UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 13 भक्ति-नीति माधुरी

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भक्ति-नीति माधुरी शब्दार्थ

अधर = होठ
परलै = प्रलय, महाविनाश
उर = हृदय
बहरि = फिर, पुनः
हिरदै = हृदय
संचै= इकट्ठा करना
भखै = खाता है
परमारथ = दुसरों की भलाई
गोय = छिपाकर
पोहिए = थिए
सुजन = सज्जन
अठिलैहैं = उपहास करेंगे
धाम = घर
मकराकृत कुंडल = मछली के आकार का कुंडल

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टेरि = बुलाना
अरुन = लाल
बैन = वाणी
भाल = मस्तक
रज = धूल
मोहनि = मोह लेने वाली
खेह = धूल या मिट्टी
कटि-तट = कमर के नीचे का भाग
ऊँचाई = उठाकर
अनमोल = अमूल्य, जिसका मूल्य न आँका जा सके
ते = से
राजत = शोभित
भगत बछल = भक्त को प्यार करने वाला
सुधा-रस = अमृत-रस
बिसाल = बड़े, विशाल
छुद्रघंटिका = घुघरू या छोटी-छोटी घंटियाँ।

कबीर

साँच बराबर …………………………………………… हिरदै आप।

संदर्भ – यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘कलरव’ के ‘भक्ति-नीति माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता ‘कबीरदास जी’ हैं। ___ भावार्थ-कबीरदास जी कहते हैं कि सच्चाई के समान कोई तप नहीं है और झूठ बोलने के समान कोई पाप नहीं है। जिसके हृदय में सच्चाई होती है, उसके हृदय में स्वयं ईश्वर रहते हैं।

काल्ह करे ……………………………………………. कब।

भावार्थ – कबीरदास जी कहते हैं कि हमें कल करने वाला कार्य आज और आज का काम अभी कर लेना चाहिए; क्योंकि यदि पल भर में प्रलय हो जाए; तो फिर कार्य करने को समय नहीं मिलेगा।

वृच्छ कबहुँ …………………………………………. शरीर।

संदर्भ – कबीरदास जी कहते हैं कि पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाता, नदी पानी को नहीं रोकती। इसी प्रकार, सज्जन भी दूसरों की भलाई करने के लिए मनुष्य जन्म धारण करते हैं।

रहीम

बिगरी बात ………………………………….. माखन होय॥

संदर्भ – यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘कलरव’ के ‘भक्ति-नीति माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता ‘रहीम जी’ हैं।

संदर्भ – रहीम जी कहते हैं कि बात बिगड़ने पर फिर नहीं बनती, चाहे कोई कितना ही प्रयत्न क्यों न करे। यह ठीक उसी प्रकार होता है, जिस प्रकार, दूध फट जाने पर उसमें से मक्खन नहीं निकलता।

जो रहीम ………………………………………… रहत भुजंग॥

भावार्थ – रहीम जी कहते हैं कि उत्तम स्वभाव वाले व्यक्ति पर बुरी संगति का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह ठीक उसी प्रकार होता है, जिस प्रकार, चंदन के पेड़ पर विषैले साँपों के लिपटे रहने पर भी उस पर उनके विष का कोई असर नहीं होता है।

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सूरदास

मैया कबहि ………………………………………….. जोटी॥

संदर्भ – यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘कलरव’ के ‘भक्ति-नीति माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता ‘सूरदास जी’ हैं।

भावार्थ – बालक कृष्ण माता यशोदा से पूछते हैं- माँ मेरी चोटी कब बढ़ेगी। कितना समय हो गया, मुझे दूध पीते हुए, लेकिन अभी तक यह छोटी ही है। तू तो कहती थी कि बालों को झाड़ते-झाड़ते और गुहते-गुहते मेरी चोटी भी बलदाऊ की चोटी की तरह लंबी और मोटी हो जाएगी तथा नागिन की तरह जमीन को छूने लगेगी। तू मुझे कच्चा दूध पका-पकाकर पिलाती है, मक्खन, रोटी खाने को नहीं देती। सूरदास जी कहते हैं कि कृष्ण और बलदाऊ की जोड़ी दीर्घायु है।

मीरा

बसौ मोरे ………………………………………………….. गोपाल॥

संदर्भ – यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘कलरव’ के ‘भक्ति-नीति माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसकी रचयिता ‘मीरा’ हैं।

भावार्थ – हे नंद के लाल (पुत्र) कृष्ण! हमेशा के लिए मेरी आँखों में बस जाओ। जिसके सिर पर मोर का मुकुट है, मकर की आकृति के कुंडल हैं, मस्तिष्क पर लाल तिलक है, जिसकी साँवली सूरत मन को मोहने वाली है, जिसके नेत्र बहुत बड़े-बड़े हैं, जिसके अमृत भरे रसीले होठों पर बसी विराजमान है, जिसके वक्ष पर वैजयंती माला शोभित हो रही है, जिसके कमर के नीचे छोटी घंटी सुंदर लगती है, जिसके पैरों के घुघरू मधुर शब्द करते हैं, मीरा जी कहती हैं कि ऐसे भगवान श्री कृष्ण, भक्त-वत्सल, गऊओं के पालनहार और सुख देने वाले हैं।

भक्ति-नीति माधुरी अभ्यास प्रश्न

बोध प्रश्न

प्रश्न १.
उत्तर दो
सज्जन व्यक्तियों की तुलना वृक्षों और नदियों से क्यों की गई है?
उत्तर:
पेड़ फल देकर और नदी पानी बहाकर सबका भला करते हैं। इसी प्रकार सज्जन भी परोपकार करते हैं; अतः पेड़ और नदी से सज्जनों की तुलना की गई है।

बुरी संगत का प्रभाव किस प्रकार के लोगों पर नहीं पड़ता है?
उत्तर:
बुरी संगत का प्रभाव अच्छे स्वभाव वाले लोगों पर नहीं पड़ता है।

श्रीकृष्ण की चोटी नागिन की तरह क्यों हो जाएगी?
उत्तर:
बार-बार बाल बनाने और गूंथने से श्रीकृष्ण की चोटी नागिन की तरह लंबी और मोटी हो जाएगी। ,

मीरा ने कृष्ण के किस रूप का वर्णन किया है?
उत्तर:
मीरा ने कृष्ण के सुंदर रूप का वर्णन किया है।

मीरा ने कृष्ण के किन गुणों का बखान किया है?
उत्तर:
मीरा ने कृष्ण के तीन गुणों का बखान किया है। वे संत लोगों को सुख देने वालों, भक्तों की रक्षा करने वाले और गऊओं को पालने वाले हैं।

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प्रश्न २.
नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो
‘परमारथ के कारने साधन धरा शरीर।’
भाव:
सज्जन परोपकार के लिए ही जन्म लेते हैं।

“सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप’
भाव:
सच्चाई के समान कोई तपस्या नहीं है और झूठ बोलने के समान कोई पाप नहीं है।

‘रहिमन बिगरे दूध को मथे न माखन होय।’
भाव:
कार्य बिगड़ जाने के बाद फिर नहीं सुधरता।

“काचो दूध पियावत पचि-पचि देत न माखन रोटी’
भाव:
बालक श्रीकृष्ण माता यशोदा से शिकायत करते हुए कहते हैं कि तू मुझे कच्चा दूध पका-पकाकर पिलाती है, मक्खन और रोटी खाने को नहीं देती।

‘मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल अरुन तिलक दिए भाल।’
भाव:
मोर का मुकुट, मकर की आकृति के कुण्डल पहनने वाले, मस्तिक पर लाल (चंदन) तिलक लगाने वाले भगवान बालकृष्ण का अति मनोहर रूप।

प्रश्न ३.
कॉलम ‘क’ में लिखे गए अशुद्ध शब्दों का मिलान कॉलम ‘ख’ में लिखे गए शुद्ध शब्दों से करो
‘क’ – ‘ख’
सोभित – शोभित
बिसाल – विशाल
परमारथ – परमार्थ
अरुन – अरुण
संचै – संचय
भखै – भक्षण
वृच्छ – वृक्ष
मूरति – मूर्ति

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तुम्हारी कलम से

कबीर और रहीम के दोहों से तुमने क्या सीखा? अपनी कॉपी पर लिखो।
कबीर के दोहों से हमने सीखा कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए क्योंकि सच बोलने वाले के हृदय में स्वयं भगवान रहते हैं। जिस प्रकार वृक्ष फल देकर और नदी जल देकर दूसरों का भला करती है, ठीक उसी प्रकार सज्जन लोगों का जीवन भी दूसरों की भलाई के लिए होता है। रहीम के दोहों से हमने सीखा कि अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति पर बुरी संगति का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

अब करने की बारी

प्रश्न.
मीरा और सूरदास के पद में किसका वर्णन किया गया है?
उत्तर:
मीरा और सूरदास के पदों में श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया गया है।

प्रश्न.
इस पाठ के दोहे एवं पदों को प्रतिदिन पढ़कर दुहराओ। तुम देखोगे कि ये दोहे एवं पद तुम्हें स्वतः याद हो जाएंगे।
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

कितना सीखा – ३

प्रश्न १.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो
(क) माधो सिंह ने अपनी पत्नी को खेतों तक पानी लाने के लिए क्या उपाय बताया?
उत्तर:
माधो सिंह ने पहाड़ काटकर सुरंग के द्वारा नदी का पानी गाँव में लाने का उपाय बताया।

(ख) माधो सिंह के किस कथन से सिद्ध होता है कि वह एक उत्साही और दृढ़ निश्चयी व्यक्ति था?
उत्तर:
माधो सिंह ने प्रतिज्ञा की थी, “जब तक मेरे शरीर में रक्त की एक भी बूँद रहेगी, मैं अपने गाँव मलेथा तक गूल निकालकर पानी लाने का प्रयास करूंगा। मैं तब तक चैन की नींद नहीं सोऊँगा; जब तक मलेथा के एक-एक खेत तक पानी नहीं आ जाता!” इससे सिद्ध होता है कि वह एक उत्साही और दृढ निश्चयी व्यक्ति था।

(ग) कबीरदास ने सज्जन पुरुषों की तुलना वक्षों तथा नदियों से क्यों की है?
उत्तर:
सज्जन, वृक्ष और नदी तीनों बहुत परोपकारी होते हैं। इसीलिए कबीरदास ने सज्जनों की तुलना वृक्षों और नदियों से की है।

(घ) “फटे दूध से मक्खन नहीं निकलता’ इस उदाहरण से रहीम दास जी क्या कहना चाहते हैं?
उत्तर:
उपर्युक्त उदाहरण से रहीम दास जी का आशय है कि यदि बात बिगड़ जाए, तो वह अनेक प्रयत्न करने पर भी नहीं सुधरती।

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(ङ) माँ यशोदा ने बालक कृष्ण को गोद में उठाकर क्या किया और क्या कहा?
उत्तर:
माँ यशोदा ने बालक कृष्ण को ऊपर उठाकर आँचल से उनकी देह पोंछी और कहा कि सारे शरीर में कहाँ से मिट्टी लगा ली है।

(च) उस घटना का वर्णन करो जब तिलक ने गणित के प्रश्नों को कक्षा में मौखिक ही हल कर दिया था।
उत्तर:
बालक कक्षा में प्रश्न हल करने में तल्लीनता से लगे थे। एक बालक बैठा था। शिक्षक ने पूछा, “क्यों बैठे हो? “बालक ने कहा, मैंने प्रश्न मौखिक रूप में हल कर लिए हैं। शिक्षक द्वारा पूछने पर बालक ने प्रश्नों के सही उत्तर दिए।

(छ) स्वतन्त्रता प्राप्ति में बाल गंगाधर तिलक का क्या योगदान रहा?
उत्तर:
स्वतन्त्रता प्राप्ति में तिलक का बहुत योगदान रहा। उन्होंने शिक्षा के माध्यम तथा अपने कार्यों और विचारों के प्रचार से जन-चेतना जगाई। मराठा और केसरी समाचार पत्रों से विदेशी शासन के विरुद्ध लोगों को तैयार किया। उन्होंने लोगों को जाग्रत् करने के लिए “स्वतन्त्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा,” नारा दिया। १९१४ में माँडले जेल से निकलकर वे स्वतंत्रता प्राप्ति में जी-जान से जुट गए।

प्रश्न २.
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो
(क) रूठे सुजन मनाइए, जो रूठे सौ बार।
रहिमन फिरि-फिरि पोहिए टूटे मुक्ताहार॥
उत्तर:
सौ बार रूठने पर भी सज्जनों को उसी तरह मना लेना चाहिए, जिस तरह, टूटे हुए हार के मोतियों को बार-बार पिरो लिया जाता है।

(ख) लोकमान्य बाल गंगाधर के विचार, देशभक्ति और स्वातंत्र्य-प्रेम हमारे लिए सदा ही प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।
उत्तर:
तिलक अद्भुत विद्वान, विचारक, क्रांतिकारी, देशभक्त और स्वतंत्रता प्रेमी थे। उनके गुणों का प्रभाव हम पर चिरस्थायी रहेगा।

प्रश्न ३.
(क) इन शब्दों में ‘इत’ प्रत्यय लगाकर नवीन शब्द बनाओ
प्रकाश – प्रकाशित
प्रभाव – प्रभावित
प्रवाह – प्रवाहित
आलोक – आलोकित

(ख) मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो (वाक्यों में प्रयोग करके)-

  • भगीरथ प्रयास – माधो सिंह ने भगीरथ प्रयास करके मलेथा में नदी के पानी की गूल ला दी।
  • थोथा चना बाजे घना – बरसाती नाले अधिक शोर करते है, ठीक उसी प्रकार जैसे थोथा चना बाजे घना।
  • मन चंगा तो कठौती में गंगा – मन पवित्र हो, तो ईश्वर सब जगह है-मन चंगा तो कठौती में गंगा।
  • हाथ मलना – चोर भाग गया और सिपाही हाथ मलते रह गए।
  • ऊँट के मुँह में जीरा – आवश्यकता बहुत अधिक और पूर्ति बहुत कम को ही ‘ऊँट के मुँह में जीरा’ कहते हैं।
  • आँखों का तारा होना – रोहित तारामती की आँखों का तारा है।

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(ग) नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखो (विलोम शब्द लिखकर)
भय – अभय
राजा – रंक
रानी – दासी (चेरी)
प्रकाश – अंधकार
शिक्षा – अशिक्षा
उष्ण – शीत

प्रश्न ४.
नीचे दो-दो शब्दों के जोड़े दिए गए हैं। यदि दोनों के अर्थ समान हों, तो ‘स’ पर और विपरीत हों, तो ‘वि’ पर घेरा लगाओ (घेरा लगाकर)
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प्रश्न ५.
नीचे दिए गए शब्दों को एक साथ मिलाकर लिखो (शब्दों को मिलाकर)
किशोर + अवस्था = किशोरावस्था
वृद्ध + अवस्था = वृद्धावस्था
बाल्य + अवस्था = बाल्यावस्था
प्रौढ़ + अवस्था = प्रौढ़ावस्था

अपने आप – ३

चित्रात्मक मुहावरे

आँख का तारा होना, पैरों में बेड़ी पड़ना, मुँह में पानी आना, चिराग तले अँधेरा, अंधे की लाठी, हाथी चला जाता है और कुत्ते भौंकते रहते हैं।
नोट – विद्यार्थी चित्र देखें और समझें।

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UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक

बाल गंगाधर तिलक शब्दार्थ

तल्लीन = पूरी तरह मग्न
मस्तिष्क = दिमाग
प्रतिभा = योग्यता
कुशाग्र = तीव्र
चेतना = ज्ञान, आत्मा का विकास, बुद्धि
रुष्ट = नाराज
जन्मसिद्ध = जन्म से प्राप्त
कुरीति = बुरी प्रथा
विद्वता = ज्ञान, अध्ययनशीलता
निष्ठा = विश्वास, श्रद्धा।

बाल गंगाधर तिलक पाठ का सारांश

कक्षा में जब बालक प्रश्न हल करने में लगे थे, एक बालक बैठा था। शिक्षक के पूछने पर बालक ने प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए। यह विलक्षण बालक बाल गंगाधर तिलक था।

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक

तिलक का जन्म २३ जुलाई, १८५६ को महाराष्ट्र के कोंकण जिले के रत्नागिरि में हुआ था। पिता का नाम गंगाधर राव और माता का नाम पार्वती बाई थी। इनके बचपन का नाम केशव था।

तिलक मेधावी छात्र थे। गणित, इतिहास और संस्कृत में इनकी विशेष रुचि थी। १८७७ ई० में बी०ए० पास करके कानून की डिग्री भी प्राप्त की। फिर ये वकालत करने लगे। .

इन्होंने सन १८८० में न्यू इंगलिश और सन १८८५ में दक्षिणी शिक्षा समाज की स्थापना की। इन्होंने देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए पत्र-पत्रिकाओं का प्रयोग किया, ‘केसरी’ और ‘मराठा’ समाचार पत्र निकाले। इन्होंने स्वतंत्रता के प्रति लोगों में चेतना जगाई। इनके कार्यों और विचारों के कारण लोग इन्हें लोकमान्य कहने लगे।

तिलक ने विधवा विवाह और स्त्री-शिक्षा पर बल दिया। इन्होंने स्वदेशी की भावना का प्रचार किया। इनके उग्र विचारों के कारण अंग्रेज सरकार इन्हें जेलों में डालती रही। १९०७ में कांग्रेस के सूरत अधिवेशन में इन्होंने अपना प्रसिद्ध नारा दिया, “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूँगा।” १९०८ ई० में राजद्रोह के मुकदमे में इन्हें छह साल के लिए मांडले जेल भेज दिया गया। इन्होंने जेल में तीन पुस्तकें लिखीं। पहली पुस्तक गीता रहस्य इनकी विद्वता का परिचय देती है। १९१४ ई० में ये जेल से बाहर आए। ये लगन और निष्ठा से स्वतंत्रता प्राप्ति के लक्ष्य में जुटे रहे।

‘१ अगस्त, १९२० को इनका देहावसान हो गया।

बाल गंगाधर तिलक अभ्यास प्रश्

शब्दों का खेल

प्रश्न १.
वाक्य पूरा करो
प्रत्येक वाक्य की खाली जगह में उसके दाईं ओर लिखे शब्द का सही रूप लिखो। उदाहरण के लिए पहला वाक्य देखो
तिलक नियमित रूप में व्यायाम करते थे।   (नियम)
तिलक शिक्षा को स्वतन्त्रता का आधार मानते थे। (स्वतन्त्र)
उनके लेख सबका ध्यान आकर्षित करते थे। (आकर्षण)

प्रश्न २.
नीचे दिए गए शब्दों को उदाहरण के अनुसार स्त्रीलिंग में बदलो (स्त्रीलिंग में बदलकर) जैसे
लेखक – लेखिका
बालक – बालिका
शिक्षक – शिक्षिका
नायक – नायिका

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प्रश्न ३.
शुद्ध उच्चारण के साथ पढ़ो
उत्तर:
विद्यार्थी शुद्ध उच्चारण के साथ स्वयं पढ़ें।

प्रश्न ४.
नीचे दिए गए शब्दों का अर्थ बताते हुए अपने वाक्यों में उनका प्रयोग करो (प्रयोग करके)
उत्तर:
स्वदेशी – अपने देश की
कुरीति – बुरे रीति-रिवाज
आदर – सम्मान
कुशाग्र – तीक्ष्ण, तीव्र

वाक्य प्रयोग
आदर – सुधाकर बलदेव का बहुत आदर करता था।
स्वेदशी – तिलक ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी का प्रचार किया।
कुरीति – राजा राममोहन राय ने सती-प्रथा जैसी कुरीति का बहिष्कार किया।
कुशाग्र – तिलक कुशाग्र बुद्धि के विद्यार्थी थे।

प्रश्न ५.
समान अर्थ वाले शब्द बताओ (समान अर्थ बताकर)
उत्तर:
रुष्ट – नाराज
सम्मान – आदर
कठिन – मुश्किल
निर्धन – गरीब

प्रश्न ६.
“स्वतंत्र’ शब्द में ‘ता’ लगाने पर ‘स्वतंत्रता’ बनता है। इसी प्रकार नीचे दिए गए शब्दों में ‘ता’ जोड़कर नए शब्द बनाओ (नए शब्द बनाकर)
निर्धन – निर्धनता
मानव – मानवता
सज्जन – संज्जनता
उदार – उदारता

बोध प्रश्न

प्रश्न १.
पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो
(क) बालक गंगाधर तिलक ने प्रश्नों को कैसे हल किया?
उत्तर:
बालक गंगाधर तिलक ने प्रश्नों को मौखिक रूप में हल किया।

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(ख) तिलक के नाम के साथ ‘लोकमान्य’ कैसे जुड़ा?
उत्तर:
तिलक के अच्छे कार्यों और विचारों के कारण इनके नाम के साथ लोकमान्य शब्द जुड़ा।

(ग) लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने क्या नारा दिया?
उत्तर:
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने नारा दिया”स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूँगा।”

(घ) पाठ में लोकमान्य तिलक की किन-किन विशेषताओं का वर्णन किया गया है?
उत्तर:
पाठ में लोकमान्य तिलक की कई विशेषताओं का वर्णन किया गया है। तिलक मेधावी विद्यार्थी थे। इनकी पुस्तक ‘गीता रहस्य’ से उनकी विद्वता और अध्ययनशीलता का परिचय मिलता है। ये देशभक्त और क्रांतिकारी थे। ये समाज सुधारक थे। इन्होंने विधवा विवाह और महिला-शिक्षा पर जोर दिया और बाल विवाह की कुरीति का विरोध किया।

प्रश्न २.
नीचे लिखे प्रत्येक शीर्षक पर दो-तीन वाक्य लिखो
उत्तर:
तिलक का बचपन-बचपन में तिलक का नाम ‘केशव’ था। इनके पिता का नाम गंगाधर राव और माता का नाम पार्वतीबाई था। छोटे होने से इन्हें घर में ‘बाल’ कहकर पुकारा जाता था।

तिलक की शिक्षा – इनके पिता ने पुत्र की शिक्षा-दीक्षा पर पूरा ध्यान दिया। तिलक कुशाग्र बुद्धि के थे। ये गणित के कठिन प्रश्न मौखिक रूप में हल कर लेते थे। इनकी खेलों में रुचि नहीं थी।

स्वतन्त्रता के लिए तिलक का योगदान – तिलक ने स्वतन्त्रता के प्रति लोगों में नई चेतना जगाई। इन्होंने ‘मराठा’ और ‘केसरी’ समाचार पत्रों के माध्यम से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। १९१४ में जेल से निकलने के बाद भी स्वतन्त्रता प्राप्ति के लक्ष्य में ये जी-जान से जुटे रहे।

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अब करने की बारी

लोकमान्य तिलक के जीवन से जुड़े रोचक प्रसंगों का संकलन करो।

इसे भी जानो

नोट – ये दोनों प्रश्न विद्यार्थी स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 11 टोकरी में क्या है?

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 11 टोकरी में क्या है?

टोकरी में क्या है? शब्दार्थ

आकृति = आकार, रूप
माल्टा = एक विशेष फल
करीब-करीब = लगभग, आसपास
शाबाश = खुश रहो, बहुत अच्छा।

टोकरी में क्या है? पाठ का सारांश

गर्मी की छुट्टी के आखिरी दिन अदिति नानी के पास से अपने गाँव लौट रही है। नानी ने एक टोकरी अदिति को दी। अदिति टोकरी में रखी चीज के विषय में पूछती है। नानी अनुमान लगाने के लिए कहती है। अदिति सोचती है। उसके विचार से टोकरी में मिठाई है या फल। नानी कहती है, ‘मिठाई नहीं फल है।’ अदिति सोचकर बताती है कि टोकरी में सेब होंगे। नानी इससे भी सहमत नहीं। अदिति नानी से पूछती है कि यह फल छोटे पौधे पर लगता है या पेड़ पर। नानी बताती है कि पेड़ पर लगता है। अदिति फिर नारंगी बताती है। नानी ‘ना’ कहती हैं। अदिति पूछती है कि फल पीला है या लाल। नानी ने कहा- ‘पीला’। अदिति उसे आम बताती है; परंतु नानी कहती हैं कि यह आम भी नहीं है।

अदिति फिर अमरूद का नाम लेती है; परंतु नानी कुछ और कहती है। अदिति उस फल का स्वाद पूछती है। नानी इसका स्वाद खट्टा बताती है। अदिति फौरन माल्टा कहती है। नानी ने थोड़ा और प्रयास करने को कहा। अदिति ने नानी से पूछा कि यह किस काम आता है। नानी का उत्तर था- ‘अचार या शरबत बनाने के काम आता है।’ अदिति ने फौरन उसे नींबू बताया और नानी ने उसे शाबाशी दी।

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 11 टोकरी में क्या है?

टोकरी में क्या है? अभ्यास प्रश्न  

प्रश्न १.
उत्तर दो
(क) अदिति कहाँ रहती है?
उत्तर:
अदिति गाँव में रहती है।

(ख) क्या अदिति की नानी उसके साथ रहती हैं?
उत्तर:
नहीं, नानी अपने घर रहती हैं।

(ग) क्या अदिति फल को खोज पाई?
उत्तर:
हाँ, अदिति फल को खोज पाई।

(घ) वह फल कौन-सा था?
उत्तर:
वह फल नींबू था।

प्रश्न २.
नीचे लिखी पहेली को बूझो और पूरा करो- पहेली का उत्तर ‘मूली’ है। अब प्रश्नों का उत्तर देने में प्रतीक्षा की सहायता करो
दीक्षा – मैंने बाजार से कुछ खरीदा। यह मेरे थैले में है।
प्रतीक्षा – यह फल होगा या सब्जी?
दीक्षा – यह सब्जी है।
प्रतीक्षा – यह जमीन के ऊपर उगता है या अंदर?
दीक्षा – यह जमीन के अंदर उगता है।
प्रतीक्षा – यह सफेद है या रंगीन?
दीक्षा – यह सफेद है। प्रतीक्षा-तब यह मूली है।

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 11 टोकरी में क्या है?

एक पहेली और
यहाँ तुम्हें प्रश्न बनाने हैं। उनके उत्तर दिए गए हैं। कोष्ठक में दिए गए संकेतों का उपयोग कर सुमन को प्रश्न बनाने में मदद करो
विमल – मेरे पास एक जानवर की तस्वीर है। क्या तुम बता सकती हो कि यह तस्वीर किसकी है?
सुमन – क्या यह जंगल में रहता है?
विमल – नहीं, यह घर में रहता है।
सुमन – क्या यह मांस खाता है?
विमल – नहीं, यह घास खाता है।
सुमन -विमल-नहीं इसके सींग नहीं होते हैं।
सुमन – क्या यह तेज दौड़ता है?
विमल – हाँ, यह तेज रफ्तार से दौड़ता है।
सुमन – क्या यह ताँगा खींचता है?
विमल – हाँ, यह ताँगा खींचता है।
सुमन – तब यह एक घोड़े की तस्वीर है।

अब करने की बारी

प्रश्न १.
इस प्रकार की पहेलियाँ तुम भी बनाकर अपने मित्रों से पूछो और आनंद लो।
नोट -विद्याथी स्वयं पहेली बनाएँ।

प्रश्न २.
(क) इसके ऊपर ताल बनाओ, इसके ऊपर नहरें, इसके ऊपर नदियाँ बहतीं, जिनमें उठती लहरें। कोई इसमें बाग लगाता कोई करता खेती, यह सबको देती है सब कुछ, पर किससे क्या लेती?
प्रश्न – बताओ कौन?
उत्तर:
पृथ्वी

(ख) बादल लेकर उड़ती हूँ, नहीं किसी को दिखती हूँ।
प्रश्न-बताओ-क्या?
उत्तर:
हवा

(ग) एक पहेली तुम भी ढूँढ़कर लिखो
नोट – विद्यार्थी पहेली स्वयं ढूँढकर लिखें।

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UP Board Solutions for Class 2 English Chapter 1 Capita Letters & Sounds

UP Board Solutions for Class 2 English Chapter 1 Capita Letters & Sounds (बड़े अक्षर और ध्वनियाँ)

Capita Letters & Sounds Activity 

Let us learn capital Alphabet
आइए बड़ी वर्णमाला सीखें।
UP Board Solutions for Class 2 English Chapter 1 Capita Letters & Sounds 1

UP Board Solutions for Class 2 English

UP Board Solutions for Class 3 English Rainbow Chapter 12 My Home

UP Board Solutions for Class 3 English Rainbow Chapter 12 My Home (मेरा घर)

My Home Translation Of The Lesson (पाठ का हिन्दी अनुवाद)

UP Board Solutions for Class 3 English Rainbow Chapter 12 My Home 1

This is my home. – यह मेरा घर है।
This is my drawing room. – यह मेरा बैठक है।
This is my bed room. – यह मेरा शयनकक्ष है।
This is my kitchen. – यह मेरा रसोईघर है।
This is my bathroom. – यह मेरा स्नानगृह है।

Listen and Speak : (सुनिए और बोलिए)

clock (क्लॉक) – घड़ी, television (टेलीविज़न) – टेलीविज़न, towel (टॉवल) – तौलिया, dustbin (डस्टबीन) – कूड़ादान, plate (प्लेट) – थाली, bucket (बकेट) – बाल्टी, spoon (स्पून) – चम्मच

My Home New words : (शब्दार्थ)

drawing room – बैठक, clock – घड़ी, towel – तौलिया, dustbin – कूड़ादान, kitchen – रसोई, bathroom – स्नानगृह, bucket – बाल्टी, spoon – चम्मच

Let’s do: (आओ करें) –

Question 1.
Pick out the things from the box and put them in the room they are used.
(बॉक्स में से चीज़े उठाएं और उन्हें उस कमरे में रखें जहाँ उनका उपयोग होता है।)
soap, flowerpot, lamp, fridge, bed, bucket, T.V, computer, cups, spoon, pillow, sofa

UP Board Solutions for Class 3 English Rainbow Chapter 12 My Home 2

Colour the picture: (चित्र में रंग भरिए)
Do it yourself.

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