UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 4 Human Development

UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 4 Human Development (मानव विकास)

UP Board Class 12 Geography Chapter 4 Text Book Questions

UP Board Class 12 Geography Chapter 4 पाठ्यपुस्तक से अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा विकास का सर्वोत्तम वर्णन करता है
(क) आकार में वृद्धि
(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन
(ग) आकार में स्थिरता
(घ) गुण में साधारण परिवर्तन।
उत्तर:
(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन।

(ii) मानव विकास की अवधारणा निम्नलिखित में से किस विद्वान की देन है
(क) प्रो० अमर्त्य सेन
(ख) डॉ० महबूब-उल-हक
(ग) एलन सी० सेम्पुल ।
(घ) रैटजेल।
उत्तर:
(ख) डॉ० महबूब-उल-हक।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए :
(i) मानव विकास के तीन मूलभूत क्षेत्र कौन-से हैं?
उत्तर:
दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन, ज्ञान प्राप्त करना एवं एक शिष्ट जीवन जीने के लिए पर्याप्त साधनों का होना मानव विकास के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पक्ष हैं। मानव विकास के ये पक्ष तीन मूलभूत क्षेत्रों में निहित होने आवश्यक हैं

  • संसाधनों तक पहुँच
  • स्वास्थ्य एवं
  • शिक्षा।

उपर्युक्त तीनों क्षेत्र के विकास से ही मानव विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

(ii) मानव विकास के चार प्रमुख घटकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मानव विकास के चार प्रमुख घटक हैं

  • समता
  • सतत पोषणीयता
  • उत्पादकता और
  • सशक्तीकरण।

(iii) मानव विकास सूचकांक के आधार पर देशों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर:
मानव विकास सूचकांक के आधार पर विश्व के देशों का वर्गीकरण निम्नलिखित चार प्रकार से किया गया है, जिसे तालिका में स्पष्ट किया गया है
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प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक में न दीजिए :
(i) मानव विकास शब्द से आपका क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
मानव विकास
मानव विकास का शाब्दिक अर्थ मानव के सर्वांगीण विकास से है। सर्वांगीण विकास के लिए मानव को. स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क तो चाहिए ही साथ ही विकास का उचित अवसर प्रदान करने वाला प्राकृतिक पर्यावरण और सामाजिक-आर्थिक परिवेश भी उपलब्ध होना चाहिए, जो एक नियोजित विकास प्रणाली का आधार है।

मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन डॉ० महबूब-उल-हक के द्वारा किया गया था। डॉ० हक ने मानव विकास का वर्णन एक ऐसे विकास के रूप में किया है जो लोगों के विकल्पों में वृद्धि करता है और उनके जीवन में सुधार लाता है। इस अवधारणा में सभी प्रकार के विकास का केन्द्र बिन्दु मनुष्य है। मानव विकास का मूल उद्देश्य ऐसी दशाओं को उत्पन्न करना है जिनमें लोग सार्थक जीवन व्यतीत कर सकते हैं। दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन जीना, ज्ञान प्राप्त करना तथा एक शिष्ट जीवन जीने के पर्याप्त साधनों का होना मानव विकास के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पक्ष हैं। अत: मानव विकास ऐसा विकास है जो विकास के विकल्पों में वृद्धि करता है। ये विकल्प स्थिर नहीं बल्कि परिवर्तनशील होते हैं। लोगों के विकल्पों में वृद्धि करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और संसाधनों तक पहुँच में उनकी क्षमताओं का निर्माण करना महत्त्वपूर्ण है। यदि इन क्षेत्रों में लोगों की क्षमता नहीं है तो विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। जैसे एक अशिक्षित बच्चा डॉक्टर बनने का विकल्प नहीं चुन सकता क्योंकि उसका विकल्प शिक्षा के अभाव में सीमित हो गया है। इसलिए लोगों को विकास की धारा में सम्मिलित करने के लिए उनको विभिन्न विकल्पों के चयन की स्वतन्त्रता, अवसर और क्षमता में वृद्धि करना मानव विकास का मुख्य लक्ष्य है।

(ii) मानव विकास अवधारणा के अन्तर्गत समता और सतत पोषणीयता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
मानव विकास के अन्तर्गत समता और सतत पोषणीयता
मानव विकास की अवधारणा के मूलत: चार स्तम्भ हैं—

  • समता
  • सतत पोषणीयता
  • उत्पादकता तथा
  • सशक्तीकरण।

इन चारों आधारी पक्षों में से प्रथम दो पक्षों का सर्वाधिक महत्त्व है।

समता का आशय एक सन्तुलित समाज या प्रदेश से है, इसके अन्तर्गत प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध अवसरों के लिए समान पहुँच की व्यवस्था करना महत्त्वपूर्ण है जिससे समतामूलक समाज का सृजन हो सके और लोगों को उपलब्ध अवसर-लिंग, प्रजाति, आय और जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान रूप से मिल सकें। भारत में स्त्रियों और सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए वर्गों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले व्यक्तियों को विकास के समान अवसर प्राप्त नहीं होते; अत: मानव विकास में इस अभाव को दूर करने का प्रयास समतामूलक विकास के माध्यम से किया जाता है।

सतत पोषणीयता टिकाऊ विकास को अभिव्यक्त करती है। मानव विकास के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पीढ़ी को विकास और संसाधन उपभोग के समान अवसर मिल सकें। अत: वर्तमान पीढ़ी को समस्त पर्यावरणीय वित्तीय एवं प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग भविष्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए। इस संसाधनों में से किसी भी एक का दुरुपयोग भावी पीढ़ियों के लिए विकास के अवसरों को कम करता है। इससे विकास का सतत चक्र अवरुद्ध हो जाता है। वर्तमान समय में पर्यावरण संसाधनों का जिस प्रकार दुरुपयोग हो रहा है उससे अनेक प्राकृतिक संसाधनों के समाप्त होने के खतरे में वृद्धि हुई है जिसे सतत पोषणीय विकास की बाधा के रूप में दर्ज किया जा सकता है। अत: मानव विकास अवधारणा की सतत पोषणीयता इसी गैर-टिकाऊ विकास की ओर सचेत करने पर बल देती है।

UP Board Class 12 Geography Chapter 4 Other Important Questions

UP Board Class 12 Geography Chapter 4 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मानव विकास सूचकांक को स्पष्ट कीजिए। सूचकांक के आधार पर विश्व के प्रमुख समूहों का विवरण दीजिए।
उत्तर:
मानव विकास सूचकांक
अनेक दशकों तक किसी देश के मानव विकास स्तर को केवल आर्थिक बृद्धि के सन्दर्भ में मापा जाता था। इस आधार पर जिस देश की अर्थव्यवस्था जितनी बढ़ी होती थी उसे उतना ही अधिक विकसित कहा जाता था। परन्तु अब मानव विकास में सभी को विकास के समान अवसर, सशक्तीकरण, सतत पोषणीयता और उत्पादकता को विशेष महत्त्व प्रदान किया जाता है।

मानव विकास का मापन, जिसे मानव विकास सूचकांक भी कहा जाता है, के अन्तर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा और संसाधनों तक पहुँच जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निष्पादन के आधार पर देशों का क्रम तैयार किया जाता है। इनमें से प्रत्येक आयाम को 1/3 भार दिया जाता है। मानव विकास सूचकांक इन सभी आयामों को दिए गए भारों का कुल योग होता है। यह सूचकांक स्कोर 1 के जितना अधिक निकट होता है मानव विकास का स्तर उतना ही उच्च होता है।

मानव विकास सूचकांक के आधार पर विश्व के प्रमुख समूह
मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अर्जित मानव विकास स्कोर के आधार पर विश्व के देशों को चार समूहों में वर्गीकृत किया जाता है
1. अति – उच्च सूचकांक मूल्य वाले देश-अति-उच्च मानव विकास सूचकांक वाले देशों में वे देश सम्मिलित हैं जिनका सूचकांक 0.8 से अधिक है। मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार इस वर्ग में 51 देश सम्मलित हैं।
तालिका 4.2 इस वर्ग के प्रथम दस देशों को दर्शाती है।
तालिकाः अति-उच्च सूचकांक मूल्य वाले सर्वोच्च 10 देश
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2. उच्च मानव सूचकांक मूल्य वाले देश – उच्च मानव विकास सूचकांक वाले देशों में वे देश सम्मिलित हैं जिनका सूचकांक 0.701 से 0.799 के बीच में है। मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार इस वर्ग में 56 देश सम्मिलित हैं।

उच्च मानव विकास सूचकांक वाले देश यूरोप में अवस्थित हैं और वे औद्योगीकृत पश्चिमी विश्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। फिर भी गैर-यूरोपीय देशों की संख्या आश्चर्यचकित करने वाली है, जिन्होंने इस सूची में अपना स्थान बनाया है।

3. मध्यम सूचकांक मूल्य वाले देश — मध्यम मानव विकास सूचकांक वाले देशों में वे देश सम्मिलित हैं जिनका सूचकांक 0.550 से 0.700 के बीच में है। मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार इस वर्ग में कुल 41 देश हैं। इनमें से अधिकांश देशों का विकास द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की अवधि में हुआ है। इस वर्ग के कुछ देश पूर्वकालीन उपनिवेश थे जबकि अन्य अनेक देशों का विकास सन् 1990 में तत्कालीन सोवियत संघ के विघटन के बाद हुआ है। इनमें से अनेक देश अधिक लोकोन्मुखी नीतियों को अपनाकर एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करके तेजी से अपने मानव विकास मूल्य को सुधार रहे हैं। इस वर्ग के देशों में उच्चतर मानव विकास के मूल्य वाले देशों की तुलना में सामाजिक विविधता अपेक्षाकृत अधिक पायी जाती है। इस वर्ग के देशों ने राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक विद्रोह का सामना किया है।

4. निम्न मूल्य सूचकांक वाले देश – निम्न मूल्य सूचकांक वाले देशों में वे देश सम्मिलित हैं जिनका सूचकांक 0.549 के नीचे है। मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार इस वर्ग में कुल 41 देश सम्मिलित हैं। इनमें अधिकांश छोटे देश हैं, जो राजनीतिक उपद्रव, गृहयुद्ध के रूप में सामाजिक अस्थिरता, अकाल एवं विभिन्न रोग प्रसरण की अधिक घटनाओं के दौर से गुजर रहे हैं। उन्नत नीतियों के द्वारा इस वर्ग के देशों को मानव विकास की आवश्यकताओं के समाधान की त्वरित आवश्यकता है।

अतएव मानव विकास-स्तर की दृष्टि से विश्व के देशों की तुलना करने पर यह कहा जा सकता है कि उच्च-स्तर वाले देशों में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के कारण सामाजिक क्षेत्र पर अधिक निवेश किया जाना है इसलिए इन देशों में राजनीतिक परिवेश के कारण लोगों को उपलब्ध स्वतन्त्रता अधिक है जबकि अन्य देशों की स्थिति इसके विपरीत है।

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प्रश्न 2.
मानव विकास उपागम क्या है? मानव विकास के मुख्य उपागमों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानव विकास के उपागम मानव विकास की अवधारणा गतिशील है। मानव विकास का किस रूप में अध्ययन किया जाए या अध्ययन का आधार क्या हो, मानव विकास उपागम कहलाता है। इस समस्या के प्रति सभी लोगों का एक समान दृष्टिकोण नहीं है। इसीलिए मानव विकास के उपागम भी भिन्न-भिन्न हैं। इसके चार महत्त्वपूर्ण उपागम निम्नलिखित हैं
1. आय उपागम – आय उपागम मानव विकास का सबसे प्राचीन उपागम है। इस उपागम में मानव विकास को आय के सम्बन्ध में देखा जाता है। इस उपागम में यह माना जाता है कि यदि किसी व्यक्ति की आय अधिक है तो उसका विकास स्तर भी उच्च होगा। अर्थात् आय का स्तर व्यक्ति द्वारा उपभोग की जा रही स्वतन्त्रता या अवसरों के स्तर को परिलक्षित करता है।

2. कल्याण उपागम – यह उपागम सरकार द्वारा मानव कल्याणकारी कार्यों में अधिकतम व्यय करके मानव विकास के स्तरों में वृद्धि करने पर बल देता है। इससे लोगों को अधिक-से-अधिक लाभ प्राप्त करने के अवसर प्राप्त होते हैं। इस उपागम में लोग केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता के रूप में होते हैं अर्थात् इसमें मानव को लाभार्थी या सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य के रूप में देखा जाता है। अतः कल्याण उपागम मानव विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सुख-साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का पक्षपाती है।

3. आधारभूत आवश्यकता उपागम – इस उपागम को अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने प्रस्तावित किया था। इसमें छह न्यूनतम आधारभूत आवश्यकताओं; जैसे-स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता और आवास की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। अत: यह उपागम मानव विकल्पों के प्रश्नों की उपेक्षा करता है और परिभाषित वर्गों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति को महत्त्वपूर्ण मानता है।

4. क्षमता उपागम – इस उपागम को प्रो० अमर्त्य सेन ने महत्त्वपूर्ण स्थान दिया है। इस उपागम में संसाधनों की मानव तक पहुँच की क्षमता में वृद्धि करने पर जोर दिया जाता है। अर्थात् मानव विकास की कुंजी मानव की संसाधन प्राप्त करने की क्षमता में वृद्धि करने में निहित है।

प्रश्न 3.
मानव विकास क्या है? मानव विकास की आवश्यकता क्यों है? कारण बताइए।
उत्तर:
मानव विकास का अर्थ
मानव के अस्तित्व के लिए अनिवार्य भोजन, वस्त्र और आवास तथा सुखदायक वस्तुओं को जुटाना मानव विकास है। मानव विकास का उद्देश्य जीवन की गुणवत्ता को सुधारना है।
मानव विकास की आवश्यकता के कारण
मानव विकास की आवश्यकता के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं

  • मानव विकास सामाजिक अशान्ति को कम करता है और राजनीतिक स्थिरता में वृद्धि करता है।
  • मानव विकास निर्धनता को समाप्त करके स्वस्थ एवं सभ्य समाज के निर्माण में सहायक है।
  • विकास की सभी क्रियाओं का अन्तिम उद्देश्य मानवीय दशाओं को सुधारना है।
  • मानव विकास भौतिक पर्यावरण हितैषी है।
  • मानव विकास मानव को बुद्धिमान तथा विवेकशील बनाता है।
  • मानव विकास उच्च आर्थिक विकास और उत्पादकता को निर्धारित करता है।

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प्रश्न 4.
वृद्धि और विकास का क्या अर्थ है? वृद्धि और विकास में अन्तर को समझाइए।
उत्तर:
वृद्धि का अर्थ – वृद्धि मात्रात्मक और मूल्य निरपेक्ष है। इसका चिह्न धनात्मक अथवा ऋणात्मक हो सकता है।
विकास का अर्थ – विकास का अर्थ गुणात्मक परिवर्तन है जो मूल्य सापेक्ष होता है।
वृद्धि और विकास में अन्तर
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प्रश्न 5.
उच्च मानव विकास सूचकांक तथा निम्न मानव विकास सूचकांक की विशेषताओं को समझाइए।
उत्तर:
उच्च मानव विकास सूचकांक की विशेषताएँ
उच्च मानव विकास सूचकांक की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  • उच्च मानव विकास सूचकांक वर्ग वाले देशों का स्कोर 0.701 से 0.799 के बीच होता है।
  • मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार इस वर्ग में 51 देश शामिल हैं।
  • इस वर्ग के देश सामाजिक क्षेत्रों पर अधिक निवेश करते हैं।
  • इस वर्ग के देश साधारणतया राजनीतिक उथल-पुथल और अस्थिरता से मुक्त होते हैं।
  • देश के संसाधनों का वितरण और अधिक समान होता है।

निम्न मानव विकास सूचकांक की विशेषताएँ
निम्न मानव विकास सूचकांक की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  • निम्न मानव विकास सूचकांक वर्ग वाले देशों का स्कोर 0.549 से नीचे होता है।
  • मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार इस वर्ग में 41 देश शामिल हैं।
  • इस वर्ग के देश सामाजिक क्षेत्र की बजाय सुरक्षा पर अधिक खर्च करते हैं।
  • इस वर्ग के देश प्राय: राजनीतिक दृष्टि से अस्थिर हैं।
  • इस वर्ग के देश आर्थिक विकास को तेजी से शुरू नहीं कर सके हैं।

लघ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मानव विकास का मापन पर टिप्पणी लिखिए। अथवा मानव विकास सूचकांक क्या है? इसे कैसे मापा जाता है?
उत्त:
मानव विकास सूचकांक (Human Development Index) का निर्धारण कुछ चुने हुए विकास मापदण्डों के आधार पर देशों का क्रम तैयार करके किया जाता है। यह क्रम 0 से 1 के मध्य स्कोर पर आधारित होता है। विकास मापदण्ड में स्वास्थ्य, जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, साक्षरता दर, क्रयशक्ति क्षमता आदि को सम्मिलित किया जाता है। इनमें से प्रत्येक आयाम को 1/3 भार (अंक) दिया जाता है। सभी विकास आयामों का सम्मिलित योग मानव विकास सूचकांक को दर्शाता है। यह सूचकांक स्कोर 1 के जितना अधिक निकट होता है, मानव विकास का स्तर उतना ही उच्च होता है।

वास्तव में मानव विकास सूचकांक विकास में उपलब्धियों का मापन करता है। यह दर्शाता है कि विभिन्न देशों ने मानव विकास के क्षेत्र में क्या-क्या उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। मानव गरीबी सूचकांक मानव विकास से सम्बन्धित है। यह सूचकांक मानव विकास में कमी को मापता है। मानव विकास के इन दोनों मापों का संयुक्त अवलोकन ही किसी देश में मानव विकास की स्थिति का यथार्थ चित्र प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 2.
विकास की अवधारणा का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विकास के अर्थ भिन्न-भिन्न लोगों के लिए भिन्न-भिन्न होते हैं। कुछ लोगों के लिए आय में वृद्धि विकास का सूचक है, जबकि अन्य विशेषज्ञ नियोजन, आय, जीवन-स्तर आदि के संयोग के स्तर में वृद्धि को विकास का मापदण्ड मानते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य लोग व्यक्तियों के जीवन की आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति को विकास मानते हैं। वास्तव में विकास की अवधारणा गतिशील है। सभी विद्वान् विकास की आवश्यकता पर एकमत हैं और लोगों के विकास के लिए तत्पर हैं। किन्तु विकास की अवधारणा और प्राप्त करने की विधियों पर मतैक्य नहीं है। फिर भी विकास का अर्थ प्रायः गुणात्मक परिवर्तन से लिया जाता है जो मूल्य सापेक्ष होता है। अत: यह कहा जा सकता है कि जब किसी क्षेत्र में सकारात्मक वृद्धि हो तो उसे विकास कहा जाता है।

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प्रश्न 3.
मानव विकास की अवधारणा के स्तम्भ उत्पादकता तथा सशक्तीकरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उत्पादकता का अर्थ मानव श्रम उत्पादकता या मानव कार्य के सन्दर्भ में उत्पादकता है। लोगों की कार्य क्षमताओं में वृद्धि करके ऐसी उत्पादकता में निरन्तर वृद्धि की जानी चाहिए। किसी राष्ट्र का सबसे मूल्यवान संसाधन मानव संसाधन है जिसकी कार्यक्षमता में वृद्धि करने के लिए उसे उत्तम स्वास्थ्य तथा शिक्षा के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।

सशक्तीकरण का अर्थ – किसी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्तियों को सामाजिक एवं आर्थिक शक्ति प्राप्त करने के विकल्पों के अवसर उपलब्ध कराना है। मनुष्य में ऐसी शक्ति बढ़ती हुई स्वतन्त्रता और क्षमता से आती है। लोगों को सशक्त करने के लिए सुशासन एवं लोकोन्मुखी नीतियों की आवश्यकता होती है। वर्तमान समय में मानव विकास सूचकांक की दृष्टि से निम्न स्तर वाले पिछड़े हुए समूहों के देशों के लिए सशक्तीकरण का विशेष महत्त्व है।

प्रश्न 4.
“मानव विकास के सामाजिक सन्दर्भ में शिक्षा का सबसे महत्त्वपूर्ण स्थान है।” स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
शिक्षा मानव का आभूषण है। मानव विकास में वृद्धि के लिए ज्ञान या शिक्षा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। शिक्षित समाज ही वास्तव में विकसित समाज कहलाता है। शिक्षा के दो मापदण्ड हैं। पहला मापदण्ड शिक्षक-शिष्य अनुपात है। अर्थात् शिक्षक-शिष्य अनुपात जितना कम होगा, शिक्षा की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी। दूसरा मापदण्ड शिक्षा या साक्षरता योग्यता के स्तर को मापना है। यह मापदण्ड जितना उच्च होगा उस देश का सामाजिक स्तर भी उतना ही उच्च होगा। यू० एन० डी० पी० की वर्ष 2016 की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश विकसित देशों में 98 प्रतिशत या इससे अधिक जनसंख्या साक्षर है। जबकि पिछड़े हुए देशों में 45 प्रतिशत से कम जनसंख्या साक्षर है जो इन देशों के निम्न मानव विकास स्तर को प्रकट करता है।

प्रश्न 5.
मानव विकास मापन की विधियों में परिवर्तन को समझाइए।
उत्तर:
मानव विकास मापन की विधियों में परिवर्तन

  • मानव विकास मापन की विधियों का निरन्तर परिष्कार हो रहा है।
  • मानव विकास के विभिन्न तत्त्वों के मापन की नई विधियों पर शोध हो रहे हैं।
  • विशेष प्रदेशों में भ्रष्टाचार के स्तर और राजनीति के सह-सम्बन्धों की जानकारी शोधकर्ताओं में जुटाई है।
  • राजनीतिक स्वतन्त्रता सूचकांक तथा सबसे अधिक भ्रष्ट देशों की सूची पर भी विचार विनिमय हो रहा है।

प्रश्न 6.
मध्यम सूचकांक वाले देशों की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर:
मध्यम सूचकांक वाले देशों की विशेषताएँ

  • इनमें से अधिकांश देशों का उदय द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद हुआ है।
  • इनमें से कुछ देश साम्राज्यवादी देशों के उपनिवेश थे।
  • इस वर्ग के अनेक देश लोक-लुभावन नीतियाँ अपनाकर तथा सामाजिक भेदभाव घटाकर विकास कर रहे हैं तथा मानव विकास के अधिक अंक अर्जित कर रहे हैं।

प्रश्न 7.
जीवन की सार्थकता क्या है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जीवन की सार्थकता

  • दीर्घजीवन, जीवन की सार्थकता नहीं है।
  • जीवन के कुछ उद्देश्य होने चाहिए।
  • लोग स्वस्थ रहें।
  • अपनी प्रतिभाओं का विकास कर सकें।
  • सामाजिक कार्यों में भाग ले सकें।
  • अपना लक्ष्य पाने के लिए स्वतन्त्र हों।

प्रश्न 8.
डॉ० महबूब-उल-हक और विकास को समझाइए।
उत्तर:
डॉ० महबूब-उल-हक के अनुसार

  • विकास लोगों के लिए विकल्पों का विस्तार करता है तथा उनके जीवन को उन्नत बनाता है।
  • इस संकल्पना में प्रत्येक श्रेणी के लोग सम्मिलित हैं।
  • विकल्प स्थायी न होकर परिवर्तनशील है।
  • विकास का मूल लक्ष्य ऐसी दशाएँ उत्पन्न करना है, जहाँ लोग एक सार्थक जीवन जी सकें।

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प्रश्न 9.
मानव विकास सूचकांक के लाभ/महत्त्व/गुण/आवश्यकता/उपयोगिता को समझाइए।
उत्तर:
मानव विकास सूचकांक के लाभ/महत्त्व/गुण/आवश्यकता/उपयोगिता

  • देश के भीतर और देशों के बीच अन्तर (विकास में) का मापन करता है, जो सकल राष्ट्रीय उत्पाद के द्वारा सम्भव नहीं है।
  • देश के अन्दर और देशों के बीच गरीबी की अधिकता को स्पष्ट करती है।
  • यह एक माप के रूप में कार्य करती है कि देश ने किस सीमा तक विकास किया है। क्या विकास के स्तर और दर में कुछ सुधार हुआ है।
  • यह देश को लक्ष्य निश्चित करने में सहायता करता है।

प्रश्न 10.
मानव विकास के कल्याण उपागम की विशेषताओं को समझाइए।
उत्तर:
कल्याण उपागम की विशेषताएँ

  • इस उपागम में निर्धनता, प्रादेशिक असमानताएँ तथा अभावों जैसे विषम व नगरीय स्थल, झोपड़ी इत्यादि शामिल हैं।
  • असमानता की समस्या पर विचार करने और समाधान खोजने के लिए इस विचारधारा का जन्म हुआ।
  • कौन, कहाँ और कैसे कल्याण उपागम के मुख्य बिन्दु हैं।
  • सरकार कल्याण पर अधिकतम व्यय करके मानव विकास के स्तरों में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।

प्रश्न 11.
डॉ० महबूब-उल-हक के अनुसार लोगों के विकल्पों में वृद्धि करने के लिए कौन-से तीन क्षेत्र महत्त्वपूर्ण हैं?
उत्तर:
डॉ० महबूब-उल-हक के अनुसार विकल्पों में वृद्धि करने के तीन क्षेत्र निम्नलिखित हैं
(1) स्वास्थ्य, (2) शिक्षा एवं (3) संसाधन।।

1. स्वास्थ्य का अभिप्राय है कि किसी देश के लोग अच्छा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
2. शिक्षा मानव जीवन के लिए आधारभूत क्षेत्र है।
3. संसाधन विकास के लिए आवश्यक है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मानव विकास क्या है?
उत्तर:
दीर्घजीविता, शिक्षा तथा उच्च जीवन-स्तर तथा स्वस्थ जीवन के सन्दर्भ में लोगों के विकल्पों को परिवर्धित करने की प्रक्रिया मानव विकास है। .

प्रश्न 2.
मानव विकास के स्तम्भों के नाम बताइए।.
उत्तर:
मानव विकास के चार स्तम्भ हैं

  • समानता
  • तत पोषणीयता
  • उत्पादकता और
  • सशक्तीकरण।

प्रश्न 3.
मानव विकास के उपागमों के नाम बताइए।
उत्तर:
मानव विकास के प्रमुख चार उपागम हैं

  • आय उपागम
  • कल्याण उपागम
  • न्यूनतम उपागम एवं
  • क्षमता उपागम।

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प्रश्न 4.
मानव विकास के किस उपागम के प्रस्तावक डॉ० अमर्त्य सेन हैं?
उत्तर:
मानव विकास के समता उपागम के प्रस्तावक डॉ० अमर्त्य सेन हैं।

प्रश्न 5.
अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (I.L.O.) ने मूलरूप से किस मानव विकास के उपागम को प्रस्तावित किया था?
उत्तर:
अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (I.L.0.) ने मूलरूप से आधारभूत आवश्यकता उपागम को प्रस्तावित किया था।

प्रश्न 6.
मानव विकास सूचकांक के आधार बताइए।
उत्तर:
मानव विकास सूचकांक के आधार तीन हैं-

  • दीर्घजीविता
  • ज्ञान एवं
  • जीवन स्तर के वंचन।

प्रश्न 7.
मानव विकास सूचकांक का मान कितना होता है?
उत्तर:
मानव विकास के पैमाने पर मानव विकास सूचकांक का मान 0 (शून्य) से 1 (एक) होता है।

प्रश्न 8.
UNDP का पूरा नाम क्या है?
उत्तर:
‘United Nations Development Programme’ (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम)।

प्रश्न 9.
मानव विकास का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
मानव विकास का उद्देश्य जीवन की गुणवत्ता में सुधार है।

प्रश्न 10.
मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार भारत किस स्थान पर है?
उत्तर:
मानव विकास प्रतिवेदन, 2016 के अनुसार भारत 131 वें स्थान पर है।

प्रश्न 11.
मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन किसने किया था?
उत्तर:
मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन डॉ० महबूब-उल-हक के द्वारा किया गया था।

प्रश्न 12.
डॉ० महबूब-उल-हक के अनुसार जीवन की सार्थकता क्या है?
उत्तर:
डॉ० महबूब-उल-हक के अनुसार सार्थक जीवन केवल दीर्घ नहीं होता। जीवन का कोई उद्देश्य होना भी आवश्यक है।

प्रश्न 13.
सर्वोच्च ‘उच्च मूल्य’ सूचकांक वाले दो देशों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  • नार्वे
  • स्विट्जरलैण्ड।

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प्रश्न 14.
सार्थक जीवन क्या है?
उत्तर:
सार्थक जीवन का अर्थ है कि लोग स्वस्थ हों, उनमें क्षमता बढ़ाने की योग्यता हो, समाज में सहयोगी बनें तथा अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए स्वतन्त्र हों।

प्रश्न 15.
सशक्तता से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
सशक्तता से तात्पर्य है कि प्रत्येक वर्ग विशेषकर महिलाओं को समाज में तथा देश की मुख्य धारा में शामिल किया जाए।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
वृद्धि का चिह्न हो सकता है
(a) ऋणात्मक
(b) धनात्मक
(c) ऋणात्मक अथवा धनात्मक
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(c) ऋणात्मक अथवा धनात्मक।

प्रश्न 2.
विकास का अर्थ है
(a) गुणात्मक परिवर्तन
(b) मूल्य सापेक्ष
(c) (a) व (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(c) (a) व (b) दोनों।

प्रश्न 3.
डॉ० महबूब-उल-हक ने मानव विकास सूचकांक निर्मित किया
(a) सन् 1990 में
(b) सन् 1994 में
(c) सन् 1996 में
(d) सन् 2000 में।
उत्तर:
(a) सन् 1996 में।

प्रश्न 4.
मानव विकास का केन्द्र बिन्दु है
(a) संसाधनों तक पहुँच
(b) स्वास्थ्य
(c) शिक्षा
(d) उपर्युक्त सभी।
उत्तर:
(d) उपर्युक्त सभी।

प्रश्न 5.
मानव विकास के सबसे पुराने उपागमों में से एक है
(a) आय उपागम
(b) ल्याण उपागम
(c) आधारभूत आवश्यकता उपागम
(d) क्षमता उपागम।
उत्तर:
(a) आय उपागम।

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प्रश्न 6.
संसाधनों तक पहुँच की क्रय शक्ति को किस सन्दर्भ में मापा जाता है
(a) यूरो
(b) येन
(c) डॉलर
(d) रुपया।
उत्तर:
(c) डॉलर।

प्रश्न 7.
अति-उच्च मानव विकास स्तर वाले देशों का मानव विकास सूचकांक का स्कोर होता है
(a) 0.8 से ऊपर
(b) 0.6 से ऊपर
(c) 0.7 से ऊपर
(d) 0.9 से ऊपर।
उत्तर:
(a) 0.8 से ऊपर।

प्रश्न 8.
संयुक्त राष्ट्र कब से प्रतिवर्ष मानव विकास सूचकांक का निर्धारण करता है
(a) सन् 1990 से
(b) सन् 1993 से
(c) सन् 1995 से
(d) सन् 1998 से।
उत्तर:
(a) सन् 1990 से।

प्रश्न 9.
विश्व के किस एकमात्र देश ने सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता (GNH) को देश की प्रगति का आधिकारिक माप घोषित किया है
(a) भूटान
(b) श्रीलंका
(c) जापान
(d) चीन।
उत्तर:
(a) भूटान।

UP Board Solutions for Class 12 Geography

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 भक्ति के पद (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 भक्ति के पद (मंजरी)

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समस्त पद्यांशों की व्याख्या

‘मीरा बाई’ हरि! तुम हरो ….…………………………………………… जहाँ तहाँ पीर।
संदर्भ- प्रस्तुत पद हमारी पाठ्य पुस्तक मंजरी के ‘भक्ति के पद’ नामक पाठ से लिया गया है। इसकी रचयिता मीरा बाई हैं।
प्रसंग- प्रस्तुत पद में कवयित्री श्री कृष्ण से लोगों के कष्ट को दूर करने की प्रार्थना कर रही हैं।
व्याख्या-कवयित्री मीराबाई श्री कृष्ण से विनती कर रहीं हैं कि प्रभु जिस प्रकार आपने द्रौपदी की लाज बचाई, जिस प्रकार आपने भक्त की रक्षा करने के लिए नरसिंह रूप धारण किया, जिस प्रकार (UPBoardSolutions.com) आपने ग्राह का अंत करके गज की रक्षा की उसी प्रकार आप हम लोगों का कष्ट भी दूर कीजिए।

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पग हुँघरू बाँधा…………………………………………………………… की दासी रे।
संदर्भ-पूर्ववत्।
प्रसंग-प्रस्तुत पद में मीराबाई ने श्री कृष्ण के प्रति अपने भक्ति की चर्चा की है।
व्याख्या-कवयित्री मीराबाई कहती है कि मैं तो अब अपने अराध्य श्रीकृष्ण की दासी बन चुकी हूँ। लेकिन उनके इस भक्ति से उनके परिवार के लोग खुश नहीं हैं। उनके पति राजा जी ने उन्हें विष का प्याला भेजा जिसे मीराबाई हँसते-हँसते पी गई। लोग कहते हैं कि मीरा कृष्ण की दीवानी हो गई है, पिता कहते हैं कि मीरा ने कुल का नाश कर दिया, लेकिन इन बातों का मीराबाई पर कोई प्रभाव नहीं है। वे तो अपने अराध्य श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हैं।

‘रसखान के भक्ति पद’

1.बैन वही उनको………………………………………………………….सो है रसखानि।
संदर्भ- प्रस्तुत पद हमारी पाठ्य पुस्तक मंजरी के ‘भक्ति के पद’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता रसखान जी हैं।
प्रसंग- प्रस्तुत पद में रसखान जी ने श्रीकृष्ण के प्रति अपनी अपार श्रद्धा एवं भक्ति की चर्चा की है।
व्याख्या-रसखान कहते हैं कि वाणी की सार्थकता तभी है जब वाणी द्वारा प्रभु के गुण गाया जाय और कान की सार्थकता तब है जब कान द्वारा प्रभु के गुणगान को सुना जाय। रसखान कहते हैं कि (UPBoardSolutions.com) मनुष्य के जीवन की सार्थकता इसी में है कि वह प्रभु के गुण गाता रहे और मन को सार्थकता इसमें है कि सदैव प्रभु का स्मरण रहे। रसखान कहते हैं कि श्रीकृष्ण अपने भक्तों को कभी नाराज नहीं करते और वे उनसे बहुत प्रेम करते हैं। वह तो आनंद की खान हैं। उनसे नाता जोड़ने में सुख ही सुख है। 

2.या लकुटी अरु ………………………………………………….…… कुजन ऊपर वारों।
संदर्भ-
पूर्ववत्।
प्रसंग-
पूर्ववत्।
व्याख्या-कवि रसखान कहते हैं कि तीना लोकों का राज्य भी श्रीकृष्ण के लाठी और कंबल के समक्ष तुच्छ है। बलराम कहते हैं कि आठों सिद्धि और मनों निधि का सुख बाबा नंद के गायों को चराने में है। रसखान कहते हैं कि पता नहीं कब वह अवसर आए जब मैं इन आँखों से ब्रज के बन, बाग और तालाब को देखेंगा। साथ ही वे कहते हैं कि वे ब्रज की काँटेदार झाडियों के लिए स्वर्ग और सोने के सौ महल भी न्यौछावर कर सकते हैं।

प्रश्न-अभ्यास 

कुछ करने कोनोट-विद्यार्थी स्वयं करें।
कविता से-
प्रश्न 1.
मीरा प्रभु से क्या प्रार्थना कर रही है?
उत्तर-
मीरा प्रभु से प्रार्थना कर रही है कि वे उसे अपना दासी बना लें ताकि मीरा प्रभु की सेवा सके और उनके निकट रह सके।

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प्रश्न 2.
द्रौपदी की सहायता ईश्वर द्वारा किस प्रकार की गई?
उत्तर-
ईश्वर ने (चीर) साड़ी को बढ़ाकर द्रौपदी की सहायता की।

प्रश्न 3.
कवि रसखान ने वाणी की क्या विशेषता बताई है?
उत्तर-
कवि रसखान ने वाणी की विशेषता बताते हुए कहा है कि वाणी के द्वारा ही हम ईश्वर का गुणगान करते हैं।

प्रश्न 4.
कवि रसखान ने तीनों लोकों के राज्य को कृष्ण की किन वस्तुओं से तुच्छ कहा है ?
उत्तर-
कवि रसखान ने तीनों लोकों के राज्य को श्रीकृष्ण की लाठी और कम्बल से तुच्छ कहा है।

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प्रश्न 5.
त्यौ रसखानि वही रसखानि जु हैं रसखानि सो है रसखानि पक्ति का आशय है‘‘भगवान श्री कृष्ण ऐसे हैं जो अपने भक्तों को कभी भी नाराज नहीं करते हैं और उनसे बहुत प्रेम करते हैं। वह तो आनन्द की खान हैं, उनसे नाता जोड़ने मे सुख ही सुख है। इसी प्रकार आप निम्नांकित पक्तियों के आशय स्पष्ट कीजिए (UPBoardSolutions.com)
(क) कोटिक हौ कलधौत के धााम करील के कुंजन ऊपर वारों।
(ख) जान वही उन प्रान के संग औ मान वही जु करै मनमानी।
उत्तर-
(क) कवि रसखान कहते हैं कि वे ब्रज की काँटेदार झाड़ियों के लिए सोने के सौ महल और स्वर्ग भी निछावर करने को तैयार हैं।
(ख) कवि रसखान कहते हैं कि मनुष्य के जीवन की सार्थकता इसी में है कि वह प्रभु के गुण गाता रहे और मन की सार्थता इसी में है कि वह सदैव ही प्रभु को स्मरण करता रहे।

प्रश्न’6.
नीचे दिए गए भावों से मिलती जुलती पंक्ति लिखिए
(अ) कान वही अच्छे हैं, जो हर पल भगवान श्री कृष्ण की वाणी सुनते हैं।
(ब) भक्त की रक्षा करने के लिए आप (ईश्वर) ने नरसिंह का रूप धारण किया।
उत्तर-
(अ) कान वही उन बैन सों सानी।
(ब) भक्त कारण रूप नरहरि, धरयो आप सरीर। 

भाषा की बात- 

प्रश्न 1.
वर्गों के ऊपर लगे बिंदु UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 भक्तिके पद (मंजरी) 1 को अनुस्वार तथा चन्द्र बिंदु UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 भक्तिके पद (मंजरी) 2 को अनुनासिक कहते हैं। अनुस्वार का प्रयोग क वर्ग, च वर्ग, ट वर्ग, त वर्ग, तथा प वर्ग, के पाँचवे वर्ण के स्थान पर किया जाता है।
बिन्दु UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 भक्तिके पद (मंजरी) 3 या चन्द्र बिंदु UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 भक्तिके पद (मंजरी) 4 लगाकर शब्दों को दोबारा लिखिएउत्तर-
आख – आँख                   गाव – गाँव
मुह – मुँह                        
पाच – पाँच
गगा – गंगा                      
गदा – गंदा
कपन – कंपन।               
चचल – चंचल

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प्रश्न 2.
पढ़िए समझिए और कुछ अन्य शब्द लिखिए-
(गर्मी) – धर्म
द्र (द्रुम) – क्रूर
टू (ट्रक) – ड्रम

प्रश्न 3.
दिए गए शब्दों के मानक रूप लिखिए- सरीर, लाज, प्रान, आपनो, गुन उत्तर- सरीर – शरीर, लाज – लज्जा, प्रान – प्राण, आपनो – अपना, गुन – गुण

प्रश्न 4.
ब्रजभाषा के शब्द – बैन, सानी, गात, उही, करै, अरू, को खड़ी बोली हिन्दी के रूप में लिखिए।
उत्तर-
बैन-वाणी, सानी-सुनना, गात-शरीर, उही-उनकी, करै-करना, अरू-और

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UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition

UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition (जनसंख्या संघटन)

UP Board Class 12 Geography Chapter 3 Text Book Questions

UP Board Class 12 Geography Chapter 3 पाठ्यपुस्तक से अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए :
(i) निम्नलिखित में से किसने संयुक्त अरब अमीरात के लिंग अनुपात को निम्न किया है
(क) पुरुष कार्यशील जनसंख्या का चयनित प्रवास
(ख) पुरुषों की उच्च जन्म दर
(ग) स्त्रियों की निम्न जन्म-दर
(घ) स्त्रियों का उच्च उत्प्रवास।
उत्तर:
(ग) स्त्रियों की निम्न जन्म-दर।

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या जनसंख्या के कार्यशील आयु वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है
(क) 15 से 65 वर्ष
(ख) 15 से 66 वर्ष
(ग) 15 से 64 वर्ष
(घ) 15 से 59 वर्ष।
उत्तर:
(ख) 15 से 59 वर्ष।

(iii) निम्नलिखित में से किस देश का लिंग अनुपात विश्व में सर्वाधिक है
(क) लैटविया
(ख) जापान
(ग) संयुक्त अरब अमीरात
(घ) फ्रांस।
उत्तर:
(क) लैटविया।

UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition

प्रश्न 2.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए
(i) जनसंख्या संघटन से आप क्या समझते हैं
उत्तर:
कोई भी जनसंख्या विभिन्न आयु वर्ग के स्त्री-पुरुषों से मिलकर बनती है। जनसंख्या संघटन जनसंख्या की उन विशेषताओं को प्रदर्शित करता है जिनकी माप की जा सके तथा जिनकी मदद से दो विभिन्न प्रकार के व्यक्तियों के समूह में अन्तर/तुलना की जा सके।
आयु, लिंग, साक्षरता, आवास का स्थान तथा व्यवसाय आदि ऐसे महत्त्वपूर्ण घटक हैं जो जनसंख्या के संघटन को प्रदर्शित करते हैं।

(ii) आयु संरचना का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
आयु संरचना का एक देश के जनांकिकीय तत्त्व के रूप में बड़ा महत्त्व है। आयु संरचना के आधार पर ज्ञात किया जा सकता है कि विभिन्न आयु वर्गों के लोगों का कितना प्रतिशत है।
जनसंख्या के तीन आयु समूह

  • यदि जनसंख्या में 0-14 आयु वर्ग की जनसंख्या अधिक है तो आश्रित जनसंख्या का अनुपात अधिक होगा। इस कारण आर्थिक विकास धीमा होगा।
  • 15-59 वर्ष के आयु वर्ग में अधिक जनसंख्या होने पर कार्यशील अथवा अर्जक जनसंख्या होने की अधिक सम्भावना होती है जो देश के संसाधनों के दोहन करने में सहायक होती है।
  • 60 वर्ष से ऊपर के आयु संरचना वर्ग में बढ़ती हुई जनसंख्या से वृद्धों की देखभाल पर अधिक व्यय होने का संकेत मिलता है।
    उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि जनसंख्या के जनांकिकीय निर्धारक के रूप में आयु संरचना का अध्ययन बहुत महत्त्वपूर्ण है।

(iii) लिंग अनुपात कैसे मापा जाता है?
उत्तर:
किसी देश की जनसंख्या में लिंग अनुपात पुरुष और महिलाओं की संख्या के बीच एक सन्तुलन का सूचक होता है। यह प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में मापा जाता है। इसके लिए अग्र सूत्र का प्रयोग किया जाता है
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 1

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक में न दें।
(i) जनसंख्या के ग्रामीण नगरीय संघटन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
निवास के आधार पर जनसंख्या को दो भागों में बाँटा जाता है
(1) ग्रामीण जनसंख्या एवं
(2) नगरीय जनसंख्या।
यह विभाजन आवश्यक है क्योंकि ग्रामीण और नगरीय जीवन आजीविका और सामाजिक दशाओं में एक-दूसरे से अलग होता है। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में अन्तर के आधार हैं—आयु लिंग संघटन, व्यावसायिक संरचना, जनसंख्या का घनत्व तथा विकास का स्तर।

सामान्यत: ग्रामीण क्षेत्र वे होते हैं, जो कि प्राथमिक क्रियाओं में लगे होते हैं जबकि नगरीय क्षेत्र वे होते हैं, जिनकी अधिकांश जनसंख्या गैर-प्राथमिक क्रियाओं में लगी होती है।

पश्चिमी देशों में ग्रामीण क्षेत्रों में स्त्रियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। नेपाल, पाकिस्तान और भारत जैसे देशों में स्थिति इससे विपरीत है। नगरीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की अधिक सम्भावनाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं के आगमन के कारण यूरोप, कनाडा और यू०एस०ए० के नगरीय क्षेत्रों में महिलाओं की अधिकता है। कृषि भी इन देशों में अत्यधिक मशीनीकृत है और यह लगभग पुरुष प्रधान व्यवसाय है। इसके विपरीत एशिया के नगरीय क्षेत्रों में पुरुष प्रधान प्रवास होने के कारण लिंगानुपात भी पुरुषों के अनुकूल है।

भारत जैसे देशों में ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि कार्यों में महिलाओं की सहभागिता काफी अधिक है। भारत में महिलाओं का नगरीय क्षेत्रों में प्रवास कम होने के कारण हैं-नगरों में आवास का अभाव, रहन-सहन की ऊँची लागत, रोजगार अवसरों की कमी एवं सुरक्षा का अभाव आदि।

(ii) विश्व के विभिन्न भागों में आयु-लिंग में असन्तुलन के लिए उत्तरदायी कारकों तथा व्यावसायिक संरचना की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
आयु-लिंग के असन्तुलन के लिए उत्तरदायी कारक . आयु-लिंग के असन्तुलन के लिए उत्तरदायी कारक निम्नलिखित हैं

  • स्त्री – पुरुष के जन्म दर में अन्तर–प्रत्येक समाज में जन्म के समय नर बच्चे, मादा बच्चों से अधिक पैदा होते हैं।
  • स्त्री – पुरुष की मृत्यु-दर में अन्तर-पुरुष और स्त्री मृत्यु-दरों में अन्तर होने के कारण भी लिंगानुपात में अन्तर आ जाता है। विकसित देशों में भी जीवन की सभी अवस्थाओं में पुरुष मृत्यु-दर स्त्री मृत्यु-दर से अधिक होती है। अतः जन्म के समय पुरुषों की बढ़ी हुई संख्या, उत्तरोत्तर समाप्त होती जाती है।
  • प्रवास – स्त्रियों और पुरुषों का प्रवास भी लिंगानुपात को गम्भीर रूप से प्रभावित करता है। प्रवास में लिंगीय चयनपरकता बहुत अधिक होती है।

व्यावसायिक संरचना
व्यावसायिक संरचना में 15-59 वर्ष के महिला तथा पुरुष दोनों ही कार्यरत जनसंख्या हैं जो कृषि, वानिकी, मत्स्य, विनिर्माण तथा निर्माण कार्यों में लगे होते हैं। कृषि तथा मत्स्य क्षेत्रों में पुरुष वर्ग अधिक कार्यरत है जबकि महिला वर्ग वानिकी तथा अन्य घरेलू कार्य में है। एक सर्वेक्षण के अनुसार खाड़ी के देशों में पुरुष जनसंख्या महिला जनसंख्या से अधिक है क्योंकि उन देशों में रोजगार के लिए प्रायः पुरुष ही अधिक प्रवास करते हैं।

UP Board Class 12 Geography Chapter 3 Other Important Questions

UP Board Class 12 Geography Chapter 3 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1.
लिंगानुपात से क्या आशय है? विश्व में लिंगानुपात के सामान्य प्रारूप का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
लिंगानुपात (लिंग संघटन)का अर्थ-जनसंख्या में पुरुषों और स्त्रियों के बीच के अनुपात को ‘लिंगानुपात’ कहा जाता है। भारत में यह अनुपात प्रति हजार पुरुषों और स्त्रियों की संख्या के रूप में दर्शाया जाता है।
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 2
विश्व में लिंगानुपात का सामान्य प्रारूप

  • विश्व में जनसंख्या का औसत लिंगानुपात, प्रति 100 स्त्रियों पर 102 पुरुष है।
  • विश्व में उच्चतम लिंगानुपात लैटविया में दर्ज किया गया है जहाँ प्रति सौ स्त्रियों पर 85 पुरुष हैं।
  • विश्व में निम्नतम लिंगानुपात संयुक्त अरब अमीरात में दर्ज किया गया है जहाँ प्रति सौ स्त्रियों पर 311 पुरुष हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सूचीबद्ध 139 देशों में लिंगानुपात स्त्रियों के लिए अनुकूल है, जबकि शेष 72 देशों में यह उनके लिए प्रतिकूल है।
  • चीन, भारत, सऊदी अरब, पाकिस्तान व अफगानिस्तान जैसे एशियाई देशों में लिंगानुपात अत्यधिक निम्न है।
  • रूस सहित यूरोप के एक बड़े भाग में पुरुष अल्प संख्या में हैं।
  • यूरोप के अनेक देशों में पुरुषों की कमी वहाँ स्त्रियों की बेहतर स्थिति तथा भूतकाल में विश्व के विभिन्न भागों में अत्यधिक पुरुष उत्प्रवास के कारण है।

UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition

प्रश्न 2:
आयु-लिंग पिरामिड का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आयु लिंग पिरामिड जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना का अभिप्राय विभिन्न आयु वर्गों में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या से है।
जनसंख्या पिरामिड का प्रयोग जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना को दर्शाने के लिए किया जाता है। जनसंख्या पिरामिड की आकृति जनसंख्या की विशेषताओं को परिलक्षित करती है। प्रत्येक आयु वर्ग में बायाँ भाग पुरुषों का प्रतिशत तथा दायाँ भाग स्त्रियों का प्रतिशत दर्शाता है।

चित्र में जनसंख्या पिरामिड के विभिन्न प्रकार दर्शाते हैं
1. विस्तारित होती जनसंख्या – अल्प-विकसित देशों में आयु-लिंग पिरामिड का आधार चौड़ा और . शीर्ष तेजी से पतला होता जाता है। इन देशों में उच्च जन्म-दर के कारण निम्न आयु वर्गों में विशाल जनसंख्या पायी जाती है जबकि वृद्धों की संख्या उत्तरोत्तर घटती जाती है। चित्र में नाइजीरिया का आयु-लिंग पिरामिड दर्शाया गया है जो अल्प-विकसित देशों का प्रतिरूपी है। यदि हम बंगलादेश और मैक्सिको के लिए पिरामिड की रचना करें तो वे भी ऐसे ही नजर आएंगे।
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 3

2. स्थिर जनसंख्या – स्थिर जनसंख्या को प्रदर्शित करने वाला आयु-लिंग पिरामिड घण्टी के आकार का होता है जो कि शीर्ष की ओर शुंडाकार होता जाता है। जन्म-दर और मृत्यु-दर लम्बे समय तक लगभग एक समान रहते हैं जिसके परिणामस्वरूप जनसंख्या स्थिर हो जाती है। चित्र में आस्ट्रेलिया का आयु-लिंग पिरामिड दिखाया गया है।
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 4

3. ह्रासमान जनसंख्या – ह्रासमान जनसंख्या के पिरामिड का आधार संकीर्ण और शीर्ष शुण्डाकार होता है। यह निम्न जन्म और मृत्यु-दरों को दर्शाता है। इन देशों में जनसंख्या वृद्धि शून्य अथवा ऋणात्मक होती है।. चित्र में जापान का आयु-लिंग पिरामिड दिखाया गया है।
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 5

प्रश्न 3.
आयु संरचना से आपका क्या अभिप्राय है? आयु वर्ग व उनकी विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
आयु सरंचना का अर्थ-किसी जनसंख्या की आयु संरचना से तात्पर्य विभिन्न आयु वर्गों में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के ज्ञान से है।
आयु संरचना को प्रभावित करने वाले तीन कारक प्रमुख हैं
(1) जन्म
(2) मृत्यु एवं
(3) प्रवास।
आयु वर्ग व उनकी विशेषताएँ
सामान्यतया किसी देश की जनसंख्या को तीन बड़े आयु वर्गों में रखा जाता है
1. बाल तथा तरुण आयु वर्ग – इस आयु वर्ग में 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को शामिल किया जाता है। युवा जनसंख्या के उच्च अनुपात का अर्थ है कि प्रदेश में जन्म दर उच्च है।
विशेषता – आर्थिक रूप से अनुत्पादक होने के कारण यह आयु वर्ग अपने परिवार पर आश्रित रहता है।

2. प्रौढ़ आयु वर्ग – 15 से 59 आयु वर्ग के बीच जनसंख्या का बड़ा आकार एक विशाल कार्यशील जनसंख्या को इंगित करता है।
विशेषता – यह आयु वर्ग आर्थिक दृष्टि से सर्वाधिक उत्पादक, सबसे अधिक प्रजननशील तथा जनांकिकीय दृष्टि से सर्वाधिक गतिशील होता है। यही वर्ग बाल आयु वर्ग की जनसंख्या का भरण-पोषण करता है तथा वृद्धों की देखभाल व सेवा करता है।

3. वृद्ध आयु वर्ग – इस आयु वर्ग में 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को शामिल किया जाता है।
विशेषता – इस आयु वर्ग में जनसंख्या अधिक होने पर वृद्धों की देखभाल व उनकी स्वास्थ्य सम्बन्धी . सेवाओं पर अधिक खर्च की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 4.
साक्षरता से आप क्या समझते हैं? साक्षरता दर को प्रभावित करने वाले कारकों को समझाइए।
उत्तर:
साक्षरता का अर्थ-संयुक्त राष्ट्र संघ जनसंख्या आयोग के अनुसार, “साक्षर व्यक्ति वह है जो 15 वर्ष या इससे अधिक आयु का हो और जो किसी भाषा में साधारण सन्देश को पढ़, लिख और समझ सकता हो।”

भारत की सन् 2001 की जनगणना के अनुसार, 7 वर्ष से अधिक आयु वाला जो व्यक्ति किसी भी भाषा को पढ़-लिख सकता है जिसमें समझ के साथ अंकगणितीय परिकलन की योग्यता हो, साक्षर कहलाएगा।”

साक्षरता दर कुल जनसंख्या में साक्षर व्यक्तियों के प्रतिशत को दर्शाती है। इसे ज्ञात करने की विधि
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 6
साक्षरता दर को प्रभावित करने वाले कारक
साक्षरता दर को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं

  • साक्षरता को सर्वाधिक प्रभावित शिक्षा की लागत करती है। आर्थिक रूप में विकसित देशों में साक्षरता और शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत उच्च होता है।
  • नगरों में साक्षरता अपेक्षाकृत अधिक पायी जाती है।
  • जिन समाजों में स्त्री को समानता के अधिकार दिए गए हैं वहाँ स्त्री साक्षरता की दर अपेक्षाकृत उच्च होती है।
  • साक्षरता दर को धार्मिक मान्यताएँ भी प्रभावित करती हैं। ईसाई धर्म में पुरुष और स्त्री दोनों की शिक्षा को बराबर महत्त्व दिया जाता है

जबकि मुस्लिम समाजों में स्त्रियों की साक्षरता दर बहुत कम है।
उन्नत तथा नगरीय अर्थव्यवस्थाएँ उच्चतर साक्षरता दर तथा उच्चतर शैक्षणिक स्तर को प्रतिबिम्बित करती हैं। साक्षरता एवं शिक्षा का निम्न स्तर ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था को इंगित करता है।

लघ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
लिंग संघटन (लिंगानुपात) के महत्त्व को समझाइए।
उत्तर:
लिंग संघटन (लिंगानुपात) का महत्त्व – लिंगानुपात से किसी देश में स्त्रियों की स्थिति के बारे में महत्त्वपूर्ण सूचना प्राप्त होती है। स्त्री-पुरुषों के अलग-अलग आँकड़े रोजगार, उपभोग प्रारूप तथा समुदाय की सामाजिक आवश्यकताओं को समझने के लिए आवश्यक हैं। लिंगानुपात अर्थव्यवस्था का सूचक होता है। अनेक जनसांख्यिकीय लक्षणों; जैसे-जन्मता, उत्पत्तिक्रम, मर्त्यता, प्रवास, वैवाहिक-स्तर तथा व्यावसायिक संरचना इत्यादि के विश्लेषण के लिए लिंगानुपात का ज्ञान महत्त्वपूर्ण है।

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प्रश्न 2.
लिंगानुपात प्रतिकूल होने के कोई चार कारण बताइए।
उत्तर:
जिन प्रदेशों में लिंग भेदभाव होता है, उन प्रदेशों में लिंगानुपात प्रतिकूल होता है। इसके कारण निम्नलिखित हैं

  • स्त्री भ्रूण की हत्या की प्रथा।
  • स्त्री शिशु की हत्या की प्रथा।
  • स्त्रियों के प्रति घरेलू हिंसा।
  • स्त्रियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर का निम्न होना।

प्रश्न 3.
आयु सरंचना के महत्त्व को समझाइए।
उत्तर:
आयु संरचना का महत्त्व

  • आयु संरचना विभिन्न आयु वर्गों के लोगों की संख्या को प्रदर्शित करती है।
  • जनसंख्या संघटन का यह एक महत्त्वपूर्ण सूचक है।
  • यह भिन्न आयु वर्ग के लोगों की संख्या को प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 4.
ऑस्ट्रेलिया में स्थिर जनसंख्या पिरामिड क्यों है?
उत्तर:
ऑस्ट्रेलिया का जनसंख्या पिरामिड घण्टी के आकार का है। यह शीर्ष की ओर शुण्डाकार होता जाता है। इसमें जन्म-दर तथा मृत्यु-दर लगभग समान हैं। परिणाम- स्वरूप जनसंख्या स्थिर हो जाती है।

प्रश्न 5.
जापान का जनसंख्या पिरामिड ह्रासमान क्यों है?
उत्तर:
जापान के जनसंख्या पिरामिड का आधार संकीर्ण है और शीर्ष शुण्डाकार है। यहाँ जन्म-दर तथा मृत्यु-दर निम्न है। जनसंख्या वृद्धि शून्य है या ऋणात्मक है।

प्रश्न 6.
उत्पादक जनसंख्या को समझाइए।
उत्तर:
उत्पादक जनसंख्या-देश की कुल जनसंख्या का वह भाग जो कार्य करके अपना जीवन-यापन करता है, उसे उत्पादक अर्जक जनसंख्या कहते हैं। भारत में इसका अनुपात 33.45 प्रतिशत है।

प्रश्न 7.
आश्रित जनसंख्या पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
आश्रित जनसंख्या-देश की कुल जनसंख्या का वह भाग जिसमें 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे, छात्र तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध आते हैं तथा घर में काम करने वाली महिलाएँ हैं। ये सभी कोई कार्य (धन कमाने का) नहीं करते। अतः इन्हें ‘आश्रित जनसंख्या में शामिल किया जाता है। भारत में लगभग 66 प्रतिशत जनसंख्या आश्रित है, जो देश के निम्न जीवन-स्तर का परिचायक है। ये लोग भरण-पोषण के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं।

प्रश्न 8.
ग्रामीण जनसंख्या की विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ग्रामीण जनसंख्या की विशेषताएँ

  • गाँवों में रहने वाली जनसंख्या को ‘ग्रामीण जनसंख्या’ कहते हैं।
  • ग्रामीण जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए प्राथमिक व्यवसायों जैसे कृषि, पशुपालन, खनन, मत्स्य, वनों के संग्रहण व कुटीर उद्योग पर निर्भर करती है।
  • ग्रामीण लोग सरल, धर्मनिष्ठ व सामुदायिक भावना से ओत-प्रोत होते हैं।
  • संयुक्त परिवार व आपसी सुख-दुःख में भागीदारी इनकी अन्य विशेषताएँ हैं।

प्रश्न 9.
नगरीय जनसंख्या की विशेषताएँ समझाइए।
उत्तर:
नगरीय जनसंख्या की विशेषताएँ

  • नगरों में रहने वाली जनसंख्या को ‘नगरीय जनसंख्या’ कहते हैं।
  • अपनी आजीविका के लिए नगरीय लोग द्वितीयक व तृतीयक, चतुर्थक एवं पंचम व्यवसायों जैसे विनिर्माण उद्योग, परिवहन, व्यापार, सेवाओं तथा उच्चतर बौद्धिक, परामर्श, प्रबन्धन व सुपर स्पेशलिस्ट कार्यों इत्यादि पर निर्भर करते हैं।
  • नगर के लोग एक विशिष्ट-जीवन पद्धति द्वारा अनुकूलित होते हैं तथा यहाँ जीवन की तीव्र गति और सम्बन्ध औपचारिक होते हैं।
  • सामाजिक दूरी, सामाजिक विषमता, आर्थिक दृष्टि से वर्गीकृत समाज, सामुदायिक भावना की कमी नगरीय संस्कृति के लक्षण हैं।

UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition

प्रश्न 10.
साक्षरता के महत्त्व पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
साक्षरता का महत्त्व-किसी देश में साक्षर जनसंख्या का अनुपात उसके सामाजिक-आर्थिक विकास का सूचक होता है। साक्षरता जनसंख्या के उस सामाजिक पक्ष को प्रतिबन्धित करती है जिसमें हमें जनसंख्या की गुणवत्ता का बोध होता है। शिक्षा के बिना मानव संसाधन का विकास नहीं किया जा सकता। निरक्षरता और पिछड़ापन एक-दूसरे के पूरक होते हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
लिंग अनुपात से क्या आशय है?
उत्तर:
जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को ‘लिंग अनुपात’ कहते हैं।

प्रश्न 2.
लिंग अनुपात ज्ञात करने का सूत्र बताइए।
उत्तर:
UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition 7

प्रश्न 3.
जनसंख्या को कितने आयु समूहों में बाँटा गया है? नाम लिखिए।
उत्तर:
जनसंख्या को तीन आयु समूहों में बाँटा गया है

  • युवक/तरुण
  • प्रौढ़/वयस्क तथा
  • वृद्ध।

प्रश्न 4:
कार्यशील जनसंख्या का आयु वर्ग क्या होता है?
उत्तर:
कार्यशील जनसंख्या का आयु वर्ग 15 से 59 वर्ष तक का होता है।

प्रश्न 5:
आयु-लिंग पिरामिड से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
आयु-लिंग पिरामिड एक विशेष प्रकार का रेखाचित्र होता है, जिसकी सहायता से जनसंख्या की आयु तथा लिंग संरचना का अध्ययन किया जाता है। इसकी आकृति पिरामिड से मिलती है।

प्रश्न 6.
ग्रामीण जनसंख्या के व्यवसाय बताइए।
उत्तर:
ग्रामीण जनसंख्या के प्रमुख व्यवसाय कृषि, मत्स्य, आखेट, एकत्रीकरण, खनन आदि हैं।

प्रश्न 7.
नगरीय जनसंख्या के प्रमुख व्यवसाय क्या हैं?
उत्तर:
नगरीय जनसंख्या के प्रमुख व्यवसाय उद्योग, व्यापार, परिवहन, सेवाएँ जैसे द्वितीयक एवं तृतीयक व्यवसाय हैं।

प्रश्न 8.
ग्रामीण जनसंख्या किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह जनसंख्या जो गाँवों में निवास करती है और प्राथमिक व्यवसायों में संलग्न है, ‘ग्रामीण जनसंख्या’ कहलाती है।

UP Board Solutions for Class 12 Geography Chapter 3 Population Composition

प्रश्न 9.
नगरीय जनसंख्या किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह जनसंख्या जो नगरों में निवास करती है और गैर-कृषि कार्यों में संलग्न है, ‘नगरीय जनसंख्या कहलाती है।

प्रश्न 10.
नगरों में महिलाओं के प्रवास को रोकने वाले कारक बताइए।
उत्तर:
नगरों में महिलाओं के प्रवास को रोकने वाले कारक हैं—

  • नगरों में आवास का अभाव
  • रहन-सहन की उच्च लागत
  • रोजगार अवसरों का अभाव, एवं
  • सुरक्षा की कमी आदि।

प्रश्न 11.
साक्षर से क्या आशय है?
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र संघ के जनसंख्या आयोग के अनुसार, 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग का व्यक्ति यदि एक सरल कथन को समझकर पढ़ तथा लिख सकता है, तो वह ‘साक्षर’ है।”

प्रश्न 12.
सक्रिय जनसंख्या से अलग किन्हें रखा जाता है?
उत्तर:
कार्यशील आयु से कम आयु के बच्चे, वृद्ध, सेवामुक्त व्यक्ति, गृहिणियाँ, विद्यार्थी आदि जो अपने जीवन-यापन के लिए किसी आर्थिक कार्य में संलग्न नहीं हैं।

प्रश्न 13.
व्यावसायिक संरचना किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी निश्चित आर्थिक कार्य में सक्रिय जनसंख्या (15 से 59 वर्ष) के आनुपातिक वितरण को ‘व्यावसायिक संरचना’ कहते हैं।

प्रश्न 14.
सक्रिय जनसंख्या किसे कहते हैं?
उत्तर:
पारिश्रमिकयुक्त व्यवसाय कार्यों में संलग्न तथा इन्हीं कार्यों से जीवकोपार्जन करने वाली जनसंख्या को आर्थिक रूप से ‘सक्रिय जनसंख्या’ कहा जाता है।

प्रश्न 15.
वृद्ध होती जनसंख्या से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
जनसंख्या का वृद्ध होना एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे बुजुर्ग जनसंख्या का हिस्सा अनुपात की दृष्टि से बड़ा हो जाता है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सबसे कम परिवर्तन अनुपात किस जनसंख्या वर्ग का होता है
(a) बाल वर्ग
(b) प्रौढ़ वर्ग
(c) वृद्ध वर्ग
(d) युवा वर्ग।
उत्तर:
(c) वृद्ध वर्ग।

प्रश्न 2.
आयु और लिंग पिरामिड में क्या प्रदर्शित किया जाता है
(a) आयु संरचना
(b) लिंग संरचना
(c) आयु और लिंग संरचना
(d) लिंग अनुपात।.
उत्तर-:
(c) आयु और लिंग संरचना।

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प्रश्न 3.
चौड़ा आधार तथा पतला होता शीर्ष आकृति वाला पिरामिड क्या दर्शाता है
(a) स्थिर जनसंख्या
(b) विकासशील जनसंख्या
(c) घटती जनसंख्या
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(b) विकासशील जनसंख्या।

प्रश्न 4.
आर्थिक दृष्टि से सर्वाधिक उत्पादक आयु वर्ग कौन-सा है.
(a) बाल वर्ग
(b) प्रौढ़ वर्ग
(c) वृद्ध वर्ग
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(b) प्रौढ़ वर्ग।

प्रश्न 5.
गैर कृषि कार्यों से संलग्न जनसंख्या को क्या कहा जाता है
(a) आश्रित जनसंख्या
(b) नगरीय जनसंख्या
(c) ग्रामीण जनसंख्या
(d) सक्रिय जनसंख्या।
उत्तर:
(b) नगरीय जनसंख्या

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौन-सा घटक जनसंख्या के संघटन को प्रदर्शित नहीं करता-.
(a) आयु
(b) लिंग
(c) साक्षरता
(d) प्रजननशीलता।
उत्तर:
(d) प्रजननशीलता।

प्रश्न 7.
कृषि कार्यों में संलग्न जनसंख्या को क्या कहा जाता है
(a) आश्रित जनसंख्या
(b) नगरीय जनसंख्या
(c) ग्रामीण जनसंख्या
(d) सक्रिय जनसंख्या।
उत्तर:
(c) ग्रामीण जनसंख्या।

प्रश्न 8.
जनसंख्या की आयु लिंग संरचना सबसे अच्छी प्रदर्शित होती है
(a) छाया आरेखं द्वारा
(b) दण्ड आरेख द्वारा
(c) वृत्त आरेख द्वारा
(d) पिरामिड आरेख द्वारा।
उत्तर:
(d) पिरामिड आरेख द्वारा।

प्रश्न 9.
प्रौढ़ आयु वर्ग से तात्पर्य है
(a) 15 से 59 वर्ष
(b) 10. से 40 वर्ष
(c) 20 से 60 वर्ष
(d) 12 से 49 वर्ष।
उत्तर:
(a) 15 से 59 वर्ष।

प्रश्न 10.
किस देश का विस्तृत जनसंख्या पिरामिड है
(a) कीनिया
(b) नाइजीरिया
(c) युगाण्डा
(d) चाड।
उत्तर:
(b) नाइजीरिया।

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UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 3 सच्ची वीरता (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 3 सच्ची वीरता (मंजरी)

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महत्वपूर्ण गद्याश की व्याख्या

सत्य की सदा जीत …………………………………………….विजय होती है।
संदर्भ-प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘सरदार पूर्ण सिंह’ द्वारा लिखित निबन्ध ‘सच्ची वीरता’ नामक पाठ से लिया गया है।
प्रसंग-प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने सच्चे वीर के गुणों का वर्णन किया है।
व्याख्या-सच्चे वीर की संत्य के कारण सदा जीत होती है। पवित्रता और सबके लिए प्रेम रखने के कारण उसकी विजय निश्चित होती है। सच्चे वीर यह अच्छी प्रकार जानते हैं कि इस संसार का (UPBoardSolutions.com) आधार धर्म और आध्यात्मिक नियम ही हैं। इन्हें अपनाकर आगे बढ़ने वाले वीर लोग हमेशा विजय प्राप्त करते आए हैं। जब हम कभी ………………………………………………….. रंग खिलेंगे। संदर्भ एवं प्रसंग-पूर्ववत्।
व्याख्या-लेखक ने वीरता के प्रभाव के विषय में बताया है। हम जब किसी वीर पुरुष की वीरता का वर्णन सुनते हैं तो शरीर में लहरें उठती हैं और तन रोमांचित हो उठता है। लेकिन दिखावे के कारण यह प्रभाव देर तक नहीं रह पाता क्योंकि हमें सचमुच वीर नहीं बनना चाहते। टीन के बर्तन का स्वभाव छोड़कर हमें सच्चाई के रास्ते पर दृढ़ हो जाना चाहिए। हमें जीवन की गहराई में घुसकर नए रंग खिलाने चाहिए।

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पाठ का सार (सारांश)

पाठ का सार (सारांश) सच्चे वीर पुरुष धीर, गम्भीर और स्वतन्त्र होते हैं। वीरता की अभिव्यक्ति कई प्रकार की होती है। कुछ वीर युद्ध में वीरता दिखाते हैं तो कुछ गूढ़तत्व और सत्य की खोज में बुद्ध की तरह विरक्त होकर वीर हो जाते हैं। वीरता एक प्रकार की अन्त:प्रेरणा है। उसके दर्शन करके लोग अचम्भित हो जाते हैं। वीर पुरुष सबके साथ एकीकृत हृदय (UPBoardSolutions.com) वाला और सबका होता है। यह देवदार के वृक्ष की भाँति स्वयं पैदा होकर, दूसरों को सहारा देने के लिए खड़ा हो जाता है। इसके प्रतिकूल बुजदिल (कायर लोग) जीवन को सब कुछ समझकर पीछे हटते रहते हैं।
वे गरजने वाले बादल हैं जो कभी बरसते नहीं। वीर पुरुष बरसने वाले बादल होते हैं जो मूसलाधार वर्षा करके चले जाते हैं। | वीर पुरुष का शरीर शक्ति का भंडार होता है। वीरों की नीति बल एकत्र करके उसकी वृद्धि में लगी होती है। वह वीर नहीं जो टीन के बर्तन की तरह झट से गर्म और ठण्डा हो जाए।
सत्य की सदा जीत होती है। यह वीरता का चिह्न है। जहाँ पवित्रता, प्रेम, धर्म और अटल आध्यात्मिक नियम हैं, वहीं जीत है। वीरता का प्रभाव पड़ता है परन्तु दिखावे के कारण लोग वीर नहीं बन पाते। टीन के बर्तन का स्वभाव छोड़कर हमें सच्चाई के रास्ते पर दृढ़ हो जाना चाहिए। हमें जीवन की गहराई में घुसकर नए रंग खिलाने चाहिए।

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प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को-
प्रश्न-
किसी भी साहसपूर्ण कार्य को बहादुरी से करना वीरता कहलाती है। सोचिए और लिखिए कि आपके आस-पास घटने वाली वे कौन-कौन सी स्थितियाँ हो सकती हैं जिनमें आप बहादुरी का परिचय दे सकते हैं।
उत्तर-
भयंकर आग लगने पर साथियों के साथ बाल्टियों में पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश करेंगे, जले हुए लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दिलाएँगे। बाढ़ की स्थिति में तैरकर लोगों की जीवन रक्षा करने की कोशिश करेंगे।

विचार और कल्पना
प्रश्न 1.
वीर पुरुष की तुलना बरसने वाले बादलों से और कायर पुरुष की तुलना गरजने वाले बादल से क्यों की गई है? |
उत्तर-
क्योंकि वीर पुरुष बरसने वाले बादल होते हैं जो मूसलाधार वर्षा करते हैं अर्थात सभी का कल्याण करते हैं और कायर पुरुष करते कुछ नहीं सिर्फ भाषण देते हैं अर्थात गरजते हैं।

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प्रश्न 2.
‘सच्चा वीर’ बनने के लिए आप अपने भीतर किन गुणों को विकसित करेंगे?
उत्तर-
‘सच्चा वीर’ बनने के लिए धैर्य, गम्भीरता, स्वतन्त्रता, उ
च्च मनोबल, पवित्रता और सबके प्रति प्रेम-भावना आदि गुणों को विकसित करेंगे।

प्रश्न 3.
‘वीरों को बनाने के कारखाने कायम नहीं हो सकते’-आप इस बात से सहमत हैं या असहमत कारण सहित स्पष्ट करें। . उत्तर-वीरों को बनाने के कारखाने कायम नहीं हो सकते-मैं इस बात से (UPBoardSolutions.com) पूर्ण सहमत हूँ। क्योंकि वीरता एक स्वाभाविक गुण है, यह मनुष्य में अपने-आप होती है। किसी को प्रशिक्षण देकर वीर नहीं 
बनाया जा सकता, वीरता के गुण किसी में भरे नहीं जा सकते, वे उनमें मौजूद होते हैं।

निबन्ध से-
प्रश्न 1.
किसने क्या कहा? कोष्ठक में दिये गये नामों से चुनकर वाक्य के सामने लिखिए (लिखकर)-
(महाराजा रणजीत सिंह, मंसूर, नेपोलियन, बादशाह)
उत्तर-
(क) “अनलहक’ (अहं ब्रह्मास्मि)।                 –      मंसूर
(ख) मैं तुमको अभी जान से मार डालूंगा।    –     बादशाह
(ग) अटक के पार जाओ।                              
–      महाराजा रणजीत सिंह
(घ) “आल्प्स है ही नहीं।                                
–      नेपोलियन

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प्रश्न 2.
लेखक के अनुसार दुनिया किस पर खड़ी है
(क) धन और दौलत पर।
(ख) ज्ञान और पांडित्य पर।
(ग) हिंसा और अत्याचार पर।
(घ) धर्म और अटल आध्यात्मिक नियमों पर।
उत्तर-
(घ) धर्म और अटल आध्यात्मिक नियमों पर।

प्रश्न 3.
अपने अन्दर की वीरता को जगाने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उपयुक्त कथन पर सही (✓) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर):
उत्तर-
(क)
हथियारों को एकत्र करना चाहिए।
(ख) वाद-विवाद करना चाहिए। ।
(ग) सच्चाई की चट्टान पर दृढ़ता से खड़ा होना चाहिए। (✓)
(घ) झूठी बातें करनी चाहिए।

प्रश्न 4.
सच्चे वीर पुरुष में कौन-कौन से गुण होते हैं?
उत्तर-
सच्चे वीर पुरुष में धैर्य, गम्भीरता, स्वाभिमान, साहस आदि गुण होते हैं। उनमें उच्च मनोबल, पवित्रता और सबके प्रति प्रेम की भावना होती है।

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प्रश्न 5.
बादशाह द्वारा जान से मारने की धमकी देने पर गुलाम ने क्यों कहा?
उत्तर-
गुलाम ने फाँसी पर चढ़ जाने और बादशाह का तिरस्कार करने की बात कही।

प्रश्न 6.
शरीर पर जरा जोर से हाथ लगाने पर लोग डर के मारे अधमरे क्यों हो जाते हैं?
उत्तर-
लोग शरीर को जीवन का केन्द्र समझते हैं। इस कारण शरीर-रक्षा के निमित्त लोग डर के मारे अधमरे हो जाते हैं।

प्रश्न 7.
लेखक ने वीरों को देवदार के वृक्षों के समान क्यों कहा है?
उत्तर-
वीर पुरुष देवदार की तरह स्वयं पैदा होते हैं और अपने सहारे मजबूत बनकर दूसरों के काम । आते हैं। अर्थात वीर पुरुष भी देवदार की तरह बहुत उपयोगी होते हैं।

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भाषा की बात-

प्रश्न 1.
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखते हुए इनका वाक्य में प्रयोग कीजिए 
डर से अधमरा होना, छाती ठोंककर आगे बढ़ना, रास्ता साफ होना, रंग चढ़ना, . दिल को बाँध देना।
उत्तर-
डर से अधमरा होना-(अधिक डर जाना) साँप को सामने देखकर सीमा डर के मारे अधमरी हो गई। छाती ठोंककर आगे बढ़ना-(हिम्मत दिखाना) आतंकवादी को भागता देखकर सुरक्षाकर्मी छाती ठोंककर आगे बढ़ा।

रास्ता साफ होना-(रुकावट न होना।) रास्ता साफ हो जाने पर रेलगाड़ियाँ लम्बा चक्कर छोड़कर अपने नियत पथ पर चलने लगीं। | रंग चढ़ना-(असर होना।) वीर पुरुष को देखकर वीरता का रंग चढ़ना स्वाभाविक है।
दिल को बाँध देना-(दिल काबू कर लेना।) गांधी जी ने अपने सर्व धर्म समभाव से लोगों के दिलों को बाँध लिया था।.

प्रश्न 2.
आजाद, गुलाम, बादशाह, कैदी, फौज, दरिया और कुदरत उर्दू के शब्द हैं। हिन्दी में इनके समानार्थी शब्द लिखिए।
उत्तर–
स्वतन्त्र, सेवक, राजा, बन्दी, सेना, नदी और प्रकृति। 

प्रश्न 3.
‘सत्त्व’ शब्द में ‘त्व’ प्रत्यय जुड़कर सत् + त्व = सत्त्व बन गया है। नीचे लिखे शब्दों में ‘त्व’ जोड़कर नए शब्द बनाइए। . : उत्तर- महत्-महत्त्व, प्रभु-प्रभुत्व, तत्-तत्त्व, वीर-वीरत्व।

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प्रश्न 4.
विलोम या निषेध के अर्थ में कुछ शब्दों के पूर्व ‘अ’ या ‘अन्’ जुड़ जाता है, जैसे- ‘सम्भव’ से ‘असम्भव’ और ‘आवश्यक’ से ‘अनावश्यक’ शब्द बनता है। ‘अन्’ का प्रयोग उस समय होता है, जब शब्द के आरम्भ में कोई स्वर हो। अ, अन् की सहायता से नीचे लिखे शब्दों का विलोम शब्द बनाइए- उपस्थित, स्थायी, साधारण, समान, उदार।
उत्तर-
उपस्थित-अनुपस्थित                स्थायी-अस्थायी            साधारण-असाधारण
समान–असमान                       उदार-अनुदार

प्रश्न 5.
आल्प्स’ शब्द आ + ल् + प् + सु + अ से बना है। इसमें लु, पू, स् क़म से तीन व्यंजन आए हैं, इन्हें व्यंजनगुच्छ कहा जाता है। पाठ से इस प्रकार के व्यंजनगुच्छ वाले शब्द चुनकर लिखिए।
उत्तर-
ब्रह्मास्मि, अभिव्यक्ति, आध्यात्मिक।

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UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 काकी (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 काकी (मंजरी)

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महत्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या यद्यपि

यद्यपि बुद्धिमान ………………………………………………………………………….ताका करता।
संदर्भ- प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘काकी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक सियारामशरण गुप्त हैं।
प्रसंग- प्रस्तुत कहानी में एक अबोध बालक का अपनी माँ के प्रति गहरा प्रेम प्रदर्शित किया गया है। श्यामू की माता ‘काकी’ को लोग श्मशान ले गए। अबोध श्यामू घर पर ही रहा।
व्याख्या- बालक श्याम को अबोध जानकर उसे माँ की अनुपस्थिति में दिलासा देने के विचार से बड़े लोगों ने उसे बहका दिया था। उन्होंने उसे बताया कि काकी को मामा ले गया है। लेकिन धीरे-धीरे श्यामू को यह बात मालूम हुई कि काकी भगवान के पास गई है, जो ऊपर आसमान में रहता है। श्यामू काकी से मिलने के लिए कई दिन तक रोता रहा। (UPBoardSolutions.com) जब वह नहीं आई तो उसने रोना बन्द कर दिया । क्योंकि यह स्वाभाविक बात थी। आखिर उसे रोना बन्द तो करना ही पड़ता। फिर भी काकी से न मिल पाने का हृदय में गहरा दुख था। वह अकेला बैठा-बैठा यह सोचता रहता कि काकी आसमान से किस प्रकार उसके पास आए। वह अबोध बालक दुख से ऊपर आसमान की ओर टकटकी लगाए रहता।

पाठ का सार (सारांश)

श्यामू की माँ ‘काकी’ को लोग श्मशान ले जाकर दाहकर्म कर आए थे। लोगों ने श्यामू को बताया कि काकी मामा के घर गई हैं। धीरे-धीरे श्यामू का रोना तो बंद हो गया परन्तु मन का शोक दूर नहीं हुआ। श्यामू ने अपने पिता विश्वेश्वर से एक पतंग ला देने को कहा। विश्वेश्वर के ऐसा न कर सकने पर श्यामू ने उसके कोट से चवन्नी निकालकर पतंग मँगाई और भोला को बताया कि यह पतंग ऊपर राम के यहाँ जाएगी। इसको पकड़कर काकी नीचे आएगी। भोला ने सुझाव दिया कि पतंग (UPBoardSolutions.com) की रस्सी मोटी होनी चाहिए। श्यामू ने विश्वेश्वर के कोट से रुपया निकालकर मोटी रस्सी मँगाई। रुपये की चोरी के कारण श्यामू की पिटाई हुई और विश्वेश्वर ने उसकी पतंग फाड़ दी और रस्सियों के बारे में पूछा। भोला ने बताया कि श्यामू रस्सियों से पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतारेगा। हतबुद्ध विश्वेश्वर ने फटी पतंग पर चिपके कागज पर लिखा देखा- ‘काकी’।

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प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को-                                     नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।
विचार और कल्पना-

प्रश्न 1.
पतंग इतनी ऊँचाई तक कैसे उड़ती है, जबकि एक कागज का सादा पन्ना नहीं उड़ता है, कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
पतंग अपने विशेष आकार और बनावट के कारण ऊँची उड़ती है, परन्तु सादे कागज की आकृति पतंग के अनुरूप नहीं होती इसलिए यह अधिक ऊँचाई तक नहीं उड़ता।

प्रश्न 2.
श्यामू लिखना नहीं जानता था। इसलिए वह पतंग पर अपनी काकी का नाम नहीं लिख पाया। आप बताएँ, जो लोग लिखना नहीं जानते, उनको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता होगा।
उत्तर-
जो लोग लिखना नहीं जानते, उन्हें विवश होकर यह कार्य दूसरों से कराना पड़ता है।

प्रश्न 3.
नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 4.
पाठ में आपने पढ़ा कि श्यामू ने विवशता में पिता जी की कोट के जेब से पैसे निकाल लिये थे, आपके विचार से ऐसा करना उचित था अथवा अनुचित? कारण भी बताएँ।
उत्तर-
श्यामू एक छोटा-सा बालक था। वह अपने पिता से डरता भी था। अपनी स्वर्गवासिनी माँ के लिए अत्यधिक स्नेह ने उसे पिता की कोट के जेब से पैसे निकाल लेने को मजबूर किया। वह इतना नादान था कि उसे (UPBoardSolutions.com) यह भी मालूम नहीं था कि उसकी माँ मर चुकी है और माँ तक पतंग नहीं जा सकती। उसे उचित-अनुचित का ज्ञान नहीं था, वह एक निर्बोध बालक था। इसलिए पिता की जेब से पैसे निकाल लेना इस दृष्टिकोण से अनुचित नहीं कहा जा सकता।

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कहानी से-
प्रश्न 1.
समूह ‘ख’ से नामों को छाँटकर समूह ‘क’ से सम्बन्धित शब्दों के सम्मुख लिखिए-
उत्तर-
UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 2 काकी (मंजरी) 1

प्रश्न 2.
श्यामू ने भोला के सामने कौन-सा रहस्य खोला?
उत्तर-
श्यामू ने भोला के सामने पतंग को ऊपर राम के पास भेजने का रहस्य खोला। ‘उसपर बैठकर काकी नीचे उतरेगी यह बात भोला को बताई।

प्रश्न 3.
श्यामू ने जवाहिर भैया से कागज पर ‘काकी’ क्यों लिखवाया?
उत्तर-
श्यामू ने जवाहिर भैया से कागज पर ‘काकी’ शब्द इसलिए लिखवाया ताकि पतंग सीधे काकी को ही मिले।

प्रश्न 4.
उड़ती हुई पतंग को देखकर क्या सोचकर श्यामू का हृदय एकदम खिल उठा?
उत्तर-
श्यामू का हृदय उड़ती पतंग को देखकर एकदम खिल उठा क्योंकि इससे उसके दिमाग में एक युक्ति आई कि वह भी पतंग बनाकर आसमान में उड़ाएगी और पतंग की डोरी पकड़ कर ऊपर बैठी काकी नीचे उतर आएगी।

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प्रश्न 5.
‘भोला एक ही डाँट से मुखबिर हो गया। इस वाक्य से क्या तात्पर्य है?
उत्तर-
भोला ने विश्वेश्वर यानी श्यामू के पिता की एक ही डाँट में एकदम से श्यामू द्वारा पतंग और रस्सियाँ मँगाने की बात का रहस्य खोल दिया। 

प्रश्न 6. ‘रस्सी से पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतारेंगे। भोला से यह बात सुनकर विश्वेश्वर हतबुद्धि क्यों हो गए?
उत्तर:
विश्वेश्वर को श्यामू की काकी को बुलाने की योजना का पता चल गया, जिससे श्यामू की मासूमियत और उसका काकी के प्रति गहरा प्रेम प्रकट होता है। इस कारण विश्वेश्वर हतबुद्धि हो गए। 

प्रश्न 7.
कहानी के आधार पर दो सवाल बनाइये।
उत्तर-
(i) यदि विश्वेश्वर ने श्यामू को पतंग मॅगा दी होती तो कहानी का अंत क्या होता?
(ii) विश्वेश्वर को जब श्यामू की सच्चाई भोला द्वारा पता चली और उन्होंने पतंग पर ‘काकी’ लिखा देखा, तब उसके बाद विश्वेश्वर ने श्यामू के साथ कैसा व्यवहार किया होगा?

भाषा की बात

प्रश्न-1.
‘श्यामू पतंग के लिए बहुत उत्कंठित था।’ वाक्य में ‘श्यामू’ और ‘पतंग’ संज्ञा है। श्यामू व्यक्तिवाचक और पतंग जातिवाचक संज्ञा है। नीचे लिखे वाक्य में आए संज्ञा पदों को पहचान कर लिखिए तथा उनके भेद बताइए। एक जगह खूटी पर विश्वेश्वर का कोट हँगा था।
उत्तर-
जगह-जातिवाचक संज्ञा पँटी-जातिवाचक संज्ञा . विश्वेश्वर–व्यक्तिवाचक संज्ञा कोट-जातिवाचक संज्ञा

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प्रश्न 2.
जो बुद्धिवाला हो’ वाक्यांश के लिए एक शब्द है-‘बुद्धिमान’। इसी प्रकार नीचे लिखे वाक्यांशों के लिए एक-एक शब्द लिखिए (शब्द लिखकर)-
(क) जिस पर विश्वास ने किया जा सके।       –         अविश्वसनीय
(ख) जिसका स्वर्गवास हो गया हो।              –          
स्वर्गीय
(ग) जो अपने मन को एकाग्र रखता हो।       –          
एकाग्रचित्त
(घ) वह स्थान जहाँ शव जलाए जाते हों।       –         श्मशान

 प्रश्न 3. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ बताइए और अपने वाक्यों में उनका प्रयोग कीजिए। (वाक्य प्रयोग करके)
उत्तर-
कुहराम मचना: (बहुव्र शोर शराबा होना।) रेल-दुर्घटना की खबर सुनकर रेलयात्रियों में कुहराम मच गया।
हृदय का खिलना: (बहुत प्रसन्न होना।) परीक्षा में प्रथम श्रेणी में पास होने की खबर सुनकर रमेश का हृदय खिल उठा।
चिन्ता का मारा होना: (परेशानी में होना।) सामान खो जाने पर यात्री चिन्ता के मारे सो न सका।।
रहस्य खोलना: (भेद बता देना।) चोरी का रहस्य खुल जाने पर पुलिस ने चोर को पकड़ लिया।
हतबुद्धि होना: (अचम्भे में होना।) छोटे बच्चे ने लाल कपड़ा दिखाकर रेलगाड़ी रुकवा दी। दुर्घटना होते-होते रह गई। सब यात्री हतबुद्धि हो गए।

प्रश्न 4,
‘समझदार’ शब्द में ‘समझ’ संज्ञा है, उसमें ‘दार’ प्रत्यय लगाकर विशेषण पद बना दिया गया है। संज्ञा शब्दों में दार, इक, इत, ई, ईय, मान तथा वान आदि प्रत्ययों को लगाने से विशेषण शब्द बनता है। नीचे लिखे शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर विशेषण बनाइए
उत्तर-
बुधि – बुद्धिमान, चौकी – चौकीदार, उपद्रव – उपद्रवी, करुण – करुणा, बल – बलवान, प्रान्त – प्रान्तीय, उत्कंठा – उत्कण्ठित।

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