UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi पत्रों के प्रकार या भेद

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Name पत्रों के प्रकार या भेद
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi पत्रों के प्रकार या भेद

कौन, किसको, किस विषय पर, किन परिस्थितियों में पत्र लिख रहा है, इस आधार पर पत्रों के अनेक भेद होते हैं, जिनमें से मुख्य इस प्रकार हैं—

(1) निजी/व्यक्तिगत/घरेलू या पारिवारिक पत्र—परिवार के विभिन्न सदस्यों, निकट सम्बन्धियों या घनिष्ठ मित्रों को भिन्न-भिन्न उद्देश्यों से विभिन्न अवसरों पर लिखे जाने वाले पत्र इस वर्ग में आते हैं।
(2) सामाजिक पत्र—निमन्त्रण-पत्र, बधाई-पत्र, शोक-पत्र, सान्त्वना-पत्र, परिचय-पत्र, संस्तुति-पत्र, आभार या धन्यवाद-पत्र आदि प्रायः सामाजिक सम्बन्धों के कारण लिखे जाते हैं; अतः ये सामाजिक पत्रों की श्रेणी में आते हैं।
(3) व्यापारिक या व्यावसायिक पत्र—विभिन्न व्यापारिक या औद्योगिक संस्थानों के पारस्परिक पत्र, व्यापारिक संस्थाओं की ओर से समाज के किसी व्यक्ति को और समाज के किसी व्यक्ति की ओर से व्यावसायिक संस्थाओं को लिखे गये उद्योग-व्यापार सम्बन्धी पत्र इसी श्रेणी में आते हैं।
(4) सरकारी शासकीय/प्रशासकीय या आधिकारिक पत्र–इस वर्ग में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के पत्र आते हैं, जिनके दशाधिक उपभेद हैं।
(5) आवेदन-पत्र—किसी विशेष उद्देश्य से लिखे गये प्रार्थना-पत्र आवेदन-पत्र (Application) कहलाते हैं। प्रवेश लेने, शुल्क मुक्ति कराने, विद्यालय छोड़ने के कारण अपनी धरोहर-राशि वापस माँगने, चरित्र प्रमाणपत्र आदि लेने के लिए विद्यार्थियों द्वारा प्राचार्य को आवेदन-पत्र लिखे जाते हैं। कहीं भी नौकरी/पदोन्नति पाने, अवकाश माँगने या बैंक/बीमा निगम आदि से ऋण लेने के लिए भी आवेदन करना पड़ता है। इस प्रकार आवेदन की आवश्यकता के अनुसार इसके अनेक उपभेद भी होते हैं।
(6) शिकायती-पत्र—किसी व्यक्तिगत या सामाजिक समस्या के लिए हमें अनेक बार सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायती पत्र लिखने पड़ते हैं।
(7) सम्पादक के नाम पत्र—वर्तमान युग में समाचार-पत्रों की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण है। समस्याओं के उचित समाधान के लिए समाचार-पत्र के माध्यम से आवाज उठाना विशेष प्रभावकारी होता है; अत: समाज की विभिन्न समस्याओं के लिए सम्पादक के नाम पत्र लिखना एक विशेष कला है। सभी दैनिक समाचार-पत्रों में विभिन्न शीर्षकों से सम्पादक के नाम पत्र छपते हैं, जिससे उच्चाधिकारियों तक बात पहुँचती है और समाधान शीघ्र हो जाता है।
(8) विविध पत्र—उपर्युक्त श्रेणियों के अतिरिक्त जो पत्रे बचते हैं, उन्हें इसी वर्ग में रखा जाता है।

अच्छे पत्र के गुण

(1) सरलता—पत्र की भाषा सरल व सुबोध होनी चाहिए। जिस प्रकार सरल और निष्कपट व्यक्ति के व्यवहार का बहुत असर होता है, उसी प्रकार सरल, सुबोध पत्र भी पाठक के मन पर अत्यधिक प्रभाव डालते हैं।
(2) स्पष्टता—पत्र में अपनी बात स्पष्ट तथा विनम्रता से कहनी चाहिए, जिससे पाने वाला उसका आशय सही-सही समझ सके।
(3) संक्षिप्तता—जहाँ तक हो पत्र संक्षेप में लिखना चाहिए, पत्र में कोई ऐसी बात नहीं लिखनी चाहिए, जिससे पत्र पढ़ने में रुचि ही न रहे।
(4) शिष्टाचार—पत्रलेखक और पाने वाले के बीच में कोई-न-कोई सम्बन्ध तो होता ही है। आय और पद में बड़े व्यक्तियों को आदरपूर्वक, मित्रों को सौहार्दपूर्वक और छोटों को स्नेहपूर्वक लिखना चाहिए।
(5) केन्द्र में मुख्य विषय—औपचारिक अभिवादन के बाद सीधे मुख्य विषय पर आ जाना चाहिए।

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UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 माँ कह एक कहानी (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 7 माँ कह एक कहानी (मंजरी)

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समस्त पद्यांशों की व्याख्या

”माँ कह …………….. यही कहानी।”

संदर्भ – यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘माँ कह एक कहानी’ नामक कविता से लिया गया है। इसके रचयिता राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी हैं।

प्रसंग – प्रस्तुत पद्यांश में राहुल अपनी माँ से कहानी सुनाने के लिए कह रहा है और माता यशोधरा राहुल को कहामी सुना रही है।

व्याख्या – राहुल अपनी माँ यशोधरा से कहता है- माँ, एक कहानी सुनाओ। राजा या रानी की कहानी सुनाओ। यशोधरा कहती है कि पुत्र तू हठ करता है तो सुन! एक दिन सुबह बगीचे में तुम्हारे पिता घूम रहे थे। वहाँ (UPBoardSolutions.com) फूलों की सुगंध चारों ओर फैल रही थी। इतना सुनकर राहुल कह उठता है कि हाँ माँ! मुझे यही कहानी सुनाओ।

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”वर्ण – वर्ण ………………………. यही कहानी।”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत्

व्याख्या – रंग- बिरंगे फूल खिले थे और उन पर ओस की बूंदें झिलमिला रही थीं। हवा के हल्के-हल्के झोंके चल रहे थे। तालाबों में पानी लहरा रहा था। हाँ-हाँ, माँ! यही कहानी सुनाओ।

”गाते थे …………………. भरी कहानी।”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – पक्षी कल-कल की आवाज करते हुए गा रहे थे, उसी समय अचानक नुकीले तीर से घायल होकर एक हंस नीचे गिरा। उसके पंख घायल हो गए थे। यह कहानी बहुत ही करुणा भरी है।

”चौंक …………. कठिन कहानी।”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – चौंककर उन्होंने उस पक्षी को उठा लिया। पक्षी को लगा कि उसने नया जन्म पा लिया हो। थोड़ी ही देर में शिकारीं अपने अचूक निशाने पर खुश होता हुआ आ पहुँचा। उसे अपने लक्ष्य पर बहुत घमण्ड, था। यह कहानी कोमल और कठोर भावनाओं वाली है।

”माँगा उसने ………………. चली कहानी।”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – आखेटक ने घायल पक्षी पर अधिकार जताना चाहा, लेकिन तुम्हारे पिता उसकी रक्षा करने वाले थे। तब मांस खाने वाला वह व्यक्ति उसे वापस करने की जिद करने लगा। इस प्रकार कह्मनी आगे बढ़ चली।

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”हुआ विवाद ……………… हुई कहानी”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत्।

व्याख्या – दयालु और निर्दय में कहा-सुनी होने लगी। दोनों ही अपने-अपने विषय पर तर्क कर रहे थे। जब बात राज्य के न्यायालय में गई, तब सभी लोगों ने इस कहानी को सुना, जाना और यह कहानी व्यापक हो गई।

”राहुल …………….. रहा कहानी।”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – यशोधरा, राहुल से कहती है, बेटा तू ही इसका निर्णय कर कि न्याय किसकी तरफ होना चाहिए। तू निर्भय होकर बता कि जीत किसकी होनी चाहिए। मैं तुम्हारा भी न्याय सुन लँ। राहुल (UPBoardSolutions.com) कहता है कि माँ, मैं क्या बोलूं। मैं तो कहानी सुन रहा हूँ।

”कोई निरपराध……………… गुनी कहानी”

संदर्भ एवं प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – यदि कोई अकारण बिना अपराध के किसी को मारे, तो क्या दूसरे को उसकी रक्षा नहीं करनी चाहिए? मारने वाले से रक्षा करने वाला बहुत महान होता है। न्याय सदैव दया का पक्ष लेता है। इस पर माँ कहती हैं कि तुमने कहानी के मर्म को ठीक से समझा है।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

(क) बानी, कहानी, पानी, नानी, समान, तुक वाले शब्द हैं। इनकी सहायता से चार पंक्ति की एक कविता बनाइए।
नोट – विद्यार्थी स्वयं प्रयास कर कविता बनाएँ।
उदाहरण – अब तक गूंज रही है बानी,
कहती थी यों मेरी नानी
आग लगी और बरसा पानी
सो जा लल्ला, खत्म कहानी।

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(ख) विद्यार्थी स्वयं करें।
(ग) विद्यार्थी स्वयं करें।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1.
कहानी के अन्त में राहुल जो निर्णय देता है, क्या आप उससे सहमत हैं? यदि आप निर्णय देते तो किसका पक्ष लेते? क्यों?
उत्तर :
हाँ, राहुल ने जो निर्णय दिया है उससे मैं सहमत हूँ। यदि मैं निर्णय देता तो मैं भी रक्षा करने वाले का ही पक्ष लेता क्योंकि किसी की जान बचाना हमारा नैतिक कर्तव्य है।

प्रश्न 2.
पशु-पक्षियों का शिकार करना दण्डनीय अपराध है। आपके विचार में पशु-पक्षियों के शिकार करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?
उत्तर :
पशु-पक्षियों का शिकार करना कानूनन जुर्म है। इसके लिए कानून में सजा का प्रावधान है। लेकिन फिर भी लोगों को कानून का भय नहीं है और वे पशु-पक्षियों को मारते हैं। मेरे विचार से इस प्रवृति को रोकने के लिए और कड़े कानून बनाने चाहिए और उसे कड़ाई के साथ लागू करना चाहिए।

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प्रश्न 3.
नोट –  विद्यार्थी स्वयं कहानी लिखें।

कविता से

प्रश्न 1.
कहानी सुनाने के बाद माता ने राहुल से क्या प्रश्न किया?
उत्तर :
कहानी सुनाने के बाद माता ने राहुल से न्याय करने को कहा।

प्रश्न 2.
हंस को मारने वाले तथा बचाने वाले के बीच हुए विवाद का निर्णय राहुल ने क्या किया?
उत्तर :
हंस को मारने वाले तथा बचाने वाले के बीच हुए विवाद के निर्णय में राहुल ने कहा कि रक्षक ” भक्षक से महान होता है।

प्रश्न 3.
राहुल के उत्तर से उसके स्वभाव के विषय में क्या पता चलता है?
उत्तर :
राहुल के उत्तर से पता चलता है कि उसका स्वभाव निष्पक्ष, विचारशील और दयाभाव रखने वाला है।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित पद्यांशों के भाव स्पष्ट कीजिए (भाव स्पष्ट करके) –

(क) ”वर्ण-वर्ण के ……………… था पानी।”

भाव – उपवन में अनेक रंगों के फूल खिले हुए थे। प्रातःकाल मंद-मंद शीतल वायु से ओस के कण झिलमिल कर रहे थे। हवा से तालाब का पानी हिलोरें मार रहा था, अर्थात् बगीचे का वातावरण बहुत बढ़िया था और प्राकृतिक सुन्दरता निखार पर थी।

(ख) कोई निरपराध …………………….. का दानी

भाव – जब राहुल की माँ ने कहानी सुनाने के बाद उससे पूछा कि अब तुम बताओ कि न्याय किसका पक्ष लेगा, तब राहुल ने निम्न प्रकार उत्तर दिया – यदि कोई बेकसूर को मारने लगे, तो अन्य लोगों को निरपराध (UPBoardSolutions.com) की सहायता करनी चाहिए, क्योंकि बचाने वाला मारने वाले से श्रेष्ठ होता है। न्याय हमेशा दया करने वाले का पक्ष लेता है, जो उचित है।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए (एक शब्द लिखकर) –
उत्तर :

  • हठ करने वाला – हठी
  • जिसने अपराध किया हो – अपराधी
  • जिसे डर न हो – निडर
  • रक्षा करने वाला – रक्षक
  • भक्षण करने वाला – भक्षक
  • पक्ष लेने वाला – पक्ष्य

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द छाँटिए (छाँटकर) –
उत्तर :

  • खग – गगन, पक्षी, नभ (पक्षी)
  • आखेट – धनुष, ओखल, शिकार (शिकार)
  • कोमल – मुलायम, कमल, कोयल (मुलायम)
  • विवाद – निनाद, समझौता, झगड़ा (झगड़ा)
  • सदय – देने वाला, दया के साथ, दीनता के साथ (दया के साथ)

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प्रश्न 3.
हिले-मिले, खर-शर और सदय-निर्दय शब्द-युग्मों में एक जैसा तुक है। इसी प्रकार के समान तुक वाले तीन और शब्द-युग्म लिखिए।
उत्तर :
तीन अन्य शब्द-युग्म – जय-विजय, न्याय-अन्याय, जोर- शोर

किसने किससे कहा –
यथा – माँ कह एक कहानी, राजा था या रानी । (बालक ने माँ से)

(क) हुआ विवाद सदय निर्दय में, उभय आग्रही थे स्व विषय में, गयी बात तब न्यायालय में, सुनी सभी ने जानी। (माँ ने बालक से)
(ख) कह दे निर्भय जय हो जिसका, सुने लू तेरी बानी। (माँ ने बालक से)
(ग) “कोई निरपराध को मारे, तो क्या अन्य उसे न उबारे? (बालक ने माँ से)

इसे भी जानें –
नोट – विद्यार्थी ध्यान से पढ़ें।

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UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 13 एक्सेप्शन हैण्डलिंग, स्ट्रक्चर एवं पॉइण्टर

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject Computer
Chapter Chapter 13
Chapter Name एक्सेप्शन हैण्डलिंग, स्ट्रक्चर एवं पॉइण्टर
Number of Questions Solved 18
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 13 एक्सेप्शन हैण्डलिंग, स्ट्रक्चर एवं पॉइण्टर

बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1
किसी प्रोग्राम से गलतियों को दूर करने के लिए किस तकनीक का प्रयोग किया जाता है?
(a) डाटा हैण्डलिंग
(b) वैल्यू हैण्डलिंग
(C) एरर हैण्डलिंग
(d) एक्सेप्शन हैण्डलिंग
उत्तर:
(d) एक्सेप्शन हैण्डलिंग का प्रयोग प्रोग्राम की गलतियों को ठीक करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 2
एक्सेप्शन कितने प्रकार के होते हैं?
(a) तीन
(b) चार
(C) दो
(d) पाँच
उत्तर:
(c) एक्सेप्शन दो प्रकार के होते हैं–सिन्क्रोनस तथा असिन्क्रोनस।

प्रश्न 3
एक्सेप्शन हैण्डलिंग क्रियाविधि के किस ब्लॉक में एक्सेप्शन होती
(a) try
(b) catch
(c) throw
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(a) try

प्रश्न 4
विभिन्न प्रकार के परस्पर सम्बन्धित डाटा आइटमों का समूह क्या कहलाता है?
(a) पॉइण्टर
(b) एक्सेप्शन
(c) फंक्शन
(d) स्ट्रक्चर
उत्तर:
(d) स्ट्रक्चर

प्रश्न 5
स्ट्रक्चर से डाटा लेने के लिए कौन-सा उदाहरण सही है?
(a) stu.name
(b) a = stu.name
(c) a = name;
(d) a= stu.name;
उत्तर:
(d) a = stu.name;

प्रश्न 6
निम्न पॉइण्टर पर दिए गए कमेण्ट में से कौन-सा सही है?
int *ptr, p;
(a) ptr एक इण्टीजर टाइप का पॉइण्टर है, जबकि 2 नहीं
(b) ptr तथा p दोनों इण्टीजर टाइप के पॉइण्टर हैं।
(c) ptr एक इण्टीजर वैल्यू है तथा p पॉइण्टर है।
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(a) ptr एक इण्टीजर टाइप के पॉइण्टर को प्रदर्शित कर रहा है, जबकि p एक वैरिएबल को प्रदर्शित कर रहा है।

अतिलघु उत्तरी प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1
सिन्क्रोनस एक्सेप्शन के अन्तर्गत किस प्रकार की एरर आती है?
उत्तर:
सिन्क्रोनस एक्सेप्शन के अन्तर्गत ओवरफ्लो व आउट ऑफ रेंज प्रकार की एरर आती हैं।

प्रश्न 2
एक्सेप्शन हैण्डलिंग में catch ब्लॉक का प्रयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर:
catch ब्लॉक का प्रयोग try ब्लॉक में उपस्थित एक्सेप्शन को कैच करने के लिए किया जाती है।

प्रश्न 3
स्ट्रक्चर क्या होता है?
उत्तर:
विभिन्न प्रकार के परस्पर सम्बन्धित डाटा आइटमों का समूह स्ट्रक्चर कहलाता है।

प्रश्न 4
पॉइण्टर पर संक्षेप में व्याख्या कीजिए। [2016]
अथवा
पॉइण्टर की व्याख्या केवल एक वाक्य में कीजिए। [2018, 17]
उत्तर:
पॉइण्टर C++ प्रोग्रामिंग की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता है। पॉइण्टर टाइप के वैरिएबल में किसी वैल्यू का मैमोरी एड्रेस रखा जाता है।

प्रश्न 5
पॉइण्टर द्वारा अर्थमैटिक कार्य कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
पॉइण्टर द्वारा अर्थमैटिक कार्य निम्न हैं।

  • पॉइण्टर वैरिएबल में जोड़ करना
  • पॉइण्टर वैरिएबल में घटाना

लघु उत्तर प्रश्न I (2 अंक)

प्रश्न 1
निम्न पर टिप्पणी लिखिए।
(i) try
(ii) catch
उत्तर:
(i) try इस की-वर्ड का प्रयोग try ब्लॉक में किया जाता है, जो स्टेटमेण्ट्स का समूह होता है, जिसमें एक्सेप्शन हो सकते हैं।
(ii) catch इस की-वर्ड का प्रयोग catch ब्लॉक में किया जाता है, जो try ब्लॉक में उपस्थित एक्सेप्शन को कैच करता है।

प्रश्न 2
स्ट्रक्चर को घोषित करने का प्रारूप लिखिए।
उत्तर:
स्ट्रक्चर को घोषित करने का प्रारूप निम्न हैं।
struct structure_name
{
Data_type Variable1;
Data_type Variable2;
:
Data_type VariableN;
};

प्रश्न 3
एड्स ऑपरेटर व पॉइण्टर ऑपरेटर से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
एड्रेस ऑपरेटर को & चिह्न से प्रदर्शित करते हैं, जिसका प्रयोग वैरिएबल के एड्रेस को ज्ञात करने के लिए किया जाता है। पॉइण्टर ऑपरेटर को चिह्न से प्रदर्शित करते हैं, जिसका प्रयोग वैरिएबल के एड्रेस में स्टोर वैल्यू को ज्ञात करने के लिए किया जाता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न II (3 अंक)

प्रश्न 1
एक्सेप्शन हैण्डलिंग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। [2012, 11]
उत्तर:
किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा में एक्सेप्शन हैण्डलिंग एक महत्त्वपूर्ण भाग होता है। यह एक ऐसी तकनीक है, जिसके द्वारा एक्सेप्शन नियन्त्रित की जाती है। इस तकनीक के द्वारा हम अवांछित घटनाओं या एरर्स को भी दूर कर सकते हैं। एक्सेप्शन हैण्डलिंग में निम्न कार्य होते हैं।

  1. एक्सेप्शन को हैण्डल करना या उस एरर का हल निकालना।
  2. एक्सेप्शन को थ्रो करना या बताना की प्रोग्राम में त्रुटि है।
  3. एक्सेप्शन को कैच करना या एरर सूचना को एकत्र करना।
  4. एक्सेप्शन को हिट करना या आकस्मिक (Undesirable) अवस्था को पहचानना।

प्रश्न 2
स्ट्रक्चर क्या होता है? स्ट्रक्चर में वैरिएबल को कैसे घोषित किया जाता है?
उत्तर
स्ट्रक्चर डाटा टाइप भिन्न-भिन्न प्रकार के वैरिएबलों के समूह को एक ही नाम से व्यक्त और उपयोग करने की सरल सुविधा है। विभिन्न प्रकार के परस्पर सम्बन्धित डाटा आइटमों का समूह स्ट्रक्चर कहलाता है।

स्ट्रक्चर में वैरिएबल को घोषित करना
प्रारूप struct structure_narte variable_name;

स्ट्रक्चर के वैरिएबल को स्ट्रक्चर के साथ भी घोषित किया जा सकता है।
प्रारूप
struct structure_name
{
Data_type variable1;
Date_type variable2;
……
……
Date_type variableN;
}
variable_name;

प्रश्न 3
पॉइण्टर पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। [2013, 08, 07, 06]
अथवा
एक पॉइण्टर से आप क्या समझते हैं? इसके लाभ बताइए। [2009]
उत्तर:
पॉइण्टर C++ प्रोग्रामिंग भाषा की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है। पॉइण्टर टाइप के वैरिएबल में किसी वैल्यू का मैमोरी एड्स रखा जाता है। यह मैमोरी एड्स कम्प्यूटर की मैमोरी में किसी डाटा या निर्देश को रखने वाली लोकेशन होती है। अतः हम पॉइण्टरों के द्वारा मैमोरी में स्टोर किए गए डाटा का उपयोग कर सकते हैं।

पॉइण्टर के लाभ निम्नलिखित हैं

  1. विभिन्न फंक्शन्स के मध्य पॉइण्टर का आदान-प्रदान करना।
  2. पॉइण्टर की सहायता से ऐरे को फंक्शन में पास करना।
  3. पॉइण्टर की सहायता से स्ट्रिग को फंक्शन में पास करना।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1
एक्सेप्शन क्या होती है? यह कितने प्रकार की होती है? उदाहरण सहित समझाइए।
अथवा
उदाहरण देकर C++ में Exception Handling को समझाइए। [2018]
उत्तर:
लॉजिकल अथवा सिण्टैक्स एरर के अतिरिक्त प्रोग्राम में जो एरर आती है, उसे एक्सेप्शन कहते हैं; जैसे-array को सीमा (Scope) से बाहर एक्सेस करना आदि। वह तकनीक जिसके द्वारा ये एक्सेप्शन नियन्त्रित की जाती है, एक्सेप्शन हैण्डुलिंग कहलाती है। इस तकनीक के द्वारा हम अवांछित घटनाओं या एरर्स को दूर भी कर सकते हैं। एक्सेप्शन दो प्रकार की होती है, जो निम्न हैं।

  • सिन्क्रोनस एक्सेप्शन इसके अन्तर्गत ओवरफ्लो व आउट ऑफ रेज प्रकार की एरर आती हैं।
  • असिन्क्रोनस एक्सेप्शन इसके अन्तर्गत प्रोग्राम के नियन्त्रण से बाहर की घटनाओं के प्रकार की एरर आती हैं।

उदाहरण
#include<iostream.h>
#include<conio.h>
void main( )
clrscr( );
int num1, num2;
float d;
cout<<“Enter first number:”;
cin>>num1;
cout<<“Enter second number:”;
cin>>num2;
try
{
if (num2!=0)
{
d=numi/num2;
cout<<“Divison=”<<d<<end1;
}
else
{
throw (num2);
}
catch(int x)
{
cout<<“There is an exception divide by zero. “<<end1;
}
getch( );
}

आउटपुट
Enter first number: 25
Enter second number: 0
There is an exception divide by zero.

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UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi छन्द

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Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Chapter 3
Chapter Name छन्द
Number of Questions 3
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi छन्द

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4. कुण्डलिया
लक्षण (परिभाषा)-कुण्डलिया एक विषम मात्रिक छन्द है जो छ: चरणों का होता है। दोहे और रोले को क्रम से मिलाने पर कुण्डलिया बन जाता है। इसके प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं। प्रथम चरण के प्रथम शब्द की अन्तिम चरण के अन्तिम शब्द के रूप में तथा द्वितीय चरण के अन्तिम अर्द्ध-चरण की तृतीय चरण के प्रारम्भिक अर्द्ध-चरण के रूप में आवृत्ति होती है; यथा—

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे लिखे पद्यों में निहित छन्द का नाम और परिभाषा (लक्षण) लिखिए
(क) बरबस लिये उठाइ उर, लायहु कृपानिधान ।
भरत राम को मिलनि लखि, बिसरे सबहि अपान ||
(ख) अब मया दिस्टि करि, नाह निठुर! घर आउ ।
मंदिर, ऊजर होत है, नव कै आड़ बसाउ ।।
(ग) नील सरोरुह स्याम, तरुन अरुन बारिज नयन |
करउ सो मम उर धाम, सदा छीर सागर सयन ।।
(घ) राम नाम मनि दीप धरि, जीह देहरी द्वार।।
तुलसी भीतर बाहिरौ, जो चाहसि उजियार ।।
(ङ) मंगल सगुन होहिं सब काहू। फरकहिं सुखद बिलोचन बाहू ।।
भरतहिं सहित समाज उछाहू। मिलिहहिं रामु मिटहि दुख दाह ।।
(च) निरखि सिद्ध साधक अनुरागे। सहज सनेह सराहन लागे ।।
होत न भूतल भाउ भरत को। अचर सचर चर अचर करत को ।।
(छ) राम सैल सोभा निरखि, भरत हुदन अति प्रेम् ।।
तापस तप फलु पाह जिमि, सुखी सिख नेम् ।।
(ज) सकल मलिन मन दीन दुखारी ।।
देखीं सानु आन अनुसारी ।।
(झ) समुझि मातु करजब सकुचाही। करत कुतरक कोटि मन माही।
रामु लखनु सिय सुनि मन जाऊँ। उठि जनि अनत जाहिं ताजिठाऊँ।।
(ञ) मंगल भवन अमंगलहारी। उमा सहित जेहिं जपत पुरारी ।।
उत्तर:
(क) दोहा
(ख) दोहा
(ग) सोरठा
(घ) दोहा
(ङ) चौपाई
(च) चौपाई
(छ) दोहा
(ज) चौपाई
(झ) चौपाई
(ज) चौपाई।
[संकेत–छन्दों की परिभाषा (लक्षण) के लिए ‘छन्द’ प्रकरण के अन्तर्गत सम्बन्धित छन्द का अध्ययन करें।]

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में कौन-सा छन्द है ? मात्राओं की गणना करके अपने कथन की पुष्टि कीजिए- :
(i) नील सरोरुह स्याम, तरुन अरुन वारिज नयन |
करहु सो मम उर धाम, सदाछीर सागर सयन ||
(ii) जून होत जग जनम भरत को। सकल धरम धुर धरनि धरत को।
(iii) मो सम दीन न दीन हित, तुम समान रघुवीर ।
अस बिचारि रघुबंस मनि, हरहु बिषम भवभीर ।।
(iv) यह वर माँगउ कृपा निकेता
बसहुँ हृदय श्री अनुज समेता ।।
(v) मंत्री गुरु अरु बैद जो, प्रिय बोलहिं भय आस ।।
राज, धरम, तन तीनि कर, होई बेगिही नास ।।
(vi) करौ कुबत जग कुटिलता, तर्जी न दीन दयाल ।
दुःखी होहुगे सरल हिय, बसत त्रिभंगीलाल ।।
(vii) श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि ।
बरनउ रघुवर, विमल जस, जो दायक फल चारि ।।
(vii) सुनि केवट के बैन, प्रेम लपेटे अटपटे ।
बिहँसे करुणा ऐन, चितै जानकी लखन तन ।।
(ix) रकत दुरा आँसू गरा, हाड़ भएउ सब संख।
धनि सारस होइ गरि मुई, पीउ समेटहि पंख
(x) बतरस-लालच लाल की, मुरली धरी लुकाय ।
सिह करै भौहनि हँसै, दैन कहें नटि जाय ।।
उत्तर:
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प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(क) सोरठा, दोहा और चौपाई छन्दों में से किसी एक का उदाहरण लिखकर उसका लक्षण बताई।
(ख) दोहा और सोरठा का अन्तर स्पष्ट करते हुए सोरठा का उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

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UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 19 इसे जगाओ (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 19 इसे जगाओ (मंजरी)

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समस्त पद्याशों की व्याख्या

भई, सूरज ………………….. खोया पड़ा है।

संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘इसे जगाओ’ शीर्षक कविता से उद्धत हैं, इसके रचयिता कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं।

प्रसंग – इस कविता में कवि ने मनुष्य को आलस्य छोड़ने और समय पर जागने की प्रेरणा दी है।

व्याख्या – कवि सूरज और पवन से कहता है कि यह मनुष्य जो बहुत समय से सोया हुआ है, इसे । जगाओ। अर्थात् सवेरा हो गया है लेकिन मनुष्य इस सच से अंजान अपने ही सपनों में खोया हुआ सो रहा है।

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भई पंछी,………….. भागेगा यह।

संदर्भ और प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – कवि पक्षियों से कहता है कि सोए पड़े हुए इस मनुष्य के कानों के पास जाकर चिल्लाओ ताकि ये जाग जाए। इसको जागना जरूरी है बल्कि इसका वक्त पर जागना जरूरी है। अन्यथा देर से जागने पर यह घबरा के उनको पाने के लिए भागेगा जो कि इससे आगे निकल गए हैं।

क्षिप्र गति …………….. कानों पर चिल्लाओ।

संदर्भ और प्रसंग – पूर्ववत् ।

व्याख्या – कवि कहता है कि घबरा के भागने और त्वरित गति यानी तुरंत भागने में अंतर है। त्वरित गति में मनुष्य सही समय का ध्यान रखते हुए सजगता के साथ भागता है, जबकि घबराहट में भागने में केवल (UPBoardSolutions.com) घबराहट होती है। इसलिए अरे! सूरज इसे जगा दो, पवन इसे झकझोर दो और पंछियों इसके कानों के पास , चिल्लाओ ताकि यह समय रहते जाग जाए।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1.
जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने वाले लोगों से मिलिए एवं उनके अनुभवों को लिखिए।
उत्तर :
बच्चे स्वयं करें। उदाहरण के लिए निम्नलिखित उत्तर देखें।

मैं एक बार भारतीय क्रिकेट के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मिली। मैंने उनके जीवन के अनुभव के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने मुझे बताया कि जीवन में उन्होंने जो भी उपलब्धियाँ यो सफलताएँ अर्जित की हैं, उनके पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। वे नींद और आलस्य का त्याग कर 18-18 घंटों तक अभ्यास किया करते थे और आज भी करते हैं। एक अच्छे विकेट कीपर बनने, श्रेष्ठ बल्लेबाज बनने और बेहतर कप्तान बनने के लिए उन्होंने अपने जीवन में अनुशासन और परिश्रम को सबसे ज्यादा महत्व दिया है।

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प्रश्न 2.
बच्चे स्वयं करें।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1.
कविता में सूरज, पंछी और पवन हमें सही समय पर जागने को प्रेरित कर रहे हैं। समय के नियोजन का हमारे जीवन में क्या महत्त्व है ? इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
समय के नियोजन का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। समय यदि एक बार चला जाता है तो उसे वापस नहीं लाया जा सकता है। इसलिए हमें जीवन में समय का सदुपयोग करना चाहिए, सारे काम (UPBoardSolutions.com) समय पर करने चाहिए। चाहे वह सुबह जागने का समय हो, विद्यालय जाने का समय हो, पढ़ाई करने का समय हो या खाना खाने या खेलने का समय हो। हर कार्य के लिए एक निश्चित समय निर्धारित कर हमें उसी समय के अनुसार चलना चाहिए। हम समय का सदुपयोग करने से ही जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
संसार में बहुत से भू-भाग ऐसे है जहाँ सूरज कई दिनों तक दिखाई नहीं देता है। चारों ओर फैले अंधकार और बर्फ के बीच लोग कैसे जीवनयापन करते होंगे ? कल्पना करें और वहाँ के जीवन के बारे में कुछ वाक्य लिखिए।
उत्तर :
संसार में बहुत से भू-भाग ऐसे हैं जहाँ सूरज कई दिनों तक दिखाई नहीं देता है। ऐसे में चारों ओर फैले अंधकार और बर्फ के बीच लोगों के लिए जीवन यापन करना बहुत मुश्किल हो जाता होगा। ऐसा ही एक शहर है, मूरमैन्स्क (रूस) जहाँ 40 दिनों तक लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं होते। यद्यपि यहाँ 40 दिनों तक लगातार रात रहती है। 40 दिनों तक यहाँ के निवासी कड़ाके की ठंड में जीने को मजबूर होते हैं। जरूरत की हर सामान के लिए उन्हें 40 दिनों तक कठिन संघर्ष करना पड़ता है।

इन दिनों इनकी दिनचर्या बदल जाती है, हर समय रात होने की वजह से यहाँ के रहने वाले लोगों को समय का पता भी नहीं चलता। और कभी घड़ी होने के बाद भी समय का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इन दिनों यहाँ के लोग घर में सुबह जैसा माहौल बनाने के लिए अलग-अलग तरह की लाइट और हल्के रंग के परदे लगाकर (UPBoardSolutions.com) रखते हैं। घर में सारी चीजों का रंग ऐसा रखा जाता है कि अँधेरे का एहसास न हो। उन दिनों इस शहर में चारों तरफ रोशनी की पूरी व्यवस्था की जाती है, यहाँ बर्फ काफी होती है, जिससे ठंड काफी बढ़ जाती है।

कविता से

प्रश्न 1.
कवि ने किन-किन माध्यमों से मनुष्यों को जगाने की बात की है ?
उत्तर :
कवि ने सूरज, पवन और पंछी के माध्यम से मनुष्य को जगाने की बात की है।

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प्रश्न 2.
मनुष्य को ‘वक्त पर जगाओ’ कहने से कवि का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
वक्त पर जगाओ से कवि का तात्पर्य है कि मनुष्य यदि वक्त रहते कर्तव्य और अपने लक्ष्य को पहचान ले, उन्हें निश्चित कर ले और उसे पाने के प्रयास आरंभ कर दे तो उसे सफलता अवश्य मिलेगी। वक्त पर जागना अर्थात वक्त रहते सँभलना भी है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पंक्तियों का आशय लिखिए

(क) जो सच से बेखबर, सपनों में खोया पड़ा है।
(ख) क्षिप्र तो वह जो सही क्षण में सजग है।

उत्तर :
(क) “जो सच से बेखबर सोया पड़ा है’- इस पंक्ति का अर्थ है कि मनुष्य अपनी वास्तविकता, अपने आसपास घट रही घटनाओं से अंजान बना अपने दिवास्वप्नों में खोया हुआ है। उसे अपने कर्तव्य का मान नहीं है, बस वह सपने देख रहा है, वे सपने कैसे सच होंगे इस ओर उसका ध्यान नहीं है।
(ख) क्षिप्र तो वह है जो सही क्षण में सजग है- इस पंक्ति में कवि का आशय यह है कि लोग दूसरों से आगे निकलने की होड़ में भागते हैं। पहले तो समय आँवा देते हैं पर जब उनको पता चलता है कि उनका साथी उनसे आगे आगे निकल गया तो वे आनन-फानन में भागते हैं उनकी बराबरी करने को परंतु कवि कहते हैं। कि आनन-फानन (UPBoardSolutions.com) में भागना त्वरित गति नहीं है। यानी इससे कोई फायदा नहीं है। सही समय पर सजगता के साथ आगे बढ़ना ही आपको लक्ष्य तक जल्दी पहुँचा सकता है।

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प्रश्न 4.
इस कविता को कोई अन्य मनचाहा शीर्षक दीजिए ?
उत्तर :
‘शीषर्कः समय रहते जागो’

भाषा की बात

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए – पवन, पंछी, वक्त, सजग, क्षिप्र
उत्तर :

  • पवन – हवा, वायु
  • पंछी – विहग, खग
  • वक्त – समय, काल
  • सजग – सचेत, सावधान
  • क्षिप्र – त्वरित, तुरंत

प्रश्न 2.
दिए गए शब्दों के तत्सम् रूप लिखिए- सूरज, हवा, सच, कान, सपना
उत्तर :

  • सूरज – सूर्य
  • हवा – वायु
  • सच – सत्य
  • कान – कर्ण
  • सपना – स्वप्न

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्यों के रिक्त स्थानों की पूर्ति रेखांकित शब्दों के विलोम शब्द से कीजिए –
उत्तर :

  1. अच्छे स्वास्थ्य के लिए समय से जागना तथा समय से सोना चाहिए।
  2. शिक्षा हमें सही और गलत का निर्णय करने में सहायक होती है।
  3. सच बोलने वाले झूठ से दूर रहते हैं।
  4. वक्त बेवक्त खाने से अनेक बीमारियाँ होती हैं।
  5. दौड़ में आगे देखना चाहिए पीछे मुड़कर नहीं।

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प्रश्न 4.
ध्यान से पढ़े और समझें ।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्यों में विभक्तियों को रेखांकित कीजिए एवं कारक का नाम लिखिए –

(क) जरा इस आदमी को जगाओ।
(ख) जो सच से बेखबर सपनों में खोया पड़ा है।
(ग) इसके कानों पर चिल्लाओ।
(घ) सूरज ने पवन को जगाया।
(ड.) महात्मा परोपकार के लिए जीवन बिताते हैं।

उत्तर :

(क) को – कर्म
(ख) से – अधिकरण अपादान
(ग) पर – अपादान
(घ) ने – कर्ता को – कर्म
(ङ) के लिए – संप्रदान

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