UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 6 Our Indian Music : Stories and Anecdotes (R. Srinivasan)

UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 6 Our Indian Music : Stories and Anecdotes (R. Srinivasan)

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Comprehension Questions on Paragraphs

In the examination paper, there are asked only two questions from each I paragraph. Given below are some more questions for extra practice.

 Read the following passages and answer the questions put there upon :

(1) The history of Indian Music ……………………… to be purposeless.” [From passage 1 [2009, 10]]

Question .
1. What did Brahma create in the universe ?
(ब्रह्मा ने ब्रह्माण्ड में क्या रचना की ?)
                 Or
What beautiful things were made by Brahma ?
(ब्रह्मा ने किन सुन्दर वस्तुओं की रचना की ?)
2. How did Brahma feel after creating the universe ?
(सृष्टि की रचना के पश्चात् ब्रह्मा ने क्या अनुभव किया ?)
3. Who is Saraswati ? What did Saraswati ask Brahma ?
(सरस्वती कौन है? सरस्वती ने ब्रह्मा से क्या पूछा ?)
4. What was Brahma’s reply ?
(ब्रह्मा को क्या उत्तर था ?) ।
5. What is the history of Indian music full of ?
( भारतीय संगीत का इतिहास किस बात से भरा हुआ है ?)
6. Who made this universe ? What did He fill His creation with ?
(इसे ब्रह्माण्ड को किसने बनाया ? उसने इसे किन वस्तुओं से भरा ?)
7. Why does all the wonder, charm and beauty created by Brahma seem to have been wasted on the human souls ?
(सभी अद्भुत वस्तुएँ तथा सौन्दर्य जो ब्रह्मा ने बनाए वे मानव के लिए व्यर्थ क्यों हैं ?)
Answer:
1. Brahma created in the universe majestic mountain ranges, thundering waterfalls, giant forest trees and many other things.
(ब्रह्मा ने ब्रह्माण्ड में शानदार पर्वत श्रेणियाँ, (UPBoardSolutions.com) गरजते हुए झरने, बड़े-बड़े जंगल के पेड़ और अनेक वस्तुएँ बनायीं।)
2. After creating the universe, Brahma felt that His creation was purposeless because human souls did not seem to be sensitive to the beauty of the creation.
(सृष्टि को रचने के बाद ब्रह्मा ने अनुभव किया कि सृष्टि की रचना निरर्थक रही, क्योंकि मनुष्य ने इस सुन्दर रचना के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई।)
3. Saraswati is the consort of Brahma. Saraswati asked Brahma the reason of His sadness.
(सरस्वती ब्रह्मा की जीवन-साथी हैं। सरस्वती ने ब्रह्मा से उनके दुःखी होने का कारण पूछा।)
4. Brahma answered, “I have created all this wonder and charm. But human souls do not seem to be sensible to this beauty. So this creation seems to be purposeless.”
(ब्रह्मा ने उत्तर दिया, “मैंने इतनी आश्चर्यजनक तथा सुन्दर सृष्टि की रचना की है। किन्तु मनुष्य इस सुन्दरता के प्रति संवेदनशील मालूम नहीं होता। इसलिए मेरी यह सृष्टि व्यर्थ प्रतीत होती है।”)
5. The history of Indian music is full of stories anci anecdotes.
( भारतीय संगीत का इतिहास कहानियों और कथाओं से भरा पड़ा है।)
6. Brahma made this universe. He filled His creation with wonderfully beautiful and enchanting things.
(ब्रह्मा ने इस ब्रह्माण्ड को बनाया। उसने अपनी सृष्टि को आश्चर्यजनक रूप से सुन्दर और मुग्ध करने वाली वस्तुओं से भर दिया।)
7. All the wonder, charm and beauty created (UPBoardSolutions.com) by Brahma seem to have been wasted on the human souls because they do not seem to be sensitive to the beauty around.
(सभी अद्भुत वस्तुएँ तथा सौन्दर्य जो ब्रह्मा ने बनाए वे मानव के लिए व्यर्थ प्रतीत होते हैं, क्योंकि वे चारों ओर की सुन्दरता के प्रति संवेदनशील प्रतीत नहीं होते है।)

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(2) Saraswati understood…… … irresistible inner urge. [From passage 2]

Question .
Who understood the feelings of Brahma ? How was He/She helped to create in the people the love for music and other beauties of nature ? (किसने ब्रह्मा की भावनाओं को समझा ? उन्होंने किस प्रकारे से मनुष्यों में संगीत तथा प्रकृति के अन्य सौन्दर्यों के प्रति प्रेम जाग्रत करने में सहायता की ?) ।
2. What is the function or use of music and fine arts ?
(संगीत और ललित-कलाओं का क्या कार्य या प्रयोग है ?)
3. On what basic truths is all Indian art developed ?
(किन मौलिक सत्यों पर सम्पूर्ण भारतीय कला विकसित हुई है ?)
4. Why did Saraswati offer to give music to the children ?
| (सरस्वती ने बच्चों को संगीत देने के लिए क्यों कहा ?)
5. Why did the great Muse give us music?
(सरस्वती ने हमें संगीत क्यों दिया ?) :
6. What did Saraswati offer to create ?
(सरस्वती ने क्या रचना करने के लिए कहा ?)
                 Or
What does Saraswati propose to create in the human souls ?
(सरस्वती मनुष्यों में किस वस्तु की रचना करने का प्रस्ताव देती हैं ?)
Answer:
1. Şaraswati understood the feelings of Brahma. She helped Him by giving the human music and other fine arts to respond to the beauty of universe.
(सरस्वती ने ब्रह्मा की भावनाओं को समझा। उन्होंने मनुष्य को संगीत तथा अन्य ललित-कलाएँ देकर उनकी सहायता की ताकि मनुष्य ब्रह्माण्ड की सुन्दरता को समझ सके।)
2. The function of the music and other fine arts is to enable the man to understand something of the Divine in his manifestation.
(संगीत और अन्य ललित-कलाओं का कार्य मनुष्य को इस योग्य बनाना हैं कि वह ईश्वर की कुछ बातों को समझ सके।)
3. All Indian art is developed on one of the (UPBoardSolutions.com) basic truths that it is never made to order but it comes as a result of an irresistible inner urge. (सम्पूर्ण भारतीय कला एक मौलिक सत्य पर विकसित हुई है कि यह आदेश देने पर कभी नहीं आती बल्कि यह तो एक अबाध आन्तरिक प्रेरणा से ही आती है।)
4. Saraswati offered to give music to the children to remove the sadness of Brahma.
(ब्रह्मा के दुःख को दूर करने के लिए सरस्वती ने बच्चों को संगीत देने को कहा।)
5. The great Muse gave us music so that we may respond to the beauty of the universe.
(सरस्वती ने हमें संगीत दिया ताकि हम इस ब्रह्माण्ड की सुन्दरता का प्रत्युत्तर दे सकें।)
6. Saraswati offered to create in the children the power to respond to the beauty, to appreciate and be uplifted by the music and fine arts.
(सरस्वती ने बच्चों में सुन्दरता का प्रत्युत्तर देने की शक्ति, उसे पसन्द करने और संगीत तथा ललित-कलाओं के द्वारा अभिभूत होने की शक्ति प्रदान की।)

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(3) Tansen was great ………………wonderful, Tansen.” [From passage 3 [2015, 18]]

Question .
1. Write the name of the lesson from which the given passage has been taken. Who is the author of this lesson ?
(प्रस्तुत गद्यांश जिस पाठ से लिया गया है उसका नाम लिखिए। इस पाठ के लेखक कौन हैं ?)
2. Who was Tansen ? How did Akbar react to his music?
(तानसेन कौन था ? अकबर ने उसके संगीत पर क्या प्रतिक्रिया की ?)
Answer:
1. This passage has been taken from the lesson Our Indian Music : Stories and Anecdotes. The author of this lesson is R. Srinivsan.
(प्रस्तुत गद्यांश Our Indian Music: Stories and Anecdotes
नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक आर० श्रीनिवासन हैं।)
2. Tansen was a great musician of Akbar’s (UPBoardSolutions.com) court. To the music of Tansen, Akbar said, “I have not heard anyone else who can cast such a spell of magic and make a slave of our hearts.”
(तानसेन अकबर के दरबार का एक महान संगीतकार था। तानसेन के संगीत पर अकबर ने कहा,
मैंने किसी ऐसे अन्य कवि को नहीं सुना है जो इस प्रकार जादू का प्रभाव डाल सके और हमारे हृदय को दास बना सके।”)

(4) The great bard replied, ………. and charm of the music. [From passage 4 & 5 [2010]]

Question .
1. Who was Tansen’s master ? What did Tansen tell the emperor about his master? .
(तानसेन के गुरु कौन थे? तानसेन ने अपने गुरु के विषय में सम्राट को क्या बताया ?)
2. Why did Tansen introduce a false note to one of the songs taught by the Swami and to what result ?
(तानसेन ने स्वामी जी के सिखाए हुए गानों में से एक को गलत क्यों गाया और उसका क्या परिणाम
हुआ ?)
3. Do you think Tansen was a conceited man? Give a reason for your answer
(क्या आप सोचते हो कि तानसेन एक अभिमानी व्यक्ति था ? अपने उत्तर की पुष्टि में कारण दीजिए।)
4. What was Akbar’s wish ? How did he fulfil his wish ?
(अकबर की इच्छा क्या थी ? उसने अपनी यह इच्छा कैसे पूरी की ?),

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                                 Or
Why did Akbar and Tansen go to the Himalayas ?
(अकबर और तानसेन हिमालय पर क्यों गए ?)
5. What warning was given to Akbar by Tansen ?
(अकबर को तानसेन के द्वारा क्या चेतावनी दी गयी ?)
6. How did Tansen make his Guru sing ? Why do you think this ruse was so | successful ?
(तानसेन ने अपने गुरु से गाना कैसे गवाया? आप कैसे सोचते हो कि यह छल इतना सफल रहा ?)
7. What did Hari Das say when Tansen sang a song with false note ?
(हरिदास ने क्या कहा जब तानसेन ने गलत धुन से गाना गाया ?)
8. What was the cause of anger of Swamiji ?
(स्वामी जी के क्रोध का क्या कारण था ?)
9. What did Tansen do after waiting several days ?
(कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करने के बाद तानसेन ने क्या किया ?)
10. How did Hari Das rebuke Tansen ?
(हरि दास ने तानसेन को कैसे डॉटा ?)
11. When did Swamiji receive a shock ? What did he do then ?
(स्वामी जी को कब दु:ख हुआ? तब उन्होंने क्या किया ?)
12. why was Akbar greatly intrigued ?
(अकबर की उत्सुकता इतनी क्यों जाग गयी ?)
13. What did Akbar wish and why could he not fulfil it ?
(अकबर की इच्छा क्या थी और वह इसे पूरा क्यों नहीं कर सका ?)
14. What was the effect of Swamiji’s music on Akbar and Tansen ?
(अकबर और तानसेन पर स्वामी जी के संगीत का क्या प्रभाव पड़ा ?)
Answer:
1. Swami Hari Das was Tansen’s master. Tansen told the emperor that he had not mastered even a fraction of the master’s technique.
(स्वामी हरिदास तानसेन के गुरु थे। तानसेन ने सम्राट को बताया कि वह तो अपने गुरु के कौशल का एक छोटा-सा भाग भी नहीं है।)
2. Tansen knowingly introduced a false note to one of the songs taught by Swamiji to make him sing. Swamiji at once rebuked Tansen and began to sing himself to tell Tansen how to sing.
(तानसेन ने जान-बूझकर स्वामी जी के सिखाए (UPBoardSolutions.com) हुए गानों में से एक गाने की गलत धुन उन्हें गाना गाने के लिए विवश करने को गायी। स्वामी जी ने तुरन्त तानसेन को डॉटा और यह बताने के लिए कि उसे
कैसे गाना चाहिए, स्वयं गाने लगे।)
3. No, I think Tansen was not a conceited man. He himself said that he had not mastered even the fraction of his master’s technique.
(नहीं, मैं मानता हूँ कि तानसेन एक अभिमानी व्यक्ति नहीं था। उसने स्वयं कहा कि उसने अपने गुरु के कौशल का एक अंश भी नहीं सीखा है।)
4. Akbar wished to hear Hari Das sing. He fulfilled his wish by going to the ashrama of Swamiji himself with Tansen. ”
(अकबर की इच्छा हरिदास को गातो हुआ सुनने की थी। उसने तानसेन के साथ स्वयं स्वामी जी के आश्रम में जाकर अपनी इच्छा पूरी की।)
5. Tansen warned Akbar that the Swamiji would sing only if he wanted to.
(तानसेन ने अकबर को चेतावनी दे दी थी कि स्वामी जी केवल तभी गायेंगे जब वे चाहेंगे।)
6. Tansen deliberately introduced a false note while singing a song taught to him by Swamiji and this made his Guru sing. I think this ruse was successful because Swamiji began to sing.
(तानसेन ने जान-बूझकर उस गाने में एक गलत सुर लगा दिया जो (UPBoardSolutions.com) उसे स्वामी जी ने सिखाया था और उसने गुरु को गाने के लिए विवश कर दिया। मैं सोचता हूँ कि यह छल सफल रहा, क्योंकि
स्वामी जी गाने लगे।)
7. Swamiji became angry and said to Tansen that he was his pupil and how he could commit such a blunder.
(स्वामी जी नाराज हो गये और तानसेन से बोले कि वह उनका शिष्य होकर भी इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकता है।)
8. Swamiji became angry when Tansen introduced a false note.
(जब तानसेन ने गलत राग छेड़ा, स्वामी जी नाराज हो गए।)
9. After waiting several days, Tansen sang a song taught by Swamiji and deliberately introduced a false note.
(कई दिनों तक प्रतीक्षा करने के बाद तानसेन ने स्वामी जी का सिखाया हुआ गीत गाया और जान-बूझकर गलत धुन निकाली।)
10. Hari Das rebuked Tansen, saying, “what has happened to you Tansen, that you, a pupil of mine, should commit such a gross blunder?”
(हरिदास ने तानसेन को यह कहते हुए डाँटा, “तानसेन, तुम्हें क्या हो गया है, मेरे शिष्य होकर तुम इतनी भारी भूल
कर रहे हो।”)
11. When Tansen knowingly sang a song with false note, Swamiji received a shock. He had taught Tansen the correct tone. For this he rebuked Tansen and then sang the song himself.
(जब तानसेन ने जान-बूझकर गलत सुर से गीत गाया, तब स्वामी जी को आघात पहुँचा। उन्होंने तानसेन को सही सुर सिखाया था। इसके लिए उन्होंने तानसेन को डाँटा और तब स्वयं गीत गाया।)
12. Akbar was greatly intrigued because Tansen had praised Swami Hari Das highly.
(अकबर की उत्सुकता इतनी जाग गयी क्योंकि तानसेन ने स्वामी हरिदास की भारी प्रशंसा की थी।)
13. Akbar wished to hear Hari Das sing but he could not fulfil it because Swamiji would not come to his court.
(अकबर ने हरिदास का संगीत सुनने की इच्छा की, किन्तु वह अपनी इच्छा को पूरा नहीं कर सका,
क्योंकि स्वामी जी उसके दरबार में नहीं आ सकते थे।)
14. The effect of music was that Akbar and Tansen forgot themselves in the sheer melody and charm of the music.
(संगीत का यह प्रभाव पड़ा कि अकबर व तानसेन संगीत में डूब गए तथा स्वयं को भी भूल गए।)

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(5) He then started…………..makes all the difference.” [From passage 5 [2011, 15]]

Question .
1. It was a unique experience. What experience has been referred to here?
(यह एक अनूठा अनुभव था।’ यहाँ किस अनुभव की बात कही गयी है ?)
2. What was Akbar’s opinion about Tansen’s music beside the music of his master?
(अकबर के विचार में तानसेन का संगीत उसके गुरु के संगीत की तुलना में कैसा था ?)
                                 Or
What did Akbar say about the music of Tansen ?
(अकबर ने तानसेन के संगीत के विषय में क्या कहा ?)
3. What did Tansen say to Akbar to explain the difference between the music of his great teacher and his own ?
(तानसेन ने अपने महान् गुरु के संगीत और अपने में अन्तर समझाने के लिए अकबर को क्या : कहा?)
                                 Or
What was the cause of difference in Tansen’s music?
(तानसेन के संगीत के अन्तर का क्या कारण था?)
4. Why did Akbar and Tansen forget themselves ?
(अकबर और तानसेन स्वयं को क्यों भूल गए ?)
5. Whose music appealed to Akbar more ?
(अकबर को किसका संगीत अधिक अच्छा लगा ?)
6. Why was Hari Das’ music soul-stirring?
(हरिदास का संगीत आत्मा को झकझोरने वाला क्यों था?)
7. When did Swami Hari Das sing?
( स्वामी हरिदास कब गाते थे ?) …
Why was Tansen’s music not divine ?
(तानसेन का संगीत दिव्य क्यों नहीं था ?)
Answer:
1. Akbar has the unique experience of listening to the charming singing (music) presented by Guru
Hari Das.
(अकबर को जो अनुभव हुआ वह उस मनमोहक संगीत का था जो गुरु हरिदास ने प्रस्तुत किया था।)
2. Akbar’s opinion about Tansen’s music was that it was like chaff (useless) beside the charming music of his master.
(अकबर के विचार में तानसेन का संगीत उसके गुरु के संगीत की तुलना में भूसी के समान था।)
3. Tansen told Akbar that the difference between the music of his great teacher and his own, was due to the fact that he (Tansen) sang to the emperor’s bidding but his master sang when prompting came from his inner most.
(तानसेन ने अकबर को बताया कि उनके महान् गुरु तथा उनके (तानसेन) संगीत में अन्तर का कारण है कि वह (तानसेन) बादशाह के आदेश पर गाते हैं जबकि उनके गुरु अपनी अन्तरात्मा से
प्रेरणा प्राप्त होने पर गाते हैं।)
4. Akbar and Tansen forgot themselves in the melody and charm of music.
(संगीत की मधुरता और सुन्दरता में अकबर और तानसेन स्वयं को भूल गए।)
5. The music of Hari Das appealed to Akbar more.
(हरिदास का संगीत अकबर को अधिक अच्छा लगा।) ।
6. Hari Das’ music was soul-stirring because the prompting came from his innermost self when he sang.
(हरिदास का संगीत आत्मा को झकझोरने वाला था, क्योंकि जब प्रेरणा उनकी अन्तरात्मा से प्राप्त होती थी तभी वे गाते थे।)
7. Swami Hari Das sang when the prompting came from his innermost self.
(स्वामी हरिदास उस समय गाते थे जब उनकी (UPBoardSolutions.com) अन्तरात्मा से प्रेरणा प्राप्त होती थी।) ।
8. Tansen’s music was not divine because he sang to the emperor’s bidding, not to prompting of his inner most self.”
(तानेसन का संगीत दिव्य नहीं था, क्योंकि वह सम्राट के आदेश पर गाता था, अपनी अन्तरात्मा की प्रेरणा से नहीं।)

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LONG ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 60 words:

Question 1.
why was Brahma sad? who helped Him and how ? [2011, 12]
(ब्रह्मा दु:खी क्यों थे ? उनकी सहायता किसने और कैसे की ?)
                                Or
Why did His own creation appear purposeless to Brahma ? How did Saraswati try to remove
His sadness ?
(ब्रह्मा को अपनी सृष्टि उद्देश्यहीन क्यों लगी ? सरस्वती ने उनके दुःख को दूर करने का कैसे प्रयास किया ?)
                                 Or
What did Brahma create in the universe ? How did Saraswati help Him?
( ब्रह्मा ने ब्राह्माण्ड में क्या रचना की ? सरस्वती ने उनकी कैसे सहायता की ?) [2011]
Answer:
Lord Brahma created this universe. He filled it with numerous things of beauty, charm and splendour. But the man ignored them. So He was sad. Saraswati understood His feelings. She conceived an idea to remove His sadness. She created music and fine arts. She created the.power to respond to this beauty through music. She filled man with this power. Thus the human beings began to take interest in the creation of Brahma. Then Brahma became happy.
(ब्रह्मा ने इस ब्रह्माण्ड की रचना की। उन्होंने इसे अनेक सुन्दर वस्तुओं, सुन्दरता तथा आकर्षण से भर दिया। किन्तु मनुष्य ने उसे अनदेखा कर दिया। अत: वे दु:खी थे। सरस्वती उनकी भावनाओं को समझ गयीं। उन्होंने उनके दु:ख को दूर करने की योजना बनाई। उन्होंने संगीत तथा ललित-कलाओं की रचना की। उन्होंने संगीत के द्वारा इस सुन्दरता का प्रत्युत्तर देने की शक्ति की रचना की। उन्होंने मनुष्य को इस शक्ति से भर (UPBoardSolutions.com) दिया। इस प्रकार मानव जाति ने ब्रह्मा की सृष्टि में रुचि लेनी आरम्भ कर दी। तब ब्रह्मा प्रसन्न हो गये।)

Question 2.
How did Tansen explain the difference between his own position and that of his Guru Swami Hari Das? [2009]
( तानसेन ने अपनी स्थिति और अपने गुरु स्वामी हरिदास की स्थिति में क्या अन्तर बताया ?)
                                      Or
How did Tansen prove to Akbar that his teacher’s music was superior to his own? What reason did he give for it?
(तानसेन ने यह कैसे सिद्ध किया कि उसके गुरु का संगीत उसके संगीत से श्रेष्ठ है ? ऐसा होने का उसने क्या कारण बताया ?)
                                      Or
What makes all the difference between the music of Tansen and that of Swami Hari Das ? Whose music was more appealing to Emperor Akbar ? [2016] 
किस बात ने स्वामी हरिदास तथा तानसेन के संगीत में अन्तर स्पष्ट किया ? किसके संगीत ने सम्राट् अकबर को अधिक आकर्षित किया ?) [2009]
Answer:
Akbar was very fond of music. Tansen was a bard in his court. One day Akbar asked him the secret of his sweet music. At this Tansen told Akbar that his Guru Swami Hari Das was much superior to him. He was nothing before his Guru. Akbar wished to hear his Guru. But Tansen told him that his Guru would not come to the court. Akbar became ready to go to his ashrama. After waiting for a long time Akbar could hear Swamiji. Hearing the song of Swamiji, Akbar and Tansen forgot themselves in the melody of the song. Then Tansen said to Akbar, “There is only one difference. I sing on your bidding to please you but Swamiji sings when he is prompted from within”. (अकबर संगीत का बहुत शौकीन था। तानसेन उसके दरबार में एक गायक कवि था। एक दिन अकबर ने उसके मधुर संगीत का रहस्य पूछा। इस पर तानसेन ने अकबर को बताया कि उसके गुरु स्वामी हरिदास उससे कहीं अधिक महान् हैं। अपने गुरु के सामने तो वह कुछ भी नहीं है। अकबर ने उसके गुरु को सुनने की इच्छा की। किन्तु तानसेन ने उसे बताया कि उसके गुरु दरबार में नहीं आएँगे। अकबर उनके आश्रम में जाने को तैयार हो गया। काफी समय प्रतीक्षा करने के बाद अकबर स्वामी जी को सुन सका।। स्वामी जी का गीत सुनकर अकबर और तानसेन संगीत की मधुरता में स्वयं को भूल गये। तब तानसेन ने अकबर से कहा, “एक ही अन्तर स्पष्ट है। मैं आपको प्रसन्न करने के लिए आपकी आज्ञा पर गाता हूँ, किन्तु स्वामी (UPBoardSolutions.com) जी उसी समय गाते हैं जब अन्तरात्मा से उन्हें प्रेरणा मिलती है।”)

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Question 3.
What was Akbar’s wish ? How was it fulfilled ? ”
(अकबर की इच्छा क्या थी ? यह कैसे पूरी हुई ?)
                                     Or
What is Tansen’s opinion about his master ? How did he make him [2011]
(अपने गुरु के विषय में तानसेन का क्या मत है ? उसने उन्हें गाने के लिए कैसे उकसाया ?)
Answer:
Tansen was a wonderful musician in the eyes of Akbar. Tansen told Akbar that he had not mastered even a fraction of his master, Swami Hari Das technique. At this Akbar became curious to hear Hari Das. But Hari Das could not come to his court. So he and Tansen went to the Himalayas where Swami Hari Das lived in an ashrama. Tansen had warned Akbar that Swamiji would sing only if he wanted to. Akbar stayed at the ashrama for several days but Swami Hari Das did not sing. In the end, Tansen had to play a trick to make Hari Das sing. Thus Akbar’s wish was fulfilled.
अकबर की दृष्टि में तानसेन एक महान् संगीतकार था। तानसेन ने अकबर को बताया कि वह अपने गुरु हरिदास के कौशल का एक अंश भी नहीं है। इस पर अकबर गुरु हरिदास का संगीत सुनने को आतुर हो गया। लेकिन हरिदास उसके दरबार में नहीं आ सकते थे। अतः अकबर व तानसेन हिमालय पर्वत पर गये, जहाँ स्वामी हरिदास एक आश्रम में रहते थे। तानसेन ने अकबर को पहले ही सचेत कर दिया कि स्वामी जी अपनी इच्छा से ही गाएँगे। अकबर कई दिन आश्रम में रुके लेकिन स्वामी हरिदास ने गाना नहीं गाया। अन्त में तानसेन ने हरिदास को गवाने के लिए एक चाल चली। इस प्रकार अकबर की इच्छा पूरी हुई।)

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Question 4.
How did Tansen make his Guru sing ? Why do you think this ruse (trick) was so successful ?
(तानसेन ने किस प्रकार अपने गुरु को गाने के लिए विवश किया ? आप क्यों सोचते हो कि यह चाल इतनी सफल हुई ?)
                                            Or
What did Tansen do to make Hari Das sing for Akbar? [2012, 13]
(तानसेन ने अपने गुरु हरिदास का संगीत अकबर को सुनाने के लिए क्या किया ?)
Answer:
Akbar and Tansen went to Hari Das’ ashrama and stayed there for several days but Hari Das did not sing. Tansen himself started singing a song taught to him by Guru and knowingly introduced a false note in between. This jolted the Guru. He rebuked Tansen for it and started singing the song himself correctly. The mood came upon him and he forgot himself. The ruse was successful because Tansen knew very well that the Guru would sing only if his emotions were stirred and a spontaneous urge was created in his heart.
(अकबर और तानसेन हरिदास के आश्रम गये और वहाँ कई दिन रुके परन्तु हरिदास ने गाना नहीं गाया। तानसेन ने गुरु द्वारा सिखाए गए एक गाने को जान-बूझकर गलत ढंग से गाना शुरू कर दिया। इसने गुरु जी को झकझोर दिया। उन्होंने (UPBoardSolutions.com) तानसेन को डाँट लगाई और उस गाने को स्वयं ठीक ढंग से गाने लगे। उन पर एक नशा-सा छा गया और वे अपने आप को भूल गये। तानसेन की चाल काम कर गयी, क्योंकि तानसेन को ज्ञात था कि गुरु जी तब ही गाएँगे जब उनके भावों को झकझोर दिया जाए तथा गाने की एक तीव्र इच्छा उनके अन्त:करण में जाग्रत कर दी जाए।)

Question 5.
Did Swami Hari Das sing for Akbar? How was Akbar’s wish fulfilled? What does it show ?
(क्या स्वामी हरिदास ने अकबर के लिए गीत गाया ? अकबर की इच्छा कैसे पूरी हुई ? यह बात क्या प्रदर्शित करती है ?)
                                                     Or
Did Swami Hari Das sing for Akbar ? What made him sing? How did he do it? [2011]
(क्या स्वामी हरिदास ने अकबर के लिए गाया ? उनसे किसने गवाया ? उसने ऐसा कैसे किया ?)
Answer:
No, Swami Hari Das did not sing for Akbar. He never sang for anybody. Akbar wished to hear Hari Das sing. So he himself went to the ashrama of Swamiji with Tansen. Tansen sang a false note knowingly. Swami Hari Das could not bear it. He rebuked Tansen and sang that song himself correctly. Thus Akbar’s wish was fulfilled. It shows that a truly great musician sings only when he is urged by his inner soul to pour out his music.
(नहीं, स्वामी हरिदास ने अकबर के लिए गीत नहीं गाया। उन्होंने कभी किसी के लिए नहीं गाया। अकबर की इच्छा हरिदास को गाता हुआ सुनने की थी। इसलिए वह तानसेन के साथ स्वयं स्वामी जी के आश्रम में गया। तानसेन ने जान-बूझकर गलत सुर में गीत गाया। (UPBoardSolutions.com) स्वामी हरिदास इस बात को सहन नहीं कर सके। उन्होंने तानसेन को डाँटा और स्वयं वही गीत शुद्ध रूप में गाया। इस प्रकार अकबर की इच्छा पूर्ण हो गयी। यह बात प्रदर्शित करती है कि एक सच्चा महान् संगीतकार केवल उसी समय गाता है जब गीत गाने के लिए वह अन्तरात्मा से प्रेरित हो।)

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Question 6.
who was Swami Hari Das ? Why did Akbar want to hear him ? Why ” could he not call Hari Das to his court ? What did he do then ? [2009, 14]
(स्वामी हरिदास कौन थे ? अकबर उनका गाना सुनना क्यों चाहता था ? वह हरिदास को अपने दरबार में क्यों नहीं बुला सका ? फिर उसने क्या किया ?)
Answer:
Swami Hari Das was the Guru (teacher) of great musician, Tansen. Tansen was one of the nine jewels of the court of Akbar. Once Tansen said that he was a pigmy by the side of his teacher Swami Hari Das. This made Akbar anxious to see Swamiji and hear his song. Akbar could not call Swami Hari Das because he lived in the Himalayas and would not sing at the bidding. So Akbar with Tansen went to Swamiji. One day Tansen himself sang a song taught by his teacher with a wrong note. This provoked Swamiji and he began to sing himself.
(स्वामी हरिदास महान् संगीतकार तानसेन के गुरु थे। तानसेन अकबर के दरबार के नवरत्नों में से एक थे। एक बार तानसेन ने कहा कि वह अपने गुरु स्वामी हरिदास के सामने एक बौने की तरह है। इस बात ने अकबर को स्वामी जी से मिलने तथा उनके संगीत को सुनने के लिए उत्तेजित कर दिया। अकबर स्वामी हरिदास को नहीं बुला सका, क्योंकि वह हिमालय पर रहते थे और फिर किसी के कहने पर वह गाते भी नहीं थे। इसलिए अकबर तानसेन के (UPBoardSolutions.com) साथ स्वामी जी के पास गया। एक दिन तानसेन स्वयं ही गलत सुरों का प्रयोग करके वह गीत गाने लगे जो उनके गुरु ने सिखाया था। इससे स्वामी जी भड़क गये और उन्होंने स्वयं गाना आरम्भ कर दिया।)

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 25 words:

Question 1.
who are Brahma and Saraswati ? How are they related ? ।
(ब्रह्मा और सरस्वती कौन हैं ? उनका क्या सम्बन्ध है ?)
Answer:
Brahma is the creator of this universe. Saraswati is the creator of music and fine arts. She created among men the power to appreciate beauty. They are husband and wife. (ब्रह्मा इस सृष्टि के रचयिता हैं। सरस्वती ललित कलाओं तथा संगीत की रचयिता हैं। उन्होंने मनुष्य में सुन्दरता को सराहने की क्षमता प्रदान की। दोनों आपस में पति-पत्नी हैं।)

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Question 2.
who is the Creator of the universe ? what has he created? [2014]
(सृष्टि की रचना किसने की ? उसने क्या रचा ?)
                            Or
What had Brahma created? Why was he sad? ? [2015, 17]
(ब्रह्मा ने क्या रचना की ? वह दु:खी क्यों थे ?)
Answer:
Brahma is the Creator of this universe. He created the mountains, waterfalls, trees and animals like deer, peacocks and flowers. He was sad because human souls did not seem to be sensitive to the beauty of the creation.
(ब्रह्मा इस सृष्टि के रचयिता हैं। उन्होंने पर्वतों, झरनों, वृक्षों (UPBoardSolutions.com) तथा जानवरों जैसे, हिरणों, मोरों तथा फूलों की रचना की। वे दु:खी थे क्योंकि मनुष्य ने इस सुन्दरता के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई।)

Question 3.
why does a work of art thrill and awe us ?
(एक कलाकृति क्यों हमें रोमांचित करती है और क्यों संभ्रम में डालती है ?)
                            Or
How does a great work of art affect us ? And why?
(महान् कलाकृति हमें कैसे प्रभावित करती हैं ? और क्यों ?)
                            Or
Bring out the greatness of Indian art as described in ‘Our Indian Music : Stories and Anecdotes’. (‘Our Indian Music : Stories and Anecdotes’
पाठ में वर्णित भारतीय कला की महानता बताइए।)
Answer:
A work of art thrills and awes us because there is a great spiritual urge of the artist behind it. The artist pours all his devotion to perform his art.
(एक कलाकृति हमें इस कारण रोमांचित करती है और संभ्रम में डालती है क्योंकि इसके पीछे कलाकार की आध्यात्मिक प्रेरणा होती है। कलाकार अपनी कला के प्रदर्शन में पूर्ण निष्ठावान हो जाता है।) who was Swami Hari Das ? Why did

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Question 4.
Akbar want to meet him ?
(स्वामी हरिदास कौन थे ? अकबर उनसे क्यों मिलना चाहता था ?) [2012, 15, 18]
                              Or
What did Akbar do to listen to the great singer? [2012]
या (अकबर ने उनसे मिलने के लिए क्या किया ?)
Answer:
Swami Hari Das was the Guru of great musician Tansen. Tansen had highly praised Swami Hari Das before Akbar. So Akbar wanted to meet him and went to the Himalayas with Tansen.
(स्वामी हरिदास महान संगीतकार तानसेन के गुरु थे। तानसेन ने अकबर (UPBoardSolutions.com) के समक्ष स्वामी हरिदास की अत्यन्त प्रशंसा की थी। अत: अकबर उनसे मिलना चाहता था और वह तानसेन के साथ हिमालय पर्वत पर गया।)

Question 5.
Why did saraswati give the man music and other fine arts ?
(सरस्वती ने मनुष्य को संगीत और अन्य ललित कलाएँ क्यों प्रदान कीं ?) [2012, 14, 16]
Answer:
Saraswati gave the man the power of music and other fine arts so that the man might take interest in the creation of Brahma. (सरस्वती ने मनुष्य को संगीत और अन्य ललित कलाओं का ज्ञान दिया ताकि मनुष्य ब्रह्मा की सृष्टि में रुचि ले सके।)

Question 6.
What is the basic truth on which all Indian art is developed ?
(वह मौलिक सत्य क्या है जिस पर सम्पूर्ण भारतीय कला विकसित हुई है ?)
                          Or
What is the nature of true art ?
(सच्ची कला का स्वभाव क्या होता है ?)
Answer:
One of the basic truths on which all Indian art is developed is that true art is never made to order but it comes as an irresistible inner urge. (सारी भारतीय कला एक मौलिक सत्य पर विकसित हुई है कि यह आदेश देने पर नहीं आती बल्कि यह तो एक अबाध आन्तरिक प्रेरणा से आती है।)

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Question 7.
How did Tansen describe the music of his master, Swami Hari Das? How did he feel before his master ?
(तानसेन ने अपने गुरु स्वामी हरिदास के संगीत का वर्णन कैसे किया? वह अपने गुरु के समक्ष स्वयं को कैसा अनुभव करता था ?)
Answer:
Tansen described the music of his master as much superior. He sang for nobody. He sang only when the prompting came from his innermost self. Tansen felt himself pigmy before his master.
(तानसेन ने बताया कि उसके गुरु का संगीत कहीं अधिक अच्छा (UPBoardSolutions.com) है। वे किसी व्यक्ति के लिए नहीं गाते। वे उसी समय गाते हैं, जब उनकी अन्तरात्मा से प्रेरणा होती है। तानसेन स्वयं को अपने गुरु के सामने बौना । मानता था।) .

Question 8.
why was Akbar greatly intrigued ? Where did he and Tansen go ?
(अकबर इतना उत्सुक क्यों हुआ ? वह और तानसेन कहाँ गये ?)
Answer:
Tansen told Akbar that he was nothing before his Guru. At this Akbar became anxious to hear his Guru, Hari Das. He and Tansen both went to the Ashrama of Hari Das.
(तानसेन ने अकबर को बताया कि अपने गुरु के समक्ष वह कुछ भी नहीं है। इस पर अकबर उसके गुरु तानसेन को सुनने के लिए उत्सुक हो गया। वह और तानसेन दोनों हरिदास के आश्रम में गये।)

Question 9.
who was Tansen ? How did Akbar react to the music of Tansen ?
(तानसेन कौन था ? अकबर ने तानसेन के संगीत पर क्या प्रतिक्रिया की ?)
Answer:
Tansen was the bard of Akbar’s court. To the music of Tansen, Akbar said, “I have not heard anyone else who can cast such a spell of magic and make a slave of our hearts”.
(तानसेन अकबर के दरबार का एक महान् संगीतकार था। तानसेन के (UPBoardSolutions.com) संगीत पर अकबर ने कहा, “मैंने किसी अन्य ऐसे कवि को नहीं सुना है जो इस प्रकार जादू का प्रभाव डाल सके और हमारे हृदय को दास बना सके।”)

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Question 10.
why did Akbar and Tansen go to the Himalayas ? [2011]
(अकबर और तानसेन हिमालय की ओर क्यों गए?)
Answer:
Akbar wanted to hear Swami Hari Das but he could not get him to his court. So he and Tansen went to the Himalayas where Swamiji lived in his ashrama.
(अकबर स्वामी हरिदास का गायन सुनना चाहते थे, परन्तु वे उन्हें अपने दरबार में नहीं बुला सकते थे। अतः अकबर व तानसेन स्वामी जी के आश्रम में हिमालय की ओर स्वयं गये।)

Question 11.
Do you think Tansen was a conceited man? Give a reason for your answer.
(क्या आप तानसेन को एक अभिमानी व्यक्ति मानते हैं ? अपने उत्तर की पुष्टि के लिए एक कारण दीजिए।)
Answer:
Tansen was not a conceited man. Rather he was a humble man. He calls himself ‘pigmy’ by the side of his master. (तानसेन अभिमानी व्यक्ति नहीं था। बल्कि वह एक विनम्र व्यक्ति था। वह अपने गुरु की तुलना में स्वयं को बौना मानता है।)

Question 12.
Even a great Emperor like Akbar was unable to fulfill a wish of his own. What was it ? What did he do instead?
(अकबर जैसा महान् सम्राट् भी अपनी एक इच्छा पूरी न कर सका। यह क्या थी? इसके स्थान पर उसने क्या किया ?)
Answer:
The great Emperor Akbar wished to hear Hari Das sing, but he could not hear him sing in his court. Instead of it, he himself went to his Ashrama with Tansen.
(महान् सम्राट् अकबर की इच्छा हरिदास के संगीत को सुनने की थी। किन्तु (UPBoardSolutions.com) वह उन्हें अपने दरबार में नहीं सुन सका। इसके स्थान पर उसे तानसेन के साथ उनके आश्रम में जाना पड़ा।) .

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Question 13.
who was Swami Haridas? Where did Akbar go to listen to his music? [2016]
(स्वामी हरिदास कौन थे ? अकबर उनका संगीत सुनने के लिए कहाँ गया ?)
Answer:
Swami Haridas was the Guru of Tansen. Akbar went to the Ashram of Haridas at the Himalayas to listen to his music.
(स्वामी हरिदास तानसेन के गुरु थे। अकबर उनका संगीत सुनने के लिए हिमालय पर स्थित उनके आश्रम में : गया।)

Question 14.
How did Tansen provoke Haridas to sing? [2016]
(तानसेन ने हरिदास को गाने के लिए कैसे उकसाया ?)
                        Or
Why did Tansen sing a song with a false note ? [2018]
(तानसेन ने गलत सुर में गाना क्यों गया?)
Answer:
Tansen provoked Haridas to sing by singing a false note knowingly.
(जानबूझकर गलत सुर में गाकर तानसेन ने हरिदास को गाना गाने के लिए उकसाया।)

Question 15.
Did Swami Hari Das sing for Akbar? who made him sing? How did he do it ?
(क्या स्वामी हरिदास ने अकबर के लिए गाना गाया? यह गाना उनसे किसने गवाया? उसने यह कैसे किया?)
                                Or
What did Tansen do to make Haridas sing? [2014]
(हरिदास से गाना गवाने के लिए तानसेन ने क्या किया?)
Answer:
No, Swami Hari Das did not sing for Akbar. (UPBoardSolutions.com) Tansen made him sing. When Tansen knowingly sang a song with false note, Swamiji got angry at him and then he sang it himself correctly.
(नहीं, स्वामी हरिदास ने अकबर के लिए नहीं गाया। तानसेन ने उनसे गीत गवाया। जब तानसेन ने जान-बूझकर गलत सुर के साथ एक गीत गाया, स्वामीजी उस पर क्रोधित हो गए और तब उन्होंने वह गीत सही रूप में स्वयं गाया।)

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Question 16.
What was Akbar’s reaction on hearing Swami Hari Das sing? What did he say to Tansen ?
(स्वामी हरिदास को गाते हुए सुनकर अकबर की क्या प्रतिक्रिया हुई ? उसने तानसेन से क्या कहा ?)
Answer:
On hearing Swami Hari Das sing, Akbar forgot himself. He said to Tansen, “Your music is lifeless as compared to that of Swamiji.”
(स्वामी हरिदास को गाता हुआ सुनकर अकबर अपनी सुधबुध खो बैठा। उसने तानसेनं से कहा, “स्वामी जी के संगीत की तुलना में तुम्हारा संगीत निर्जीव है।”) ।

Question 17.
“That makes all the difference. What is it that makes the difference and to what ?
(“इसी से सारा अन्तर पड़ता है।” किस बात से अन्तर पड़ता है और क्या ?)
                              Or
What makes all the difference between the music of Tansen and that of Swami Hari Das ? [2015]
(तानसेन और स्वामी हरिदास के संगीत के बीच किस बात से सारा अन्तर पड़ता है ?)
Answer:
Spiritual urge behind a work of art makes the difference. Tansen used to sing to please Akbar on his order. But Swami Hari Das sang due to his inner urge not by an outward order.
(कलाकृति के पीछे आध्यात्मिक प्रेरणा अन्तर लाती है। तानसेन (UPBoardSolutions.com) अकबर के आदेश पर उसे प्रसन्न करने के लिए गाता था। किन्तु स्वामी हरिदास अपनी आन्तरिक प्रेरणा के कारण गाते थे, बाहरी आदेश से नहीं।)

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Question 18.
why was Hari Das’ music soul-stirring ?
(हरिदास का संगीत आत्मा को झकझोरने वाला क्यों था ?)
Answer:
Hari Das’ music was soul-stirring because he sang due to his inner urge.
(हरिदास का संगीत आत्मा को झकझोरने वाला था, क्योंकि वे अपनी आन्तरिक प्रेरणा के कारण गाते थे।)

VOCABULARY

(a) Match the words in List ‘A’ with their nearest meanings in List ‘B’ :
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 6 Our Indian Music Stories and Anecdotes (R. Srinivasan) img 1
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 6 Our Indian Music : Stories and Anecdotes (R. Srinivasan)
Answer:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 6 Our Indian Music : Stories and Anecdotes (R. Srinivasan)

(b) Fill in the blanks with the words given below :
(1) Words : splendour, consort, bidding, enchanting.
Answer:
1. Many songs of Lata are very enchanting.
2. Mr. Clinton was also charmed to see the splendour of the Taj.
3. The angels work at the bidding of God.
4. Saraswati is Brahma’s consort.

(2) Words : prompting, sitar, technique, created
Answer:
1. Some musicians play sitar very well.
2. He is a clever man. He can find out the technique to do this work.
3. Brahma has created all the beauty and splendour of the world.
4. My master sings when prompting comes (UPBoardSolutions.com) from his innermost self.

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(c) Use the following words in your own sentences so as to make their meanings clear :
essence, universe, deliberately, ecstasy, intrigued.
Answer:
1. The greatness of Indian art lies in its essence.
2. God is the creator of this universe.
3. You have deliberately made the carpet dirty.
4. Hearing Tansen, Akbar went into ecstasy.
5. Akbar was greatly intrigued to hear Hari Das.

Hope given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 6 are helpful to complete your homework.

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UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 3 (Section 1)

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 3 औद्योगिक क्रान्ति एवं उसका प्रभाव (अनुभाग – एक)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 Social Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 3 औद्योगिक क्रान्ति एवं उसका प्रभाव (अनुभाग – एक).

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
औद्योगिक क्रान्ति सर्वप्रथम इंग्लैण्ड में ही क्यों आरम्भ हुई ? वहाँ के उद्योग-धन्धों पर इसका क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति सर्वप्रथम इंग्लैण्ड में प्रारम्भ हुई, क्योंकि निम्नलिखित कारणों के अतिरिक्त इसके लिए वहाँ अन्य देशों से अधिक अनुकूल वातावरण था

  1. इंग्लैण्ड को अपने उपनिवेशों से कच्चा माल सरलता से मिलने लगा तथा तैयार माल वहाँ के बाजारों में खपने लगा।
  2. सरकार द्वारा उद्योगों को प्रोत्साहन दिया गया जिससे पूँजीपतियों ने नये-नये उद्योग प्रारम्भ किये।
  3. इंग्लैण्ड में लोहे व कोयले के अपार भण्डार थे।
  4. चकबन्दी के कारण छोटे किसान भूमिहीन होकर रोजगार की तलाश में नगरों में पहुंचने लगे थे।
  5. उपनिवेशों से नये उद्योगों के लिए सस्ता श्रम उपलब्ध था।
  6. जल परिवहन तथा नाविक शक्ति के विकास के कारण दूसरे देशों से व्यापार आसान हो गया था।
  7. इंग्लैण्ड में नये-नये वैज्ञानिक आविष्कार हुए जिन्होंने इस क्रान्ति को सफल बनाया।
  8. सत्रहवीं शताब्दी की क्रान्ति के फलस्वरूप इंग्लैण्ड में एक स्थायी सरकार की स्थापना हो चुकी थी। इस सरकार पर सामन्तों का कब्जा नहीं था। व्यापारी वर्ग के हाथ में अधिक राजनीतिक शक्ति आ गयी थी और सरकारी हस्तक्षेप का कोई खतरा नहीं था।

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उद्योग-धन्धों पर प्रभाव
औद्योगिक क्रान्ति ने इंग्लैण्ड के उद्योग-धन्धों को निम्नलिखित रूप में प्रभावित किया
1. वस्त्र उद्योग का विकास – इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति का सर्वाधिक प्रभाव वहाँ के वस्त्र उद्योग पर पड़ा। क्रान्ति से पूर्व कपास एवं ऊन साधारण चरखों द्वारा काती जाती थीं, किन्तु 1738 ई० में ‘फ्लाइंग शटल के आविष्कार से बहुत कम समय में ही बहुत अधिक कपड़ा बुनकर तैयार होने लगा। सन् 1764 ई० में ‘स्पिनिंग जेनी’ नामक मशीन के आविष्कार से एक साथ आठ तकुए चलाये जाने लगे। सन् 1776 ई० में ‘वाटर फ्रेम’ (UPBoardSolutions.com) नामक मशीन का आविष्कार किया गया जो जल द्वारा संचालित होती थी। बाद में ‘म्यूल’ नामक यन्त्र से बहुत बारीक, मजबूत और लम्बा सूत बनने लगा। ‘शक्तिचालित ” करघों’ को घोड़ों, जल या वाष्प शक्ति द्वारा चलाया जा सकता था। कुछ सुधारों के पश्चात् वाष्पचालित इंजन का प्रयोग आटे की चक्की, रेलगाड़ी, समुद्री जहाज आदि उद्योगों में होने लगा। विभिन्न मशीनों के प्रयोग से इंग्लैण्ड में वस्त्रों का उत्पादन बहुत अधिक बढ़ गया। वस्त्रों का निर्यात करके इंग्लैण्ड के उद्योगपतियों ने बहुत लाभ कमाया।

2. खनन व्यवसाय – भाप के इंजन के प्रयोग से खानों से पानी निकालना आसान हो गया। सन् 1815 ई० में हम्फ्रे डेवी ने सेफ्टी लैम्प का आविष्कार किया, जिससे खानों में सुरक्षा की व्यवस्था हुई। लोहे की भट्ठियों में लकड़ी के स्थान पर कोयले का प्रयोग होने लगा। इब्राहीम डर्बी ने धमन भट्टी का आविष्कार किया जिससे कोयले को कोक के रूप में प्रयोग किया जाने लगा। सन् 1784 ई० में हेनरी कार्ट ने लोहा साफ करने की विधि निकाली, जिससे लोहे से इस्पात बनाया जाने लगा।

3. मशीनी उद्योग का विकास – औद्योगिक क्रान्ति ने इंग्लैण्ड के मशीनी उद्योग को अत्यधिक प्रोत्साहित किया। विभिन्न आविष्कारों के फलस्वरूप लोहे से अनेक मशीनें, जलयान आदि बनाये जाने लगे। इंग्लैण्ड से बड़ी मात्रा में मशीनों का निर्यात प्रारम्भ हो गया। वस्तुत: परिवहन तथा संचार के साधनों के विकास से इंग्लैण्ड के उद्योग और वाणिज्य को बहुत बढ़ावा मिला।

प्रश्न 2.
औद्योगिक क्रान्ति के कारणों का वर्णन कीजिए। [2011, 12, 16, 17]
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति के कारण
औद्योगिक क्रान्ति का प्रारम्भ मुख्यतया निम्नलिखित कारणों से हुआ –

1. कोयले व लोहे की प्राप्ति – इंग्लैण्ड में लोहा तथा कोयली निकटवर्ती क्षेत्रों में उपलब्ध था जिससे मशीनों व उद्योगों का विकास सुगम हो गया। कोयले से लोहे को पिघलाकर मेशीनें तथा परिवहन के यन्त्र बनाये गये। संक्षेप में, लोहे और कोयले की खानों की निकटता ने पूँजीपतियों को कारखाने खोलने की प्रेरणा प्रदान की।

2. पूँजी की उपलब्धता – पूर्व के देशों के साथ व्यापार करके इंग्लैण्ड (UPBoardSolutions.com) के व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में धन कमाया था। वे अपनी पूँजी को व्यापार तथा उद्योग में लगाने के लिए उत्सुक थे। इस प्रकार नये-नये कारखानों की स्थापना के लिए पूँजी की कमी नहीं थी।

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3. उपनिवेशों की स्थापना – इंग्लैण्ड, फ्रांस, स्पेन तथा हॉलैण्ड ने एशिया, अफ्रीका तथा दक्षिणी अमेरिका के अनेक देशों में अपने उपनिवेश स्थापित कर लिये थे। इन उपनिवेशों से कारखानों के लिए कच्चे माल की प्राप्ति हुई और पक्के माल की खपत के लिए अच्छे बाजार मिल गये। अधिकाधिक धन कमाने के उद्देश्य से इन देशों में नये-नये उद्योग-धन्धे खुलते गये। फिर उपनिवेशों तक पहुँचने के लिए यूरोप के देशों को आवागमन के साधनों का विकास करना पड़ा।

4. वस्तुओं की माँग में वृद्धि – यूरोप के देशों में मशीनों से बनी उत्तम तथा सस्ती वस्तुओं की माँग बहुत बढ़ गयी थी, किन्तु पुरानी उत्पादन-प्रणाली के अन्तर्गत उत्पादन की मात्रा को शीघ्रता से बढ़ाना सम्भव नहीं था। अतः वस्तुओं के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए बड़े-बड़े मशीनी-कारखानों की स्थापना की गयी। इससे औद्योगीकरण तेजी से हुआ।

5. सस्ते मजदूरों का मिलना – इंग्लैण्ड तथा यूरोप के अन्य देशों की कृषि-प्रणाली में अनेक परिवर्तन हो गये थे। कृषि-कार्य मशीनों से होने लगा था। चकबन्दी के कारण छोटे किसान भूमिहीन होकर रोजगार की तलाश में शहरों में जाने लगे जो थोड़ी मजदूरी (UPBoardSolutions.com) पर काम करने को तत्पर थे। फलतः कारखानों के लिए पर्याप्त संख्या में सस्ते श्रमिक सुलभ हो गये और कारखानों में दिन-रात अधिक मात्रा में उत्पादन होने लगा।

6. परिवहन, सन्देश तथा शक्ति के साधनों का विकास – परिवहन के साधनों के विकास से औद्योगिक क्रान्ति को अत्यधिक बल मिला। भाप के इंजन की खोज से रेलों तथा जलयानों का विकास हुआ। अठारहवीं शताब्दी में सुदृढ़ एवं पक्की सड़कों का निर्माण आरम्भ हो गया, जिन्होंने बड़े-बड़े नगरों के बीच सम्पर्क स्थापित कर दिया। स्थल मार्गों के अतिरिक्त जलमार्गों को भी यातायात के लिए उपयोग में लाया जाने लगा। धीरे-धीरे हजारों मील लम्बी नहरों का निर्माण किया गया। परिवहन के विभिन्न साधनों के विकास से कच्चे माल, तैयार माल तथा मजदूरों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाना व ले जाना सुगम हो गया। सन्देशवाहन के साधनों का विकास होने से व्यापार का विकास तथा विस्तार हुआ। मशीनों को चलाने के लिए शक्ति के साधन खोज निकाले गये।

7. वैज्ञानिक प्रगति – यूरोप में पुनर्जागरण तथा धर्म-सुधार आन्दोलन के साथ बौद्धिक विकास का युग प्रारम्भ हो गया। नये-नये आविष्कार तथा खोज कार्य होने लगे। नयी मशीनों, वैज्ञानिक विधियों तथा सुधरी हुई तकनीक ने उद्योग, कृषि, परिवहन तथा व्यापार के क्षेत्र में क्रान्ति उत्पन्न कर दी।

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प्रश्न 3.
औद्योगिक क्रान्ति के प्रमुख आविष्कारों का वर्णन कीजिए।
या
“औद्योगिक क्रान्ति एक मिश्रित वरदान सिद्ध हुई।” इसकी व्याख्या कीजिए। औद्योगिक क्रान्ति के प्रभावों का वर्णन कीजिए।
या
औद्योगिक क्रान्ति के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में हुए आविष्कारों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति ने कृषि, उद्योग, खनन, यातायात तथा संचार के क्षेत्रों में अनेक आविष्कार प्रदान किये। इनका संक्षिप्त विवरण अग्रवत् है –

  1. कृषि में – कृषि में काम आने वाले नये औजार; जैसे—इस्पात (UPBoardSolutions.com) का हल, हेंगी (हैरो), बीज बोने के लिए ड्रिलिंग मशीन, फसल काटने आदि के लिए मशीनों का आविष्कार किया गया।
  2. उद्योग में – वस्त्र उद्योग में स्पिनिंग जेनी, फ्लाइंग शटल, वाटर फ्रेम, स्पिनिंग म्यूल, पावरलूम आदि मशीनों का आविष्कार किया गया।
  3. कोयला खनन में – सेफ्टी लैम्प के आविष्कार से कोयला खानों में आग लगने का भय समाप्त हो गया।
  4. लोहा उद्योग में – इब्राहीम डर्बी ने लोहे को पिघलाने तथा साफ करने के लिए पत्थर के कोयले का प्रयोग शुरू किया। हेनरी कोर्ट ने लोहे को ढालने तथा चादरें बनाने की विधि खोज निकाली।
  5. यातायात तथा संचार में – मैकादम ने पक्की सड़कें बनाने की विधि की खोज की। जॉर्ज स्टीवेन्सन ने 1814 ई० में भाप के इंजन का आविष्कार किया। सन् 1837 ई० में तार और 1876 ई० में टेलीफोन के आविष्कार से संचार के साधनों में क्रान्ति पैदा हो गयी।

औद्योगिक क्रान्ति एक मिश्रित वरदान
इस बात में कोई सन्देह नहीं है कि औद्योगिक क्रान्ति कुछ क्षेत्रों में बड़ी लाभकारी सिद्ध हुई और कुछ में बड़ी हानिकारक। वास्तव में यह क्रान्ति एक मिश्रित वरदान सिद्ध हुई। इसके कुछ लाभदायक और हानिकारक प्रभावों का वर्णन निम्नवत् है –
लाभदायक प्रभाव

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  1. संसार की बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए जीवन की आवश्यक वस्तुएँ मशीनों द्वारा पूरी की जा सकती हैं।
  2. लोगों को भोजन, कपड़ा और मकान की सुविधा भी मशीनों द्वारा ही मिली है।
  3. मशीनों के प्रयोग से भारी कामों को सरलतापूर्वक किया जा सकता है।
  4. मशीनों के प्रयोग से समय की बचत होती है। उस समय को कला और साहित्य के विकास में लगाया जा सकता है।
  5. मशीनों के प्रयोग ने मानव-जीवन को सरल तथा (UPBoardSolutions.com) सुखमय बना दिया है।
  6. औद्योगिक क्रान्ति के कारण यातायात, संचार के साधनों और व्यापार में तेजी से विकास हुआ। इससे दूरियाँ मिट गयी हैं और संसार के सभी देश एक-दूसरे के निकट आ गये हैं।

हानिकारक प्रभाव

  1. औद्योगिक क्रान्ति के कारण ग्रामीण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग गाँव छोड़कर शहर की ओर भागने लगे।
  2. औद्योगिक क्रान्ति से समाज दो वर्गों-पूँजीपति और श्रमिक-में विभक्त हो गया।
  3. औद्योगिक क्रान्ति से मजदूरों का जीवन कष्टमय हो गया। वे मलिन बस्तियों में रहने लगे जहाँ दूषित पर्यावरण के कारण वे बीमारी का शिकार होने लगे।
  4. उद्योगपतियों ने कम वेतन पर स्त्रियों तथा बच्चों को रोजगार देकर उनका शोषण किया।
  5. औद्योगिक क्रान्ति ने नगरों के पर्यावरण को प्रदूषित किया।
  6. औद्योगिक क्रान्ति ने साम्राज्यवाद को बढ़ावा दिया जिसके भयंकर दुष्परिणाम उपनिवेशों की स्थापना । के रूप में सामने आये।

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प्रश्न 4.
औद्योगिक क्रान्ति से क्या अभिप्राय है? आर्थिक व सामाजिक जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ा ?
या
यूरोप के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन पर औद्योगिक क्रान्ति का क्या प्रभाव पड़ा ? अपने उत्तर की पुष्टि के लिए उदाहरण भी दीजिए। (2013)
या
औद्योगिक क्रान्ति से आपका क्या आशय है ? इसका प्रारम्भ इंग्लैण्ड में ही क्यों हुआ? इस क्रान्ति का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा ? किन्हीं तीन का उल्लेख कीजिए। (2015)
या
इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति के विकास पर निबन्ध लिखिए। (2015)
या
कपड़ा उद्योग तथा यातायात के क्षेत्र में क्रान्ति लाने में सहायक आविष्कारों का वर्णन कीजिए। उनका सामाजिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा? किन्हीं दो प्रभावों का उल्लेख कीजिए। [2017]
उत्तर
अठारहवीं शताब्दी में औद्योगिक क्षेत्र में थोड़े-से समय में ही उत्पादन की तकनीक में जो आमूल परिवर्तन हुए उन्हें ही ‘औद्योगिक क्रान्ति’ की संज्ञा दी जाती है। औद्योगिक क्रान्ति सर्वप्रथम इंग्लैण्ड में प्रारम्भ हुई थी, क्योंकि इंग्लैण्ड में लोहे व कोयले (UPBoardSolutions.com) के अपार भण्डार थे। औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप पशु तथा मानवीय श्रम के स्थान पर मशीनों तथा भाप-शक्ति का प्रयोग प्रारम्भ हो गया। कुटीर तथा लघु उद्योगों के स्थान पर बड़े कारखानों की स्थापना होने लगी जिससे उत्पादन के साधनों पर पूँजीपतियों का अधिकार हो गया। संक्षेप में, औद्योगिक क्रान्ति ने एक ऐसी अर्थव्यवस्था को जन्म दिया जिससे उत्पादन, परिवहन, संचार आदि के नवीन साधनों का अभ्युदय हुआ।
औद्योगिक क्रान्ति के आविष्कार
इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों में अनेक आविष्कार हुए; यथा –

1. वस्त्र उद्योग – 1733 ई० में जॉन के ने तेज चलने वाली एक फ्लाइंग शटल का आविष्कार किया। इसके द्वारा पहले की अपेक्षा दुगनी चौड़ाई में कपड़ा पहले से कम समय में बुना जाने लगा। 1766 ई० में जेम्स हरग्रीब्ज़ ने सूत कातने की एक ऐसी मशीन बनाई जिसमें एक साथ आठ तकुए बारीक सूत कातते थे। इसी समय आर्कराइट ने एक मशीन बनाई, जो पानी से चलती थी और बारीक सूत कातती थी। हरग्रीब्स की मशीन को ‘स्पिनिंग जैनी’ तथा आर्कराइट की मशीन को ‘वाटर फ्रेम’ नाम दिया गया। 1776 ई० में क्राम्पटन ने ‘म्यूल’ नामक मशीन का आविष्कार किया। इस मशीन में स्पिनिंग जैनी तथा वाटर फ्रेम दोनों के गुण विद्यमान थे। 1785 ई० में कार्टराइट ने भाप की शक्ति से चलने वाली ‘पावरलूम’ नामक मशीन का आविष्कार किया। इसके अतिरिक्त ऊन साफ करने, रूई की पूनी बनाने, कपड़ों से सफेदी लाने तथा राँगने की मशीनें भी बनाई गईं। 1846 ई० में एलिहास हो ने सिलाई की मशीन का आविष्कार किया। इन मशीनों के आविष्कार के फलस्वरूप वस्त्र उद्योग में एक क्रान्ति आ गई और इंग्लैण्ड के कल-कारखानों में बड़े पैमाने पर वस्त्रों का उत्पादन होने लगा।

2. परिवहन – परिवहन के क्षेत्र में सर्वप्रथम मैकडम ने पक्की सड़कें बनाने की विधि निकाली। ब्रिटूले नामक इंजीनियर ने 1761 ई० में मानचेस्टर से बर्सले तक एक नहर का निर्माण किया। जेम्सवाट के बाद 1814 ई० में जॉर्ज स्टीफेन्सन ने ऐसा इंजन बनाया जो लोहे की पटरियों पर चलता था। 1825 ई० में स्टाकटन से डालिंगटन के बीच पहली रेलगाड़ी चलाई गई। 1820 ई० में स्टीफेन्सन ने रॉकेट इंजन बनाया जो 55 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से चल सकता था। 1808 ई० में समुद्री जहाजों का निर्माण हुआ। उन्नीसवीं शताब्दी में मोटरगाड़ियाँ और हवाई जहाज पेट्रोल तथा डीजल की सहायता से चलने लगे।

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औद्योगिक क्रान्ति का सामाजिक जीवन पर प्रभाव
औद्योगिक क्रान्ति के सामाजिक जीवन पर मुख्यतया निम्नलिखित प्रभाव पड़े –

1. नगरों का विकास – औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप नये-नये नगरों की स्थापना हुई तथा पुराने नगरों का विकास हुआ। उद्योगों की स्थापना के कारण नगरों में जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी, जिससे वहाँ अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो गयीं। नगरों में एक ओर तो दैनिक (UPBoardSolutions.com) जनजीवन में हलचलें बढ़ गयीं, जबकि दूसरी ओर जन-सुविधाओं का अभाव हो गया तथा शहरों में प्रदूषण बढ़ने लगा।

2. नये वर्गों का उदय तथा परस्पर संघर्ष – औद्योगिक क्रान्ति के कारण समाज पूँजीपति और श्रमिक इन दो वर्गों में बँट गया। पूँजीपति श्रमिकों से अधिक काम लेते थे और उन्हें कम मजदूरी देकर उनका शोषण करते थे। फलस्वरूप दोनों वर्गों में संघर्ष प्रारम्भ हो गया। इस वर्ग-संघर्ष के कारण हड़ताल तथा तालाबन्दी की घटनाएँ होने लगीं।

3. श्रमिकों की दयनीय दशा – औद्योगिक पूँजीवाद के साथ श्रमिकों का शोषण प्रारम्भ हो गया। मजदूरों को कम मजदूरी पर अस्वस्थ वातावरण में 18 घण्टे तक काम करना पड़ता था। मजदूरों के जीवन तथा जीविका की सुरक्षा का कोई प्रबन्ध नहीं था। उनके बीमार अथवा दुर्घटनाग्रस्त होने पर मालिक उन्हें काम से हटा देते थे।

4. स्त्रियों और बच्चों का शोषण – अधिकाधिक लाभ कमाने के लालच में मालिकों ने स्त्रियों और बच्चों को भी काम पर लगा लिया, किन्तु पुरुषों की अपेक्षा इनको कम मजदूरी दी जाती थी। बच्चों के नींद के झोंके में मशीन में फंसकर कट जाने की घटनाएँ होती रहती थीं तथा चिमनी साफ करने के लिए बच्चों को ब्रश की तरह प्रयोग किया जाता था। बाद में कुछ सरकारों ने स्त्रियों और बच्चों से कारखानों में काम लेने पर रोक लगा दी।

5. मलिन बस्तियों में वृद्धि – औद्योगिक नगरों में कारखानों के पास योजनारहित श्रम बस्तियों का निर्माण होता गया। ऐसी बस्तियों में बेढंगे मकान बनते गये जिनमें जल-निकास तथा सफाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। इसके फलस्वरूप ये बस्तियाँ बीमारी और गन्दगी के केन्द्र बन गयीं।

6. नैतिक मूल्यों का पतन – गाँवों से आने वाले श्रमिकों को नगरों में एकाकी जीवन बिताने के लिए बाध्य होना पड़ा, जिससे पारिवारिक विघटन प्रारम्भ हो गया। मजदूर मनोरंजन तथा विनोद के अभाव | में मदिरा, जुआ, वेश्यागमन तथा अश्लील साहित्य के शिकार हो गये।

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औद्योगिक क्रान्ति का आर्थिक जीवन पर प्रभाव
औद्योगिक क्रान्ति के आर्थिक जीवन पर मुख्यतया निम्नलिखित प्रभाव पड़े –

1. उत्पादन में वृद्धि – औद्योगिक क्रान्ति के कारण बड़े-बड़े कारखानों की स्थापना हुई जिनमें बड़ी-बड़ी मशीनों द्वारा कम लागत पर विभिन्न वस्तुओं का विशाल स्तर पर उत्पादन किया जाने लगा।

2. पूँजीवाद का विकास – उत्पादन में निरन्तर वृद्धि के कारण उद्योगपतियों के लाभ बढ़ते गये। उनके पास विशाल मात्रा में पूँजी इकट्ठी होती गयी जिससे वे नये-नये कारखाने खोलते गये। फलस्वरूप पूँजीवाद का विस्तार होता गया।

3. जीवन-स्तर में वृद्धि – एक ओर, उत्पादन में वृद्धि से समाज में आजीविका के नये स्रोत खुल गये जिससे श्रमिकों की आय में वृद्धि हुई। दूसरी ओर, श्रमिकों को उपभोग के लिए नाना प्रकार की वस्तुएँ मिलने लगीं। फलतः श्रमिकों के जीवन-स्तर में सुधार (UPBoardSolutions.com) होता गया।

4. कृषि को विकास – औद्योगिक क्रान्ति के कारण कृषि-यन्त्रों, कृषि की तकनीक तथा विधियों में क्रान्तिकारी परिवर्तन हुए जिससे कृषि-उत्पादन में कई गुना वृद्धि हुई। फलस्वरूप कृषकों की दशा में सुधार हुआ।

5. परिवहन के साधनों का विकास – औद्योगिक क्रान्ति के कारण रेल, सड़क तथा जल-परिवहन के साधनों का बहुत अधिक विकास हुआ। फलस्वरूप उद्योग, वाणिज्य तथा व्यापार का बहुत अधिक विकास तथा विस्तार हुआ।

6. आय का असमान वितरण – औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप पूँजी थोड़े व्यक्तियों के हाथ में संचित होने लगी, क्योंकि कारखानों के लाभ से मिल-मालिक और अधिक धनी होते गये। विशाल धन अर्जित करने के कारण उनका जीवन विलासितापूर्ण होता गया। दूसरी ओर असंख्य मजदूर थे जो कम मजदूरी मिलने के कारण गरीबी का जीवन व्यतीत कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, बड़े उद्योगों के सामने छोटे उद्योगों का महत्त्व घटने लगा, जिस कारण छोटे व्यवसायियों की स्थिति भी दिन-प्रतिदिन गिरने लगी।

7. समाजवाद का उदय – सम्पूर्ण विश्व में समाजवादी विचारधारा का उदय औद्योगिक क्रान्ति के कारण ही हुआ। समाजवादियों का मत था कि समस्त कारखानों, भूमि तथा अन्य साधनों पर राज्य या समस्त जनसंख्या का आधिपत्य होना चाहिए। पूँजीवाद ने समाज को दो वर्गों में विभक्त कर दिया-धनी पूँजीपति तथा निर्धन श्रमिक मिल-मालिकों द्वारा शोषण के कारण श्रमिकों में असन्तोष फैलता गया। श्रमिकों में यह भावना बलवती हो गयी कि (UPBoardSolutions.com) उनके जीवन में परिवर्तन के लिए समाजवादी व्यवस्था आवश्यक है।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
औद्योगिक क्रान्ति के दो प्रमुख कारणों का वर्णन कीजिए। [2012]
या
औद्योगिक क्रान्ति का अर्थ स्पष्ट करते हुए किन्हीं दो कारणों को लिखिए जिनसे इंग्लैण्ड में इसका सर्वप्रथम विस्तार हुआ। (2013)
या
यूरोप में औद्योगिक क्रान्ति के दो कारण कौन-से थे? (2015)
उतर
अठारहवीं शताब्दी में औद्योगिक क्षेत्र में थोड़े-से समय में ही उत्पादन की तकनीक में जो आमूल परिवर्तन हुए उन्हें ही ‘औद्योगिक क्रान्ति’ की संज्ञा दी जाती है।
औधोगिक क्रान्ति के दो प्रमुख कारण निम्नलिखित है –

1. वैज्ञानिक प्रगति – युरोप में पुनर्जागरण तथा धर्म-सुधार आन्दोलन के साथ बौद्धिक विकास को युग प्रारम्भ हो गया। नये-नये आविष्कार तथा खोज-कार्य होने लगे। नयी मशीनों, वैज्ञानिक विधियों तथा | सुधरी हुई तकनीक ने उद्योग, कृषि, परिवहन तथा व्यापार के क्षेत्र में क्रान्ति ला दी।

2. कृषि क्रान्ति – 18वीं शताब्दी के प्रारम्भ में इंग्लैण्ड में एक प्रकार से कृषि क्रान्ति’ हो गयी थी। जिसके कारण उत्पादन में तेजी से वृद्धि होने लगी। नस्ल सुधार से पशुधन में भी वृद्धि हुई जिसने खेती के साथ-साथ भोजन की भी स्थिति सुधार दी। इंग्लैण्ड थोड़े ही दिनों में अपेक्षतया कम जमीन उपलब्ध होने पर भी कृषि में यूरोप के अन्य देशों में अग्रणी हो गया। इन कृषिगत परिवर्तनों ने औद्योगिक क्रान्ति की पृष्ठभूमि तैयार करने में मदद की। (UPBoardSolutions.com) इंग्लैण्ड में ही सर्वप्रथम खेतों की घेराबन्दी-प्रथा शुरू हुई जिसे वर्तमान में खेतों की चकबन्दी कहा जाता है।

प्रश्न 2.
सूत कातने के विकास में कौन-कौन से यन्त्र सहायक सिद्ध हुए ?
या
इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप वस्त्र उद्योग में कौन-कौन से आविष्कार हुए ?
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप इंग्लैण्ड में वस्त्र उद्योग में सहायक निम्नलिखित आविष्कार हुए –

  1. स्पिनिंग जेनी – जेम्स हरग्रीव्ज़ ने 1764 ई० में ‘स्पिनिंग जेनी’ का आविष्कार किया, जिससे सूत तेजी से काता जाने लगा।
  2. फ्लाइंग शटल – जॉन के ने ‘फ्लाइंग शटल’ का आविष्कार किया, जिससे कपड़ा तेजी से बनाया जाने लगा।
  3. वाटर फ्रेम – ऑर्कराइट ने 1769 ई० में हरग्रीव्ज़ के चरखे में कुछ ऐसे परिवर्तन किये कि वह वाष्प की शक्ति से चलाया जाने लगा। इस नये चरखे को उसने ‘वाटर फ्रेम’ का नाम दिया।
  4. स्पिनिंग म्यूल – क्रॉम्पटन ने 1776 ई० में एक ऐसी मशीन का आविष्कार किया जिसमें हरग्रीव्ज और ऑर्कराइट दोनों के आविष्कारों के गुण विद्यमान थे। अब सूत तेजी से और बारीक काता जाने लगा। इस नयी मशीन को ‘म्यूल’ कहते थे।
  5. पावरलूम – कॉर्टराइट ने 1785 ई० में ‘पावरलूम’ का आविष्कार किया, जिसमें वाष्प-शक्ति द्वारा सूत काता जाने लगा और कपड़ा बुना जाने लगा।
  6. जिन – एली ह्विटनी नाम के एक अमेरिकी ने 1793 ई० में कपास से बिनौले (UPBoardSolutions.com) अलग करने की मशीन का आविष्कार किया। यह मशीन हाथ की तुलना में कई गुना अधिक रुई तैयार कर सकती थी।

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प्रश्न 3.
औद्योगिक क्रान्ति का नगरों पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति से पूर्व संसार की अधिकांश जनता गाँवों में रहती थी तथा कृषि पर निर्भर थी। लोगों की प्रायः सभी आवश्यकताएँ गाँवों में ही पूरी हो जाती थीं, किन्तु औद्योगिक विकास तथा क्रान्ति ने। स्थितियों को पूरी तरह बदल डाला। इससे नगरों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़े –

  1. नगर अब आर्थिक जीवन के केन्द्र बन गये। अधिकतर नगर औद्योगिक नगरों के रूप में विकसित हुए।
  2. ये नगर धीरे-धीरे सघन आबादी के केन्द्र बन गये। इन नगरों में कारखानों की संख्या के साथ-साथ मजदूरों और उनकी बस्तियों की भी संख्या में वृद्धि होने लगी।
  3. नगरों में जनसंख्या के जमघट के कारण मकान, सफाई व स्वास्थ्य की समस्याएँ पैदा होने लगीं।
  4. धुएँ तथा गन्दगी के कारण नगरों का पर्यावरण प्रदूषित होने लगा।
  5. औद्योगीकरण की गति तेज होने से नगरीय जीवन की स्थितियों में गिरावट आयी। शहरी सभ्यता से लोगों का जीवन तनावपूर्ण होने लगा व नैतिकता और सामाजिकता के बन्धन टूटने लगे।

प्रश्न 4.
औद्योगिक क्रान्ति से श्रमिकों की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़े ?
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति से श्रमिकों की स्थिति पर निम्नलिखित प्रभाव पड़े –

  1. औद्योगिक क्रान्ति के कारण समाज पूँजीपति तथा श्रमिक इन दो वर्गों में बँट गया। पूँजीपति श्रमिकों से अधिक काम लेते थे, किन्तु उन्हें कम मजदूरी देते थे।
  2. मजदूरों को कम मजदूरी पर अस्वस्थ होने की स्थिति में भी 14 से 16 घण्टे काम करना पड़ता था। उनके बीमार या दुर्घटनाग्रस्त होने पर मालिक उन्हें काम से भी हटा देते थे।
  3. पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियों को बहुत कम मजदूरी दी जाने लगी। बच्चों के अधिक कार्य करते रहने के कारण नींद के झोंके में मशीन में फंसकर कट जाने की घटनाएँ होती रहती थीं।
  4. गाँवों से आने वाले श्रमिकों को नगरों में एकाकी जीवन बिताने के लिए (UPBoardSolutions.com) बाध्य होना पड़ा। जिससे पारिवारिक विघटन प्रारम्भ हो गया और वे मनोरंजन के अभाव में जुआ, मदिरा तथा अश्लीलता के शिकार हो गये।
  5. श्रम अधिक तथा मजदूरी कम होने के कारण मजदूरों को भरपेट भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता था। इसीलिए वे भुखमरी तथा कुपोषण के शिकार हो गये। उपर्युक्त तथ्यों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि औद्योगिक क्रान्ति के पश्चात् श्रमिकों की दशा बद-से-बदतर होती चली गयी।

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अतिलघु उत्तरीय प्रत

प्रश्न 1.
औद्योगिक क्रान्ति कब हुई ?
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति अठारहवीं शताब्दी में हुई।

प्रश्न 2.
औद्योगिक क्रान्ति सर्वप्रथम किस देश में हुई ? कोई एक कारण लिखिए। [2011]
या
औद्योगिक क्रान्ति का प्रारम्भ क्यों और किस देश से हुआ ? [2013]
उत्तर
औद्योगिक क्रान्ति सर्वप्रथम इंग्लैण्ड में प्रारम्भ हुई थी, क्योंकि इंग्लैण्ड में लोहे व कोयले के अपार भण्डार थे।

प्रश्न 3.
फ्लाइंग शटल का आविष्कार कब और किसने किया ?
उत्तर
फ्लाइंग शटल का आविष्कार 1738 ई० में जॉन के नामक अंग्रेज ने किया था।

प्रश्न 4.
जेम्स वाट क्यों प्रसिद्ध है ?
उत्तर
जेम्स वाट इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि उसने 1769 ई० (UPBoardSolutions.com) में भाप-शक्ति से चलने वाला इंजन बनाया था।

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प्रश्न 5.
जॉर्ज स्टीवेन्सन का आविष्कार क्या था और वह कब हुआ ?
या
रेल इंजन का आविष्कारक कौन था ? [2015]
उत्तर
जॉर्ज स्टीवेन्सन ने 1814 ई० में रेल के इंजन का आविष्कार किया।

प्रश्न 6.
सेफ्टी लैम्प किसने बनाया और कब ?
उत्तर
सेफ्टी लैम्प का आविष्कार हम्फ्रे डेवी ने 1815 ई० में किया।

प्रश्न 7.
स्पिनिंग जैनी का आविष्कार किसने किया था ?
उत्तर
स्पिनिंग जैनी का आविष्कार जेम्स हरग्रीव्ज ने किया था।

प्रश्न 8.
कपास ओटने की मशीन का आविष्कार किसने किया था ?
उत्तर
कपास ओटने की मशीन का आविष्कार (UPBoardSolutions.com) एली ह्विटने ने किया था।

प्रश्न 9.
आर्कराइट ने किस यन्त्र का आविष्कार किया था ?
उत्तर
आर्कराइट ने वाटर फ्रेम नामक यन्त्र का आविष्कार किया था।

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प्रश्न 10.
पावरलूम का आविष्कार किसने किया ?
उत्तर
पावरलूम का आविष्कार एडमण्ड कॉर्टराइट ने किया।

प्रश्न 11.
औद्योगिक क्रान्ति के मध्य हुए तीन आविष्कारों का उल्लेख कीजिए। [2016]
उत्तर.
औद्योगिक क्रान्ति के मध्य ड्रिलिंग मशीन, सेफ्टी लैम्प व टेलीफोन का आविष्कार हुआ।

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बहुविकल्पीय प्रश्न

1. औद्योगिक क्रान्ति का आरम्भ किस देश में हुआ था? [2012, 14]

(क) जर्मनी में
(ख) फ्रांस में
(ग) इंग्लैण्ड में
(घ) स्पेन में

2. लोहा साफ करने की विधि किसने निकाली थी?

(क) हेनरी कोर्ट ने
(ख) इब्राहीम डर्बी ने
(ग) ह्विटने ने
(घ) ओपन हर्थ ने

3. अनाज को भूसे से अलग करने वाली मशीन का आविष्कारक था –

(क) हिटने
(ख) टॉमस कोक
(ग) हेनरी कोर्ट
(घ) इब्राहीम डर्बी

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4. पक्की सड़क बनाने का अनुसन्धान किया –

(क) टॉमस टेलफोर्ड ने
(ख) जॉन मैकादम ने
(ग) ह्विटने ने
(घ) हेनरी कोर्ट ने

5. सर्वप्रथम सूत कातने के यन्त्र का आविष्कार किया

(क) आर्कराइट ने
(ख) हरग्रीव्ज ने
(ग) ह्विटने ने।
(घ) टॉमस कोक ने

6. इंग्लैण्ड में लोकोमोटिव रॉकेट नामक वाष्प-चालित इंजन का आविष्कार किया था –

(क) रिचर्ड ट्रेविथिक ने
(ख) जेम्स वाट ने
(ग) जॉर्ज स्टीवेन्सन ने
(घ) टॉमस कोक ने

7. औद्योगिक क्रान्ति के लिए उत्तरदायी कारण नहीं है

(क) मशीनों का प्रयोग
(ख) कृषि का विकास
(ग) वैज्ञानिक आविष्कार
(घ) लघु उद्योगों का विनाश

8. औद्योगिकीकरण का राजनीतिक प्रभाव था

(क) इंग्लैण्ड में आन्दोलन
(ख) उपनिवेशों की स्थापना
(ग) वर्ग-संघर्ष
(घ) भौतिकवाद का उदय

9. स्पिनिंग जैनी का आविष्कारक था–

(क) क्रॉम्पटन
(ख) आर्कराइट
(ग) हरग्रीव्ज
(घ) जॉन के

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10. हम्फ्रे डेवी का आविष्कार था

(क) पेट्रोमेक्स
(ख) टॉर्च
(ग) सेफ्टी लैम्प
(घ) विद्युत बल्ब

11. स्टीम इंजन के आविष्कारकर्ता थे [2014]

(क) ह्विटने
(ख) कार्टराइट
(ग) जॉन के
(घ) जेम्सवाट

12. सिलाई मशीन का आविष्कारक था [2015]

(क) न्यूटन
(ख) गैलीलियो
(ग) एलिहास हो
(घ) जेम्सवाट

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13. इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति प्रारम्भ हुई थी [2016]

(क) 17वीं शताब्दी में
(ख) 18वीं शताब्दी में
(ग) 19वीं शताब्दी में
(घ) 20वीं शताब्दी में

उत्तरमाला

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 3 औद्योगिक क्रान्ति एवं उसका प्रभाव 1

Hope given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 3 are helpful to complete your homework.

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UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 2 (Section 1)

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 2 धर्म-सुधार आन्दोलन–खोजें एवं आविष्कार (अनुभाग – एक)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 Social Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 2 धर्म-सुधार आन्दोलन–खोजें एवं आविष्कार (अनुभाग – एक).

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
धर्म-सुधार आन्दोलन के कुछ प्रमुख कारणों पर विस्तार से प्रकाश डालिए।
       या
यूरोप में प्रोटेस्टेण्ट धर्म-सुधार आन्दोलन के कारणों का वर्णन कीजिए। [2014]
उत्तर
धर्म-सुधार आन्दोलन के प्रमुख कारण धर्म-सुधार (UPBoardSolutions.com) आन्दोलन के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं –

1. चर्च के सिद्धान्तों के विरुद्ध असन्तोष – मध्यकाल के अन्तिम चरण में रोमन कैथोलिक चर्च के अन्दर ही कुछ मूलभूत सिद्धान्तों के विरुद्ध असन्तोष बढ़ रहा था। कुछ लोग यह मानने लगे थे कि रोमन कैथोलिक चर्च ईसा के उपदेशों, भावनाओं एवं मान्यताओं से दूर हट चुका है। इसलिए चर्च को ईसाई धर्म के ईश्वर-नियुक्त अभिभावक के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सुधारकों ने कहा कि ईसाई सिद्धान्तों का एकमात्र प्रामाणिक स्रोत धर्मग्रन्थ है, न कि संगठित चर्च के निर्णय एवं परम्पराएँ। उन्होंने ईसाई धर्म में मनुष्य और ईश्वर के बीच प्रत्यक्ष सम्बन्धों पर जोर देना शुरू किया। फलतः पेशेवर पादरी और रोमन कैथोलिक चर्च के संस्कारों का महत्त्व घटने लगा।

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2. चर्च में व्याप्त बुराइयाँ – धर्म-सुधार आन्दोलन का दूसरा प्रमुख कारण चर्च के अन्तर्गत व्याप्त बुराइयाँ थीं, जो 15वीं एवं 16वीं सदी में पैदा हो गयी थीं। पादरियों की अज्ञानता और विलासिता, चर्च के पदों एवं सेवाओं की बिक्री (सिमोनी), सम्बन्धियों के बीच चर्च के लाभकारी पदों का बँटवारा (नेपोटिज्म) तथा एक पादरी द्वारा एक से अधिक पद रखे रहना (प्लुरेलिज़म) यह सभी असन्तोष एवं शिकायत के कारण थे। (UPBoardSolutions.com) पापी-से-पापी व्यक्ति भी चर्च को पैसे देकर अपने पापों से मुक्ति प्राप्त कर सकता था। सच्चे धर्मात्मा एवं श्रद्धालु लोगों को ये बातें बुरी लगती थीं। वे यह नहीं समझ पाते थे कि जो व्यक्ति पाप करते हैं, उन्हें ईश्वर पैसा लेकर कैसे छोड़ देगा?

3. आर्थिक कारण – आर्थिक कारणों ने नि:सन्देह धर्म-सुधार आन्दोलन में उल्लेखनीय भूमिका निभायी। उस समय तक पश्चिमी यूरोप के देशों में राष्ट्रीय राज्य कायम हो चुके थे। राजाओं को सेना व प्रशासन का खर्च चलाने के लिए अधिक धन की आवश्यकता थी। पादरियों द्वारा वसूला जाने वाला कर’ रोम चला जाता था। इसके अतिरिक्त पादरी वर्ग धनी होते हुए भी करों से मुक्त था। राजा चाहते थे कि राज्य का शासन चलाने के लिए चर्च पर कर लगाया जाए। वाणिज्य-व्यापार के कारण जब मुद्रा-प्रधान अर्थव्यवस्था कायम हुई तब कर्ज लेने की प्रथा जोरों से चल पड़ी। परन्तु चर्च की मान्यता थी कि कर्ज लेना पाप है। अत: चर्च के सिद्धान्त व्यापार की प्रगति में बड़े बाधक थे। इसलिए व्यापारी एक ऐसा धर्म चाहते थे जो उनके कार्यों का समर्थन करे।

4. चर्च द्वारा किसानों का शोषण – चर्चशोषित किसानों का असन्तोष भी धर्म-सुधार आन्दोलन का कारण था। चर्च स्वतः ही एक बड़ा सामन्त था। भू-अनुदान के रूप में उसके पास बहुत अधिक भूमि का स्वामित्व था। किसान चर्च के कर से पिसते जा रहे थे। पादरी, सामन्त-प्रथा एवं किसानों (कम्मियों) के शोषण का समर्थन करते थे। इसलिए जाग्रत किसान उनसे नाराज थे और कभी-कभी विद्रोह भी कर देते थे।

5. धर्म के प्रति कट्टरवादिता – पुनर्जागरण के कारण चर्च और उसके प्रधान पोप के विरुद्ध विद्रोह की भावना और बलवती हो उठी। चर्च सम्भवत: नवीन विचारधारा का सबसे जबरदस्त विरोधी था। वह नहीं चाहता था कि पुराने विश्वासों और रूढ़ियों को उखाड़कर नये सिद्धान्तों की स्थापना हो। परन्तु मुद्रण (प्रिण्टिग) कला के विकास से धार्मिक ग्रन्थों को पढ़कर एवं विचारकों के विचार जानकर लोगों को पता चल गया कि (UPBoardSolutions.com) ईसाई धर्म का सच्चा स्वरूप क्या है तथा बीच के काल में जो अन्धविश्वास प्रविष्ट हो गये हैं वे पादरी वर्ग के निहितार्थों के कारण हुए थे। अत: इससे धर्म का स्वरूप विकृत हो गया था। वे इस बात का प्रयत्न करने लगे कि धर्म का प्राचीन रूप पुनः प्रतिष्ठित हो।

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निष्कर्ष – सोलहवीं शताब्दी के अन्त तक चर्च के विरुद्ध धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और बौद्धिक असन्तोष चरम सीमा तक पहुँच चुका था। विद्रोह के लिए केवल एक सक्रिय नेता और विस्फोट के लिए एक घटना की आवश्यकता थी। प्रोटेस्टेण्ट (UPBoardSolutions.com) धर्म-सुधार तीन विशिष्ट परन्तु सम्बद्ध आन्दोलनों-लूथरवाद, काल्विनवाद और ऐंग्लिकनवाद से मिलकर संघटित हुआ। मार्टिन लूथर का विद्रोह धर्म-सुधार की शुरुआत थी।

प्रश्न 2. लूथरवाद तथा काल्विनवाद का विस्तृत वर्णन कीजिए।
       या
धर्म-सुधार आन्दोलन में लूथर का क्या योगदान था ?
       या
मार्टिन लूथर किंग पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर

लूथरवाद

मार्टिन लूथर का जन्म 10 नवम्बर, 1483 ई० में जर्मनी के आइसलेवन नामक शहर में हुआ था। इसके पिता हेन्स लूथर एक खान में मजदूरी किया करते थे। मार्टिन लूथर की 62 वर्ष की अवस्था में 18 फरवरी, 1546 ई० को आइसलेवन में मृत्यु हो गयी।

मार्टिन लुथर ने धर्मशास्त्र का अध्ययन किया था। उसका विश्वास था कि ईसा मसीह में अटूट विश्वास के द्वारा मनुष्य मुक्ति प्राप्त कर सकता है। उसने अनुभव किया कि पूजा, प्रायश्चित्त, बानगी, प्रार्थना, आध्यात्मिक ध्यान और क्षमा-पत्रों (UPBoardSolutions.com) (इण्डल्जेन्स) की खरीद से पाप से मुक्ति नहीं पायी जा सकती। उसने क्षमा-पत्रों की बिक्री के औचित्य को चुनौती दी। उसने तर्क दिया कि क्षमा-पत्र के द्वारा मनुष्य चर्च के लगाये दण्ड से मुक्त हो सकता है, किन्तु मृत्यु के पश्चात् वह ईश्वर के लगाये दण्ड से छुटकारा नहीं पा सकता और ने अपने पाप के फल से बच सकता है। उसके विचारों ने तहलका मचा दिया। उसके समर्थकों की संख्या बढ़ने लगी।

लूथर के विचारों से पोप को घबराहट हुई। पोप ने उसे धर्मच्युत कर दिया। इस समय तक सारे जर्मनी में सामाजिक एवं धार्मिक खलबली पैदा हो चुकी थी। बहुत-से राजा चर्च से नाराज थे। इसलिए वे लूथर का समर्थन करने लगे।

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लूथर के विचार बहुत सुगम थे। उसने ईसा और बाइबिल की सत्ता स्वीकार की जबकि पोप और चर्च की दिव्यता और निरंकुशता को नकार दिया। उसने बताया कि चर्च का अर्थ रोमन कैथोलिक या कोई अन्य विशिष्ट संगठन नहीं बल्कि ईसा में (UPBoardSolutions.com) विश्वास करने वाले लोगों का समुदाय है। उसने पोप, कार्डिनल और बिशप के पदानुक्रम को समाप्त करने की माँग की। मठों और पादरियों के ब्रह्मचर्य को समाप्त करने का विचार उसने रखा। उसके ये विचार अत्यधिक लोकप्रिय हुए।

धर्म के प्रश्न को लेकर जर्मनी के राज्य दो दलों में बँट गये-लूथर के समर्थक ‘प्रोटेस्टेण्ट’ कहलाये और उसके विरोधी ‘कैथोलिक’। प्रोटेस्टेण्ट, सुधारवादी थे और कैथोलिक प्राचीन धर्म के अनुयायी। प्रोटेस्टेण्ट धर्म उत्तरी जर्मन राज्यों, डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन और बाल्टिक राज्यों में तेजी से फैल गया।

काल्विनवाद

प्रोटेस्टेण्ट धर्म की स्थापना में लूथर के बाद फ्रांस के ‘काल्विन’ का ही नाम आता है। इनका जन्म 10 जुलाई, 1509 ई० को फ्रांस में हुआ था। इन्होंने लूथर के विचारों को पढ़कर 24 वर्ष की आयु में प्रोटेस्टेण्ट धर्म को अपना लिया। उनका विचार था कि ईसाई धर्म को समझने के लिए ईसा के विचार को समझना आवश्यक है। उनका कहना था कि आचार-विचार का पालन कड़ाई से होना चाहिए।

काल्विन के सिद्धान्तों का आधार ईश्वर की इच्छा की सर्वोच्चता थी। ईश्वर की इच्छा से ही सब कुछ होता है, इसलिए मनुष्य की मुक्ति न कर्म से हो सकती है न आस्था से, वह तो केवल ईश्वर के अनुग्रह से ही हो सकती है। मनुष्य के पैदा होते ही यह (UPBoardSolutions.com) तय हो जाता है कि उसका उद्धार होगा या नहीं। इसे ही पूर्व नियति का सिद्धान्त’ (Doctrine of Predestiny) कहते हैं।

काल्विन के इस सिद्धान्त ने उसके अनुयायियों, विशेषकर व्यापारियों में नवीन उत्साह, आत्मविश्वास एवं दैविक प्रेरणा का संचार किया। अत: यह स्पष्ट है कि काल्विन के धर्म को व्यापारियों का समर्थन इसलिए मिला; क्योंकि उसके सिद्धान्तों से उनके व्यापार को बड़ा लाभ हुआ; उदाहरणस्वरूप-स्कॉट, डच, फ्रांसीसी और अंग्रेज। वास्तव में “19वीं शताब्दी के सर्वहारा के लिए जो कार्य कार्ल मार्क्स ने किया, वही 16वीं शताब्दी के मध्यम वर्ग के लिए काल्विन ने।

काल्विन तत्कालीन पूँजीवादी विकास का समर्थक था। उसने व्यापारियों और मध्यम वर्ग के लोगों के समर्थन से अपने धर्म को मजबूत किया। उसने इस बात पर भी जोर दिया कि पूँजी के लिए सूद (ब्याज) लेना उतना
ही ठीक है, जितना कि ज़मीन के लिए मालगुजारी। व्यापार में मुनाफे को वह उचित समझता था। काल्विन को इन विचारों के कारण व्यापारी वर्ग का समर्थन प्राप्त हुआ। अतएव वाणिज्य- व्यापार पर से धार्मिक प्रतिबन्धों के हट जाने से इनका तेजी से विकास हुआ। 27 मई, 1564 ई० को इनकी मृत्यु हो गयी। वैसे तो आधुनिक युग में भौगोलिक खोजों के कारण वाणिज्य, व्यवसाय और अन्ततः पूँजीवादी व्यवस्था का उदय हो चुका था, परन्तु बौद्धिक पुनर्जागरण एवं धर्म-सुधार आन्दोलन ने समुद्र यात्रा और अन्वेषण की इच्छा को और भी तेज कर दिया।

सदियों से एशिया कई अत्यन्त कीमती वस्तुओं के लिए यूरोप का स्रोत था। इन वस्तुओं में रेशम सिल्क, सूती कपड़े, कालीन, जवाहरात और मसाले जैसे माल सम्मिलित थे। ये वस्तु या तो यूरोप में मिलती नहीं थीं या यूरोपीय वस्तुओं से बेहतर होती थीं। (UPBoardSolutions.com) मिर्च, दालचीनी, लौंग, अदरक, जायफल जैसे मसाले बहुत महत्त्वपूर्ण थे, जिनका प्रयोग दवा बनाने, मांस सुरक्षित रखने और सॉस इत्यादि बनाने में होता था।

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प्रश्न 3.
15वीं सदी में नए स्थलों की खोज के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों का वर्णन कीजिए। [2013]
       या
15वीं शताब्दी में नवीन व्यापारिक मार्गों की खोज क्यों हुई ?
       या
15वीं तथा 16वीं शताब्दी में नए प्रदेशों की खोजों के लिए उत्तरदायी कारणों को बताइए।
       या
15वीं तथा 16वीं शताब्दी में नए समुद्री माग की खोज के कारणों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर
नए स्थानों की खोज-यात्राएँ
मानव जिज्ञासु प्राणी है। जिज्ञासा की भावना ने ही उसे नये देशों व स्थानों की खोज हेतु प्रेरणा दी। 15वीं सदी के अन्तिम वर्षों और 16वीं सदी के प्रारम्भिक वर्षों में यूरोप के साहसी नाविकों ने जोखिम उठाते हुए लम्बी-लम्बी यात्राएँ करके नवीन देशों की खोज करने में सफलता अर्जित की। इसीलिए पुनर्जागरण काल को ‘खोजों का काल भी कहा जाता है। भौगोलिक खोजों के लिए सर्वप्रथम पुर्तगाली और स्पेनिश नाविक (UPBoardSolutions.com) आगे आये। बाद में इंग्लैण्ड, फ्रांस, हॉलैण्ड और जर्मनी के नाविक भी खोज-अभियान में जुट गये। इस काल में खोजी यात्राओं के लिए कतिपय अनुकूल परिस्थितियाँ थीं, जिनके कारण सुगमता से खोजी अभियान प्रारम्भ हुआ।

1. तुर्को द्वारा कुस्तुन्तुनिया पर अधिकार – 1453 ई० में तुर्को द्वारा कुस्तुन्तुनिया पर अधिकार कर लिये जाने के फलस्वरूप पश्चिम और पूर्व के बीच व्यापारिक मार्ग यूरोपियनों के लिए बन्द हो गये। पुर्तगाल और स्पेन को भारत और इण्डोनेशिया के साथ व्यापार से पर्याप्त लाभ होता था और पुर्तगाली तथा स्पेन के लोग इस लाभ को छोड़ने के लिए तैयार न थे, अत: पूर्वी देशों के साथ व्यापारिक सम्बन्ध बनाये रखने के लिए उन्होंने नये जलमार्गों का पता लगाया।

2. वैज्ञानिक आविष्कार – आधुनिक युग में दिशासूचक यन्त्र (कुतुबनुमा) का आविष्कार हुआ और इस यन्त्र के आविष्कार ने समुद्री यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बना दिया। इस काल में मजबूत जहाजों का भी निर्माण हुआ जो समुद्री यात्रा के समय तूफान, हवा आदि से अपेक्षाकृत सुरक्षित थे।

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3. सम्राट् हेनरी का योगदान – पुर्तगाल का शासक हेनरी, नाविक हेनरी (HenrytheNavigator) के नाम से प्रसिद्ध है। वह स्वयं तो एक नाविक नहीं था, किन्तु उसने भौगोलिक अन्वेषणों के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण कार्य किये। उसने नाविकों का एक प्रशिक्षण केन्द्र (स्कूल) स्थापित किया और खोजी यात्राओं को प्रोत्साहित किया। पोत निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान कीं और लम्बी दूरी की यात्राओं के लिए उपयुक्त पोत निर्माण करने की सलाह दी। हेनरी द्वारा स्थापित यह केन्द्र नाविकों और वैज्ञानिकों के आकर्षण का केन्द्र बन गया। इस प्रकार सम्राट् हेनरी ने ऐसी परम्परा विकसित की, जिसके (UPBoardSolutions.com) फलस्वरूप खोजी यात्री न केवल उत्साहित हुए, वरन् उन्हें आवश्यक सुविधाएँ भी प्राप्त हुईं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नवीन व्यापारिक मार्गों की तलाश में किन नये देशों की खोज हुई ? इसका व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर
नवीन व्यापारिक मार्गों की तलाश में अग्रलिखित नये देशों की खोज हुई –

1. उत्तमाशा अन्तरीप की खोज – सन् 1486 ई० में बालोमियो डियाज अफ्रीका के दक्षिणी तट पर पहुँचा, जिसे उसने ‘तूफानों का अन्तरीप’ नाम दिया। बाद में पुर्तगाल के शासक ने इसका नाम ‘उत्तमाशा अन्तरीप’ (Cape of Good Hope) रख दिया।

2. अमेरिका तथा पश्चिमी द्वीपसमूह की खोज – स्पेन का नाविक कोलम्बस, 1492 ई० में तीन समुद्री जहाजों को लेकर एक नयी भूमि पर पहुँचा। पहले वह समझा कि यह भारत भूमि ही है, परन्तु वास्तव में यह ‘नयी दुनिया’ थी। बाद में इटली का एक नाविक अमेरिगो भी यहीं पर पहुँचा। उसी के नाम पर इसका नाम ‘अमेरिका’ पड़ा।

3. न्यूफाउण्डलैण्ड तथा लेब्रेडोर की खोज – सन् 1497 ई० में जॉन कैबेट इंग्लैण्ड के राजा हेनरी सप्तम की सहायता के लिए पश्चिमी समुद्र की ओर निकला। वह उत्तरी अटलाण्टिक महासागर को पार कर कनाडा के समुद्र तट पर पहुँच गया और (UPBoardSolutions.com) उसने ‘न्यूफाउण्डलैण्ड’ की खोज की।

4. भारत के समुद्री मार्ग की खोज – यूरोप और भारत के मध्य समुद्री मार्ग की खोज पुर्तगाली नाविक वास्को-डि-गामा ने की थी।

5. ब्राजील की खोज – सन् 1501 ई० में पुर्तगाली नाविक कैब्रेल ने एक नये देश ‘ब्राजील की खोज की।

6. मैक्सिको तथा पेरू की खोज – सन् 1519 ई० में स्पेनिश नाविक कोटिस ने ‘मेक्सिको की तथा सन् 1531 ई० में पिज़ारो ने ‘पेरू’ की खोज की।

7. अफ्रीका महाद्वीप की खोज – इस महाद्वीप की खोज का श्रेय मार्टन स्टैनली तथा डेविड . लिविंग्स्टन को प्राप्त है।

8. पृथ्वी की प्रथम परिक्रमा – पुर्तगाली नाविक मैगलेन तथा उसके साथियों ने सन् 1519 ई० में समुद्र द्वारा पृथ्वी की प्रथम परिक्रमा करके यह सिद्ध कर दिया कि पृथ्वी गोल है तथा उसकी परिक्रमा सुगमता से की जा सकती है।
नवीन व्यापारिक मार्गों की खोज से व्यापार पर निम्नलिखित प्रभाव पड़े

  1. भौगोलिक खोजों के परिणामस्वरूप भारत जाने का छोटा और नया मार्ग खुल गया।
  2. नये व्यापारिक मार्गों की खोज के कारण विश्व के व्यापार में तेजी के साथ वृद्धि होने लगी।
  3. यूरोप में बड़े-बड़े व्यापारिक केन्द्रों का विकास होने लगा और इंग्लैण्ड, फ्रांस, स्पेन तथा पुर्तगाल देश धनी और शक्तिशाली होने लगे।
  4. यूरोपीय देशों में अपने उपनिवेश बनाने और अपना (UPBoardSolutions.com) साम्राज्य बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा प्रारम्भ हो गयी।
  5. यूरोप के शरणार्थी अमेरिका में आकर बसने लगे और वहाँ पर अपनी सभ्यता एवं संस्कृति का विकास करने लगे।

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प्रश्न 2.
ज्विग्ली पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर
हुल्द्रिख ज्विंग्ली का जन्म सन् 1484 में स्विट्जरलैण्ड के एक कृषक परिवार में हुआ था। इन्होंने “आर्किटेलीस’ (1522), “सत्य तथा मिथ्या पर भाष्य’ (1525) नामक पुस्तकें लिखी थीं। 11 अक्टूबर, 1531 ई० को कैपेल नामक स्थान पर इनकी मृत्यु हो गयी।

कैथोलिक चर्च का विरोध करने वाला मार्टिन लूथर अकेला नहीं था। स्विट्जरलैण्ड में ज्विग्ली भी नये सिद्धान्तों का प्रतिपादन कर रहा था। ज्विंग्ली 1506 ई० में ग्लेरस में स्थानीय पुरोहित के पद पर आसीन हुआ। जहाँ उसने ग्रीक, हिब् ग्रीक (UPBoardSolutions.com) तथा चर्च प्रवर्तकों का अध्ययन प्रारम्भ किया। 1519 ई० में वह ज्यूरिख के गिरजाघर का उद्देशक चुना गया और उसने अपने उन प्रवचनों को प्रारम्भ किया जो धर्म-सुधार आन्दोलन के जन्मदाता सिद्ध हुए।

प्रश्न 3.
वास्कोडिगामा किस प्रकार भारत पहुँचा ?
उत्तर
सन् 1498 ई० में पुर्तगाली नाविक वास्कोडिगामा अपने राजा से आर्थिक सहायता पाकर अपने जहाजी बेड़े के साथ अफ्रीका के पश्चिमी तट से होता हुआ उत्तमाशा अन्तरीप पहुँचा। वहाँ से उसने हिन्द महासागर में प्रवेश किया; फिर उत्तर की ओर से वह जंजीबार होता हुआ पूर्व की ओर बढ़ा। वहाँ से वह भारत के पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट राज्य में पहुँचा।

प्रश्न 4.
धर्म-सुधार आन्दोलन के प्रमुख परिणाम की विवेचना कीजिए। (2015)
उत्तर

धर्म-सुधार आन्दोलन के प्रमुख परिणाम

धर्म-सुधार आन्दोलन को यूरोप पर व्यापक प्रभाव पड़ा, यथा –

  1. कैथोलिक धर्म में सुधार।
  2. प्रोटेस्टेण्ट धर्म का उदय (जन्म)।
  3. इंग्लैण्ड का विकास।
  4. शासक वर्ग की शक्ति में वृद्धि।
  5. पोप की शक्ति का पतन।
  6. राजकीय सम्पत्ति एवं शक्ति में वृद्धि।
  7. गिरजाघरों में व्याप्त बुराइयों को दूर करने का प्रयास।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन कब शुरू हुआ ?
उत्तर
यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन की शुरुआत सोलहवीं शताब्दी में की गयी।

प्रश्न 2.
यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन किसके विरुद्ध हुए ? (2017)
उत्तर
यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन चर्च के विरुद्ध हुए।

प्रश्न 3.
मुद्रण कला के विकास से धर्म-सुधार आन्दोलन पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर
मुद्रण कला के विकास से पुस्तकों की संख्या में वृद्धि हुई जिससे सामान्य जनता के लिए शिक्षा के द्वार खुल गये। शिक्षा के प्रसार से लोगों का ज्ञान बढ़ा तथा उनकी तर्कशक्ति का विकास हुआ।

प्रश्न 4.
मार्टिन लूथर कहाँ का निवासी था ?
उत्तर
मार्टिन लूथर जर्मनी का (UPBoardSolutions.com) निवासी था।

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प्रश्न 5.
लूथर के समर्थक किस नाम से जाने जाते थे ?
उत्तर
लूथर के समर्थक प्रोटेस्टेण्ट के नाम से जाने जाते थे।

प्रश्न 6.
कुस्तुनतुनिया नगर का क्या महत्त्व था ?
उत्तर
मध्यकाल में कुस्तुनतुनिया शिक्षा एवं कला का प्रमुख केन्द्र था।

प्रश्न 7
व्यापारिक मार्गों की खोज में कौन-सा देश अग्रणी था ?
उतर
व्यापारिक मार्गों की खोज में पुर्तगाल देश विश्व का सबसे अग्रणी देश था।

प्रश्न 8
सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार किसने किया ?
उत्तर
सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार जेड जॉनसन (UPBoardSolutions.com) ने सन् 1590 ई० में किया।

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प्रश्न 9
अमेरिका की खोज किसने एवं कब की ?
उत्तर
अमेरिका की खोज कोलम्बस ने 1492 ई० में की थी।

प्रश्न 10
वास्कोडिगामा कौन था ? उसने किस वर्ष भारत आने के जलमार्ग की खोज की ? (2012, 18)
या
यूरोप से भारत पहुँचने के लिए समुद्री मार्ग की खोज किसने की थी? वह किस देश का निवासी था? (2015, 18)
या
वास्कोडिगामा किस देश का नाविक था? (2011)
उत्तर
वास्कोडिगामा पुर्तगाल का निवासी था। उसने 1498 (UPBoardSolutions.com) ई० में भारत आने के जलमार्ग की खोज की थी।

प्रश्न 11
यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन के दो प्रमुख नेताओं के नाम लिखिए। (2015, 16)
उत्तर
मार्टिन लूथर तथा काल्विन।

प्रश्न 12
कोलम्बस किस देश का निवासी था?
उत्तर
कोलम्बस स्पेन (जेनेवा) का निवासी था।

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प्रश्न 13
भौगोलिक खोजों के तीन प्रभावों का उल्लेख कीजिए। (2016)
उत्तर

  1. यूरोप में बड़े-बड़े व्यापारिक केन्द्रों का विकास होने लगा और इंग्लैण्ड, फ्रांस, स्पेन तथा पुर्तगाल जैसे देश धनी और शक्तिशाली होने लगे।
  2. यूरोपीय देशों में अपने उपनिवेश बनाने और अपना साम्राज्य बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा प्रारम्भ हो गयी।
  3. यूरोप के शरणार्थी अमेरिका में जाकर बसने लगे (UPBoardSolutions.com) और वहाँ पर अपनी सभ्यता एवं संस्कृति का विकास करने लगे।

बहु विकल्पीय प्रशन

1. यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन का उद्देश्य था

(क) यूरोपीय लोगों को धार्मिक बनाना
(ख) पादरी वर्ग को और अधिक शक्तिशाली बनाना
(ग) तत्कालीन धर्म एवं चर्च में सुधारवादी परिवर्तन करना
(घ) रोमन कैथोलिक चर्च को प्रतिष्ठित करना

2. मार्टिन लूथर द्वारा चलाये गये आन्दोलन का क्या नाम था ? [2012, 13, 17]

(क) कैथोलिक
(ख) प्यूरीटन
(ग) डेसबेटेरियन्स
(घ) प्रोटेस्टेण्ट

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3. मार्टिन लूथर ने धर्म-सुधार आन्दोलन किस देश से प्रारम्भ किया था ? (2012]

(क) इटली
(ख) जर्मनी
(ग) फ्रांस
(घ) हॉलैण्ड

4. समुद्री मार्ग से सर्वप्रथम भारत पहुँचने वाला विदेशी व्यक्ति कौन था ? [2011, 13, 17]

(क) मैगलेन
(ख) वास्कोडिगामा
(ग) कोलम्बस
(घ) सर फ्रांसिसस ड्रेम

5. भारत आने के लिए जलमार्ग की खोज की

(क) कोलम्बस ने
(ख) अल्बुकर्क ने
(ग) डी० अल्मोडा ने
(घ) वास्कोडिगामा ने

6. वास्कोडिगामा कालीकट बन्दरगाह पर पहुँचा

(क) सन् 1488 ई० में
(ख) सन् 1494 ई० में
(ग) सन् 1498 ई० में
(घ) सन् 1598 ई० में

7. ‘सेन्ट पॉल’ गिरजाघर स्थित है [2012]

(क) रोम में
(ख) स्पेन में
(ग) जर्मनी में
(घ) लन्दन में

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8. प्रोटेस्टेण्ट आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया? [2013]
       या
प्रोटेस्टेण्ट सम्प्रदाय की स्थापना किसने की? [2013]

(क) दान्ते ने
(ख) सर टॉमस मूर ने
(ग) मार्टिन लूथर ने
(घ) जूलियस द्वितीय ने

9. फ्रांसिस ड्रेक की प्रसिद्धि का कारण था, उसके द्वारा (2013)

(क) उत्तमाशा की खोज
(ख) कुतुबनुमा का आविष्कार
(ग) फिलीपीन्स में उपनिवेश की स्थापना
(घ) समुद्री मार्ग से विश्व की परिक्रमा

10. निम्न में से किसने रोमन कैथोलिक धर्म की तीव्र आलोचना की? [2014]

(क) मार्टिन लूथर
(ख) इग्नेशियस लायोला
(ग) दान्ते
(घ) इरास्मस रास्मस

11. महान धर्म सुधारक मार्टिन लूथर किस देश का निवासी था? [2014]

(क) जर्मनी
(ख) इंग्लैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) स्पेन

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12. बार्थोलोमियो डियाज ने निम्न में से किसकी खोज की थी? [2014]

(क) उत्तमाशा अन्तरीप की
(ख) ब्राजील की
(ग) पेरू की।
(घ) फिलीपीन द्वीप समूह की

13. जर्मनी में धर्म-सुधार आन्दोलन के प्रणेता थे – [2015]

(क) ज्विगली
(ख) काल्विन
(ग) राजा फिलिप
(घ) मार्टिन लूथर

14. प्रोटेस्टेण्ट धर्म सुधारक काल्विन किस देश का नागरिक था? [2016]

(क) स्कॉटलैण्ड
(ख) स्विट्जरलैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) स्पेन

15. कैथोलिक चर्च के विरुद्ध आवाज उठाने वाला धर्म-सुधारक ज्विग्ली किस देश का निवासी था? (2017)

(क) जर्मनी
(ख) स्विट्जरलैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) स्पेन

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16. नई दुनिया की खोज की (2017)

(क) वास्को-डि-गामा ने
(ख) मैगलेन ने
(ग) केल्विन ने
(घ) कोलम्बस ने

उत्तरमाला

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 2 धर्म-सुधार आन्दोलन–खोजें एवं आविष्कार 1

Hope given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 2 are helpful to complete your homework.

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UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn)

UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 English. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn) .

Part-I
Comprehension Questions on Paragraphs

In the examination paper, there are asked only two questions from each paragraph. Given below are some more questions for extra practice. Read the following passages and answer the questions put thereupon :

(1) Once upon a time, …………..giving the matest. [ From passage 1 [2009]]

Question .
1. When did he think of passing the money in the safe hands?
(उसने अपने धन को सुरक्षित हाथों में देने के लिए कब सोचा ?)
2. What did he do all his life?
(उसने अपने सारे जीवन में क्या किया ?)
3. What did he do to divide his money between his two sons ?
(अपने दोनों पुत्रों के बीच धन बाँटने के लिए उसने क्या किया ?)
4. How had the old merchant spent all his life ?
(बूढ़े व्यापारी ने अपना सारा जीवन कैसे बिताया ?)
5. What was the result of the merchant’s hard work ?
(व्यापारी के कठिन परिश्रम का क्या परिणाम हुआ ?)
6. What was the problem ? How did he decide to solve it ?
(क्या समस्या थी? उसने इसे हल करने का कैसे निर्णय किया ?)
                         Or
What did the old merchant decide at last ?
(बूढ़े व्यापारी ने अन्त में क्या निर्णय किया ?)
Answer:
1. One day he felt that he had not long to remain in this world then, he thought of passing the money in the safe hands.
(एक दिन उसे महसूस हुआ कि अब वह इस दुनिया में ज्यादा दिन नहीं रह पाएगा तब उसने अपने धन को सुरक्षित हाथों में देने के लिए सोचा।)
2. All his life he worked hard (UPBoardSolutions.com) for buying and selling the articles.
(उसने अपने जीवन भर वस्तुओं की खरीद-फरोख्त करने में कठिन परिश्रम किया।)
3. He planned in his mind that he would give his money to that son who was found out cleverer. For this, he gave a test of both sons.
(उसने अपने मन में योजना बनायी कि वह अपना धन उस पुत्र को देगा जो सबसे ज्यादा चतुर होगा।
इसके लिए उसने दोनों पुत्रों की परीक्षा ली।)
4. The old merchant had spent all his life in working hard and earning money.
(बूढ़े व्यापारी ने अपना सारा जीवन कठिन परिश्रम करने तथा धन कमाने में व्यतीत किया।)
5. The result of merchant’s hard work was that he gathered a lot of money.
(व्यापारी के कठिन परिश्रम का यह फल हुआ कि उसने काफी धन इकट्ठा कर लिया।)
6. The problem was to find out the cleverer son. He decided to solve it by giving them a test.
(समस्या थी अधिक चतुर पुत्र को ढूँढ़ना। उसने इसे हल करने के लिए अपने बेटों की एक परीक्षा लेने का निश्चय किया।)

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(2) Calling the young men,……………….. couple of days”.[From passage 2 [2009]]

Question .
1. Why did the two sons think that the old man had taken leave of his sense ?
(दोनों पुत्रों ने क्यों सोचा कि बूढ़ा पागल हो गया है ?)
2. Why did the old merchant call his two sons and what did he say to them?
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दोनों पुत्रों को क्यों बुलाया और उनसे क्या कहा ?)
3. What did they begin to ask themselves ?
(वे अपने आपसे क्या पूछने लगे ?)
Answer:
1. The two sons thought that the old man had lost his sense because one rupee is not sufficient to fill the house.”
(दोनों पुत्रों ने सोचा कि बूढ़ा पागल हो गया है, क्योंकि एक रुपया घर भरने के लिए पर्याप्त नहीं था।)
2. The old merchant called his two sons to take test and said to fill the house with anything worth rupee one.
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दोनों पुत्रों को परीक्षा लेने के (UPBoardSolutions.com) लिए बुलाया और कहा कि एक रुपये की किसी चीज से घर भर दो।)
3. The two sons began to ask themselves how to fill the house with only one rupee.
(दोनों पुत्र अपने आपसे सवाल करने लगे कि मात्र एक रुपये में घर कैसे भरा जाए।)

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(3) So the young man ………………….all my money to you.” [From passage 3 [2010]]

Question .
What did the first son of the merchant do to comply with the orders of his father ?
(व्यापारी के पहले पुत्र ने अपने पिता के आदेश को कैसे पूरा किया ?)
2. What did the second son buy for his rupee?
(दूसरे पुत्र ने अपने रुपये से क्या खरीदा ?)
                        Or
Instead of going way to the bazaar, what did the second son do?
(सीधा बाजार जाने के सिवाय दूसरे पुत्र ने क्या किया?)
3. What happened when he lit the candles ?
(जब उसने मोमबत्तियाँ जलाईं तब क्या हुआ?)
4. With whom was the old merchant pleased and why ?
(बूढ़ा व्यापारी किससे और क्यों प्रसन्न था ?)
5. What did the second son see when he got back home? ”
(जब दूसरा पुत्र घर वापस आया तब उसने क्या देखा ?)
6. What did the old merchant say to the second son ?
(बूढ़े व्यापारी ने दूसरे पुत्र से क्या कहा ?)
7. Why was the first son disconsolate ?
(पहला पुत्र निराश क्यों हो गया ?)
Answer:
1. The first son of the merchant compiled the orders of his father to pile it into the house with hay.
(व्यापारी के पहले पुत्र ने भूसे से घर को भरकर अपने पिता के आदेश का पालन किया।)
2. Instead of way going to the bazaar, (UPBoardSolutions.com) the second son thought and bought candles for his rupee.
(सीधा बाजार जाने के बजाय दूसरे पुत्र ने पहले सोचा और अपने रुपये से मोमबत्तियाँ खरीदीं।)
3. When the second son lit the candles, the house was filled with light.
(जब दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाईं तब पूरा मकान रोशनी से भर गया।)
4. The old merchant was pleased with the second son because he had shown true wisdom.
(बूढ़ा व्यापारी दूसरे पुत्र से अत्यन्त प्रसन्न था, क्योंकि उसने वास्तविक बुद्धिमानी दिखाई थी।)
5. When the second son got back home he saw his brother was standing disconsolately looking at the hay spread out on the floor.
(जब दूसरा पुत्र घर वापस आया तब उसने अपने भाई को फर्श पर बिखरे हुए भूसे के पास दुःखी और निराश खड़े हुए देखा।)
6. The old merchant said to the second son, “My son, you have shown true wisdom. I am ready to handover all my money to you.”
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दूसरे पुत्र से कहा, “मेरे पुत्र, तुमने सच्ची बुद्धिमानी दिखाई है। मैं अपना सारा
धन तुम्हें देने को तैयार हूं।”)।
7. The first son was so disconsolate because he could not fill even the floor of the house with hay.
(पहला पुत्र इसलिए निराश था क्योंकि भूसे से वह घर के फर्श को भी नहीं भर सका।)

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(4) Now, we all live in ……………….. service of our country. [From passage 4 [2010, 16]]

Question .
What different powers have we all been given ?
(हम सभी को कौन-कौन सी भिन्न शक्तियाँ दी गई हैं ?)
                        Or
Which powers do we all possess ?
(कौन-सी शक्तियों पर हमारा अधिकार है ?)
2. How are we tested as we leave school and go out into the world ?
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं और संसार में जाते हैं तब हमारा कैसे परीक्षण होता है ?)
3. What does the author mean by hay and light in the given passage ?
(दिए हुए गद्यांश में लेखक का ‘hay’ और ‘light’ शब्दों से क्या तात्पर्य है ?)
4. What is a big house’ compared with by the author?
(लेखक के द्वारा big house की तुलना किससे की गयी है ?)
5. How shall we serve our country as good citizens ?
(हम अच्छे नागरिक के रूप में अपने देश की सेवा कैसे करेंगे?)
6. What do we carry as we leave school? ।
|(जब हम स्कूल को छोड़ते हैं तब अपने साथ क्या ले जाते हैं?)
7. What should we try to be good citizens ?
(हमें अच्छा नागरिक होने के लिए कोशिश क्यों करनी चाहिए ?)
Answer:
1. The powers which we have been given are:

  1. powers of body,
  2. powers of mind,
  3. powers of character.

(हमें निम्नलिखित शक्तियाँ दी गयी हैं :

  1. शरीर की शक्तियाँ,
  2. मस्तिष्क की शक्तियाँ,
  3. चरित्र की शक्तियाँ।)

2. We are actually tested when (UPBoardSolutions.com) we leave school and go into the world whether we use these powers in useless things or in spreading light. (हमारी परीक्षा उस समय होती है जब हम विद्यालय छोड़कर संसार में जाते हैं, तब हम इन शक्तियों को बुरे कार्यों में प्रयोग करते हैं या ज्ञान फैलाने के कार्य में।) ।
3. In the given passage the author means by ‘hay useless things and by “light good citizenship.
(दिए हुए गद्यांश में लेखक का ‘hay से तात्पर्य व्यर्थ के काम और light’ से अर्थ अच्छी नागरिकता रूपी प्रकाश से है।)
4. A big house’ is compared with our native country.
(Big house की तुलना स्वदेश या अपनी मातृभूमि से की गई है।)
5. We shall serve our country as good citizens by using our powers and abilities to spread light into all parts of our country.
(हम अच्छे नागरिक के रूप में अपने देश की सेवा अपनी शक्तियों और योग्यताओं को देश के सभी
भागों में ज्ञान फैलाने के काम में लगाकर करेंगे।)
6. As we leave school, we carry some talents with us which we possess.
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं तब हम अपने साथ कुछ प्रतिभाएँ ले जाते हैं जो हमारे पास होती हैं।)
7. We should try to be good citizen so that we may use our powers and abilities to spread light into all parts of our country.
(हमें अच्छा नागरिक बनने की कोशिश करनी चाहिए ताकि हम अपनी शक्तियों और योग्यताओं को देश के सभी भागों में प्रकाश फैलाने में प्रयोग कर सकें।) |

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(5) No country can progress ………….light of good citizenship. [From passage 4 [2014]]

Question .
What should we do if we love our country?
(यदि हम अपने देश से प्रेम करते हैं तब हमें क्या करना चाहिए ?)
2. What should we do while we are at school
(जब हम स्कूल में हों तब हमें क्या करना चाहिए ?)
3. What should we do when we leave school and home?
(जब हम स्कूल और घर छोड़े तब हमें क्या करना चाहिए ?)
4. Write the names of the lesson from which the given passage has been taken. Who is the author?
(दिया हुआ गद्यांश जिस पाठ से लिया गया है उसका नाम लिखिए। इसके लेखक कौन हैं?)
Answer:
1. If we love our country, we should try to be good citizen.
(यदि हम अपने देश से प्रेम करते हैं तब हमें अच्छे नागरिक बनने की कोशिश करनी चाहिए।)
2. While we are at school, we should train ourselves in citizenship and cultivate the characteristics of a good citizen.
(जब हम स्कूल में हों तब हमें स्वयं को नागरिकता में प्रशिक्षित करना चाहिए और अच्छे नागरिक के
लक्षण पैदा करने चाहिए।)
3. When we leave school and home (UPBoardSolutions.com) and go out into different parts of our country, we should fill it with the light of good citizenship.
(जब हम स्कूल और घर को छोड़े और देश के भिन्न-भिन्न भागों में जाएँ तब हमें उसे अच्छी नागरिकता के प्रकाश से भर देना चाहिए।)
4. The given passage has been taken from the lesson Torch Bearers. Its author is
W.M. Ryburn. (दिया हुआ गद्यांश TorchBearers नामक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक W.M. Ryburn हैं।)

LONG ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 60 words:

Question 1.
what was the problem with the old merchant? How did he solve it ?
(बूढ़े व्यापारी के साथ क्या समस्या थी ? उसने इसे कैसे हल किया ?)
                                      Or
Why did the old merchant give one rupee to each of his two sons ? How did they spend their rupees ?
(बूढ़े व्यापारी ने अपने दोनों पुत्रों को एक-एक रुपया क्यों दिया? उन्होंने अपने रुपयों को कैसे खर्च किया ?)
                                      Or
How did the merchant find out that his second son (younger son) was cleverer than his first son (elder son) ?
(व्यापारी ने कैसे पता लगाया कि उसका दूसरा पुत्र पहले पुत्र से अधिक होशियार है ?)
                                      Or
What test did the old merchant give to his two sons to find out who was the cleverer of them? Why did he want to judge them ?
(बूढ़े व्यापारी ने यह जानने के लिए कि उसके दो पुत्रों में कौन अधिक चतुर है, उनकी क्या परीक्षा ली? वह उनको क्यों जाँचना चाहता था ?)
                                      Or
What did the two sons do with their rupee? How did the second son prove himself cleverer than the first son? (2015, 18)
(दोनों पुत्रों ने अपने रुपये का क्या किया? दूसरे पुत्र ने पहले की अपेक्षा स्वयं को कैसे चतुर सिद्ध किया?)
                                     Or
why was the old merchant pleased with his second son? [2018]
|बूढ़ा व्यापारी अपने दूसरे पुत्र से खुश क्यों था?)
Answer:
Once upon a time there was an old man. He worked hard all his life, buying and selling things. Its result was that he had earned a lot of money and had become rich. He had two sons. When he became old, he had a problem-whom he should give his money. He wanted to give it to the son who proved to be wiser. To solve this problem, he gave each of them one rupee. Then he asked them to buy a thing which may fill the whole house with it. The first son bought a careful of hay. But it was not enough to (UPBoardSolutions.com) cover even the floor. The second son bought many candles for one rupee. He put two or three candles in each room and lit them. At once the whole house was filled with light. The father was pleased with the second son. He said he had shown true wisdom. So he gave all the money to his second son.
(एक समय की बात है एक बूढ़ा आदमी था। उसने पूरे जीवन वस्तुओं को खरीदने व बेचने में कठिन परिश्रम किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उसने काफी धन कमा लिया तथा वह धनवान बन गया। उसके दो पुत्र थे। जब वह बूढ़ा हो गया तब उसके सामने एक समस्या थी कि वह अपना धन किसको दे। वह इसे उस पुत्र को देना चाहता था जो अधिक बुद्धिमान् सिद्ध हो। इस समस्या को हल करने के लिए उसने उनमें से प्रत्येक को एक-एक रुपया दिया। फिर उसने उनसे ऐसी वस्तु खरीदने को कहा जो घर को भर दे। पहला पुत्र एक गाड़ी भरकर भूसा खरीद लाया। किन्तु इससे फर्श भी नहीं ढका जा सका। दूसरे पुत्र ने एक रुपये की बहुत-सी मोमबत्तियाँ खरीद ली। उसने दो या तीन मोमबत्तियाँ प्रत्येक कमरे में रखीं और उन्हें जला दिया। तुरन्त पूरा घर प्रकाश से भर गया। पिता दूसरे पुत्र से बहुत प्रसन्न हुआ। उसने कहा कि तुमने सच्ची बुद्धिमानी दिखाई है। अत: उसने सारा धन अपने दूसरे पुत्र को दे दिया।)

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Question 2.
What are the different powers and abilities given to us ? How can citizens use them to spread light over all parts of our country ? [2008]
(वे भिन्न-भिन्न शक्तियाँ और योग्यताएँ कौन-सी हैं जो हमें दी गई हैं ? नागरिक अपने देश के सभी भागों में ज्ञान का प्रकाश फैलाने के लिए किस प्रकार उनका प्रयोग कर सकते हैं ?)
                              Or
How can we fill our country with the light of good citizenship ?
(हम अपने देश को अच्छी नागरिकता के प्रकाश से कैसे भर सकते हैं ?)
                              Or
What different powers have we been given? [2017]
(हमें कौन-सी भिन्न-भिन्न शक्तियाँ दी गई हैं?) ।
Answer:
The different powers given to us are powers of body, powers of mind and powers of character. Each one of us has strength, time and intelligence. Proper and thoughtful use of these powers makes us good citizens. A good citizen is a center of light wherever he lives and whatever he is doing. So we can use these powers to spread light over all parts of our country by becoming good citizens.
(हमें जो भिन्न-भिन्न शक्तियाँ दी गयी हैं, वे हैं-शारीरिक शक्ति, मस्तिष्क (UPBoardSolutions.com) की शक्ति तथा चरित्र की शक्ति। हममें से प्रत्येक के पास शक्ति, समय तथा बुद्धि है। बदि हम इनका उचित और विवेकशील प्रयोग करें तो हम अच्छे नागरिक बन सकते हैं। एक अच्छा नागरिक जहाँ कहीं भी रहे और जो कुछ भी करे, सदैव ज्ञान का केन्द्र होता है। अतः हम अपनी इन शक्तियों को प्रयोग देश के प्रत्येक भाग को आलोकित करने में लगा सकते हैं। यह सब अच्छे नागरिक बनकर होगा।)

Question 3.
What are the students solicited to do at school, at home and after wards in their country according to the lesson ‘Torch Bearers’ ?
(“Torch Bearers’ पाठ के द्वारा विद्यालय में, घर पर एवं इसके पश्चात् देश में विद्यार्थियों से किन बातों की अपेक्षा की गयी है ?)
Answer:
While the students are at school, they should train themselves in citizenship and cultivate the characteristics of good citizens. While at home, the students are solicited to use the powers of their body, mind and character judiciously and properly. As they leave the school, the students have to pass on their knowledge and skill to others by using them in the service of their country. They should further train themselves for citizenship and for service of their country.
(विद्यालय में विद्यार्थियों को चाहिए कि वे स्वयं को अच्छा नागरिक बनाने की शिक्षा लें तथा अपने अन्दर एक अच्छे नागरिक के गुणों का समावेश करें। घर पर विद्यार्थियों को अपनी शारीरिक, मानसिक एवं चारित्रिक शक्तियों का सदुपयोग करना चाहिए। (UPBoardSolutions.com) विद्यालय छोड़ने के पश्चात् विद्यार्थियों को चाहिए कि पाठशाला में प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को दूसरों को सौंपते चलें और देश की सेवा में भागीदार बनें। उन्हें और श्रेष्ठ नागरिक बनकर अपने आपको देश की सेवा के प्रति अर्पित कर देना चाहिए।)

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Question 4.
write a character-sketch of the old merchant in “Torch Bearers’.
(“Torch Bearers’ पाठ के आधार पर बूढ़े व्यापारी का चरित्र-चित्रण कीजिए।) [2009, 14]
Answer:
Good patron of his money : The old merchant was a good patron of his money. He did not want to give it to the son who could not use wisely. So he gave them a test.
Impartiality : The old merchant was an impartial father. He gave one rupee to each to purchase anything to fill the house. According to condition his second son filled the house to lit the candles with ved himself wiser than first son. He gave his all money to the second son.
Conclusion : With the above description it proves that the old merchant was very hard worker, impartial and honest man.
(अपने धन का अच्छा संरक्षक-बूढ़ा व्यापारी अपने धन का अच्छा संरक्षक था। वह उसे अपने उस बेटे को देना नहीं चाहता जो उसका प्रयोग बुद्धिमत्तापूर्वक न कर सके। इसलिए उसने उनकी परीक्षा ली। निष्पक्षता-बूढ़ा व्यापारी एक निष्पक्ष पिता था। उसने (UPBoardSolutions.com) प्रत्येक को एक-एक रुपया कुछ खरीदारी के लिए दिया था, जिससे घर भर जाए। शर्त के अनुसार उसके दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाकर प्रकाश से घर को भर दिया और अपने को पहले पुत्र से अधिक बुद्धिमान सिद्ध कर दिया। उसने अपना सारा धन दूसरे पुत्र को दे दिया। निष्कर्ष-उपर्युक्त विवरण से स्पष्ट होता है कि बूढ़ा व्यापारी बहुत ही परिश्रमी, निष्पक्ष तथा ईमानदार व्यक्ति था।)

SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 25 words :

Question 1.
what did the old man do all his life ? what was its result? [2013, 16, 17] 
(बूढ़े व्यक्ति ने पूरे जीवन क्या किया ? इसका क्या परिणाम हुआ ?)
   Or
What did the old merchant do all his life ?
(बूढ़े व्यापारी ने पूरे जीवन क्या किया ?)
Answer:
The old man worked hard all his life, buying and selling things. Its result was that he had earned a lot of money and had become rich.
(बूढ़े आदमी ने पूरे जीवन वस्तुओं को खरीदने और बेचने में कठिन परिश्रम किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उसने काफी धन कमा लिया तथा वह धनवान बन गया।)

Question 2.
what did the old man feelone day ?
(एक दिन बूढ़े व्यक्ति ने क्या अनुभव किया ?)
Answer:
One day the old man felt that he had not long to remain in this world and his end was near. He felt the need of disposing his money before his death.
(एक दिन बूढ़े व्यक्ति ने अनुभव किया कि वह इस संसार में अधिक समय तक न रह सकेगा और उसका अन्त निकट है। उसने अपनी मृत्यु से पूर्व अपने धन का प्रबन्ध करने की आवश्यकता अनुभव की।)

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Question 3.
To whom did the old man want to give all his money ? [2012, 14, 16]
(बूढ़ा व्यक्ति सारा धन किसको देना चाहता था ?)
Answer:
The old man wanted to give all his money to one of his sons who proved himself to be the cleverer of the two.
(बूढ़ा व्यक्ति अपना सारा धन अपने उस पुत्र को देना (UPBoardSolutions.com) चाहता था जो स्वयं को दोनों में अधिक चतुर सिद्ध कर दे।)

Question 4.
what was the problem before the old man ? How did he solve it ?
(बूढ़े व्यक्ति के सामने क्या समस्या थी? उसने इसे कैसे हल किया ?)
                        Or
What did the merchant finally decide ?
(व्यापारी ने अंत में क्या निर्णय किया ?)
Ans. The problem before the old man was to find out which of the two sons was cleverer. He solved it by giving them a test.
(उसके सामने समस्या अधिक चतुर पुत्र को ढूंढने की थी। उसने उनकी परीक्षा लेकर इसे हल किया।)

Question 5.
what did he say to his sons in the lesson “Torch Bearers’ ? [2014]
(उसने Torch Bearers नामक पाठ में अपने पुत्रों से क्या कहा ?)
Answer:
He gave his two sons one rupee each. He asked them to go separately and buy something in a couple of days which would fill the whole house.
(उसने अपने दोनों पुत्रों को एक-एक रुपया दिया और उनसे अलग-अलग जाने तथा कुछ ही दिन के अन्दर ऐसी वस्तु खरीदने को कहा जो सारा घर भर दे।)

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Question 6.
what did the first son do after taking a rupee ? [2015]
(रुपया लेकर पहले पुत्र ने क्या किया ?)
Answer:
The first son wandered in the market here and there. He did not think much and bought a load of hay for a rupee.
(पहला पुत्र बाजार में इधर-उधर घूमता रहा। उसने अधिक (UPBoardSolutions.com) नहीं सोचा और एक गाड़ी भरकर भूसा खरीदा।)

Question 7.
what did the second son do before buying anything? [2015]
(कोई भी वस्तु खरीदने से पूर्व दूसरे पुत्र ने क्या किया ?)
Answer:
Before buying anything the second son who was really clever, sat down and thought about what he should buy with his rupee.
(कोई भी वस्तु खरीदने से पूर्व दूसरा पुत्र जो कि वास्तव में चतुर था, बैठ गया और उसने यह सोचा कि उसे अपने रुपये का क्या खरीदना चाहिए।)

Question 8.
what happened when the second son lit the candles ? ”
(जब दूसरे पुत्र ने मोमबत्तियाँ जलाईं तब क्या हुआ?)
Answer:
The second son stood two or three candles in each room. When he lit the candles, the whole house was filled with light.
(दूसरे पुत्र ने प्रत्येक कमरे में दो या तीन मोमबत्तियाँ लगा दी। जब उसने मोमबत्तियाँ जलाईं तो सारा घर प्रकाश से भर गया।)

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Question 9.
How did the second son prove that he was more intelligent than his elder brother ?
(दूसरे पुत्र ने यह कैसे सिद्ध किया कि वह अपने बड़े भाई की अपेक्षा अधिक चतुर है ?)
                                    Or
How did the second son show true wisdom? [2012, 15, 16, 18]
(दूसरे पुत्र ने सच्ची बुद्धिमानी कैसे दिखाई ?)
                                    Or
which of the two sons of the merchant was wiser and how? [2016]
(व्यापारी के दोनों पुत्रों में से कौन-सा पुत्र अधिक बुद्धिमान था और कैसे ?)
Answer:
The second son purchased a few candles with his rupee and filled the entire house with their light. Thus, he proved that he was more intelligent than his elder brother.
(दूसरे पुत्र ने अपने रुपये की कुछ मोमबत्तियाँ (UPBoardSolutions.com)खरीदीं तथा उनके प्रकाश से पूरा घर भर दिया। इस प्रकार उसने सिद्ध कर दिया कि वह अपने बड़े भाई से अधिक बुद्धिमान है।)

Question 10.
what did his father say to him?
(उसके पिता ने उससे क्या कहा ?)
Answer:
His father said that he had shown true wisdom and he was cleverer than his brother. Therefore, he would give all his money to him. (उसके पिता ने कहा कि उसने सच्ची बुद्धिमानी दिखायी है तथा वह अपने भाई से अधिक चतुर है। इसलिए वह उसे सारा धन देगा।).

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Question 11.
How can we prove to be a good citizen of our country? [2014]
(हम अपने देश के अच्छे नागरिक कैसे सिद्ध हो सकते हैं ?)
Answer:
We can prove to be a good citizen of our country by using our powers and abilities in the service of the country.
(हम अपनी शक्तियों और योग्यताओं को देश की सेवा में प्रयोग करके अपने देश के अच्छे नागरिक सिद्ध हो सकते हैं।)

Question 12.
what does a good citizen do?
(एक अच्छा नागरिक क्या करता है ?)
                   Or
Why should we try to become good citizens ? [2011, 14, 15]
(हमें अच्छे नागरिक बनने का प्रयास क्यों करना चाहिए ?)
                   Or
Why do we need to become good citizens ? [2012, 16,18]
(हमें अच्छे नागरिक बनने की आवश्यकता क्यों है ?)
Answer:
A good citizen loves and serves his country. He uses his powers and abilities to try to spread light into all parts of his country. So we need to become good citizens.
(एक अच्छा नागरिक अपने देश से प्यार करता है और उसकी सेवा करता है। वह अपनी योग्यताओं और क्षमताओं से देश के कोने-कोने में प्रकाश फैलाना चाहता है। अतः हमें अच्छा नागरिक होने की आवश्यकता है।)

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Question 13.
Kindness, strength, intelligence, honesty, courage, understanding, good health. Listed above are the powers of body, mind and character. Classify them under the three heads.
(ऊपर शरीर, मस्तिष्क तथा चरित्र की शक्तियों की सूची दी  गयी है। उन्हें तीन शीर्षकों में विभाजित कीजिए।)
Answer:

  1. Powers of Body-strength, good health.
  2. Powers of Mind-intelligence, understanding.
  3. Powers of Character kindness, (UPBoardSolutions.com) courage, honesty.

Question 14.
How can we use these powers and abilities to spread light over all parts of our country ? [2010].
(देश के सभी भागों में ज्ञान फैलाने के लिए हमें इन शक्तियों और योग्यताओं का किस प्रकार प्रयोग करना चाहिए ?)
                                      Or
How can we fill our country with the light of good citizenship ? [2010]
(हम अच्छी नागरिकता के प्रकाश से अपने देश को कैसे भर सकते हैं?)
                                      Or
How can we serve our country as good citizens ? Ur How can we serve our country as good citizens ? [2015]
(एक अच्छे नागरिक के रूप में हम अपने देश की कैसे सेवा कर सकते हैं?) .
Answer:
We can use these powers and abilities to spread light over all parts of our country by becoming good citizens and by spending ourselves in the service of our country.
(हम अच्छे नागरिक बनकर तथा अपने को देश की सेवा में लगाकर इन शक्तियों और योग्यताओं का प्रयोग देश के सभी भागों में प्रकाश फैलाने में कर सकते हैं।)

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Question 15.
What have ‘hay’ and ‘light been compared to ?
(Hay और Light की तुलना किससे की गयी है?)
Answer:
‘Hay’ has been compared to useless works and light’ has been compared to good deeds and service of the country.
(‘भूसे की तुलना व्यर्थ के कार्यों और ‘प्रकाश’ की तुलना अच्छे कार्यों और देश-सेवा से की गयी है।)

Vocabulary

(a) Fill in the blanks with the words given below :
Words : insisted, piled up, given up, covered
Answer:
1. He has given up all hopes of his success.
2. His father insisted that he should work hard.
3. The old man covered his body with a shawl.
4. A number of books were piled up in his room.

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(b) Use the following words and phrases in your own sentences :
couple of days, led off, instead of, unless, give up, take leave.
Answer:
1. He remained senseless for a couple of days.
2. Indians were led off by Mahatma Gandhi.
3. Send me a cheque instead of cash.
4. Unless you work hard, you cannot pass.
5. Shyam has given up bad habits.
6. To take leave he went to his principal.

Part II : Guru Nanak and Mardana

Comprehension Questions on Paragraphs

In the examination paper, there are asked only two questions from each paragraph. Given below are some more questions for extra practice. Read the following passages and answer the questions put there upon :

(1) A story is told of………… throughout the country’. [From passage 1]

Question 1.
Why were Guru Nanak and Mardana forced to spend the night in the open ?
(गुरु नानक और मरदाना रात्रि खुले स्थान पर बिताने को क्यों बाध्य हुए ?)
2. What did Guru Nanak say when he left the first village ?
(जब गुरु नानक ने पहले गाँव से प्रस्थान किया, उन्होंने क्या कहा ?)
3. What kind of reception did they get in the next village ?
(अगले गाँव में उनका स्वागत कैसे किया गया ?) .
Answers :
1. Guru Nanak and Mardana were forced to spend the night in the open because the village people did not allow them to stay in the village at night.
(गुरु नानक और मरदाना रात्रि खुले स्थान पर बिताने को इसलिए बाध्य हुए (UPBoardSolutions.com) क्योंकि गाँव के लोगों ने उनको रात्रि में गाँव में रहने की अनुमति नहीं दी।)
2. Guru Nanak prayed for them, “The people of this village may always stay in this village”.
(गुरु नानक ने उनके लिए प्रार्थना की कि, “इस गाँव के लोग सदा यहीं बसे रहें।”)
3. The people of the next village welcomed them, treated them kindly, found them a place to stay for night and gave food to eat.
(दूसरे गाँव के लोगों ने उनका सत्कार किया, उनके साथ दयापूर्ण व्यवहार किया, रात्रि को रुकने के लिए उनको स्थान दिया तथा खाने के लिए भोजन दिया।)

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(2) But this was too much …………….. light to other places.” [From passage 1 [2011]]

Question 2.
1. What was too much to bear for Mardana ?
(मरदाना के लिए क्या सहने योग्य नहीं था ?)
2. Why did Mardana protest ?
(मरदाना ने विरोध क्यों किया?)
3. What, according to Mardana, should Guru Nanak have prayed ?
(मरदाना के अनुसार गुरु नानक को क्या प्रार्थना करनी चाहिए थी ?)
4. Why was it better for the inhospitable people to stay in one place ?
(आतिथ्य विमुख व्यक्तियों का एक ही स्थान पर ठहरना क्यों अधिक अच्छा था?)
5. Why are good people too good to be left in one place ?
(अच्छे व्यक्तियों का एक ही स्थान पर क्यों नहीं छोड़ा जा सकता ?)
6. Why according to Guru Nanak, the good people should be scattered throughout the country?
(गुरु नानक के अनुसार अच्छे लोग पूरे देश में क्यों फैले होने चाहिए ?)
Answers:
1. Guru Nanak prayed good things for the people who treated them badly and misfortunes for those who treated them well. This was too much to bear for Mardana.
(गुरु नानक ने उन लोगों की भलाई के लिए, जिन्होंने उनसे बुरा व्यवहार किया था, भगवान् से प्रार्थना की। साथ-साथ गुरु नानक ने उन लोगों के लिए आपदा की प्रार्थना की जिन्होंने उनसे अच्छा व्यवहार किया था। यह बात मरदाना के लिए असहनीय थी।)
2. Mardana protested because Guru Nanak had prayed for the good people to scatter all over the country.
(मरदाना ने विरोध किया क्योंकि गुरु नानक ने अच्छे व्यक्तियों के लिए प्रार्थना की थी कि वे पूरे देश में फैल जाएँ।)
3. Guru Nanak should have prayed for the inhospitable (UPBoardSolutions.com) people to be scattered over the country and good people to remain comfortably where they are.
(गुरु नानक को आतिथ्य विमुख व्यक्तियों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए थी कि वे पूरे देश में फैल जाएँ और अच्छे व्यक्ति आराम से वहीं रहें, जहाँ वे हैं।)
4. It was better for the inhospitable and selfish people to stay in one place so that they might do harm only there.
(यह अधिक अच्छा था कि आतिथ्य विमुख व्यक्ति तथा स्वार्थी लोग एक ही स्थान पर ठहरे रहें ताकि वे केवल वहीं हानि पहुँचा सकें।)
5. Good people are too good to be left in one place because they have some thing which is needed everywhere.
(अच्छे व्यक्तियों को एक ही स्थान पर नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि उनके पास कुछ ऐसी वस्तु होती हैं जिसकी सभी स्थानों पर आवश्यकता होती है।)
6. According to Guru Nanak, good people should be scattered through out the country as their influence and their character will be of benefit to others.
(गुरु नानक के अनुसार, अच्छे लोग पूरे देश में फैल जाने चाहिए। उनके प्रभाव व चरित्र से दूसरे लोग लाभान्वित होंगे।)

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(3) Now we have to see …………………… country be as a whole.
[From passage 2 [2012, 17]]

Question 3.
What type of life should we lead?
(हमें किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिए ?)
2. What should be our influence on others?
(दूसरों पर हमारा प्रभाव कैसा होना चाहिए ?)
3. What makes a country more enlightened ?
(किसी देश को कौन-सी बात अधिक प्रकाशमय बनाती है ?)
4. What type of citizens should we grow into?
(हमें किस प्रकार का नागरिक बनना चाहिए ?)
5. For being good citizens, what must we carry?
(अच्छा नागरिक बनने के लिए हमें अपने साथ क्या ले जाना चाहिए ?)
Answer:
1. We should lead a life full of light.
(हमें प्रकाश से भरपूर जीवन व्यतीत करना चाहिए।)
2. Our influence on others should be for good and not for bad.
(दूसरों पर हमारा प्रभाव भलाई के लिए होना चाहिए, बुराई के लिए नहीं।)
3. Greater number of good (UPBoardSolutions.com) citizens make a country more enlightened.
(अच्छे नागरिकों की अधिक संख्या किसी देश को अधिक प्रकाशमय बनाती है।)
4. We should grow into such citizens that people will want the light of our character and our influence everywhere.
(हमें ऐसा नागरिक बनना चाहिए कि अन्य लोगों को हमारे चरित्र और प्रभाव के प्रकाश की आवश्यकता प्रत्येक स्थान पर हो।)
5. For being good citizens we must carry light with us wherever we go and not
darkness.
(अच्छा नागरिक बनने के लिए जहाँ भी हम जाएँ अपने साथ प्रकाश ले जाना चाहिए अन्धकार नहीं।)

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(4) A chain is as strong ……………. will be full of light. [From passage 3 [2013, 16]]

Question 4.
What does the author mean when he says, “A chain is as strong as its weakest link.” ?
(“एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी,” से लेखक का क्या तात्पर्य है ?)
2. What will happen if we are weak and poor citizens ?
(यदि हम कमजोर और गरीब नागरिक होंगे तब क्या होगा ?)
3. Why should all the candles burn brightly ?
(सभी मोमबत्तियाँ तेजी से क्यों जलनी चाहिए ?)
4. Write the name of the lesson from which the above passage has been taken. Who is the writer of this lesson ?
(उपर्युक्त गद्यांश जिस पाठ से लिया गया है उसका नाम लिखिए। इस पाठ के लेखक कौन हैं ?)
Answer:
1. The author means that our country is a chain and each one of us is a link in it. If any one of us is weak, the country will be weak
(लेखक का तात्पर्य है कि हमारा देश एक जंजीर के समान है और हममें से प्रत्येक इसकी एक कड़ी हैं। यदि हम में से एक भी व्यक्ति कमजोर होगा तब देश कमजोर होगा।)
2. If we are weak and poor citizens, our country will suffer.
(यदि हम कमजोर और गरीब नागरिक होंगे तब (UPBoardSolutions.com) देश कष्ट भोगेगा।)
3. All the candles should burn brightly so that the whole house should be full of light.
(सभी मोमबत्तियाँ उज्ज्वलता से जलनी चाहिए ताकि पूरे मकान में रोशनी हो।)
4. The above passage has been taken from the lesson ‘Torch Bearers’. The writer of this lesson is W. M. Ryburn.
(उपर्युक्त गद्यांश “Torch Bearers’ नामक पाठ से लिया गया है। इस पाठ के लेखक W.M. Ryburn हैं।

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(5) Each of us, there fore, ………… games were going on. [From passage 3]

Question 5.
What is the responsibility of each one of us ?
(हममें से प्रत्येक की क्या जिम्मेदारी है ?)
2. Where were the Olympic Games held in 1948 ? Where was the flame carried from ?
(1948 के ओलम्पिक गेम्स कहाँ हुए थे ? मशाल कहाँ से ले जायी गयी थी ?)
3. Why was a flame carried to London from Greece alone and why not from any other country?
(केवल ग्रीस से ही क्यों मशाल लन्दन ले जायी गयी और किसी अन्य देश से क्यों नहीं ?)
4. What was the duty of each runner, carrying the lighted torch?
| (जलती हुई मशाल लिये प्रत्येक धावक का क्या कर्त्तव्य था ?)
5. How was the flame carried all along its way from Greece to London ?
(ग्रीस से लन्दन पूरे रास्ते मशाल कैसे ले जायी गयी ?)
Answer:
1. Each one of us has the responsibility of being a good citizen. We must see that our particular link in the chain is not a weak one.
(हममें से प्रत्येक को कर्तव्य है कि हम अच्छे नागरिक बनें। जंजीर की जो कड़ी हम हैं, वह कमजोर नहीं होनी चाहिए।)
2. The Olympic Games in 1948 were held in London. The flame was carried from Greece.
(सन् 1948 के ओलम्पिक खेल लन्दन में हुए थे। मशाल (UPBoardSolutions.com) ग्रीस से लायी गयी थी।)
3. The flame to London was carried from Greece only and not from any other country because the Olympic Games used to be held in Greece in times long age.
(मशाल किसी और देश से नहीं बल्कि ग्रीस से ही लन्दन इसलिए लायी गयी थी, क्योंकि बहुत समय पहले से ओलम्पिक खेल ग्रीस में ही आयोजित किए जाते थे।)
4. The duty of each runner carrying the lighted torch was to run a certain distance where a fresh runner was waiting for him.
(जलती मशाल लिये प्रत्येक धावक को एक निश्चित दूरी दौड़कर जाना था जहाँ दूसरा धावक
उसकी प्रतीक्षा में था।)
5. The flame was carried all along its way from Greece to London across Europe by a long relay of runners. (ग्रीस से लन्दन तक मशाल पूरा यूरोप पार करते हुए धावकों के एक बड़े दल के द्वारा लायी गयी थी।)

(6) Although nothing us said …… ..wants to do that. [From passage 4]

Question 6.
What happened accidentally at one place according to the author ?
(लेखक के अनुसार एक स्थान पर क्या दुर्घटना हो गयी ?)
2. What must have been the effect of the accident on the person who caused it?
(उस व्यक्ति पर इस दुर्घटना का क्या प्रभाव हुआ होगा जिसके साथ यह दुर्घटना हुई ?)
3. What is our duty after we have completed our education ?
(अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद हमारा क्या कर्तव्य होता है ?)
Answer:
1. One runner, when handing over his torch to a fresh runner, let it go out. |
(एक धावक ने दूसरे धावक को अपनी (UPBoardSolutions.com) मशाल सौंपते समय मशाल बुझ जाने दी ।)
2. The person would have felt ashamed of himself.
(वह व्यक्ति स्वयं में बहुत शर्मिन्दा हुआ होगा।)
3. After we complete our education, it is our duty to pass on our knowledge and skill in the service of our country.
(अपनी शिक्षा पूरी करने के उपरान्त यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम अपने ज्ञान एवं कौशल को देश सेवा में लगायें।)

(7) Each one of us ………………………. service of our country.
[From passage 4 [2011, 13, 16]]

Question 7.
1. What powers do we have to use in the service of our country ?
(हमारे पास देश की सेवा में प्रयोग करने के लिए कौन-सी शक्तियाँ हैं ?)
2. What do we carry as we leave school?
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं तब अपने साथ क्या ले जाते हैं ?)
          Or
What have we to pass on to others ?
(दूसरों तक ले जाने के लिए हमारे पास क्या है ?)
3.How shall we serve our country as good citizens ?
(अच्छे नागरिक के रूप में हम अपने देश की सेवा कैसे करेंगे ?)
4. What will happen if we do not use our knowledge and skill in the service of our country?
(यदि हम अपना ज्ञान और कौशल देश की सेवा में प्रयोग नहीं करेंगे तब क्या होगा ?)
5. What should we do to keep alight the torch that has been given to us ?
(जो मशाल हमें दी गई है उसको जलती रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?)
Answer:
1. We have the powers of knowledge and skill to use in the service of our country.
(देश की सेवा में प्रयोग करने के लिए हमारे पास ज्ञान और कौशल की शक्तियाँ हैं।)
2. We carry a flame to pass on to others when we leave school.
(जब हम स्कूल छोड़ते हैं तब हम दूसरों तक (UPBoardSolutions.com) पहुँचाने के लिए अपने साथ एक मशाल लेकर जाते हैं।)
3. We shall serve our country by passing on our knowledge and skill to others.
(हम अपने ज्ञान और कौशल को दूसरों तक पहुँचा कर अपने देश की सेवा कर सकते हैं।)
4. If we do not use our knowledge and skill, the flame will go out.
(यदि हम अपने ज्ञान और कौशल को प्रयोग नहीं करेंगे तब मशाल बुझ जाएगी।)
5. To keep alight the torch, we should train ourselves for citizenship and service
of our country. (मशाल को जलती रखने के लिए हमें स्वयं को नागरिकता और देश की सेवा के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए।)

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LONG ANSWER TYPE QUESTIONS

Answer the following questions in about 60 words:

Question 1.
How did the people of the two villages treat Guru Nanak and Mardana? What did Guru Nanak say about them ? [2011]
(दोनों गाँवों के व्यक्तियों ने गुरु नानक और मरदाना के साथ कैसा व्यवहार किया ? गुरु नानक ने उनके विषय में क्या कहा ?)
                            Or
What did Guru Nanak experience in the two villages ? What was his reaction to them ?
(गुरु नानक ने दोनों गाँवों में क्या अनुभव किया ? उनके प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया थी ?)
                            Or
Relate the story of Guru Nanak and Mardana in your own words.
(गुरु नानक और उनके शिष्य मरदाना की कहानी अपने शब्दों में लिखिए।)
                           Or
How did the people of the second village treat their visitors ? What did Guru Nanak pray for them ? [2013, 15] |
(दूसरे गाँव के लोगों ने आगन्तुकों के साथ कैसा व्यवहार किया ? गुरु नानक ने उनके लिए क्या प्रार्थना की ?)
Answer:
Once Guru Nanak and his disciple Mardana came to a village for night-stay. The villagers were rude and inhospitable to them. They did not allow them to stay anywhere in the village. The next night they came to another village. The villagers, there, were nice. They gave them food to eat and a place to stay at night. Guru Nanak prayed for the rude and inhospitable villagers that they might always stay in their village itself. For the people of the other village, Guru Nanak wished that they might be scattered throughout the country. Thus Guru Nanak wished that good people should be scattered because their goodness is needed everywhere. Thus he taught Mardana the lesson of greatness of heart.
(एक बार गुरु नानक और उनका शिष्य मरदाना रात्रि विश्राम के लिए एक गाँव में पहुँचे। गाँव के लोग असत्कारी तथा अशिष्ट निकले। उन्होंने उन दोनों को रात भर के लिए गाँव में कहीं भी रुकने नहीं दिया। अगली रात वे दूसरे गाँव में आए। यहाँ (UPBoardSolutions.com) के लोग भले थे। उन्होंने उनको खाने के लिए भोजन तथा रात्रि-विश्राम के लिए स्थान भी दिया। गुरु नानक ने भगवान् से प्रार्थना की कि पहले गाँव के असत्कारी तथा अशिष्ट लोग अपने गाँव में ही बसे रहें। दूसरे गाँव के लोगों के लिए उन्होंने प्रार्थना की कि वे पूरे देश में बिखर जाएँ। इस प्रकार गुरु नानक ने शुभकामना की कि अच्छे लोग फैल जाएँ क्योंकि उनकी भलाई की सभी स्थानों पर आवश्यकता है। इस प्रकार उन्होंने मरदाना को हृदय की महानता का पाठ पढ़ाया।)

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Question 2.
what do you learn from the story, Guru Nanak and Murdung’ ?
(आप ‘गुरु नानक और मरदाना’ नामक, कहानी से क्या सीखते हैं?)
Answer:
Guru Nanak wished bad people to stay in the village. Thus their evil will not spread to other places. He wished for good people to be scattered all over the country. Thus their goodness will be carried everywhere. In the same way each one of us has been given powers of body, mind and character. After leaving school we are tested. If we use these powers to spread light of knowledge in the whole country, it will be the best service of the country. Only then we shall be called good citizens. The progress of the country depends upon good citizens. (गुरु नानक ने बुरे व्यक्तियों को गाँव में ठहरने का आशीर्वाद दिया। इस प्रकार उनकी बुराई अन्य स्थानों पर नहीं फैलेगी। उन्होंने अच्छे व्यक्तियों के लिए पूरे देश में फैलने की कामना की। इस प्रकार उनकी भलाई सभी स्थानों पर ले जायी जाएगी। इसी प्रकार हममें से प्रत्येक व्यक्ति को शरीर, मस्तिष्क तथा चरित्र की शक्ति प्रदान की गयी है। स्कूल छोड़ने के बाद हमारी परीक्षा होती है। यदि हम इन शक्तियों का प्रयोग पूरे संसार में ज्ञान का प्रकाश फैलाने के लिए करेंगे तब यह देश की सबसे अच्छी सेवा होगी। तभी हम अच्छे नागरिक कहलाएँगे। देश की उन्नति अच्छे नागरिकों पर निर्भर करती है।)

Question 3.
How did Guru Nanak teach his pupil Mardana the lesson of the greatness of heart ?
(गुरु नानक ने अपने शिष्य मरदाना को हृदय की विशालता का पाठ कैसे पढ़ाया ?)
                                Or
Why did Mardana get puzzled ? How did Guru Nanak remove his confusion ?
(मरदाना क्यों चकरा गया ? गुरु नानक ने उसको भ्रम कैसे दूर किया ?)
Answer:
Mardana was puzzled because Guru Nanak prayed for the people of the first village to stay at one place. These people had forced them to stay in the open. Guru Nanak prayed for the gentle people of the second village to be scattered. Mardana thought just opposite to it. So Guru Nanak taught him that the rude people have some evils which will affect others. (UPBoardSolutions.com) So they should stay at one place only. But the people of the second village have such qualities which are needed everywhere. So they should be scattered to benefit others by their qualities:
(मरदाना चकरा गया क्योंकि गुरु नानक ने पहले गाँव के लोगों के लिए प्रार्थना की कि वे एक ही स्थान पर रुके रहें। इन लोगों ने उन्हें खुले में रहने के लिए विवश किया था। गुरु नानक ने दूसरे गाँव के सज्जन व्यक्तियों के लिए प्रार्थना की कि वे फैल जाएँ। मरदाना इसके बिलकुल विपरीत सोचता था। इसलिए गुरु नानक ने उसे शिक्षा दी कि असभ्य लोगों में कुछ बुराइयाँ होती हैं जो दूसरों पर प्रभाव डालती हैं। इसलिए उन्हें केवल एक ही स्थान पर रुके रहना चाहिए। किन्तु दूसरे गाँव के लोगों में कुछ गुण हैं जिनकी सभी स्थानों पर आवश्यकता है। इसलिए उन्हें अपने गुणों से दूसरों को लाभ पहुँचाने के लिए फैल जाना चाहिए।)

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Question 4.
Why does the author make mention of the Olympic Games held in London in 1948 ? What will happen if a link in the chain is weak ?
(लेखक 1948 में लन्दन में हुए ओलम्पिक खेलों का उल्लेख क्यों करता है ? यदि जंजीर की एक कड़ी कमजोर हो तब क्या होगा ?)
Answer:
The author is of the view that a chain is as strong as its weakest link. Each one of us is a link in the chain, that is our country. The author makes a mention of the Olympic Games held in London in 1948 to prove his viewpoint. In these games a flame was carried by a team of runners. Each runner ran with the lighted torch (flame) for a certain distance where a fresh runner was waiting for him. The new runner lit his torch from the one that had been carried to him. One runner, when handing over his torch to a fresh runner, let it go out. He not only felt ashamed but was singled out as a weak link in the chain of runners. If a link in the chain is weak, the chain will become weak and break.
(लेखक इस विचारधारा का व्यक्ति है कि एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी। हममें से प्रत्येक एक जंजीर अर्थात् अपने देश की एक कड़ी है। अपने विचार को व्यक्त करने के लिए लेखक लन्दन में 1948 में हुए (UPBoardSolutions.com) ओलम्पिक खेलों की व्याख्या करता है। इन खेलों में एक मशाल धावकों की एक लम्बी कतार द्वारा ले जायी जाती थी। प्रत्येक धावक एक जलती हुई मशाल लेकर उसे निश्चित दूरी तक दौड़ता था जहाँ दूसरा नया धावक उसकी प्रतीक्षा कर रहा होता था। नया धावक अपने पास तक लायी मशाल से अपनी मशाल जलाता था। एक धावक ने दूसरे धावक को अपनी मशाल देते समय मशाल को बुझ जाने दिया। वह कितना लज्जित हुआ होगा। उसने मशाल को बुझ जाने दिया। उसने धावकों की जंजीर को तोड़ दिया था। यदि जंजीर की कोई एक कड़ी कमजोर है तो जंजीर कमजोर हो जाएगी और टूट जाएगी।)

Question 5.
What does the author mean when he says, ‘A chain is as strong as its weakest link’? Why does he say so ? How can the chain be made strong ? What is our duty in this connection ?
(जब लेखक कहता है कि ‘एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी उसकी सबसे कमजोर कड़ी’, तो उसका क्या तात्पर्य होता है ? वह ऐसा क्यों कहता है ? जंजीर को मजबूत कैसे बनाया जा सकता है? हमारा इस सन्दर्भ में क्या कर्तव्य है ?)
Answer:
When the author says, A chain is as strong as its weakest link’, he means to say that a weak link makes the whole chain weak. The weakest link will break when the chain is pulled. Our country is a big chain where every citizen is a link. A weak link makes the chain weak. Sometimes we think that it doesn’t matter what one person does in such a large country. If one candle goes out, there will be darkness at that place. It is only when all the candles burn brightly, the whole house will be full of light. So our duty is to be a good citizen.
(जब लेखक कहता है कि “एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी, तो उसका तात्पर्य है कि एक कमजोर कड़ी पूरी जंजीर को कमजोर बना देती है। जब भी जंजीर को खींचा जायेगा, तो उसकी सबसे कमजोर कड़ी टूट जायेगी। हमारा देश एक बड़ी जंजीर के समान है जहाँ प्रत्येक नागरिक इसकी एक कड़ी है। एक कमजोर कड़ी पूरी जंजीर को कमजोर बना देती है। कभी-कभी हम सोचते हैं कि इतने बड़े (UPBoardSolutions.com) देश में एक व्यक्ति क्या करता है, उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यदि एक मोमबत्ती बुझ जाये तो उस स्थान पर अँधेरा हो जायेगा। सम्पूर्ण मकान केवल तभी प्रकाशमय हो सकता है। जब इसकी सभी मोमबत्तियाँ जलें। अत: अच्छा नागरिक बनना हमारा कर्तव्य है।)

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SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS

Read the following questions and answer them in about 25 words :

Question 1.
Why were Guru Nanak and Mardana forced to spend the night in the open ? [2011]
(गुरु नानक और मरदाना को खुले में रात क्यों बितानी पड़ी ?)
Answer:
Guru Nanak and Mardana were forced to spend the night in the open because the people of the village were rude and inhospitable. They did not allow them to stay anywhere in the village.
(गुरु नानक और मरदाना को खुले में रात बितानी पड़ी, क्योंकि गाँव के लोग बहुत अशिष्ट और असत्कारी थे। उन्होंने उन्हें गाँव में कहीं भी नहीं ठहरने दिया।)

Question 2.
How did the people of the first village treat Guru Nanak and Mardana ? What did Nanak say
about them ?
(पहले गाँव के लोगों ने गुरु नानक और मरदाना के साथ कैसा व्यवहार किया ? नानक ने उनके बारे में क्या कहा ?).
Answer:
The people of the first village treated Guru Nanak and Mardana rudely. So Nanak said about them that they should always stay in that village.
(पहले गाँव के लोगों ने गुरु नानक और मरदाना के साथ रूखा व्यवहार (UPBoardSolutions.com) किया। अत: नानक ने उनके बारे में कहा कि वे अशिष्ट लोग सदा गाँव में ही रहें।)

Question 3.
How did the people of the other village treat their visitors ?
(दूसरे गाँव के लोगों ने आगन्तुकों के साथ कैसा व्यवहार किया ?) [2014, 15]
                           Or
What kind of reception did they get in another village ?
(दूसरे गाँव में उनकी किस प्रकार की आवभगत हुई ?)
Answer:
The people of the other village welcomed them, treated their visitors kindly, found them a place to stay for the night, and gave them food to eat.
(दूसरे गाँव के लोगों ने आगन्तुकों का स्वागत किया, उनके साथ अच्छा व्यवहार (UPBoardSolutions.com) किया, रात को रहने को स्थान तथा खाने के लिए भोजन दिया।)

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Question 4.
what did Nanak say or pray about the people of the other village ?    [2014, 15, 16]
(नानक ने दूसरे गाँव के व्यक्तियों के बारे में क्या कहा या क्या प्रार्थना की ?)
Answer:
Nanak wished for the people of the other village that they might spread over the whole country and should not remain at one place. (नानक ने उनके लिए कामना की कि वे पूरे देश में फैल जाएँ और एक ही स्थान पर न रहें।)

Question 5.
What did Mardana ask Guru Nanak ?
(मरदाना ने गुरु नानक से क्या पूछा ?
Answer:
Mardana asked Guru Nanak why he wished good for the people who treated them badly and ill for those who treated them so well. (मरदाना ने गुरु नानक से पूछा कि उन्होंने बुरे लोगों का भला और अच्छे लोगों का बुरा क्यों चाहा।)

Question 6.
who was Mardana ? why did he get puzzled (unhappy) ? [2009]
(मरदाना कौन था ? वह क्यों चकरा गया ?) ।
Answer:
Mardana was a disciple of Guru Nanak. He was puzzled because he could not understand why the Guru had wished for the bad people to remain in the village and good people to spread in the whole country.
(मरदाना गुरु नानक का शिष्य था। वह इसलिए चकरा गया क्योंकि वह यह (UPBoardSolutions.com) नहीं समझ सका कि गुरु जी ने बुरे लोगों के लिए अपने गाँव में ही बने रहने और अच्छे लोगों के लिए सारे देश में बिखर जाने की प्रार्थना क्यों की।)

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Question 7.
Why did Guru Nanak want the inhospitable and selfish people to stay | in one place ? [2015]
(गुरु नानक असत्कारी तथा स्वार्थी लोगों के एक ही स्थान पर रुके रहना क्यों चाहते थे ?)
 Or
Why did Guru Nanak think it better for the inhospitable people to stay in one place ? [2015]
(गुरु नानक ने असत्कारी लोगों को एक स्थान पर बसे रहने को क्यों उपयुक्त समझा ?)
Answer:
Guru Nanak wanted the inhospitable and selfish people to stay in one place so that their evil might harm only at that place.
(गुरु नानक चाहते थे कि असत्कारी तथा स्वार्थी व्यक्ति एक ही स्थान पर रुके रहें ताकि उनकी बुराइयाँ उसी स्थान पर हानि पहुँचा सकें।)

Question 8.
Why should good people not stay at one place ? [2009, 13, 15, 17]
(अच्छे लोगों को एक ही स्थान पर क्यों नहीं रुकना चाहिए ?)
   Or
What was Guru Nanak’s reply to his disciple ?
(अपने शिष्य को गुरु नानक का क्या उत्तर था ?)
Answer:
Good people should not stay at one place because other people will not be befitted by their goodness while goodness is needed everywhere. (अच्छे लोगों को एक ही स्थान पर नहीं ठहरने देना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से दूसरे लोग उनके गुणों का लाभ न पा सकेंगे जबकि सज्जनता की सभी जगह आवश्यकता है।)

Question 9.
Why did Guru Nanak pray for the people of the second village to be scattered through out
the country ? [2015, 17]
(गुरु नानक ने दूसरे गाँव के लोगों के लिए यह प्रार्थना क्यों की कि वे पूरे देश में फैल जाएँ ?)
Answer:
Guru Nanak prayed for the people of the second village to be scattered throughout the country because their goodness is needed everywhere.
(गुरु नानक ने दूसरे गाँव के लोगों के लिए प्रार्थना की कि वे पूरे देश (UPBoardSolutions.com) में फैल जाएँ क्योंकि उनकी भलाई की सभी स्थानों पर आवश्यकता है।)

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Question 10.
‘we must be carrying light with us wherever we go.’ what does the author mean by this statement ?
(‘हम जहाँ कहीं भी जाएँ हमें ज्ञान ले जाना चाहिए। इस कथन से लेखक का क्या आशय है ?)
Answer:
We should spread knowledge and goodness everywhere by our good deeds, it means we should do good works wherever we go. (हम अपने अच्छे कार्यों के द्वारा ज्ञान और अच्छाइयों का सर्वत्र प्रसार करें, अर्थात् हम हर जगह अच्छे कार्य करें।)

Question 11.
why have we been compared to a chain ?
(हमारी तुलना जंजीर से क्यों की गयी है ?)
Answer:
We have been compared to a chain because a nation is built by its citizens as a chain is made by its links.
(हमारी जंजीर से तुलना इसलिए की गयी है, क्योंकि जिस प्रकार कड़ियों से मिलकर जंजीर बनती है, उसी प्रकार नागरिकों से मिलकर राष्ट्र बनता है।)

Question 12.
what will happen if a link in a chain is weak ? [2010, 13, 16]
(यदि किसी जंजीर की कड़ी कमजोर हो तब क्या होगा ?)
Answer:
A weak link makes the whole chain weak because chain may break at that point. So, a chain is as strong as its weakest link.
(जंजीर की एक कमजोर कड़ी सम्पूर्ण जंजीर को कमजोर बनाती है, (UPBoardSolutions.com) क्योंकि जंजीर वहीं से टूट सकती है। इसलिए एक जंजीर उतनी ही मजबूत होती है जितनी कि उसकी सबसे कमजोर कड़ी।)

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Question 13.
why has a good citizen been called a center of light? [2013, 17]
| (एक अच्छे नागरिक को ‘प्रकाश-केन्द्र’ क्यों कहा गया है?)
Answer:
A good citizen has been called a center of light because his good character influences everybody everywhere. (एक अच्छे नागरिक को प्रकाश-केन्द्र कहा गया है, क्योंकि उसका अच्छा चरित्र सभी को सभी जगह प्रभावित करता है।)

Question 14.
What will happen if we do not pass the flame of knowledge and skill to others ? [2009]
(यदि हम ज्ञान और कौशल की ज्वाला दूसरों तक नहीं पहुँचाएँगे तब क्या होगा ?)
Answer:
Each one of us has a flame to carry which we have to pass on to others. If we do not pass the flame of knowledge and skill to others, it will go out.
(हममें से प्रत्येक के पास एक मशाल है जिसे हमको दूसरों को सौंपना है। (UPBoardSolutions.com) यदि हम ज्ञान और कौशल की मशाल दूसरों तक नहीं पहुंचाते हैं, तो वह बीच में ही बुझ जाएगी।)

Question 15.
when (or how) will the country be more enlightened ?
(देश अधिक प्रकाशमय कब होगा ?)
Answer:
When each of us will be a good citizen, ready to pass on the flame of knowledge to others, and trained for service of our country, the country will be more enlightened.
(जब हममें से प्रत्येक अच्छा नागरिक होगा, सब ज्ञान के प्रकाश को फैलाने को उत्सुक होंगे तथा देश-सेवा में दक्ष होंगे, तभी देश प्रकाशमय होगा।)

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Question 16.
what did Guru Nanak experience in the two villages ?
(गुरु नानक ने दोनों गाँवों में क्या अनुभव किया ?)
                     Or
What was his reaction to them ?
(उनके प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया थी ?)
Answer:
Guru Nanak experienced that the people of the first village were rude while the people of the second village were good and gentle. He wished that the people of first village should stay in their own village. But the people of the second village should be scattered every where. (गुरु नानक ने अनुभव किया कि पहले गाँव के व्यक्ति असभ्य हैं, जबकि दूसरे गाँव के व्यक्ति (UPBoardSolutions.com) अच्छे और सज्जन हैं। उन्होंने इच्छा की कि पहले गाँव के व्यक्ति अपने ही गाँव में रहें जबकि दूसरे गाँव के व्यक्ति सब स्थानों पर फैल जाएँ।)

VOCABULARY 

(a) Match the words in List ‘A’ with their nearest meanings in List ‘B’:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn)
Answer:
UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 Torch Bearers (W.M. Ryburn)

 

(b) Fill in the blanks with the words given below :

(1) Words : inhospitable, treated, held, spend.
Answer:
1. The Olympic Games were held in London in 1948.
2. Being inhospitable is a sign of bad culture.
3. He was forced to spend the night in the open.
4. Some villagers treated Guru (UPBoardSolutions.com) Nanak very kindly.

(2) Words : influence, protested, cultivate, enlightened.
Answer:
1. He used his influence to get his son admitted to the Medical College.
2. The more knowledge we gain, the more enlightened we become.
3. The captain of our team protested against the judgement.
4. We can cultivate good habits by regular practice.

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(c) Use the following words in your own sentences so as to make their meanings clear :
disciple, message, hospitable, reception, responsibility, talents
Answer:
1. Mardana was Guru Nanak’s disciple.
2. When we leave school, we have a message to carry for others.
3. Some people welcome the visitors. They are hospitable.
4. Mr. Clinton was given a (UPBoardSolutions.com) grand reception.
5. It is the responsibility of every student to keep his classroom clean.
6. Different people have different talents but they should use them in the service of the country.

Hope given UP Board Solutions for Class 10 English Prose Chapter 5 are helpful to complete your homework.

If you have any doubts, please comment below. UP Board Solutions try to provide online tutoring for you.

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 11 (Section 2)

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 11 देश की आन्तरिक सुरक्षा-व्यवस्था (अनुभाग – दो)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 10 Social Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 11 देश की आन्तरिक सुरक्षा-व्यवस्था (अनुभाग – दो).

विस्तृत उत्तरीय प्रत

प्रश्न 1.
आन्तरिक सुरक्षा की चुनौतियों पर सविस्तार प्रकाश डालिए।
              या
भारत की आन्तरिक सुरक्षा को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए। [2018]
उत्तर :
देश की सुरक्षा का आशय केवल बाहरी सुरक्षा से नहीं, बल्कि आन्तरिक सुरक्षा से भी है। यह सत्य है कि यदि किसी देश की सीमा में रहने वालों का जीवन सुरक्षित नहीं है, तो बाहरी हमलों से भी सुरक्षा सम्भव नहीं है।

देश की आन्तरिक सुरक्षा की चुनौतियाँ

भारत को अपनी आन्तरिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों में अलगाववाद और धार्मिक कट्टरता की कड़ी चुनौती है, वहीं इनसे पैदा हुआ आतंकवाद भारत के लिए एक गम्भीर समस्या बना हुआ है।

अलगाववाद से पीड़ित राज्यों में असम, जम्मू-कश्मीर, नागालैण्ड आदि प्रमुख हैं। इन राज्यों के उग्रवादी समूहों ने क्षेत्रों में विकास न होने का दायित्व भारत सरकार पर थोप दिया है और अलगाववाद को विकास से। जोड़ दिया है। अलगाववाद (UPBoardSolutions.com) की प्रकृति भारतीय सुरक्षा के लिए एक प्रमुख चुनौती के रूप में उभरकर सामने आई है।

आतंकवाद भारत के लिए एक गम्भीर चुनौती है। आतंकवाद का अर्थ राजनीतिक खून-खराबे से है। आतंकवादी अपनी बातों को मनवाने के लिए जन-साधारण को निशाना बनाते हैं और नागरिकों के असन्तोष का उपयोग सरकार के विरुद्ध करते हैं। 26 नवम्बर, 2008 ई० को मुम्बई में हुआ आतंकवादी हमला इसका प्रमुख उदाहरण है। आतंकवादी गतिविधियों के मुख्य उदाहरण हैं—विमान अपहरणे अथवा भीड़ भरी जगहों; जैसे—रेलगाड़ी, होटल, बाजार या ऐसी ही अन्य जगहों पर बम विस्फोट कराना आदि।।

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देश की आन्तरिक सुरक्षा की रणनीति

देश की आन्तरिक सुरक्षा की रणनीति का प्रमुख कारक है—विकास कार्यों को तेजी से पूरा करना। ऐसे कार्यों में समाज के सभी वर्गों, उपवर्गों, सम्प्रदायों को विकास के लाभ में हिस्सेदारी प्रदान की जाती है। इसके साथ-ही-साथ भारत ने राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए लोकतान्त्रिक व्यवस्था में देश के प्रत्येक व्यक्ति को हिस्सेदार बनाया है। भारत में अर्थव्यवस्था को इस प्रकार से भी विकसित करने का प्रयास किया (UPBoardSolutions.com) गया है कि बहुसंख्यक नागरिकों को गरीबी और अभाव से मुक्ति मिले तथा नागरिकों के बीच आर्थिक समानता पैदा हो। इसके अलावा आन्तरिक सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिकीकरण और अति आधुनिक हथियारों से लैस करना भी एक अन्य महत्त्वपूर्ण कारक है।

लघु उत्तरीय प्रत।

प्रश्न 1.
आन्तरिक सुरक्षा के पारम्परिक साधनों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर :
आन्तरिक सुरक्षा के पारम्परिक साधनों में प्रमुख हैं–पुलिस बल; त्वरित कार्यबल (आर०ए० एफ०); असम राइफल्स; गृहरक्षा वाहिनी (होमगार्ड) आदि। इन सभी बलों पर देश की आन्तरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। पुलिस के पास आम कानून व्यवस्था बनाये रखने, अपराधों को रोकने एवं उनकी

जाँच करने का दायित्व है। संविधान के तहत आम कानून व्यवस्था और पुलिस राज्य सरकार का विषय है। इसलिए पुलिस पर राज्य सरकार का नियन्त्रण होता है। राज्य में पुलिस बल पर प्रमुख पुलिस महानिदेशक या पुलिस महानिरीक्षक होता है। राज्य को सुविधानुसार कई खण्डों में बाँटा जाता है, जिन्हें ‘क्षेत्र’ कहा जाता है और हर पुलिस क्षेत्र उपमहानिरीक्षक के प्रशासनिक नियन्त्रण में होता है। एक क्षेत्र में कई जिले होते हैं। जिला (UPBoardSolutions.com) पुलिस का विभाजन पुलिस डिवीजनों, अंचलों और पुलिस थानों में किया गया है। राज्यों के पास नागरिक पुलिस के अलावा अपनी सशस्त्र पुलिस, अलग खुफिया शाखा, अपराध शाखा आदि होती हैं।

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प्रश्न 2.
‘असम राइफल्स’ पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :
पूर्वोत्तर राज्यों में ‘असम राइफल्स’ सबसे पुराना पुलिस बल है। ‘असम राइफल्स’ का गठन सन् 1835 ई० में ‘कछार लेवी’ के नाम से किया गया था। इस पर पूर्वोत्तर क्षेत्र की आन्तरिक सुरक्षा और भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा को दोहरा उत्तरदायित्व है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने में असम राइफल्स की भूमिका सराहनीय रही है। इस बल को प्यार से पूर्वोत्तर का प्रहरी’ और ‘पर्वतीय लोगों का मित्र’ कहा जाता है।

प्रश्न 3.
‘होमगाई’ पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :
यह एक स्वयंसेवी बल है, जिसका गठन दिसम्बर, 1946 ई० में नागरिक अशान्ति और साम्प्रदायिक दंगों के नियन्त्रण में पुलिस को सहयोग देने के उद्देश्य से किया गया था। इसका काम हवाई हमले, अग्निकाण्ड, चक्रवात, भूकम्प, महामारी आदि आपात स्थितियों में पुलिस की सहायता करना, आवश्यक सेवाएँ बहाल कराना, साम्प्रदायिक सौहार्द बनाना, कमजोर वर्ग के लोगों की रक्षा में प्रशासन का साथ देना, सामाजिक-आर्थिक और कल्याण के कार्यों में हिस्सा लेना तथा नागरिक सुरक्षा का ध्यान रखना है।

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आन्तरिक सुरक्षा के इन पारम्परिक साधनों के अलावा अपारम्परिक साधनों का प्रयोग भी आवश्यक है। अपारम्परिक साधनों से तात्पर्य वंचित, अपेक्षित लोगों को विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित करने वाले उपायों से है। अल्पसंख्यकों, महिलाओं, (UPBoardSolutions.com) विकलांगों, पिछड़े क्षेत्रों के लिए सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा हेतु रोजगार, व्यापार आदि पर बल देना चाहिए।

प्रश्न 4.
नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के विषय में आप क्या जानते हैं? [2011, 12]
              या
नेशनलं कैडेट कोर का संक्षिप्त विवरण दीजिए। [2011, 12]
उत्तर :
नेशनल कैडेट कोर

यह एक महत्त्वपूर्ण युवा संगठन है। इसमें विद्यार्थियों व स्कूली छात्र-छात्राओं को सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। एन०सी०सी० में तीन डिवीजन हैं—सीनियर, जूनियर व लड़कियाँ। सीनियर डिवीजन में हाईस्कूल से ऊपर के छात्र प्रशिक्षण लेते हैं। जूनियर डिवीजन में नवीं व हाईस्कूल कक्षा में पढ़ने वाले छात्र भाग लेते हैं। एन०सी०सी० के छात्रों के लिए अनेक प्रकार की परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है; जैसे-ए, बी, सी, जी प्रमाण-पत्र आदि की परीक्षाएँ। एन०सी०सी० का उद्देश्य देश के प्रत्येक नवयुवक को सैन्य दृष्टि से प्रशिक्षित करना है। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे नवयुवकों को शीघ्र ही पूर्ण सैनिक बनाया (UPBoardSolutions.com) जा सकता है। आज एन०सी०सी० के माध्यम से भारतीय सेना को निरन्तर बहुत अच्छे सैनिक अधिकारी प्राप्त हो रहे हैं। इस प्रकार एन०सी०सी० बहुत महत्त्वपूर्ण संगठन है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि “एन०सी०सी० सुरक्षा सेवाओं की नर्सरी है।”

प्रश्न 5.
भारत की आन्तरिक सुरक्षा से सम्बन्धित किन्हीं तीन समस्याओं का वर्णन कीजिए। [2015, 16]
उत्तर : कोई भी राष्ट्र विकास के पथ पर तभी अग्रसर हो सकता है जब वहाँ की आन्तरिक सुरक्षा-व्यवस्था सुदृढ़ हो। आन्तरिक सुरक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने के लिए प्रत्येक सरकार को सतर्क रहना चाहिए जिससे विध्वंसकारी गतिविधियाँ सक्रिय न हो सकें। ये विध्वंसकारी गतिविधियाँ राष्ट्र के अन्दर गतिरोध उत्पन्न करती हैं और विकास में बाधक सिद्ध होती हैं।  देश में आन्तरिक सुरक्षा के वर्तमान समय में निम्नलिखित खतरे हैं

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1. आतंकवाद– देश में आतंकवाद गम्भीर समस्या है। पड़ोसी देश पाकिस्तान का राष्ट्रीय लक्ष्य भारत को प्रगति के मार्ग पर रोकने, आर्थिक क्षति पहुँचाने, सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने एवं नागरिकों में भय एवं असुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए गोलाबारी, बन्दूक, आत्मघाती हमले, सार्वजनिक बम विस्फोट आदि हैं। देश के भीतर सार्वजनिक स्थानों पर बम विस्फोट आन्तरिक व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करना है। पंजाब एवं (UPBoardSolutions.com) जम्मू-कश्मीर में लगी आतंकवादी आग देश के भीतर अन्य प्रान्तों में भी फैलती जा रही है। इन्दिरा गाँधी, राजीव गाँधी की हत्या आतंकवादी घटनाएँ हैं।

2. नक्सली आतंकवाद- 
नक्सली आतंकवादी राजनीतिक नकाब पहनकर गरीबों का मसीहा बनकर उन्हें बरगलाकर या भयभीत करके उन्हीं की आड़ में आपराधिक गतिविधियाँ चलाते हैं। इनका लक्ष्य आन्तरिक सुरक्षा-व्यवस्था को नष्ट-भ्रष्ट करना होता है। क्षेत्रीय विकास को रोकने के लिए वे आतंकवादी घटनाओं में लिप्त रहते हैं। ऐसा करने के लिए विदेशी शक्तियाँ उन्हें धन एवं शस्त्र उपलब्ध कराती हैं।

3. साम्प्रदायिक दंगे एवं आन्दोलन– 
स्वाधीनता के बाद विशेष सम्प्रदाय की तुष्टीकरण की भयानक परम्परा स्थापित हो गयी है। यह परम्परा सत्तालोलुप तथाकथित धर्मनिरपेक्ष राजनेताओं ने डाली है। इनकी धर्मनिरपेक्षता का अर्थ विशेष सम्प्रदायों को खुश करना हो गया है। अब वे दबाव समूह बन गये हैं। उन्हें संवेदनशील सम्बोधित किया जा रहा है। मामूली हस्तक्षेप भी उनके भड़काने का कारण और दंगा का मूल कारण हो गया है, अत: तुष्टीकरण की नीति त्यागकर राष्ट्रीयता की भावना को उभारकर साम्प्रदायिकता का मुकाबला करना चाहिए।

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प्रश्न 6.
भारत की रक्षा तैयारी पर एक लेख लिखिए। [2016]
              या
देश की आन्तरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सरकार को क्या उपाय करने चाहिए? उनमें से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए। [2016, 18]
उत्तर :
भारत अपनी विस्तृत सीमा की सुरक्षा के लिए सजग एवं सावधान है। स्वाधीनता के बाद से ही भारत ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किये हैं। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय बजट में रक्षा के लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की जाती रही है। वर्तमान सरकार (UPBoardSolutions.com) ने बजट में रक्षा सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की है।

रक्षा बजट

भारत ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए निम्न तैयारियाँ की हैं

  1. स्वाधीनता के बाद भारत ने रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए महत्त्वपूर्ण प्रयास | किये हैं। भारत के इस प्रयास के फलस्वरूप आज 39 आर्डिनेन्स फैक्ट्रियाँ विविध रक्षा सामग्रियाँ का उत्पादन कर रही हैं।
  2. युद्ध-काल में खाद्यान्न आदि की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए सरकार ने खाद्यान्न उत्पादन एवं भण्डारण की समुचित व्यवस्था की है।
  3. सरकार ने केन्द्रीय वार्षिक बजट में प्रतिवर्ष रक्षा आवश्यकताओं (UPBoardSolutions.com) की पूर्ति के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था की है।
  4. रक्षा उत्पादनों में गुणवत्ता और तेजी लाने के लिए सरकार ने 7 मई, 1980 को रक्षा अनुसन्धान और विकास नामक एक नये विभाग की स्थापना की है।
  5. भारत सरकार ने सेना को आधुनिकतम तकनीक एवं अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित करने का प्रयास किया है। उल्लेखनीय है कि भारत 1998 में दूसरा परमाणु विस्फोट करके संसार के परमाणु शक्ति सम्पन्न ।
    देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है।
  6. भारत ने अपने सैनिकों को युद्ध-कला में और दक्ष बनाने, नये सैनिकों की भर्ती करने एवं उनके प्रशिक्षण के लिए देश में कई प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की है।
  7. अपने प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम के अन्तर्गत भारत त्रिशूल, पृथ्वी, अग्नि, आकाश, नाग आदि प्रक्षेपास्त्रों के निर्माण में सफल रहा है।

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प्रश्न 7.
राष्ट्रीय अखण्डता बनाये रखने के लिए कौन-से कदम उठाने चाहिए? विवेचना कीजिए। [2011, 16]
उत्तर :

देश की एकता व अखण्डता बनाए रखने के उपाय

देश की एकता व अखण्डता बनाए रखने के लिए अग्रलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं

  • हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य; जैसे—शिक्षण संस्थानों की स्थापना, रोजगार के अवसरों का सृजन तथा यातायात की सुविधाएँ आदि विकसित किए जाने चाहिए।
  • संचार के साधनों का विकास किया जाना चाहिए।
  • तार्किक तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए।
  • धार्मिक कट्टरती को फैलने से रोकना चाहिए तथा इस प्रकार के संगठनों को उन्मूलन किया जाना चाहिए।
  • धार्मिक, प्रादेशिक, क्षेत्रीयता पर आधारित राजनीति को समाप्त किया जाना (UPBoardSolutions.com) चाहिए।
  • साम्प्रदायिक सौहार्द उत्पन्न करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। एक-दूसरे के धर्म के विचारों को जानने के प्रयत्न किए जाने चाहिए।
  • देश में उद्यमशीलता का विकास किया जाना चाहिए, ताकि अधिक-से-अधिक लोग रोजगारत् रहें और उन्हें आर्थिक लाभ का लालच देकर उकसाया न जा सके।
  • सशस्त्र बलों को सुदृढ़ करना चाहिए तथा उनके प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पुलिस किस सूची का विषय है ?
उत्तर :
पुलिस राज्य-सूची का विषय है।

प्रश्न 2.
‘पूर्वोत्तर का प्रहरी किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
असम राइफल्स’ को पूर्वोत्तर का प्रहरी कहा जाता है।

प्रश्न 3.
होमगाई का कोई एक कार्य लिखिए।
उत्तर :
आपात स्थितियों में पुलिस की सहायता करना।

प्रश्न 4.
राज्य पुलिस का सबसे बड़ा अधिकारी कौन होता है ?
उत्तर :
पुलिस महानिदेशक या (UPBoardSolutions.com) पुलिस महानिरीक्षक (D.G.P)।

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प्रश्न 5.
जिले का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी कौन होता है ?
उत्तर :
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police : S.S.P)।

प्रश्न 6.
भारत की आन्तरिक सुरक्षा से सम्बन्धित किन्हीं दो समस्याओं के नाम लिखिए। [2015]
उत्तर :
अलगाववाद तथा आतंकवाद।

‘बहुविकल्पीय

प्रश्न 1. आर०ए०एफ० का गठन किया गया

(क) 1991 ई० में
(ख) 1992 ई० में
(ग) 1993 ई० में
(घ) 1994 ई० में

2. असम राइफल्स का गठन हुआ

(क) 1835 ई० में
(ख) 1935 ई० में
(ग) 1951 ई० में
(घ) 1953 ई० में

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3. होमगार्ड का गठन हुआ

(क) 1946 ई० में
(ख) 1948 ई० में
(ग) 1949 ई० में
(घ) 1950 ई० में

उत्तरमाला

1. (ख), 2. (क), 3. (क)

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