UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 26 बाबा गंभीरनाथ (महान व्यक्तित्व)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 26 बाबा गंभीरनाथ (महान व्यक्तित्व)

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पाठ का सारांश

बाबा गंभीरनाथ का जन्म जम्मू एवं कश्मीर राज्य के एक समृद्ध परिवार में हुआ था। ये बहुत ही सरल स्वभाव के थे। युवावस्था में ही इन्हें सांसारिक जीवन से वैराग्य उत्पन्न हो गया। नाथ संप्रदाय के एक संन्यासी ने इन्हें उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर के महंत से दीक्षा लेने की सलाह दी। गंभीरनाथ उस नाथ संन्यासी की सलाह को मानकर गोरखपुर के गोरक्षपीठ के महंत बाबा गोपाल नाथ जी से मिले और उनसे दीक्षा प्राप्त की। (UPBoardSolutions.com) इन्होंने गोरक्षपीठ में रहकर अनेक हिंदू धर्मग्रंथों का गहनता से अध्ययन किया। इन्होंने अनेक तीर्थ स्थलों की यात्रा की। इन्होंने अपने सिधियों का उपयोग केवल मानव कल्याण के लिए किया। बाबा गंभीरनाथ बहुत अच्छा सितार बजाते थे तथा सितार की धुन पर भजनों का सुंदर गायन करते थे। उनका मानना था कि सदा सत्य बोलना चाहिए। छल-प्रपंच से दूर रहना चाहिए। समस्त धर्मों और संतों का आदर करना चाहिए। मानवता का कल्याण करते हुए अंत में बाबा गंभीरनाथ ने 21 मार्च, 1917 को अपना नश्वर शरीर त्याग दिया। गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के गोरक्षनाथ मंदिर के दिव्य, शांतिमय और पवित्र प्रांजण में ही उनकी समाधि स्थापित है, जो शाश्वत, सत्य और शांति का प्रतीक है।

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अभ्यास-प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए

प्रश्न 1:
संपूर्ण भारत के ‘नाथ सम्प्रदाय’ के मठों एवं (UPBoardSolutions.com) मंदिरों की देखरेख कहाँ से की जाती है?
उत्तर:
संपूर्ण भारत के नाथ सम्प्रदाय के मठों एवं मंदिरों की देखरेख गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर से की जाती है।

प्रश्न 2:
गुरु गंभीरनाथ ने किससे दीक्षा प्राप्त की?
उत्तर:
बाबा गंभीरनाथ ने गोरखपुर के गोरक्षपीठ के महंत बाबा गोपालनाथ जी से दीक्षा प्राप्त की।

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प्रश्न 3:
गुरु गंभीरनाथ ने नाथ सम्प्रदाय के किस सिद्धांत (UPBoardSolutions.com) को पुनर्जीवित किया?
उत्तर:
बाबा गंभीरनाथ ने नाथ संप्रदाय के योग सिद्धांत को पुनर्जीवित किया।

प्रश्न 4:
बाबा गंभीरनाथ कौन सा वाद्ययंत्र बजाकर भजनों का गायन करते थे?
उत्तर:
बाबा गंभीरनाथ सितार बलाकरं भजनों का गायन करते थे।

प्रश्न 5:
बाबा गंभीरनाथ ने अपने अनुयायियों से किन कर्तव्यों का पालन करने के लिए कहा?
उत्तर:
बाबा गंभीरनाथ ने अपने अनुयायियों से कहा कि साधु संतों का आदर-सम्मान सेवा करना आप सभी का कर्तव्य होना चाहिए।

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प्रश्न 6:
बाबा गंभीरनाथ का पवित्र समाधि स्थल (UPBoardSolutions.com) कहाँ स्थित है?
उत्तर:
बाबा गंभीरनाथ का पवित्र समाधि स्थल गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के गोरक्षनाथ मंदिर के पवित्र प्रांगण में स्थित है।

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प्रश्न 7:
‘योगिवर गंभीरनाथ’ पुस्तक की रचना किसने की है?
उत्तर:
उनके परम शिष्य श्री अक्षय कुमार बेद्दोपाध्याय ने (UPBoardSolutions.com) ‘योगिवर गंभीरनाथ’ नामक पुस्तक की रचना की

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UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science Chapter 7 मुख्य फसलों की खेती

UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science Chapter 7 मुख्य फसलों की खेती

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अभ्यास

प्रश्न 1.
सही उत्तर पर सही (✓) का निशान लगायें

(1) धान की खेती होती है –

(क) खरीफ ✓
(ख) रबी
(ग) जायद
(घ) इनमें से कोई नहीं

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(2) धान की नर्सरी लगायी जाती है –

(क) मई के अंतिम सप्ताह में ✓
(ख) जून के अंतिम सप्ताह में
(ग) जुलाई के प्रथम सप्ताह में
(घ) इनमें से कोई नहीं

(3) खरीफ की प्रमुख फसल है –

(क) धान ✓
(ख) गेहूँ
(ग) चना
(घ) मटर

(4) धान की सीधी बुवाई में प्रजाति का प्रयोग करते हैं –

(क) साकेत – 4 ✓
(ख) सरजू-52
(ग) आई आर – 8
(घ) उपर्युक्त सभी

(5) सुगंधित धान की प्रजाति है –

(क) टा-3
(ख) बासमती-370
(ग) पूसा बासमती – 1
(घ) उपर्युक्त सभी ✓

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(6) मक्का की खेती की जाती है –

(क) खरीफ
(ख) रबी
(ग) जायद
(घ) उपर्युक्त सभी में ✓

(7) मक्का की खेती के लिए उपयुक्त भूमि होती है –

(क) दोमट ✓
(ख) चिकनी मिट्टी
(ग) भावर मिट्टी
(घ) इसमें से कोई नहीं

(8) संकर मक्का की प्रजाति है –

(क) गंगा – 2
(ख) गंगा – 11
(ग) डेकन – 107
(घ) उपर्युक्त सभी ✓

(9) संकुल मक्का की प्रजाति है –

(क) नवीन
(ख) कंचन
(ग) श्वेता
(घ) उपर्युक्त सभी ✓

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(10) उड़द फसल है –

(क) दलहनी ✓
(ख) तिलहनी
(ग) दलहनी एवं तिलहनी दोनों
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

(11) कुफरी चन्द्रमुखी प्रजाति है –

(क) मक्का
(ख) आलू
(ग) मूंग
(घ) अरहर ✓

(12) सरसो में तेल पाया जाता है –

(क) 30 – 40% ✓
(ख) 20 – 22%
(ग) 10 – 12%
(घ) इसमें से कोई नहीं

(13) अरहर की उपज होती है –

(क) 20-25 कुन्तल प्रति हेक्टेयर ✓
(ख) 34-66 कुन्तल प्रति हेक्टेयर
(ग) 35-40 कुन्तल प्रति हेक्टेयर
(घ) उपर्युक्त सभी ठीक है।

(14) आलू की फसल तैयार होती है

(क) 120-125 दिन में ✓
(ख) 230-235 दिन में
(ग) 215-220 दिन में
(घ) उपर्युक्त सभी ठीक है।

(15) गेहूं के अच्छे उत्पादन हेतु भूमि की आवश्यकता होती है –

(क) दोमट मिट्टी ✓
(ख) बलुई दोमट मिट्टी
(ग) चिकनी मिट्टी
(घ) इसमें से कोई नहीं

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प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. धान खरीफ की फसल है।
  2. रोपाई के लिए धान की उपयुक्त प्रजाति नरेन्द्र-97 अच्छी है।
  3. सुगंधित धान की उपयुक्त प्रजाति टा-3 है।
  4. एक हेक्टेयर नर्सरी में जिंक सल्फेट 5 किग्रा प्रयोग किया जाता है।
  5. धान की रोपाई 3, 4 सेमी गहराई पर करते हैं।
  6. देशी मक्का की बीज दर 18 से 20 किग्रा प्रति हेक्टेयर है।
  7. सोयाबीन में 40 से 42 % प्रोटीन पाई जाती है।
  8. गेहूं की फसल में 5-6 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है।
  9. मटर की बुवाई 3-4 सेमी गहराई पर की जाती है।
  10. अरहर की बुवाई 7.5 सेमी गहराई पर की जाती है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथनों में सही के सामने सही (✓) तथा गलत के सामने गलत (✗) का निशान लगाइए –

  1. धान की खेती केवल रोपाई विधि द्वारा की जाती है। (✗)
  2. धान की नर्सरी में खैरा रोग से बचाव हेतु जिंक का प्रयोग आवश्यक है। (✓)
  3. एक हेक्टेयर धान की नर्सरी से 15 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई की जा सकती है। (✓)
  4. देशी मक्का का बीज दर संकुल मक्का से कम होता है। (✓)
  5. मक्का की खेती के लिए उपयुक्त भूमि दोमट होती है। (✓)
  6. मक्का तीनों ऋतुओं में उगायी जाती है। (✓)
  7. संकर एवं संकुल मक्का के लिए 80 किग्रा नाइट्रोजन का प्रयोग किया जाता है। (✗)
  8. मक्का की फसल को गिरने से बचाने के लिए मिट्टी चढ़ाना आवश्यक है। (✓)
  9. अलंकार उड़द की प्रजाति है। (✗)
  10. सरसों से तेल निकाला जाता है। (✓)
  11. उड़द की फसल में राइजोबियम कल्चर का प्रयोग करना चाहिए। (✓)
  12. गेहूं में प्रोटीन नहीं पाया जाता है। (✗)

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में स्तम्भ ‘क’ को स्तम्भ ‘ख’ से सुमेल कीजिए – (सुमेल करके)
उत्तर :
UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science Chapter 7 मुख्य फसलों की खेती 1

प्रश्न 5.
(1) सिंचित दशा में धान की फसल में नाइट्रोजन की मात्रा बताइए।
उत्तर :
120 किग्रा०

(2) सुगन्धित थान की दो प्रजातियों के नाम लिखिए।
उत्तर :
टा-3, बासमती-370

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(3) धान की रोपाई के समय नाइट्रोजन की कितनी मात्रा प्रयोग करनी चाहिए।
उत्तर :
60 किग्रा० प्रति हेक्टेयर

(4) धान की उन्नतशील फसल के लिए फॉस्फोरस की मात्रा बताइए।
उत्तर :
60 किग्रा० प्रति हेक्टेयर

(5) महीन थान की नर्सरी के लिए बीज की प्रति हेक्टेयर मात्रा बताइए।
उत्तर :
30 किग्रा०

(6) एक हेक्टेयर धान की नर्सरी से कितने हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई की जाती है?
उत्तर :
15 हेक्टेयर

(7) नर्सरी में खैरा रोग से नियन्त्रण हेतु कितनी जिंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर प्रयोग की जाती है?
उत्तर :
5 किग्रा०

(8) धान की रोपाई के समय एक स्थान पर कितने पौधे लगाए जाते हैं?
उत्तर :
2-3 पौधे

(9) संकर मक्का की दो प्रजातियों का माम बताइए।
उत्तर :
गंगा-2, गंगा-11

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(10) देशी मक्का की बुवाई के लिए बीज की प्रति हेक्टेयर मात्रा बताइए।
उत्तर :
18-20 किग्रा०

(11) संकर एवं संकुल प्रजातियों के लिए बीज की प्रति हेक्टेयर कितनी मात्रा प्रयोग की जाती है।
उत्तर :
20-25 किग्रा०

(12) मक्के की बुवाई कितनी गहराई पर करते हैं?
उत्तर :
5 सेमी०

(13) मक्के के खेत में दीमक के नियन्त्रण हेतु किस कीटनाशक का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर :
20 से 25 किग्रा० रेत के साथ 2% मिथाइल पैराथियान छिड़काव प्रति हेक्टेयर करना चाहिए।

(14) गेहूं की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए नाइट्रोजन की कितनी मात्रा प्रयोग करनी चाहिए?
उत्तर :
120 किग्रा० प्रति हेक्टेयर

(15) गेहूं की फसल के लिए नाइट्रोजन फॉस्फोरस एवं पोटाश की मात्रा प्रति हेक्टेयर बताइए।
उत्तर :
120 किग्रा० नाइट्रोजन, 60 किग्रा० फास्फोरस, 40 किग्रा० पोटाश।

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(16) उड़द को बुवाई से पूर्व किस रसायन से उपचारित करते हैं?
उत्तर :
उड़द को बुवाई से पूर्व अच्छी पैदावार व सही बढ़ोतरी के लिए राइजोबियम जैसे रसायन से उपचारित करते हैं।

(17) मूंग की बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर कितने किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है?
उत्तर :
मूंग की बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर 15-20 किग्रा0 बीज की आवश्यकता होती है।

(18) सरसो की बुवाई का उपयुक्त समय बताइये।
उत्तर :
सरसो की बुवाई सितम्बर से अक्टूबर के महीने में करनी चाहिए।

प्रश्न 6.
धान की नर्सरी तैयार करने की विधि बताइए।
उत्तर :
नर्सरी –  एक हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई के लिए महीन धान का 30 किग्रा०, मध्यम धान का 35 किग्रा० और मोटे धान का 40 किग्रा बीज पौधा तैयार करने के लिए पर्याप्त होता है एक हेक्टेयर नर्सरी में। 15 हेक्टेयर की रोपाई होती है। नर्सरी में पौधों की उचित बढ़वार के लिए 100 किग्रा० नाइट्रोजन, 50 किग्रा० । फॉस्फोरस प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए। नर्सरी में खैरा रोग नियन्त्रण हेतु 5 किग्रा० (UPBoardSolutions.com) जिंक सल्फेट का 2% यूरिया के साथ घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करना चाहिए। नर्सरी में कीड़ों के बचाव हेतु क्लोरोपाइरीफारस 20 ईसी (Emultion Concentrate) को 1.5 लीटर को 800 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।

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प्रश्न 7.
धान की रोपित फसल में फसल सुरक्षा के क्या उपाय किए जाते हैं?
उत्तर :
फसल सुरक्षा – धान के खेत में रोपाई से कटाई तक अनेक कीड़े व रोग लगते हैं। ये कीड़े दीमक, गंधी बग, सैनिक कीट, हरा फुदका, पत्ती लपेट कीट तथा तना छेदक आदि हैं।

5% मैलाथियान धूल का 20 से 25 किग्रा० प्रति हेक्टेयर फसलों पर छिड़काव करें। सैनिक कीट नियन्त्रण इंडोसल्फान 35 ई०सी० का छिड़काव किया जाता है। जिंक की कमी से खैरा रोग होता है। 5 किग्रा० जिंक सल्फेट तथा 2.5 किग्रा बुझा हुआ चूना अथवा 20 किग्रा यूरिया 1000 ली० पानी में (UPBoardSolutions.com) घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़कावं करना चाहिए। झुलसा रोग के उपचार के लिए 15 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन व कॉपर ऑक्सीक्लोराइड की 500 ग्राम मात्रा को 1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर 2 से 3 बार छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 8.
धान की फसल में खाद एवं उर्वरक की मात्रा प्रति हेक्टेयर बताइए तथा देने की विधि भी लिखिए।
उत्तर :
धान की फसल में उर्वरकों का प्रयोग मृदा परिरक्षण के आधार पर किया जाता है। सिंचित दशा में नाइट्रोजन 120 किग्रा०, फॉस्फोरस 60 किग्रा० एवं पोटाश 60 किग्रा० प्रति हेक्टेयर देना चाहिए। नाइट्रोजन की आधी मात्रा तथा फॉस्फोरस व पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के एक या दो दिन बाद खेत में देनी चहिए। नाइट्रोजन की शेष मात्रा कल्ले निकलते समय एवं बालियाँ निकलने से पूर्व छिड़क देनी चाहिए।

धान की सीधी बुवाई मैं – नाइट्रोजन 100 किग्रा०, फॉस्फोरस 50 तथा पोटाश 50 किग्रा० प्रति हेक्टेयर दिया जाता है। नाइट्रोजन की एक चौथाई मात्रा तथा फॉस्फोरस व पोटाश की (UPBoardSolutions.com) पूरी मात्रा कैंडों में बीज के नीचे डालना चाहिए। नाइट्रोजन का दो चौथाई भाग कल्ले फटते समय तथा शेष बाली बनने से पूर्व प्रयोग करना चाहिए।

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प्रश्न 9.
मक्का में लगने वाले रोग एवं उनसे बचाव के उपाय लिखिए।
उत्तर :
मक्का में झुलसा रोग लगता है। इसके उपचार हेतु 2 से ढाई किग्रा० इंडोफिल एम-45 को 800-1000 ली० पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर 2-3 छिड़काव करने चाहिए। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में तना सड़न रोग होता है। जिसके उपचार के लिए 15 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन को 1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने से रोग नियंत्रित हो जाता है।

प्रश्न 10.
मक्का की फसल में खाद एवं उर्वरक की मात्रा प्रति हेक्टेयर एवं प्रयोग की विधि लिखिए।
उत्तर :
विद्यार्थी प्रश्न 9. का उत्तर देखें।

प्रश्न 11.
सोयाबीन से कौन-कौन से व्यंजन तैयार किए जाते हैं?
उत्तर :
सोयाबीन से दूध, दही, मगौड़ी, बड़ियाँ इत्यादि पौष्टिक पेय एवं खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं।

प्रश्न 12.
सोयाबीन की फसल में खाद एवं उर्वरक की आवश्यकता एवं प्रयोग करने की विधि लिखिए।?
उत्तर :
सोयाबीन की अच्छी पैदावार हेतु 15-20 किंग्रा० नाइट्रोजन, 40-60 किग्रा० फॉस्फोरस तथा 30-40 किग्रा० पोटाश प्रति हेक्टेयर प्रयोग करते हैं। उर्वरक की पूरी मात्रा अंतिम जुताई (UPBoardSolutions.com) पर हल के पीछे कूड़ों में 6-7 सेमी गहराई पर डालनी चाहिए।

प्रश्न 13.
गेहूं की खेती के लिए खाद एवं उर्वरक की मात्रा तथा प्रयोग करने की विधि बताइए।
उत्तर :
गेहूँ के लिए खाद एवं उर्वरक का प्रयोग- गेहूँ फसल के लिए 120 किग्रा० नाइट्रोजन, 60 किग्रा० फॉस्फोरस तथा 40 किग्रा० पोटाश प्रति हेक्टेयर प्रयोग करना चाहिए। नाइट्रोजन की आधी मात्रा तथा बाकी दो की पूरी मात्रा बीज के साथ कैंड़ में 5 सेमी० गहराई पर देनी चाहिए तथा शेष (UPBoardSolutions.com) नाइट्रोजन दो भागों में कल्ले निकलते समय तथा बालियाँ बनते समय देनी चाहिए। नाइट्रोजन शाम को खड़ी फसल में दी जाती है। सिंचाई के बाद जब पैर का हलका निशान बने तब यूरिया लगाना चाहिए।

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प्रश्न 14.
मटर की सिंचित असिंचित क्षेत्र में खेती हेतु उर्वरक की मात्रा एवं प्रयोग विधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
मटर की खेती में कम्पोस्ट खाद लगाने के बाद 25-30 किग्रा० नाइट्रोजन, 50-60 किग्रा० फॉस्फोरस तथा 40-50 किग्रा० पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से लगाना चाहिए।

प्रश्न 15.
मटर की फसल में लगने वाले महत्त्वपूर्ण कीड़ों एवं बचाव के उपाय बताइए।
उत्तर :
मटर में चूँड़ियों से नियन्त्रण हेतु दो किलो मैलाथियान, 50% घुलनशील चूर्ण 800-1000 ली० पानी में घोलकर छिड़कना चाहिए अथवा मैलाथियान 50 ई०सी० की 1 ली० पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़कना चाहिए।

फली छेदक कीटक के अलावा पत्ती में सुरंग बनाने वाले कीट भी लगते हैं। इनके नियन्त्रण हेतु मेटासिस्टक्स 25 ई०सी० 1 लीटर दवा 1000 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर दर से छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 16.
गेहूं की फसल में सिंचाई प्रबन्धन का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
सामान्यतः गेहूँ में 5-6 सिंचाई की आवश्यकता होती है। पहली सिंचाई बोने के 20-25 दिन बाद की जाती है, जो महत्त्वपूर्ण होती है। इसके बाद आवश्यकतानुसार सिंचाई करते (UPBoardSolutions.com) रहना चाहिए। अंतिम सिंचाई से पहले वाली सिंचाई दूधिया अवस्था में करनी चाहिए। अन्त में हलकी सिंचाई दाना पकते समय करनी चाहिए।

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प्रोजेक्ट कार्य
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 15 तानसेन (महान व्यक्तित्व)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 15 तानसेन (महान व्यक्तित्व)

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पाठ का सारांश

तानसेन स्वामी हरिदास के शिष्य थे। इन्होंने दस वर्ष तक बालक तानसेन को संगीत की शिक्षा दी। बचपन में तानसेन का नाम तन्ना मिश्र था। इनके पिता का नाम मकरन्द मिश्र था। रागों-रागिनियों में निपुण होने के बाद तन्ना मिश्र ‘तानसेन’ नाम से प्रसिद्ध हुए। (UPBoardSolutions.com) संगीत के पूर्ण ज्ञान के लिए स्वामी हरिदास ने तन्ना को स्वामी हजरत मुहम्मद गौस के पास भेजा। पर्याप्त संगीत शिक्षण के बाद तानसेन स्वामी हरिदास के पास मथुरा लौट आए। तानसेन ने स्वामी जी से ‘नाद’ विद्या सीखी। रीवाँ नरेश के दरबार में अकबर ने इनका संगीत सुना और उन्होंने तानसेन को अपने नवरत्नों में स्थान दिया।तानसेन के विषय में अनेक किंवदन्तियाँ प्रचलित हैं। अकबर के कहने से तानसेन ने दीपक राग गाया। दरबार के सब दीपक जलने लगे ओर अग्नि की लपटों से दरबार में हाहाकार मच गया। तानसेन की पुत्री सरस्वती ने मल्हार राग गाकर अग्नि शान्त की।
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एक बार अकबर ने आगरा के पास संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया। एक साधुवेशधारी गायक ने तानसेन का मुकाबला किया। तानसेन की स्वरलहरी से हिरण दौड़े आए। तानसेन ने एक मृग के गले में माला डाल दी। गाना बन्द होने पर हिरण भाग गए। (UPBoardSolutions.com) साधुवेशधारी गायक ने ‘मृगरंजनी’ राग गाकर माल पड़े हिरण को बुला दिया। साधुवेशधारी गायक ने फिर राग आलापना शुरू किया, जिससे पत्थर पिघलने लगा। यह अनहोनी देखकर तानसेन नतमस्तक हो गए और अपने गुरुभाई बैजनाथ (बैजू बावरा) को. पहचानकर गले लगाया।
तानसेन संगीत दुनिया के सम्राट माने जाते हैं। इन्होंने दरबारी, तोड़ी, मियाँ की मल्हार, मियाँ की सारंग आदि राग-रागिनियों की रचना की। सन् 1589 ई० में इस महान गायक का निधन हो गया। ग्वालियर में इनकी समाधि बनी है।

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1:
तानसेन का वास्तविक नाम क्या था?
उत्तर:
तानसेन का वास्तविक (UPBoardSolutions.com) नाम तन्ना मिश्र था।

प्रश्न 2:
तानसेन ने संगीत किन-किन लोगों से सीखा?
उत्तर:
तानसेन ने संगीत स्वामी हरिदास और स्वामी हजरत मुहम्मद गौस से सीखा।

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प्रश्न 3:
अकबर का तानसेन से परिचय कैसे हुआ?
उत्तर:
अकबर ने रीवाँ नरेश के दरबार में तानसेन (UPBoardSolutions.com) का गाना सुना, वहीं दोनों परिचय हुआ।

प्रश्न 4:
तानसेन की सफलता का मूल आधार क्या है?
उत्तर:
तानसेन की सफलता का मूल आधार उनकी कार्य के प्रति निष्ठा तथा निरन्तर कठिन अभ्यास ।’ की आदत थी।

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प्रश्न 5:
सही विकल्प छाँटकर लिखिए (सही विल्कप छाँटकर)
(क) तानसेन को सर्वप्रथम संगीत की शिक्षा (UPBoardSolutions.com)

  • स्वामी नरहरिदास ने दी थी।
  •  स्वामी हरिदास ने दी थी।
  •  हजरत मुहम्मद गौस ने दी थी।
  • रीवाँ नरेश ने दी थी।

(ख) संगीत से प्रभावित होकर अकबर ने तानसेन को

  •  पुरस्कार दिया ।
  •  संगीत शिक्षक बना दिया।
  •  मंत्री बना दिया।
  •  नवरत्नों में स्थान दिया।

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प्रश्न 6:
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)
• संगीत की विभिन्न (UPBoardSolutions.com) रागों-रागिनियों में पारंगत होने के बाद तन्ना मिश्र तानसेन नाम से विख्यात हुए।
• तानसेन की सफलता का मूल आधार उनकी कार्य के प्रति निष्ठा तथा निरन्तर कठिन अभ्यास की आदत थी।
• कठोर परिश्रम एवं लगन से व्यक्ति निश्चय ही उन्नति के शिखरों पर चढ़ सकता है।

योग्यता विस्तार:
नोट: छात्र अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 6 Home Craft Chapter 2 स्वच्छता

UP Board Solutions for Class 6 Home Craft Chapter 2 स्वच्छता

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 6 Home Craft. Here we have given UP Board Solutions for Class 6 Home Craft Chapter 2 स्वच्छता.

स्वच्छता

अभ्यास

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) घर की नाली को बंद रखना चाहिए। (खुला, बंद)
(ख) घर की पुताई वार्षिक करनी चाहिए। (प्रतिदिन, साप्ताहिक, मासिक, वार्षिक)
(ग) बंद शौचालय का प्रयोग करना चाहिए। (बंद, खुला)

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प्रश्न 2.
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न-
(क) विश्व शौचालय दिवस कब मनाया जाता है ?
उत्तर
विश्व शौचालय दिवस 19 नवम्बर को मनाया जाता है ?

(ख) आकस्मिक स्वच्छता के अंतर्गत कौन-कौन सी सफाई की जाती हैं ?
उत्तर
आकस्मिक स्वच्छता के अंतर्गत ऋतु-परिवर्तन तथा शादी-विवाह के अवसर पर होने वाली सफाई आती है।

प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न-
(क) हरे तथा नीले रंग के कूड़ेदान का प्रयोग क्यों करते है ?
उत्तर
गीले कचरे फेंकने के लिए हरे रंग के कूड़ेदान तथा सूखे कचरे फेंकने के लिए नीले रंग के कूड़ेदान का प्रयोग किया जाता है।

(ख) सफाई का क्या अर्थ है? ।
उत्तर
सफाई का अर्थ गंदगी को दूर करना तथा प्रत्येक वस्तु को साफ कीटाणु रहित तथा । व्यवस्थित रखना है।

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(ग) खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों के नाम लिखिए।
उत्तर
खुले में शौच करने से हानिकारक कीटाणु हवा में तेजी से (UPBoardSolutions.com) फैलते हैं और इससे दस्त, टायफायड, आँतों में कीड़े, मलेरिया, पीलिया, टिटनेस आदि रोग हो जाते हैं।

प्रश्न 4.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-
(क) पॉलिथीन के प्रयोग से क्या-क्या हानियाँ होती हैं ?
उत्तर
पॉलिथीन का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ये जमीन के अंदर गल नहीं पाती एवं मिट्टी की उपज़ क्षमता को कम कर देती है। इसे जलाने से जहरीली गैसें चारों तरफ फैलती हैं। ज़िससे श्वास तथा त्वचा संबंधी बीमारियाँ होती हैं। यह नदी-नाले में जाकर उनके बहाव को रोक देती है जो गंदगी, (UPBoardSolutions.com) बीमारी एवं बाढ़ का कारण बनती है।

(ख) घरेलू कूड़े-कचरे के निपटारे का सही तरीका क्या है ?
उत्तर
घरेलू कूड़े-कचरे के निपटारे का सही तरीका है-जमीन में गड्ढा खोदकर उसमें कूड़ा-कचरा डालकर ऊपर से मिट्टी डाल कर दबा देना। हमें घर की नियमित सफाई के साथ-साथ

घर के कूड़े-कचरे को ढक्कनदार कूड़ेदान में डालना चाहिए। घर के आस-पास कीटाणुनाशक दवा डालनी चाहिए जिससे कीटाणु न पनप सकें।

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प्रोजेक्ट कार्य :                          नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 8 महावीर स्वामी (महान व्यक्तित्व)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 8 महावीर स्वामी (महान व्यक्तित्व)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 7 Hindi . Here we have given UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 8 महावीर स्वामी (महान व्यक्तित्व).

पाठ का सारांश

महावीर स्वामी के बचपन का नाम वर्द्धमान था। इनका जन्म 599 ईसा पूर्व में वैशाली (उत्तरी बिहार) के अन्तर्गत कुन्डग्राम में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ तथा माता का नाम त्रिशला देवी था। (UPBoardSolutions.com) वर्द्धमान बाल्यकाल से ही बुद्धिमान, सदाचारी और विचारशील थे। नाना प्रकार के सांसारिक सुख-साधून होते हुए भी इनकी आत्मा में बेचैनी थी। इसी बीच वर्द्धमान के पिता का देहान्त हो गया। इससे वर्द्धमान को अत्यन्त दुख हुआ। सांसारिक मोह, माया को त्याग कर वर्द्धमान ने अपने बड़े भाई नन्दिवर्द्धन की आज्ञा लेकर संन्यास ले लिया। ये सत्य और शान्ति की खोज में निकल पड़े। इसके लिए इन्होंने तपस्या का मार्ग अपनाया। इनका विचार था कि कठोर तपस्या से ही मन में छिपे काम, क्रोध, लोभ, मद तथा मोह को समाप्त किया जा सकता है। बारह वर्षों की कठिन तपस्या के पश्चात् इन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। कठोर तपस्या के कष्टों को सफलतापूर्वक झेलने तथा इन्द्रियों को वश में कर लेने के कारण वे ‘महावीर’ कहलाने लगे।
जैनियों की मान्यता के अनुसार जैन धर्म में महावीर से पूर्व तेईस अन्य तीर्थंकर हुए हैं। महावीर इस । धर्म के अन्तिम तीर्थंकर थे। ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् महावीर स्वामी तीस वर्ष तक अपने धर्म का प्रचार बहुत उत्साह से करते रहे।
महावीर स्वामी के उपदेशों का जन साधारण पर गहरा प्रभाव पड़ा। (UPBoardSolutions.com) इन्होंने एक ऐसा मार्ग दिखाया जिस पर चलकर लोग मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। महावीर के अनुसार तीन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण बातें मनुष्य को मोक्ष-मार्ग पर ले जाती हैं। इसी को जैन धर्म में ‘त्रिरत्न’ कहा गया है। ये हैं- सम्यक् दर्शन (सही बात पर विश्वास), सम्यक् ज्ञान (सही बात का ज्ञान) तथा सम्यक् चरित्र (उचित कर्म)। महावीर स्वामी कर्मकाण्ड, यज्ञ और अनुष्ठान पर विश्वास नहीं करते थे। शुद्ध आचरण के लिए इन्होंने ‘पंच महाव्रतों सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का विधान समाज के सम्मुख प्रस्तुत किया।
बहत्तर वर्ष की अवस्था में महावीर स्वामी पाटलिपुत्र (पटना) के निकट पावापुरी नामक स्थान पर बीमार पड़े और यहीं इन्हें निर्वाण प्राप्त हुआ।

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अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1:
महावीर स्वामी का जन्म कब हुआ? इनके माता-पिता कौन थे?
उत्तर:
महावीर स्वामी का जन्म 599 ईसा पूर्व वैशाली (UPBoardSolutions.com) (उत्तरी बिहार) के अन्तर्गत कुन्डग्राम में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ तथा माता का नाम त्रिशला देवी था।

प्रश्न 2:
महावीर स्वामी के बाल जीवन के क्या अनुभव थे?
उत्तर:
कठोर तपस्या से ही मन में छिपे काम, क्रोध, लोभ, मद तथा मोह को समाप्त किया जा सकता है। यही महावीर स्वामी के बाल जीवन का अनुभव था।

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प्रश्न 3:
इन्हें महावीर क्यों कहा जाने लगा?
उत्तर:
कठोर तपस्या के कष्टों को सफलतापूर्वक झेलने तथा (UPBoardSolutions.com) इन्द्रियों को अपने वश में कर लेने के कारण इन्हें ‘महावीर’ कहा जाने लगी।

प्रश्न 4:
वर्धमान की वेदना के कौन-कौन से मुख्य कारण थे?
उत्तर:
समाज में प्रचलित आडम्बर, ऊँच-नीचे की भावना, चरित्र-पतन तथा जीव हत्या वर्धमान क्री वेदना के मुख्य कारण थे। ”

प्रश्न 5:
जैन धर्म की मुख्य बातों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जैन धर्म की मुख्य बातें मनुष्य को मोक्ष-मार्ग पर ले जाती हैं। (UPBoardSolutions.com) इन्हें ही जैन धर्म में ‘त्रिरत्न’ कहा गया है। ये हैं- सम्यक् दर्शन (सही बात पर विश्वास), सम्यक् ज्ञान (सही बात का ज्ञान) तथा सम्यक् चरित्र (उचित कर्म)।।

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प्रश्न 6:
सही कथन के सामने सही (✓) तथा गलत कथन के सामने गलत (✘) का निशान लगाएँ
(क) महावीर स्वामी जैन धर्म के प्रचारक थे। (✓)
(ख) दुख जीतने का मार्ग दिखाने वाले को तीर्थंकर कहते हैं। (✓)
(ग) सम्यक खेती, सम्यक ज्ञान, (UPBoardSolutions.com) सम्यक चरित्र जैन धर्म के त्रिरत्न हैं। (✓)
(घ) महावीर स्वामी के बचपन का नाम सिद्धार्थ था। (✘)

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