UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 4 बहता पानी निर्मला (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 4 बहता पानी निर्मला (मंजरी)

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महत्वपूर्ण गद्याशों की व्याख्या

यात्रा करने के ………………….हुँके श्रीनगर में।
प्रसंग एवं संदर्भ:
प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी-7’ में संकलित यात्रा-निबंध ‘बहता पानी निर्मला से लिया गया है। लेखक हीरानंद सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ पूर्व सुनिश्चित यात्रा
और अनियोजित यात्रा के बीच का अंतर बताया है।
व्याख्या:
लेखक कहता है- यात्रा करने का एक व्यवस्थित तरीका यह है कि यात्रा से जुड़ी सारी व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर लिया जाए। जैसे कि जगह, खर्च, छुट्टी, टिकट, सीट/बर्थ, होटल आदि के विषय में पहले ही सोच-विचार कर तय (UPBoardSolutions.com) कर लेना चाहिए और फिर यात्रा पर निकलना चाहिए। लेकिन लेखक यहाँ यह भी कहता है कि ऐसे यात्रा करने में कोई मज़ा नहीं आता। लेखक के अनुसार मजा तो वैसी यात्रा में है जिसे बिना सोचे-समझे किया जाए। योजना और इरादा कहीं और जाने का बनाओ और निकल पड़ो कहीं और के लिए। लोगों को बताओ कि हम मुंबई जा रहे हैं। और पहुँच जाओ कश्मीर।

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रात शिव सागर …………………….. उपाय क्या था?
प्रसंग: पूर्ववत्।
संदर्भ:
प्रस्तुत गद्यांश में लेखक हीरानंद सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने अपने एक गलत निर्णय के कारण बाढ़ जैसी मुसीबत में फंसे जाने का वर्णन किया है।

व्याख्या:
लेखक कहता है कि जैसे-तैसे बाढ़ के पानी में डूबी सड़कों पर मोटर साइकिल चलाते हुए वे गाँव से रात को शिवसागर पहुँचते हैं। उन्हें ठहरने के लिए जगह, भोजन, बिस्तर आदि तो मिल जाता है कि लेकिन उनको अब वहाँ तब तक रुकना था जब तक कि बाढ़ का पानी उतर नहीं जाता।। ऐसे में लेखक अपने उस गलत फैसले के लिए खुद को कोसते हैं कि न वह नया दाँत ब्रुश लेने के लिए सोनारी से निकलते, न यह मुसीबत होती। (UPBoardSolutions.com) न तो ब्रुश और न ही मोटर की ढिबरी ठीक कराने की । तात्कालिक जरूरत थी लेकिन फिर भी न जाने वे क्या सोचकर निकल पड़े थे और अब बाद में फैंस गए हैं।

पाठ का सार (सटश)

लेखक को बचपन से नक्शे देखने की शौक है। नक्शों के सहारे वे दर-दनिया की सैर का मजा लेते हैं। लेखक कहते हैं कि यात्रा करने के कई तरीके हैं। एक तो यह कि आप सोच-विचार कर निश्चय कर लें कि कहाँ जाना है, कब जाना है, कहाँ-कहाँ घूमना है, कितना खर्च होगा, फिर उसी के अनुसार सारी तैयारी कीजिए। दूसरा तरीका यह है कि आप योजना तो बनाइए कहीं जाने की और निकल कहीं और पड़िए। अंग्रेजी की एक कहावत के अनुसार एक कील के कारण कभी-कभी पूरे राज्य से हाथ धोना पड़ता है। ऐसा ही कुछ लेखक के साथ हुआ-एक दाँत माँजने के ब्रुश और मोटर की एक मामूली-सी. ढिबरी के लिए एक बार वे बड़ी मुसीबत में पड़ गए। बरसात के दिन थे, रास्ता खराब था। एक दिन लेखक सबेरे घूमने निकले तो देखा कि नदी बढ़ कर सड़क के बराबर आ गयी है। वह सोनारी गाँव के डाकबँगले से दूर आ गए थे और शिवसागर से तीन-चार मील पर थे। टूथब्रश और मोटर की एक छोटी सी ढिबरी के चक्कर में उन्हें दो-तीन घंटे लग गए (UPBoardSolutions.com) और जब वे वापस लौटे तो देखा कि सड़क पर पानी बड़े जोर से एक तरफ से दूसरी तरफ बह रहा था, क्योंकि सड़क के एक तरफ नदी थी, दूसरी तरफ नीची सतह के धान के खेत थे, जिनकी ओर पानी बढ़ रहा था। पानी के धक्के से सड़क कई जगह टूट गयी थी। लेखक पानी होने की वजह से पीछे भी नहीं लौट सकते थे, इसलिए आगे बढ़ता गए। पर थोड़ी देर बाद पानी कुछ और गहरा हो गया।

आगे कहीं कुछ दीखता नहीं था। सड़क के दोनों ओर लगे पेड़ों पर साँप लटक रहे थे। लेखक ने लौटने का निश्चय किया, पर सड़क दिखाई नहीं दे रही थी, अन्दाज से ही वे बीच के पक्के हिस्से पर गाड़ी चला रहे थे। लेखक किसी प्रकार शिवसागर पहुँचे। शिवसागर से सोनारी को एक दूसरी सड़क भी जाती थी चाय बागानों में से होकर, यह सड़क अच्छी थी पर इसके बीच एक नदी पड़ती थी जिसे नाव से पार करना होता था। लेखक ने इसी रास्ते से सोनारी जाने की सोची। लेखक इसे सड़क से नदी तक पहुँचे। नदी में नाव पर गाड़ी लाद भी ली और पार चले गए। किंतु यहाँ भी नदी में भीषण बाढ़ आयी थी। उस पार नदी का कगारा ऊँचा था, मोटर के लिए उतारी बना हुआ था। लेकिन नाव से किनारे तक जो तख्ते डाले गये थे वह ठीक नहीं लगे थे। लेखक की गाड़ी नीचे गिरी आधी पानी में, आधी किनारे पर। (UPBoardSolutions.com) लेखक जोर से ब्रेक दबाये बैठे थे। आधे घण्टे तक उस स्वर्गनसैनी पर बैठे रहने के बाद जैसे-तैसे मोटर ऊपर चढ़ायी जा सकी। आगे ऊँची जगह पर एक गाँव था। यहीं सोनारी से आये दो साइकिल-सवारों से मालूम हुआ कि वे कन्धों तक पानी में से निकल कर आये हैं-साइकिलें कन्धों पर उठाकर! और मोटर तो कदापि नहीं जा सकती। इस तरह इधर भी निराशा थी। पानी अभी बढ़ रहा था पर लेखक यहाँ कैद हो जाना नहीं चाहते थे, इसलिए फिर नाव पर मोटर चढ़ा कर उसी रास्ते नदी पार की और रात को किसी तरह शिवसागर पहुँचे। एक सज्जन ने ठहरने को जगह दी, भोजन-बिस्तर का प्रबन्ध भी हो गया पर मन ही मन लेखक ने खुद को कोसा कि न नया दाँत-ब्रुश लेने के लिए सोनारी से निकले होते, न यह मुसीबत होती। लेखक को यहाँ बारह दिन काटना पड़ा और जब डाक बँगले पर वापस पहुँचे तो देखा कि वहाँ पानी भरा हुआ था। सब कुछ भीगकर बरबाद हो गया था। यात्रा में इस तरह की कठिनाइयाँ झेलने पर भी लेखक का मानना है कि घूमते-फिरते रहना चाहिए एक जगह टिकना तो मौत है।

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प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1:
यदि आपने बस/रेलगाड़ी से कोई यात्रा की हो तो यात्रा में लिये गये टिकट (UPBoardSolutions.com) पर दी गयी जानकारी तथा निर्देश को लिखें।
उत्तर:
संकेत- रेलगाड़ी की टिकट पर दी गई जानकारियाँ मुख्यतः इस प्रकार की होती हैं
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प्रश्न 2:
“मैंने लाटन का ……………………………………………………… शिवसागर पहुँचा।” उपर्युक्त अनुच्छेद को पढ़कर अपने सहपाठियों से पूछने के लिए चार प्रश्न बनाइए।
उत्तर:
प्र० (i) लेखक ने लौटने का निश्चय क्यों किया होगा?
प्र० (ii) लेखक को अंदाज से ही बीच के पक्के हिस्से पर गाड़ी क्यों चलानी पड़ रही थी? (UPBoardSolutions.com)
प्र० (iii) लेखक ने क्या देखा था?
प्र० (iv) लेखक शिवसागर कैसे पहुँचे?

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विचार और कल्पना

प्रश्न 1:
आपने भी कोई न कोई यात्रा जरूर की होगी। उस यात्रा में कई प्रकार (UPBoardSolutions.com) की समस्याएँ आयी होंगी। उन समस्याओं का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 2:
आठ घण्टा उस स्वर्गनसैनी पर बैठे-बैठे, असमिया, हिन्दी और बंगला की खिचड़ी में लोगों को बताता रहा कि क्या करें? इन परिस्थितियों में लेखक के मन में क्या-क्या भाव उत्पन्न हुए होंगे? स्वयं को उस स्थान पर रखते हुए लिखिए।
उत्तर:
इन परिस्थितियों में लेखक के मन में तरह-तरह के भाव आ रहे होंगे; जैसे-बाढ़ का पानी यदि ज्यादा ऊपर आ गया तो? यदि यह नाव पलट जाएगी तो क्या होगा? क्या मैं अपने घर सुरक्षित लौट पाऊँगा? मोटरसाइकिल यदि आधे रास्ते में खराब हो गई तो? इत्यादि-इत्यादि।

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यात्रावृत्त से

प्रश्न 1:
लेखक ने यात्रा करने के कितने प्रकार बताए हैं और उन्होंने किस प्रकार की यात्रा की?
उत्तर:
लेखक ने यात्रा करने के दो तरीके बताए हैं-एक तरीका तो यह कि आप पहले (UPBoardSolutions.com) से ही यात्रा संबंधित पूरी योजना बना लें और दूसरी यह कि आप योजना तो कहीं और जाने की बनाइए और निकल कहीं और जाइए।

प्रश्न 2:
लेखक ने किन स्थानों की यात्रा की ?
उत्तर:
लेखक ने सोनारी और शिवसागर की यात्रा की।

प्रश्न 3:
लेखक ने अपनी यात्रा में किस प्रकार की कठिनाइयों का सामना किया ?
उत्तर:
लेखक जब यात्रा के लिए निकले तो उन्हें बरसात का मौसम होने के कारण कई कठिनाइयों मना करना पड़ा; जैसे-मौसम, खराब था, रास्ता खराब था, पूरी सड़क बाढ़ के पानी में डूबी हुई। थी, न आगे बढ़ने का रास्ता था न पीछे लौटने का।

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प्रश्न 4:
‘वास्तव में जितनी यात्राएँ स्थूल पैरों से करता हूँ उससे ज्यादा कल्पना के चरणों से करता हूँ’ इस वाक्य से लेखक का क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
लेखक देश-विदेश भ्रमण के शौकीन और यात्रा-प्रेमी जान पड़ते हैं। स्थूल पैरों से यात्रा करने का उनका तात्पर्य उन स्थानों से हैं जहाँ वे स्वयं शरीर पहुँच सके, लेकिन जिन स्थानों की यात्रा उन्होंने अपनी कल्पनाओं में की, उन स्थानों के विषय में उन्होंने कल्पना के चरणों शब्द का प्रयोग किया है।

प्रश्न 5:
‘एक कील की वजह से राज्य खो जाता है’ कहावत को लेखक ने किस सन्दर्भ में कहा ?
उत्तर:
एक कील की वजह से राज्य खो जाती है यदि इस अंग्रेजी कहावत की व्याख्या की जाए। तो इस प्रकार राज्य खोने की बात साबित हो पाएंगी कि-“एक कील की वजह से नाल, नाल की वजह से घोड़ा, घोड़े के कारण लड़ाई और लड़ाई के कारण राज्य से हाथ धोना पड़ता है। (UPBoardSolutions.com) लेखक ने यह बात इस संदर्भ में कही है कि एक दाँत माँजने के ब्रुश और मोटर की एक मामूली सी ढिबरी लेने के लिए गए और उन्हें लौटने में 3 घंटे की देर हो गई तो वे बाढ़ जैसी मुसीबत में पड़ गए।

प्रश्न 6:
यात्रा करने में हमें नक्शा किस प्रकार सहायता करता है?
उत्तर:
नक्शे से यात्रा करने में काफी सहूलियत मिलती है। नक्शा हमें सही रास्ता, दूरी, नियत स्थान आदि के बारे में पूरी जानकारी देता है।

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भाषा की बात

प्रश्न 1:
पाठ में आये अंग्रेजी के शब्दों को छाँटिए और उनके (UPBoardSolutions.com) हिन्दी अर्थ ढूँढकर लिखिए?
उत्तर:
टिकट                –         अधिकार-पत्र
होटल                –          भोजनालय या विश्रामालय
सीजन               –           मौसम
ब्रुश                   –           दातुन
रिजर्व                –           आरक्षित
मोटर                –            यंत्र
सीट                  –           बैठने का स्थान
बर्थ                   –           सोने का स्थान

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प्रश्न 2:
‘एक कील की वजह से राज्य खो जाता है’ यह एक कहावत है। ऐसी ही कहावतों को खोजिए और उनका अर्थ लिखिए ?
उत्तर:
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता – अकेला व्यक्ति कोई बड़ा काम नहीं कर सकता।
आसमान से गिरा खजूर में अटका – एक मुसीबत से निकले तो दूसरी आ पड़ी।
सूरदास की काली कमरी चढ़े न दूजो रंग – आदतें पक्की होती है बदलती नहीं।
सौ सुना की एक लोहार की – काम को फैलाने की अपेक्षा एकदम कर डालना अच्छा होता है।

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प्रश्न 3:
उचित संबंधबोधक शब्दों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित वाक्यों को पूरा कीजिए
(क) उसी के अनुसार छुट्टी लीजिए और टिकट करवाइए।
(ख) लड़ाई के कारण राज्य से हाथ धोना (UPBoardSolutions.com) पड़ता है।
(ग) एक मामूली सी ढिबरी के चलते हम कैसी मुसीबत में पड़े।
(घ) नदी बढ़कर सड़क के ऊपर आ गई।
(ङ) सड़क पर से हटकर किनारे की ओर जाने लगे।

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UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles

UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles (त्रिभुज)

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प्रश्नावली 7.1

प्रश्न 1.
चतुर्भुज ACBD में, AC = AD है और रेखाखण्ड AB, ∠A को समद्विभाजित करता है। दर्शाइए कि ∆ABC = ∆ABD है। BC और BD के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-1
हल :
दिया है : ACBD एक चतुर्भुज है जिसमें भुजा AC = AD है और रेखाखण्ड AB, ∠A को समद्विभाजित करता है।
सिद्ध करना है : ∆ABC = ∆ABD; और
ज्ञात करना है : BC और BD में सम्बन्ध।
उपपत्ति: ∆ABC और ∆ABD की तुलना करने पर,
AC = AD (दिया है)
∠CAB = ∠DAB (दिया है)।
AB = AB (उभयनिष्ठ है)
∆ABC = ∆ABD (S.A.S. से)
Proved.
BC = BD

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प्रश्न 2.
ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें AD = BC और ∠DAB = ∠ CBA है। सिद्ध कीजिए कि
(i) ∆ABD = ∆BAC
(ii) BD = AC
(iii) ∠ABD = ∠BAC
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-2
हल :
दिया है : चतुर्भुज ABCD में AD = BC और ∠DAB = ∠CBA
सिद्ध करना है :
(i) ∆ABD = ∆BAC
(ii) BD = AC
(iii) ∠ ABD = ∠BAC
उपपत्ति (i) ∆ABD और ∆BAC में,
AD = BC (दिया है)
∠DAB = ∠CBA (दिया है)
AB = AB (उभयनिष्ठ है)
∆ABD = ∆BAC (S.A.S. से)
(ii) सर्वांगसम त्रिभुजों में संगत मापें बराबर होती हैं और ∆ABD और ∆BAC सर्वांगसम हैं।
संगत भुजाएँ BD = AC
(iii) ∆ABD = ∆BAC
∠ABD = ∠BAC (C.P.C.T.) Proved.

प्रश्न 3.
एक रेखाखण्ड AB पर AD और BC दो बराबर लम्ब रेखाखण्ड हैं। दर्शाइए कि CD, रेखाखण्ड AB को समद्विभाजित करता है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-3
हल :
दिया है : AB एक रेखाखण्ड है जिसके सिरों A तथा B पर क्रमश: AD और BC लम्ब इस प्रकार हैं कि AD = BC
सिद्ध करना है : CD, रेखाखण्ड AB को समद्विभाजित करता है।
उपपत्ति: प्रश्नानुसार, ∠DAB = 90° ⇒ ∠ DAO = 90°
तथा ∠CBA = 90° ⇒ ∠CBO = 90°
∠DAO = ∠CBO …(1)
∠AOD = ∠COB …(2) (शीर्षाभिमुख कोण)
(1) और (2) को जोड़ने पर,
∠DAO + ∠AOD = ∠CBO + ∠COB
⇒ 180° – ∠ADO = 180° – ∠BCO (त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग 180° होता है।)
⇒ ∠ODA = ∠OCB …(3)
अब ∆AOD व ∆BOC में,
∠DAO = ∠CBO [समीकरण (1) से]
AD = BC (दिया है)
∠ODA = ∠OCB [ समीकण (3) से]
∆AOD = ∆BOC (S.A.S. से)
AO = BO (C.P.C.T.)
रेखाखण्ड AB बिन्दु O पर समद्विभाजित होता है।
अत: CD, रेखाखण्ड AB को बिन्दु0 पर समद्विभाजित करता है।
Proved.

प्रश्न 4.
l और m दो समान्तर रेखाएँ हैं जिन्हें समान्तर रेखाओं pऔर qका एक अन्य युग्म प्रतिच्छेदित करता है। दर्शाइए कि ∆ABC = ∆CDA
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-4
हल:
दिया है। l और m दो समान्तर रेखाएँ हैं जिनको एक अन्य दो समान्तर रेखाओं p और q का युग्म बिन्दुओं A, B, C और D पर प्रतिच्छेदित करता है। रेखाखण्डे AC खींचा गया है।
सिद्ध करना है : ∆ABC = ∆CDA
उपपत्ति : l || m और AC एक तिर्यक रेखाखण्ड इन्हें प्रतिच्छेदित करता है।
∠DAC = ∠ BCA (एकान्तर कोण युग्म)
इसी प्रकार, p || q है और AC एक तिर्यक रेखाखण्ड इन्हें प्रतिच्छेदित करता है।
∠DCA = ∠BAC (एकान्तर कोण युग्म)
अब ∆ABC और ∆CDA में, ∠BCA = ∠DAC (ऊमर सिद्ध किया है)
AC = AC (उभयनिष्ठ है)
∠BAC = ∠DCA (ऊपर सिद्ध किया है)
∆BC = ∆CDA (A.S.A से)
Proved.

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प्रश्न 5.
रेखा l कोण A को समद्विभाजित करती है और B रेखा पर स्थित कोई बिन्दु है। BP और BQ कोण A की भुजाओं पर B से डाले गए लम्ब हैं। दर्शाइए कि
(i) ∆APB = ∆AQB
(ii) BP = BQ अर्थात बिन्दु B कोण A की भुजाओं से समदूरस्थ है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-5
हल :
दिया है। एक रेखा है जो ∠A को समद्विभाजित करती है। रेखा l पर कोई बिन्दु B स्थित है। बिन्दु B से ∠ A की भुजाओं AP और AQ पर क्रमशः BP और BQ लम्ब खींचे गए हैं।
सिद्ध करना है : (i) ∆APB = ∆AQB,
(ii) BP = BQ अर्थात् बिन्दु B कोण ∆की भुजाओं से समदूरस्थ है।
उपपत्ति : (i) BP ⊥ AP और BQ ⊥ AQ
∠P = 90° और ∠Q = 90° …(1)
A रेखा l, ∠A को समद्विभाजित करती है।
∠QAB = ∠PAB
∠QAB= ∠PAB = x° …(2)
तब ∆APB और ∆AQB के अन्त:कोणों के योग की समानता से,
∠ABP + ∠PAB + ∠P = ∠ABQ + ∠QAB + ∠Q
∠ABP + x + 90° = ∠ABQ + x° + 90° [समीकरण (1) तथा (2) से]
∠ABP =∠ABQ
Proved.
अब ∆APB और ∆AQB में, ∠PAB = ∠QAB (दिया है)
AB = AB (उभयनिष्ठ है)
∠ABP = ∠ABQ (अभी सिद्ध किया है)
∆APB = ∆AQB (A.S.A से)
(ii) : ∆APB = ∆AQB
BP= BQ (C.P.C.T.)
अर्थात बिन्दु B, ∠A की भुजाओं से समदूरस्थ है।
Proved.

प्रश्न 6.
दी गई आकृति में, AC = AE, AB = AD और ∠BAD = ∠EAC है, दर्शाइए कि BC = DE है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-6
हल :
दिया है : दी गई आकृति के ∆ABD में AB = AD तथा ∆ACE में AC = AE है और ∠BAD = ∠EAC। रेखाखण्ड DE खींचा। गया है।
सिद्ध करना है : BC = DE
उपपत्ति : ∠ BAD = ∠ EAC दोनों ओर ∠DAC जोड़ने पर,
∠BAD + ∠DAC = ∠EAC + ∠DAC
∠BAC = ∠DAE
अब ∆ABC तथा ∆ADE में,
AB = AD (दिया है)
∠BAC = ∠DAE [समीकरण (1) से]
AC = AE (दिया है)
∆ABC = ∆DE (S.A.S. से)
अतः BC = DE (C.P.C.T.)
Proved.

प्रश्न 7.
AB एक रेखाखण्ड है और Pइसका मध्य बिन्दु है। D और E रेखाखण्ड AB के एक ही ओर स्थित दो बिन्दु इस प्रकार हैं कि ∠BAD = ∠ABE और ∠EPA = ∠DPB है। दर्शाइए कि
(i) ∆DAP = ∆EBP
(ii) AD = BE
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-7
हल :
दिया है : AB एक रेखाखण्ड है जिसका मध्य-बिन्दु P है। AB के एक ही ओर दो बिन्दु D और E हैं। D से रेखाखण्ड DA और DP खींचे गए हैं और E से रेखाखण्ड EB और EP खींचे गए हैं जिससे ∠BAD = ∠ABE तथा ∠EPA = ∠DPB है।
सिद्ध करना है :
(i) ∆DAP = ∆EBP
(ii) AD = BE
उपपत्ति (i) P, AB का मध्य बिन्दु है जिससे AP= BP
और ∠BAD = ∠ABE (दिया है)
∠PAD = ∠PBE
हमें ज्ञात है कि ∠EPA = ∠DPB
दोनों पक्षों में ∠EPD जोड़ने पर,
∠EPA + ∠ EPD = ∠DPB + ∠EPD
∠DPA = ∠EPB (चित्र से)
अब ∆DAP तथा ∆EBP में, ∠DPA = ∠ EPB (अभी सिद्ध किया है)
AP = BP (P, AB का मध्य-बिन्दु है)
∠PAD = ∠PBE (सिद्ध कर चुके हैं)
∆DAP = ∆EBP (A.S.A. से)
(ii) ∆DAP = ∆EBP
AD = BE (C.P.C.T.)
Proved.

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प्रश्न 8.
एक समकोण त्रिभुज ABC में, जिसमें ∠C समकोण है, M कर्ण AB का मध्य बिन्दु है। C को M से मिलाकर D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM = CM है। बिन्दु D को बिन्दु B से मिला दिया जाता है। दर्शाइए कि :
(i) ∆AMC = ∆BMD
(ii) ∠DBC एक समकोण है।
(iii) ∆DBC = ∆ACB
(iv) CM = [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] AB
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-8
हल :
दिया है: ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें ∠C = 90° है तथा कर्ण AB को मध्य-बिन्दु M है। रेखाखण्ड CM खींचकर इसे बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि CM = DM है। बिन्दु D को बिन्दु B से मिलाकर रेखा BD खींची गई है।
सिद्ध करना है :
(i) ∆AMC = ∆BMD
(ii) ∠DBC एक समकोण है।
(iii) ∆DBC = ∆ACB
(iv) CM = AB
उपपत्ति : (i) ∆AMC और ∆BMD में,
AM = BM (M, AB का मध्य-बिन्दु है)
∠AMC = ∠BMD (शीर्षाभिमुख कोण)
CM = DM (दिया है)
∆AMC = ∆BMD (S.A.S. से)
(ii) ∆AMC = ∆BMD
∠MAC = ∠ MBD
AC || BD
∠DBC + ∠ACB = 180°
∠DBC + 90° = 180°
(iii) ∆DBC और ∆ACB में,
DB = AC (C.P.C.T.) [∆AMC = ∆BMD]
∠DBC = ∠ACB [ भाग (ii) से ]
BC = BC (उभयनिष्ठ)
∆DBC = ∆ACB (S.A.S. से)
(iv) DC = AB (C.P.C.T.)
2CM = AB (DM = CM)
CM = [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] AB
Proved.

प्रश्नावली 7.2

प्रश्न 1.
एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC में जिसमें AB = AC है, ∠B और ∠C के समद्विभाजक परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। A और O को जोड़िए और दर्शाइए कि
(i) OB = OC
(ii) AO, ∠A को समद्विभाजित करता है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-9
हल :
दिया है : समद्विबाहु ∆ABC में, AB = AC है।
∠B और ∠C के समद्विभाजक BO तथा CO बिन्दु O पर मिलते हैं। रेखाखण्ड AO को जोड़ा गया है।
सिद्ध करना है :
(i) OB = OC
(ii) AO, ∠A को समद्विभाजित करता है।
उपपत्ति :
(i) ∆ABC में, AC = AB (दिया है)
∠ABC = ∠ACB
(त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं)
[latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠ABC = [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠ACB
∠OBC = ∠OCB …(1) (BO, CO क्रमशः ∠B और ∠C के समद्विभाजक हैं) :
∆OBC में,
∠OBC = ∠OCB
अतः OB = OC (त्रिभुज में समान कोणों की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।)
(ii) ∆ABO तथा ∆ACO में,
AB = AC (दिया है)
OB = OC (ऊपर सिद्ध किया है)
AO = AO (उभयनिष्ठ भुजा है)
∆ABO = ∆ACO (S.S.S. से)
∠BAO = ∠CAO (C.P.C.T.)
अर्थात, AO, ∠A को समद्विभाजित करता है।
Proved.

प्रश्न 2.
∆ABC में AD भुजा BC का लम्ब समद्विभाजक है दर्शाइए कि ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-10
हल :
दिया है : ABC एक त्रिभुज है जिसमें भुजा BC का लम्ब समद्विभाजक AD है।
सिद्ध करना है : ∆ABC समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है।
उपपत्ति : AD, BC का लम्ब समद्विभाजक है।
BD = CD तथा ∠ADB = ∠ADC = 90°
अब ∆ABD और ∆ACD में,
BD = CD (ऊपर सिद्ध किया है)
∠ADB = ∠ADC (ऊपर सिद्ध किया है)
AD = AD (उभयनिष्ठ भुजा है)
∆ABD = ∆ACD (S.A.S.से)
AB = AC (C.P.C.T.)
अर्थात् ∆ABC समद्विबाहु है।
Proved.

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प्रश्न 3.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें बराबर भुजाओं AC और AB पर क्रमशः शीर्षलम्ब BE तथा CF खींचे गए हैं। दर्शाइए कि ये शीर्ष लम्ब बराबर हैं।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-11
हल :
दिया है : एक समद्विबाहु ∆ABC में AB = AC तथा शीर्ष B से भुजा AC पर BE लम्ब डाला गया है और शीर्ष C से भुजा AB पर CF लम्ब डाला। गया है।
सिद्ध करना है : BE = CF
उपपत्ति: ∆ABC में,
AC = AB (दिया है)
∠ABC = ∠ACB … (1) (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं)
अब ∆BCF और ∆CBE में,
∠ BFC = ∠CEB (BE ⊥ AC तथा CF ⊥ AB)
BC = BC (उभयनिष्ठ भुजा)
∠FBC = ∠ ECB (∠ABC = ∠FBC तथा ∠ACB = ∠ECB)
∆BCF = ∆CBE (A.S.A. से)
BE = CF (C.P.C.T.)
Proved.
अर्थात दोनों शीर्षलम्ब बराबर हैं।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-12

प्रश्न 4.
ABC एक त्रिभुज है जिसमें AC और AB पर खींचे गए शीर्षलम्ब BE तथा CF बराबर हैं। दर्शाइए कि
(i) ∆ABE = ∆ACF
(ii) AB = AC अर्थात ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-13
हल :
दिया है : ∆ABC में शीर्ष B से शीर्षलम्ब BE तथा शीर्ष C से शीर्षलम्ब CF, क्रमशः AC और AB पर इस प्रकार खींचे गए हैं कि BE = CF है।
सिद्ध करना है :
(i) ∆ABE = ∆ACF
(ii) AB = AC अर्थात ∆ABC समद्विबाहु है।
उपपत्ति : (i) BE शीर्षलम्ब है AC पर ∠AEB = 90°
∠ABE = 90° – A (त्रिभुज के अन्त:कोणों को योग 180° होता है)
इसी प्रकार, CF शीर्षलम्ब है AB पर
∠AFC = 90°
∠ACF = 90° – A ( त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग 180° होता है)
∠ABE = ∠ACF …….(1)
अब ∆ABE और ∆ACF में,
∠ABE = ∠ACF [समीकरण (1) से]
BE = CF (दिया है)
∠AEB= ∠AFC (प्रत्येक 90°)
∆ABE = ∆ACF (A.S.A.से)
(ii) ∆ABE = ∆ACF
AB = AC (C.P.C.T.)
अत: ∆ABC समद्विबाहु है।
Proved.
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-14

प्रश्न 5.
ABC और DBC समान (एक ही) आधार पर स्थित दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं। दर्शाइए कि ∠ABD = ∠ACD
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-15
हल :
दिया है। दो समद्विबाहु ∆ABC और ∆DBC एक ही आधार BC पर स्थित हैं और AB = AC तथा DB = DC
सिद्ध करना है : ∠ABD = ∠ACD
उपपत्ति : ∆ABC में,
AB = AC (दिया है)
∠ACB = ∠ABC (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) …(1)
पुनः ∆DBC में, DB = DC (दिया है)
∠BCD = ∠CBD (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) …(2)
समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर,
∠ ACB + ∠BCD = ∠ABC + ∠CBD
∠ACD = ∠ABD
अतः ∠ABD = ∠ACD
Proved.

प्रश्न 6.
ABC एक समद्विभाहु त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है। भुजा BA बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाई गई है कि AD = AB है। दर्शाइए कि ∠BCD एक समकोण है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-16
हल :
दिया है : ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें भुजा AB = AC है और भुजा BA को , बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि AD = AB है।
सिद्ध करना है : ∠BCD एक समकोण है।
उपपत्ति : ∆ABC में,
AC = AB (दिया है)
∠ABC = ∠ACB (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) …(1)
भुजा BA को बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि
AB = AD
परन्तु दिया है कि AB = AC भी हैं।
AC = AD
∆ACD में,
∠ADC = ∠ACD (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) …(2)
समीकरण (1) व समीकरण (2) को जोड़ने पर,
∠ABC + ∠ADC = ∠ACB + ∠ACD
∠ABC + ∠ADC = ∠ BCD (चित्र से)
∠DBC +∠BDC = ∠BCD (∠ ABC = ∠ DBC तथा ∠ ADC = ∠BDC) …(3)
अब : ∆BCD में,
∠DBC + ∠BDC + ∠BCD = 180° (त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग 180° होता है)
∠BCD + ∠BCD = 180° [ समीकरण (3) से]
2 ∠BCD = 180°
∠BCD = 90°
अतः ∠BCD एक समकोण है।
Proved.

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प्रश्न 7.
ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° और AB = AC है। ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-17
हल :
दिया है : ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें A = 90° और बराबर भुजाओं में AB = AC है।
ज्ञात करना है : ∠B तथा ∠C
गणना : ∆ABC समद्विबाहु है जिसमें AB = AC है।
∠C = ∠B (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं) …(1)
त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग 180° होता है।
∠A + ∠B + ∠C = 180°
90° +∠B + ∠B = 180° [समीकरण (1) से]
2 ∠B = 180° – 90° = 90°
∠B = 45° …(1)
∠C = ∠ B
∠C = 45°
अतः ∠B = 45° तथा ∠C = 45°

प्रश्न 8.
दर्शाइए कि किसी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-18
हल :
दिया है : ABC एक समबाहु त्रिभुज है जिसमें भुजाएँ AB, BC और CA परस्पर समान लम्बाई की हैं।
∠A, ∠B और ∠C समबाहु त्रिभुज के अन्त: कोण हैं।
सिद्ध करना है : त्रिभुज का प्रत्येक अन्त:कोण = 60°
उपपत्ति: ∆ABC समबाहु है जिसमें AB = BC = AC
यदि AB = AC तो ∠C = ∠B …..(1)
यदि AB = BC तो ∠C = ∠A …(2) (त्रिभुज में समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं)
समीकरण (1) व समीकरण (2) से
∠A = ∠B = ∠C …(3)
परन्तु त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग = 180°
∠A + ∠B + ∠C = 180°
⇒ ∠A + ∠A + ∠A = 180°
⇒ 3 ∠A = 180°
⇒ ∠A = 60°
तब समीकरण (3) से
∠A = ∠B = ∠C = 60°
अतः समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक अन्त: कोण = 60°
Proved.

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प्रश्नावली 7.3

प्रश्न 1.
∆BC और ∆DBC एक ही आधार BC पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि A और D, भुजा BC के एक ही ओर स्थित हैं। यदि AD बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करे तो दर्शाइए कि :
(i) ∆ABD = ∆ACD
(ii) ∆ABP = ∆ACP
(iii) AP, ∠A और ∠D दोनों को समद्विभाजित करता है।
(iv) AP, रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-19
हल :
दिया है। एक ही आधार BC पर दो समद्विबाहु त्रिभुज, ∆ABC और ∆DBC ऐसे स्थित हैं कि A और D, BC के एक ही ओर हैं।
AD को बढ़ाने पर यह BC को P पर काटती है।
सिद्ध करना है :
(i) ∆ABD = ∆ACD
(ii) ∆ABP = ∆ACP
(iii) AP, ∠A और ∠D दोनों को समद्विभाजित करता है।
(iv) AP, रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
उपपत्ति : ∆ABC समद्विबाहु है जिसको आधार BC है।
AB = AC
और ∆DBC समद्विबाहु है जिसका आधार BC है।
BD = CD
(i) ∆ABD और ∆ACD में,
AB = AC [समीकरण (1) से]
BD = CD [समीकरण (2) से ]
AD = AD (उभयनिष्ठ भुजा से)
∆ABD = ∆ACD (S.S.S. से)
(ii) ∆ABD = ∆ACD
∠BAD = ∠CAD
अर्थात् AD, ∠A का समद्विभाजक है। (C.P.C.T.)
तबे AD को आगे बढ़ाने पर AP भी ∠A का समद्विभाजक होगा।
अब ∆ABP और ∆ACP में,
AB = AC [समीकरण (1) से]
∠BAP = ∠CAP ( AP, ∠A का समद्विभाजक है।)
AP = AP (उभयनिष्ठ भुजा)
∆ABP = ∆ACP (S.A.S. से)
(iii) ∆ABP = ∆ACP के ∠BDP = ∠CDP (C.P.C.T.)
DP, ∠D का समद्विभाजक है।
AP, ∠D का समद्विभाजक है। और हम अभी सिद्ध कर चुके हैं कि AP, ∠A का समद्विभाजक है।
तब, AP, ∠A और ∠D दोनों को समद्विभाजित करता है।
(iv) अभी हमने सिद्ध किया है कि ∆ABP = ∆CP
∠APB = ∠APC
तथा BP = CP (C.P.C.T.)
अब BP = CP
AP, भुजा BC का समद्विभाजक है।
∠ APB + ∠ APC = 180° और ∠APB = ∠APC (रेखीय युग्म)
तब हल करने पर,
∠APB = ∠APC = 90°
AP, BC पर लम्ब है।
AP, BC पर लम्ब भी है और AP, BC का समद्विभाजक भी है।
अतः AP रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
Proved.

प्रश्न 2.
AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि
(i) AD, रेखाखण्ड BC को समद्विभाजित करता है।
(ii) AD, ∠A को समद्विभाजित करता है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-20
हल :
दिया है : ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है।
त्रिभुज के शीर्ष A से BC पर AD लम्ब डाला गया है जिससे AD शीर्षलम्ब है।
सिद्ध करना है :
(i) AD, रेखाखण्ड BC को समद्विभाजित करता है।
(ii) AD, ∠A को समद्विभाजित करता है।
उपपत्ति : AD, ∆ABC का शीर्षलम्ब है।
AD ⊥ BC के ∠ADB = 90°
और ∠ADC = 90°
AB, ∆ABD को और AC, ∆ACD का कर्ण है।
तब समकोण त्रिभुज ABD और समकोण त्रिभुज ACD में, ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)
AB = AC (दिया है)
AD = AD (उभयनिष्ठ भुजा)
∆ABD = ∆ACD (R.H.S.)
(i) ∆BD = ∆ACD
BD = CD (C.P.C.T.)
D, BC का मध्य-बिन्दु है।
अत: AD, रेखाखण्ड BC को समद्विभाजित करता है।
(ii) ∆ABD = ∆ACD
∠BAD = ∠CAD (C.P.C.T.)
अत: AD, ∠A को समद्विभाजित करता है।
Proved.

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प्रश्न 3.
एक ∆BC की दो भुजाएँ AB तथा BC और माध्यिका AM क्रमशः एक-दूसरे ∆PQR की भुजाओं PQ तथा QR और माध्यिका PN के बराबर है। दर्शाइए कि
(i) ∆ABM = ∆PQN
(ii) ∆ABC = ∆PQR
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-21
हल :
दिया है: ∆ABC और ∆PQR दो त्रिभुज हैं जिनमें AB = PQ, BC = QR तथा माध्यिका AM = PN
सिद्ध करना है :
(i) ∆ABM = ∆PQN
(ii) ∆ABC = ∆PQR
उपपत्ति : BC = QR (दिया है)
[latex]\frac { BC }{ 2 }[/latex] = [latex]\frac { QR }{ 2 }[/latex]
BM = QN (AM व PN माध्यिकाएँ हैं)
(i) ∆ABM और ∆PQN में,
AB = PQ (दिया है)
AM = PN (दिया है)
BM = QN (ऊपर सिद्ध किया है)
∆ABM = ∆PQN (S.S.S. से)
(ii) ∆ABM = ∆PQN ⇒ ∠B = ∠Q (C.P.C.T.) …(1)
अब ∆BC तथा ∆PVR में,
AB = PQ (दिया है)
BC = QR (दिया है)
∠B = ∠Q [समीकरण (1) से]
अतः ∆BC = APQR (S.A.S. परीक्षण से)
Proved.

प्रश्न 4.
BE और CF एक ∆ABC के दो बराबर शीर्षलम्ब हैं। R.H.S. सर्वांगसमता नियम का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-22
हल :
दिया है : ABC एक त्रिभुज है जिसमें शीर्ष B से भुजा AC पर BE शीर्ष लम्ब खींचा गया है और शीर्ष C से भुजा AB पर CF शीर्षलम्ब इस प्रकार है कि BE = CF
सिद्ध करना है: ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
उपपत्ति : ∆ABC में BE, शीर्ष B से AC पर शीर्षलम्ब है।
∠BEC = 90°
∆BEC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें कर्ण BC है।
पुनः ∆ABC में CF, शीर्ष C से AB पर शीर्षलम्ब है।
∠ BFC = 90°
∆BFC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें कर्ण BC है।
समकोण त्रिभुज ∆BEC और ∆BFC में,
∠ BEC = ∠CFB (प्रत्येक 90°)
BE = CF (दिया है)
BC = BC (उभयनिष्ठ भुजा)
∆BEC = ∆BFC (R.H.S.)
∠ECB = ∠ FBC
⇒ ∠ACB =∠ ABC (C.P.C.T.)
अब ∆ABC में,
∠ACB = ∠ABC
AB = AC (त्रिभुज में समाने कोणों की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं)
अतः ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
Proved.

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प्रश्न 5.
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है। AP ⊥ BC खींचकर दर्शाइए कि ∠B = ∠C
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-23
हल :
दिया है: ∆ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है।
शीर्ष A से BC पर AP लम्ब खींचा गया है। सिद्ध करना है : ∠B = ∠C
उपपत्ति: AP⊥ BC
∆APB में, ∠APB = 90° जिससे कर्ण AB है।
और ∆APC में, ∠APC = 90° जिससे कर्ण AC है।
अब ∆APB और ∆APC में,
∠APB = ∠ APC (प्रत्येक 90°)
AB = AC (दिया है)
AP = AP (उभयनिष्ठ भुजा)
∆APB = ∆APC (R.H.S. से)
अतः ∠B = ∠C (C.P.C.T.)
Proved.

प्रश्नावली 7.4

प्रश्न 1.
दर्शाइए कि समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे लम्बी (या सबसे बड़ी) भुजा होती है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-24
हल :
दिया है : ∆ABC में, ∠C = 90° तथा भुजा AB कर्ण है।
सिद्ध करना है : कर्ण AB, सबसे बड़ी भुजा है।
उपपत्ति: ∆ABC में, ∠C = 90° (दिया है)
∠A + ∠B = 180° – ∠C = 180° – 90° = 90° (त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग 180° होता है)
∠A तथा ∠B, 90° से छोटे हैं।
∠C > ∠A तथा ∠C >∠B
∆ABC में,
∠C > ∠A
AB > BC (प्रमेय-4 से)
∠C > ∠B
AB > CA (प्रमेय-4 से)
AB > BC और AB > CA
AB, दोनों (BC व CA) से बड़ी है।
अतः कर्ण AB सबसे बड़ी भुजा है।
Proved.

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प्रश्न 2.
सम्मुख आकृति में, ∆ABC की भुजाओं AB और AC को क्रमशः बिन्दुओं P और Q तक बढ़ाया गया है साथ ही ∠PBC < ∠QCB है। दर्शाइए कि AC > AB
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-25
हल :
दिया है : ∆ABC में भुजाओं AB और AC को आगे बढ़ाया गया है। बढ़ी हुई AB पर बिन्दु P और बढ़ी हुई AC पर बिन्दु Q लिया गया है।
इस प्रकार बने बहिष्कोणों में ∠PBC < ∠QCB सिद्ध करना है : AC > AB
उपपत्ति : PBC, ∆ABC का बहिष्कोण है।
∠PBC = ∠ACB +∠A …..(1)
और ∠QCB भी ∆ABC का बहिष्कोण है।
∠QCB = ∠ABC + ∠A …(2)
∠PBC < ∠QCB
∠ACB + ∠A < ∠ABC + ∠A
[समीकरण (1) तथा (2) से
∠ACB < ∠ABC
अब ∆ABC में,
∠ACB < ∠ABC ∠ABC > ∠ACB
AC > AB (बड़े कोण की सम्मुख,भुजा बड़ी होती है)
Proved.

प्रश्न 3.
सम्मुख आकृति में ∠B < ∠A और ∠C < ∠D है। दर्शाइए कि AD < BC
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-26
हल :
दिया है : दी गई आकृति में ∆ABO में ∠B < ∠A
और ∆CDO में ∠C < ∠D.
सिद्ध करना है : ऋजु रेखा AD < BC
उपपत्ति: ∆ABO में,
∠B < ∠A
AO < BO (प्रमेय-4 से) …(1)
इसी प्रकार ∆CDO में, ∠C < ∠D
OD < OC (प्रमेय-4 से) …(2) (
1) व (2) को जोड़ने पर,
AO + OD < BO + OC
AD < BC
AD < BC Proved.

प्रश्न 4.
सम्मुख आकृति में, AB और CD क्रमशः एक चतुर्भुज ABCD की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजाएँ हैं। दर्शाइए कि ∠A > ∠C और ∠B > ∠D
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-27
हल :
दिया है : ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें AB सबसे छोटी और CD सबसे बड़ी भुजा है।
सिद्ध करना है : ∠A > ∠C और ∠B > ∠D
रचना : रेखाखण्ड AC तथा BD खींचिए।
उपपत्ति : AB सबसे छोटी भुजा है। तब ∆ABC में,
BC > AB
∠BAC > ∠ACB (प्रमेय-3 से) …(1)
पुनः CD सबसे बड़ी भुजा है।
∆ACD में,
CD > AD
∠DAC > ∠DCA (प्रमेय-3 से) …(2)
(1) व (2) को जोड़ने पर,
∠ BAC + ∠DAC > ∠ACB + ∠DCA
∠BAD > ∠BCD
∠A > ∠C
AB सबसे छोटी भुजा है।
तब ∆ABD में,
AD > AB
∠ABD >∠ADB (प्रमेय-3 से) …(3)
इसी प्रकार, CD सबसे बड़ी भुजा है।
तब ∆BCD में,
CD > BC
∠CBD > ∠BDC (प्रमेय-3 से) …(4)
(3) व (4) को जोड़ने पर,
∠ABD + ∠CBD > ∠ADB + ∠BDC
∠ABC > ∠ADC
∠B > ∠D
Proved.
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-28

प्रश्न 5.
सम्मुख आकृति में, PR > PQ है और PS, ∠QPR को समद्विभजित करता है। सिद्ध कीजिए कि ∠PSR > ∠PSQ है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-29
हल :
दिया है: ∆PQR में, PR > PQ और ∠QPR को समद्विभाजक, QR से बिन्दु S पर मिलता है।
माना ∠PSR = x° तथा ∠PSQ = y°
सिद्ध करना है : ∠PSR > ∠PSQ
उपपत्ति: ∆PQR में,
PR > PQ
∠Q > ∠R (प्रमेय-3 से)
PS, ∠P को समद्विभाजक है।
∠QPS = [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠P
तथा ∠RPS = [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠P
∠x°, ∆PQS का भुजा QS के बिन्दु S पर बहिष्कोण है।
x°=∠Q + ∠QPS
⇒ ∠Q = x°- ∠QPS
∠Q = x° – [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠P …..(1)
∠y°, ∆PRS का भुजा RS के बिन्दु S पर बहिष्कोण है।
y° = ∠R + ∠RPS
⇒ ∠R = y° – [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠RPS
⇒ ∠R = y° – [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠P
∠Q > ∠R …..(2)
x° – [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠P > y°- [latex]\frac { 1 }{ 2 }[/latex] ∠P
[समीकरण (1) व (2) से ]
x° > y°
∠PSR > ∠PSQ
Proved.
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-30

प्रश्न 6.
दर्शाइए कि एक रेखा पर एक दिए हुए बिन्दु से, जो उस रेखा पर स्थित नहीं है, जितने रेखाखण्ड खींचे जा सकते हैं उनमें लम्ब रेखाखण्ड सबसे छोटा होता है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-31
हल :
दिया है: AB एक सरल रेखा है और P उसके बाहर दिया हुआ एक बिन्दु है। P से रेखा AB पर PM और PN रेखाखण्ड खींचे गए हैं, जिनमें PM ⊥ AB
सिद्ध करना है : PM < PN
उपपत्ति : ∆MPN में, ∠M = 90°, PM ⊥ AB शेष कोण ∠MPN +∠PNM = 90° (त्रिभुज के अन्त:कोणों का योग 180° होता है)
∠PMN सबसे बड़ा कोण है। ∠M > ∠N
PN > PM (प्रमेय-4 से)
अत: P से खींचे रेखाखण्डों में PM सबसे छोटा है।
Proved.

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प्रश्नावली 7.5

प्रश्न 1.
ABC एक त्रिभुज है। इसके अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु ज्ञात कीजिए जो ∆ABC के तीनों शीर्षों से समदूरस्थ है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-32
हल :
एक ∆ABC के अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु P ज्ञात करना है जो त्रिभुज के तीनों शीर्षों A, B व C से समान दूरी पर हो।
रचना विधि :
(1) सर्वप्रथम दिया हुआ त्रिभुज ABC बनाइए।
(2) AB तथा BC के लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु P पर काटें।
(3) रेखाखण्ड PA, PB और PC खींचिए।
P अभीष्ट बिन्दु है जो तीनों शीर्षों से समदूरस्थ है।

प्रश्न 2.
किसी त्रिभुज के अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु ज्ञात कीजिए जो त्रिभुज की सभी भुजाओं से समदूरस्थ है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-33
हल :
माना ABC एक त्रिभुज है जिसके अभ्यन्तर में एक ऐसा बिन्दु P ज्ञात करना है जो त्रिभुज की तीनों भुजाओं AB, BC और CA से समदूरस्थ हो।
रचना विधि :
(1) सर्वप्रथम दिया हुआ ∆ABC बनाइए।
(2) ∠B और ∠C के समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु P पर काटें।
P अभीष्ट बिन्दु है जो तीनों भुजाओं से समदूरस्थ है।

प्रश्न 3.
एक बड़े पार्क में, लोग तीन बिन्दुओं (स्थानों ) पर केन्द्रित हैं :
A : जहाँ बच्चों के लिए फिसलपट्टी और झूले हैं।
B : जिसके पास मानव निर्मित एक झील है।
C : जो एक बड़े पार्किंग स्थल और बाहर निकलने के रास्ते के निकट है।
एक आइसक्रीम का स्टॉल कहाँ लगाना चाहिए ताकि वहाँ लोगों की अधिकतम संख्या पहुँच सके?
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-34
हल :
A, B और C तीन बिन्दु स्थान हैं। आइसक्रीम का स्टॉल लगाने के लिए लोगों की उस पर अधिकतम पहुँच होने के लिए यह आवश्यक है कि स्टॉल तीनों स्थानों से B’ समदूरस्थ हो।
अत: आइसक्रीम स्टॉल लगाने के लिए हमें एक ऐसे स्थान (बिन्दु) P का चयन करना है जो पार्क के तीनों स्थानों से समान दूरी पर हो।
ज्ञात करने की विधिः
(1) बिन्दु ∆से बिन्दु B को, बिन्दु B से बिन्दु C को और बिन्दु C से बिन्दु A को ऋजु रेखाओं द्वारा मिलाकर ∆ABC बनाइए।
(2) किन्हीं दो भुजाओं (AB व BC) के लम्ब समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिन्दु P पर काटें।
आइसक्रीम स्टॉल के चयन के लिए उपयुक्त स्थान बिन्दु P होगा जो तीनों है स्थानों से समदूरस्थ है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-35

प्रश्न 4.
घड्भुजीय और तारे के आकार की रंगोलियों को 1 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों से भरकर पूरा कीजिए। प्रत्येक स्थिति में त्रिभुजों की संख्या गिनिए। किसमें अधिक त्रिभुज हैं?
हल :
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-36
चित्रों से स्पष्ट है कि विकर्गों को मिलाने पर षड्भुजीय आकृति को 6 समबाहु त्रिभुजों में और तारे के आकार की आकृति को 1∠समबाहु त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है जबकि समबाहु त्रिभुजों में प्रत्येक भुजा, 5 सेमी है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles img-37
पुनः षड्भुजीय आकृति के एक समबाहु त्रिभुज जिसकी भुजा 5 सेमी है, को 1 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों में विभाजित कर स्पष्ट किया गया है कि 5 सेमी भुजा वाले एक समबाहु त्रिभुज को 1 सेमी भुजा वाले 25 त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
तब स्थिति 1 : षड्भुजीय रंगोली
इसको 1 सेमी भुजा वाले 6 x 25 = 150 समबाहु त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है।
स्थिति 2 : तारे के आकार की रंगोली
5 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों की संख्या = 12
आकृति में 1 सेमी भुजा वाले समबाहु त्रिभुजों की संख्या = 12 x 25 = 300
स्पष्ट है कि तारे के आकार वाली आकृति में त्रिभुजों की संख्या अधिक है।

We hope the UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles (त्रिभुज) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 7 Triangles (त्रिभुज), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 वीरों का कैसा हो वसंत (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 वीरों का कैसा हो वसंत (मंजरी)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 7 Hindi . Here we have given UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 3 वीरों का कैसा हो वसंत (मंजरी).

समस्त पद्यांश की व्याख्या

आ रही …………………………..कैसा हो वसंत?
संदर्भ एवं प्रसंग:
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी-7′ में (UPBoardSolutions.com) संकलित कविता “वीरों का कैसा हो वसंत’ कविता से ली गई है जिसकी कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान है। इस कविता में कवयित्री ने प्रश्न किया है कि वीरों का वसंत कैसा हो?
व्याख्या:
हिमाचल पुकार रहा है, उदधि बार-बार गरज रहा है। पूर्व-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण समेत दसों दिशाएँ यही प्रश्न कर रही है कि वीरों का वसंत कैसा होना चाहिए।

UP Board Solutions

फूली सरसों ने ……………………. कैसा हो वसंत?
संदर्भ एवं प्रसंग:पूर्ववत्।

व्याख्या:
फूली सरसों अर्थात लहलहाते फसलों ने वीरों के जीवन में रंग भरते हैं। आसमान मानो पुष्परस लेकर आया हो। बसंत के रंगों से दुलहन बनी धरती का अंग-अंग पुलकित यानी प्रसन्न हो रहा है। परंतु उसका कत यानी पति/प्रिय वीर की वेशभूषा में है यानी वह युद्ध के लिए तैयार खड़ा है और फिर यही प्रश्न खड़ा हो जाता है कि वीरों का वसंत कैसा हो।

भर रही कोकिला …………………………………कैसा हो वसंत?
संदर्भ एवं प्रसंग: पूर्ववत्।
व्याख्या:
कवयित्री कहती है कि वीरों के जीवन में बसंत तभी आएगा जब वे शांति से अपने अपनों के साथ खुशियाँ मना पाएँगे अन्यथा उनका वसंत तो युद्ध की तैयारी में ही बीत जाता है। वसंत में कोयल कूकती हैं तो युद्ध के मैदान में बाजे-गाजे, नगाड़े बजते हैं। वीरों के लिए रंग और (UPBoardSolutions.com) रण का विधान कुछ इसी तरह का है। वीर जब युद्ध के मैदान में उतरते हैं तो अपना आदि-अंत यानी जीवन-मृत्यु दोनों को ही हथेली पर रखकर चलते हैं। जीत मिलेगी तो जीवन मिलेगा और पराजय मिली तो मृत्यु। कवयित्री पुनः प्रश्न करती है कि युद्ध पर जाने वाले वीरों को वसंत कैसा हो।

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गलबाँहें हों, या ………….कैसा हो वसंत?
संदर्भ एवं प्रसंग:
पूर्ववत्।

व्याख्या:
कवयित्री एक तरफ वीरों को अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित देखती हैं तो दूसरी उनके गले में उनकी प्रिया के बाँहों के हार देखती हैं। वे दोनों को एक साथ रखकर पूछती हैं कि युद्ध पर जाने वाले वीर कृपाण चुनें या प्रिया की (UPBoardSolutions.com) बाँहों के हार, वे धनुष-बाण सँभालें या प्रिया के नैनों के बाण, वे विलासमय जीवन जो प्रेम और सुख से परिपूर्ण हो, उसका चुनाव करें या दबे-कुचले लोगों की मुक्ति
के लिए युद्ध का रास्ता अपनाएँ। सबसे प्रबल और गंभीर समस्या तो यही है कि इन सब दुख-सुख के बीच इनका वसंत कैसा हो।

कह दे अतीत ……………….कैसा हो वसंत?
संदर्भ एवं प्रसंग: पूर्ववत्।

व्याख्या:
कवयित्री चाहती है कि देशवासियों को युद्ध की सच्चाई ज्ञात हो जाए, अतः अतीत को अपनी चुप्पी तोड़ने के लिए कहती है। युद्ध क्यों होते हैं? उससे किसी का कभी भला नहीं होता, जीतने वाला, हारने वाला दोनों ही खाली हाथ रह जाते हैं। लंका में आग क्यों लगी थी? इस प्रश्न पर विचार करना चाहिए। कुरूक्षेत्र को जागने के लिए कहा जा रहा है ताकि क्ह अपने अनंत अनुभवों को बताकर दुनिया को युद्ध के संकट से बचा सके। (UPBoardSolutions.com)

हल्दीघाटी का शिला ……………….कैसा हो वसंत?
संदर्भ एवं प्रसंग: पूर्ववत्।

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व्याख्या:
कवयित्री चाहती हैं कि युद्ध और वीरता की मिसाल बने हल्दीघाटी और सिंहगढ़ के किले जैसे स्थलों से आह्वान किया जाए और देश के गौरव महाराणा प्रताप, नाना साहब आदि वीरों की. ज्वलंत स्मृतियों को फिर से जगा दिया जाए ताकि देश के (UPBoardSolutions.com) नौजवानों में अपने देश पर कुर्बान होने का नया जोश पैदा हो। आखिर वीरों की वसंत कैसा हो? क्या युद्ध भूमि में शहीद हो जाना ही उनका वसंत है? नहीं, इसलिए कवयित्री अतीत में घटित युद्ध के कड़वे सच को बताते हुए वर्तमान में नरसंहार को रोकना चाहती है।

वीरों का कैसा हो ……………….कैसा हो वसंत?

संदर्भ एवं प्रसंग: पूर्ववत्।
व्याख्या:
कवयित्री दुख प्रकट करते हुए कहती हैं कि आज भूषण और चंद जैसे कवि नहीं रहे। जो छंदों में जान डाल सके। आज कवियों की कलम स्वच्छंद नहीं है बल्कि अंग्रेज शासकों की गुलाम है, इसलिए खुलकर अपने विचार अभिव्यक्त नहीं कर (UPBoardSolutions.com) पाती फिर हमें कौन आकर बताएगा कि वीरों का वसंत कैसा हो?

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प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1:
अपने आस-पास किसी सैनिक से मिलकर उनके कार्य क्षेत्र के बारे में जानकारी , प्राप्त कर, उसे अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न 2:
1857 की क्रान्ति के मुख्य केन्द्र दिल्ली, मेरठ, झाँसी, कानपुर, (UPBoardSolutions.com) और लखनऊ आदि थे। इन स्थलों पर स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने वालों के नामों की सूची बनाइए।
उत्तर:
1857 की क्रांति के मुख्य केंद्र स्थलों पर नेतृत्व करने वाले लोग।

दिल्ली                              –             बहादुरशाह जफर, बख्तखाँ
मेरठ                                –             धनसिंह गुर्जर
कानपुर                            –             नाना साहब, तात्या टोपे
लखनऊ                           –             बेगम हजरत
महल झाँसी                      –             रानी लक्ष्मीबाई ।
इलाहाबाद                       –              लियाकत अली
बिहार (जगदीशपुर)        –              कुँवर सिंह
बरेली                              –              खान बहादुर खाँ
फैजाबाद                         –              मौलवी अहमद उल्ला
फतेहपुर                          –              अजीमुल्ला

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प्रश्न 3:
इस कविता को कई गायकों ने अपना स्वर दिया है। (UPBoardSolutions.com) अपने शिक्षक अथवा बड़ों के मोबाइल फोन पर इस कविता को सुनकर लयबद्धता के साथ याद कीजिए तथा विद्यालय के किसी कार्यक्रम में प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1:
एक वीर सैनिक सारी सुख-सुविधा का त्यागकर देश की रक्षा में सन्नद्ध रहता है। दुर्गम बर्फ से घिरी पहाड़ी पर स्थित किसी सैनिक को किन कठिनाइयाँ का सामना करना पड़ता होगा? सोचकर लिखिए।
उत्तर:
देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता। बर्फ से घिरी दुर्गम पहाड़ियों पर दिन-रात उन्हें खराब मौसम की मार झेलनी पड़ती है। हमेशा शत्रुओं से चौकस रहना पड़ता है। शून्य डिग्री से नीचे के तापमान में भी वे बिना थके, बिना रुके प्रहरी का कार्य तल्लीनतापूर्वक करते हैं। सर्दियों में हड्डियों को जमा देने वाली ठंड की रात में भी वे बंदूक लेकर सीमा पर तैनात रहते हैं ताकि (UPBoardSolutions.com) देशवासी चैन की नींद सो सकें।

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प्रश्न 2:
सेना के तीन अंग हैं- थल सेना, वायु सेना, जल सेना। सैनिक के रूप में सेना के किस अंग में आप भाग लेना चाहेंगे और क्यों ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।

कविता से:

प्रश्न 1:
‘वीरों का कैसा हो वसंत ?’ कविता में कौन-कौन पूछ रहा है?
उत्तर:
हिमालय, सागर, धरती, आसमान, पूरब, पश्चिम-दसों (UPBoardSolutions.com) दिशाएँ पूछ रही हैं कि- वीरों को कैसा हो वसंत?

प्रश्न 2:
वीरों के लिए वसंत के रंग और रण का क्या स्वरूप है?
उत्तर:
वीरों के लिए वसंत के रंग और रण का स्वरूप यह है कि वीर वसंत ऋतू के रंगोत्सव से। परे वसंती चोला पहनकर देश की रक्षा व स्वतंत्रता हेतु रण के लिए रणभूमि की ओर निकल पड़े हैं। उनका चोला वसंती रंग का है जो वीरता और बलिदान का प्रतीक है।

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प्रश्न 3:
निम्नलिखित पंक्तियों के आशय स्पष्ट कीजिए
(क) सब पूछ रहे हैं दिग्-दिगन्त,
वीरों का कैसा हो वसंत?
उत्तर:
प्रस्तुत पंक्तियों में कवयित्री कह रही हैं कि वीरों का (UPBoardSolutions.com) वसंत कैसा होना चाहिए। वे वीर जो सर्वस्व त्याग कर देश की रक्षा हेतु तन-मन बलिदान करने चल पड़ा है, उसके लिए वसंत कैसा हो।

(ख) है रंग और रण का विधान,
मिलने आये हैं आदि-अन्त,
उत्तर:
प्रस्तुत पंक्तियों से कवयित्री का आशय है कि वीरों के लिए रंग और रण का विधान ऐसा । है कि वीर वसंती चोला पहनकर अपने देश की रक्षा के मैदान में जब उतरते हैं तो वे अपनी जीवन-मृत्यु को अपने हाथ में लेकर चलते हैं।

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(ग) बिजली भर दे वह छन्द नहीं,
है कलम बंधी स्वच्छन्द नहीं,
उत्तर:
इन पंक्तियों में कवयित्री दुख व्यक्त करते हुए कहती हैं कि (UPBoardSolutions.com) अब वीरों को जोश दिलाने वाले छंदों की कमी पड़ गई है। क्योंकि दुष्ट अंग्रेज शासकों ने कवियों की लेखनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। उनकी कलम से स्वच्छंदता छीन ली गई है।

प्रश्न 4:
कविता में कवि अतीत से मौन त्यागने के लिए क्यों कह रहे हैं ?
उत्तर:
कवयित्री अतीत से मौन त्यागने को इसलिए कह रही है क्योंकि अतीत में जितने भी युद्ध हुए हैं उनके परिणाम में किसी-न-किसी का विनाश अवश्य हुआ है। खासकर अधर्म और अन्याय की राह पर चलने वालों का अंत ही हुआ है। अतीत इस बात का साक्षी रहा है। सीता का अपहरण करने वाले रावण की लंका का जलना हो या पांडवों द्वारा कौरवों का सर्वनाश। यहाँ कवयित्री द्वारा अतीत से मौन त्यागने की बात करने का (UPBoardSolutions.com) तात्पर्य यह है कि वे वर्तमान पीढ़ी को अतीत से सीख लेने को प्रेरित कर रही हैं और लोगों को युद्ध की विभीषिका से बचाना चाहती हैं।

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भाषा की बात

प्रश्न 1:
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए (UPBoardSolutions.com)
भू, नभ, पुष्प, मधु, बिजली
उत्तर:
भू             –         धरी, पृथ्वी, वसुधा, अवनि, भूमि
नभ          –         आकाश, गगन, व्योम, अंबर, अभ्र
पुष्य         –          फूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, गुल
मधु          –          शहद, मकरंद, पुष्परस, माक्षिक
बिजली    –          विद्युत, दामिनी, चंचला, चपला

प्रश्न 2. निम्नलिखित समस्त पदों का विग्रह करें
शिलाखण्ड, सिंहगढ़, हिमाचल, गलबाँहें, धनुषबाण
उत्तर:
शिलाखण्ड        –           शिला का खण्ड
सिंहगढ़             –           सिंह को गढ़।
हिमाचल            –          हिम का आँचल
गलबाहें              –          गले में बाँहें ।
धनुषबाण            –        धनुष और बाण

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प्रश्न 3:
दिये गये मुहावरों के अर्थ लिखकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिएदाँत खट्टे करना, (UPBoardSolutions.com) ईट से ईंट बजाना, छक्के छुडाना, अंगारों पर चलना, खेत रह जाना ।
उत्तर:
दाँत खट्टे करना (पराजित करना): रानी लक्ष्मीबाई ने प्रारंभिक युद्ध में अंग्रेजों के दाँत खट्टे कर दिए थे।
ईंट से ईंट बजाना (विनाश करना): हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान की ईंट से ईंट बजा दी।
छक्के छुड़ाना (करारा जबाब देना): कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सैनिकों के छक्के छुड़ा दिए थे।
अंगारों पर चलना (जोखिम से भरे काम करना): देश की आजादी के लिए क्रांतिकारी अंगारों पर चलते थे बेहिचक।
खेत रह जाना (रणभूमि में मारा जाना): चीन की लड़ाई में हमारे सैकड़ों जवान खेत रहे।

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UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 17 वरदान माँगूंगा नहीं (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 7 Hindi Chapter 17 वरदान माँगूंगा नहीं (मंजरी)

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महत्त्वपूर्ण पद्यांशों की व्याख्या

यह हार एक ……………………. नहीं।

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संदर्भ:
प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘वरदान माँगूंगा नहीं’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ हैं।

प्रसंग:
कवि ने जीवन को महासंग्राम बताया है।

व्याख्या:
कवि कहता है कि जीवन महासंग्राम है। इसमें आने (UPBoardSolutions.com) वाली कठिनाइयों से लड़कर उन पर विजय प्राप्त करना ही जीवन है। जीवन सक्रिय है। इसमें हार खाकर रुकना जीवन नहीं कहा जाता है। कवि का शरीर लड़ते हुए भले ही थोड़ा-थोड़ा करके घिस जाए, परन्तु वह किसी की दया नहीं चाहता। उसे कोई वरदान माँगने की जरूरत नहीं है।

स्मृति सुखद …………………… नहीं।

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संदर्भ: पूर्ववत् ।।

प्रसंग:
कवि अपने सुख के लिए और अपनी स्थिति सुधारने के लिए किसी की भी सम्पत्ति नहीं लेना चाहता।

व्याख्या:
कवि कहता है कि वह अपनी टूटी-फूटी जर्जर हालत, मामूली से निवास (घर) को सुधारने तथा जीवन में सुखद क्षणों की स्मृति लाने के लिए संसार की सम्पत्ति की चाह नहीं करेगा। वह तो अपनी स्थिति में ही प्रसन्न है। इस कारण उसे वरदान माँगने की जरूरत नहीं है।

क्या हार में ………………………………………… नहीं।

संदर्भ:
पूर्ववत्।।

प्रसंग:
कवि कहता है कि वह जीवन संघर्ष में होने (UPBoardSolutions.com) वाली हार से भयभीत नहीं है।

व्याख्या:
जीवन एक संग्राम है जिसमें हार और जीत दोनों होती हैं। इस कारण कवि को किसी प्रकार का डर नहीं है। जीवन संघर्ष करते हुए जीवन में चाहे विजय मिले, चाहे पराजय मिले, दोनों एक ही बात के दो रूप हैं। इसीलिए कवि को कोई वरदान माँगने की जरूरत नहीं।

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लघुता …………………. नहीं।

संदर्भ: पूर्ववत्।।

प्रसंग:
कवि कहता है कि उसे अपनी लघुता और अपने (UPBoardSolutions.com) हृदय की वेदना से लगाव है। वह इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है।

व्याख्या:
कवि कहता है कि जो व्यक्ति जीवन संघर्ष में विजयी होकर महान बन गए हैं, वे अपनी महानता बनाए रखें किंतु उसे अपने लघु रहने में ही आत्मसन्तोष अनुभव करने दें क्योंकि उसे अपनी वेदना से ही लगाव है। उसे वह त्यागने को तैयार नहीं है। वह कोई वरदान नहीं माँगेगा क्योंकि उसकी कवि को जरूरत नहीं है। उसे तो केवल जीवन में संघर्षरत रहना है।

चाहे हृदय ………………….. नहीं।

संदर्भ: पूर्ववत्।।

प्रसंग:
कवि कहता है कि वह हर दशा में अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहेगा, उससे भागेगा नहीं।

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व्याख्या:
कवि कहता है कि लोग चाहे उसके हृदय को जलाएँ (UPBoardSolutions.com) अर्थात् उसे परेशानियाँ दें और चाहे। उसे कोसते रहें अर्थात् उसकी भलाई करने के स्थान पर उसके अहित की कामना करें, इससे उस पर कोई फर्क नहीं पड़नेवाला है क्योंकि वह अपने कर्तव्य पथ पर जमकर संघर्षरत रहेगा और इस रणक्षेत्र से भागेगा नहीं। उसे कोई वरदान माँगने की जरूरत नहीं।।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

प्रश्न 1:
हम बहता जल पीने वाले,
मर जायेंगे भूखे-प्यासे।
कहीं भली है कटक निबौरी,
कनक कटोरी की मैदा से।
उपर्युक्त कविता भी शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ जी की ही है। (UPBoardSolutions.com) दोनों कविताओं में क्या समानता तथा क्या अन्तर है? लिखिए।
उत्तर:
समानता: दोनों कविताएँ आत्मविश्वास और स्वाभिमान से भरी हुई है।
अन्तर: वरदान माँगूंगा नहीं’ में कवि अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करना चाहता है। जबकि उपर्युक्त कविता में कवि सांसारिक बन्धनों में नहीं बँधना चाहता है, बल्कि आजाद रहना चाहता है।

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प्रश्न 2:
“जीवन महासंग्राम है’ के समान भाव की कुछ सूक्तियाँ एकत्र करके लिखिए।
उत्तर:
(क) जिन्दगी एक संघर्ष है।
(ख) जीवन एक संघर्ष है।
(ग) जीवन एक युद्ध समान है।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1:
कवि दया की भीख नहीं लेना चाहता, इस संबंध में आपके क्या विचार हैं, लिखिए?
उत्तर:
कवि दया की भीख नहीं लेना चाहता। इससे कवि के (UPBoardSolutions.com) स्वाभिमानी स्वभाव का पता चलता है।

प्रश्न 2:
यह भी सही, वह भी सही’ का प्रयोग किन परिस्थितियों के लिए किया गया है?
उत्तर:
जीवन संग्राम में संघर्षरत रहना ही मनुष्य का कर्तव्य है। इसमें विजय भी होती है और हार भी। दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

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प्रश्न 3:
कविता के मूल भाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘वरदान माँगूंगा नहीं क्यों रखा गया होगा तथा इस कविता के क्या-क्या शीर्षक हो सकते हैं?
उत्तर:
कविता के मूल भाव से कवि के स्वाभिमानी और आत्मविश्वासी होने का पता चलता है और ऐसे पुरुष हर कार्य अपनी ताकत पर करते हैं, वो किसी के आगे झुककर या माँगकर अपनी जरूरतों को पूरा नहीं करते हैं। इसलिए ही इस कविता (UPBoardSolutions.com) का शीर्षक वरदान माँगूंगा नहीं रखा गया होगा। इसके शीर्षक हो सकते हैं- ‘जीवन-संग्राम’, ‘स्वाभिमान।

कविता से

प्रश्न 1:
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए

(क) कवि तिल-तिल मिट जाने के बाद भी किस बात के लिए तैयार नही हैं?
उत्तर:
कवि कहते हैं कि जीवन रूपी संग्राम में हमारा शरीर भले ही थोड़ा-थोड़ा करके घिस जाए लेकिन वह फिर भी किसी से दया नहीं चाहता है।

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(ख) लघुता ने अब मेरी छुओ, तुम हो महान बने रहो।
उत्तर:
संघर्ष पथ पर चलते हुए कवि का संकल्प यह है उन्हें इस पथ (UPBoardSolutions.com) पर चलते हुए जो भी मिलेगा, चाहे वह दुख हो या सुख, हार हो या जीत, जीवन हो या मृत्यु, वे सब कुछ स्वीकार कर
लेंगे लेकिन ईश्वर से वरदान नहीं माँगेंगे।

(ग) कुछ भी करो कर्तव्य पथ से किन्तु भागूंगा नहीं।
उत्तर:
कर्तव्यपथ के विषय में कवि का दृढ़ संकल्प यह है कि चाहे उनके हृदय को (UPBoardSolutions.com) कितनी भी पीड़ा क्यों न पहुँचाई जाए, चाहे उन्हें कितने ही अभिशापों को क्यों न झेलना पड़े लेकिन वे अपने कर्तव्य पथ से पीछे नहीं हटेंगे। अर्थात उन्हें रोकने के लिए चाहे उनके साथ जो कुछ भी किया जाए वे अपने कर्तव्य को हर हाल में निभाएँगे।

प्रश्न 2:
निम्नलिखित पंक्तियों को उनके सही अर्थ से मिलाइये (मिलाकर)
उत्तर:
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प्रश्न 3:
कविता में जीवन को महासंग्राम क्यों कहा गया है?
उत्तर:
कविता में जीवन को महासंग्राम कहा गया है क्योंकि इसमें कठिनाइयों पर संघर्षरत रहकर उन पर विजय प्राप्त करने का भाव होता है।

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भाषा की बात

प्रश्न 1:
इस कविता में एक पंक्ति है ‘‘क्या हार में क्या जीत में” इसमें एक ही पंक्ति में ‘हार’ (UPBoardSolutions.com) और ‘जीत’ दो परस्पर विलोम शब्द आए हैं। आप भी कुछ ऐसी पंक्तियाँ बनाइए जिनमें दो परस्पर विलोम शब्द एक साथ आए हों, जैसे- क्या सुख में क्या दुःख में।।
उत्तर:
(1) क्या खुशी में क्या गम में।
(2) क्या ऊपर में क्या नीचे में।
(3) क्या आगे में क्या पीछे में।
(4) क्या लेने में क्या देने में।।
(5) क्या रहने में क्या जाने में।
(6) क्या अन्दर में क्या बाहर में।

प्रश्न 2:
पाठ में आए तुकान्त शब्द छाँटकर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए (प्रयोग करके
उत्तर:
(1) शुद्ध भाषा में विराम चिहनों का धयान रखना चाहिए।
(2) जीवन एक महासंग्राम है।
(3) महाभारत युद्ध में पांडवों की जीत हुई।
(4) कायर रणक्षेत्र से भयभीत होकर भाग जाते हैं।
(5) भूमध्य रेखा पर सारे वर्ष ताप उच्च होता है।
(6) अशिक्षित रहना एक अभिशाप है।

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प्रश्न 3:
जन = लोग। (जन-जन की आवाज है – हम सब एक हैं।)
जान = प्राण। ( क्या बताऊँ, वह हमेशा मेरी जान के पीछे पड़ा रहता है।)
ऊपर के शब्दों (जन-जान) में केवल एक मात्रा के हेर-फेर से उनके उच्चारण (UPBoardSolutions.com) और अर्थ दोनों ही बदल गए हैं। नीचे कुछ शब्द-युग्म दिए जा रहे हैं, उनका अर्थ स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए तथा ऐसे पाँच शब्द-युग्म आप भी ढूंढिए।
सुत-सूत, नीर-नी, मन-मान, कुल-कूल, क्रम-कर्म
उत्तर:
सुत (पुत्र)                                 –           लव-कुश राम के सुत थे।
सूत (धागा)                              –           रेशम का सूत बहुत पतला होता है।
तन (शरीर)                            –            तन स्वच्छ रखना चाहिए।
तान (आने की लय)                –            तानसेन का तान बहुत अच्छा था।
मन (इन्छा, विचार, भाव)       –            प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन पर नियन्त्रण रखना चाहिए।
मान (अम्मान)                        –             हमें अपने से बड़ों का मान करना चाहिए।
कुल (वंश, खानदान)             –              सीता सूर्य-कुल की पुत्रवधू थीं।
कूल (कनारा)                         –              नदी का कूल बहुत चौड़ा है।
नम (गला)                              –              बारिश से धरती नम हो जाती है।
नाम (यश)                              –               रामायण में राम नाम का गुणगान है।

प्रश्न 4:
तिल-तिल मिटूगा पर दया की भीख नहीं लूंगा, क्योंकि
(1) जीवन एक विराम है।
(2) जीवन महासंग्राम है।
(3) जीवन बहुत अल्प है।
(4) जीवन में बहुत आराम है।

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प्रश्न 5:
स्मृति सुखद प्रहरों के लिए क्या (UPBoardSolutions.com) नहीं चाहँगा ?
(1) विश्व की सम्पत्ति।
(2) खण्डहर।
(3) दीर्घायु।
(4) कर्तव्य

प्रश्न 6:
किन-किन परिस्थितियों में कवि अपने कर्तव्य-पथ से हटना नहीं चाहता है?
(1) हृदय को ताप एवं अभिशाप प्राप्त होने पर।
(2) भयर्भत होने पर।
(3) धमकाने पर।
(4) प्रताडित होने पर।

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UP Board Solutions for Class 10 Hindi प्रत्यय

UP Board Solutions for Class 10 Hindi प्रत्यय

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प्रत्यय

पाठ्यक्रम में निर्धारित प्रत्यय (प्रत्ययों के प्रयोग एवं उनसे निर्मित शब्द) : आई, त्व, ता, पन, वा, हट, वट।
नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार प्रस्तुत प्रकरण से कुल 2 अंकों के प्रश्न पूछे जाएँगे।

ध्यातव्य-पाठ्यक्रम में निर्धारित प्रत्ययों के अर्थ के साथ-साथ उनसे निर्मित शब्द भी दिये जा रहे | हैं। यह विद्यार्थियों के ज्ञान-बोध में सहायक होगे।

परिभाषा–जो शब्दांश या वर्ण किसी शब्द के अन्त में (UPBoardSolutions.com) जोड़े जाते हैं और जिनके जुड़ने से शब्द का अर्थ बदल जाता है या उनमें कुछ नवीन विशेषता आ जाता है, उन्हें प्रत्यय कहते हैं। इन शब्दांशों का स्वतन्त्र रूप से प्रयोग नहीं होता।

प्रत्यय के प्रकार-प्रत्यय के दो भेद हैं—

  1. कृत् प्रत्यय तथा
  2. तद्धित प्रत्यय।।

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(1) कृत् प्रत्यय-जो शब्दांश, धातु के बाद लगाये जाने पर संज्ञा, विशेषण तथा अव्यय शब्द बनाते हैं, वे कृत् प्रत्यय कहलाते हैं। क्रियाओं के सामान्य रूप-उठना, पढ़ना आदि में से ‘ना’ को निकाल देने पर बचा हुआ रूप ‘धातु’ कहलाता है। कृत् प्रत्यय से बने शब्दों को कृदन्त कहते हैं; जैसे-‘पढ़’ धातु में ‘आई’ प्रत्यय जुड़कर ‘पढ़ाई’ शब्द बनता है।

(2) तद्धित प्रत्यय-जो शब्दांश, धातु के अतिरिक्त अन्य शब्दों (संज्ञा, विशेषण, सर्वनाम आदि) (UPBoardSolutions.com) के बाद जुड़कर नये शब्द बनाते हैं, वे तद्धित प्रत्यय कहलाते हैं; जैसे–‘सुन्दर’ शब्द में ‘ता’ प्रत्यय जोड़कर ‘सुन्दरता’ शब्द बनता है।

प्रत्यय और उपसर्ग में अन्तर–‘प्रत्यय’ शब्द के अन्त में जोड़ा जाता है और ‘उपसर्ग’ शब्द से पहले; जैसे-

कुशल में ‘अ’ उपसर्ग जोड़ने पर-अकुशल।
कुशल में ‘ता’ प्रत्यय जोड़ने पर-कुशलता

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कृत् प्रत्यय के उदाहरण

1. अन-गमन, पठन, दर्शन, पूजन, नमन, मनन, चिन्तन, मिलन।
2. अ-खेल (खेल् + अ), चर, चल, जय, तप, फल, बन्ध, मन्त्र।
3. अनीय-पूजनीय, दर्शनीय, नमनीय, सहनीय, वन्दनीय, पठनीय।
4. अक/क--मोहक, दर्शक, लेखक, पाठक, बोधक, बैठक।
5. आऊ—जड़ाऊ, उठाऊ, चलाऊ, जमाऊ, उड़ाऊ, टिकाऊ, बिकाऊ।
6. आका-धमाका, लड़ाका, उड़ाका।
7. आन-उठान, ढलान, उफान, थकान, उड़ान, मिलान।
8. आवा/वा [2011, 12, 13, 14, 15, 16, 17]-पहनावा, ओढ़ावा, दिखावा, चढ़ावा।
9. आव-बचाव, दुराव, छिपाव।।
10. आहट/हट [2009, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18]-घबराहट, जगमगाहट, आहट, सरसराहट, गड़गड़ाहट, चिल्लाहट।
11. आई [2009, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18]-लिखाई, (UPBoardSolutions.com) पढ़ाई, हँसाई, चढ़ाई, जुताई, कमाई, निराई, सिलाई।
12. आ–घेरा, झगड़ा, झूला, ठेला।
13. ई-हँसी, माफी, द्वेषी, द्रोही, धमकी।
14. ऊ–खाऊ, कमाऊ, रट्ट, झाडू।
15. औता, ओता-समझौता, न्योता।
16. त, इत–कृत, मृत, पठित, लिखित, रचित, चलित, फलित।
17. नी–कहानी, कथनी, करनी, ओढ़नी।
18. आवट/वट [2009, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18]-सजावट, लिखावट, गिरावट, थकावट, बनावट।
19. तव्य—कर्त्तव्य, गन्तव्य, मन्तव्य, ध्यातव्य।
20. औती-फिरौती, मनौती।
21. आप-मिलाप।
22. इयल–मरियल, सड़ियल, (UPBoardSolutions.com) अड़ियल, दढ़ियल।
23. अक्कड़-घुमक्कड़, पियक्कड़।

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तद्धित प्रत्यय के उदाहरण

1. अयन-रसायन, रामायण, नारायण।।
2. आलु, आलू-दयालु, कृपालु, शंकालु, झगड़ालू।
3. आनी, आइन [2009, 18]-सेठानी या सेठाइन, नौकरानी, देवरानी, जेठानी, पण्डितानी या पण्डिताइन, ललाइन।
4. इन-सुनारिन, कलारिन, चमारिन।।
5. इक–श्रमिक, कर्णिक, पारिवारिक, आर्थिक, व्यावसायिक, सामाजिक, नागरिक, राजनीतिक, वैज्ञानिक, सैनिक।।
6. इम–पश्चिम, अन्तिम, अग्रिम, अरुणिम, स्वर्णिम।
7. इमा–लालिमा, लघिमा, गरिमा, महिमा, नीलिमा, हरीतिमा।
8. ईला-चमकीला, भड़कीला, रसीला, जहरीला, गर्वीला।
9. ईन-नवीन, प्राचीन, कुलीन, ग्रामीण।
10. ईय [2015, 17]-नगरीय, जातीय, मानवीय, भवदीय, भारतीय, नारकीय, स्वजातीय।
11. ई–देशी, विदेशी, परदेशी, फली, नगरी।
12. ऊ-बाजारू, गॅवारू।
13. कार-कलाकार, स्वर्णकार, चर्मकार, रचनाकार, निबन्धकार।
14. वार- उम्मीदवार, कसूरवार।।
15. ता [2009, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18]—सुन्दरता, (UPBoardSolutions.com) सज्जनता, दुर्जनता, मधुरता, महानता, लघुता।
16. त्र-यत्र, तत्र, सर्वत्र, एकत्र, अन्यत्र।
17. त्व[2009, 11, 12, 13, 14, 15, 15, 17, 18]-बन्धुत्व, मृदुत्व, लघुत्व, कवित्व, प्रभुत्व, महत्त्व, ममत्व, मनुष्यत्व।
18. था-सर्वथा, व्यथा, यथा, अन्यथा
19. पा–बुढ़ापा, रंड़पा।।
20. पन [2009, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18]-बचपन, लड़कपन, भोलापन, बड़प्पन, पागलपन।
21. मती–श्रीमती, स्वस्तिमती, बुद्धिमती।
22. मान्-बुद्धिमान्, श्रीमान्, शक्तिमान्।
23. वती–गुणवती, रूपवती, सौभाग्यवती।
24. वान् [2018] विद्वान्, धनवान्, ज्ञानवान्, दयावान्, रूपवान्।
25. आर—लुहार, कुम्हार, सुनारे।।
26. वना–भयावना, सुहावना, डरावना।
27. वन्त, मन्त–श्रीमन्त, गुणवन्त, दयावन्त, भगवन्त।
28. ला–अगला, पिछला, पतला, मॅझला, दुबला।
29. स्थ-निकटस्थ, दूरस्थ, गृहस्थ, स्वस्थ, समीपस्थ।
30. आस-मिठास, उजास, निकास।
31. हारा–लकड़हारा, रोवनहारा, चुड़िहारा।
32. हार-सृजनहार, खेवनहार, राखनहार।।
33. आई [2009, 10, 12, 14, 18]–चतुराई, चौड़ाई, लम्बाई, ऊँचाई, मोटाई, पिसाई।।
34. मय–राममय, धर्ममय, कर्ममय, स्नेहमय, संगीतमय।
35. पूर्वक—प्रेमपूर्वक, विचारपूर्वक, शान्तिपूर्वक, विनयपूर्वक, नियमपूर्वक, दयापूर्वक।
36. प्रद–लाभप्रद, हानिप्रद, भयप्रद, लोभप्रद, (UPBoardSolutions.com) कल्याणप्रद।
37. आत्मक – विचारात्मकं, प्रश्नात्मक, वर्णनात्मक, विवेचनात्मक, व्यंग्यात्मक, बोधात्मक, आलोचनात्मक।
38. जन्य-रागजन्य, प्रेमजन्य, द्वेषजन्य, भावजन्य, क्रोधजन्य।
39. हरा-सुनहरा, खरहरा, पपीहरा, चौहरा।।
40. आकू [2018]–लड़ाकू, पढ़ाकू।

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प्रत्यय से सम्बन्धित अतिरिक्त सामग्री

प्रश्न 1
निम्नलिखित शब्दों से प्रकृति (मूल-शब्द) तथा प्रत्यय को पृथक् करके लिखिए-
उत्तर
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प्रश्न 2
निम्नलिखित प्रत्ययों से युक्त तीन शब्द लिखिए-
उत्तर
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