हम अपने देश से प्रेम करते हैं तब हमें क्या करना चाहिए ?)
2. What should we do while we are at school
(जब हम स्कूल में हों तब हमें क्या करना चाहिए ?)
3. What should we do when we leave school and home?
(जब हम स्कूल और घर छोड़े तब हमें क्या करना चाहिए ?)
4. Write the names of the lesson from which the given passage has been taken. Who is the author?
(दिया हुआ गद्यांश जिस पाठ से लिया गया है उसका नाम लिखिए। इसके लेखक कौन हैं?)
Answer:
1. If we love our country, we should try to be good citizen.
(यदि हम अपने देश से प्रेम करते हैं तब हमें अच्छे नागरिक बनने की कोशिश करनी चाहिए।)
2. While we are at school, we should train ourselves in citizenship and cultivate the characteristics of a good citizen.
(जब हम स्कूल में हों तब हमें स्वयं को नागरिकता में प्रशिक्षित करना चाहिए और अच्छे नागरिक के
लक्षण पैदा करने चाहिए।)
3. When we leave school and home (UPBoardSolutions.com) and go out into different parts of our country, we should fill it with the light of good citizenship.
(जब हम स्कूल और घर को छोड़े और देश के भिन्न-भिन्न भागों में जाएँ तब हमें उसे अच्छी नागरिकता के प्रकाश से भर देना चाहिए।)
4. The given passage has been taken from the lesson Torch Bearers. Its author is
W.M. Ryburn. (दिया हुआ गद्यांश TorchBearers नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक W.M. Ryburn हैं।)

LONG ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 60 words:

Question 1.
what was the problem with the old merchant? How did he solve it ?
(बूढ़े व्यापारी के साथ क्या समस्या थी ? उसने इसे कैसे हल किया ?)
                                      Or
Why did the old merchant give one rupee to each of his two sons ? How did they spend their rupees ?
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दोनों पुत्रों को एक-एक रुपया क्यों दिया? उन्होंने अपने रुपयों को कैसे खर्च किया ?)
                                      Or
How did the merchant find out that his second son (younger son) was cleverer than his first son (elder son) ?
(व्यापारी ने कैसे पता लगाया कि उसका दूसरा पुत्र पहले पुत्र से अधिक होशियार है ?)
                                      Or
What test did the old merchant give to his two sons to find out who was the cleverer of them? Why did he want to judge them ?
(बूढ़े व्यापारी ने यह जानने के लिए कि उसके दो पुत्रों में कौन अधिक चतुर है, उनकी क्या परीक्षा ली? वह उनको क्यों जाँचना चाहता था ?)
                                      Or
What did the two sons do with their rupee? How did the second son prove himself cleverer than the first son? (2015, 18)
(दोनों पुत्रों ने अपने रुपये का क्या किया? दूसरे पुत्र ने पहले की अपेक्षा स्वयं को कैसे चतुर सिद्ध किया?)
                                     Or
why was the old merchant pleased with his second son? [2018]
|बूढ़ा व्यापारी अपने दूसरे पुत्र से खुश क्यों था?)
Answer:
Once upon a time there was an old man. He worked hard all his life, buying and selling things. Its result was that he had earned a lot of money and had become rich. He had two sons. When he became old, he had a problem-whom he should give his money. He wanted to give it to the son who proved to be wiser. To solve this problem, he gave each of them one rupee. Then he asked them to buy a thing which may fill the whole house with it. The first son bought a careful of hay. But it was not enough to (UPBoardSolutions.com) cover even the floor. The second son bought many candles for one rupee. He put two or three candles in each room and lit them. At once the whole house was filled with light. The father was pleased with the second son. He said he had shown true wisdom. So he gave all the money to his second son.
(एक समय की बात है एक बूढ़ा आदमी था। उसने पूरे जीवन वस्तुओं को खरीदने व बेचने में कठिन परिश्रम किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उसने काफी धन कमा लिया तथा वह धनवान बन गया। उसके दो पुत्र थे। जब वह बूढ़ा हो गया तब उसके सामने एक समस्या थी कि वह अपना धन किसको दे। वह इसे उस पुत्र को देना चाहता था जो अधिक बुद्धिमान् सिद्ध हो। इस समस्या को हल करने के लिए उसने उनमें से प्रत्येक को एक-एक रुपया दिया। फिर उसने उनसे ऐसी वस्तु खरीदने को कहा जो घर को भर दे। पहला पुत्र एक गाड़ी भरकर भूसा खरीद लाया। किन्तु इससे फर्श भी नहीं ढका जा सका। दूसरे पुत्र ने एक रुपये की बहुत-सी मोमबत्तियाँ खरीद ली। उसने दो या तीन मोमबत्तियाँ प्रत्येक कमरे में रखीं और उन्हें जला दिया। तुरन्त पूरा घर प्रकाश से भर गया। पिता दूसरे पुत्र से बहुत प्रसन्न हुआ। उसने कहा कि तुमने सच्ची बुद्धिमानी दिखाई है। अत: उसने सारा धन अपने दूसरे पुत्र को दे दिया।)

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Question 2.
What are the different powers and abilities given to us ? How can citizens use them to spread light over all parts of our country ? [2008]
(वे भिन्न-भिन्न शक्तियाँ और योग्यताएँ कौन-सी हैं जो हमें दी गई हैं ? नागरिक अपने देश के सभी भागों में ज्ञान का प्रकाश फैलाने के लिए किस प्रकार उनका प्रयोग कर सकते हैं ?)
                              Or
How can we fill our country with the light of good citizenship ?
(हम अपने देश को अच्छी नागरिकता के प्रकाश से कैसे भर सकते हैं ?)
                              Or
What different powers have we been given? [2017]
(हमें कौन-सी भिन्न-भिन्न शक्तियाँ दी गई हैं?) ।
Answer:
The different powers given to us are powers of body, powers of mind and powers of character. Each one of us has strength, time and intelligence. Proper and thoughtful use of these powers makes us good citizens. A good citizen is a center of light wherever he lives and whatever he is doing. So we can use these powers to spread light over all parts of our country by becoming good citizens.
(हमें जो भिन्न-भिन्न शक्तियाँ दी गयी हैं, वे हैं-शारीरिक शक्ति, मस्तिष्क (UPBoardSolutions.com) की शक्ति तथा चरित्र की शक्ति। हममें से प्रत्येक के पास शक्ति, समय तथा बुद्धि है। बदि हम इनका उचित और विवेकशील प्रयोग करें तो हम अच्छे नागरिक बन सकते हैं। एक अच्छा नागरिक जहाँ कहीं भी रहे और जो कुछ भी करे, सदैव ज्ञान का केन्द्र होता है। अतः हम अपनी इन शक्तियों को प्रयोग देश के प्रत्येक भाग को आलोकित करने में लगा सकते हैं। यह सब अच्छे नागरिक बनकर होगा।)

Question 3.
What are the students solicited to do at school, at home and after wards in their country according to the lesson ‘Torch Bearers’ ?
(“Torch Bearers’ पाठ के द्वारा विद्यालय में, घर पर एवं इसके पश्चात् देश में विद्यार्थियों से किन बातों की अपेक्षा की गयी है ?)
Answer:
While the students are at school, they should train themselves in citizenship and cultivate the characteristics of good citizens. While at home, the students are solicited to use the powers of their body, mind and character judiciously and properly. As they leave the school, the students have to pass on their knowledge and skill to others by using them in the service of their country. They should further train themselves for citizenship and for service of their country.
(विद्यालय में विद्यार्थियों को चाहिए कि वे स्वयं को अच्छा नागरिक बनाने की शिक्षा लें तथा अपने अन्दर एक अच्छे नागरिक के गुणों का समावेश करें। घर पर विद्यार्थियों को अपनी शारीरिक, मानसिक एवं चारित्रिक शक्तियों का सदुपयोग करना चाहिए। (UPBoardSolutions.com) विद्यालय छोड़ने के पश्चात् विद्यार्थियों को चाहिए कि पाठशाला में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को दूसरों को सौंपते चलें और देश की सेवा में भागीदार बनें। उन्हें और श्रेष्ठ नागरिक बनकर अपने आपको देश की सेवा के प्रति अर्पित कर देना चाहिए।)

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Question 4.
write a character-sketch of the old merchant in “Torch Bearers’.
(“Torch Bearers’ पाठ के आधार पर बूढ़े व्यापारी का चरित्र-चित्रण कीजिए।) [2009, 14]
Answer:
Good patron of his money : The old merchant was a good patron of his money. He did not want to give it to the son who could not use wisely. So he gave them a test.
Impartiality : The old merchant was an impartial father. He gave one rupee to each to purchase anything to fill the house. According to condition his second son filled the house to lit the candles with ved himself wiser than first son. He gave his all money to the second son.
Conclusion : With the above description it proves that the old merchant was very hard worker, impartial and honest man.
(अपने धन का अच्छा संरक्षक-बूढ़ा व्यापारी अपने धन का अच्छा संरक्षक था। वह उसे अपने उस बेटे को देना नहीं चाहता जो उसका प्रयोग बुद्धिमत्तापूर्वक न कर सके। इसलिए उसने उनकी परीक्षा ली। निष्पक्षता-बूढ़ा व्यापारी एक निष्पक्ष पिता था। उसने (UPBoardSolutions.com) प्रत्येक को एक-एक रुपया कुछ खरीदारी के लिए दिया था, जिससे घर भर जाए। शर्त के अनुसार उसके दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाकर प्रकाश से घर को भर दिया और अपने को पहले पुत्र से अधिक बुद्धिमान सिद्ध कर दिया। उसने अपना सारा धन दूसरे पुत्र को दे दिया। निष्कर्ष-उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट होता है कि बूढ़ा व्यापारी बहुत ही परिश्रमी, निष्पक्ष तथा ईमानदार व्यक्ति था।)

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 25 words :

Question 1.
what did the old man do all his life ? what was its result? [2013, 16, 17] 
(बूढ़े व्यक्ति ने पूरे जीवन क्या किया ? इसका क्या परिणाम हुआ ?)
   Or
What did the old merchant do all his life ?
(बूढ़े व्यापारी ने पूरे जीवन क्या किया ?)
Answer:
The old man worked hard all his life, buying and selling things. Its result was that he had earned a lot of money and had become rich.
(बूढ़े आदमी ने पूरे जीवन वस्तुओं को खरीदने और बेचने में कठिन परिश्रम किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उसने काफी धन कमा लिया तथा वह धनवान बन गया।)

Question 2.
what did the old man feelone day ?
(एक दिन बूढ़े व्यक्ति ने क्या अनुभव किया ?)
Answer:
One day the old man felt that he had not long to remain in this world and his end was near. He felt the need of disposing his money before his death.
(एक दिन बूढ़े व्यक्ति ने अनुभव किया कि वह इस संसार में अधिक समय तक न रह सकेगा और उसका अन्त निकट है। उसने अपनी मृत्यु से पूर्व अपने धन का प्रबन्ध करने की आवश्यकता अनुभव की।)

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Question 3.
To whom did the old man want to give all his money ? [2012, 14, 16]
(बूढ़ा व्यक्ति सारा धन किसको देना चाहता था ?)
Answer:
The old man wanted to give all his money to one of his sons who proved himself to be the cleverer of the two.
(बूढ़ा व्यक्ति अपना सारा धन अपने उस पुत्र को देना (UPBoardSolutions.com) चाहता था जो स्वयं को दोनों में अधिक चतुर सिद्ध कर दे।)

Question 4.
what was the problem before the old man ? How did he solve it ?
(बूढ़े व्यक्ति के सामने क्या समस्या थी? उसने इसे कैसे हल किया ?)
                        Or
What did the merchant finally decide ?
(व्यापारी ने अंत में क्या निर्णय किया ?)
Ans. The problem before the old man was to find out which of the two sons was cleverer. He solved it by giving them a test.
(उसके सामने समस्या अधिक चतुर पुत्र को ढूंढने की थी। उसने उनकी परीक्षा लेकर इसे हल किया।)

Question 5.
what did he say to his sons in the lesson “Torch Bearers’ ? [2014]
(उसने Torch Bearers नामक पाठ में अपने पुत्रों से क्या कहा ?)
Answer:
He gave his two sons one rupee each. He asked them to go separately and buy something in a couple of days which would fill the whole house.
(उसने अपने दोनों पुत्रों को एक-एक रुपया दिया और उनसे अलग-अलग जाने तथा कुछ ही दिन के अन्दर ऐसी वस्तु खरीदने को कहा जो सारा घर भर दे।)

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Question 6.
what did the first son do after taking a rupee ? [2015]
(रुपया लेकर पहले पुत्र ने क्या किया ?)
Answer:
The first son wandered in the market here and there. He did not think much and bought a load of hay for a rupee.
(पहला पुत्र बाजार में इधर-उधर घूमता रहा। उसने अधिक (UPBoardSolutions.com) नहीं सोचा और एक गाड़ी भरकर भूसा खरीदा।)

Question 7.
what did the second son do before buying anything? [2015]
(कोई भी वस्तु खरीदने से पूर्व दूसरे पुत्र ने क्या किया ?)
Answer:
Before buying anything the second son who was really clever, sat down and thought about what he should buy with his rupee.
(कोई भी वस्तु खरीदने से पूर्व दूसरा पुत्र जो कि वास्तव में चतुर था, बैठ गया और उसने यह सोचा कि उसे अपने रुपये का क्या खरीदना चाहिए।)

Question 8.
what happened when the second son lit the candles ? ”
(जब दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाईं तब क्या हुआ?)
Answer:
The second son stood two or three candles in each room. When he lit the candles, the whole house was filled with light.
(दूसरे पुत्र ने प्रत्येक कमरे में दो या तीन मोमबत्तियाँ लगा दी। जब उसने मोमबत्तियाँ जलाईं तो सारा घर प्रकाश से भर गया।)

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Question 9.
How did the second son prove that he was more intelligent than his elder brother ?
(दूसरे पुत्र ने यह कैसे सिद्ध किया कि वह अपने बड़े भाई की अपेक्षा अधिक चतुर है ?)
                                    Or
How did the second son show true wisdom? [2012, 15, 16, 18]
(दूसरे पुत्र ने सच्ची बुद्धिमानी कैसे दिखाई ?)
                                    Or
which of the two sons of the merchant was wiser and how? [2016]
(व्यापारी के दोनों पुत्रों में से कौन-सा पुत्र अधिक बुद्धिमान था और कैसे ?)
Answer:
The second son purchased a few candles with his rupee and filled the entire house with their light. Thus, he proved that he was more intelligent than his elder brother.
(दूसरे पुत्र ने अपने रुपये की कुछ मोमबत्तियाँ (UPBoardSolutions.com)खरीदीं तथा उनके प्रकाश से पूरा घर भर दिया। इस प्रकार उसने सिद्ध कर दिया कि वह अपने बड़े भाई से अधिक बुद्धिमान है।)

Question 10.
what did his father say to him?
(उसके पिता ने उससे क्या कहा ?)
Answer:
His father said that he had shown true wisdom and he was cleverer than his brother. Therefore, he would give all his money to him. (उसके पिता ने कहा कि उसने सच्ची बुद्धिमानी दिखायी है तथा वह अपने भाई से अधिक चतुर है। इसलिए वह उसे सारा धन देगा।).

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Question 11.
How can we prove to be a good citizen of our country? [2014]
(हम अपने देश के अच्छे नागरिक कैसे सिद्ध हो सकते हैं ?)
Answer:
We can prove to be a good citizen of our country by using our powers and abilities in the service of the country.
(हम अपनी शक्तियों और योग्यताओं को देश की सेवा में प्रयोग करके अपने देश के अच्छे नागरिक सिद्ध हो सकते हैं।)

Question 12.
what does a good citizen do?
(एक अच्छा नागरिक क्या करता है ?)
                   Or
Why should we try to become good citizens ? [2011, 14, 15]
(हमें अच्छे नागरिक बनने का प्रयास क्यों करना चाहिए ?)
                   Or
Why do we need to become good citizens ? [2012, 16,18]
(हमें अच्छे नागरिक बनने की आवश्यकता क्यों है ?)
Answer:
A good citizen loves and serves his country. He uses his powers and abilities to try to spread light into all parts of his country. So we need to become good citizens.
(एक अच्छा नागरिक अपने देश से प्यार करता है और उसकी सेवा करता है। वह अपनी योग्यताओं और क्षमताओं से देश के कोने-कोने में प्रकाश फैलाना चाहता है। अतः हमें अच्छा नागरिक होने की आवश्यकता है।)

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Question 13.
Kindness, strength, intelligence, honesty, courage, understanding, good health. Listed above are the powers of body, mind and character. Classify them under the three heads.
(ऊपर शरीर, मस्तिष्क तथा चरित्र की शक्तियों की सूची दी  गयी है। उन्हें तीन शीर्षकों में विभाजित कीजिए।)
Answer:

  1. Powers of Body-strength, good health.
  2. Powers of Mind-intelligence, understanding.
  3. Powers of Character kindness, (UPBoardSolutions.com) courage, honesty.

Question 14.
How can we use these powers and abilities to spread light over all parts of our country ? [2010].
(देश के सभी भागों में ज्ञान फैलाने के लिए हमें इन शक्तियों और योग्यताओं का किस प्रकार प्रयोग करना चाहिए ?)
                                      Or
How can we fill our country with the light of good citizenship ? [2010]
(हम अच्छी नागरिकता के प्रकाश से अपने देश को कैसे भर सकते हैं?)
                                      Or
How can we serve our country as good citizens ? Ur How can we serve our country as good citizens ? [2015]
(एक अच्छे नागरिक के रूप में हम अपने देश की कैसे सेवा कर सकते हैं?) .
Answer:
We can use these powers and abilities to spread light over all parts of our country by becoming good citizens and by spending ourselves in the service of our country.
(हम अच्छे नागरिक बनकर तथा अपने को देश की सेवा में लगाकर इन शक्तियों और योग्यताओं का प्रयोग देश के सभी भागों में प्रकाश फैलाने में कर सकते हैं।)

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Question 15.
What have ‘hay’ and ‘light been compared to ?
(Hay और Light की तुलना किससे की गयी है?)
Answer:
‘Hay’ has been compared to useless works and light’ has been compared to good deeds and service of the country.
(‘भूसे की तुलना व्यर्थ के कार्यों और ‘प्रकाश’ की तुलना अच्छे कार्यों और देश-सेवा से की गयी है।)

Vocabulary

(a) Fill in the blanks with the words given below :
Words : insisted, piled up, given up, covered
Answer:
1. He has given up all hopes of his success.
2. His father insisted that he should work hard.
3. The old man covered his body with a shawl.
4. A number of books were piled up in his room.

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(b) Use the following words and phrases in your own sentences :
couple of days, led off, instead of, unless, give up, take leave.
Answer:
1. He remained senseless for a couple of days.
2. Indians were led off by Mahatma Gandhi.
3. Send me a cheque instead of cash.
4. Unless you work hard, you cannot pass.
5. Shyam has given up bad habits.
6. To take leave he went to his principal.

Part II : Guru Nanak and Mardana

Comprehension Questions on Paragraphs

In the examination paper, there are asked only two questions from each paragraph. Given below are some more questions for extra practice. Read the following passages and answer the questions put there upon :

(1) A story is told of………… throughout the country’. [From passage 1]

Question 1.
Why were Guru Nanak and Mardana forced to spend the night in the open ?
(गुरु नानक और मरदाना रात्रि खुले स्थान पर बिताने को क्यों बाध्य हुए ?)
2. What did Guru Nanak say when he left the first village ?
(जब गुरु नानक ने पहले गाँव से प्रस्थान किया, उन्होंने क्या कहा ?)
3. What kind of reception did they get in the next village ?
(अगले गाँव में उनका स्वागत कैसे किया गया ?) .
Answers :
1. Guru Nanak and Mardana were forced to spend the night in the open because the village people did not allow them to stay in the village at night.
(गुरु नानक और मरदाना रात्रि खुले स्थान पर बिताने को इसलिए बाध्य हुए (UPBoardSolutions.com) क्योंकि गाँव के लोगों ने उनको रात्रि में गाँव में रहने की अनुमति नहीं दी।)
2. Guru Nanak prayed for them, “The people of this village may always stay in this village”.
(गुरु नानक ने उनके लिए प्रार्थना की कि, “इस गाँव के लोग सदा यहीं बसे रहें।”)
3. The people of the next village welcomed them, treated them kindly, found them a place to stay for night and gave food to eat.
(दूसरे गाँव के लोगों ने उनका सत्कार किया, उनके साथ दयापूर्ण व्यवहार किया, रात्रि को रुकने के लिए उनको स्थान दिया तथा खाने के लिए भोजन दिया।)

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(2) But this was too much …………….. light to other places.” [From passage 1 [2011]]

Question 2.
1. What was too much to bear for Mardana ?
(मरदाना के लिए क्या सहने योग्य नहीं था ?)
2. Why did Mardana protest ?
(मरदाना ने विरोध क्यों किया?)
3. What, according to Mardana, should Guru Nanak have prayed ?
(मरदाना के अनुसार गुरु नानक को क्या प्रार्थना करनी चाहिए थी ?)
4. Why was it better for the inhospitable people to stay in one place ?
(आतिथ्य विमुख व्यक्तियों का एक ही स्थान पर ठहरना क्यों अधिक अच्छा था?)
5. Why are good people too good to be left in one place ?
(अच्छे व्यक्तियों का एक ही स्थान पर क्यों नहीं छोड़ा जा सकता ?)
6. Why according to Guru Nanak, the good people should be scattered throughout the country?
(गुरु नानक के अनुसार अच्छे लोग पूरे देश में क्यों फैले होने चाहिए ?)
Answers:
1. Guru Nanak prayed good things for the people who treated them badly and misfortunes for those who treated them well. This was too much to bear for Mardana.
(गुरु नानक ने उन लोगों की भलाई के लिए, जिन्होंने उनसे बुरा व्यवहार किया था, भगवान् से प्रार्थना की। साथ-साथ गुरु नानक ने उन लोगों के लिए आपदा की प्रार्थना की जिन्होंने उनसे अच्छा व्यवहार किया था। यह बात मरदाना के लिए असहनीय थी।)
2. Mardana protested because Guru Nanak had prayed for the good people to scatter all over the country.
(मरदाना ने विरोध किया क्योंकि गुरु नानक ने अच्छे व्यक्तियों के लिए प्रार्थना की थी कि वे पूरे देश में फैल जाएँ।)
3. Guru Nanak should have prayed for the inhospitable (UPBoardSolutions.com) people to be scattered over the country and good people to remain comfortably where they are.
(गुरु नानक को आतिथ्य विमुख व्यक्तियों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए थी कि वे पूरे देश में फैल जाएँ और अच्छे व्यक्ति आराम से वहीं रहें, जहाँ वे हैं।)
4. It was better for the inhospitable and selfish people to stay in one place so that they might do harm only there.
(यह अधिक अच्छा था कि आतिथ्य विमुख व्यक्ति तथा स्वार्थी लोग एक ही स्थान पर ठहरे रहें ताकि वे केवल वहीं हानि पहुँचा सकें।)
5. Good people are too good to be left in one place because they have some thing which is needed everywhere.
(अच्छे व्यक्तियों को एक ही स्थान पर नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि उनके पास कुछ ऐसी वस्तु होती हैं जिसकी सभी स्थानों पर आवश्यकता होती है।)
6. According to Guru Nanak, good people should be scattered through out the country as their influence and their character will be of benefit to others.
(गुरु नानक के अनुसार, अच्छे लोग पूरे देश में फैल जाने चाहिए। उनके प्रभाव व चरित्र से दूसरे लोग लाभान्वित होंगे।)

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(3) Now we have to see …………………… country be as a whole.
[From passage 2 [2012, 17]]

Question 3.
What type of life should we lead?
(हमें किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिए ?)
2. What should be our influence on others?
(दूसरों पर हमारा प्रभाव कैसा होना चाहिए ?)
3. What makes a country more enlightened ?
(किसी देश को कौन-सी बात अधिक प्रकाशमय बनाती है ?)
4. What type of citizens should we grow into?
(हमें किस प्रकार का नागरिक बनना चाहिए ?)
5. For being good citizens, what must we carry?
(अच्छा नागरिक बनने के लिए हमें अपने साथ क्या ले जाना चाहिए ?)
Answer:
1. We should lead a life full of light.
(हमें प्रकाश से भरपूर जीवन व्यतीत करना चाहिए।)
2. Our influence on others should be for good and not for bad.
(दूसरों पर हमारा प्रभाव भलाई के लिए होना चाहिए, बुराई के लिए नहीं।)
3. Greater number of good (UPBoardSolutions.com) citizens make a country more enlightened.
(अच्छे नागरिकों की अधिक संख्या किसी देश को अधिक प्रकाशमय बनाती है।)
4. We should grow into such citizens that people will want the light of our character and our influence everywhere.
(हमें ऐसा नागरिक बनना चाहिए कि अन्य लोगों को हमारे चरित्र और प्रभाव के प्रकाश की आवश्यकता प्रत्येक स्थान पर हो।)
5. For being good citizens we must carry light with us wherever we go and not
darkness.
(अच्छा नागरिक बनने के लिए जहाँ भी हम जाएँ अपने साथ प्रकाश ले जाना चाहिए अन्धकार नहीं।)

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(4) A chain is as strong ……………. will be full of light. [From passage 3 [2013, 16]]

Question 4.
What does the author mean when he says, “A chain is as strong as its weakest link.” ?
(“एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी,” से लेखक का क्या तात्पर्य है ?)
2. What will happen if we are weak and poor citizens ?
(यदि हम कमजोर और गरीब नागरिक होंगे तब क्या होगा ?)
3. Why should all the candles burn brightly ?
(सभी मोमबत्तियाँ तेजी से क्यों जलनी चाहिए ?)
4. Write the name of the lesson from which the above passage has been taken. Who is the writer of this lesson ?
(उपर्युक्त गद्यांश जिस पाठ से लिया गया है उसका नाम लिखिए। इस पाठ के लेखक कौन हैं ?)
Answer:
1. The author means that our country is a chain and each one of us is a link in it. If any one of us is weak, the country will be weak
(लेखक का तात्पर्य है कि हमारा देश एक जंजीर के समान है और हममें से प्रत्येक इसकी एक कड़ी हैं। यदि हम में से एक भी व्यक्ति कमजोर होगा तब देश कमजोर होगा।)
2. If we are weak and poor citizens, our country will suffer.
(यदि हम कमजोर और गरीब नागरिक होंगे तब (UPBoardSolutions.com) देश कष्ट भोगेगा।)
3. All the candles should burn brightly so that the whole house should be full of light.
(सभी मोमबत्तियाँ उज्ज्वलता से जलनी चाहिए ताकि पूरे मकान में रोशनी हो।)
4. The above passage has been taken from the lesson ‘Torch Bearers’. The writer of this lesson is W. M. Ryburn.
(उपर्युक्त गद्यांश “Torch Bearers’ नामक पाठ से लिया गया है। इस पाठ के लेखक W.M. Ryburn हैं।

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(5) Each of us, there fore, ………… games were going on. [From passage 3]

Question 5.
What is the responsibility of each one of us ?
(हममें से प्रत्येक की क्या जिम्मेदारी है ?)
2. Where were the Olympic Games held in 1948 ? Where was the flame carried from ?
(1948 के ओलम्पिक गेम्स कहाँ हुए थे ? मशाल कहाँ से ले जायी गयी थी ?)
3. Why was a flame carried to London from Greece alone and why not from any other country?
(केवल ग्रीस से ही क्यों मशाल लन्दन ले जायी गयी और किसी अन्य देश से क्यों नहीं ?)
4. What was the duty of each runner, carrying the lighted torch?
| (जलती हुई मशाल लिये प्रत्येक धावक का क्या कर्त्तव्य था ?)
5. How was the flame carried all along its way from Greece to London ?
(ग्रीस से लन्दन पूरे रास्ते मशाल कैसे ले जायी गयी ?)
Answer:
1. Each one of us has the responsibility of being a good citizen. We must see that our particular link in the chain is not a weak one.
(हममें से प्रत्येक को कर्तव्य है कि हम अच्छे नागरिक बनें। जंजीर की जो कड़ी हम हैं, वह कमजोर नहीं होनी चाहिए।)
2. The Olympic Games in 1948 were held in London. The flame was carried from Greece.
(सन् 1948 के ओलम्पिक खेल लन्दन में हुए थे। मशाल (UPBoardSolutions.com) ग्रीस से लायी गयी थी।)
3. The flame to London was carried from Greece only and not from any other country because the Olympic Games used to be held in Greece in times long age.
(मशाल किसी और देश से नहीं बल्कि ग्रीस से ही लन्दन इसलिए लायी गयी थी, क्योंकि बहुत समय पहले से ओलम्पिक खेल ग्रीस में ही आयोजित किए जाते थे।)
4. The duty of each runner carrying the lighted torch was to run a certain distance where a fresh runner was waiting for him.
(जलती मशाल लिये प्रत्येक धावक को एक निश्चित दूरी दौड़कर जाना था जहाँ दूसरा धावक
उसकी प्रतीक्षा में था।)
5. The flame was carried all along its way from Greece to London across Europe by a long relay of runners. (ग्रीस से लन्दन तक मशाल पूरा यूरोप पार करते हुए धावकों के एक बड़े दल के द्वारा लायी गयी थी।)

(6) Although nothing us said …… ..wants to do that. [From passage 4]

Question 6.
What happened accidentally at one place according to the author ?
(लेखक के अनुसार एक स्थान पर क्या दुर्घटना हो गयी ?)
2. What must have been the effect of the accident on the person who caused it?
(उस व्यक्ति पर इस दुर्घटना का क्या प्रभाव हुआ होगा जिसके साथ यह दुर्घटना हुई ?)
3. What is our duty after we have completed our education ?
(अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद हमारा क्या कर्तव्य होता है ?)
Answer:
1. One runner, when handing over his torch to a fresh runner, let it go out. |
(एक धावक ने दूसरे धावक को अपनी (UPBoardSolutions.com) मशाल सौंपते समय मशाल बुझ जाने दी ।)
2. The person would have felt ashamed of himself.
(वह व्यक्ति स्वयं में बहुत शर्मिन्दा हुआ होगा।)
3. After we complete our education, it is our duty to pass on our knowledge and skill in the service of our country.
(अपनी शिक्षा पूरी करने के उपरान्त यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम अपने ज्ञान एवं कौशल को देश सेवा में लगायें।)

(7) Each one of us ………………………. service of our country.
[From passage 4 [2011, 13, 16]]

Question 7.
1. What powers do we have to use in the service of our country ?
(हमारे पास देश की सेवा में प्रयोग करने के लिए कौन-सी शक्तियाँ हैं ?)
2. What do we carry as we leave school?
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं तब अपने साथ क्या ले जाते हैं ?)
          Or
What have we to pass on to others ?
(दूसरों तक ले जाने के लिए हमारे पास क्या है ?)
3.How shall we serve our country as good citizens ?
(अच्छे नागरिक के रूप में हम अपने देश की सेवा कैसे करेंगे ?)
4. What will happen if we do not use our knowledge and skill in the service of our country?
(यदि हम अपना ज्ञान और कौशल देश की सेवा में प्रयोग नहीं करेंगे तब क्या होगा ?)
5. What should we do to keep alight the torch that has been given to us ?
(जो मशाल हमें दी गई है उसको जलती रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?)
Answer:
1. We have the powers of knowledge and skill to use in the service of our country.
(देश की सेवा में प्रयोग करने के लिए हमारे पास ज्ञान और कौशल की शक्तियाँ हैं।)
2. We carry a flame to pass on to others when we leave school.
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं तब हम दूसरों तक (UPBoardSolutions.com) पहुँचाने के लिए अपने साथ एक मशाल लेकर जाते हैं।)
3. We shall serve our country by passing on our knowledge and skill to others.
(हम अपने ज्ञान और कौशल को दूसरों तक पहुँचा कर अपने देश की सेवा कर सकते हैं।)
4. If we do not use our knowledge and skill, the flame will go out.
(यदि हम अपने ज्ञान और कौशल को प्रयोग नहीं करेंगे तब मशाल बुझ जाएगी।)
5. To keep alight the torch, we should train ourselves for citizenship and service
of our country. (मशाल को जलती रखने के लिए हमें स्वयं को नागरिकता और देश की सेवा के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए।)

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LONG ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 60 words:

Question 1.
How did the people of the two villages treat Guru Nanak and Mardana? What did Guru Nanak say about them ? [2011]
(दोनों गाँवों के व्यक्तियों ने गुरु नानक और मरदाना के साथ कैसा व्यवहार किया ? गुरु नानक ने उनके विषय में क्या कहा ?)
                            Or
What did Guru Nanak experience in the two villages ? What was his reaction to them ?
(गुरु नानक ने दोनों गाँवों में क्या अनुभव किया ? उनके प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया थी ?)
                            Or
Relate the story of Guru Nanak and Mardana in your own words.
(गुरु नानक और उनके शिष्य मरदाना की कहानी अपने शब्दों में लिखिए।)
                           Or
How did the people of the second village treat their visitors ? What did Guru Nanak pray for them ? [2013, 15] |
(दूसरे गाँव के लोगों ने आगन्तुकों के साथ कैसा व्यवहार किया ? गुरु नानक ने उनके लिए क्या प्रार्थना की ?)
Answer:
Once Guru Nanak and his disciple Mardana came to a village for night-stay. The villagers were rude and inhospitable to them. They did not allow them to stay anywhere in the village. The next night they came to another village. The villagers, there, were nice. They gave them food to eat and a place to stay at night. Guru Nanak prayed for the rude and inhospitable villagers that they might always stay in their village itself. For the people of the other village, Guru Nanak wished that they might be scattered throughout the country. Thus Guru Nanak wished that good people should be scattered because their goodness is needed everywhere. Thus he taught Mardana the lesson of greatness of heart.
(एक बार गुरु नानक और उनका शिष्य मरदाना रात्रि विश्राम के लिए एक गाँव में पहुँचे। गाँव के लोग असत्कारी तथा अशिष्ट निकले। उन्होंने उन दोनों को रात भर के लिए गाँव में कहीं भी रुकने नहीं दिया। अगली रात वे दूसरे गाँव में आए। यहाँ (UPBoardSolutions.com) के लोग भले थे। उन्होंने उनको खाने के लिए भोजन तथा रात्रि-विश्राम के लिए स्थान भी दिया। गुरु नानक ने भगवान् से प्रार्थना की कि पहले गाँव के असत्कारी तथा अशिष्ट लोग अपने गाँव में ही बसे रहें। दूसरे गाँव के लोगों के लिए उन्होंने प्रार्थना की कि वे पूरे देश में बिखर जाएँ। इस प्रकार गुरु नानक ने शुभकामना की कि अच्छे लोग फैल जाएँ क्योंकि उनकी भलाई की सभी स्थानों पर आवश्यकता है। इस प्रकार उन्होंने मरदाना को हृदय की महानता का पाठ पढ़ाया।)

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Question 2.
what do you learn from the story, Guru Nanak and Murdung’ ?
(आप ‘गुरु नानक और मरदाना’ नामक, कहानी से क्या सीखते हैं?)
Answer:
Guru Nanak wished bad people to stay in the village. Thus their evil will not spread to other places. He wished for good people to be scattered all over the country. Thus their goodness will be carried everywhere. In the same way each one of us has been given powers of body, mind and character. After leaving school we are tested. If we use these powers to spread light of knowledge in the whole country, it will be the best service of the country. Only then we shall be called good citizens. The progress of the country depends upon good citizens. (गुरु नानक ने बुरे व्यक्तियों को गाँव में ठहरने का आशीर्वाद दिया। इस प्रकार उनकी बुराई अन्य स्थानों पर नहीं फैलेगी। उन्होंने अच्छे व्यक्तियों के लिए पूरे देश में फैलने की कामना की। इस प्रकार उनकी भलाई सभी स्थानों पर ले जायी जाएगी। इसी प्रकार हममें से प्रत्येक व्यक्ति को शरीर, मस्तिष्क तथा चरित्र की शक्ति प्रदान की गयी है। स्कूल छोड़ने के बाद हमारी परीक्षा होती है। यदि हम इन शक्तियों का प्रयोग पूरे संसार में ज्ञान का प्रकाश फैलाने के लिए करेंगे तब यह देश की सबसे अच्छी सेवा होगी। तभी हम अच्छे नागरिक कहलाएँगे। देश की उन्नति अच्छे नागरिकों पर निर्भर करती है।)

Question 3.
How did Guru Nanak teach his pupil Mardana the lesson of the greatness of heart ?
(गुरु नानक ने अपने शिष्य मरदाना को हृदय की विशालता का पाठ कैसे पढ़ाया ?)
                                Or
Why did Mardana get puzzled ? How did Guru Nanak remove his confusion ?
(मरदाना क्यों चकरा गया ? गुरु नानक ने उसको भ्रम कैसे दूर किया ?)
Answer:
Mardana was puzzled because Guru Nanak prayed for the people of the first village to stay at one place. These people had forced them to stay in the open. Guru Nanak prayed for the gentle people of the second village to be scattered. Mardana thought just opposite to it. So Guru Nanak taught him that the rude people have some evils which will affect others. (UPBoardSolutions.com) So they should stay at one place only. But the people of the second village have such qualities which are needed everywhere. So they should be scattered to benefit others by their qualities:
(मरदाना चकरा गया क्योंकि गुरु नानक ने पहले गाँव के लोगों के लिए प्रार्थना की कि वे एक ही स्थान पर रुके रहें। इन लोगों ने उन्हें खुले में रहने के लिए विवश किया था। गुरु नानक ने दूसरे गाँव के सज्जन व्यक्तियों के लिए प्रार्थना की कि वे फैल जाएँ। मरदाना इसके बिलकुल विपरीत सोचता था। इसलिए गुरु नानक ने उसे शिक्षा दी कि असभ्य लोगों में कुछ बुराइयाँ होती हैं जो दूसरों पर प्रभाव डालती हैं। इसलिए उन्हें केवल एक ही स्थान पर रुके रहना चाहिए। किन्तु दूसरे गाँव के लोगों में कुछ गुण हैं जिनकी सभी स्थानों पर आवश्यकता है। इसलिए उन्हें अपने गुणों से दूसरों को लाभ पहुँचाने के लिए फैल जाना चाहिए।)

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Question 4.
Why does the author make mention of the Olympic Games held in London in 1948 ? What will happen if a link in the chain is weak ?
(लेखक 1948 में लन्दन में हुए ओलम्पिक खेलों का उल्लेख क्यों करता है ? यदि जंजीर की एक कड़ी कमजोर हो तब क्या होगा ?)
Answer:
The author is of the view that a chain is as strong as its weakest link. Each one of us is a link in the chain, that is our country. The author makes a mention of the Olympic Games held in London in 1948 to prove his viewpoint. In these games a flame was carried by a team of runners. Each runner ran with the lighted torch (flame) for a certain distance where a fresh runner was waiting for him. The new runner lit his torch from the one that had been carried to him. One runner, when handing over his torch to a fresh runner, let it go out. He not only felt ashamed but was singled out as a weak link in the chain of runners. If a link in the chain is weak, the chain will become weak and break.
(लेखक इस विचारधारा का व्यक्ति है कि एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी। हममें से प्रत्येक एक जंजीर अर्थात् अपने देश की एक कड़ी है। अपने विचार को व्यक्त करने के लिए लेखक लन्दन में 1948 में हुए (UPBoardSolutions.com) ओलम्पिक खेलों की व्याख्या करता है। इन खेलों में एक मशाल धावकों की एक लम्बी कतार द्वारा ले जायी जाती थी। प्रत्येक धावक एक जलती हुई मशाल लेकर उसे निश्चित दूरी तक दौड़ता था जहाँ दूसरा नया धावक उसकी प्रतीक्षा कर रहा होता था। नया धावक अपने पास तक लायी मशाल से अपनी मशाल जलाता था। एक धावक ने दूसरे धावक को अपनी मशाल देते समय मशाल को बुझ जाने दिया। वह कितना लज्जित हुआ होगा। उसने मशाल को बुझ जाने दिया। उसने धावकों की जंजीर को तोड़ दिया था। यदि जंजीर की कोई एक कड़ी कमजोर है तो जंजीर कमजोर हो जाएगी और टूट जाएगी।)

Question 5.
What does the author mean when he says, ‘A chain is as strong as its weakest link’? Why does he say so ? How can the chain be made strong ? What is our duty in this connection ?
(जब लेखक कहता है कि ‘एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी’, तो उसका क्या तात्पर्य होता है ? वह ऐसा क्यों कहता है ? जंजीर को मजबूत कैसे बनाया जा सकता है? हमारा इस सन्दर्भ में क्या कर्तव्य है ?)
Answer:
When the author says, A chain is as strong as its weakest link’, he means to say that a weak link makes the whole chain weak. The weakest link will break when the chain is pulled. Our country is a big chain where every citizen is a link. A weak link makes the chain weak. Sometimes we think that it doesn’t matter what one person does in such a large country. If one candle goes out, there will be darkness at that place. It is only when all the candles burn brightly, the whole house will be full of light. So our duty is to be a good citizen.
(जब लेखक कहता है कि “एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी, तो उसका तात्पर्य है कि एक कमजोर कड़ी पूरी जंजीर को कमजोर बना देती है। जब भी जंजीर को खींचा जायेगा, तो उसकी सबसे कमजोर कड़ी टूट जायेगी। हमारा देश एक बड़ी जंजीर के समान है जहाँ प्रत्येक नागरिक इसकी एक कड़ी है। एक कमजोर कड़ी पूरी जंजीर को कमजोर बना देती है। कभी-कभी हम सोचते हैं कि इतने बड़े (UPBoardSolutions.com) देश में एक व्यक्ति क्या करता है, उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यदि एक मोमबत्ती बुझ जाये तो उस स्थान पर अँधेरा हो जायेगा। सम्पूर्ण मकान केवल तभी प्रकाशमय हो सकता है। जब इसकी सभी मोमबत्तियाँ जलें। अत: अच्छा नागरिक बनना हमारा कर्तव्य है।)

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SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Read the following questions and answer them in about 25 words :

Question 1.
Why were Guru Nanak and Mardana forced to spend the night in the open ? [2011]
(गुरु नानक और मरदाना को खुले में रात क्यों बितानी पड़ी ?)
Answer:
Guru Nanak and Mardana were forced to spend the night in the open because the people of the village were rude and inhospitable. They did not allow them to stay anywhere in the village.
(गुरु नानक और मरदाना को खुले में रात बितानी पड़ी, क्योंकि गाँव के लोग बहुत अशिष्ट और असत्कारी थे। उन्होंने उन्हें गाँव में कहीं भी नहीं ठहरने दिया।)

Question 2.
How did the people of the first village treat Guru Nanak and Mardana ? What did Nanak say
about them ?
(पहले गाँव के लोगों ने गुरु नानक और मरदाना के साथ कैसा व्यवहार किया ? नानक ने उनके बारे में क्या कहा ?).
Answer:
The people of the first village treated Guru Nanak and Mardana rudely. So Nanak said about them that they should always stay in that village.
(पहले गाँव के लोगों ने गुरु नानक और मरदाना के साथ रूखा व्यवहार (UPBoardSolutions.com) किया। अत: नानक ने उनके बारे में कहा कि वे अशिष्ट लोग सदा गाँव में ही रहें।)

Question 3.
How did the people of the other village treat their visitors ?
(दूसरे गाँव के लोगों ने आगन्तुकों के साथ कैसा व्यवहार किया ?) [2014, 15]
                           Or
What kind of reception did they get in another village ?
(दूसरे गाँव में उनकी किस प्रकार की आवभगत हुई ?)
Answer:
The people of the other village welcomed them, treated their visitors kindly, found them a place to stay for the night, and gave them food to eat.
(दूसरे गाँव के लोगों ने आगन्तुकों का स्वागत किया, उनके साथ अच्छा व्यवहार (UPBoardSolutions.com) किया, रात को रहने को स्थान तथा खाने के लिए भोजन दिया।)

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Question 4.
what did Nanak say or pray about the people of the other village ?    [2014, 15, 16]
(नानक ने दूसरे गाँव के व्यक्तियों के बारे में क्या कहा या क्या प्रार्थना की ?)
Answer:
Nanak wished for the people of the other village that they might spread over the whole country and should not remain at one place. (नानक ने उनके लिए कामना की कि वे पूरे देश में फैल जाएँ और एक ही स्थान पर न रहें।)

Question 5.
What did Mardana ask Guru Nanak ?
(मरदाना ने गुरु नानक से क्या पूछा ?
Answer:
Mardana asked Guru Nanak why he wished good for the people who treated them badly and ill for those who treated them so well. (मरदाना ने गुरु नानक से पूछा कि उन्होंने बुरे लोगों का भला और अच्छे लोगों का बुरा क्यों चाहा।)

Question 6.
who was Mardana ? why did he get puzzled (unhappy) ? [2009]
(मरदाना कौन था ? वह क्यों चकरा गया ?) ।
Answer:
Mardana was a disciple of Guru Nanak. He was puzzled because he could not understand why the Guru had wished for the bad people to remain in the village and good people to spread in the whole country.
(मरदाना गुरु नानक का शिष्य था। वह इसलिए चकरा गया क्योंकि वह यह (UPBoardSolutions.com) नहीं समझ सका कि गुरु जी ने बुरे लोगों के लिए अपने गाँव में ही बने रहने और अच्छे लोगों के लिए सारे देश में बिखर जाने की प्रार्थना क्यों की।)

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Question 7.
Why did Guru Nanak want the inhospitable and selfish people to stay | in one place ? [2015]
(गुरु नानक असत्कारी तथा स्वार्थी लोगों के एक ही स्थान पर रुके रहना क्यों चाहते थे ?)
 Or
Why did Guru Nanak think it better for the inhospitable people to stay in one place ? [2015]
(गुरु नानक ने असत्कारी लोगों को एक स्थान पर बसे रहने को क्यों उपयुक्त समझा ?)
Answer:
Guru Nanak wanted the inhospitable and selfish people to stay in one place so that their evil might harm only at that place.
(गुरु नानक चाहते थे कि असत्कारी तथा स्वार्थी व्यक्ति एक ही स्थान पर रुके रहें ताकि उनकी बुराइयाँ उसी स्थान पर हानि पहुँचा सकें।)

Question 8.
Why should good people not stay at one place ? [2009, 13, 15, 17]
(अच्छे लोगों को एक ही स्थान पर क्यों नहीं रुकना चाहिए ?)
   Or
What was Guru Nanak’s reply to his disciple ?
(अपने शिष्य को गुरु नानक का क्या उत्तर था ?)
Answer:
Good people should not stay at one place because other people will not be befitted by their goodness while goodness is needed everywhere. (अच्छे लोगों को एक ही स्थान पर नहीं ठहरने देना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से दूसरे लोग उनके गुणों का लाभ न पा सकेंगे जबकि सज्जनता की सभी जगह आवश्यकता है।)

Question 9.
Why did Guru Nanak pray for the people of the second village to be scattered through out
the country ? [2015, 17]
(गुरु नानक ने दूसरे गाँव के लोगों के लिए यह प्रार्थना क्यों की कि वे पूरे देश में फैल जाएँ ?)
Answer:
Guru Nanak prayed for the people of the second village to be scattered throughout the country because their goodness is needed everywhere.
(गुरु नानक ने दूसरे गाँव के लोगों के लिए प्रार्थना की कि वे पूरे देश (UPBoardSolutions.com) में फैल जाएँ क्योंकि उनकी भलाई की सभी स्थानों पर आवश्यकता है।)

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Question 10.
‘we must be carrying light with us wherever we go.’ what does the author mean by this statement ?
(‘हम जहाँ कहीं भी जाएँ हमें ज्ञान ले जाना चाहिए। इस कथन से लेखक का क्या आशय है ?)
Answer:
We should spread knowledge and goodness everywhere by our good deeds, it means we should do good works wherever we go. (हम अपने अच्छे कार्यों के द्वारा ज्ञान और अच्छाइयों का सर्वत्र प्रसार करें, अर्थात् हम हर जगह अच्छे कार्य करें।)

Question 11.
why have we been compared to a chain ?
(हमारी तुलना जंजीर से क्यों की गयी है ?)
Answer:
We have been compared to a chain because a nation is built by its citizens as a chain is made by its links.
(हमारी जंजीर से तुलना इसलिए की गयी है, क्योंकि जिस प्रकार कड़ियों से मिलकर जंजीर बनती है, उसी प्रकार नागरिकों से मिलकर राष्ट्र बनता है।)

Question 12.
what will happen if a link in a chain is weak ? [2010, 13, 16]
(यदि किसी जंजीर की कड़ी कमजोर हो तब क्या होगा ?)
Answer:
A weak link makes the whole chain weak because chain may break at that point. So, a chain is as strong as its weakest link.
(जंजीर की एक कमजोर कड़ी सम्पूर्ण जंजीर को कमजोर बनाती है, (UPBoardSolutions.com) क्योंकि जंजीर वहीं से टूट सकती है। इसलिए एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी।)

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Question 13.
why has a good citizen been called a center of light? [2013, 17]
| (एक अच्छे नागरिक को ‘प्रकाश-केन्द्र’ क्यों कहा गया है?)
Answer:
A good citizen has been called a center of light because his good character influences everybody everywhere. (एक अच्छे नागरिक को प्रकाश-केन्द्र कहा गया है, क्योंकि उसका अच्छा चरित्र सभी को सभी जगह प्रभावित करता है।)

Question 14.
What will happen if we do not pass the flame of knowledge and skill to others ? [2009]
(यदि हम ज्ञान और कौशल की ज्वाला दूसरों तक नहीं पहुँचाएँगे तब क्या होगा ?)
Answer:
Each one of us has a flame to carry which we have to pass on to others. If we do not pass the flame of knowledge and skill to others, it will go out.
(हममें से प्रत्येक के पास एक मशाल है जिसे हमको दूसरों को सौंपना है। (UPBoardSolutions.com) यदि हम ज्ञान और कौशल की मशाल दूसरों तक नहीं पहुंचाते हैं, तो वह बीच में ही बुझ जाएगी।)

Question 15.
when (or how) will the country be more enlightened ?
(देश अधिक प्रकाशमय कब होगा ?)
Answer:
When each of us will be a good citizen, ready to pass on the flame of knowledge to others, and trained for service of our country, the country will be more enlightened.
(जब हममें से प्रत्येक अच्छा नागरिक होगा, सब ज्ञान के प्रकाश को फैलाने को उत्सुक होंगे तथा देश-सेवा में दक्ष होंगे, तभी देश प्रकाशमय होगा।)

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Question 16.
what did Guru Nanak experience in the two villages ?
(गुरु नानक ने दोनों गाँवों में क्या अनुभव किया ?)
                     Or
What was his reaction to them ?
(उनके प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया थी ?)
Answer:
Guru Nanak experienced that the people of the first village were rude while the people of the second village were good and gentle. He wished that the people of first village should stay in their own village. But the people of the second village should be scattered every where. (गुरु नानक ने अनुभव किया कि पहले गाँव के व्यक्ति असभ्य हैं, जबकि दूसरे गाँव के व्यक्ति (UPBoardSolutions.com) अच्छे और सज्जन हैं। उन्होंने इच्छा की कि पहले गाँव के व्यक्ति अपने ही गाँव में रहें जबकि दूसरे गाँव के व्यक्ति सब स्थानों पर फैल जाएँ।)

VOCABULARY 

(a) Match the words in List ‘A’ with their nearest meanings in List ‘B’:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn)
Answer:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn)

 

(b) Fill in the blanks with the words given below :

(1) Words : inhospitable, treated, held, spend.
Answer:
1. The Olympic Games were held in London in 1948.
2. Being inhospitable is a sign of bad culture.
3. He was forced to spend the night in the open.
4. Some villagers treated Guru (UPBoardSolutions.com) Nanak very kindly.

(2) Words : influence, protested, cultivate, enlightened.
Answer:
1. He used his influence to get his son admitted to the Medical College.
2. The more knowledge we gain, the more enlightened we become.
3. The captain of our team protested against the judgement.
4. We can cultivate good habits by regular practice.

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(c) Use the following words in your own sentences so as to make their meanings clear :
disciple, message, hospitable, reception, responsibility, talents
Answer:
1. Mardana was Guru Nanak’s disciple.
2. When we leave school, we have a message to carry for others.
3. Some people welcome the visitors. They are hospitable.
4. Mr. Clinton was given a (UPBoardSolutions.com) grand reception.
5. It is the responsibility of every student to keep his classroom clean.
6. Different people have different talents but they should use them in the service of the country.

Hope given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. UP Board Solutions try to provide online tutoring for you.

UP Board Class 10th English Chapter 2 Question Answer A Letter to God (G.L. Fuentes).

Class 10 English Prose Chapter 2 Questions and Answers UP Board A Letter to God (G.L. Fuentes).

कक्षा 10 अंग्रेजी पाठ 2 प्रश्न उत्तर

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 English. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 2 A Letter to God (G.L. Fuentes).

Comprehension Questions On Paragraphs

In the examination paper, there are asked only two questions from each paragraph. Given below are some more questions for extra practice. Read the following passages and answer the questions put there upon :

(1) The only thing, the ……………..was fresh and sweet. [From para 1 & 2]

Question.
1. Who was Lencho ? What did he think about the earth ?
(लेंचो कौन था? उसने पृथ्वी के विषय में क्या सोचा ?)
2. What were the boys doing? Why did the woman call them ?
(लड़के क्या कर रहे थे ? उसे स्त्री ने उन्हें क्यों बुलाया ?) ।
3. What made Lencho predict a rainfall? Did his prediction prove to be true ?
(किस बात से लेंचो ने वर्षा की भविष्यवाणी की ? क्या उसकी भविष्यवाणी सही सिद्ध हुई ?)
Answer:
1. Lencho was a farmer. He thought that the earth needed a shower.
(लेंचो एक किसान था। उसने सोचा कि पृथ्वी को बारिश की आवश्यकता है।)
2. The older boys were working in (UPBoardSolutions.com) the field. The smaller ones were playing near
the house. The woman called them for dinner. (बड़े लड़के खेत में काम कर रहे थे। छोटे लड़के मकान के पास खेल रहे थे। स्त्री ने उन्हें रात्रि के
भोजन के लिए बुलाया।)
3. Clouds in the North-East made Lencho predict a rainfall. Yes, his prediction
proved to be true. (उत्तर-पूर्व दिशा में बादलों के कारण लेंचो ने वर्षा की भविष्यवाणी की। हाँ, उसकी भविष्यवाणी सही सिद्ध हुई।)

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(2) The man went out ……………….. said to his sons. [From para 4 [2009, 11, 14, 15]]

Question.
1. Why did Lencho went out in the rain?
(लेंचो बारिश में बाहर क्यों गया?)
2. Identify the person who said the following:
(उसे व्यक्ति को पहचानिए, जिसने निम्नलिखित वाक्य बोले )
“It’s really getting bad now”…… “I hope it passes quickly.” what is he talking about ?
(वह किसके विषय में बातें कर रहा है ?)
3. Why did he look satisfied ?
(वह सन्तुष्ट क्यों दिख रहा था ?)
4. What have hailstones been compared to?
(ओलों की तुलना किससे की गयी है ?)
5. How did the hailstones affect Lencho’s fields’ ?
(ओलों ने लेंचो के खेतों को कैसे प्रभावित किया ?)
Answer:
1. Lencho went out in the rain to have the felling of rain on his body.
(लेंचो अपने शरीर पर बारिश का अनुभव प्राप्त करने के लिए बाहर बारिश में गया।)
2. The person is Lencho. He is talking about hailstones.
(यह व्यक्ति लेंचो है। वह ओलावृष्टि के विषय में बात कर रहा है।)
3. Lencho looked satisfied on account of rain which his cornfield badly needed.
(लेंचो वर्षा हो जाने के कारण सन्तुष्ट दिख रहा है जिसकी उसके अनाज के खेत को अत्यधिक आवश्यकता थी।)
4. Hailstones have been compared to new silver coins.
(ओलों की तुलना नये चाँदी के सिक्कों से की गयी है।)
5. The hailstones affected Lencho’s field badly. The corn was totally destroyed.
(ओलों ने लेंचों के खेत पर बुरा प्रभाव डाला। अनाज पूर्णत: (UPBoardSolutions.com) बरबाद हो गया।)

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(3) “It’s really getting………….. have no corn…”[From pura 4, 5 [2014]]

Question.
Write the name of the lesson from which the above passage has been taken. Who is the writer of this lesson?
(उपर्युक्त गद्यांश जिस पाठ से लिया गया है उसका नाम लिखिए। इस पाठ के लेखक कौन हैं?)
2. why was Lencho’s soul filled with sadness ?
(लेंचो का मन दुःख से क्यों भर गया ?)
Answers :
1. The above passage has been taken from the lesson A Letter to God. The writer of this lesson is G.L. Fuentes.
(उपर्युक्त गद्यांश A Letter to God (UPBoardSolutions.com) नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक G.L. Fuentes
2. The hailstones affected Lencho’s field badly. The corn was totally destroyed.So Lencho’s soul was filled with sadness.
(ओलों ने लेंचों के खेत पर बुरा प्रभाव डाला। अनाज पूर्णतः बरबाद हो गया। अतः लेंचो का मन दु:खे से भर गया।)

(4) All through the night…………….. because the hail storm….”[From para 5 [2010, 12, 15, 18]

Question.
What was Lencho’s problem ? What was his only hope ?
(लेंचो की क्या समस्या थी ? उसकी एकमात्र आशा क्या थी ?)
2. What did Lencho think of all through the night?
(पूरी रात लेंचों ने क्या सोचा ?)
3. What had Lencho learn about God?
(लेंचो ने भगवान् के विषय में क्या सीखा था ?)
4. Why would Lencho’s family go hungry? What help did he want ?
(लेंचो का परिवार भूखा क्यों मरेगा ? वह क्या सहायता चाहता था ?)
5. Quote the words which tell you that Lencho was a hard working man?
उन शब्दों को बताओ जो आपको बताते हैं कि लेंचो एक परिश्रमी व्यक्ति था ?
6. Why has Lencho been compared to an ox?
(लेंचो की तुलना एक बैल से क्यों की गयी है ?)
7. What did Lencho write in the letter to God ?
(लेंचो ने भगवान् को अपने पत्र में क्या लिखा ?)
                         Or
What help did Lencho want from God and why
(लेंचो भगवान से क्या सहायता चाहता था और क्यों ?)
Answer:
1. Lencho’s only problem was the total loss of his crops by hailstorm. His only hope was the help of God.
(लेंचो की एकमात्र समस्या ओलावृष्टि से उसकी फसल की पूर्ण हानि थी। उसकी एकमात्र आशा
भगवान् की सहायता थी।)
2. Lencho thought of all through the night only of his one hope ‘the help of God’.
(पूरी रात लेंचो ने केवल अपनी एक आशा के विषय में सोचा ‘भगवान से सहायता)
3. Lencho had learn about God that His eyes (UPBoardSolutions.com) see everything even in one’s
conscience. (लेंचो ने भगवान् के विषय में सीखा था कि उसकी आँखें प्रत्येक वस्तु को देख लेती हैं, किसी की अन्तरात्मा की बात को भी।)
4. Lencho’s family would go hungry because his crop was totally destroyed. He wanted 100 pesos to sow seeds.
(लेंचो का परिवार भूखा मर जाता क्योंकि उसकी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी। वह बीज बोने के | लिए सौ पीसोज़ चाहता था।)

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5. ‘Lencho was an ox of a man’. These words show that Lencho was a hard working man.
(दिए हुए शब्द बताते हैं कि लेंचो एक परिश्रमी व्यक्ति था।)
6. Lencho has been compared to an ox as he worked like an animal in the fields.
(लेंचो की तुलना बैल से की गयी है क्योकि वह अपने खेतों में एक पशु के समान कार्य करता था।)
7. Lencho wrote in his letter to God that he had badly needed one hundred pesos to sow his fields again and for his family to live.
(लेंचो ने भगवान् को अपने पत्र में लिखा कि उसे अपने खेतों को दोबारा बोने के लिए व परिवार पालने के लिए सौ पीसोज़ की अत्यन्त आवश्यकता है।)
                                            Or
Lencho wanted from God one hundred pesos to sow his fields again and for his family to live.
(लेंचो भगवान से अपने खेतों को दोबारा बोने के लिए व परिवार पालने के लिए सौ पीसोज़ चाहता था।)

(5) He wrote “To God” ……………………. correspondence with God!”[From para 5]

Question.
1. who laughed heartily and why?
(जोर से कौन हँसा और क्यों?)
2. Point out the qualities of postmaster as described in the passage.
(डाकपाल के वे गुण बताइए जिनका गद्यांश में वर्णन किया गया है।)
3. why was the postmaster surprised ? What did he wish for?
(डाकपाल को आश्चर्य क्यों हुआ? उसने क्या इच्छा की?)
Answer:
1. The postman laughed heartily because (UPBoardSolutions.com) he saw the letter addressed “To God” for the first time in his career.
(डाकिया जोर से हँसा क्योकि भगवान् के पते वाला पत्र उसने अपने सेवाकाल में पहली बार देखा था।)
2. The qualities of a postmaster described in the passage are that he was a fat and amiable fellow.
(गद्यांश में वर्णित डाकपाल के गुण हैं कि वह मोटा और मिलनसार व्यक्ति था।)
3. The postmaster was surprised at the faith of the letter-writer in God. He wished the same faith for himself.
(पत्र-लेखक के भगवान् पर विश्वास की बात पर डाकपाल को आश्चर्य हुआ। उसने भी अपने लिए ऐसे ही विश्वास की इच्छा की।)

(6) one of the employees………………….. ‘an act of charity’. [From para 5 & 6]

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Question.
What did the postman do when he saw the letter addressed to God? What was the postmaster’s reaction when he saw it ?
(जब डाकिए ने भगवान के पते वाला पत्र देखा तब उसने क्या किया? जब डाकपाल ने इसे देखा तब उसकी क्या प्रतिक्रिया थी?)
2. Why did the postmaster decide to answer the letter addressed to God ? Was it easy to do so?
(डाकपाल ने भगवान के पते वाले पत्र का उत्तर देने का निश्चय क्यों किया ? क्या ऐसा करना आसान था ?)
3. In the words ‘But he stuck to his resolution’ the word ‘resolution’ means :
(इन शब्दों ‘But he stuck to his resolution’ में से resolution का अर्थ है )

  1. formal expression of opinion by an official meeting.
  2. solving of doubt, problem, question
  3. firm decision.

Point out which one is the most suitable.
(सबसे उपयुक्त का चयन कीजिए।)
4. What did the postmaster do to answer the letter ?
(पत्र का उत्तर देने के लिए डाकपाल ने क्या किया?)
Answer:
1. When the postman saw the letter addressed to God, he laughed heartily.Seeing it the postmaster also broke out laughing but soon he became serious.
(जब डाकिए ने भगवान के पते वाला पत्र देखा तब वह खुलकर हँसी। इसे देखकर डाकपाल भी हँस पड़ा किन्तु शीघ्र ही वह गम्भीर हो गया।)
2. The postmaster decided to answer the letter addressed (UPBoardSolutions.com) to God not to shake the writer’s faith in God. No, it was not easy to do so.
(डाकपाल ने लेखक के भगवान् में विश्वास को बनाये रखने के लिए भगवान के पते वाले पत्र का उत्तर देने का निश्चय किया। नहीं, ऐसा करना आसान नहीं था।)
3. The word ‘resolution’ means firm decision’ and it is most suitable.
(‘resolution’ शब्द का अर्थ ‘firm decision’ है, जो कि सर्वाधिक उपयुक्त है।)
4. To answer the letter the postmaster collected some money from his employees and friends. He himself gave part of his salary.
(पत्र का उत्तर देने के लिए डाकपाल ने अपने कर्मचारियों तथा मित्रों से धन इकट्ठा किया। उसने स्वयं भी अपने वेतन का एक भाग दिया।)

(7) So, in order to shake ……….of his office. [From para 6 & 7 [2011, 15]]

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Question.
1. Who was collecting the hundred pesos and why?
(सौ पीसोज़ कौन इकट्टे कर रहा था और क्यों ?)
2.How much money was put in the envelope ? Who was the envelope addressed to ?
(लिफाफे में कितना धन रखा गया ? लिफाफे पर किसका पता लिखा गया ?)
3. Why did Lencho go to the post-office next day? What happened there ?
(अगले दिन लेंचो डाकखाने क्यों गया ? वहाँ क्या हुआ ?)
4. Why did the postmaster decide to answer the letter addressed to God ?
(डाकपाल ने भगवान के पते वाले पत्र का उत्तर देने का निश्चय क्यों किया?)
5. How did the postmaster collect the money to be sent to Lencho?
(डाकपाल ने लेंचो को भेजने के लिए धन कैसे इकट्ठा किया ?)
6. Who handed the letter to Lencho? What were the feelings of the postmaster when the letter was being handed to Lencho?
(लेंचो को पत्र किसने दिया ? जब लेंचो को पत्र दिया जा रहा था तब डाकपाल के क्या विचार थे ?)
7. Why was Lencho angry?
(लेंचो नाराज क्यों था?)
Answer:
1.The postmaster was collecting the hundred pesos to send to Lencho.
(डाकपाल लेंचो के पास भेजने के लिए सौ पीसोज़ इकट्टे कर रहा था।)
2. The postmaster put a little more than fifty pesos in the envelope. The envelope was addressed to Lencho.
(डाकपाल ने पचास से कुछ अधिक पीसोज़ लिफाफे में रख दिये। लिफाफे पर लेंचो का पता लिखा।)
3. The next day Lencho went to the post-office if there was a letter for him. The postman handed him a letter.
(दूसरे दिन लेंचो डाकखाने गया कि उसके लिए वहाँ कोई पत्र तो नहीं आया था। डाकिये ने उसे एक पत्र दिया।)
4. The postmaster decided to answer the letter addressed to God not to shake the writer’s faith in God.
(डाकपाल ने भगवान् के पते वाले पत्र का उत्तर देने का निश्चय पत्र लिखने वाले के भगवान में विश्वास को न डगमगाने के लिए किया।) ।
5. The postmaster collected the money to be sent to Lencho from his employees and friends. He himself gave a part of his salary.
(डाकपाल ने लेंचो को भेजने के लिए अपने कर्मचारियों तथा मित्रों से धन इकट्ठा किया। उसने स्वयं भी अपने वेतन का कुछ भाग दिया।)
6. Postman himself handed the letter to Lencho. The postmaster (UPBoardSolutions.com) was experiencing the contentment of a man who had performed a good deed.
(डाकिये ने स्वयं लेंचो को पत्र दिया। डाकपाल उस सन्तोष का अनुभव कर रहा था जो नेक काम
करने वाले व्यक्ति का होता है।)
7. Lencho was angry because the money was short.
(लेंचो नाराज था क्योंकि पैसा कम था।)

(8) Lencho showed not the ………. bunch of crooks. ILencho.” [From para 7 & 8 [2009, 12, 18]]

Question.
1. Why did Lencho not show any surprise on seeing the money ? Why did he
become angry? (धन को देखकर लेंचो ने तनिक भी आश्चर्य क्यों नहीं दिखाया ? वह नाराज क्यों हो गया ?)
2. Why did Lencho ask for paper and ink ? How did he affix a stamp to the envelope?
(लेंचो ने कागज और स्याही क्यों माँगी ? उसने लिफाफे पर टिकट कैसे लगाया ?)
3. How much money did Lencho get?
(लेंचो को कितना धन मिला ?)
4. Why did Lencho request God not to send money through the mail ?
(लेंचो ने भगवान् से यह प्रार्थना क्यों की कि वह धन डाक से न भेजे ?)
Answer:
1. Due to his confidence Lencho did not show any surprise on seeing the money.He became angry because the money was short.
(अपने विश्वास के कारण लेंचो ने धन को देखकर तनिक भी आश्चर्य नहीं दिखाया। वह नाराज हो गया क्योंकि धन कम था।)
2. Lencho asked for paper and ink to write a letter to God. He licked the stamp and affixed it to the envelope with a blow of fist.
(लेंचो ने कागज और स्याही भगवान् को पत्र लिखने के लिए माँगी। उसने टिकट को जीभ से गीला किया और लिफाफे पर मुट्ठी की चोट से चिपका दिया।)
3. Lencho got only seventy pesos.
(लेंचो को केवल सत्तर पीसोज़ मिले।)
4. Lencho requested God not to send money through the mail because post office employees were a bunch of crooks.
(लेंचो ने भगवान् से प्रार्थना की कि वह उसे धन डाक से न भेजें क्योंकि डाकघर के कर्मचारी धोखेबाजों का एक समूह हैं।)।

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LONG ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 60 words :

Question 1.
Give briefly the story of A Letter to God’. What did the post master do ?
(A Letter to God’ पाठ की कहानी का संक्षेप में वर्णन कीजिए। डाकपाल ने क्या किया?)
Answer:
Lencho was a poor farmer. Once the hailstorm destroyed his harvest. He had firm faith in God. So he wrote a letter to God, asking Him to send him money. The postmaster saw this letter. He decided to help Lencho. He collected some money with the help of his employees. He put it inside an envelope. When Lencho came to the post-office to check his mail, the envelope was delivered to him. Lencho opened it and took out the money. He found that it was less than he had asked for. He became angry. He wrote another letter to God to send him the rest of money, but not through mail because the post-office employees were a bunch of crooks.
(लेंचो एक गरीब किसान था। एक बार ओलों ने उसकी फसल नष्ट कर दी। उसे ईश्वर में अटूट विश्वास था। उसने ईश्वर को एक पत्र लिखा कि वे उसे धन भेज दें। डाकपाल ने यह पत्र देखा। उसने लेंचो की सहायता करने का निश्चय किया। उसने अपने कर्मचारियों की सहायता से कुछ धन एकत्रित किया। वह धन उसने एक लिफाफे में रख दिया। जब लेंचो डाकघर में अपनी डाक देखने आया, तब यह लिफाफा उसे दे। (UPBoardSolutions.com) दिया गया। लेंचो ने लिफाफा खोला और धन बाहर निकाल लिया। उसने देखा कि उसमें जो धन था, वह उससे कम था जितना उसने ईश्वर से माँगा था। वह नाराज हो गया। उसने ईश्वर को एक दूसरा पत्र लिखा कि वे शेष धन भी उसे भेज दें, परन्तु उसने इस बार धन डाक से न भेजने को कहा, क्योंकि डाक कर्मचारीगण धोखेबाजों का समूह हैं।)

Question 2.
Describe the falling of the rain and the damage it caused in the lesson A Letter to God’.
(A Letter to God’ पाठ में वर्षा तथा उससे होने वाली क्षति का वर्णन कीजिए।)
                                      Or
How did the hailstones affect Lencho’s fields ? What was his single hope? [2018]
(ओलों ने लेंचो के खेतों को कैसे प्रभावित किया? उसकी एकमात्र आशा क्या थी?)
Answer:
Lencho, a poor farmer needed a shower badly in his fields. He was sure that it would rain as he had seen clouds in the North-East. One day big drops of rain began to fall. Lencho went out and was very happy as the raindrops amounted to coins. His fields will yield rich crops due to these raindrops. But suddenly a strong wind began to blow and along with the rain very large hailstones began to fall. The smaller boys ran out to collect hailstones which appeared like frozen pearls. For an hour the hail rained everywhere including Lencho’s corn field. The field was white as if covered with salt. The flowers were gone from the plants. The corn was totally destroyed. Lencho’s soul was filled with sadness. His single hope was-help from God. So he asked God for money.
(लेंचो नामक गरीब किसान को अपने खेतों में वर्षा की अत्यन्त आवश्यकता थी। एक दिन वर्षा की बड़ी-बड़ी बूंदें गिरनी शुरू हो गयीं। लेंचो घर से बाहर आया और वह इतना प्रसन्न हुआ कि उसे वर्षा की बूंदें सिक्कों के समान लग रही थीं। वर्षा की इन बूंदों के कारण ही उसके खेत अच्छी फसल देंगे। अचानक तेज आँधी चलने लगी और आँधी के साथ बड़े-बड़े ओले भी गिरने लगे। छोटे बच्चे घर से बाहर आकर ओले एकत्र करने लगे जो उनको जमे हुए मोती जैसे लग रहे थे। ये ओले एक घण्टे तक लेंचो के मक्का के खेत सहित चारों ओर गिरते रहे। पूरा खेत सफेद था जैसे कि नमक से ढका हुआ हो। ओलों ने उसके पौधों (UPBoardSolutions.com) के सभी फूल तोड़ डाले थे। फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी थी। लेंचो का मन दु:खी हो उठा।) उनकी एकमात्र आशा थी—ईश्वरीय मदद। अत: उसने भगवान् से धन माँगा।।

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Question 3.
who was I Lencho ? Why did he write a letter to God? who received the letter and what did he do ? [2009, 10, 11, 14, 15, 17]
(लेंचो कौन था ? उसने भगवान् को पत्र क्यों लिखा ? पत्र किसने प्राप्त किया व उसने उसका क्या किया ?)
                                         Or
what was Lencho’s worry? what help did he seek from God? [2013]
(लेंचो की परेशानी क्या थी ? उसने ईश्वर से क्या सहायता माँगी ?)
                                         Or
What circumstances forced Lencho to seek help from God ? [2009, 11, 14, 17]
(किन परिस्थितियों ने लेंचो को भगवान् से सहायता लेने के लिए विवश कर दिया ?)
                                         Or
What did Lencho write to God? Who received this letter and what did he do?
(लेंचो ने भगवान को क्या लिखा ? पत्र किसने प्राप्त किया वे उसने उसका क्या किया?)
Answer:
Lencho was a hard-working farmer with a large family. Once the much needed and pleasant rain was followed by very large hailstones and the corn standing in Lencho’s field was totally destroyed. Nothing was left for the poor Lencho and his family. So, he wrote a letter to God, asking Him for one hundred pesos in order to sow his field again and live until the new crops came. The letter was received by a postman. The postmaster also read it and was moved. He collected seventy pesos and sent it to Lencho.
(लेंचो बड़े परिवार वाला एक परिश्रमी किसान था। एक बार वर्षा, जिसकी अत्यधिक आवश्यकता थी और जो मनभावन भी थी, अपने साथ बड़े-बड़े ओले भी लायी, जिससे लेंचो के खेत में खड़ी फसल पूर्णतया नष्ट हो गई। लेंचो के गरीब परिवार के लिए कुछ भी नहीं बचा। अंतः उसनें ईश्वर को एक पत्र लिखकर सौ पीसोज़ भेज देने की प्रार्थना की जिससे वह दोबारा अपने खेत बो सके तथा अगली फसल आने तक अपना निर्वाह कर सके। पत्र एक डाकिये को मिला। डाकपाल ने भी उसे पढ़ा। उसने सत्तर पीसोज़ एकत्रित किए और लेंचो को भेज दिए।)

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Question 4.
what kind of people were the post-office employees ? Was Lencho justified in calling them a bunch of crooks ?
(डाकघर के कर्मचारी किस प्रकार के व्यक्ति थे ? क्या लेंचो का उनको ‘धोखेबाजों का एक समूह कहना उपयुक्त था ?)
                                          Or
How did the post-office employees and postmaster help Lencho? How did Lencho react to their help?
(डाकखाने के कर्मचारियों और डाकपाल ने लेंचो की सहायता कैसे की? उनकी सहायता के प्रति लेंचो की प्रतिक्रिया क्या थी ?)
Answer:
Post-office employees were nice and generous. They laughed when they saw Lencho’s letter addressed to God. But soon they became s
ed to God. But soon they became serious because they were impressed by Lencho’s faith in God. They decided to send him some money. They collected 70 pesos and sent it to Lencho. When Lencho opened the envelope he found in it only 70 pesos whereas he had asked God for 100 pesos. He thought the post-office people had taken away 30 pesos from the envelope. So he called them bunch of crooks’. He was not justified in calling them crooks. But it only shows his firm faith in God and his innocence.
(डाकघर के कर्मचारी अच्छे व उदार थे। पत्र पाकर शीघ्र ही वे हँसे (UPBoardSolutions.com) जब उन्होंने लेंचो का ईश्वर को सम्बोधित पत्र देखा। परन्तु लेंचो के ईश्वर में अटूट विश्वास को देखकर वे प्रभावित हुए तथा शीघ्र ही गम्भीर हो गये। उन्होंने कुछ धन उसे भेजने का निर्णय किया। उन्होंने सत्तर पीसोज जुटाकर लेंचो को भेज दिए। जब लेंचो ने लिफाफा खोला तो उसे ईश्वर से माँगे गये सौ पीसोज़ की जगह मात्र सत्तर पीसोज़ मिले। उसे लगा कि डाक कर्मचारियों ने लिफाफे से शेष तीस पीसोज़ निकाल लिये हैं। इसी कारण उसने उन्हें ‘धोखेबाजों का समूह’ कहा। उनको ‘धोखेबाजों का समूह’ कहा जाना न्यायोचित नहीं था। लेकिन उसका ऐसा कहना केवल उसके ईश्वर में अटूट विश्वास तथा उसकी मासूमियत को प्रदर्शित करता है।)

Question 5.
Write a character sketch of the postmaster on the basis of the lesson, A Letter to God’. Give reasons for your liking. [2012, 14, 16]
नामक पाठ के आधार पर डाकपाल का चरित्र-चित्रण कीजिए। अपनी पसन्द के कारण भी लिखिए।)
Answer:
The best part of the postmaster’s character emerges when he opens the envelope. He decides to send some money to the letter writer so that his faith in God is maintained. He asks for money from his employees, he himself gives a part of his salary, and several of his friends join him in the ‘act of charity’. He puts the whole money in an envelope addressed to Lencho and with it a letter containing only a single letter as signature-God. This shows that the postmaster loves to perform good deeds and finds contentment from it. Thus, he is an amiable and large hearted fellow.
(डाकपाल के चरित्र का सर्वोत्तम भाग तब स्पष्ट होता है, जब वह पत्र वाले लिफाफे को खोलता है। उसने निश्चय किया कि पत्र-लेखक के भगवान् में विश्वास को बनाये रखने के लिए उसे कुछ धन अवश्य भेजना चाहिए। वह स्वयं अपने वेतन का कुछ भाग देता है तथा कुछ धन अपने कर्मचारियों व मित्रों से दान कार्य के लिए लेकर लेंचो को एक लिफाफे में रखकर ‘God’ की ओर से प्रेषित कर देता है। उसका यह कार्य दर्शाता है कि (UPBoardSolutions.com) डाकपाल अच्छे कार्य करने वाला एक उदार व्यक्ति है, जिसे इस प्रकार के कार्यों से सन्तुष्टि प्राप्त होती है। इस प्रकार वह एक मिलनसार और उदार हृदय वाला व्यक्ति है।)

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Question 6.
Give a character sketch of Lencho ? [2011, 15, 17, 18].
(लेंचो का संक्षिप्त चरित्र-चित्रण कीजिए।)
Answer:
Lencho is the main character of the story ‘A letter to God’.
1. A poor man : Lencho is a poor farmer. But one year his crop was completely destroyed by hailstones. Nobody helped him. He was helpless and sad.
2. Firm faith in God : Lencho had firm faith in God. He believed that God would help him in misery. He would not let him die in hunger.
3. Simple and innocent : Lencho was very simple and innocent. He wrote a letter to God and requested to send him 100 pesos. He did not know that it was impossible. He was not surprised to have an envelope with money. He believed that it was from God.
(लेंचो ‘भगवान को पत्र’ नामक कहानी का मुख्य पात्र है।
1. एक गरीब व्यक्ति-लेंचो एक गरीब किसान है। किन्तु एक वर्ष ओलों के द्वारा उसकी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। किसी ने उसकी सहायता नहीं की। वह असहाय और दु:खी था।
2. भगवान् में अटल विश्वास-लेंचो को भगवान में पक्का विश्वास था। उसे विश्वास था कि संकट में भगवान् अवश्य ही उसकी सहायता करेंगे। वे उसे भूख से नहीं मरने देंगे।
3. साधारण और नादान : लेंचो बहुत ही सीधा-सादा और नादान था। (UPBoardSolutions.com) उसने भगवान् को पत्र लिखा और प्रार्थना की कि मुझे एक सौ पीसोज़ भेज दो। वह नहीं जानता था कि यह असम्भव है। रुपयों का लिफाफा प्राप्त करके उसे आश्चर्य भी नहीं हुआ। उसे विश्वास था कि यह लिफाफा भगवान् ने ही भेजा है।)

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 25 words:
Question 1.
where was the house’ located ? why do you think it is called the house and not a house ?
(“The house’ कहाँ स्थित था ? आपके विचार में इसे ‘the house’ क्यों कहा गया, a house क्यों नहीं कहा गया ? )
                    Or
Where was Lencho’s house situated ?
(लेंचो का मकान कहाँ स्थित था ?)
Answer:
The house (Lencho’s house) was located on the top of a low hill. It is called ‘the house’because it was the only house in the whole valley. (मकान [लेंचो को मकान] एक नीची पहाड़ी की चोटी पर स्थित था। इसे the house कहा गया है क्योंकि पूरी घाटी में यही अकेला मकान था।) .

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Question 2.
Now we’re really going to get some water, woman.” Is Lencho sure that it is going to rain ? Give a reason for your answer.
(‘प्रिये, अब सचमुच हमें कुछ पानी प्राप्त होगा।” क्या लेंचो को विश्वास है कि वर्षा होने वाली है ? अपने उत्तर की पुष्टि के लिए एक कारण दीजिए।)
Answer:
Yes, Lencho is sure that it is going to rain because he has been looking at the sky since morning. The thick clouds in the north-east sky made the rain sure.
(हाँ, लेंचो को विश्वास है कि वर्षा होने वाली है, क्योंकि वह सुबह से ही आसमान की ओर ताक रहा था। उत्तर-पूरब में आए बादलों ने वर्षा की आगमन निश्चित कर दिया था।)

Question 3.
what happened at the meal time?
(खाने के समय क्या हुआ ?)
Answer:
At meal time big drops of rain began to fall.
(खाने के समय बारिश की बड़ी-बड़ी बूंदें गिरने लगीं।)

Question 4.
what objects does Lencho call new coins? why does he call them so ?
(किन वस्तुओं को लेंचो नये सिक्के कहता है ? वह उन्हें ऐसा क्यों कहता है ?)
                               Or
How did Lencho feel when it began to rain ?
(जब बारिश आरम्भ हुई तब लेंचो ने कैसा अनुभव किया ?)
Answer:
Lencho calls the raindrops new coins. The raindrops would enrich the harvest. He will get more money by selling it. So the raindrops have been called new coins.
(लेंचो बारिश की बूंदों को नये सिक्के कहता है। बारिश की बूंदें (UPBoardSolutions.com) फसल को अच्छा बनाएँगी। इसे बेचकर उसे अधिक धन मिलेगा। इसी कारण वर्षा की बूंदों को नये सिक्के कहा गया है।)

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Question 5.
How long did the hall rain ?
(ओले कितनी देर तक बरसे ?)
Answer:
The hail rained for an hour.
(ओले एक घण्टे तक बरसे।)

Question 6.
What was the effect of the hailstorm ? | (तूफान का क्या प्रभाव हुआ ?)
            Or
What damage did the hailstorm do ?
(तूफान ने क्या नुकसान किया ?)
Answer:
The hailstorm completely damaged the crops in Lencho’s fields. The corn was totally destroyed. The flowers had also fallen from the plants. (तूफान ने लेंचो के खेतों में फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। अनाज पूर्ण रूप से नष्ट हो गया। फूल भी। पौधों से गिर गये।)

Question 7.
why was Lencho sad? what was his only hope ?
(लेंचो क्यों उदास था ? उसकी एकमात्र आशा क्या थी ?)
                           Or
Why did Lencho ask God for money ? [2012]
(लेंचो ने भगवान से धन क्यों माँगा ?) ।
                          Or
Why did Lencho need help from God ? [2015]
(लेंचो को भगवान से सहायता की आवश्यकता क्यों थी ?)
Answer:
The rain with large hailstorm had ruined Lencho’s field of ripe corn. So he was sad. His only hope was—help from God. So he asked God for money.
(वर्षा और ओलों ने लेंचो के खेत में खड़ी पकी फसल को (UPBoardSolutions.com) नष्ट कर दिया था। इस कारण वह उदास था। उसकी एकमात्र आशा थी—ईश्वरीय मदद। अतः उसने भगवान से धन माँगा।)

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Question 8.
why did the postmaster laugh at Lencho’s letter? [2011]
(लेंचो के पत्र पर डाकपाल क्यों हँसा?)
Answer:
The postmaster laughed at Lencho’s letter because it was addressed to God.
(लेंचो के पत्र परे डाकपाल इसलिए हँसा क्योंकि इस पर भगवान् का पता लिखा था।)

Question 9.
When did Lencho receive the letter ? why did he become angry ? [2014]
(लेंचो को पत्र कब मिला ? वह नाराज क्यों हुआ?)
Answer:
Lencho received the letter on the following Sunday when he went to the post-office. He became angry because he received only seventy pesos instead of one hundred.
(लेंचो को पत्र अगले रविवार को मिला जब वह डाकखाने गया। वह इस कारण नाराज हुआ, क्योंकि उसे एक सौ पीसोज़ के स्थान पर केवल सत्तर पीसोज़ प्राप्त हुए।)

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Question 10.
why should the postmaster have not allowed Lencho’s letter to God to remain unanswered ?
(डाकपाल को लेंचो के द्वारा भगवान् को लिखे पत्र को बिना उत्तर के क्यों नहीं रहने देना चाहिए था ?)
Answer:
It would have been injustice to Lencho if the postmaster had allowed his letter to God to remain unanswered because it would have shaken his faith in God.
(यह लेंचो के प्रति अन्याय होता यदि भगवान् के नाम उसका (UPBoardSolutions.com) पत्र बिना उत्तर के रहने दिया जाता, क्योंकि इससे उसकी भगवान् में विश्वास डगमगा जाता।)

Question 11.
why did Lencho describe the post-office employees as a bunch of crooks’ ? Were they really a bunch of crooks ? [2008, 11]
(लेंचो ने डाकखाने के कर्मचारियों को ‘धोखेबाजों का समूह’ क्यों कहा? क्या वे धोखेबाजों का समूह थे ?)
Answer:
When Lencho opened the envelope, he found only 70 pesos instead of 100. He doubted that the post-office employees had taken out 30 pesos. So, he called them a bunch of crooks’. But really they were not a bunch of crooks.
(जब लेंचो ने लिफाफा खोला तब उसे 100 के बजाए 70 पीसोज़ मिले। उसे सन्देह हुआ कि डाकखाने के कर्मचारियों ने 30 पीसोज़ निकाल लिये। इसलिए उसने उन्हें ‘धोखेबाजों का समूह’ कहा। किन्तु वास्तव में वे ‘धोखेबाजों का समूह’ नहीं थे।)

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Question 12.
How would you describe the post-office employees ?
(आप डाकघर के कर्मचारियों का वर्णन कैसे करेंगे ?)
Answer:
The post-office employees were kind, generous and honest people. They helped a farmer in his need. They did not disappoint a person with utmost faith in God.
(डाकघर के कर्मचारी दयालु, उदार और ईमानदार लोग थे। उन्होंने एक किसान की उसकी आवश्यकता के समय सहायता की। उन्होंने भगवान् में अटूट विश्वास रखने वाले व्यक्ति को निराश नहीं किया।)

Question 13.
The postmaster was :
(a) kind, (b) generous, (c) fun-loving, (d) a good worker, (e) hardworking
Give an example in support of your answer.
(डाकपाल था-(a) दयालु, (b) उदार, (c) विनोदप्रिय, (d) एक अच्छा कर्मचारी, (e) परिश्रमी। अपने उत्तर की पुष्टि में एक उदाहरण दीजिए।)
Answer:
The postmaster realized the need of Lencho. So he was kind. He collected money for him. He himself gave a part of his salary. So he was generous. When he read Lencho’s letter, he laughed heartily. So he was fun-loving.
(डाकपाल ने लेंचो की आवश्यकता को अनुभव किया। इसलिए वह दयालु था। उसने उसके लिए धन इकट्ठा किया। उसने स्वयं भी अपने वेतन का एक भाग दिया। अत: वह उदार था। जब उसने लेंचो का पत्र पढ़ा, तब वह दिल खोलकर हँसा। (UPBoardSolutions.com) अत: वह विनोदप्रिय था।)

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Question 14.
Find out the meaning of this saying, “Give a dog a bad name and | hang it.” Who in this story has a bad name ?
(इस कहावत का अर्थ बताइए कि, “पहले किसी कुत्ते को बुरा नाम (पागल) कहो और फिर उसे मार दो।” इस कहानी में बुरा नाम किसे मिला ?)
Answer:
The dog is always faithful. Due to mistake, we sometimes feel that he is unfaithful and we condemn him. The postmaster, though generous, was mistaken by Lencho as a crook. (कुत्ता सदैव एक वफादार पशु है। कभी-कभी गलती से हम उसे अनिष्ठावान समझकर उसका तिरस्कार कर देते हैं। ठीक ऐसे ही, यद्यपि डाकपाल उदार व्यक्ति था, फिर भी लेंचो ने उसको धोखेबाज समझा।)

Question 15.
Describe the view that could be seen from the house,
(The house’ से दिखने वाले दृश्य का वर्णन कीजिए।)
Answer:
The view could be seen from the house was beautiful. One could, in the valley, see the river and the field of ripe corn dotted with flowers. It promised a good harvest.
(मकान से दिखाई देने वाला दृश्य सुन्दर था। घाटी में बहती हुई नदी व फूलों की छतरी से आच्छादित पके हुए अनाज के खेत देखे जा सकते थे। ये अच्छी फसल का शुभ संकेत थे।)

Question 16.
Why did Lencho go out when it started raining?
(जब वर्षा शुरू हुई लेंचो घर के बाहर क्यों गया ?)
Answer:
Lencho’s field needed rain. So when it started raining he was very happy. In his joy, he went out of the house. He wanted to feel the rain on his body too.
(लेंचो के खेत को पानी की जरूरत थी। अतः जब वर्षा होने लगी, वह बड़ा प्रसन्न हुआ। इस खुशी में वह घर से बाहर निकल गया। वह वर्षा का आनन्द अपने शरीर पर भी अनुभव करना चाहता था।)।

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Question 17.
What did Lencho think throughout the night?
(लेंचो रात भर क्या सोचता रहा ?)
Answer:
Throughout the night, Lencho thought only about the help from God. He learnt that God’s eyes see everything even what is deep in one’s conscience.
(लेंचो रात भर केवल ईश्वरीय सहायता के विषय में सोचता रहा। उसे मालूम था कि भगवान् की आँखें सब कुछ देख सकती हैं, यहाँ तक कि आदमी के अन्तर्मन की बात को भी।)

Question 18.
What did Lencho write in his letter to God ? How did he place it in the mail? [2015]
(लेंचो ने भगवान् को अपने पत्र में क्या लिखा ? उसने इसे किस प्रकार प्रेषित किया ?)
Answer:
Lencho wrote in his letter to God that he badly needed one hundred pesos to sow his fields again and for his family to live until the crop. He went to town, placed a stamp on the envelope and dropped it into the mailbox at the post-office.
(लेंचो ने भगवान् को अपने पत्र में लिखा कि उसे अपने खेतों को दोबारा (UPBoardSolutions.com) बोने के लिए वे फसल के आने तक अपना परिवार पालने के लिए सौ पीसोज़ की अत्यन्त आवश्यकता है। वह शहर गया, लिफाफे पर टिकट लगाया तथा इसे पोस्ट-ऑफिस के लैटरबॉक्स में डाल दिया।)

Question 19.
How did the postmaster collect money for Lencho ?
(डाकपाल ने लेंचो के लिए धन कैसे एकत्रित किया ?)
Answer:
The postmaster collected some money from his employees. He himself gave a part of his salary. He also made several of the friends to contribute for the noble cause.

(डाकपाल ने अपने कर्मचारियों से कुछ धन इकट्ठा किया। उसने अपने वेतन का कुछ हिस्सा दिया। उसने अपने कई मित्रों से भी इस पुण्य कार्य के लिए सहयोग लिया।)

Question 20.
How much money did Lencho need and how much money did he receive? [2012, 15, 17]
(लेंचो को कितना धन चाहिए था और उसे कितना धन प्राप्त हुआ ?) ।
Answer:
Lencho needed hundred pesos to sow his field and to live until the next crop. He received only seventy pesos.
(लेंचो को सौ पीसोज़ चाहिए थे जिससे वह अपने खेत में फसल बो सके तथा अगली फसल आने तक अपना निर्वाह कर सके। उसे केवल सत्तर पीसोज़ प्राप्त हुए।)

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Question 21.
what did Lencho write in his second letter to God? [2011]
(लेंचो ने अपने दूसरे पत्र में भगवान् को क्या लिखा ?)
                           Or
Why did Lencho not want the money to be sent by mail? [2016]
(इस बार लेंचो क्यों चाहता था कि उसे धन डाक से न भेजा जाए ?)
Answer:
Lencho wrote to God to send him the rest of money as he needed it badly. But he requested God not to send the money this time through mail because the post-office employees were dishonest.
(लेंचो ने भगवान् को लिखा कि उसे धन की अति आवश्यकता है; (UPBoardSolutions.com) अत: वह उसे शेष धन भी भेज दे। लेकिन उसने भगवान् से अनुरोध किया कि इस बार धन डाक से न भेजे क्योंकि डाक के कर्मचारी ईमानदार नहीं थे।)

Question 22.
what type of man was Lencho ? What were his main problems? [2015]
लेंचो कैसा आदमी था ? उसकी मुख्य समस्याएँ क्या थीं ?)
                            Or
Who was Lencho? What was his main problem ? [2016]
Answer:
Lencho was a simple and hard-working farmer. He had firm faith in God. He loved his family. He knew how to write and read. His main problem was of money.
(लेंचो सादा और मेहनती किसान था। उसका भगवान् में अटूट विश्वास था। उसे अपने परिवार से प्यार था। उसे लिखना तथा पढ़ना भी आता था। उसकी मुख्य समस्या धन की थी।) ।

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Question 23.
Why was Lencho annoyed with the postal employees ?
                           Or
Why was Lencho displeased when he received only seventy pesos? [2017]
(जब लेंचों ने केवल सत्तर पीसोज प्राप्त किए, वह अप्रसन्न क्यों था?)
Answer:
Lencho was annoyed with the postal employees because he doubted that they had taken out the money from the envelope. (लेंचो डाककर्मियों से इस कारण नाराज था क्योंकि उसे सन्देह था कि उन्होंने लिफाफे में से धन निकाल

Question 24.
Why did the postman go to his boss laughing heartily ? [2016]
(डाकिया खुलकर हँसता हुआ अपने बॉस के पास क्यों गया ?)
Answer:
The postman went to his boss laughing heartily because he had seen a letter addressed to God first time in his career.
(डाकिया अपने बॉस के पास इसलिए हँसता हुआ गया क्योंकि उसने अपने पूरे सेवाकाल में पहली बार ऐसा

Vocabulary  

(a) Match the words in List ‘A’ with their nearest meaning in List ‘B’:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 2 A Letter to God (G.L. Fuentes)

Answer:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 2 A Letter to God (G.L. Fuentes)

UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 2 A Letter to God (G.L. Fuentes)

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(b) Fill in the blanks with proper words from those given below :
1. Words: a bunch of crooks, heartily, correspondence, salary
Answer:

  1. The postmaster also laughed heartily.
  2. The government servants get their salary on the first day of each month.
  3. Lencho wanted to make correspondence with God.
  4. Nowadays you can easily find a bunch of crooks everywhere.

2. Words : conscience, daybreak, denied, licking
Answer:

  1. The birds chatter to welcome the daybreak.
  2. All of his friends denied to help him.
  3. The patient was licking his lips.
  4. Always do whatever your conscience says.

(c) Use the following phrases in your own sentences so as to make their meanings clear :
to pass quickly, an ox of a man, a bunch of crooks, dotted with, ask for
Answer:

  1. It went on raining and did not pass quickly.
  2. He works so hard that people call him an ox of a man.
  3. We go on pilgrimage. But we find (UPBoardSolutions.com) a bunch of crooks near every temple.
  4. The maidans of the Ganga are dotted with trees here and there.
  5. The beggars prefer to ask for money instead of flour.

Hope given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 2 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. UP Board Solutions try to provide online tutoring for you.