UP Board Solutions for Class 9 Hindi पाठ्य-पुस्तक में दिये गये प्रश्न और उनके उत्तर

UP Board Solutions for Class 9 Hindi पाठ्य-पुस्तक में दिये गये प्रश्न और उनके उत्तर

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘रानी केतकी की कहानी’ के लेखक का नाम बताइए।
उत्तर :
इंशा अल्ला खाँ ने ‘रानी केतकी की कहानी’ की रचना की।

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प्रश्न 2.
हिन्दी के प्रथम मौलिक उपन्यास का नाम बताइए।
उत्तर :
हिन्दी का प्रथम मौलिक उपन्यास लाला श्रीनिवासदास द्वारा लिखित परीक्षागुरु’ है।

प्रश्न 3.
भारतेन्दु युग के दो निबन्धकारों के नाम लिखिए।
उत्तर :
भारतेन्दु युग के दो निबन्धकार हैं-

  • प्रतापनारायण मिश्र
  • बालकृष्ण भट्ट।

प्रश्न 4.
द्विवेदी युग के दो निबन्धकारों के नाम लिखिए।
उत्तर :
द्विवेदी युग के दो निबन्धकार हैं-

  • श्यामसुन्दर दास
  • अध्यापक पूर्णसिंह।

प्रश्न 5.
भारतेन्दु युग के तीन नाटकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
भारतेन्दु युग के तीन नाटक हैं-

  • भारत-दुर्दशा
  • सत्य हरिश्चन्द्र
  • चन्द्रावली।

प्रश्न 6.
संकलन त्रय का क्या अर्थ है?
उत्तर :
किसी एक ही कार्य अथवा घटना का एक स्थान पर किसी निश्चित समय में पूरा होना संकलन त्रय कहलाता है। दूसरे शब्दों में एकांकी में स्थान, कार्य तथा समय की संगति को संकलन त्रय कहते हैं।

प्रश्न 7.
आत्मकथा से क्या आशय है?
उत्तर :
लेखक जब स्वयं अपने जीवन की कथा को पाठकों के समक्ष पूर्ण आत्मीयता के साथ प्रस्तुत करता है तो उसे आत्मकथा कहते हैं।

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प्रश्न 8.
जीवनी का अर्थ बताइए।
उत्तर :
किसी महान् व्यक्ति के जीवन की आद्योपांत क्रमबद्ध घटनाओं के उल्लेख को जीवनी कहा जाता है।

प्रश्न 9.
हिन्दी के प्रमुख तीन जीवनी लेखकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
हिन्दी के तीन प्रमुख जीवनी लेखक हैं-

  • नाथूराम शर्मा ‘प्रेमी’
  • पं० रामनरेश त्रिपाठी
  • रामविलास शर्मा।

प्रश्न 10.
जीवनी और आत्मकथा में अन्तर बताइए।
उत्तर :
जीवनी में किसी अन्य व्यक्ति के जीवन की घटनाओं का वर्णन होता है, जबकि आत्मकथा में लेखक स्वयं अपने जीवन की कथा पाठकों के समक्ष आत्मीयता के साथ प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 11.
संस्मरण किसे कहते हैं?
उत्तर :
जब लेखक किसी व्यक्ति या महापुरुष, वस्तु या घटना का अपनी स्मृति के आधार पर आत्मीयता व कलात्मकता के साथ विवरण प्रस्तुत करता है तो वह संस्मरण कहलाता है।

प्रश्न 12.
हिन्दी के दो संस्मरण लेखकों के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • आचार्य चतुरसेन शास्त्री
  • रामवृक्ष बेनीपुरी।

प्रश्न 13.
रेखाचित्र तथा संस्मरण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
रेखाचित्र में कल्पना का महत्त्व होता है, जबकि संस्मरण में यथार्थ का

प्रश्न 14.
हिन्दी के प्रमुख रेखाचित्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर :
निराला, महादेवी वर्मा, रामवृक्ष बेनीपुरी, बनारसीदास चतुर्वेदी, विनयमोहन शर्मा, देवेन्द्र सत्यार्थी आदि प्रमुख रेखाचित्रकार हैं।

प्रश्न 15.
यात्रावृत्त किसे कहते हैं?
उत्तर :
वह रचना जिसमें लेखक किसी स्थान-विशेष की यात्रा के अनुभव का यथार्थ एवं कलात्मक वर्णन करता है तो उसे यात्रावृत्त कहते हैं।

प्रश्न 16.
यात्रावृत्त की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर :
यात्रावृत्त में स्थान, दृश्य एवं घटनाओं की चित्रमयता रहती है। यात्रावृत्त में आत्मकथा, संस्मरण और रिपोर्ताज तीनों के तत्त्व विद्यमान होते हैं।

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प्रश्न 17.
रिपोर्ताज से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
रिपोर्ताज अंग्रेजी के रिपोर्ट शब्द का पर्यायवाची शब्द है। वास्तव में रिपोर्ताज रिपोर्ट को ही साहित्यिक एवं कलात्मक रूप है।

प्रश्न 18.
चार रिपोर्ताज लेखकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
चार रिपोर्ताज लेखक हैं–

  • डॉ० प्रभाकर माचवे
  • विष्णु प्रभाकर
  • कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
  • प्रकाशचन्द्र गुप्त।

प्रश्न 19.
गद्य काव्य से क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
गद्य के माध्यम से की गयी किसी विषय की भावपूर्ण काव्यात्मक अभिव्यक्ति गद्य काव्य कहलाती है।

प्रश्न 20.
गद्य-काव्य के किन्हीं दो लेखकों का नाम लिखिए।
उत्तर :

  • रायकृष्ण दास
  • चतुरसेन शास्त्री।

प्रश्न 21.
प्रेमचन्द के उपन्यासों के नाम बताइए।
उत्तर :
गबन, गोदान, कर्बला, कर्मभूमि, निर्मला आदि। खए।

प्रश्न 22.
प्रेमचन्द के उपन्यास किन विषयों पर आधारित हैं?
उत्तर :
मुंशी प्रेमचन्द के उपन्यास दीन-हीन किसान-मजदूरों, नारी-उद्धार, समाज-सुधार, राष्ट्रीय चेतना आदि विषयों पर आधारित हैं।

प्रश्न 23.
हिन्दी के सर्वप्रथम यात्रावृत्त के लेखक एवं उनकी रचना का नाम बताइए।
उत्तर :
हिन्दी के प्रथम यात्रावृत्त-लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र थे और उनकी रचना का नाम ‘सरयू पार की यात्रा’ था।

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प्रश्न 24.
पाश्चात्य दृष्टि से नाटक के तत्त्व बताइए।
उत्तर :
पाश्चात्य विद्वानों ने नाटक के 6 तत्त्व स्वीकार किये हैं–

  • कथावस्तु
  • चरित्र-चित्रण
  • कथोपकथन
  • देश-काल
  • भाषा-शैली
  • उद्देश्य

प्रश्न 25.
जयशंकर प्रसाद के नाटकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
जयशंकर प्रसाद के नाटकों के नाम हैं-राज्यश्री, अजातशत्रु, चन्द्रगुप्त, स्कन्दगुप्त, जनमेजय का नागयज्ञ, ध्रुवस्वामिनी, कामना आदि।

प्रश्न 26.
आधुनिक साहित्य की सबसे अधिक लोकप्रिय विधा का नाम बताइए।
उत्तर :
कहानी।

प्रश्न 27.
अच्छी जीवनी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :
अच्छी जीवनी की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं

  • प्रामाणिकता
  • तथ्यपूर्ण साहित्यिक विवरण
  • आत्मीयता
  • प्रेरणादायक स्थलों पर बल
  • रोचकता।

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प्रश्न 28.
द्विवेदी युग के दो समीक्षकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
द्विवेदी युग के दो समीक्षक हैं-

  • आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी,
  • बाबू श्यामसुन्दरदास

प्रश्न 29.
विषय एवं शैली की दृष्टि से निबन्ध के भेद बताइए।
उत्तर :
विषय एवं शैली की दृष्टि से निबन्ध के चार भेद हैं

  • (i) विचारात्मक निबन्ध
  • (i) भावात्मक निबन्ध
  • (i) वर्णनात्मक निबन्ध
  • विवरणात्मक निबन्ध।

प्रश्न 30.
अध्यापक पूर्णसिंह किस युग के निबन्धकार हैं?
उत्तर :
अध्यापक पूर्णसिंह द्विवेदी युग के निबन्धकार हैं।

प्रश्न 31.
भारतेन्दु युग का नाम कैसे पड़ा?
उत्तर :
भारतेन्दु जी की अद्वितीय गद्य सेवाओं के कारण तथा अपने समकालीन गद्य लेखकों में उनके सर्वाधिक सक्रिय होने के कारण 1868 ई० से 1900 ई० तक की काल अवधि को ‘भारतेन्दु युग’ नाम दिया गया।

प्रश्न 32.
द्विवेदी युग नाम कैसे पड़ा?
उत्तर :
1900 ई० से 1922 ई० तक के काल में हिन्दी गद्य निर्माता तथा सर्वाधिक प्रसारकर्ता आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी थे इसीलिए इस कालखण्ड को द्विवेदी युग का नाम दिया गया।

प्रश्न 33.
नाटक के तत्त्वों के नाम लिखिए।
उत्तर :
भारतीय आचार्यों ने नाटक के पाँच तत्त्व बताये हैं

  • कथावस्तु
  • नायक
  • रस
  • अभिनय
  • वृत्ति।

प्रश्न 34.
हिन्दी में रेखाचित्र का सूत्रपात कब हुआ?
उत्तर :
हिन्दी में रेखाचित्र का सूत्रपात 1929 ई० में प्रकाशित पं० पद्मसिंह शर्मा के ‘पद्मपुराण’ निबन्धों से होता है।

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प्रश्न 35.
भारतेन्दु युग के दो जीवनी लेखकों के नाम बताइए।
उत्तर :

  • गोपालशर्मा शास्त्री
  • कार्तिक प्रसाद खत्री।।

प्रश्न 36.
द्विवेदी युग के दो जीवनी लेखकों का नामोल्लेख करते हुए उनकी एक-एक कृति का नाम लिखिए।
उत्तर :

  • डॉ० सम्पूर्णानन्द-सम्राट् अशोक की जीवनी।
  • महादेव भट्ट-लाला लाजपतराय की जीवनी।।

प्रश्न 37.
किन्हीं दो आत्मकथा लेखकों एवं उनकी एक-एक कृति का नाम लिखिए।
उत्तर :

  • वियोगी हरि-मेरा जीवन प्रवाह
  • डॉ० वृन्दावनलाल वर्मा-अपनी कहानी।

प्रश्न 38.
किन्हीं चार गद्य विधाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
निबन्ध, कहानी, नाटक, उपन्यास।

प्रश्न 39.
पद्मसिंह शर्मा किस युग के लेखक हैं?
उत्तर :
पद्मसिंह शर्मा ‘द्विवेदी युग’ के लेखक हैं।

प्रश्न 40.
हिन्दी साहित्य के दो विचारात्मक निबन्धकारों के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • बाबू श्यामसुन्दर दास
  • आचार्य विनोबा भावे।

प्रश्न 41.
शिकार साहित्य के प्रसिद्ध लेखक का नाम बताइए।
उत्तर :
श्रीराम शर्मा।

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प्रश्न 42.
हिन्दी साहित्य का प्रचार-प्रसार करनेवाली दो संस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • नागरी प्रचारिणी सभा
  • फोर्ट विलियम कालेज।

प्रश्न 43.
गद्य किसे कहते हैं?
उत्तर :
वह रचना जो छन्द के बन्धन से मुक्त हो, गद्य कहलाती है, जैसे–निबन्ध, कहानी, उपन्यास आदि

प्रश्न 44.
हिन्दी गद्य का आविर्भाव किस शताब्दी में हुआ?
उत्तर :
हिन्दी गद्य का आविर्भाव 13वीं शताब्दी में हुआ।

प्रश्न 45.
गद्य की उपयोगिता क्या है?
उत्तर :
गद्य में हम विचारों या भावों को सरलतापूर्वक सहज भाषा में व्यक्त करते हैं। ज्ञान-विज्ञान आदि भी 7 !! सफल एवं सरल अभिव्यक्ति का माध्यम गद्य ही है।

प्रश्न 46.
हिन्दी गद्य के प्राचीनतम प्रयोग किस भाषा में मिलते हैं?
उत्तर :
हिन्दी गद्य के प्राचीनतम प्रयोग राजस्थानी और ब्रजभाषा में मिलते हैं।

प्रश्न 47.
ब्रजभाषा गद्य का सूत्रपात कब हुआ?
उत्तर :
ब्रजभाषा गद्य का सूत्रपात सन् 1343 ई० के लगभग हुआ

प्रश्न 48.
ब्रजभाषा गद्य के दो प्रसिद्ध लेखकों के नाम बताइए।
उत्तर :

  • गोस्वामी विट्ठलनाथ
  • गोकुलनाथ।

प्रश्न 49.
खड़ीबोली गद्य का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर :
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को हिन्दी खड़ीबोली गद्य का जनक माना जाता है।

प्रश्न 50.
खड़ीबोली गद्य के प्रथम लेखक और उनकी प्रथम रचना का नाम लिखिए।
उत्तर :
कवि गंग-‘चन्द छन्द बरनन की महिमा’।

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प्रश्न 51.
खड़ीबोली गद्य के चार उन्नायकों के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • मुंशी सदासुखलाल
  • इंशा अल्ला खाँ
  • लल्लूलाल
  • सदल मिश्र।

प्रश्न 52.
हिन्दी खड़ीबोली का आविर्भाव कब हुआ?
उत्तर :
हिन्दी खड़ीबोली का आविर्भाव 19वीं शताब्दी के जागरण काल में हुआ।

प्रश्न 53.
हिन्दी गद्य के प्रसार में ईसाई पादरियों का क्या योगदान रहा?
उत्तर :
ईसाई पादरियों ने अपने धर्म प्रचार के लिए ‘बाइबिल’ का खड़ीबोली में अनुवाद कराया और उसे भारत के विभिन्न स्थानों पर वितरित कराया। इस प्रकार ईसाई धर्म के साथ-साथ हिन्दी का भी प्रचार-प्रसार होता रहा।

प्रश्न 54.
भारतेन्दु से पूर्व हिन्दी गद्य के प्रमुख चार लेखकों के नाम बताइए।
उत्तर :

  • मुंशी सदासुखलाल
  • इंशा अल्ला खाँ
  • सदल मिश्र
  • लल्लूलाल।

प्रश्न 55.
भारतेन्दु से पूर्व किन दो राजाओं ने हिन्दी गद्य के विकास में योगदान दिया?
उत्तर :

  • राजा शिवप्रसाद सितारेहिन्द
  • राजा लक्ष्मण सिंह।

प्रश्न 56.
गद्य और पद्य में क्या अन्तर है?
उत्तर :
गद्य मस्तिष्क के तर्कप्रधान चिन्तन की उपज है। व्यावहारिक होने के कारण इसमें विचारों और भावों को अभिव्यक्त करना सरल होता है, जबकि काव्य बहुत कुछ काल्पनिक होता है तथा इसमें संवेदनशीलता की प्रधानता होती है।

प्रश्न 57.
भारतेन्दु युग की कालावधि लिखिए।
उत्तर :
भारतेन्दु युग-1868 ई० से 1900 ई० तक।

प्रश्न 58.
भारतेन्दु युग के दो गद्य लेखकों तथा उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।
उत्तर :

  • बालकृष्ण भट्ट-नूतन ब्रह्मचारी।
  • प्रतापनारायण मिश्र-हठी हम्मीर।

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प्रश्न 59.
भारतेन्दु युग की प्रमुख पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
भारतेन्दु युग की प्रमुख पत्रिकाएँ निम्नलिखित हैं

  • कविवचन सुधा
  • हरिश्चन्द्र मैगजीन
  • हिन्दी प्रदीप
  • ब्राह्मण
  • आनन्द कादम्बिनी।

प्रश्न 60.
भारतेन्दु युग की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :

  • भारतेन्दु युग में हिन्दी गद्य को एक निश्चित स्वरूप प्राप्त हुआ।
  • इस युग के लेखकों में अपनी भाषा, जाति और राष्ट्र के उत्थान के लिए अकुलाहट थी।

प्रश्न 61.
‘चन्द्रकान्ता’ उपन्यास के लेखक का नामोल्लेख करते हुए युग का नाम लिखिए।
उत्तर :
चन्द्रकान्ता उपन्यास के लेखक-देवकीनन्दन खत्री, युग-भारतेन्दु

प्रश्न 62.
हिन्दी गद्य के विकास में भारतेन्दु युग का महत्त्व बताइए।
उत्तर :
हिन्दी गद्य के विकास की दृष्टि से भारतेन्दु युग (1868 से 1900 ई०) अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। इस युग में न केवल खड़ीबोली का विकास हुआ, अपितु हिन्दी गद्य साहित्य की भी उन्नति हुई । वास्तव में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी गद्य के जनक थे।

प्रश्न 63.
भारतेन्दु द्वारा सम्पादित दो पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • हरिश्चन्द्र मैगजीन
  • कविवचन सुधा।

प्रश्न 64.
‘कविवचन सुधा’ पत्रिका का सम्पादन काल लिखिए।
उत्तर :
कविवचन सुधा को सम्पादन भारतेन्दु युग में हुआ।

प्रश्न 65.
हिन्दी साहित्य में भारतेन्दु जी के योगदान का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
भारतेन्दु ने पूर्ववर्ती लेखकों के भाषा सम्बन्धी एकांगी दृष्टिकोणों को छोड़कर हिन्दी गद्य की एक स्वच्छ, संतुलित और शिष्ट रूप सामने रखा जिससे हिन्दी साहित्य की सम्पन्नता में वृद्धि हुई

प्रश्न 66.
भारतेन्दुयुगीन भाषा की मुख्य विशेषता एक वाक्य में लिखिए।
उत्तर :
भारतेन्दुयुगीन भाषा में लोक प्रचलित शब्दावली का प्रयोग हुआ।

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प्रश्न 67.
द्विवेदी युग का समय बताइए।
उत्तर :
द्विवेदी युग-1900 ई० से 1922 ई० तक।

प्रश्न 68.
द्विवेदी युग के तीन प्रमुख गद्य लेखकों और उनकी रचनाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • बाबू श्यामसुन्दर दास-साहित्यालोचन, रूपक रहस्य, भाषा रहस्य, वैज्ञानिक कोष आदि।
  • आचार्य रामचन्द्र शुक्ल-चिन्तामणि, रसमीमांसा, हिन्दी साहित्य का इतिहास।
  • मुंशी प्रेमचन्द-सेवासदन, कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी, मानसरोवर।

प्रश्न 69.
हिन्दी गद्य को आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की सबसे बड़ी देन क्या है?
उत्तर :
आचार्य द्विवेदी जी ने ‘सरस्वती’ पत्रिका के माध्यम से भाषा का परिमार्जन करके उसे व्याकरणसम्मत बनाया तथा नवीन विषयों पर गद्य रचना के लिए लेखकों को प्रोत्साहित किया।

प्रश्न 70.
द्विवेदी युग की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर :
द्विवेदी युग की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं–

  • भाषा परिमार्जन एवं संस्कार
  • गद्य के विविध रूपों और शैलियों का विकास।

प्रश्न 71.
‘सरस्वती’ पत्रिका के प्रमुख सम्पादक का नाम लिखिए।
उत्तर :
आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी ‘सरस्वती’ पत्रिका के प्रमुख सम्पादक थे।

प्रश्न 72.
द्विवेदी युग के दो प्रतिनिधि कहानीकारों के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • मुंशी प्रेमचन्द
  • चन्द्रधरशर्मा गुलेरी।

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प्रश्न 73.
द्विवेदी युग की चार प्रसिद्ध पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • माधुरी
  • सरस्वती
  • जागरण
  • प्रभा।

प्रश्न 74.
नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना किसने की?
उत्तर :
बाबू श्यामसुन्दर दास ने नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना की।

प्रश्न 75.
द्विवेदी युग के तीन उपन्यासकारों के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • मुंशी प्रेमचन्द
  • किशोरीलाल गोस्वामी
  • डॉ० वृन्दावनलाल वर्मा

प्रश्न 76.
द्विवेदी युग के तीन प्रसिद्ध आलोचकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
द्विवेदी युग के तीन आलोचक हैं–

  • पद्मसिंह शर्मा
  • बाबू श्यामसुन्दर दास
  • आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

प्रश्न 77.
द्विवेदी युग के निबन्धों के विषय क्या थे?
उत्तर :
द्विवेदी युग में कला, इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र, पुरातत्त्व आदि पर श्रेष्ठ निबन्ध लिखे गये।

प्रश्न 78.
हिन्दी साहित्य का प्रचार एवं प्रसार करनेवाली दो संस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  • नागरी प्रचारिणी सभा
  • हिन्दी साहित्य सम्मेलन

प्रश्न 79.
हिन्दी गद्य की किन्हीं तीन नवीन विधाओं के नाम लिखिए।’
उत्तर :
हिन्दी गद्य की तीन नवीन विधाएँ हैं-

  • जीवनी
  • आत्मकथा
  • संस्मरण

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प्रश्न 80.
हिन्दी गद्य की दो प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
हिन्दी गद्य की दो प्रमुख विधाएँ हैं

  • निबन्ध
  • कहानी।

प्रश्न 81.
विचारात्मक और भावात्मक निबन्ध में क्या अन्तर है?
उत्तर :
विचारात्मक निबन्ध में बुद्धि एवं तर्क की प्रधानता होती है, जबकि भावात्मक निबन्ध में भाव तत्त्व (हृदय तत्त्व) की प्रधानता होती है।

प्रश्न 82.
हिन्दी गद्य-काव्य लेखकों में से किन्हीं दो लेखकों के नाम बताइए।
उत्तर :
हिन्दी गद्य-काव्य के दो लेखक हैं

  • वियोगी हरि
  • राय कृष्णदास।

प्रश्न 83.
विचारात्मक और वर्णनात्मक निबन्ध में अन्तर बताइए।
उत्तर :
विचारात्मक निबन्ध में चिन्तन या मनन के आधार पर किसी भाव या वस्तु का वर्णन किया जाता है, जबकि वर्णनात्मक निबन्ध में किसी घटना या वस्तु का विचार के साथ वर्णन किया जाता है।

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प्रश्न 84.
हिन्दी की प्रथम कहानी का नाम बताइए।
उत्तर :
किशोरीलाल गोस्वामी की ‘इन्दुमती’ हिन्दी की प्रथम कहानी है।

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UP Board Solutions for Class 6 Home Craft Chapter 5 जल प्रदूषण

UP Board Solutions for Class 6 Home Craft Chapter 5 जल प्रदूषण

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जल प्रदूषण

अभ्यास

प्रश्न 1.
बहुविकल्पीय प्रश्नसही विकल्प के सामने दिए गए गोल घेरे को काला करिए-
(1) जंल का रासायनिक संकेत है-
(क) HO ◯
(ख) H2O2
(ग) H2O ●
(घ) इनमें से कोई नहीं ◯

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(2) जल का प्रदूषण होता है-
(क) कारखानों से निकले धुएँ द्वारा ◯
(ख) मछलियों से ◯
(ग) जल स्रोत में नाले का गंदा पानी गिराने से ●
(घ) उपर्युक्त सभी ◯

प्रश्न 2.
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न-
(क) विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है ?
उत्तर
विश्व जल दिवस 22 मार्च को मनाया जाता है।

(ख) अशुद्ध जल पीने से कौन-कौन से रोग होते हैं ?
उत्तर
अशुद्ध जल पीने से टायफॉयड, पीलिया, हैजा, डायरिया तथा पेचिश जैसी बीमारियाँ होती हैं।

प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न-
(क) प्रदूषण किसे कहते हैं ?
उत्तर
प्रकृति के सन्तुलन में मानव द्वारा परिवर्तन करना प्रदूषण कहलाता है।

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(ख) जल का हमारे जीवन में क्या महत्व है ?
उत्तर
जल का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। जल पीने, (UPBoardSolutions.com) खाना पकाने, नहाने, कपड़ा धोने, सिंचाई, बिजली उत्पादन, मछली पालन, परिवहन उद्योग आदि कामों में आता है इसलिए जल को जीवन का आधार माना गया है।

प्रश्न 4.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-
(क) जल को प्रदूषित होने से बचाने के लिए आप क्या उपाय करेंगे ?
उत्तर
जल स्रोत की स्वच्छता की तरफ ध्यान देंगे। उसमें गंदा पानी व कूड़ा-करकट आदि नहीं डालेंगे। जल स्रोतों से दूर जानवरों को नहलाएँगे आदि।

(ख) एक बार पानी का प्रयोग करने के बाद उसी पानी से आप और क्या-क्या काम कर सकते हैं?
उत्तर
एक बार पानी का प्रयोग करने के बाद उसी पानी से (UPBoardSolutions.com) अन्य काम भी किए जा सकते हैं। जैसे-कपड़ा धोकर उस पानी से टॉयलेट साफ किया जा सकता है तथा पौधों में डाला जा सकता है।

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प्रोजेक्ट कार्य :            नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 6 Home Craft Chapter 12 धुलाई कला

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धुलाई कला

अभ्यास

प्रश्न 1.
वस्तुनिष्ठ प्रश्न रिक्त स्थानों की पूर्ति करिए-
(क) रोगी व्यक्ति के कपड़ों को गर्म पानी में धोना चाहिए।
(ख) सफेद और रंगीन कपड़ों को साथ-साथ नहीं धोना चाहिए।
(ग) वस्तुओं में कड़ापन लाने के लिए कलफ लगाते हैं।
(घ) फटे वस्त्रों को धोने के पूर्व सिलना चाहिए।

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प्रश्न 2.
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
(क) वस्त्रों में सिकुड़न कैसे दूर करते हैं ?
उत्तर
वस्त्रों को प्रेस कर उनकी सिकुड़न दूर की जाती है।

(ख) वस्त्रों की नियमित धुलाई क्यों आवश्यक है ?
उत्तर
वस्त्र प्रयोग करने, पहनने आदि से गंदे हो जाते हैं। इस (UPBoardSolutions.com) कारण वस्त्रों की नियमित धुलाई शारीरिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होती है।

प्रश्न 3.
लघु उत्तरीय प्रश्न
(क) वस्त्रों की धुलाई क्यों आवश्यक है ?
उत्तर
वस्त्रों की सफाई और दुर्गंध दूर करने के लिए, कपड़ों की सुंदरता, सुरक्षा के लिए और उत्तम स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व में निखार लाने हेतु वस्त्रों की धुलाई आवश्यक है।

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(ख) सफेद कपड़ों में नील कैसे लगाते हैं ?
उत्तर
सफेद कपड़ों में नील लगाने से उनकी सफेदी में निखार आ जाता है। नील लगाने के लिए पानी में नील की आवश्यक मात्रा घोल लेते हैं। धुले कपड़े को नील में डुबो देते हैं (UPBoardSolutions.com) तथा उलट-पलट कर कपड़ा शीघ्रता से घुमाते हैं। फिर निचोड़कर सूखने के लिए धूप में फैला देते हैं।

प्रश्न 4.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(क) कपड़ा धोने के पूर्व किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर
कपड़े धोने से पूर्व निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  1. सफेद एवं रंगीन वस्त्रों को अलग-अलग धोएँ।
  2. रोगी के वस्त्रों को अलग बर्तन में उबालकर, धोकर धूप में सुखाएँ।
  3. फटे वस्त्रों को धोने से पूर्व मरम्मत कर लें।
  4. दाग या धब्बा पहले छुड़ा लें।
  5. कपड़ों में साबुन नहीं छोड़ना चाहिए।

(ख) कलफ किन-किन चीजों से बनाया जाता है एवं वस्त्रों में लगाने की विधि लिखिए ?
उत्तर
चावल, मैदा, अरारोट या साबूदाने को पानी में पकाकर कलफ बनाया जाता है। जिन कपड़ों में कलफ लगाना हो, उन्हें कलफ के पतले घोल में डुबोकर निचोड़ लें । यदि कपड़े सफेद हों (UPBoardSolutions.com) और उनमें नील तथा कलफ दोनों की आवश्यकता हो तो नील के घोल में ही कलफ डालकर कपड़े को डुबोएँ तथा तुरंत निचोड़कर फैला दें।

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प्रोजेक्ट कार्य :                  नोट- विद्यार्थी स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 7 ईश्वरचन्द्रो विद्यासागरः (अनिवार्य संस्कृत)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 7 ईश्वरचन्द्रो विद्यासागरः (अनिवार्य संस्कृत)

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एकोनविंशख्रिष्ट शताब्दयां ………………………………………….. करोति स्म।

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हिन्दी अनुवाद:
उन्नीसवीं शताब्दी में बंगाल प्रांत में जो विद्वान समाज सुधारक थे, उनमें से एक ईश्वरचन्द्र विद्यासागर थे। उन्होंने बहुत परिश्रम से विद्या का अध्ययन किया। उनकी अगाध विद्वता को देखकर लोग यथा नाम तथा उक्ति सार्थक मानते थे। वे अत्यन्त (UPBoardSolutions.com) सरल और उदार हृदय वाले थे। वे निर्बलों और गरीबों की सदैव सहायता करते थे।

विद्यासागर यशः ………………………. मा कुरु।

हिन्दी अनुवाद:
विद्यासागर का यश सुनकर एक बार कोई धनी युवक उनके दर्शन के लिए आया। उसने पहले कभी विद्यासागर को नहीं देखा था। रेलगाड़ी से उतर कर वह अपनी पेटी ले जाने के लिए ‘कुली’ ‘कुली’ चिल्लाने लगा। किन्तु कोई कुली न आया। इसे देखकर वहाँ मौजूद विद्यासागर उसके पास गए। वह धनिक विद्यासागर को कुली मानकर उनसे बोला, “इस पेटी को ले चलो। मुझे विद्यासागर के घर जाना है।” विद्यासागर उसकी पेटी को हाथ में लेकर (UPBoardSolutions.com) उसके साथ अपने घर गए। वहाँ ये ही विद्यासागर हैं, ऐसा जानकर वह युवक अत्यन्त लज्जित और विस्मित हुआ। “मुझे क्षमा कीजिए” ऐसा कहकर वह उनके पैरों पर गिर पड़ा। विद्यासागर ने उससे कहा, अपना कार्य स्वयं करो। उसमें लज्जा मत करो।”

एषः महाशयः ………………कृतानि

हिन्दी अनुवाद:
ये महाशय भारतीय संस्कृति के साथ पाश्चात्य संस्कृति के भी समर्थक थे। संस्कृत किसी वर्ग विशेष की भाषा नहीं है। सब संस्कृत पढ़े- ऐसा उनका अच्छा विचार था। नारी शिक्षा के लिए उनके किए गए प्रयास अत्यन्त अभिनन्दनीय हैं। विधवा-विवाह के लिए सन् (UPBoardSolutions.com) 1855 ई० में उनके द्वारा जन आन्दोलन किया गया। बाल-विवाह और बहु-विवाह प्रथा के प्रबल विरोधी विद्यासागर द्वारा अन्य भी बहुत से प्रशंसनीय कार्य किए गए।

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अभ्यास

प्रश्न 1:
उच्चारण करें
नोट- विद्यार्थी स्वयं करें। (UPBoardSolutions.com)

प्रश्न 2:
एक पद में उत्तर दें
(क) विद्यासागरः कीदृशः आसीत्?                                      सरलः उदार हृदयः।
(ख) ‘कः भारिक! भारिक!’ इति उच्चैः शब्दम् अकरोत्?               धनिकः।
(ग) विधवाविवाह प्रवर्तनाय जनान्दोलनं केन कृतम्?                  विद्यासागरः।

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प्रश्न 3:
इस पाठ का सारांश हिन्दी में लिखिए।
नोट- हिन्दी अनुवाद देखिए।

प्रश्न 4:
निम्नलिखित पदों में विभक्ति एवं वचन बतायें ( बताकर )
पद                                  विभक्ति                          वचन
श्रमेण                =              तृतीय                          एकवचन
निर्बलानाम्        =                षष्ठी                           बहुवचन
युवा                   =               प्रथमा                         बहुवचन
नारीशिक्षायै        =              चतुर्थी                         एकवचन

प्रश्न 5:
पाठ से उचित शब्द चुनकर (UPBoardSolutions.com) रिक्त स्थानों की पूर्ति करें। (पूर्ति कीजिए)

(क) सः महता श्रमेण विद्याध्ययनम् अकरोत्।
(ख) सः विद्यासागर कदापि नापश्यत्।।
(ग) मां विद्यासागरस्य गृहं प्रापय।
(घ) सर्वे संस्कृतं पठन्तु।

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प्रश्न 6:
निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करें-                             अनुवाद
(क) वे उच्चकोटि के विद्वान थे।                                       सः उच्चकोटि विद्वानः  आसीत्।
(ख) उनका व्यवहार सरल था।।                                   तस्य व्यवहारः सरलः आसीत्।
(ग) अपना काम स्वयं करना चाहिए।                              स्वीयं कार्यं स्वयम् एव करन्तु।
(घ) विद्यासागर उनका बोझ लेकर घर गये।                विद्यासागरः तस्य भारम् नीत्वा गृहं अगच्छत्।।

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प्रश्न 7:
खण्ड ‘क’ को खण्ड ‘ख’ से जोड़कर (UPBoardSolutions.com) वाक्य पूर्ण करें ( पूर्ण करके)
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UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 2 वैदिक कालीन नारियाँ (महान व्यक्तित्व)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 2 वैदिक कालीन नारियाँ (महान व्यक्तित्व)

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पाठ का सारांश

गार्गी : हमारे देश में ज्ञान-विज्ञान, त्याग-तपस्या, साहस और बलिदान के उदाहरण प्रस्तुत करने वाली अनेक महिलाओं ने जन्म लिया है। ऐसी ही नारी गार्गी थी जो अत्यन्त शिक्षित विदुषी महिला थी। एक बार राजा जनक ने यज्ञ किया। उन्होंने घोषणा की कि सबसे महान विद्वान मेरी गौशाला की एक हजार गाएँ ले जाए। विद्वानों के घबरा जाने पर याज्ञवल्क्य ने अपने शिष्यों से गाएँ ले जाने को कहा। क्योंकि उन्हें इनकी (UPBoardSolutions.com) आवश्यकता थी। सारे विद्वान शास्त्रार्थ करने के लिए याज्ञवल्क्य को चुनौती देने लगे। जब वे सब हार गए; तब अन्त में गार्गी ने प्रश्न पूछने के लिए राजा से आज्ञा माँगी। गार्गी ने अत्यन्त पैने और गहन अध्ययन पर आधारित प्रश्न किए। सब प्रश्नों का यथोचित उत्तर देने के बाद अन्ततः एक प्रश्न ऐसा आया जिसका याज्ञवल्क्य उत्तर न दे सके और चुप हो गए। गार्गी अत्यन्त बुद्धिमती थी। वह नहीं चाहती थी कि याज्ञवल्क्य जैसे परमविद्वान का अपमान हो। गार्गी ने थोड़ी देर बाद भरी सभा में कहा कि याज्ञवल्क्य से बड़ा कोई विद्वान नहीं है। गार्गी के ज्ञान और उदारता की प्रशंसा होने लगी। ज्ञान और उदारता की ऐसी प्रतिभाएँ हमारे देश का गौरव हैं।

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अपाला:
महर्षि अत्रि की पुत्री अपाला अद्वितीय सुन्दरी और बुद्धिमति थी। एक दिन सुबह स्नान के समय वह अपनी जंघा पर सफेद दाग/चकत्ते देखकर चिन्तित हो उठी। ये दाग बढ़ते गए और वह इस बात को छिपाए रही। धीरे-धीरे वह विवाह योग्य हो गई।
एक दिन वेदों के ज्ञाता विद्वान कृशाश्व अत्रि के अतिथि रूप में आए। अपाला के सौन्दर्य और व्यवहार कुशलता से मुग्ध होकर उन्होंने उसके साथ विवाह करने की इच्छा प्रकट की। महर्षि अत्रि ने अपाला का विवाह कृशाश्व के साथ कर दिया। वह पति के आश्रम में चली गई। एक दिन सफेद चकत्तों पर कृशाश्व की दृष्टि पड़ गई। वह अपाला को तिरस्कार और उपेक्षा की दृष्टि से देखने लगा। पति से अपमानित होकर वह पिता के आश्रम (UPBoardSolutions.com) में लौट आई।
दुखी अत्रि ने अपाला को सांत्वना दी और रोग के निदान के लिए पुरुषार्थ करने की सलाह दी। उन्होंने । अपाला से इन्द्र की उपासना करने को कहा। वह इन्द्र की उपासना में लग गई। वह मन्त्रों का जाप करके सत्तू और सोमरस का नैवेद्य चढ़ाया करती थी। अपाला के प्रेम और भक्ति से इन्द्र गद्गद हो उठे। उन्होंने प्रकट रूप में सत्तू और सोमरस का पान किया। उन्होंने कहा, “अपाले! तुम धन्य हो। तुम्हारा रोग दूर हो जाएगा।” इन्द्र के वरदान से अपाला रोगमुक्त हो गई। उसका शरीर स्वर्ण के समान चमकीला हो गया और वह अपने प्रेम और निष्ठा के फलस्वरूप अमर हो गई।

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अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1:
राजा जनक ने क्या घोषणा की?
उत्तर:
राजा जनक ने घोषणा की कि जो सबसे विद्वान हो, वह मेरी गौशाला की एक हजार गायों को ले जाए।

प्रश्न 2:
गार्गी ने याज्ञवल्क्य की विद्वता के बारे में सभा को क्या (UPBoardSolutions.com) बताया ?
उत्तर:
गार्गी अत्यन्त बुद्धिमती थी। वह नहीं चाहती थी कि याज्ञवल्क्ये जैसे परम विद्वान का अपमान हो। वह चुप हो गई और भरी सभा में बोली “इस सभा में याज्ञवल्क्य से बढ़कर कोई विद्वान नहीं।”

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प्रश्न 3:
अपाला किस बात से चिन्तित हो उठी?
उत्तर:
अपाला अपनी जंघा पर सफेद दाग/चकत्ते देखकर चिन्तित हो उठी।

प्रश्न 4:
अपाला रोग मुक्त किस (UPBoardSolutions.com) प्रकार हुई?
उत्तर:
इन्द्र के वरदान से अपाला रोग मुक्त हुई।

प्रश्न 5:
सही विकल्प चुनिए (सही विकल्प चुनकर)

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(क) याज्ञवल्क्य द्वारा प्रश्न का उत्तर न दिए जाने पर गार्गी चुप हो गयी क्योंकि
उत्तर:
वह याज्ञवल्क्य जैसे परम विद्वान का अपमान सहन नहीं कर सकती थी।

(ख) बालिकाएँ हर क्षेत्र में स्वयं को साबित (UPBoardSolutions.com) कर सकती हैं, अगर
उत्तर:
शिक्षा और समानता के अवसर प्रदान किए जाएँ।

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योग्यता विस्तार:
नोट- विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें।

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