UP Board Solutions for Class 12 Sahityik Hindi धातु रूप

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Board UP Board
Textbook SCERT, UP
Class Class 12
Subject Sahityik Hindi
Chapter Chapter 3
Chapter Name धातु रूप
Number of Questions Solved 41
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 Sahityik Hindi धातु रूप

परिभाषा
क्रिया के मूल रूप को ‘धातु’ कहते हैं; जैसे—पठ, गम्, लिखू, नम् आदि। लकार की परिभाषा संस्कृत भाषा में काल को ‘लकार’ कहते हैं, जैसे-वर्तमान काल-लेट् लकार, भूतकाल-लङ्ग लकार, भविष्यत् काल तृट् लकार आदि।

लकार के भेद
संस्कृत में दस लकार होते हैं।

  1. लट् लकार
  2. लङ्ग लकार
  3. तृट् लकार
  4. लोट् लकार
  5. विधिलिङ्ग लकार
  6. लुट् लकार
  7. लिट् लकार
  8. लुङ्ग लकार
  9. लेट् लकार
  10. नृङ्ग लकार

नोट पाठ्यक्रम के अनुसार पाँच (लट्, लृट्, लोट्, विधिलिङ्ग एवं लङ् लकार) लकारों के बारे में ही चर्चा करेंगे।
संस्कृत में जितने शब्द होते हैं, उन सभी शब्दों को कारक और वचन के अनुसार तो प्रयोग किया ही जाता है, इसके अतिरिक्त संस्कृत के समस्त शब्दों को पुरुष में भी बाँटा (विभाजित) जाता है। ‘पुरुष’ शब्द का अर्थ ‘व्यक्ति से है अर्थात् कर्ता (क्रिया को करने वाला) इस प्रकार संस्कृत के सभी शब्दों को तीन प्रकार के शब्दों में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार हैं

  1. प्रथम पुरुष जिसके विषय में बात की जाती है। (जो प्रत्यक्ष न हो) उसे प्रथम पुरुष कहते हैं, जैसे वह, वे दोनों, वे सब/ये ही प्रथम पुरुष के कर्ता हैं।
  2. मध्यम पुरुष जो बात करने का माध्यम होता है, उसे मध्यम पुरुष कहते हैं; जैसे—तुम, तुम दोनों, तुम सब/ये ही मध्यम पुरुष के कर्ता है।
  3. उत्तम पुरुष किसी विषय पर स्वयं बोलने वाले को उत्तम पुरुष कहते हैं; जैसे मैं, हम दोनों, हम सब/ये ही उत्तम पुरुष के कर्ता हैं।

धातु-भेद
अर्थ-भेद के आधार पर धातु के निम्न तीन भेद होते हैं।

  1. परस्मैपदी जिन धातुओं के अन्त में ति, तः, अन्ति आदि प्रत्यय लगते हैं, उन्हें ‘परस्मैपदी’ धातु कहते हैं। नोट पाठ्यक्रम के अनुसार, परस्मैपदी के अन्तर्गत स्था, पा, नी, कृ, चुर एवं दा ‘सम्मिलित किए गए हैं।
  2. आत्मनेपदी जिन धातुओं के अन्त में ते, एते, अन्ते आदि प्रत्यय लगते हैं, उन्हें आत्मनेपदी धातु कहते हैं; जैसे-सेवते, सेवेते, सेवन्ते
  3. भयपदी जिन धातुओं के रूप दोनों पदों (परस्मैपद एवं आत्मनेपद) में चलते हैं, उन्हें उभयपदी धातु कहते हैं, जैसे

‘याच’ धातु परस्मैपद में रूप-याचति याचतः याचन्ति
‘याच’ धातु आत्मनेपदी में रूप-याचते याचेते याचन्ते

प्रश्न 1.
‘दा’ धातु लुट्लकार प्रथम पुरुष, द्विवचन का रूप है।
(क) दास्यतः
(ख) दत्तः
(ग) दास्यावः
(घ) दास्यथः

प्रश्न 2. ‘नेष्यावः’ रूप है ‘नी’ धातु का (2010)
(क) लट्, उत्तम, द्विवचन
(ख) लोट्, मध्यम, द्विवचन
(ग) लृट्, मध्यम, बहुवचन
(घ) लृट्, उत्तम, द्विवचन

प्रश्न 3.
नयतः रूप है ‘नी’ धातु का
(क) लट्, प्रथम, द्विवचन
(ख) लङ्, मध्यम, एकवचन
(ग) विधिलिङ, प्रथम, एकवचन,
(घ) लोट्, उत्तम, एकवचन

प्रश्न 4.
‘तिष्ठ’ रूप है ‘स्था’ धातु का (2015)
(क) लट्, प्रथम पुरुष, एकवचन
(ख) लोट्, मध्यम पुरुष, एकवचन
(ग) विधिलिङ, उत्तम पुरुष, एकवचन
(घ) लङ, उत्तम पुरुष, एकवचन

प्रश्न 5.
‘पास्यामः’ रूप है-‘पिबु धातु का (2011)
(क) लट्, उत्तम, बहुवचन
(ख) लृट्, उत्तम, बहुवचन
(ग) लङ्, मध्यम, एकवचन
(घ) लोट्, प्रथम, बहुवचन

प्रश्न 6.
‘एधि’ रूप है ‘अस्’ धातु का (2010)
(क) लट्, मध्यम, द्विवचन
(ख) लडु, उत्तम, एकवचन
(ग) विधिलिङ, प्रथम, बहुवचन
(घ) लोट्, मध्यम, एकवचन

प्रश्न 7.
‘स्था’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन का रूप होगा
(क) तिष्ठेयुः
(ख) तिष्ठे:
(ग) तिष्ठेव
(घ) तिष्ठेयम्

प्रश्न 8.
‘कृ’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन का रूप होगा
(क) करोतु
(ख) कुरु
(ग) कुरुत
(घ) अकरोत्

प्रश्न 9.
‘स्था’ धातु विधिलिङ्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन का रूप होगा
(क) तिष्ठामि
(ख) तिष्ठ
(ग) स्थास्यति
(घ) तिष्ठेम

प्रश्न 10.
‘कृ’ धातु लोट्, मध्यम, द्विवचन का रूप होगा। (2011)
(क) कुरुताम्
(ख) कुरुथः
(ग) कुरुत
घ) कुरुतम्

प्रश्न 11.
‘भविष्यथ’ रूप है ‘अस्’ धातु का (2012)
(क) लोट्, प्रथम, द्विवचन
(ख) विधिलिङ, उत्तम, एकवचन
(ग) लृट्, मध्यम, द्विवचन
(घ) लट्लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन

प्रश्न 12.
‘कृ’ धातु लूट, मध्यम पुरुष, द्विवचन का रूप होगा (2015)
(क) करोति
(ख) करिष्यथ:
(ग) करिष्यामि
(घ) करिष्यत

प्रश्न 13.
‘चोरयाव’ रूप है ‘चुर्’ (चुराना) धातु का (2010)
(क) लट्, प्रथम, द्विवचन
(ख) विधिलिड्., मध्यम, एकवचन
(ग) लोट्, उत्तम, द्विवचन
(घ) लङ्, उत्तम, बहुवचन

प्रश्न 14.
‘स्था’ धातु लुट्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन का रूप होगा (2012)
(क) स्थास्यति
(ख) स्थास्यावः
(ग) स्थास्यथ
(घ) स्थास्यामि

प्रश्न 15.
‘अस्’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन का रूप होगा (2011)
(क) स्थः
(ख) स्त
(ग) स्थ
(घ) भविष्यथ

प्रश्न 16.
‘अतिष्ठः’ रूप है ‘स्था’ थातु का (2010)
(क) लृट्, प्रथम, एकवचन
(ख) लोट्, मध्यम, बहुवचन
(ग) विधिलङ, उत्तम, एकवचन
(घ) लङ, मध्यम, एकवचन

प्रश्न 17.
‘आदः’ रूप है ‘अद्’ धातु का (2010)
(क) लट्, मध्यम, द्विवचन
(ख) बृद्, प्रथम, एकवचन
(ग) लङ्, मध्यम, एकवचन
(घ) लट्, प्रथम, द्विवचन

प्रश्न 18.
‘चुर्’ धातु लुट्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन का रूप होगा (2011, 10)
(क) चोरयति
(ख) चोरयिष्यति
(ग) अचोरयत
(घ) चोरयतु

प्रश्न 19.
‘पा’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन का रूप होगा (2013)
(क) पिबथ
(ख) पिविष्यथ
(ग) पास्यथ
(घ) पास्यन्ति

प्रश्न 20.
‘दा’ धातु ललकार प्रथम पुरुष बहुवचन का रूप होगा। (2012)
(क) देहि
(ख) अददुः
(ग) दास्यन्ति
(घ) ददाति

प्रश्न 21.
‘कृ’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन का रूप होगा (2010)
(क) कुर्याताम्
(ख) कुर्याम्
(ग) कुर्यातम्
(घ) कुर्यात

प्रश्न 22.
‘भू’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन का रूप होगा (2013)
(क) भवताम्
(ख) भव
(ग) भवन्तु
(घ) भवानि

प्रश्न 23.
‘पठतु’ रूप है ‘पठ’ (पढ़ना) धातु का (2011)
(क) लट्, प्रथम, एकवचन
(ख) लोट्, प्रथम, एकवचन
(ग) लोट्, मध्यम, द्विवचन,
(घ) लृट्, उत्तम, एकवचन

प्रश्न 24.
‘पा’ (पिब) धातु ललकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन का रूप हैं। (2010)
(क) पिबसि
(ख) पिबामि
(ग) पिबन्ति
(घ) पिबति

प्रश्न 25.
‘स्थास्यथः’ रूप है ‘स्था’ धातु का (2011)
(क) विधिलिङ, मध्यम, बहुवचन
(ख) लोट् प्रथम, एकवचन
(ग) लृट्, मध्यम, द्विवचन
(घ) लट्, प्रथम, बहुवचन

प्रश्न 26.
‘ददाम’ रूप है ‘दा’ धातु का (2012)
(क) लोट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन
(ख) ट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन
(ग) ललकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन
(घ) विधिलिङ्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

प्रश्न 27.
‘तिष्ठेव’ रूप है ‘स्था’ धातु का (2013)
(क) विधिलिङ्लकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन
(ख) विधिलिङ्लकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन
(ग) ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन
(घ) लोट्लकार, उत्तम पुरुष, एकवचन

प्रश्न 28.
‘भू’ (होना) धातु ललकार, मध्यम पुरुष, एकवचन का रूप होगा (2011)
(क) भवति
(ख) भवसि
(ग) भवामि
(घ) भवामः

प्रश्न 29.
‘नी’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन का रूप होगा (2011)
(क) नय
(ख) नयत
(ग) नयतु
(घ) नयति

प्रश्न 30.
‘कुर्मः’ रूप है ‘कृ’ धातु का (2010)
(क) लङ्, उत्तम, बहुवचन
(ख) लृट्, मध्यम, एकवचन
(ग) विधिलिङ, प्रथम, द्विवचन
(घ) लट्, उत्तम, बहुवचन

प्रश्न 31.
‘कृ’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन का रूप होगा। (2010)
(क) कुरुथ
(ख) कुरुत
(ग) कुर्यात
(घ) कुर्यात्

प्रश्न 32.
‘पिबामः’ रूप है ‘पा’ (पिब्) धातु का (2009)
(क) लृट्, उत्तम, बहुवचन
(ख) लोट्, मध्यम, बहुवचन
(ग) लङ्, प्रथम, बहुवचन
(घ) लट्, उत्तम, बहुवचन

प्रश्न 33.
‘अकरोत्’ रूप होता है ‘कृ’ धातु का (2011, 10)
(क) लङ्, प्रथम, एकवचन
(ख) विधिलिङ, मध्यम, द्विवचन
(ग) लृट्, उत्तम, बहुवचन
(घ) लट्, प्रथम, एकवचन

प्रश्न 34.
‘नयतम्’ रूप है ‘नी’ धातु का (2014, 12, 11)
(क) लोट्, मध्यम, द्विवचन
(ख) लट्, मध्यम, बहुवचन
(ग) लृद्, प्रथम, एकवचन
(घ) लोट्, प्रथम, द्विवचन

प्रश्न 35.
‘स्युः’ रूप है ‘अस्’ धातु का (2010)
(क) लोट्, मध्यम, एकवचन
(ख) लृट्, उत्तम, द्विवचन
(ग) विधिलिङ्, प्रथम, बहुवचन
(घ) लङ्, प्रथम, एकवचन

प्रश्न 36.
‘नयानि’ रूप है ‘नी’ धातु का
(क) लट्, प्रथम, एकवचन
(ख) लोट्, उत्तम, एकवचन
(ग) लृट्, मध्यम, द्विवचन
(घ) लोट्, मध्यम, बहुवचन

प्रश्न 37.
‘अपिबत’ रूप है ‘पा’ धातु का
(क) लड्, प्रथम, एकवचन
(ख) लङ्, मध्यम, बहुवचन
(ग) विधिलिङ्, उत्तम, एकवचन
(घ) लट्, प्रथम, द्विवचन

प्रश्न 38.
‘अनयः रूप है ‘नी’ धातु का
(क) लट्, मध्यम, द्विवचन
(ख) लङ्, मध्यम, एकवचन
(ग) लङ, प्रथम, बहुवचन
(घ) लृट्, प्रथम, एकवचने

प्रश्न 39.
‘स्था’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन का रूप होगा (2012, 10)
(क) स्थास्यथः
(ख) स्थास्यतः
(ग) तिष्ठथः
(घ) तिष्ठतम्

प्रश्न 40.
‘अतिष्ठाव’ रूप है ‘स्था’ धातु का
(क) लोट्, मध्यम, द्विवचन
(ख) लड्, उत्तम, द्विवचन
(ग) विधिलिङ्, प्रथम, बहुवचन
(घ) लृटु, मध्यम, एकवचन

प्रश्न 41.
निम्नलिखित धातुओं के यथानिर्देश रूप लिखिए।
‘पा’ (पिब) धातु ललकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = पिबामः (2018)
‘नी’ धातु लट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = नयामः (2018)
‘पा’ धातु लोटलकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = पिबत (2018)
‘दा’ धातु लुट्लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = दास्यथः (2018)
‘नी’ धातु लोटलकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = नय, नयतात् (2018)
‘दा’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = देहि (2018)
‘कृ’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = अकुतम् (2018)
‘दा’ धातु ललकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन = दत्तः (2018)
‘पा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = पिबावः (2018)
‘नी’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = नयावः। (2018)
‘दा’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = दत्त (2018)
‘चुर’ धातु लङ्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन = अचोरयत् (2018)
‘नी’ धातु लोट्लकार’ मध्यम पुरुष, बहुवचने = नयत (2018, 17)
‘कृ’ धातु ‘लोट्लकार’ मध्यम पुरुष, बहुवचन = कुरूत (2018, 17)
‘पा’ धातु ‘लिङ्लकार’ मध्यम पुरुष, द्विवचन
‘दा’ धातु ‘लिङ्लकार’ मध्यम पुरुष, द्विवचन
‘चुर’ धातु ‘ललकार’ मध्यम पुरुष, एकवचन का रूप लिखिए = चोरयसि (2017)
‘स्था’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = तिष्ठथ (2016)
‘कृ’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = कृथ (2016)
‘नी’ धातु लुट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = नेष्यामः (2016)
‘कृ’ धातु लुट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = करिष्यम् (2016)
‘मा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = अपिषाव (2016)
‘अस्’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = आस्थ (2016)
‘स्था’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = तिष्ठतम् (2017, 16)
‘नी’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = नयतम् (2016)
‘या’ धातु विधिलिङ् लकार, मध्यम पुरुष, द्विवधन = पिबेतम् (2017, 16)
‘नी’ धातु विधिलिङ् लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = नयेतम् (2017, 16)
‘कृ’ धातु लोट्लकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन = कुरुताम् (2016)
दा’ धातु लोट्लकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन = दत्ताम्। (2016)
‘दा’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = दोहि
‘पा’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = पिब (2018)
‘स्था’ धातु ललकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन = अतिष्ठन्। (2013)
‘दा’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = देहि, दत्तात्। (2016, 14, 13)
‘नी’ धातु ललकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन = अनयन् । (2013)
‘दा’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = अदम् (2018, 13)
‘स्था’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन = अतिष्ठतम् (2017, 13)
‘चुर्’ धातु ललकार, प्रथम पुरुष, द्विवचन = चोरयतः (2013)
‘स्था’ धातु लट्लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन = तिष्ठन्ति (2014)
‘दा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = दास्यावः (2012)
‘स्था’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = तिष्ठे: (2013)
‘पा’ (पिब) धातु ललकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन = पिबन्ति (2014)
‘कृ’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = कुर्यात (2013)
‘ढा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = अढद्म (2012)
‘स्था’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = तिष्ठ (2014)
‘स्था’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = अतिष्ठत (2013)
‘दा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = दाः (2012)
‘नी’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = नयस (2017, 13)
‘स्था’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = स्थास्यावः (2012)
‘नी’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = नयेत (2013)
‘स्था’ धातु लुट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवधन = अतिष्ठाम (2012)
‘दा’ धातु लृट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = दास्यामः (2012)
‘स्था’ लङ्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन = अतिष्ठाम (2012)
‘पा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, एकवचन = पिबामि (2014)
‘दा’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = अददाः (2013)
‘नी’ धातु ललकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = नयथ : (2013)
‘चुर्’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = चोरय (2013)
‘स्था’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, एकवचन = तिष्ठामि. (2014)
‘स्था’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = तिष्ठेत (2013)
‘पा’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = पिब (2018, 16, 14, 13)
‘नी’ धातु विधिलिङ्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = नयेः (2013)
‘पा’ धातु लृट्लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन = पास्यथ (2017, 13)
‘दा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, एकवचन = अददाम्। (2013)
‘दा’ धातु ललकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन = अदद्वः (2013)
‘पठ’ धातु लृट्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन = पठिष्यति (2014)
‘कृ’ धातु लोट्लकार, मध्यम पुरुष, एकवचन = कुरु कुरुताम् (2014)

उत्तर
1. (क), 2. (घ), 3. (क), 4. (ख), 5. (ख), 6. (घ), 7. (ख), 8. (ख), 9. (घ), 10. (घ), 11. (ग) 12. (ख), 13. (ग), 14. (ग), 15. (घ), 16. (घ), 17. (घ), 18. (ख), 19. (ग), 20. (ख), 21. (ग), 22. (ख), 23. (ख), 24. (ग), 25. (ग), 26. (क), 27. (ख), 28. (ख), 29. (क), 30. (घ), 31. (ग), 32. (घ), 33. (क), 34. (क), 35. (ग), 36. (ख), 37. (क), 38. (ख), 39. (क), 40. (ख),

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