UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 15 टीपू सुल्तान (महान व्यक्तित्व)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 15 टीपू सुल्तान (महान व्यक्तित्व)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 8 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 15 टीपू सुल्तान (महान व्यक्तित्व).

पाठ का सारांश

टीपू सुल्तान का जन्म सन् 1753 ई० में हुआ। इसके पिता का नाम हैदरअली था। इनके पिता मैसूर के शासक थे। उन्होंने मैसूर राज्य की सीमा को काफी विस्तृत किया। टीपू सुल्तान की अवस्था जब तीस वर्ष थी, हैदरअली की मृत्यु हो गई। पिता की मृत्यु के बाद टीपू सुल्तान मैसूर का शासक बना।

उस समय ईस्ट इण्डिया कम्पनी का राज्य बढ़ रहा था। अंग्रेजों ने मराठों से सन्धि करे टीपू पर आक्रमण कर दिया। टीपू ने अपनी सेना को सुदृढ़ नहीं किया था। टीपू की हार हुई और युद्ध क्षेत्र में वह (UPBoardSolutions.com) वीरगति को प्राप्त हुआ। अंग्रेजों एवं मराठा सैनिकों ने उसके खजाने को लूट लिया।

टीपू सुल्तान महान वीर, कुशल शासक और देशभक्त था। उसके राज्य में कोई शराब नहीं पी सकता था। राजाज्ञा का उल्लंघन करने वालों को कठोर दण्ड दिया जाता था। हिन्दुओं के प्रति टीपू सहिष्णु था। शिक्षा- देशभक्ति प्राणों से भी प्रिय होनी चाहिए।

UP Board Solutions

अभ्यास-प्रश्न

प्रश्न 1.
टीपू सुल्तान कौन था? उसकी जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर :
टीपू सुल्तान हैदरअली का पुत्र था तथा उसका जन्म मैसूर में हुआ था।

प्रश्न 2.
टीपू सुल्तान ने अपने राज्य में कौन-कौन से सुधार किए?
उत्तर :
टीपू ने एक स्त्री के कई लोगों से विवाह करने की प्रथा बन्द करा दी और नियम बनाया कि जो ऐसा करेगा, उसे कठोर दण्ड दिया जाएगा। उसने शराब पर रोक लगा दी।

प्रश्न 3.
टीपू ने किन-किन विषयों की पुस्तकें लिखीं?
उत्तर :
टीपू ने साहित्य, कविता, गणित, ज्योतिष, विज्ञान तथा कला पर पुस्तकें लिखीं।

UP Board Solutions

प्रश्न 4.
टीपू ने अपने पिता के समक्ष क्या प्रतिज्ञा की थी? (UPBoardSolutions.com)
उत्तर :
टीपू ने अपने पिता के समक्ष प्रतिज्ञा की थी कि मैं कभी झूठ नहीं बोलूंगा, किसी को धोखा नहीं दूंगा तथा चोरी नहीं करूंगा।

We hope the UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 15 टीपू सुल्तान (महान व्यक्तित्व) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 15 टीपू सुल्तान (महान व्यक्तित्व), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 6 गुरु गोरखनाथ (महान व्यक्तिव)

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 6 गुरु गोरखनाथ (महान व्यक्तिव)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 6 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 6 गुरु गोरखनाथ (महान व्यक्तिव)

पाठ का सारांश

गुरु गोरखनाथ का भारत के धार्मिक इतिहास में बहुत महत्त्व है। विभिन्न विद्वानों ने गोरखनाथ का समय ईसी की नवीं शताब्दी से लेकर तेरहवीं शताब्दी तक माना है। गुरु गोरखनाथ मत्स्येंद्र नाथ के शिष्य एवं नाथ संप्रदाय के संस्थापक थे। उन्होंने अपने विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए लगभग चालीस ग्रंथों की रचना की। संतोष, अहिंसा एवं जीवों पर दया गोरखनाथ का मूल मंत्र था। गुरु गोरखनाथ जी का एक भव्य विशाल मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में स्थापित है। कहा (UPBoardSolutions.com) जाता है कि इन्हीं के नाम पर जिले का नाम गोरखपुर पड़ा। गुरु गोरखनाथ ने जीवन की शुद्धता बनाए रखने पर बल दिया। जीवन की शुद्धता के लिए धन संचय से दूर रहने का संदेश इन्होंने दिया। गुरु गोरखनाथ त्याग, साहस तथा शौर्य के साक्षात प्रतीक थे। इसे महान गुरु के महान संदेश अनंत काल तक मानव को आदर्श जीवनयापन की प्रेरणा देते रहेंगे।

UP Board Solutions

अभ्यास

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

प्रश्न 1.
गोरखनाथ किसके शिष्य थे?
उत्तर :
गोरखनाथ मत्स्येंद्रनाथ के शिष्य थे।

प्रश्न 2.
गोरखनाथ की रचनाओं में जीवन की किन अनुभूतियों का वर्णन किया गया है?
उत्तर :
गोरखनाथ की रचनाओं में गुरु महिमा, इंद्रिय-निग्रह, प्राण साधना, वैराग्य, कुंडलिनी जागरण, शून्य समाधि आदि जीवन की अनुभूतियों का वर्णन किया गया है।

प्रश्न 3.
गुरु गोरखनाथ ने धर्म को सर्वसुलभ किस प्रकार बनाया? . .
उत्तर :
गुरु गोरखनाथ ने बौद्ध, शैव, शाक्त आदि पूर्ववर्ती संप्रदायों को स्वीकृत करके उनकी जटिलताओं को दूर कर सरल एवं सादगीपूर्ण व्यवस्था का निर्माण कर धर्म को सर्वसुलभ बनाया।

प्रश्न 4.
गोरखनाथ का मूल मंत्र क्या था?
उत्तर :
संतोष, अहिंसा एवं जीवों पर दया गोरखनाथ का मूल मंत्र था।

UP Board Solutions

प्रश्न 5.
गोरखनाथ का प्रसिद्ध मंदिर कहाँ स्थित है?
उत्तर :
गोरखनाथ का प्रसिद्ध मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित है।

प्रश्न 6.
जीवन की शुद्धता के लिए किससे दूर रहने की प्रेरणा गोरखनाथ ने दी है?
उत्तर :
जीवन की शुद्धता के लिए गोरखनाथ ने धन संचय से दूर रहने की प्रेरणा दी है।

We hope the UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 6 गुरु गोरखनाथ (महान व्यक्तिव) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 6 गुरु गोरखनाथ (महान व्यक्तिव), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 29 ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (महान व्यक्तिव)

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 29 ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (महान व्यक्तिव)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 6 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 29 ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (महान व्यक्तिव)

पाठ का सारांश

ईश्वर चन्द्र विद्यासागर का जन्म 16 सितम्बर, 1820 ई० को बंगाल के वीर सिंह नामक ग्राम में हुआ। इनकी माता का नाम भगवती देवी तथा पिता का नाम ठाकुरदास बंद्योपाध्याय था। सभी का सम्मान करना, अपना कार्य स्वयं करना, यह शिक्षा इन्हें अपनी माँ से मिली। गाँव में प्रारम्भिक शिक्षा के बाद ये उच्च शिक्षा के लिए कोलकाता संस्कृत (UPBoardSolutions.com) विद्यालय गए। 1839 ई० में लॉ कमेटी की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर इन्हें विद्यासागर की उपाधि मिली। गुरुदेव टैगोर : इन्हें बंगाल काव्य का जनक मानते थे।

जब विद्यासागर स्कूलों के सहायक निरीक्षक नियुक्त हुए; तब इन्होंने शिक्षा में अनेक सुधार कार्य किए। इन्होंने बंगाल में विशुद्ध भारतीय शिक्षा के लिए बीस आदर्श स्कूल खोले। इन्होंने पैंतीस ऐसे स्कूल खोले, जिनमें बालिकाओं की शिक्षा का प्रबन्ध था। ये मेधावी छात्राओं को पुरस्कार भी दिया करते थे। स्त्री शिक्षा के साथ-साथ इन्होंने विधवा विवाह और विधवाओं की स्थिति सुधारने का भी यत्न किया। बाद में विधवा विवाह को कानूनी स्वीकृति मिली। एक बार एक नवयुवक (UPBoardSolutions.com) विद्यासागर के दर्शन करने गया। स्टेशन पर कुली न होने से ईश्वर चन्द्र ने कुली बनकर उसका सामान अपने घर पहुँचाया। युवक के क्षमा माँगने पर ईश्वर चन्द्र ने उसे समझाया, “अपना कार्य स्वयं करो।” ईश्वर चन्द्र विद्यासागर 19 वीं सदी की महान विभूति थे।

UP Board Solutions

अभ्यास

प्रश्न 1.
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने बालिकाओं की शिक्षा को जरूरी क्यों बताया?
उत्तर :
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने देश को समृद्ध एवं योग्य नागरिक प्रदान करने के लिए बालिकाओं की शिक्षा को जरूरी बताया।

प्रश्न 2.
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने अपने समय में कौन-कौन-से सुधार किए?
उत्तर :
ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने अपने समय में निम्न सुधार कार्य किए- शैक्षिक सुधार, सामाजिक सुधार, महिलाओं की स्थिति में सुधार, विधवा विवाह को प्रोत्साहन व कानूनी स्वीकृति, अशिक्षा, रूढ़िवादिता और अन्धविश्वास दूर करना, पुरुषार्थ और स्वयं अपना कार्य करना।

प्रश्न 3.
व्यक्ति के बड़प्पन के विषय में ईश्वर चंद्र के क्या विचार थे?
उत्तर :
व्यक्ति के बड़प्पन के संबंध में ईश्वर चंद्र विद्यासागर (UPBoardSolutions.com) का कहना था कि कोई भी व्यक्ति अच्छे कपड़े पहनने, अच्छे मकान में रहने तथा अच्छा खाना खाने से बड़ा नहीं होता, बल्कि अच्छे काम करने से बड़ा होता है।

UP Board Solutions

प्रश्न 4.
यदि आप किसी व्यक्ति या महिला के कार्यों से खुश हुए तो उनके बारे में लिखें और कक्षा में सुनाएँ।
उत्तर :
विद्यार्थी स्वयं करें।

We hope the UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 29 ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (महान व्यक्तिव) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 29 ईश्वर चन्द्र विद्यासागर (महान व्यक्तिव), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 5 महाभारत काल के महर्षि (महान व्यक्तिव)

UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 5 महाभारत काल के महर्षि (महान व्यक्तिव)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 6 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 5 महाभारत काल के महर्षि (महान व्यक्तिव)

पाठ का सारांश

महर्षि वेदव्यास – ‘महाभारत’ के रचयिता महर्षि वेदव्यास बहुत विद्वान और तपस्वी थे। इनके पिता का नाम पराशर और माता का नाम सत्यवती था।

इनका प्रमुख ग्रंथ ‘महाभारत’ है, जिसमें अट्ठारह पर्व हैं। इसकी रचना इन्होंने लोककल्याण की भावना से की थी। महाभारत को लिखने का कार्य गणेश जी ने किया। इस ग्रंथ के माध्यम से मनुष्य को सदाचार, धर्माचरण, त्याग, तपस्या तथा भगवान की भक्ति का संदेश दिया गया है। महाभारत के वन पर्व में सुख-दुख का चक्र और शांति पर्व में भीष्म (UPBoardSolutions.com) द्वारा युधिष्ठिर को उपदेश दिया गया है, जिसमें पुरुषार्थ की महिमा, राजा के कर्तव्य, स्वार्थ-त्याग, परोपकार व जन-कल्याण करने का प्रतिपादन हुआ है। वेदव्यास जी ने पुराणों का संकलन किया। इनकी प्रमुख रचनाएँ महाभारत, अठारह पुराण और वेदांत दर्शन हैं।

महर्षि सुपंच सुदर्शन – महर्षि वेदव्यास के समकालीन, महर्षि सुपंच सुदर्शन का जन्म दलित परिवार में लगभग 3290 ईसा पूर्व वाराणसी में हुआ। बचपन से ही भजन, पूजन और भक्ति-भाव प्रदर्शित करने से इनके गुरु करुणामय ने इन्हें ज्ञान, नीति और अध्यात्म की विशेष दीक्षा दी।

इनके आराध्य देव श्रीकृष्ण थे। परोपकार, दीन-दलितों को शरण देना, साधु सेवा, भक्ति और सत्य की खोज करना इनके जीवन का परम उद्देश्य था। ईश्वर से डरना, परोपकार करना, धन, बल, बुधि व (UPBoardSolutions.com) शरीर का गर्व न करना, भौतिक सुख के साथ आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति का भी यत्ल करना आदि इनके उपदेश थे, जो आज भी मान्य हैं।

UP Board Solutions

अभ्यास

प्रश्न 1.
महर्षि व्यास का नाम वेदव्यास क्यों पड़ा?
उत्तर :
व्यास जी ने वेदों को नया स्वरूप दिया, इसलिए उनका नाम वेदव्यास पड़ा।

प्रश्न 2.
व्यास जी ने पुराणों में कौन-सी महत्त्वपूर्ण बातें बताई हैं ?
उत्तर :
व्यास जी ने पुराणों में दो महत्वपूर्ण बातें बताई हैं

  1. परोपकार से पुन्य की प्राप्ति होती है तथा
  2. दूसरों को पीड़ित करने से पाप की प्राप्ति होती है।

प्रश्न 3.
वेदव्यास ने किन ग्रंथों की रचना की?
उत्तर :
वेदव्यास ने महाभारत, अठारह पुराणों और वेदांत दर्शन की रचना की।

UP Board Solutions

प्रश्न 4.
महाभारत की रचना किसने की और लिखा किसने?
उत्तर :
महाभारत की रचना व्यास जी ने की और लिखने का कार्य गणेश जी ने किया।

प्रश्न 5.
महर्षि व्यास ने महाभारत की रचना किस उद्देश्य से की थी?
उत्तर :
महर्षि व्यास जी ने महाभारत की रचना लोक कल्याण की भावना से की थी।

प्रश्न 6.
महर्षि सुपंच सुदर्शन ने लोगों को क्या शिक्षा दी?
उत्तर :
महर्षि सुपंच सुदर्शन ने लोगों को शिक्षा दी कि ईश्वर से डरो, (UPBoardSolutions.com) मनुष्य से नहीं। धन, बल, बुद्धि, रूप, सौंदर्य का घमण्ड मत करो; परोपकार करो; स्वाभिमान की रक्षा करो; भौतिक सुख के साथ आध्यात्मिक सुख का प्रयास भी करो आदि।

प्रश्न 7.
सही (✓) अथवा गलत (×) का निशान लगाइए (निशान लगाकर) –

  • महर्षि वेदव्यास ने पुराणों का संकलन किया। (✓)
  • महर्षि वेदव्यास का प्रसिद्ध ग्रंथ गीता है। (×)
  • श्री कृष्ण के उपदेश पुराणों में वर्णित हैं। (×)
  • महर्षि सुपंच सुदर्शन भक्तिभाव व शांति की खोज में लग गए। (✓)

UP Board Solutions

प्रश्न 8.
नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर चुनकर लिखिए –
गुरु करुणामय ने सुपंच सुदर्शन को ज्ञान और नीति की शिक्षा दी, क्योंकि –

(क) वे संत थे।
(ख) वे गुरु का आदर करते थे।
(ग) वे भजन पूजा में लगे रहते थे।
(घ) वे विद्वान थे।
उत्तर :
(ग) वे भजन-पूजन में लगे रहते थे।

योग्यता विस्तार –
नोट – विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें।

We hope the UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 5 महाभारत काल के महर्षि (महान व्यक्तिव) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 5 महाभारत काल के महर्षि (महान व्यक्तिव), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 14 छत्रसाल (महान व्यक्तित्व)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 14 छत्रसाल (महान व्यक्तित्व)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 8 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 14 छत्रसाल (महान व्यक्तित्व).

पाठ का सारांश

छत्रसाल ओरछा के राजा चम्पतराय के पुत्र थे। इनकी माता का नाम सारन्धी था। पिता ने इनको रानी के साथ मायके भेज दिया और चार वर्ष तक वे वहीं पर रहे। सात वर्ष की अवस्था में इनकी शिक्षा प्रारम्भ हुई और तीन वर्ष में ये एक कुशल सैनिक बन गए। सोलह वर्ष की अवस्था में इनके माता-पिता का स्वर्गवास हो गया।

इन्होंने अपने बड़े भाई से मिलकर बुन्देलखण्ड का राज्य दोबारा स्थापित करने की योजना बनाई। अपनी माता के जेवर को बेचकर तीन सौ सैनिकों की एक सेना तैयार करके इन्होंने (UPBoardSolutions.com) कुशलता से युद्ध करना प्रारम्भ कर दिया। उनके शासन में प्रजा सुखी थी।

भूषण और लाल कवि इनके दरबार में थे। वे विद्वानों तथा कवियों का आदर करते थे। सन् 1731 में 83 वर्ष की आयु में इनकी मृत्यु हो गई। इन्होंने अपनी समस्त जीवन देश तथा जाति की भलाई में लगा दिया। छत्रसाल भारतमाता की वीर तथा महान सन्तान थे। शिक्षा-जीवन की सफलता कर्तव्यपरायणता में है।

UP Board Solutions

अभ्यास-प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
प्रश्न 1.
छत्रसाल का जन्म कब और किस वातावरण में हुआ?
उत्तर :
त्रसाल का जन्म सन् 1648 ई० में पहाड़ी तथा जंगली प्रदेश के वातावरण में हुआ।

प्रश्न 2.
छत्रपति शिवाजी ने छत्रसाल को क्या उपदेश दिया?
उत्तर :
छत्रपति शिवाजी ने छत्रसाल को उपदेश दिया कि वीरता से लड़ो, लालच कभी मत करो, अधर्म कभी मत करो और किसी धर्म या जाति से द्वेष न करो।।

प्रश्न 3.
छत्रसाल की प्रशंसा में किस कवि ने कविताएँ लिखीं?
उत्तर :
छत्रसाल की प्रशंसा में कवि भूषण ने कविताएँ लिखीं?

UP Board Solutions

प्रश्न 4.
औरंगजेब छत्रसाल को क्यों न हरा सका?
उत्तर :
क्योंकि छत्रसाल के लड़ने का ढंग बहुत कौशलपूर्ण था, ये और इनके भाई सेना का संचालन करते थे, ये पहाड़ी प्रदेशों में भी कुशलता से लड़ते थे। इन स्थानों की इन्हें विशेष जानकारी थी।

प्रश्न 5.
छत्रसाल का राज्य प्रबंध कैसा था?
उत्तर :
छत्रसाल का राज्य प्रबंध बहुते उत्तम और प्रजा को सुखी बनाने वाला था। कोई व्यक्ति यदि स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करता तो उसे कठोर दण्ड देते थे। सारा राज-काज इन्हीं की आज्ञा से चलता (UPBoardSolutions.com) था। प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह कितना ही छोटा हो, इनसे मिल सकता था। ये सबकी विनती और बात ध्यान से सुनते थे तथा सबकी सहायता करते थे।

UP Board Solutions

We hope the UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 14 छत्रसाल (महान व्यक्तित्व) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 14 छत्रसाल (महान व्यक्तित्व), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.