UP Board Solutions for Class 6 Civics Chapter 6 यातायात एवं सुरक्षा

UP Board Solutions for Class 6 Civics Chapter 6 यातायात एवं सुरक्षा

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 6 Civics. Here we have given UP Board Solutions for Class 6 Civics Chapter 6 यातायात एवं सुरक्षा

अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

(क) सड़क दुर्घटनाएँ क्यों होती हैं?
उत्तर :
सड़कों पर अधिक भीड़, जल्दबाजी, असावधानी और (UPBoardSolutions.com) सड़क सुरक्षा नियमों का पालन न करने से सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं।

UP Board Solutions

(ख) सड़कों पर यातायात के साधनों की अधिकता के क्या कारण हैं?
उत्तर :
सड़कों पर यातायात के साधनों की अधिकता जनसंख्या की वृद्धि के कारण है।

(ग) सड़क दुर्घटना से बचाव के पाँच उपाय बताइए।
उत्तर :
सड़क दुर्घटना से बचाव के पाँच उपाय निम्न हैं –

  1. सड़क पर अपने बाईं तरफ चलना चाहिए।
  2. सड़क पार करते समय ट्रैफिक की आवाज पर ध्यान देना चाहिए।
  3. फुटपाथ का प्रयोग करना (UPBoardSolutions.com) चाहिए।
  4. ट्रैफिक नहीं आने पर जल्दी से सड़क पार करनी चाहिए।
  5. महानगरों के चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल देखकर ही चौराहा पार करें।

(घ) ध्वनि प्रदूषण को कारण लिखिए।
उत्तर :
ध्वनि प्रदूषण को कारण वाहनों की अधिक संख्या का होना है।

UP Board Solutions

(ङ) रेल से यात्रा करते समय किन-किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
उत्तर :
रेल से यात्रा करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए –

  1. टिकट लेकर यात्रा करनी चाहिए।
  2. चलती रेल में चढ़ना एवं उतरना नहीं चाहिए।
  3. दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  4. बोगियों के ऊपर चढ़कर यात्रा न करें।
  5. ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा न करें।
  6. खिड़कियों से बाहर शरीर के अंग न निकालें
  7. किसी अपरिचित से दिया गया कुछ खाना या सँघना ठीक नहीं होता।
  8. यात्रा करते समय अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करनी चाहिए।
  9. किसी लावारिस वस्तु को नहीं छूना चाहिए।
  10. रेल सम्पत्ति को हानि नहीं पहुँचानी चाहिए।

(च) सड़क शिष्टाचार से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
सड़क शिष्टाचार का तात्पर्य उन अच्छी आदतों या उपायों से है जिससे हमें सड़क पर चल रहे अन्य व्यक्तियों को किसी हानि या दुर्घटना से बचा सकते हैं। इन छोटी-छोटी (UPBoardSolutions.com) आदतों का पालन करने से व्यक्ति दूसरों की सहायता व सुरक्षा के साथ-साथ अपनी अच्छी आदतों का संदेश भी देता है।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

(क) सड़क पर सदैव सावधानी से चलें।
(ख) सड़क दुर्घटना से बचने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।
(ग) वाहनों से निष्कासित थुएँ से वायु प्रदूषण होता है।
(घ) चलती बस में ड्राइवर से बातें न करें।
(ङ) चलती ट्रेन की जंजीर खींचकर और हाउस पाइप काट कर व्यवधान उत्पन्न नहीं करना चाहिए।

UP Board Solutions

प्रश्न 3.
सत्य/असत्य कथन पर निशान लगाइए –

(क) बस के पीछे बनी सीढ़ी पर लटककर यात्रा न करें। (सत्य ✓/ असत्य)
(ख) सड़क पर अपने दाहिने ओर से चलना चाहिए। (सत्य / असत्य ✓)
(ग) सड़क पार करते समय सुरक्षित स्थान चुनें। (सत्य ✓/ असत्य)
(घ) स्कूटर/मोटर साइकिल पर केवल दो व्यक्ति बैठ सकते हैं। (सत्य ✓ / असत्य)
(ङ) सड़क पर साइकिल मौज-मस्ती के साथ चलानी चाहिए। (सत्य / असत्य ✓)
(च) बोगी और प्लेटफार्म पर पड़ी लावारिस वस्तु को छूना चाहिए। (सत्य / असत्य ✓)
(छ) रेल फाटक बन्द होने पर लाइन पार नहीं करनी चाहिए। (सत्य ✓/ असत्य)

प्रोजेक्ट कार्य –
नोट विद्यार्थी स्वयं करें।

We hope the UP Board Solutions for Class 6 Civics Chapter 6 यातायात एवं सुरक्षा help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 6 Civics Chapter 6 यातायात एवं सुरक्षा , drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 21 बस की यात्रा (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 21 बस की यात्रा (मंजरी)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 8 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 21 बस की यात्रा (मंजरी).

पाठ का सार (सारांश)

पाठ का सारांश- हरिशंकर परसाई उच्चकोटि के व्यंग्यकार हैं। इस यात्रा वर्णन पाठ में उन्होंने बताया है कि किस प्रकार वाहनों के मालिक धन के लालच मेंपुराने घिसे हुए और जर्जर अवस्था के वाहन सड़कों पर चलवाते हैं। लेखक व उनके मित्र कंपनी के काम से सतना गए थे। वापसी पर उन्होंने पन्ना के लिए जो बस पकड़ी, वह काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में थी। लोग उस बस में यात्रा करने से हिचक रहे थे। लेखक ने भी जब बस को देखा तो वे स्वयं से पूछ बैठे कि क्या ये बस चलती भी है। बस कंपनी का एक हिस्सेदार उन्हें विश्वास दिलाने लगा कि डरने की कोई बात नहीं है। यह बस अनुभवी है, पुरानी है।

लेखक को जो लोग विदा करने आए थे, वे लोग उनकी तरफ इस तरह देख रहे थे मानो उन्हें अंतिम विदा दे रहे हों। बस जब चली तो ऐसे आवाज़ कर रही थी जैसे इंजन यात्रियों के सीट के नीचे ही लगा हो। बस का प्रत्येक हिस्सा अलग-अलग हिल रहा था। लेखक लिखते हैं कि उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि वे सीट पर बैठे हैं या सीट उन पर बैठी है। एकाएक बस रुक गई तो पता चला कि पेट्रोल की टंकी में ही छेद हो गया है। काफी देर बाद बस फिर चली परंतु लेखक को अब उस पर भरोसा नहीं रहा था। सड़क के दोनों तरफ लगे हरे-भरे पेड़ लेखक को दुश्मन नज़र आ रहे थे, क्योंकि बस के कभी भी उन पेड़ों से टकरा जाने की आशंका सता रही थी। झील दिखाई देता तो सबको डर लगता कि कहीं बस झील में न गिर जाए। एकाएक बस फिर रुक गई।

ड्राइवर उसे चलाने के लिए तरह-तरह की तरकीबें अपनाने लगा लेकिन वह नहीं चली, मानो उसने सविनय अवज्ञा आंदोलन छेड़ दिया हो। बस एक बुढ़िया की भाँति थककर बैठ गई थी। हिस्सेदार साहब ने इंजन खोला और कुछ सुधार कार्य किए तो बस आगे चली लेकिन उसकी चाल और भी धीमी हो गई। चाँदनी रात में रास्ता टटोलती वह रेंग रही थी। (UPBoardSolutions.com) आगे या पीछे से कोई गाड़ी आती तो वह किनारे लगकर उसे रास्तो दे देती। आगे चलकर बस एक पुलिया पर पहुँची ही थी कि एक टायर फट गया। बस नाले में गिरते-गिरते बची। लेखक व्यंग्य करते हैं कि कंपनी के हिस्सेदार में उत्सर्ग की दुर्लभ भावना थी। टायरों की हालत जानते हुए भी वे जान हथेली पर लेकर उसी बस में सफर कर रहे थे। उस महान व्यक्ति ने यात्रियों सहित अपनी जान खतरे में डालकर टायरों पर होने वाला व्यय बचा लिया। दूसरा घिसा टायर लगाकर बस फिर चली लेकिन लेखक ने अब पन्ना तो क्या कहीं भी पहुँचने की उम्मीद छोड़ दी थी।

UP Board Solutions

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को
प्रश्न 1.
अधिक धुआँ फेंकने वाले, जर्जर और बहुत पुराने वाहन वायु प्रदूषण और अन्य खतरों को बढ़ावा देते हैं। वायु प्रदूषण के अन्य घटक कौन से हैं? इसका उल्लेख करते हुए वायु प्रदूषण पर एक लेख तैयार कीजिए।
उत्तर :
आजकल, वायु प्रदूषण प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दों में से एक है। वायु प्रदूषण के निरंतर बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। सबसे अधिक वायु प्रदूषण ऑटोमोबाइल, परिवहन के साधन, औद्योगीकरण, बढ़ते शहरों आदि के कारण हो रहा है। इस तरह के स्रोतों से कई हानिकारक गैसों या खतरनाक तत्वों का रिसाव पूरे वायुमंडल को प्रदूषित कर रहा है। वायु प्रदूषण के कारण ओजोन परत भी बहुत अधिक प्रभावित हो रही है। मनुष्य की बढ़ती जनसंख्या के कारण उनकी आवश्यकता में भी वृधि हो रही है जो प्रदूषण का मुख्य कारण है। मनुष्य की दैनिक गतिविधियाँ भी वातावरण को गंदा करने का कारण होती हैं, जो जलवायु में नकारात्मक परिवर्तन के लिये मजबूर करती है।

औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया में कई हानिकारक गैसों, कणों, पेंट और बैट्रियों का आक्रामक संचालन, सिगरेट, आदि कार्बन मोनो ऑक्साइड, परिवहन के साधन कार्बन डाईऑक्साइड और अन्य जहरीले पदार्थों को वातावरण में छोड़ते हैं। सभी तरह के प्रदूषण पर्यावरण से जुड़े हुए हैं, जो आजोन परत को हानि पहुँचाकर सूर्य की हानिकारण किरणों पर पृथ्वी पर आमंत्रित करते हैं। वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिये हमें दैनिक क्रिया-कलापों में बड़े स्तर पर परिवर्तन लाने होंगे। हमें वायु (UPBoardSolutions.com) प्रदूषण के प्रभावों को कम करने के लिये पेड़ों को नहीं काटना चाहिये और उन गतिविधियों को करना चाहिए जो वातारण को प्रदूषित करने वाले तत्वों को रोकने में सहायक हों।

प्रश्न 2.
नोट – 
विद्यार्थी स्वयं करें।

UP Board Solutions

विचार और कल्पना

‘प्रश्न 1.
लेखक ने बस को सजीव रूप में देखा है। अनुमान लगाइए कि अगर लेखक बस से बातचीत करते तो उनके और बस के बीच में कहाँ-कहाँ और क्या-क्या बातें होती?
उत्तर :
लेखक और बस अगर आपस में बातचीत करते तो निम्न जगहों पर उनके बीच इस तरह की बातें होती; जैसे

  1. सबसे पहले लेखक और बस की बातचीत वहाँ हुई होगी जहाँ लेखक ने पहली बार बस को देखा।
    लेखक – बस माता जी आपको नमस्कार! धन्य हैं आप जो इतनी वयोवृद्धा होने पर भी यात्रियों की सेवा में तत्पर हैं। क्या आप इस उम्र में थकान महसूस नहीं करतीं?
    बस – क्या करूँ बेटा? गुलाम हूँ, अपनी मर्जी से कहाँ जी सकती मैं अपनी जिंदगी। बस कंपनी के मालिकों को मुझ बुढ़िया पर तरसे ही नहीं आता, रिटायरमेंट की उम्र में भी मुझसे काम करवाए जा रहे हैं।

  2. लेखक की बस से दूसरी बातचीत वहाँ हुई होगी जहाँ बस एकाएक रुक जाती है।
    लेखक – बस मैया, रुक क्यों जाती हो बार-बार? लगता है कुछ ज्यादा ही थक गई हो?
    बस – तुम चिंता न करो तुम सबको तुम्हारे गंतव्य तक अवश्य पहुँचा देंगी देर-सवेर। थोड़ा मुझे आराम कर लेने दो।

  3. लेखक और बस की तीसरी बार बातचीत तब हुई होगी जब बस नाले में गिरते-गिरते बचती है।
    बस – मुझे माफ करना बेटा, मेरी वजह से अभी तुम लोगों की यात्रा अंतिम यात्रा हो जाती। क्या करू, आँखों की रोशनी भी कम हो गई है रास्ता भी सूझ नहीं रहा और इस पर इतना कमजोर शरीर, अब चला नहीं जा रहा मुझसे। लेखक – कोई बात नहीं, बस मैया हम तुम्हारी मजबूरी समझ रहे हैं, लेकिन हमें अफसोस है कि हम आपके लिए कुछ नहीं कर सकते।

प्रश्न 2.
नोट – 
विद्यार्थी स्वयं करें।।

व्यंग से
प्रश्न 1.
लोगों ने शाम वाली बस से सफ़र नहीं करने की सलाह क्यों दी थी?
उत्तर :
बस बहुत ही पुरानी और जर्जर अवस्था में थी। रास्ते में कहीं भी खराब या दुर्घटना का शिकार हो सकती थी। इसलिए लोगों ने शाम वाली बस से सफर नहीं करने की सलाह दी थी।

UP Board Solutions

प्रश्न 2.
लेखक के मन में बस को देखकर श्रद्धा का भाव क्यों उमड़ पड़ा?
उत्तर :
लेखक ने यह कथन व्यंग्य स्वरूप लिखा है। हम भारतीयों को यह संस्कार है कि हम बूढे-बुजुर्ग पुरुष या महिलाओं को अत्यंत सम्मान और श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं। बस भी अत्यंत पुरानी और जर्जर अवस्था में थी। इसलिए लेखक ने बस का मानवीकरण करते हुए लिखा है कि वयोवृद्ध बस को देखकर मन में श्रद्धा को. भाव उमड़ पड़ा।

प्रश्न 3.
बस तक लेखक और उनके मित्रों को छोड़ने आये हुए लोगों के मन में क्या-क्या भाव हो रहे थे?
उत्तर :
लेखक और उनके मित्रों को बस तक छोड़ने आए लोगों के मन में यह भाव आ रहे थे कि जैसे वे उन्हें अंतिम बार देख रहे हों और अंतिम विदा दे रहे हों। उनकी आँखें जैसे कह रही थीं- आना-जाना तो लगा ही रहता है। आया है, तो जाएगा-राजा, रंक फकीर। आदमी को कूच करने के लिए एक निमित्त चाहिए।

प्रश्न 4.
“बस सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौर से गुजर रही थी।” इस वाक्य से लेखक को क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
“सविनय अवज्ञा आंदोलन”–के दौरान भारत के लोगों ने गांधी जी के नेतृत्व में मिल-जुल कर अंग्रेजों का विरोध विनम्रतापूर्व किया था। उन्होंने अंग्रेजी कानूनों का उल्लंघन करने का आंदोलन भी शांतिपूर्वक चलाया था। बस का भी लगभग यही हाल था। बस का प्रत्येक भाग जर्जर था, कोई भी
भाग ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रहा था और प्रत्येक भांग एक-दूसरे से असहयोग कर रहा था। इसलिए लेखक ने ऐसा लिखा है कि बस सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौर से गुजर रहा था।

UP Board Solutions

प्रश्न 5.
“उत्सर्ग की ऐसी भावना दुर्लभ है।” लेखक ने यह किसके लिए, क्यों और किस . संदर्भ में कहा?
उत्तर :
“उत्सर्ग की ऐसी भावना दुर्लभ है।” लेखक ने यह बात बस कंपनी के हिस्सेदार के लिए कही है। हिस्सेदार बस के टायरों की हालत जानता था फिर भी उसने टायर नहीं बदलवाया और धन कमाने के चक्कर में बस को चलाता रहा। उसे यह भी पता था कि इन टायरों की वजह से बस कभी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है फिर भी वह यात्रियों के (UPBoardSolutions.com) साथ-साथ अपनी जान की परवाह न करते हुए बस में सफर कर रहा था। धन के प्रति उसकी लोलुपता पर कटाक्ष करते हुए लेखक ने ऐसा लिखा है।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
पाठ में कुछ शब्द जैसे-हाजिर, सफर उर्दू भाषा के शब्द हैं। ऐसे ही पाठ में आये अन्य भाषाओं के शब्दों को छाँटकर लिखिए।
उत्तर :
संस्कृत भाषा- मित्र, श्रद्धा, वयोवृद्ध अंत्येष्टि, प्राणांत, वृद्धावस्था, उत्सर्ग, निमित्त। अंग्रेजी- इंजन, बस, कंपनी, ट्रेनिंग, बॉडी, सीट, फुल, ब्रेक, पेट्रोल, टायर।।

प्रश्न 2.
जिस वाक्य में प्रश्न पूछा जाता है, उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। प्रश्नवाचक वाक्य में क्या, कहाँ, क्यों, कैसे आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है। परन्तु पाठ में कुछ ऐसे वाक्य हैं जिनके उत्तर में इन शब्दों का प्रयोग किया गया है जैसे-वह बोले चलती क्यों नहीं है जी! अभी चलेगी। हाँ जी, और कैसे चलेगी?
उत्तर :
प्रश्नवाचक वाक्य-

  • क्या तुम हमारे साथ चलोगे?
  • तुम कल कहाँ गायब थे?
  • यह तो बताओ कि हमारी गलती क्या है?
  • रमा बार-बार उधर क्यों देख रही है?
  • पिताजी मुंबई से कब लौटेंगे?

UP Board Solutions

प्रश्न 3.
जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं उन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं। जैसेबस-यातायात के साधन के अर्थ में और पर्याप्त के अर्थ में प्रयुक्त होता है। नीचे दिये गये अनेकार्थी शब्दों के अर्थ लिखकर उनको वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर :

  • कर (हाथ) – यह पत्र दादी जी के कर-कमलों से लिखा गया था।
  • कर (टैक्स) – हमें अपना बिक्री कर समय पर जमा करना चाहिए।
  • पत्र (चिठ्ठी) – बहुत दिन से अनुज का पत्र नहीं आया है।
  • पत्र (पत्ता) – शिवजी को बेल-पत्र चढाया जाता है।
  • सोना (स्वर्ण धातु) – सोना-दिन-ब-दिन महँगा होता जा रहा है।
  • सोना (नींद) – बच्चा सोना चाहता है तो सोने दो।
  • मन (हृदय) – मेरा मन इस बात को नहीं मान रहा है।
  • मन (वजन) – किसान ने एक मन चावल बेचा।

We hope the UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 21 बस की यात्रा (मंजरी) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 21 बस की यात्रा (मंजरी), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश

UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 6 Science. Here we have given UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश.

प्रकाश

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प छाँटिए –
(क) वे पदार्थ जिनसे प्रकाश आंशिक रूप से निर्गत होता है, कहलाते हैं-
(i) प्रदीप्त
(ii) पारदर्शक
(iii) अपारदर्शक
(iv) पारभासी (✓)

UP Board Solutions 

(ख) किस प्रकाश स्रोत से उपछाया नहीं बनती
(i) बिन्दु प्रकाश स्रोत (✓)
(ii) सूर्य
(iii) सभी प्रकाश स्रोत
(iv) उपर्युक्त में से कोई नहीं

(ग) जब पृथ्वी की उपछाया से होकर चन्द्रमा गुरता है तब होता है-
(i) पूर्ण चन्द्र ग्रहण
(ii) सूर्य ग्रहण
(iii) खण्ड चन्द्र ग्रहण (✓)
(iv) खण्ड सूर्य ग्रहण

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
उत्तर:
(क) सूर्य और तारे प्राकृतिक प्रकाश स्रोत है, जबकि जलती हुयी मोमबत्ती और विद्युत बल्व मानव निर्मित स्रोत है।
(ख) दीप्त वस्तुएँ स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती है जबकि अदीप्त वस्तुएँ स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करती हैं।
(ग) सूर्य ग्रहण दिखायी देता है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य आ जाता है।
(घ) चन्द्र ग्रहण की घटना पूर्णिमा के दिन होती है।
(ङ) निर्यात में प्रकाश की चाल 3 लाख किमी/सेकेण्ड होती है।

UP Board Solutions

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में स्तम्भ 1 के कथनों का मिलान स्तम्भ 2 के कथनों से कीजिए। (मिलान करके)-
उत्तर:
UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश img-1
प्रश्न 4.
प्रकाश स्रोत किसे कहते हैं? दो प्राकृतिक तथा दो मानव निर्मित प्रकाश स्रोतों के नाम लिखिए तथा उनकी विशेषतायें बताइये।
उत्तर:
जिन साधनों से हमें प्रकाश ऊर्जा प्राप्त होती है, उन्हें प्रकाश स्रोत कहते हैं।

  1. प्राकृतिक प्रकाश स्रोत
  2. कृत्रिम प्रकाश स्रोत या मानव निर्मित्त प्रकाश स्रोत।।

ऐसे प्रकाश स्रोत जो हमें प्राकृतिक रूप से प्राप्त होते हैं, प्राकृतिक प्रकाश स्रोत कहलाते हैं। सूर्य तथा तारे प्राकृतिक प्रकाश स्रोत हैं। हमें पृथ्वी पर पर्याप्त मात्रा में प्रकाश सूर्य से ही प्राप्त होता है। कुछ तारे भले ही सूर्य से कई गुना बड़े हैं किन्तु पृथ्वी से उनकी दूरी बहुत अधिक है। अतः वे कम चमकदार तथा छोटे दिखायी पड़ते है। सूर्य भी एक तारा है तथा यह सभी तारों की अपेक्षा पृथ्वी के अत्यंत निकट है। अतः यह सभी तारों की अपेक्षा अत्यधिक चमकदार दिखायी पड़ता है।

प्रश्न 5.
अपने आस-पास दिखायी पड़ने वाली वस्तुओं में से दीप्त तथा अदीप्त वस्तुओं को छाँटकर लिखिए।
उत्तर:
दीप्त- मोमबत्ती, सूर्य, तारे, लैम्प, बल्ब, ट्यूब लाइट, सी.एफ.एल. एल.ई.डी आदि।
अदीप्त- मेज, कुर्सी, चारपायी, पुस्तक, दर्पण, चन्द्रमा आदि।

UP Board Solutions

प्रश्न 6.
पारदर्शी, पारभाषी तथा अपारदर्शी वस्तुओं की परिभाषा लिखिए। अपने आस-पास दिखायी पड़ने वाली वस्तुओं में से पारदर्शी, पारभाषी एवं अपारदर्शी वस्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
पारदर्शी-ऐसी वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश आर-पार निकल जाता है, उन्हें पारदर्शी (Transparent) वस्तुएँ कहते हैं। जैसे- स्वच्छ, काँच, स्वच्छ, जल, ग्लिसरीन आदि।

पारभाषी- ऐसी वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश का केवल आंशिक भाग बाहर निकलता है उन्हें पारभाषी (Transluecent) वस्तुएँ कहते हैं। जैसे- घिसा हुआ काँच, ट्रेसिंग पेपर, तेल लगा हुआ कागज आदि।

अपारदर्शी- ऐसी वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश बिलकुल नहीं निकल पाता है उन्हें अपारदर्शी (Opaque) वस्तुएँ कहते हैं। जैसे- दफ्ती का टुकड़ा, लकड़ी का टुकड़ा, धातु की चादर, दर्पण आदि।

प्रश्न 7.
किसी प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि प्रकाश किरणें सरल रेखा में गति करती हैं।
उत्तर:
UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश img-2

  • समान आकार की तीन आयताकार दफ्ती का टुकड़ा तथा एक मोमबत्ती लीजिए। दफ्ती के टुकड़ों को एक । दूसरे के ऊपर रखकर उनके बीच छेद करें।
  • मोमबत्ती को जलाकर मेज पर रखिए।
  • दफ्ती के तीनों टुकड़ों को चित्र 14.2 की भाँति गीली मिट्टी की सहायता से सीधा खड़ा करके इस प्रकार रखिए कि चित्र 14-2 प्रकाश सीधी रेखा में चलता है। कि तीनों टुकड़ों में बने छिद्र एक सरल रेखा में हों।
  • मोमबत्ती को इस प्रकार प्रथम टुकड़े के सामने रखिए ताकि इसकी लौ छिद्रों के सामने हो।
  • अब अंतिम दफ्ती के टुकड़े के सामने नेत्र द्वारा मोमबत्ती के लौ को देखिए। क्या आप को मोमबत्ती की लौ दिखायी पड़ती है? हम मोमबत्ती की लौ को अंतिम दफ्ती के टुकड़े के छिद्र द्वारा देख सकते हैं।
  • अब बीच वाले टुकड़े को थोड़ा इधर-उधर खिसकाइए क्या देखते हैं?

अब मोमबत्ती की लौ दिखायी नहीं देती है। इसका क्या कारण है? बीच की दफ्ती के टुकड़ों को थोड़ा इधर-उधर खिसकाने पर सभी छिद्र एक सरल रेखा में नहीं रहते हैं जिससे मोमबत्ती के लौ का प्रकाश बीच वाले दफ्ती के टुकड़े से नहीं निकल पाता है। इसी कारण मोमबत्ती की लौ नहीं दिखाई पड़ती है। अतः इस क्रियाकलाप से यह सिद्ध होता है कि प्रकाश का गमन सरल रेखा में होता है।

UP Board Solutions

प्रश्न 8.
छाया, प्रच्छाया तथा उपछाया से क्या समझते हैं? प्रयोग द्वारा इनमें अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
जब प्रकाश के विस्तारित स्रोत से अपारदर्शी वस्तु की छाया बनती है तब यह छाया एक समान काली नहीं होती है। इस छाया में दो भाग होते हैं। छाया का मध्य भाग अधिक काला होता है, वह प्रच्छाया कहलाता है। प्रच्छाया के चारों ओर का कम काला भाग उपछाया कहलाता है। निम्नलिखित क्रियाकलाप द्वारा छाया, प्रच्छाया एवं उपछाया के बनने की प्रक्रिया समझी जा सकती है।
UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश img-3

  • एक टॉर्च, काला कागज तथा एक छोटी गेंद लीजिए।
  • काले कागज में एक छोटा छेद करके टॉर्च के काँच से। चिपका दीजिए। टॉर्च को जलाकर कमरे के दीवार की । ओर लाइये। क्या देखते हैं? गोलाकार आकृति में दीवार छाया का कुछ भाग प्रकाशित हो जाता है।
  • अब जलती हुई टॉर्च के सामने कुछ दूरी पर गेंद रखिए। क्या देखते हैं? दीवार पर प्रकाशित भाग के स्थान पर गोलाकार अंधेरी आकृति दिखायी देती है। गोलाकार
    चित्र 14.4 अंधेरी आकृति गेंद द्वारा प्रकाश की किरणों को रोक उपछाया – लेने के कारण बनती हैं। गोलाकार अंधेरी आकृति को गेंद की छाया कहते हैं। इसे चित्र 14.4 से प्रदर्शित टार्च। किया जाता है।
  • टॉर्च के काँच से काले कागज को हटाकर पुनः टॉर्च जलायें तथा उतनी ही दूरी पर गेंद को रखिए। क्या देखते हैं?
  • दीवार पर गोल आकृति का अंधेरा स्थान और उसके चारों ओर धुंधले प्रकाश से प्रकाशित चौड़ा छल्ला दिखायी पड़ता है जैसा कि 14.5 में दर्शाया गया है। अंधेरी गोल आकृति को प्रच्छाया (Umbra) तथा धुंधले गोल छलले को प्रच्छाया (Penumbra) कहते हैं। प्रकाश स्रोत बिन्दुवतू होने पर छाया तथा बड़ा होने पर प्रच्छाया व उपछाया प्राप्त होती है। इससे हम आकृति में होने वाली अद्भुत खगोलीय घटना सूर्यग्रहण एवं चन्द्रग्रहण को सरलता से समझ सकते हैं।

प्रश्न 9.
सूर्य ग्रहण कब और चन्द्रग्रहण कब और कैसे लगता है? चित्र खींचकर समझाइये।
उत्तर:
UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश img-4
पृथ्वी तथा चन्द्रमा द्वारा चक्कर लगाते-लगाते एक । ऐसी स्थिति आ जाती है कि सूर्य, चन्द्रमा तथा पृथ्वी तीनों एक सरल रेखा में इस प्रकार आ जाते हैं कि चन्द्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस स्थिति में चन्द्रमा, सूर्य से आने वाली प्रकाश की किरणों को पृथ्वी तक आने से रोकता है, जिसके कारण चन्द्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ने लगती है और सूर्य दिखायी नहीं देता है, इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहते हैं। सूर्यग्रहण सदैव अमावस्या के दिन पड़ता है।

जब सूर्य और चन्द्रमा के मध्य पृथ्वी आ जाती है। तो सूर्य का प्रकाश चन्द्रमा तक नहीं पहुँच पाता क्योंकि पृथ्वी सूर्य से आने वाले प्रकाश की किरणों के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करती है जिसके फलस्वरूप चन्द्रग्रहण लगता है। चन्द्रग्रहण सदैव पूर्णिमा के दिन पड़ता है।

UP Board Solutions

● नोट- प्रोजेक्ट कार्य विद्यार्थी स्वयं करें।

We hope the UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 कृष्णः गोपालनन्दनः (गोपालनन्दन कृष्ण) (संस्कृत-खण्ड)

UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 कृष्णः गोपालनन्दनः (गोपालनन्दन कृष्ण) (संस्कृत-खण्ड)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 9 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 कृष्णः गोपालनन्दनः (गोपालनन्दन कृष्ण) (संस्कृत-खण्ड).

1. सुविदितमेव ………………………………………………………………………. अस्ति।

शब्दार्थ-सुविदितमेव = भली-भाँति ज्ञात ही है। लोकोत्तरः = अलौकिक। सन्दर्भ-प्रस्तुत अवतरण हमारी पाठ्य-पुस्तक के अन्तर्गत संस्कृत खण्ड के ‘कृष्णः गोपालनन्दन’ नामक पाठ से उद्धृत है।

हिन्दी अनुवाद – (यह) भली-भाँति ज्ञात ही है कि श्रीकृष्ण अलौकिक महापुरुष थे। हजारों वर्ष पहले उत्पन्न हुए यह महापुरुष आज भी मनुष्यों के हृदय में विराजमान हैं।

UP Board Solutions

2. श्रीकृष्णस्य मातुलः ………………………………………………………………………. श्रीकृष्णः जातः।

शब्दार्थ-मातुलः = मामा उभावपि = दोनों को ही। न्यक्षिपत् = डाल दिया। स्वभगिन्याः = अपनी बहन का।

हिन्दी अनुवाद – श्रीकृष्ण को मामा कंस अत्याचारी शासक था। उसने पहले अपनी बहिन देवकी का विवाह वसुदेव के साथ किया। बाद में आकाशवाणी सुनकर दोनों को ही जेल में डाल दिया। वहीं जेल में श्रीकृष्ण उत्पन्न हुए।

3. श्रीकृष्णस्य जन्म ………………………………………………………………………. अभवत्।।

शब्दार्थ-घटाटोपाः = घटाओं से घिरे सद्योजातम् = तुरन्त (नवजात) पैदा हुए। आदाय = लेकर। उत्तालतरङ्गाम् = ऊँची-ऊँची लहरोंवाली। उत्तीर्य = पार करके। हृदयवल्लभः = हृदय के प्रिय।

हिन्दी अनुवाद – श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को मथुरा में हुआ था। आधी रात में जब ये (श्रीकृष्ण) उत्पन्न हुए तब आकाश में घटाओं से घिरे मेघों ने मूसलधार वर्षा की। उस समय अन्धकारपूर्ण रात्रि थी, किन्तु वसुदेव ने उत्पन्न हुए पुत्र की रक्षा के लिए तुरन्त उसको (UPBoardSolutions.com) लेकर ऊँची लहरोंवाली यमुना को पारकर गोकुल में नन्द के घर पहुँचाया। वहाँ बचपन से ही श्रीकृष्ण मनुष्यों के हृदय में प्रिय हो गये।

4. बाल्यकाले ………………………………………………………………………. स्निह्यन्ति।

शब्दार्थ-नयति = ले जाती है। अपरा = दूसरी। निधाय = रखकर अर्थात् लेकर। पाययति = पिलाती नवनीतम् = मक्खन दधिभाण्डम् = दही का बर्तन। त्रोटयति = तोड़ देते थे। क्रुध्यति = क्रोध करता था। स्निह्यति = स्नेह करता था।

हिन्दी अनुवाद – बचपन में इन्होंने (श्रीकृष्ण ने) अपने सौंन्दर्य से और बाल-लीला से सभी मनुष्यों के मन को मोहित कर लिया। कोई गोपिका उन्हें गोदी में लेकर अपने घर ले जाती, दूसरी उन्हें दूध पिलाती और अन्य कोई उन्हें मक्खन देती। श्रीकृष्ण प्रेम से दिया गया दूध पीते और मक्खन खाते। (UPBoardSolutions.com) अवसर पाकर वे अपने मित्र ग्वालों के साथ किसी घर में घुसकर दही खाते, मित्रों को देते, शेष दही को जमीन पर गिरा देते और कभी-कभी दही के बर्तन को तोड़ देते। यह सब करते हुए भी उनके शील और सौन्दर्य से प्रभावित हुआ कोई भी उन पर क्रोध नहीं करता था, अपितु सब उनसे स्नेह करते थे।

5. अनन्तरं ………………………………………………………………………. अकरोत्।

शब्दार्थ-अनन्तरम् = बाद में वेणुः = वंशी वेणुम् = वंशी को (द्वितीया एकवचन का रूप) विहाय = छोड़कर। शृण्वन्ति = सुनते थे।’

हिन्दी अनुवाद – इसके पश्चात् श्रीकृष्ण ग्वालों के साथ वन जाकर गायों को चराते और वहाँ वंशी बजाते। इससे सभी गायें और ग्वाले समस्त कार्यों को छोड़कर उनका वंशी-वादन सुनते महाकवि व्यास ने संस्कृत भाषा में (तथा) भक्तकवि सूरदास ने हिन्दी-भाषा में उनकी बाललीला का अत्यन्त सुन्दर वर्णन किया है।

UP Board Solutions

6. यदा अयं ………………………………………………………………………. अभवत्।

शब्दार्थ-प्रेषयत् = भेजा। अविगणय्य = बिना गिने; बिना परवाह किये। सन्दीप्ते वह्नौ = आग लगने पर। अत्रायत = रक्षा की। पद्मधारयत् = स्थान बना लिया। हन्तुं = मारने के लिए।

हिन्दी अनुवाद – जब ये बालक ही थे तब कंस ने उन्हें मारने के लिए एक के बाद एक बहुत-से राक्षसों को भेजा, किन्तु श्रीकृष्ण ने अपने कौशल और पराक्रम से उन सबको मार दिया। उन्होंने न केवल राक्षसों से अपितु अन्य विपत्तियों से भी गोकुलवासियों की रक्षा की। एक बार वर्षा-ऋतु में गोकुल में यमुना का जल तेजी से बढ़ने लगा, तब श्रीकृष्ण ने अपने प्राणों की चिन्ता न करके (बिना परवाह किये) सभी गोकुलवासियों (UPBoardSolutions.com) की रक्षा की। इसी प्रकार आग लग जाने पर इन्होंने सब पशुओं और ग्वालों की उससे रक्षा की। इस प्रकारे (उन्होंने) निरन्तर गोकुलवासियों के कष्टों का निवारण करते हुए उनके हृदय में स्थान बना लिया। अतः श्रीकृष्ण बचपन से ही अपने उत्तम गुणों और परोपकार की भावना के कारण लोकप्रिय हो गये।

We hope the UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 कृष्णः गोपालनन्दनः (गोपालनन्दन कृष्ण) (संस्कृत-खण्ड) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 9 Hindi Chapter 7 कृष्णः गोपालनन्दनः (गोपालनन्दन कृष्ण) (संस्कृत-खण्ड), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी)

UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी)

These Solutions are part of UP Board Solutions for Class 8 Hindi. Here we have given UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी).

महत्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या
सूर्य की किरणों …………………………………………. गरम हो जाएगा।

संदर्भ – प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक ‘मंजरी’ के ‘झाँसी की रानी’ नामक पाठ से लिया गया है। यह प्रसिद्ध उपन्यासकार वृन्दावनलाल वर्मा के नाटक ‘झाँसी की रानी’ का हिस्सा है।

प्रसंग – उपन्यासकार ने अँग्रेजों से युद्ध की बेला पर रानी लक्ष्मीबाई के रूप-सौन्दर्य, उसकी सज्जा और घोड़े के विषय में वर्णन किया है|

व्याख्या – अँग्रेजों से रानी का युद्ध होने जा रहा था। रात्रि के बाद सूर्य का उदय हुआ। रानी का सुन्दर मुख सूर्य की किरणों से और ज्यादा चमकने लगा। उसके नेत्रों में चमत्कार भरी दो गुनी चमक थी। रानी ने लाल पोशाक पहनी थी और गले में मोती-हीरों का कण्ठा शोभायमान था। इसके साथ रानी ने म्यान से तलवार निकाली हुई थी जिसकी (UPBoardSolutions.com) चमक निराली थी। रानी ने घोड़े को एड़ लगाई। थोड़ी झिझक के बाद घोड़ा तेज दौड़ने लगी। रानी को उसकी क्षमता पर सन्देह हुआ (परन्तु कोई दूसरा विकल्प नहीं था)।

UP Board Solutions

पाठ का सर (सारांश)

अँग्रेजों का बिगुल रानी के कान में सुनाई दिया। तोपों का धड़ाका हुआ। सूर्य निकल चुका था। रानी ने रामचन्द्र देशमुख को आदेश दिया- दामोदर को मेरी पीठ पर बाँधो। इसको सुरक्षित दक्षिण पहुँचा देना। ध्यान रखना अँग्रेज सैनिक मेरी देह को न छू पाएँ। रानी ने जूही को तोपखाने पर जाने के लिए कहा। फिर घोड़े को एड़ लगाई। रानी (UPBoardSolutions.com) पूरब की ओर झपटी। रानी के रण कौशल के मारे अँग्रेज जनरल थर्रा गए। रानी के पीछे पैदल सैनिक थे। रानी धीरे-धीरे पश्चिम-दक्षिण की ओर अपनी सेना से मिलने के लिए मुड़ी। दाँतों में लगाम थामकर रानी ने दोनों हाथों से तलवार चलाकर अपना मार्ग बनाया।

दक्षिण-पश्चिम की ओर सोनरेखा नाला था। मुन्दर रानी के साथ थी। रघुनाथ सिंह, रामचन्द्र देशमुख और बीस-पच्चीस लाल कुर्ती सवार रानी को घेरे थे। अँग्रेज घेरे को कम करते जा रहे थे। उसी समय तात्या ने रूहेली और अवधी सैनिकों की मदद से अँग्रेजों के व्यूह पर प्रहार कर दिया। अँग्रेज रानी को छोड़कर तात्या की ओर मुड़ गए। सूर्यास्त होने में कुछ देर थी। रानी के साथ केवल चार सरदार और उनकी तलवारें रह गईं। रामचन्द्र देशमुख, दामोदरराव की रक्षा की चिन्ता में बचाव करके हेड रहा था। रानी ने देशमुख की सहायता के लिए मुन्दर की ओर इशारा किया और स्वयं एक संगीनबर । को मारकर आगे बढ़ी।

आठ-दस गोरे सवार रानी के पीछे थे। रानी ने कहा “मेरे शरीर को अँग्रेज न छूने पाएँ।” गुलमुहम्मद ने समझ लिया। वह और भी जोर से लड़ा। “बाई साहब, मैं मेरी” शब्दों के साथ एक अँग्रेज की पिस्तौल से मुन्दर का अन्त हो गया। रघुनाथ सिंह मुन्दर के शव को पीठ पर कसकर घोड़े पर सवार होकर आगे बढ़ा। रानी तेजी के साथ सोनरेखा नाले पर आ गई। घोड़ा अड़ गया। नाला पार न हो सकी। अँग्रेज सवार आ पहुँचे। एक गोरे की गोली रानी की बाईं जाँघ में पड़ी। रानी ने आगे बढ़ने के (UPBoardSolutions.com) लिए एक पैर से एड़ लगाई। घोड़ी अड़ा रहा और दोनों पैरों से खड़ा हो गया। रानी को पीछे खिसकना पड़ा। अँग्रेज सवार ने गुल मुहम्मद के आ पहुँचने से पहले ही रानी पर वार कर दिया, जिससे उसके सिर का हिस्सा कट गया। गुलमुहम्मद बाकी के दो-तीन सवारों पर टूट पड़ा जो मैदान छोड़कर भाग गए। रामचन्द्र देशमुख ने घोड़े से गिरती रानी को सँभाला। दामोदरराव अपनी माता को घायल अवस्था में देखकर रोने लगा। वे रानी के देह को अँग्रेजों से बचाने के लिए तेज रफ्तार से बाबा गंगादास की कुटी में पहुँच गए।

प्रश्न-अभ्यास।

कुछ करने को
प्रश्न 1.
इस पाठ में.कुछ वीरांगनाओं के नाम आये हैं। पुस्तकों से और अपने बड़े-बुजुर्गों से कुछ और वीरांगनाओं के बारे में जानकारी एकत्र करके कक्षा में या बालसभा में चर्चा कीजिए।
उत्तर :
आप इन वीरांगनाओं के विषय में कुछ और जानकरी एकत्र कर कक्षा में चर्चा पर बाल सभा कर सकते हैं|
कित्तूर की रानी चेनम्मा (जन्म 1778, मृत्यु 1929) – रानी लक्ष्मीबाई से भी पहले कित्तूर की रानी चेनम्मा ने अंग्रेजों से जमकर लोहा लिया था। रानी चेनम्मा कर्नाटक के कित्तूर की रानी थी, जिन्होंने अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ बिगुल बजाया।

कनकलता बरुआ (जन्म 1924, मृत्यु 1942) – कनकलता बरुआ असम की रहने वाली थी। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। भारत छोडो आंदोलन के समय उन्होंने कोर्ट परिसर और पुलिस स्टेशन के भवन पर भारत का तिरंगा फहराया, जिसकी वजह से वो अंग्रेजों के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आई। कनकलता बरुआ (UPBoardSolutions.com) ने महज 17 साल की उम्र में जो शहादत दी, उसको देश हमेशा ऋणी रहेगा।

बीरांगना झलकारी देवी (जन्म-अज्ञात, मृत्यु 1857) –
झलकारी झाँसी राज्य के एक बहादुर कृषक सदोवा सिंह की पुत्री थी। उनका जन्म 22 नवंबर, 1830 ई. को झाँसी के समीप भोजला नामक गाँव में हुआ था। उसकी माता का नाम जमुना देवी था। जिसका अधिकांश समय प्रायः जंगल में ही काम करने में व्यतीत होता था। जंगलों में रहने के कारण ही झलकारी के पिता ने उसे घुड़सवारी एवं अस्त्र-शस्त्र संचालन की शिक्षा दिलवाई थी। कालांतर में उनकी शादी महारानी लक्ष्मीबाई के तोपची पूरन सिंह के साथ हो गई। रानी लक्ष्मीबाई के वेश में युद्ध करते हुए झलकारी बाई ने शहादत दे दी। उन्होंने तोपों से भी अंग्रेजों को सामना किया और तोप के गोले से ही उड़ा दी गईं।

बेगम हजरत महल (जन्म 1820, मृत्यु 1879) – अवध की बेगम हजरत महल ने 1857 के पहले स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों के दाँत खट्टे कर दिए थे। भारत सरकार ने बेगम हजरत महल के सम्मान में सन 1984 में डाक टिकट भी जारी किया।

इसके अलावा – लक्ष्मी सहगल (जन्म 24 अक्टूबर 1914, मृत्यु 23 जुलाई, 2012), सरोजिनी नायडू (जन्म 1879, मृत्यु 1949), सुचेता कृपलानी (जन्म 1908, मृत्यु 1974) आदि स्वतंत्रता सेनानी महिलाओं के विषय में भी चर्चा कर सकते है।

UP Board Solutions

प्रश्न 2.
झाँसी की रानी से सम्बन्धित कविताएँ व लेख पढ़िए।
नोट – सुभद्राकुमारी चौहान, रचित कविता ‘झाँसी की रानी’ पढ़ सकते हैं।

प्रश्न 3.
नोट – 
विद्यार्थी स्वयं करें।

विचार और कल्पना

प्रश्न 1.
पाठ में किस समय की घटना का वर्णन किया गया है। इससे देश की दशा के बारे में क्या पता चलता है?
उत्तर :
यह सन् 1857 ई० के स्वतन्त्रता संग्राम की घटना है। अँग्रेजी राज्य के अन्तर्गत भारतीय रजवाड़े बँटे थे, उनमें फूट थी और एकता का अभाव था। अधिकतर जमींदार अँग्रेजों के प्रति वफादार थे। किसान व आम जनता दयनीय स्थिति में थी।

प्रश्न 2.
नोट-विद्यार्थी स्वयं करें।

UP Board Solutions

प्रश्न 3.
युद्ध के अन्तिम क्षणों में जब नया घोड़ा सोनरेखा नाले पर अड़ गया, उस समय रानी लक्ष्मीबाई के मन में क्या विचार आए होंगे?
उत्तर :
रानी के मन में देश पर बलिदान हो जाने की बेला पर विचार आया होगा कि वह स्वराज्य की नींव बनने जा रही थी।

प्रश्न 4.
रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों द्वारा अपने अधिकार-क्षेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण युद्ध किया। यदि आपके दैनिक कार्यों और विद्यालयीय क्रियाकलापों में कोई अनावश्यक हस्तक्षेप करे तो (UPBoardSolutions.com) आपको कैसा लगेगा और आप उसके लिए क्या करेंगे?
उत्तर :
अनावश्यक हस्तक्षेप अच्छा नहीं लगेगा और मैं अनावश्यक हस्तक्षेप का विरोध करूंगा।

पाठ से
प्रश्न 1.
मुन्दरबाई उदास क्यों थी?
उत्तर :
मुन्दरबाई को उस दिन युद्ध में मारे जाने का आभास हो गया था इसलिए वह उदास थी।

UP Board Solutions

प्रश्न 2.
रानी ने रामचन्द्र देशमुख को क्या आदेश दिया?
उत्तर :
रानी ने रामचन्द्र देशमुख को दामोदरराव को सुरक्षित दक्षिण पहुँचाने का आदेश दिया।

प्रश्न 3.
‘यह अस्तबल को प्यार करने वाला जानवर है।’ रानी ने घोड़े के लिए यह वाक्य क्यों कहा?
उत्तर :
रानी ने घोड़े को एड़ लगाई तो वह झिझका। इससे रानी को उसकी क्षमता पर सन्देह हुआ। अतः रानी ने घोड़े के लिए यह वाक्य कहा।

प्रश्न 4.
जूही ने अंग्रेज सेना का मुकाबला कैसे किया?
उत्तर :
जूही ने अँग्रेज पर तोपों से गोले बरसाए और अन्त में तलवार से लड़ाई करती हुई शहीद हो गई।

UP Board Solutions

प्रश्न 5.
अँग्रेज जनरल ने रानी से युद्ध के लिए क्या योजना बनाई थी?
उत्तर :
अँग्रेज जनरल ने पैदल पल्टनें पूर्व और दक्षिण की बीहड़ में छिपा ली और हुजर सवारों से कई दिशाओं में आक्रमण की योजना बनाई।

प्रश्न 6.
अन्तिम समय में रानी की पराजये क्यों हुई?
उत्तर :
रानी का घोड़ा अड़ा रहा और रानी नाला पार नहीं कर पाई।

प्रश्न 7.
नीचे दिए गए वाक्यों में रिक्त स्थानों को कोष्ठक में दिए गए उपयुक्त शब्दों की सहायता से पूरी कीजिए
उत्तर :
(क) मेरी देह को अँग्रेज सैनिक छूने न पाएँ।
(ख) लालकुर्ती सैनिक रानी की रक्षा कर रहे थे।
(ग) दामोदर राव रानी का दत्तक पुत्र था।
(घ) अँग्रेजों से युद्ध में तात्या और राजपूत रानी का साथ दे रहे थे।

भाषा की बात
प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के विपरीतार्थक लिखिए
उत्तर :
अन्तिम- प्रथम, सुरक्षित- असुरक्षित, सूर्यास्त- सूर्योदय, विलम्ब- शीघ्र

UP Board Solutions

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों का अर्थ लिखकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए (वाक्य प्रयोग करके)
उत्तर :
भासमान
=प्रकाशित-रानी के गले में हीरों को हार भासमान था।
कुमुक = सेना के सहायतार्थ भेजी गई सेना-रानी ने जूही की सहायता के लिए कुमुक भेजी।
अवशिष्ट = बचा हुआ-अवशिष्ट सवार भाग गए। नगण्य = जो गणना में न आए-अँग्रेज नगण्य संख्या में थे।
प्रोत्साहन = उत्साह वृद्धि-जनरल सैनिकों के प्रोत्साहन हेतु तत्पर थे।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्यों को सरल वाक्यों में बदलिए –
उत्तर:
(क) रघुनाथ ने फुर्ती से घोड़े से उतरकर अपना साफा फाड़ा।।
(ख) घोड़े पर इनको होशियारी से रखकर बाबा गंगादास की कुटी पर चलो।
(ग) मुझे सन्देह था कि ग्वालियरी कुछ गड़बड़ी करेंगे।
(घ) रानी ने कहा कि मेरे मरने के बाद दामोदर को सुरक्षित दक्षिण पहुँचा देना।

UP Board Solutions

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों में क्रम से इत, आई, मान और ई प्रत्यय लगे हैं सुरक्षित, पेशवाई, भासमान, कमजोरी। इन प्रत्ययों से युक्त अन्य शब्द इस पाठ से चुनिए।
उत्तर :
चिन्तित, चतुराई, प्रकाशमान, अवधी। (UPBoardSolutions.com)

We hope the UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी) help you. If you have any query regarding UP Board Solutions for Class 8 Hindi Chapter 20 झाँसी की रानी (मंजरी), drop a comment below and we will get back to you at the earliest.