UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 3 किस्मत का खेल

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 3 किस्मत का खेल

किस्मत का खेल शब्दार्थ

स्वांग = ढोंग, नकल
किस्मत = भाग्य
जिक्र = उल्लेख
उम्मीद = आशा

किस्मत का खेल पाठ का सारांश

प्रत्येक वर्ष एक बड़े मंदिर में वर्षा ऋतु का उत्सव होता था। यहाँ मेला भी लगता था। मैं मामा जी और अपने मित्र नानू के साथ मेला देखने लगा। मामा जी अपने मित्रों के साथ चले गए। उन्होंने मुझे कुछ भी न खरीदने के लिए कहा।

नानू और मैं मेले में घूमते हुए एक ऐसी दुकान पर आए, जहाँ किस्मत का खेल चल रहा था। कई लोगों ने भाग्य आजमाया और इनाम पाया।

बड़ा इनाम पाने की उम्मीद रखकर मैंने भी भाग्य आजमाया। मेरे सारे पैसे खर्च हो गए। हर बार मुझे छोटी चीज मिली। लोग मेरी हँसी उड़ा रहे थे। मामा जी को पता चला, तो उन्होंने मुझे समझाया कि करन तुम ठगे गए। इनाम पाने वाले दुकानदार के ही आदमी थे। ये सब मिलकर लोगों को लालच देकर उन्हें ठग लेते हैं। यह सब उन लोगों की चाल होती है, किस्मत का खेल नहीं।

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किस्मत का खेल अभ्यास प्रश्न

शब्दों का खेल

प्रश्न १.
दिए गए अंश में उचित विराम चिह्न लगाओ (उचित विराम चिह्न लगाकर)-
फाटक से ही शंख, घड़ियाल, नगाड़ा, ढोल और खंजड़ी की आवाज सुनाई पड़ने लगीं। पुजारी गला फाड़-फाड़कर मन्त्र पाठ करने लगे।
भतीजों ने मुस्कराकर कहा, ‘महाराज! इसके बारे में आपका क्या ख्याल है?”
राजा बोले, “यह तो शिक्षा का महान सिद्धांत जान पड़ता है।”
पीछे से किसी ने कहा, “महाराज, आपने चिड़िया को भी देखा है।”

प्रश्न २.
ऐसे वाक्य की रचना करो
(क) जहाँ दो शब्दों के बीच में योजक चिह्न (-) का प्रयोग हुआ हो।
(ख) जिसके अंत में प्रश्नवाचक चिहन (?) का प्रयोग हुआ हो।
(ग) जिसमें अल्पविराम चिह्न (,) का प्रयोग हुआ हो।
(घ) जिसमें विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग हुआ हो।
उत्तर:
(क) माता-पिता की सेवा करनी चाहिए।
(ख) संसार को चलाने वाला कौन है?
(ग) आँधी आई, पेड़ गिरे और हलचल मच गई।
(घ) अहा! कितना सुंदर हिरण है।

प्रश्न ३.
नीचे लिखे शब्दों का प्रयोग करते हुए दो-दो वाक्य बनाओ (वाक्य बनाकर)
(१) मेले में तरह-तरह के खिलौने बिक रहे थे।
गिरगिट तरह-तरह के रंग बदलता है।

(२) आदिमानव ने धीरे-धीरे उन्नति की ओर कदम बढ़ाया।
यह संसार धीरे-धीरे पतन की राह पर बढ़ रहा है।

(३) खानाबदोशों की जिंदगी भागते-भागते ही कट जाती है।
इस दुनिया से भागते-भागते भी मानव मोह नहीं छोड़ पाता।

(४) रोते-रोते जीवन गुजारने वाला कभी सुखी नहीं रहता।
रोते-रोते हँसना तो कोई आप से सीखे।

(५) कारगिल के युद्ध में सैनिकों ने हँसते-हँसते प्राण न्योछावर कर दिए।
भगत सिंह जैसे देशभक्त हँसते-हँसते फाँसी के फंदे पर झूल गए।

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प्रश्न ४.
नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं, इन्हें प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो
(क) दो राजाओं के बीच हुए युद्ध की याद में नकली युद्ध किया जाता था।
(ख) वह मामा जी के पीछे-पीछे चल रहा था।
(ग) नानू ने मामा जी को सारी बात बता दी।
उत्तर:
(क) क्या दो राजाओं के बीच हुए युद्ध की याद में नकली युद्ध किया जाता था?
(ख) क्या वह मामा जी के पीछे-पीछे चल रहा था?
(ग) क्या नानू ने मामा जी को सारी बात बता दी?

प्रश्न ५.
इन उदाहरणों को पढ़ो और समझो
(क) दीपिका और गीतिका ने अलग-अलग चित्र बनाए।
(ख) यह गीत दीपिका या गीतिका सुना सकती है।
(ग) दीपिका ने कहानी सुनाई, परंतु गीतिका ने नहीं।
(घ) मैं कल आया था, लेकिन तुम नहीं आए।
(ङ) बादल खूब गरजे, किंतु वर्षा नहीं हुई।
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न ६.
अब एक-एक वाक्य तुम बनाओ जिसमें ‘और’, ‘अथवा’, ‘किंतु’, ‘परंतु’ और ‘लेकिन’ का प्रयोग हुआ हो।
उत्तर:
(क) श्याम और मैं मेला देखने गए।
(ख) यह काम सोहन अथवा मोहन कर सकता है।
(ग) मुनिया ने गाना गाया, परंतु चुनिया ने नहीं।
(घ) बादल खूब गरजे, किंतु वर्षा नहीं हुई।
(ङ) मैं शाम को आपसे मिलने आया था; लेकिन आप नहीं मिले।

बोध प्रश्न

प्रश्न १.
उत्तर दो
(क) वर्षा-ऋतु के उत्सव में लोग युद्ध स्वाँग किस प्रकार करते थे?
उत्तर:
वर्षा-ऋतु के उत्सव में लोग दो गुटों में बँटकर ढाल, तलवार से नकली युद्ध करते थे। इसमें न कोई मरता था, न कोई घायल होता था।

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(ख) करन मेला किसके साथ गया तथा वह मेले से क्या-क्या खरीदना चाहता था?
उत्तर:
करन मामा के साथ मेला गया। वह छतरी खरीदना चाहता था।

(ग) करन के पहले किन-किन लोगों ने बाजी लगाई?
उत्तर:
करन के पहले एक बुड्ढे और एक लड़के ने बाजी लगाई।

(घ) करन से पहले चार बार बाजी लगाने वाले लड़के को क्या वस्तुएँ मिली?
उत्तर:
करन से पहले लड़के को चार बाजियों में क्रमशः कंघी, फाउंटेन पेन, कलाई घड़ी और टेबल लैंप मिली।

(ङ) मामा जी ने किस्मत के खेल के विषय में क्या समझाया?
उत्तर:
मामा जी ने बताया कि यह किस्मत का खेल नहीं, ठगी का खेल था।

(च) करन की बाजी हारने के विषय में पहले क्या राय थी?
उत्तर:
पहले करन के विचार में यह किस्मत का खेल ही था कि भाग्य में जो होता है, वही मिलता है।

प्रश्न २.
सोचो और बताओ
(क) खेल में पहले बाजी लगाने वाले क्यों लगातार बाजी जीतते गए?
उत्तर:
खेल में पहले बाजी लगाने वाले दुकानदार के ही आदमी थे। इसलिए लगातार जीत रहे थे।

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(ख) करन की जगह तुम होते तो क्या बाजी जीत जाते? यदि ‘हाँ’ तो क्यों और ‘नहीं’ तो क्यों?
उत्तर:
करन की जगह हम होते, तो हम भी नहीं जीत सकते थे; क्योंकि यह ठगी का मामला था। इसमें जो बहकता, वही बाजी हारता। यदि हम बाजी जीत जाते, तो यह भाग्य का उपकार होता।

(ग) यदि बूढ़ा आदमी और एक छोटा लड़का पहले बाजी नहीं जीतते, तो किस्मत के खेल पर क्या प्रभाव पड़ता?
उत्तर:
यदि बूढ़ा आदमी और एक छोटा लड़का पहले बाजी नहीं जीतते, तो करन भी बाजी नहीं लगाता।

प्रश्न ३.
नीचे कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इन्हें कहानी के क्रम में लिखो (लिखकर)
उत्तर:
उत्सव के दिनों में बहुत बड़ा मेला भी लगता। मामा जी मुझे मेला ले गए। फिर उस दुकान पर आए, जहाँ भाग्य का खेल चल रहा था। एक बूढ़े आदमी ने अपनी किस्मत आजमाई। मैं बार-बार अठन्नी देकर किस्मत आजमाता रहा। घर जाते हुए रास्ते में मामा जी ने बताया कि किस्मत के खेल वाले आदमी ने तुम्हें ठग लिया था।

प्रश्न ४.
नीचे बायाँ स्तंभ ‘कारण’ और दायाँ स्तंभ ‘परिणाम’ के लिए बना है, किंतु कहीं ‘कारण’ गायब है तो कहीं “परिणाम’। पाठ के आधार पर सोचो और भरो- (सोच और भरकर)

क्योंकि (कारण) इसलिए (परिणाम)
उत्सव में युद्ध का स्वाँग होता था। इसलिए इस लड़ाई में न कोई घायल होता और न कोई मरता था।
उत्सव के दिनों में बहुत बड़ा मेला भी लगता। लोग साल भर की चीजें खरीदने के लिए इस मेले का इंतजार करते।
रास्ते में मामा जी के कुछ दोस्त मिल गए।  उन्हें अपने साथ ले गए।
दुकानदार ने चार रुपयों में बूढ़े से घड़ी खरीद ली।  बूढा खुश होकर चला गया।
लोग मेरे ऊपर हँस रहे थे। मैं परेशानी में चुप रहा।
मैंने खुद देखा था कि बुड्ढे को घड़ी और एक लड़के को दो-तीन कीमती चीजें मिलीं।

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तुम्हारी कलम से

प्रश्न १.
इन्हें करते समय क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए
(क) मेला जाते समय रास्ते में।
(ख) मेले में घूमते समय।
(ग) मेले में कुछ खाते-पीते समय।
(घ) मेले में कुछ खरीदते समय।
(ङ) मेले के खेल-तमाशों को देखते समय।
उत्तर:
(क) मेले में सदैव अपने बड़ों के साथ जाना चाहिए और ट्रक, कार, मोटरसाइकिल आदि से बचकर सड़क के बाईं ओर चलना चाहिए।
(ख) मेले में घूमते समय अपने बड़ों के साथ रहना चाहिए।
(ग) मेले में सदैव ढकी हुई और अच्छी वस्तुएँ ही खानी चाहिए।
(घ) मेले से सदैव अच्छी और टिकाऊ वस्तुएँ ही खरीदनी चाहिए।
(ङ) मेले में खेल-तमाशे सावधानीपूर्वक देखने चाहिए।

अब करने की बारी

(क) कहानी को संक्षेप में अपने शब्दों में सुनाओ।
(ख) किसी मेले में इस तरह के कितने खेल तुमने देखे हैं, जिनमें कुछ लोग ठगते हैं? उनकी सूची बनाओ।
(ग),तुम कहाँ-कहाँ मेले में गए हो तथा क्या-क्या खरीदा है? सूची बनाओ।
नोट – ये तीनों प्रश्न विद्यार्थी स्वयं करें।

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