UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi काव्य-साहित्य विकास बहुविकल्पीये प्रश्न : दो

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Chapter 3
Chapter Name काव्य-साहित्य विकास बहुविकल्पीये प्रश्न : दो
Number of Questions 72
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi काव्य-साहित्य विकास बहुविकल्पीये प्रश्न : दो

[ध्यान दें: नीचे दिये गये बहुविकल्पीय प्रश्नों के विकल्पों में सामान्य से अधिक काले छपे विकल्प को उचित विकल्प समझें। ]

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प्रश्न 1.
‘झरना’ काव्य-ग्रन्थ के रचयिता हैं
(क) जयशंकर प्रसाद
(ख) सुमित्रानन्दन पन्त
(ग) सूर्यकान्त त्रिपाठी “निराला
(घ) महादेवी वर्मा
उत्तर:
(क) जयशंकर प्रसाद

प्रश्न 2.
‘श्रीकृष्णगीतावली’, ‘विनयपत्रिका’ और ‘कवितावली’ के रचयिता हैं
(क) तुलसीदास
(ख) सूरदास
(ग) भूषण
(घ) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
उत्तर:
(क) तुलसीदास

प्रश्न 3.
‘द्वापर’ के रचयिता हैं
(क) महादेवी वर्मा
(ख) मैथिलीशरण गुप्त
(ग) सुमित्रानन्दन पन्त
(घ) स० ही० वात्स्यायन ‘अज्ञेय’
उत्तर:
(ख) मैथिलीशरण गुप्त

प्रश्न 4.
कौन-सी रचना भूषण की नहीं है ?
(क) शिवा बावनी
(ख) छत्रसाल दशक
(ग) शिवराज भूषण
(घ) रामचन्द्रिका
उत्तर:
(घ) रामचन्द्रिका

प्रश्न 5.
सुमित्रानन्दन पत की रचना नहीं है–
(क) युगाधार
(ख) युगान्त
(ग) लोंकायतन
(घ) वीणा
उत्तर:
(क) युगाधार

प्रश्न 6.
अज्ञेय की रचना नहीं है
(क) हरी घास पर क्षण भर
(ख) सुनहले शैवाल
(ग) आँगन के पार-द्वार
(घ) दूध-बताशा
उत्तर:
(घ) दूध-बताशा

प्रश्न 7.
कौन-सी रचना भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की नहीं है ?
(क) प्रेम-फुलवारी
(ख) प्रेम-प्रलाप
(ग) प्रिय-प्रवास
(घ) प्रेम-सरोवर
उत्तर:
(ग) प्रिय-प्रवास

प्रश्न 8.
कौन-सी रचना महादेवी वर्मा की नहीं है ?
(क) सान्ध्यगीत
(ख) यामी
(ग) उर्वशी
(घ) नीरजा
उत्तर:
(ग) उर्वशी

प्रश्न 9.
कौन-सी रचना सूरदास की नहीं है ?
(क) सूरसागर
(ख) सबद
(ग) सूरसारावली
(घ) साहित्य-लहरी
उत्तर:
(ख) सबद

प्रश्न 10.
कौन-सी रचना मैथिलीशरण गुप्त की नहीं है ?
(क) यशोधरा
(ख) पंचवटी
(ग) रसकलश
(घ) भारत-भारती
उत्तर:
(ग) रसकलश

प्रश्न 11.
धर्मवीर भारती ने लिखा है
(क) अणिमा
(ख) अपरा
(ग) अन्धा-युग
(घ) अर्चना
उत्तर:
(ग) अन्धा-युग

प्रश्न 12.
सुमित्रानन्दन पन्त की रचना नहीं है
(क) परिमल
(ख) पल्लव
(ग) रश्मिबन्ध
(घ) स्वर्णधूलि
उत्तर:
(क) परिमल

प्रश्न 13.
‘बहुत रात गये’ किस कवि का संकलन है ?
(क) नरेन्द्र शर्मा
(ख) भवानी प्रसाद मिश्र
(ग) गजानन माधव मुक्तिबोध
(घ) गिरिजाकुमार माथुर
उत्तर:
(क) नरेन्द्र शर्मा

प्रश्न 14.
साहित्य-लहरी’ के रचनाकार हैं
(क) तुलसीदास
(ख) कबीरदास
(ग) सूरदास
(घ) मीरा
उत्तर:
(ग) सूरदास

प्रश्न 15.
‘कला और बूढ़ा चाँद’ के रचनाकार हैं
(क) जयशंकर प्रसाद
(ख) सूर्यकान्त त्रिपाठी “निराला’
(ग) सुमित्रानन्दन पन्त
(घ) महादेवी वर्मा
उत्तर:
(ग) सुमित्रानन्दन पन्त

प्रश्न 16.
‘रस-विलास’ के रचनाकार हैं
(क) बिहारी
(ख) पद्माकर
(ग) आचार्य चिन्तामणि
(घ) सेनापति
उत्तर:
(ग) आचार्य चिन्तामणि

प्रश्न 17.
‘पार्वतीमंगल’ के रचयिता कौन हैं ?
(क) सूर
(ख) भूषण
(ग) तुलसी
(घ) रत्नाकर
उत्तर:
(ग) तुलसी

प्रश्न 18.
भूषण की रचना है
(क) रामचन्द्रिका
(ख) शिवा शौर्य
(ग) गीतावली
(घ) प्रेम सरोवर
उत्तर:
(ख) शिवा शौर्य

प्रश्न 19.
‘कुरुक्षेत्र’ के रचयिता हैं
(क) अज्ञेय
(ख) प्रसाद
(ग) दिनकर
(घ) रत्नाकर
उत्तर:
(ग) दिनकर

प्रश्न 20.
मैथिलीशरण गुप्त की रचना है
(क) सिद्धराज
(ख) नीरजा
(ग) उर्वशी
(घ) पारिजात
उत्तर:
(क) सिद्धराज

प्रश्न 21.
‘आँगन के पार द्वार’ के रचयिता हैं
(क) प्रसाद
(ख) रत्नाकर
(ग) अज्ञेय
(घ) दिनकर
उत्तर:
(ग) अज्ञेय

प्रश्न 22.
सुमित्रानन्दन पन्त की रचना है
(क) लहर
(ख) चिदम्बरा
(ग) रेती के फूल
(घ) साकेत
उत्तर:
(ख) चिदम्बरा

प्रश्न 23.
सुमित्रानन्दन पन्त को ज्ञानपीठ पुरस्कार उनकी रचना पर मिला था
(क) लोकायतन
(ख) युगान्त
(ग) कला और बूढ़ा चाँद
(घ) चिदम्बरा
उत्तर:
(घ) चिदम्बरा

प्रश्न 24.
‘भारत-भारती’ के कवि हैं
(क) रामधारीसिंह ‘दिनकर’
(ख) मैथिलीशरण गुप्त
(ग) जयशंकर प्रसाद
(घ) महादेवी वर्मा
उत्तर:
(ख) मैथिलीशरण गुप्त

प्रश्न 25.
महाकवि भूषण की वीर रस प्रधान रचना है
(क) चिदम्बरा
(ख) दीपशिखा
(ग) शिवा बावनी
(घ) कीर्तिलता
उत्तर:
(ग) शिवा बावनी

प्रश्न 26.
‘रामचन्द्रिका’ के रचयिता हैं
(क) तुलसमृदास
(ख) केशवदास
(ग) मैथिलीशरण गुप्त
(घ) जयशंकर प्रसाद
उत्तर:
(ख) केशवदास

प्रश्न 27.
सुमित्रानन्दन पन्त की रचना है–
(क) दोहावली
(ख) झरना
(ग) जूही की कली
(घ) पल्लव
उत्तर:
(घ) पल्लव

प्रश्न 28.
उद्धवशतक’ के कवि का नाम है।
(क) सूरदास
(ख) अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध’
(ग) जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’
(घ) मैथिलीशरण गुप्त
उत्तर:
(ग) जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’

प्रश्न 29.
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना है
(क) उर्वशी
(ख) गुंजन
(ग) आँगन के पार द्वार
(घ) झरना
उत्तर:
(क) उर्वशी

प्रश्न 30.
‘ग्राम्या’ के रचयिता हैं
(क) स० ही० वा० अज्ञेय
(ख) मैथिलीशरण गुप्त
(ग) सुमित्रानन्दन पन्त
(घ) रामधारी सिंह दिनकर
उत्तर:
(ग) सुमित्रानन्दन पन्त

प्रश्न 31.
महादेवी वर्मा की रचना है
(क) रसवन्ती
(ख) सुनहले शैवाल
(ग) भस्मांकुर
(घ) यामा
उत्तर:
(घ) यामा

प्रश्न 32.
‘यामा’ रचना है| ”
(क) “अज्ञेय’ की
(ख) ‘दिनकर’ की
(ग) महादेवी वर्मा की
(घ) सुमित्रानन्दन पन्त की
उत्तर:
(ग) महादेवी वर्मा की

प्रश्न 33.
‘श्रावकाचार’ के रचयिता हैं
(क) देवसेन
(ख) मुनि जिनविजय
(ग) विजयसेनसूरि
(घ) जिनधर्मसूरि
उत्तर:
(क) देवसेन

प्रश्न 34.
निम्नलिखित में कौन-सी अज्ञेय की रचना नहीं है ?
(क) पूर्वा
(ख) बावरा अहेरी
(ग) शैवाल
(घ) पल्लव
उत्तर:
(घ) पल्लव

प्रश्न 35.
‘तुलसीदास’ के रचयिता हैं
(क) मैथिलीशरण गुप्त
(ख) गोस्वामी तुलसीदास
(ग) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(घ) सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
उत्तर:
(घ) सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’

प्रश्न 36.
‘भरतेश्वर बाहुबली रास’ के कवि का नाम है
(क) दलपत विजय
(ख) मुनि जिनविजय
(ग) देवसेन
(घ) कुक्कुरिया
उत्तर:
(ख) मुनि जिनविजय

प्रश्न 37.
‘भक्तमाल’ के रचयिता हैं
(क) कुम्भनदास
(ख) नाभादास
(ग) नन्ददास’
(घ) सुन्दरदास
उत्तर:
(ख) नाभादास

प्रश्न 38.
‘कितनी नावों में कितनी बार’ रचना के कवि हैं
(क) सुमित्रानन्दन पन्त
(ख) स० ही० वा० ‘अज्ञेय’
(ग) रामधारी सिंह ‘दिनकर’।
(घ) धर्मवीर भारती
उत्तर:
(ख) स० ही० वा० ‘अज्ञेय’

प्रश्न 39.
निम्नलिखित में कौन-सा कवि राष्ट्रीय काव्यधारा का नहीं है ?
(क) दिनकर
(ख) मैथिलीशरण गुप्त
(ग) जयशंकर प्रसाद
(घ) अज्ञेय
उत्तर:
(घ) अज्ञेय

प्रश्न 40.
जयशंकर प्रसाद की रचना है
(क) युगवाणी
(ख) अनामिका
(ग) लहर
(घ) साकेत
उत्तर:
(ग) लहर

प्रश्न 41.
निम्नलिखित में कौन प्रगतिवादी कवि नहीं हैं ?
(क) नागार्जुन
(ख) त्रिलोचन
(ग) केदारनाथ अग्रवाल
(घ) नेमिचन्द जैन
उत्तर:
(घ) नेमिचन्द जैन

प्रश्न 42.
‘जयचन्द्र प्रकाश’ किसकी रचना है ?
(क) चन्दरबरदायी
(ख) नरपति नाल्ह
(ग) भट्ट केदार
(घ) विद्यापति
उत्तर:
(ग) भट्ट केदार

प्रश्न 43.
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रन्थ रीतिकाल का है ?
(क) साकेत
(ख) उद्धवशतक
(ग) श्रीरामचरितमानस
(घ) बिहारी सतसई
उत्तर:
(घ) बिहारी सतसई

प्रश्न 44.
निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रन्थ भक्तिकाल का है ?
(क) पृथ्वीराज रासो
(ख) साकेत
(ग) कामायनी
(घ) विनयपत्रिका
उत्तर:
(घ) विनयपत्रिका

प्रश्न 45.
‘आँसू’ की रचना किस कवि ने की ?
(क) बिहारी
(ख) नरपति नाल्ह
(ग) जयशंकर प्रसाद
(घ) अज्ञेय
उत्तर:
(ग) जयशंकर प्रसाद

प्रश्न 46.
निम्नलिखित में से रीतिकालीन कवि कौन-सा है ?
(क) मीराबाई
(ख) रसखान
(ग) घनानन्द
(घ) मैथिलीशरण गुप्त
उत्तर:
(ग) घनानन्द

प्रश्न 47.
प्रयोगवाद के प्रवर्तक हैं
(क) निराला
(ख) अज्ञेय
(ग) जगन्नाथ दास रत्नाकर
(घ) मैथिलीशरण गुप्त
उत्तर:
(ख) अज्ञेय

प्रश्न 48.
निम्नलिखित में से कौन-सी भूषण की रचना नहीं है ?
(क) शिवा-बावनी
(ख) छत्रशाल दशक
(ग) शिवराज भूषण
(घ) रामचन्द्रिका
उत्तर:
(घ) रामचन्द्रिका

प्रश्न 49.
निम्नलिखित में से किस कवि को राष्ट्रे कवि का सम्मान प्राप्त हुआ ?
(क) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(ख) सूर्यकान्त त्रिपाठी “निराला”
(ग) मैथिलीशरण गुप्त
(घ) सुमित्रानन्दन पन्त
उत्तर:
(ग) मैथिलीशरण गुप्त

प्रश्न 50.
निम्नलिखित में से कौन-सा कवि रामभक्ति शाखा से सम्बन्धित नहीं है ?
(क) तुलसीदास
(ख) नन्ददास
(ग) अग्रदास
(घ) नाभादास
उत्तर:
(ख) नन्ददास

प्रश्न 51.
सही (सुमेलित ) कीजिए
(क) भारत-भारती – महाकाव्य
(ख) प्रणभंग – चरितकाव्य
(ग) गीतिका – वीर काव्य
(घ) रश्मिरथी – खण्डकाव्य
उत्तर:
(घ) रश्मिरथी – खण्डकाव्य

प्रश्न 52.
कबीर के दोहों को नाम से जाना जाता है
(क) दूहा
(ख) सबद
(ग) साखी
(घ) पद
उत्तर:
(ग) साखी

प्रश्न 53.
नवधा भक्ति के प्रकार हैं—
(क) एक
(ख) तीन
(ग) आठ
(घ) नौ
उत्तर:
(घ) नौ

प्रश्न 54.
‘साकेत’ की नायिका है
(क) यशोधरा
(ख) उर्मिला
(ग) राधा
(घ) द्रौपदी
उत्तर:
(ख) उर्मिला

प्रश्न 55.
‘दिनकर’ को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला है
(क) ‘कुरुक्षेत्र पर
(ख) रश्मिरथी’ पर
(ग) ‘उर्वशी’ पर
(घ) “हुंकार’ पर
उत्तर:
(ग) ‘उर्वशी’ पर

प्रश्न 56.
‘कामायनी’ में ‘श्रद्धा सर्ग’ किस सर्ग के बाद है?
(क) आशा सर्ग
(ख) चिन्ता सर्ग
(ग) काम सर्ग
(घ) लज्जा सर्ग
उत्तर:
(क) आशा सर्ग

प्रश्न 57.
‘संसद से सड़क तक’ किस कवि की रचना है?
(क) “मुक्तिबोध’
(ख) नागार्जुन’
(ग) ‘धूमिल’
(घ) “अज्ञेय’
उत्तर:
(ग) ‘धूमिल’

प्रश्न 58.
निम्नलिखित में से किस काव्य-कृतिपर’ भारतीय ज्ञानपीठ’ पुरस्कार नहीं मिला है ?
(क) चिदम्बरा
(ख) कितनी नावों में कितनी बार
(ग) उर्वशी
(घ) प्रियप्रवास
उत्तर:
(घ) प्रियप्रवास

प्रश्न 59.
‘दोहाकोश’ के रचनाकार हैं
(क) शबरपा
(ख) लुइपा
(ग) सरहपा
(घ) कण्हपा
उत्तर:
(ग) सरहपा

प्रश्न 60.
‘तोड़ती पत्थर’ रचना है
(क) जयशंकर प्रसाद की
(ख) निराला की
(ग) महादेवी वर्मा की
(घ) रामकुमार वर्मा की
उत्तर:
(ख) निराला की

प्रश्न 61.
तुलसीदास की रचना नहीं है
(क) रामलला नहछू
(ख) पार्वती मंगल
(ग) कवितावली
(घ) रामचन्द्रिका
उत्तर:
(घ) रामचन्द्रिका

प्रश्न 62.
‘खालिक बारी’ के रचयिता हैं
(क) कुशलनाथ
(ख) भट्ट केदार
(ग) मलिक मुहम्मद जायसी
(घ) अमीर खुसरो
उत्तर:
(घ) अमीर खुसरो

प्रश्न 63.
नौका-विहार’ कविता अवतरित है
(क) ‘गुंजन’ से
(ख) वीणा’ से
(ग) “पल्लव’ से
(घ) “युगान्त’ से
उत्तर:
(क) ‘गुंजन’ से

प्रश्न 64.
‘क्या भूलें क्या याद करू’ रचना की विधा है
(क) जीवनी :
(ख) यात्रा वृत्तान्त
(ग) आत्मकथा
(घ) संस्मरण
उत्तर:
(ग) आत्मकथा

प्रश्न 65.
चन्दबरदाई की रचना है
(क) पृथ्वीराजरासो
(ख) खुमाणरासो
(ग) राउलू वेल
(घ) जय मंयक जस चन्द्रिका
उत्तर:
(क) पृथ्वीराजरासो

प्रश्न 66.
अष्टछाप के कवि नहीं हैं
(क) सूरदास्
(ख) कुम्भनदास
(ग) तुलसीदास
(घ) कृष्णदास
उत्तर:
(ग) तुलसीदास

प्रश्न 67.
रीतिबद्ध कास्यधारा के कवि नहीं हैं
(क) जसवंत सिंह
(ख) याकूब खाँ
(ग) दलपति रोय वंशीधर
(घ) घनानन्द
उत्तर:
(घ) घनानन्द

प्रश्न 68.
‘दूसरा सप्तक’ का प्रकाशन वर्ष हैं
(क) 1943 ई०
(ख) 1951 ई०
(ग) 1959 ई०
(घ) 1976 ई०
उत्तर:
(ख) 1951 ई०

प्रश्न 69.
‘विद्यापति’ कवि हैं
(क) भक्तिकाल के
(ख) रीतिकाल के
(ग) आदिकाल के
(घ) आधुनिक काल के
उत्तर:
(ख) रीतिकाल के

प्रश्न 70.
अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की रचना है
(क) साकेत
(ख) पल्लव
(ग) प्रियप्रवास
(घ) गीत
उत्तर:
(ग) प्रियप्रवास

प्रश्न 71.
छायावाद के प्रवर्तक माने जाते हैं
(क) सूर्यकान्त त्रिपाठी “निराला’
(ख) जयशंकर प्रसाद
(ग) सुमित्रानन्दन पन्त
(घ) महादेवी वर्मा
उत्तर:
(ख) जयशंकर प्रसाद

प्रश्न 72.
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ प्रदान किया गया
(क) कुरुक्षेत्र पर
(ख) उर्वशी पर
(ग) रेणुका पर
(घ) हुँकार पर
उत्तर:
(ख) उर्वशी पर

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UP Board Class 7 Home Craft Model Paper गृहशिल्प

UP Board Class 7 Home Craft Model Paper are part of UP Board Class 7 Model Papers. Here we have given UP Board Class 7 Home Craft  Model Paper.

Board UP Board
Class Class 7
Subject Home Craft
Model Paper Paper 1
Category UP Board Model Papers

UP Board Class 7 Home Craft Model Paper गृहशिल्प

सत्र-परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-7
विषय – गृह शिल्प

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आवश्यकता से अधिक पोषक तत्व मिलने पर व्यक्ति कौन-सी बीमारी का शिकार हो जाता है?
उत्तर:
अतिपोषण का।

प्रश्न 2.
लौह तत्व शरीर में किसकी कमी को पूरा करते हैं?
उत्तर:
हीमोग्लोबिन की।

प्रश्न 3.
विटामिन ‘ए’ की कमी से होने वाले एक रोग का नाम लिखिए।
उत्तर:
रतौंधी।

प्रश्न 4.
विटामिन- B-3 का दूसरा नाम क्या हैं?
उत्तर:
निकोटिनिक एसिड।

प्रश्न 5.
कुपोषण से होने वाली बीमारी का नाम बताइए।
उत्तर:
सूखा रोग या रिकेट्स।

प्रश्न 6.
प्रोटीन की कमी से होने वाले रोग का नाम लिखिए।
उत्तर:
क्वाशरकोर।

प्रश्न 7.
विटामिन B-3 की कमी से कौन-सा रोग होता है?
उत्तर:
पेलैग्रा।

प्रश्न 8.
पेलैग्रा क्या है?
उत्तर:
यह एक चर्म रोग है।

प्रश्न 9.
प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट की कमी से होने वाले रोग का नाम लिखिए।
उत्तर:
मेरास्मस।

प्रश्न 10.
विटामिन ‘ई’ का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर:
टोकोफिरॉल।

प्रश्न 11.
हैजा फैलाने में कौन सबसे अधिक सहायक है?
उत्तर:
मक्खियाँ।

प्रश्न 12.
जीवन रक्षक घोल किस को मिश्रण है?
उत्तर:
पानी, चीनी एवं नमक का।

प्रश्न 13.
जल के माध्यम से होने वाले किन्हीं दो रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
टायफाइडे, अतिसार।

प्रश्न 14.
आयोडीन की कमी से होने वाले रोग का नाम लिखिए।
उत्तर:
घेघा।

प्रश्न 15.
विटामिन ‘ए’ युक्त दो सब्जियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
गाजर, गोभी।

प्रश्न 16.
विटामिन-बी युक्त दो सब्जियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मटर, सेम।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 17.
विटामिन- सी के कोई दो कार्य लिखिए।
उत्तर:

  1. दाँतों एवं मसूड़ों को मजबूती प्रदान करना।
  2. घाव को शीघ्र भरने में सहायता करना।

प्रश्न 18.
मानव शरीर के लिए जल के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
जल मानव शरीर में पाचन क्रिया को सही रखता है और खून को तरल बनाता है।

प्रश्न 19.
संतुलित आहार क्या है?
उत्तर:
सन्तुलित आहार वह आहार है जिसमें सभी पोषक तत्त्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज लवण एवं जल आदि एक निश्चित मात्रा में पाए जाते हैं।

प्रश्न 20.
टाइफाइड रोग के कोई दो लक्षण लिखिए।
उत्तर:

  1. शरीर कमजोर हो जाता है। कभी-कभी शरीर पर दाने दिखाई देते हैं।
  2. उल्टी, दस्त या कब्ज रहता है।

प्रश्न 21.
रतौंधी क्या है?
उत्तर:
रात में कम दिखाई देने की बीमारी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 22.
टायफाइड रोग के क्या लक्षण हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है?

प्रश्न 23.
भोजन संबंधी अच्छी आदतों से आप क्या समझते हैं? अपने शब्दों में लिखिए।

प्रश्न 24.
कुपोषण से क्या-क्या हानियाँ हैं? इनसे बचाव के क्या उपाय हैं?
उत्तर:
कुपोषण से हमारा शारीरिक स्वास्थ्य कमजोर होने के साथ-साथ मानसिक विकास भी अवरूद्ध होता है, जो हमारे जीवन को प्रभावित करता है। कुपोषण से होनेवाली हानियाँ निम्नांकित हैंशरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कमी, वजन का निरंतर कम होना मांसपेशियों का क्षरण होना, पढ़ाई में पिछड़ना, पढ़ाई में मन कम लगना, बार-बार दस्त और बुखार का लगना आदि। इससे बचाव के लिए हमें अपनी उम्र तथा आवश्यकतानुसार पोषक तत्वों से निर्मित भोज्य पदार्थों जैसे-दाल, रोटी, चावल, सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दूध, दही, अंकुरित अन्न एवं मौसमी फलों का अपने भोजन एवं नाश्ते में सम्मिलित करना।

प्रश्न 25.
अतिसार और हैजा रोग किन कारणों से होता है?

प्रश्न 26.
वायु प्रदूषण कैसे होता है? उसके बचाव के उपाय बताइए।

 

अद्र्धवार्षिक-परीक्षा प्रश्न पत्र
कक्षा-7
विषय-गृह शिल्प

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संतुलित आहार के विभिन्न पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रोटीन, वसा, कार्बोहाईड्रेट।

प्रश्न 2.
प्रदूषित जल से होने वाले रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
हैजा, खुजली, पेचिश, पाचन एवं त्वचा संबंधी रोग।

प्रश्न 3.
ताजमहल का रंग धूमिल क्यों पड़ता जा रहा है?
उत्तर:
वायु में मिली सल्फर डाईऑक्साइड के कारण।

प्रश्न 4.
प्रदूषण की जननी कौन है?
उत्तर:
जनसंख्या।

प्रश्न 5.
पेटीकोट काटने के लिए कौन-कौन-सी तीन नाप लेते हैं?
उत्तर:
कमर, लम्बाई, घेरा।

प्रश्न 6.
समीज किसे कहते हैं?
उत्तर:
फ्रॉक के नीचे पहनने वाले वस्त्र को समीज कहते हैं।

प्रश्न 7.
घर पर वस्त्रों की सिलाई का एक लाभ बताइए।
उत्तर:
धन की बचत।

प्रश्न 8.
नमूना कैसी पेंसिल से उतारना चाहिए?
उत्तर:
नुकीली पेंसिल से।

प्रश्न 9.
कार्बन पेपर न मिलने पर कौन-सी विधि से नमूना ट्रेस कर सकते हैं?
उत्तर:
गेरू द्वारा नमूना छापने की विधि से।

प्रश्न 10.
रनिंग स्टिच का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर:
कढ़ाई कथा।

प्रश्न 11.
स्टेम स्टिच से क्या बनाते हैं?
उत्तर:
स्टेम स्टिच से तना और डाल बनाते हैं।

प्रश्न 12.
फिश बोन स्टिच को और क्या कहते हैं?
उत्तर:
मछली काँटा स्टिच।

प्रश्न 13.
कपड़े पर नमूना कैसे स्थान पर रखकर छापना चाहिए?
उत्तर:
समतल स्थान पर।

प्रश्न 14.
कढ़ाई का उभार अच्छा दिखने के लिए किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
वस्त्र के रंग का।

प्रश्न 15.
पत्ती के लिए कौन-से रंग का चुनाव करना चाहिए?
उत्तर:
हरे रंग का।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16.
पत्तियाँ भोजन कैसे बनाती हैं?
उत्तर:
हरी पत्तिय सूर्य के प्रकाश तथा क्लोरोफिल की उपस्थिति में वायुमण्डल से कार्बन डाइऑक्साइड तथा भूमि से जल प्राप्त करके भोजन बनाने की क्रिया संपन्न करती हैं।

प्रश्न 17.
नाप लेने की प्रत्यक्ष विधि क्या है?
उत्तर:
इसमें शरीर के प्रत्येक अंग जैसे-गले का पुट, आस्तीन पाँयचे, म्यानी, सीने का नाप लिया जाता है।

प्रश्न 18.
छाती की नाप किस प्रकार लेते हैं?
उत्तर:
छाती की नाप लेने के लिए नापने का फीता बच्चे या व्यक्ति के दायीं ओर खड़े होकर लेना चाहिए।

प्रश्न 19.
घर पर वस्त्रों की सिलाई से होने वाले लाभ कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
तीन प्रकार के

  1. व्यावसायिक लाभ
  2. पारिवारिक लाभ
  3. आन्तरिक लाभ

प्रश्न 20.
फूलों के लिए कढ़ाई में कैसे रंग का चुनाव करना चाहिए?
उत्तर:
लाल, गुलाबी, पीला, नारंगी, बैगनी आदि विभिन्न हल्के गहरे रंगों का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न 21.
मिलान कीजिए
(i) प्राथमिक उपचार पेटिका में  – (क) नमक + चीनी का घोल।
(ii) निर्जलीकरण में – (ख) बुखार नापने में।
(iii) थर्मामीटर – (ग) + चिह्न का निशान बना होता है।
(iv) प्राथमिक उपचार पेटिका के ऊपर – (घ) दवाएँ, रुई, मरहम पट्टियाँ आदि रखी होती हैं।
उत्तर –
(i) – (घ) दवाएँ, रुई, मरहम पट्टियाँ आदि रखी होती हैं।
(ii) – (क) नमक + चीनी का घोल।
(iii) – (ख) बुखार नापने में।
(iv) – (ग) + चिह्न का निशान बना होता है।

प्रश्न 22.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) फ्रेम लगाकर काढ़ने से ……… नहीं आती।
(ख) मछली काँटा स्टिच को उलटी ओर से काढ़ने पर ………… की कढ़ाई बनती है।
(ग) कढ़ाई का नमूना ………….. से उतारना चाहिए।
(घ) कढ़ाई …………… रंग के धागे से नहीं करनी चाहिए।
उत्तर:

  • (क) सिलवट
  • (ख) शैडोवर्क
  • (ग) नुकीली पेंसिल
  • (घ) कच्चे।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 23.
प्राथमिक उपचार में घरेलू वस्तुओं का उपयोग बताइए।
उत्तर:
परिवार के सदस्यों को प्राय: कुछ सामान्य तकलीफें हो जाती है, जैसे–पेट दर्द होना, निर्जलीकरण होना, खाँसी आना आदि। इनका उपचार घरेलू उपलब्ध सामग्रियों से तैयार कर सकते हैं।

  1. अतिसार या दस्त- इस अवस्था में सॉफ, धानिया और जीरा, इन तीनों को समान मात्र में लेकर बरीक चूर्ण बना लें और उसमें थोड़ा नमक मिलाकर दिन में तीन बार छाछ के साथ सेवन करें।
  2. वमन अथवा उल्टी- वमन या उल्टी आने पर हरी धानिया और पुदीने की चटनी का सेवन दिन में कई बार करें। नींबू पर काला नमक लगा कर चूसें।
  3. पुराना बुखार- नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें और छानकर अवस्थानुसार सेवन करें।
  4. खाँसी- खाँसी आने पर शहद के साथ पिसी काली मिर्च मिलाकर चाटने से आराम मिलता है। तुलसी, अदरक, काली मिर्च और चुटकी भर नमक मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से भी लाभ मिलता है। बार-बार खाँसी आने पर अदरक को भूनकर थोड़ा नमक लगाकर उसका भी सेवन कर सकते हैं।
  5. जुकाम- दूध में हल्दी डालकर खूब उबाल लें फिर गरम-गरम पिएं।

प्रश्न 24.
मृदा प्रदूषण न हो, इसके लिए आप लोगों को क्या सुझाव देंगे? वर्णन कीजिए।

प्रश्न 25.
चने जैसी बुनाई के नमूने की विधि लिखिए।

 

वार्षिक-परीक्षा प्रश्न पत्र 
कक्षा-7
विषय – गृह शिल्प

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बुनाई करके हम क्या-क्या बना सकते हैं?
उत्तर:
काडगन, स्वेटर, मोजे, स्कार्फ आदि।

प्रश्न 2.
भोजन परोसने के बर्तन कैसे होने चाहिए?
उत्तर:
स्वच्छ एवं आकर्षक

प्रश्न 3.
सर्वाधिक रोगों को जन्म देने वाले कीट का नाम लिखिए।
उत्तर:
मक्खी

प्रश्न 4.
मच्छर की प्रमुख प्रजातियों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. क्यूलेक्स
  2. एनाफिलीज
  3. एडीज।

प्रश्न 5.
मच्छर के काटने से कौन-कौन-सी बीमारियाँ हो जाती हैं?
उत्तर:
मलेरिया एवं फाइलेरिया

प्रश्न 6.
जैएँ निकालने के लिए कैसी कंघी का प्रयोग करना चाहिए?
उत्तर:
महीन दाँत वाली कंघी

प्रश्न 7.
कढ़ाई में नमूना किसके अनुरूप होना चाहिए?
उत्तर:
वस्त्र के अनुरूप।

प्रश्न 8.
नील किन वस्त्रों में लगाते हैं?
उत्तर:
सूती सफेद वस्त्रों में

प्रश्न 9.
मक्खियों के न आने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
चूने का छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 10.
अनाज में कीड़े न पड़े इसके लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
नीम की पत्तियों को सुखाकर अनाज के साथ रखना चाहिए।

प्रश्न 11.
घरों में कैसे कीट पाए जाते हैं?
उत्तर:
खटमल, मच्छर, जें, दीमक।

प्रश्न 12.
घर में किस चीज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए?
उत्तर:
धूप की।

प्रश्न 13.
मच्छर कैसा कीट है?
उत्तर:
हानिकारक।

प्रश्न 14.
खिड़की-दरवाजों पर क्या प्रयोग करना चाहिए?
उत्तर:
महीन जाली का।

प्रश्न 15.
खरीदारी करने से पूर्व किस बात का पूर्वानुमान रखना चाहिए?
उत्तर:
घर के खर्च का पूर्वानुमान।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 16.
जीवन रक्षक घोल कैसे और कब बनाते हैं?
उत्तर:
जब किसी व्यक्ति को अतिसार रोग हो जाए तो निर्जलीकरण को रोकने के लिए जीवन रक्षक घोल (एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर) एवं इलेक्ट्राल देना चाहिए।

प्रश्न 17.
किन्हीं चार बुनाइयों के नाम लिखिए।
उत्तर:

  1. चने की बुनाई
  2. साबुदाने की बुनाई
  3. कनखजूरे की बुनाई
  4. चौकोर खानों वाली बुनाई।

प्रश्न 18.
दीमक किन-किन स्थानों पर पाया जाता है? इससे क्या हानियाँ हैं?
उत्तर:
दीमक अक्सर सीलनयुक्त घरों की नींव व दीवारों में रहता है। यह कागज और लकड़ी के । सामानों को खा-खाकर अन्दर से खोखला कर देता है।

प्रश्न 19.
ऊनी, सूती एवं रेशमी वस्त्रों को अलग-अलग विधि से क्यों धोना चाहिए?
उत्तर:
क्योंकि ऊनी, सूती एवं रेशमी वस्त्रे अलग-अलग धागों द्वारा बने होते हैं।

प्रश्न 20.
मच्छरों से बचाव के उपाय लिखिए।
उत्तर:
मच्छर से बचाव के उपाय

  • (क) सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।
  • (ख) खिड़की-दरवाजों पर महीन जाली का प्रयोग करना चाहिए।
  • (ग) घर के आसपास पानी का भराव न होने दें।

प्रश्न 21.
रेशमी वस्त्रों में चमक लाने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
रेशमी वस्त्रों में चमक लाने के लिए अंदाज से पानी लेकर थोड़ा-सा सिरका डालकर वस्त्र को डुबोकर तुरंत निकाल लें।

प्रश्न 22.
इस्त्री करने से क्या लाभ है?
उत्तर:
इस्त्रे करने से लाभ

  • (क) वस्त्रों की सिलवटें दूर होती हैं।
  • (ख) वस्त्र आकर्षक और सुंदर लगते हैं।
  • (ग) वस्त्रों में चमक आ जाती है।
  • (घ) कपड़ों में क्रीज बनी रहती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 23.
ऊनी वस्त्र धोते समय किन बातों को ध्यान रखना चाहिए?

प्रश्न 24.
तहरी बनाने की विधि लिखिए।

प्रश्न 25.
भोजन परोसते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

We hope the UP Board Class 7 Home Craft Model Paper (गृहशिल्प), help you. If you have any query regarding UP Board Class 7 Home Craft Model Paper (गृहशिल्प) drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

UP Board Solutions for Class 10 Commerce Chapter 16 भारतीय स्टेट बैंक

UP Board Solutions for Class 10 Commerce Chapter 16 भारतीय स्टेट बैंक are the part of UP Board Solutions for Class 10 Commerce. Here we have given UP Board Solutions for Class 10 Commerce Chapter 16 भारतीय स्टेट बैंक.

Board UP Board
Class Class 10
Subject Commerce
Chapter Chapter 16
Chapter Name भारतीय स्टेट बैंक
Number of Questions Solved 16
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 10 Commerce Chapter 16 भारतीय स्टेट बैंक

बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1.
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना हुई है।
(a) 1 जुलाई, 1950 में
(b) 1 जुलाई, 1955 में
(c) 19 जुलाई, 1969 में
(d) 1 जनवरी, 1955 में
उत्तर:
(b) 1 जुलाई, 1955 में

प्रश्न 2.
भारतीय स्टेट बैंक का मुख्यालय स्थित है। (2014)
(a) नई दिल्ली में
(b) चेन्नई में
(c) मुम्बई में
(d) कोलकाता में
उत्तर:
(c) मुम्बई में

प्रश्न 3.
स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया का प्रबन्ध कितने सदस्यों के केन्द्रीय संचालक मण्डल द्वारा किया जाता है?
(a) 10
(b) 15
(c) 20
(d) 25
उत्तर:
(c) 20

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निश्चित उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

प्रश्न 1.
इम्पीरियल बैंक ऑफ इण्डिया का राष्ट्रीयकरण करके कौन-सा बैंक बनाया गया?
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक

प्रश्न 2.
क्या भारतीय स्टेट बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है?
उत्तर:
नहीं

प्रश्न 3.
क्या भारतीय स्टेट बैंक साख नियन्त्रण का कार्य करता है?
उत्तर:
नहीं

प्रश्न 4.
भारतीय स्टेट बैंक की अधिकृत पूँजी कितनी है?
उत्तर:
₹ 1,000 करोड़

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

प्रश्न 1.
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के दो प्रमुख उद्देश्यों का वर्णन कीजिए। (2013)
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के दो प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

  1. ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग प्रणाली का विकास करना भारतीय (UPBoardSolutions.com) स्टेट बैंक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है। आर्थिक विकास की दृष्टि से यह अत्यन्त आवश्यक है।
  2. रिज़र्व बैंक की साख नियन्त्रण में सहायता रिज़र्व बैंक के प्रत्यक्ष नियन्त्रण में होने के कारण भारतीय स्टेट बैंक उसकी मौद्रिक और साख नीतियों का पालन करके उसकी साख नियन्त्रण में सहायता करता है।

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प्रश्न 2.
भारतीय स्टेट बैंक की दो असफलताएँ बताइए।
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक की दो असफलताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. यह शाखाओं का विस्तार करने की नीति में पूर्ण रूप से सफल नहीं हुआ है।
  2. इसके द्वारा नौकरशाही को बढ़ावा मिलता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)

प्रश्न 1.
भारतीय स्टेट बैंक के व्यापारिक बैंक के रूप में सामान्य बैंकिंग सम्बन्धी कार्य बताइए।
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक के कार्य भारतीय स्टेट बैंक के कार्यों को निम्नलिखित दो भागों में बाँटा जा सकता है-

I. रिज़र्व बैंक के एजेण्ट के रूप में कार्य

1. समाशोधन-गृह के रूप में कार्य जिस स्थान पर रिज़र्व (UPBoardSolutions.com) बैंक की शाखा नहीं होती, वहाँ भारतीय स्टेट बैंक रिज़र्व बैंक की ओर से समाशोधन-गृह के रूप में कार्य करता है। यह अन्य बैंकों को धन के हस्तान्तरण के लिए सुलभ व सस्ती सुविधा भी प्रदान करता है।

2. सरकार के बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कोषों को अपने पास सुरक्षित रखता है, सरकार के आदेशानुसार भुगतान करता है, सरकार द्वारा लिए जाने वाले सार्वजनिक ऋण की व्यवस्था करता है तथा उनके धन का लेन-देन करता है। इस प्रकार यह सरकार का बैंकर है।

3. बैंकों का बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक व्यापारिक बैंकों से जमा स्वीकार करता है और आवश्यकता पड़ने पर उनके बिलों की पुनर्कटौती करके तथा प्रतिभूतियों की जमानत पर उन्हें ऋण भी देता है।

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II. व्यापारिक बैंक के रूप में सामान्य बैंकिंग सम्बन्धी कार्य

1. विनिमय-विपत्रों का क्रय-विक्रय करना एवं भुनाना यह विनिमय बिलों तथा विनिमय साख बिलों को लिखता है, स्वीकार करता है तथा भुनाता है।

2. एजेन्सी सम्बन्धी कार्य यह कई प्रकार के एजेन्सी सम्बन्धी कार्य भी करता है; जैसे

  • यह प्रतिज्ञा-पत्र, चैक तथा हुण्डियों, आदि को भुनाता है और राशि एकत्रित करता है।
  • यह ग्राहकों की ओर से भुगतान करता है।
  • यह अंशों एवं प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करता है।
  •  यह ग्राहकों को आर्थिक सलाह प्रदान करता है।

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3. ऋण तथा अग्रिम प्रदान करना इसके द्वारा व्यवसायियों की माँग पर अन्य सामान्य बैंकों की भाँति ऋण एवं अग्रिम, अधिविकर्ष, नकद साख एवं पुनर्कटौती की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

4. जनता से जमा स्वीकार करना यह बैंक अन्य व्यापारिक बैंकों की तरह जनता से विभिन्न खातों द्वारा धन प्राप्त करता है। इसके लिए यह विभिन्न प्रकार की आकर्षक योजनाएँ बनाता है।

5. प्रतिभूतियों में विनियोजन अन्य व्यापारिक बैंकों की भाँति भारतीय स्टेट (UPBoardSolutions.com) बैंक अपने कोष का सरकारी प्रतिभूतियों, रेलवे प्रतिभूतियों, राज्य सरकार की प्रतिभूतियों, कॉपोरेशन की प्रतिभूतियों तथा ट्रेज़री बिलों, आदि में विनियोग करता है।

6. अन्य कार्य उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक निम्नलिखित कार्य करता है-

  • यह सोने व चाँदी का क्रय-विक्रय करता है।
  • यह बहुमूल्य वस्तुओं को सुरक्षित रखता है।
  • किसानों को प्रत्यक्ष ऋण प्रदान करता है।
  • सहकारी बैंकों के एजेण्ट के रूप में कार्य करता है।
  • रिज़र्व बैंक द्वारा सौंपे गए कार्य करता है।

प्रश्न 2.
भारतीय स्टेट बैंक के वर्जित कार्य बताइए।
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक के वर्जित कार्य निम्नलिखित हैं-

  1. भारतीय स्टेट बैंक किसी व्यक्ति या फर्म को निर्धारित सीमा से अधिक का ऋण नहीं दे सकता।
  2. यह सिर्फ ऐसे बिलों को भुना सकता है, जिनमें दो व्यक्तियों या फर्मों के हस्ताक्षर हों।
  3. यह कृषि बिल के अलावा अन्य किसी प्रकार के बिल को नहीं भुना सक।
  4. यह अपनी अचल सम्पत्ति की जमानत पर ऋण नहीं ले सकता।
  5. यह किसी भी प्रकार की अचल सम्पत्ति का क्रय नहीं कर सकता।

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प्रश्न 3.
भारतीय स्टेट बैंक की क्या उपलब्धियाँ या सफलताएँ हैं?
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के उद्देश्य भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-

  1. ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग प्रणाली का विकास करना ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है।
  2. रिज़र्व बैंक की साख नियन्त्रण में सहायता रिज़र्व बैंक के प्रत्यक्ष नियन्त्रण में होने के कारण भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य उसकी मौद्रिक और साख नीतियों का पालन करके उसकी साख नियन्त्रण में सहायता करना है।
  3. कृषि वित्त में सहायता करना भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य कृषि कार्यो; जैसे-खाद, बीज, हल व कृषि उपकरण, आदि खरीदने के लिए ऋण प्रदान करना है।
  4. सरकार की आर्थिक नीति के संचालन में सहायता देना भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य सरकार की आर्थिक नीतियों के उचित संचालन में सहायता करना है।
  5. कृषि विपणन समितियों की स्थापना में सहायता करना भारतीय (UPBoardSolutions.com) स्टेट बैंक का उद्देश्य कृषि विपणन समितियों की स्थापना में सहयोग प्रदान करना है।
  6. उद्योग व व्यापार को प्रोत्साहन भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य कृषि के विकास के साथ-साथ उद्योग व व्यापार का विकास करना है।
  7. अनुचित प्रतिस्पर्धा भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य अन्य बैंकों से अनुचित प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति समाप्त करना है।
  8. दुर्बल वर्ग की सहायता भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य दुर्बल वर्गों; जैसे-छोटे व्यापारी, रिक्शा चालक, टैक्सी चालक, आदि को सरल व सस्ते ऋण उपलब्ध करवाना है।
  9. भारतीय मुद्रा बाजार का विकास भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य भारतीय मुद्रा बाजार का अधिकतम विकास करना है।
  10. नई शाखाएँ खोलने की नीति भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में बैंक की शाखाएँ खोलकर बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है।

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भारतीय स्टेट बैंक की उपलब्धियाँ भारतीय स्टेट बैंक की प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं-

1. भारतीय बैंकों पर विदेशी प्रभाव की समाप्ति भारत में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के बाद भारत के सभी बैंकों पर विदेशी प्रभाव समाप्त हो गया तथा भारतीयों के साथ किए जाने वाले भेदभाव की समस्याओं का भी अन्त हो गया।

2. बैंकिंग सुविधाओं का विकास भारत में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना होने से कई प्रकार की बैंकिंग सुविधाओं का विकास हुआ है। सन् 1955-56 में स्टेट बैंक व उसके सहायक बैंकों की लगभग 500 शाखाएँ थीं, जो वर्तमान में लगभग 18,992 हो गई हैं।

3. ग्रामीण साख-सुविधाएँ भारतीय स्टेट बैंक ने सभी प्रकार के ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के लिए भूमि विकास बैंकों, सहकारी समितियों और सहकारी क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को अल्पकालीन व मध्यकालीन ऋण प्रदान किए हैं।

4. विदेशी मुद्रा व्यवसाय भारतीय स्टेट बैंक अनेक प्रकार की विदेशी मुद्राओं में लेन-देन करता है, जिससे विदेशी भुगतानों में सहायता मिलती है।

5. लघु उद्योगों को सहायता भारतीय स्टेट बैंक लघु उद्योगों के विकास के लिए सभी प्रकार के ऋण (अल्पावधि, मध्यावधि एवं दीर्घावधि) उपलब्ध कराने में सहायता करता है। यह राज्य सहकारी बैंक, राज्य वित्त निगम व राज्य उद्योग विभाग के साथ मिलकर साख व्यवस्था को पूरा करता है।

6. प्रशिक्षण सुविधा भारतीय स्टेट बैंक ने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था की है। इसके लिए 28 प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है।

7. मुद्रा-सुविधाएँ भारतीय स्टेट बैंक सभी अनुसूचित बैंकों एवं सहकारी बैंकों को सप्ताह में तीन बार निःशुल्क धन भेजने की सुविधा उपलब्ध करवाता है।

8. विदेशी व्यापार में सहायता भारतीय स्टेट बैंक निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह व्यावसायियों को आवश्यक विदेशी मुद्रा भी उपलब्ध करवाता है।

9. आँकड़ों का प्रकाशन भारतीय स्टेट बैंक देश की आर्थिक स्थिति के बारे में (UPBoardSolutions.com) महत्त्वपूर्ण आँकड़ों को एकत्र करके उनका प्रकाशन करता है।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (8 अंक)

प्रश्न 1.
केन्द्रीय बैंक के प्रतिनिधि के रूप में भारतीय स्टेट बैंक कौन-कौन-से कार्य करता है? (2014)
अथवा
भारतीय स्टेट बैंक के कार्यों का वर्णन कीजिए। (2017, 06)
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक के कार्य भारतीय स्टेट बैंक के कार्यों को निम्नलिखित दो भागों में बाँटा जा सकता है-

I. रिज़र्व बैंक के एजेण्ट के रूप में कार्य

1. समाशोधन-गृह के रूप में कार्य जिस स्थान पर रिज़र्व बैंक की शाखा नहीं होती, वहाँ भारतीय स्टेट बैंक रिज़र्व बैंक की ओर से समाशोधन-गृह के रूप में कार्य करता है। यह अन्य बैंकों को धन के हस्तान्तरण के लिए सुलभ व सस्ती सुविधा भी प्रदान करता है।

2. सरकार के बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक केन्द्रीय एवं राज्य सरकार (UPBoardSolutions.com) के कोषों को अपने पास सुरक्षित रखता है, सरकार के आदेशानुसार भुगतान करता है, सरकार द्वारा लिए जाने वाले सार्वजनिक ऋण की व्यवस्था करता है तथा उनके धन का लेन-देन करता है। इस प्रकार यह सरकार का बैंकर है।

3. बैंकों का बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक व्यापारिक बैंकों से जमा स्वीकार करता है और आवश्यकता पड़ने पर उनके बिलों की पुनर्कटौती करके तथा प्रतिभूतियों की जमानत पर उन्हें ऋण भी देता है।

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II. व्यापारिक बैंक के रूप में सामान्य बैंकिंग सम्बन्धी कार्य

1. विनिमय-विपत्रों का क्रय-विक्रय करना एवं भुनाना यह विनिमय बिलों तथा विनिमय साख बिलों को लिखता है, स्वीकार करता है तथा भुनाता है।

2. एजेन्सी सम्बन्धी कार्य यह कई प्रकार के एजेन्सी सम्बन्धी कार्य भी करता है; जैसे

  • यह प्रतिज्ञा-पत्र, चैक तथा हुण्डियों, आदि को भुनाता है और राशि एकत्रित करता है।
  • यह ग्राहकों की ओर से भुगतान करता है।
  • यह अंशों एवं प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करता है।
  •  यह ग्राहकों को आर्थिक सलाह प्रदान करता है।

3. ऋण तथा अग्रिम प्रदान करना इसके द्वारा व्यवसायियों की माँग पर अन्य सामान्य बैंकों की भाँति ऋण एवं अग्रिम, अधिविकर्ष, नकद साख एवं पुनर्कटौती की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

4. जनता से जमा स्वीकार करना यह बैंक अन्य व्यापारिक बैंकों की तरह जनता से विभिन्न खातों द्वारा धन प्राप्त करता है। इसके लिए यह विभिन्न प्रकार की आकर्षक योजनाएँ बनाता है।

5. प्रतिभूतियों में विनियोजन अन्य व्यापारिक बैंकों की भाँति भारतीय स्टेट बैंक अपने कोष का सरकारी प्रतिभूतियों, रेलवे प्रतिभूतियों, राज्य सरकार की प्रतिभूतियों, कॉपोरेशन की प्रतिभूतियों तथा ट्रेज़री बिलों, आदि में विनियोग करता है।

6. अन्य कार्य उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक निम्नलिखित कार्य करता है-

  • यह सोने व चाँदी का क्रय-विक्रय करता है।
  • यह बहुमूल्य वस्तुओं को सुरक्षित रखता है।
  • किसानों को प्रत्यक्ष ऋण प्रदान करता है।
  • सहकारी बैंकों के एजेण्ट के रूप में कार्य करता है।
  • रिज़र्व बैंक द्वारा सौंपे गए कार्य करता है।

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प्रश्न 2.
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के किन्हीं पाँच उद्देश्यों तथा तत्सम्बन्धी उपलब्धियों का वर्णन कीजिए। (2009)
अथवा
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों का वर्णन कीजिए। (2008)
अथवा
स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया की स्थापना के क्या उद्देश्य हैं? वह अपने उद्देश्यों में कहाँ तक सफल हुआ है?
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के उद्देश्य भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-

  1. ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग प्रणाली का विकास करना ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है।
  2. रिज़र्व बैंक की साख नियन्त्रण में सहायता रिज़र्व बैंक के प्रत्यक्ष नियन्त्रण में होने के कारण भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य उसकी मौद्रिक और साख नीतियों का पालन करके उसकी साख नियन्त्रण में सहायता करना है।
  3. कृषि वित्त में सहायता करना भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का प्रमुख (UPBoardSolutions.com) उद्देश्य कृषि कार्यो; जैसे-खाद, बीज, हल व कृषि उपकरण, आदि खरीदने के लिए ऋण प्रदान करना है।
  4. सरकार की आर्थिक नीति के संचालन में सहायता देना भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य सरकार की आर्थिक नीतियों के उचित संचालन में सहायता करना है।
  5. कृषि विपणन समितियों की स्थापना में सहायता करना भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य कृषि विपणन समितियों की स्थापना में सहयोग प्रदान करना है।
  6. उद्योग व व्यापार को प्रोत्साहन भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य कृषि के विकास के साथ-साथ उद्योग व व्यापार का विकास करना है।
  7. अनुचित प्रतिस्पर्धा भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य अन्य बैंकों से अनुचित प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति समाप्त करना है।
  8. दुर्बल वर्ग की सहायता भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य दुर्बल वर्गों; जैसे-छोटे व्यापारी, रिक्शा चालक, टैक्सी चालक, आदि को सरल व सस्ते ऋण उपलब्ध करवाना है।
  9. भारतीय मुद्रा बाजार का विकास भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य भारतीय मुद्रा बाजार का अधिकतम विकास करना है।
  10. नई शाखाएँ खोलने की नीति भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में बैंक की शाखाएँ खोलकर बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है।

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भारतीय स्टेट बैंक की उपलब्धियाँ भारतीय स्टेट बैंक की प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं-

1. भारतीय बैंकों पर विदेशी प्रभाव की समाप्ति भारत में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के बाद भारत के सभी बैंकों पर विदेशी प्रभाव समाप्त हो गया तथा भारतीयों के साथ किए जाने वाले भेदभाव की समस्याओं का भी अन्त हो गया।

2. बैंकिंग सुविधाओं का विकास भारत में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना होने से कई प्रकार की बैंकिंग सुविधाओं का विकास हुआ है। सन् 1955-56 में स्टेट बैंक व उसके सहायक बैंकों की लगभग 500 शाखाएँ थीं, जो वर्तमान में लगभग 18,992 हो गई हैं।

3. ग्रामीण साख-सुविधाएँ भारतीय स्टेट बैंक ने सभी प्रकार के ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के लिए भूमि विकास बैंकों, सहकारी समितियों और सहकारी क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को अल्पकालीन व मध्यकालीन ऋण प्रदान किए हैं।

4. विदेशी मुद्रा व्यवसाय भारतीय स्टेट बैंक अनेक प्रकार की विदेशी मुद्राओं में लेन-देन करता है, जिससे विदेशी भुगतानों में सहायता मिलती है।
5. लघु उद्योगों को सहायता भारतीय स्टेट बैंक लघु उद्योगों के विकास के लिए सभी प्रकार के ऋण (अल्पावधि, मध्यावधि एवं दीर्घावधि) उपलब्ध कराने में सहायता करता है। यह राज्य सहकारी बैंक, राज्य वित्त निगम व राज्य उद्योग विभाग के साथ मिलकर साख व्यवस्था को पूरा करता है।

6. प्रशिक्षण सुविधा भारतीय स्टेट बैंक ने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था की है। इसके लिए 28 प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है।

7. मुद्रा-सुविधाएँ भारतीय स्टेट बैंक सभी अनुसूचित बैंकों एवं सहकारी बैंकों को सप्ताह में तीन बार निःशुल्क धन भेजने की सुविधा उपलब्ध करवाता है।

8. विदेशी व्यापार में सहायता भारतीय स्टेट बैंक निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह व्यावसायियों को आवश्यक विदेशी मुद्रा भी उपलब्ध करवाता है।

9. आँकड़ों का प्रकाशन भारतीय स्टेट बैंक देश की आर्थिक स्थिति के बारे में महत्त्वपूर्ण आँकड़ों को एकत्र करके उनका प्रकाशन करता है।

प्रश्न 3.
स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया पर निबन्ध लिखिए।
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 1 जुलाई, 1955 को इम्पीरियल बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया तथा इसका नाम बदलकर भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया। इसका मुख्यालय मुम्बई में स्थित है तथा इसकी स्थापना अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण कमेटी के सुझाव पर की गई थी। यह केन्द्रीय बैंक का प्रतिनिधि बैंक है। यह साख नियन्त्रण का कार्य नहीं करता है।

भारतीय स्टेट बैंक की पूँजी भारतीय स्टेट बैंक की निर्गमित, अभिदत्त व प्रदत्त पूँजी को मिलाकर कुल पूँजी ₹ 17,203 करोड़ है। भारतीय स्टेट बैंक ने ₹ 238 करोड़ के अंश निजी क्षेत्र में बेचे हुए हैं। स्टेट बैंक की प्रदत्त पूँजी का 93% भाग रिज़र्व बैंक के पास है व शेष 7% भाग निजी अंशधारियों के पास है। इसकी अधिकृत पूँजी ₹ 1,000 करोड़ है। इसके समता अंशों का अंकित मूल्य ₹ 10 प्रति अंश है।

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भारतीय स्टेट बैंक के कार्यालय भारतीय स्टेट बैंक का केन्द्रीय कार्यालय मुम्बई में स्थित है। इसके अलावा 13 स्थानीय कार्यालय नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पटना, हैदराबाद, भोपाल, कानपुर, बंगलुरु, भुवनेश्वर, चण्डीगढ़ और गुवाहाटी में स्थित हैं।

भारतीय स्टेट बैंक के कार्य

भारतीय स्टेट बैंक के कार्य भारतीय स्टेट बैंक के कार्यों को निम्नलिखित दो भागों में बाँटा जा सकता है-

I. रिज़र्व बैंक के एजेण्ट के रूप में कार्य

1. समाशोधन-गृह के रूप में कार्य जिस स्थान पर रिज़र्व बैंक की शाखा नहीं होती, वहाँ भारतीय स्टेट बैंक रिज़र्व बैंक की ओर से समाशोधन-गृह के रूप में कार्य करता है। यह अन्य बैंकों को धन के हस्तान्तरण के लिए सुलभ व सस्ती सुविधा भी प्रदान करता है।

2. सरकार के बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कोषों को अपने पास सुरक्षित रखता है, सरकार के आदेशानुसार भुगतान करता है, सरकार द्वारा लिए जाने वाले सार्वजनिक ऋण की व्यवस्था करता है तथा उनके धन का लेन-देन करता है। इस प्रकार यह सरकार का बैंकर है।

3. बैंकों का बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक व्यापारिक बैंकों से जमा स्वीकार करता है और आवश्यकता पड़ने पर उनके बिलों की पुनर्कटौती करके तथा प्रतिभूतियों की जमानत पर उन्हें ऋण भी देता है।

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II. व्यापारिक बैंक के रूप में सामान्य बैंकिंग सम्बन्धी कार्य

1. विनिमय-विपत्रों का क्रय-विक्रय करना एवं भुनाना यह विनिमय बिलों तथा विनिमय साख बिलों को लिखता है, स्वीकार करता है तथा भुनाता है।

2. एजेन्सी सम्बन्धी कार्य यह कई प्रकार के एजेन्सी सम्बन्धी कार्य भी करता है; जैसे

  • यह प्रतिज्ञा-पत्र, चैक तथा हुण्डियों, आदि को भुनाता है और राशि एकत्रित करता है।
  • यह ग्राहकों की ओर से भुगतान करता है।
  • यह अंशों एवं प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करता है।
  •  यह ग्राहकों को आर्थिक सलाह प्रदान करता है।

3. ऋण तथा अग्रिम प्रदान करना इसके द्वारा व्यवसायियों की माँग पर अन्य सामान्य बैंकों की भाँति ऋण एवं अग्रिम, अधिविकर्ष, नकद साख एवं पुनर्कटौती की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

4. जनता से जमा स्वीकार करना यह बैंक अन्य व्यापारिक बैंकों की तरह जनता (UPBoardSolutions.com) से विभिन्न खातों द्वारा धन प्राप्त करता है। इसके लिए यह विभिन्न प्रकार की आकर्षक योजनाएँ बनाता है।

5. प्रतिभूतियों में विनियोजन अन्य व्यापारिक बैंकों की भाँति भारतीय स्टेट बैंक अपने कोष का सरकारी प्रतिभूतियों, रेलवे प्रतिभूतियों, राज्य सरकार की प्रतिभूतियों, कॉपोरेशन की प्रतिभूतियों तथा ट्रेज़री बिलों, आदि में विनियोग करता है।

6. अन्य कार्य उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक निम्नलिखित कार्य करता है-

  • यह सोने व चाँदी का क्रय-विक्रय करता है।
  • यह बहुमूल्य वस्तुओं को सुरक्षित रखता है।
  • किसानों को प्रत्यक्ष ऋण प्रदान करता है।
  • सहकारी बैंकों के एजेण्ट के रूप में कार्य करता है।
  • रिज़र्व बैंक द्वारा सौंपे गए कार्य करता है।

भारतीय स्टेट बैंक के उद्देश्य व उपलब्धियाँ

UP Board Solutions

भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के उद्देश्य भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-

  1. ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग प्रणाली का विकास करना ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है।
  2. रिज़र्व बैंक की साख नियन्त्रण में सहायता रिज़र्व बैंक के प्रत्यक्ष नियन्त्रण में होने के कारण भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य उसकी मौद्रिक और साख नीतियों का पालन करके उसकी साख नियन्त्रण में सहायता करना है।
  3. कृषि वित्त में सहायता करना भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य कृषि कार्यो; जैसे-खाद, बीज, हल व कृषि उपकरण, आदि खरीदने के लिए ऋण प्रदान करना है।
  4. सरकार की आर्थिक नीति के संचालन में सहायता देना भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य सरकार की आर्थिक नीतियों के उचित संचालन में सहायता करना है।
  5. कृषि विपणन समितियों की स्थापना में सहायता करना भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य कृषि विपणन समितियों की स्थापना में सहयोग प्रदान करना है।
  6. उद्योग व व्यापार को प्रोत्साहन भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य कृषि के विकास के साथ-साथ उद्योग व व्यापार का विकास करना है।
  7. अनुचित प्रतिस्पर्धा भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना का उद्देश्य अन्य बैंकों से अनुचित प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति समाप्त करना है।
  8. दुर्बल वर्ग की सहायता भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य दुर्बल वर्गों; जैसे-छोटे व्यापारी, रिक्शा चालक, टैक्सी चालक, आदि को सरल व सस्ते ऋण उपलब्ध करवाना है।
  9. भारतीय मुद्रा बाजार का विकास भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य भारतीय (UPBoardSolutions.com) मुद्रा बाजार का अधिकतम विकास करना है।
  10. नई शाखाएँ खोलने की नीति भारतीय स्टेट बैंक का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में बैंक की शाखाएँ खोलकर बैंकिंग प्रणाली का विकास करना है।

भारतीय स्टेट बैंक की उपलब्धियाँ भारतीय स्टेट बैंक की प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं-

1. भारतीय बैंकों पर विदेशी प्रभाव की समाप्ति भारत में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना के बाद भारत के सभी बैंकों पर विदेशी प्रभाव समाप्त हो गया तथा भारतीयों के साथ किए जाने वाले भेदभाव की समस्याओं का भी अन्त हो गया।

2. बैंकिंग सुविधाओं का विकास भारत में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना होने से कई प्रकार की बैंकिंग सुविधाओं का विकास हुआ है। सन् 1955-56 में स्टेट बैंक व उसके सहायक बैंकों की लगभग 500 शाखाएँ थीं, जो वर्तमान में लगभग 18,992 हो गई हैं।

3. ग्रामीण साख-सुविधाएँ भारतीय स्टेट बैंक ने सभी प्रकार के ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के लिए भूमि विकास बैंकों, सहकारी समितियों और सहकारी क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को अल्पकालीन व मध्यकालीन ऋण प्रदान किए हैं।

4. विदेशी मुद्रा व्यवसाय भारतीय स्टेट बैंक अनेक प्रकार की विदेशी मुद्राओं में लेन-देन करता है, जिससे विदेशी भुगतानों में सहायता मिलती है।

5. लघु उद्योगों को सहायता भारतीय स्टेट बैंक लघु उद्योगों के विकास के लिए सभी प्रकार के ऋण (अल्पावधि, मध्यावधि एवं दीर्घावधि) उपलब्ध कराने में सहायता करता है। यह राज्य सहकारी बैंक, राज्य वित्त निगम व राज्य उद्योग विभाग के साथ मिलकर साख व्यवस्था को पूरा करता है।

6. प्रशिक्षण सुविधा भारतीय स्टेट बैंक ने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था की है। इसके लिए 28 प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है।

7. मुद्रा-सुविधाएँ भारतीय स्टेट बैंक सभी अनुसूचित बैंकों एवं सहकारी बैंकों को सप्ताह में तीन बार निःशुल्क धन भेजने की सुविधा उपलब्ध करवाता है।

8. विदेशी व्यापार में सहायता भारतीय स्टेट बैंक निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह व्यावसायियों को आवश्यक विदेशी मुद्रा भी उपलब्ध करवाता है।

9. आँकड़ों का प्रकाशन भारतीय स्टेट बैंक देश की आर्थिक स्थिति के बारे में महत्त्वपूर्ण आँकड़ों को एकत्र करके उनका प्रकाशन करता है।

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भारतीय स्टेट बैंक की असफलताएँ

  1. यह शाखाओं का विस्तार करने की नीति में पूर्ण रूप से सफल नहीं हुआ
  2. इसके द्वारा नौकरशाही को बढ़ावा मिलता है।
  3. यह नई शाखाओं को प्रारम्भ करने में उचित प्राथमिकता से कार्य करने में असफल रहा है।
  4. यह ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त वित्त की व्यवस्था नहीं करता है।

प्रश्न 4.
भारतीय स्टेट बैंक के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए। देश की अर्थव्यवस्था में इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
भारतीय स्टेट बैंक के कार्य

भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 1 जुलाई, 1955 को इम्पीरियल बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया तथा इसका नाम बदलकर भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया। इसका मुख्यालय मुम्बई में स्थित है तथा इसकी स्थापना अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण कमेटी के सुझाव पर की गई थी। यह केन्द्रीय बैंक का प्रतिनिधि बैंक है। यह साख नियन्त्रण का कार्य नहीं करता है।

भारतीय स्टेट बैंक की पूँजी भारतीय स्टेट बैंक की निर्गमित, अभिदत्त व प्रदत्त पूँजी को मिलाकर कुल पूँजी ₹ 17,203 करोड़ है। भारतीय स्टेट बैंक ने ₹ 238 करोड़ के अंश निजी क्षेत्र में बेचे हुए हैं। स्टेट बैंक की प्रदत्त पूँजी का 93% भाग रिज़र्व बैंक के पास है (UPBoardSolutions.com) व शेष 7% भाग निजी अंशधारियों के पास है। इसकी अधिकृत पूँजी ₹ 1,000 करोड़ है। इसके समता अंशों का अंकित मूल्य ₹ 10 प्रति अंश है।

भारतीय स्टेट बैंक के कार्यालय भारतीय स्टेट बैंक का केन्द्रीय कार्यालय मुम्बई में स्थित है। इसके अलावा 13 स्थानीय कार्यालय नई दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पटना, हैदराबाद, भोपाल, कानपुर, बंगलुरु, भुवनेश्वर, चण्डीगढ़ और गुवाहाटी में स्थित हैं।

भारतीय स्टेट बैंक के कार्य

भारतीय स्टेट बैंक के कार्य भारतीय स्टेट बैंक के कार्यों को निम्नलिखित दो भागों में बाँटा जा सकता है-

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I. रिज़र्व बैंक के एजेण्ट के रूप में कार्य

1. समाशोधन-गृह के रूप में कार्य जिस स्थान पर रिज़र्व बैंक की शाखा नहीं होती, वहाँ भारतीय स्टेट बैंक रिज़र्व बैंक की ओर से समाशोधन-गृह के रूप में कार्य करता है। यह अन्य बैंकों को धन के हस्तान्तरण के लिए सुलभ व सस्ती सुविधा भी प्रदान करता है।

2. सरकार के बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के कोषों को अपने पास सुरक्षित रखता है, सरकार के आदेशानुसार भुगतान करता है, सरकार द्वारा लिए जाने वाले सार्वजनिक ऋण की व्यवस्था करता है तथा उनके धन का लेन-देन करता है। इस प्रकार यह सरकार का बैंकर है।

3. बैंकों का बैंक के रूप में कार्य भारतीय स्टेट बैंक व्यापारिक बैंकों से जमा स्वीकार करता है और आवश्यकता पड़ने पर उनके बिलों की पुनर्कटौती करके तथा प्रतिभूतियों की जमानत पर उन्हें ऋण भी देता है।

II. व्यापारिक बैंक के रूप में सामान्य बैंकिंग सम्बन्धी कार्य

1. विनिमय-विपत्रों का क्रय-विक्रय करना एवं भुनाना यह विनिमय बिलों तथा विनिमय साख बिलों को लिखता है, स्वीकार करता है तथा भुनाता है।

2. एजेन्सी सम्बन्धी कार्य यह कई प्रकार के एजेन्सी सम्बन्धी कार्य भी करता है; जैसे

  • यह प्रतिज्ञा-पत्र, चैक तथा हुण्डियों, आदि को भुनाता है और राशि एकत्रित करता है।
  • यह ग्राहकों की ओर से भुगतान करता है।
  • यह अंशों एवं प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करता है।
  •  यह ग्राहकों को आर्थिक सलाह प्रदान करता है।

3. ऋण तथा अग्रिम प्रदान करना इसके द्वारा व्यवसायियों की माँग पर (UPBoardSolutions.com) अन्य सामान्य बैंकों की भाँति ऋण एवं अग्रिम, अधिविकर्ष, नकद साख एवं पुनर्कटौती की सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

UP Board Solutions

4. जनता से जमा स्वीकार करना यह बैंक अन्य व्यापारिक बैंकों की तरह जनता से विभिन्न खातों द्वारा धन प्राप्त करता है। इसके लिए यह विभिन्न प्रकार की आकर्षक योजनाएँ बनाता है।

5. प्रतिभूतियों में विनियोजन अन्य व्यापारिक बैंकों की भाँति भारतीय स्टेट बैंक अपने कोष का सरकारी प्रतिभूतियों, रेलवे प्रतिभूतियों, राज्य सरकार की प्रतिभूतियों, कॉपोरेशन की प्रतिभूतियों तथा ट्रेज़री बिलों, आदि में विनियोग करता है।

6. अन्य कार्य उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक निम्नलिखित कार्य करता है-

  • यह सोने व चाँदी का क्रय-विक्रय करता है।
  • यह बहुमूल्य वस्तुओं को सुरक्षित रखता है।
  • किसानों को प्रत्यक्ष ऋण प्रदान करता है।
  • सहकारी बैंकों के एजेण्ट के रूप में कार्य करता है।
  • रिज़र्व बैंक द्वारा सौंपे गए कार्य करता है।

देश की अर्थव्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक का महत्त्व

भारतीय स्टेट बैंक का देश की अर्थव्यवस्था में महत्त्व निम्नलिखित है-

1. निर्यात संवर्द्धन योजना निर्यातकों को सुविधापूर्वक ऋण प्रदान करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने निर्यात संवर्द्धन योजना चालू की है।
2. सहकारी बैंकों और सहकारी समितियों की उदारतापूर्वक सहायता भारतीय स्टेट बैंक ने देश के सहकारी बैंकों व सहकारी समितियों की सहायता करके इनके विकास में योगदान दिया है।

3. कृषि व लघु उद्योगों को साख सुविधा भारतीय स्टेट बैंक ने कृषि व लघु उद्योगों के क्षेत्र में वित्त व साख-सुविधाओं में बड़ी तेजी से विस्तार किया है।
4. कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था भारतीय स्टेट बैंक ने कुशल व योग्य कर्मचारी तैयार करने के लिए इनके प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था की है।

5. रिज़र्व बैंक का सहायक भारतीय स्टेट बैंक, रिज़र्व बैंक के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है। यह उन स्थानों पर प्रतिनिधि का कार्य करता है, जहाँ पर रिज़र्व बैंक की शाखाएँ न हों।
6. बैंकरहित क्षेत्रों में बैंकिंग विकास बैंकों से पिछड़े हुए क्षेत्रों में (UPBoardSolutions.com) अधिकाधिक शाखाएँ स्थापित करके भारतीय स्टेट बैंक ने बैंकरहित क्षेत्रों का विकास किया है।

7. आर्थिक दृष्टि से दुर्बल वर्गों की सहायता समाजवादी अर्थव्यवस्था की स्थापना के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

8. विदेशी बैंकों के प्रभाव का अन्त ‘इम्पीरियल बैंक ऑफ इण्डिया’ का राष्ट्रीयकरण होने के पश्चात् भारतीयों के शोषण व उनके साथ किए जाने वाले भेदभाव की समस्या का अन्त हो गया है।

9. एटीएम, डेबिट कार्ड द्वारा भुगतान की योजना भारतीय स्टेट बैंक ने उपभोक्ता बिलों व मोबाइल के प्रीपेड की जमा राशि का एटीएम, डेबिट कार्ड द्वारा भुगतान करने की योजना प्रारम्भ की है। यह बैंक एटीएम की संख्या में निरन्तर वृद्धि कर रहा है।

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10. ब्याज तथा साख दर पर नियन्त्रण भारतीय स्टेट बैंक के पास काफी मात्रा में धन जमा होने के कारण यह अपनी ब्याज की दर तथा साख नीति के द्वारा साख की मात्रा को नियन्त्रित करता है।

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UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स

UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स are part of UP Board Solutions for Class 12 Computer. Here we have given UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स.

Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 12
Subject Computer
Chapter Chapter 16
Chapter Name इनहेरिटेन्स
Number of Questions 18
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स


बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
इनहेरिटेन्स का प्रयोग कर नवनिर्मित क्लास को क्या कहते हैं?
(a) पेरेण्ट क्लास
(b) बेस क्लास
(c) डिराइब्ड क्लास
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर
(c) डिराइब्ड क्लास

प्रश्न 2.
विजिबिलिटी मोड कितने प्रकार के होते हैं?
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पाँच
उत्तर
(b) तीन प्रकार के–पब्लिक, प्रोटेक्टेड तथा प्राइवेट

प्रश्न 3.
किसी कोड की विजिबिलिटी को किसके द्वारा प्राप्त किया जा सकता है?
(a) पॉलीमॉरफिज्म द्वारा
(b) एनकैप्सूलेशन द्वारा
(c) इनहेरिटेन्स द्वारा
(d) ‘a’ और ‘c’ दोनों
उत्तर
(c) इनहेरिटेन्स द्वारा

प्रश्न 4.
दो वेस क्लास से एक डिराइड क्लास बनाई जाए, तो यह किसका प्रकार है?
(a) हाइब्रिड इनहेरिटेन्स
(b) सिंगल इनहेरिटेन्स
(c) मल्टीपल इनहेरिटेन्स
(d) हाइरारकिकल इनहेरिटेन्स
उत्तर
(c) मल्टीपल इनहेरिटेन्स

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन-सा इनहेरिटेन्स का प्रकार नहीं है?
(a) सिंगल
(b) पैरेण्ट
(c) मल्टीपल
(d) मल्टीलेवल
उत्तर
(b) पेरेण्ट

प्रश्न 6.
एक बेस क्लास से एक से अधिक चाइल्ड क्लास बनाने की प्रक्रिया किस इनहेरिटेन्स का उदाहरण है?
(a) हाइरारकिकल
(b) मल्टीपल
(c) मल्टीलेवल
(d) हाइब्रिड
उत्तर
(a) हाइरारकिकल

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
डिराइड क्लास क्या होती है?
उत्तर
इनहेरिटेन्स में हम एक क्लास से दूसरी क्लास को इनहेरिट कर सकते हैं। इस प्रकार इनहेरिट क्लास में पहली क्लास के गुण उपस्थित होते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य गुण भी होते हैं। इनहेरिट हुई क्लास को ही डिराइब्ड क्लास कहते हैं।

प्रश्न 2.
विजिबिलिटी मोड के नाम लिखिए।
उत्तर
विजिबिलिटी मोड के नाम इस प्रकार हैं।

  • public एक्सेस स्पेसीफायर
  • protected एक्सेस स्पेसीफायर
  • private एक्सेस स्पेसीफायर

प्रश्न 3.
पब्लिक एक्सेस स्पेसीफायर क्या है?
उत्तर
पब्लिक स्पेसीफायर में बेस क्लास के सभी पब्लिक डाटा डिराइव्ड क्लास में पब्लिक ही रहते हैं। इसी प्रकार प्राइवेट और प्रोटेक्टेड डाटा भी डिराइब्ड क्लास में सामान्यत: प्राइवेट और प्रोटेक्टेड ही रहते हैं।

प्रश्न 4.
मल्टीपल इनहेरिटेन्स क्या है?
उत्तर
मल्टीपल इनहेरिटेन्स में एक से अधिक बेस क्लास की सहायता से एक डिराइब्ड क्लासे बनाई जाती है।

लघु उत्तरीय प्रश्न ।

प्रश्न 1.
इनहेरिटेन्स पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (2011)
उत्तर
पहले से बनी क्लास के गुणों को सम्मिलित कर एक नई क्लास का निर्माण करना इनहेरिटेन्स (Inheritance) कहलाता है। इसमें पुरानी क्लास को बेस क्लास (Base class) या पैरेण्ट क्लास (Parent class) कहते हैं। तथा नवनिर्मित क्लास को डिराइव्ड क्लास (Derived class) या चाइल्ड क्लास (Child class) कहते हैं।
UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स img-1

प्रश्न 2.
इनहेरिटेन्स का प्रयोग करने से क्या-क्या लाभ होते हैं?
उत्तर
इनहेरिटेन्स द्वारा निम्नलिखित लाभ होते हैं।

  1. इनहेरिटेन्स का प्रयोग करने से कोड ज्यादा लम्बा नहीं होता।
  2. इससे एक ही कोड को दोबारा प्रयोग किया जा सकता हैं।
  3. इनहेरिटेन्स के द्वारा कोड को आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
  4. यह मेमोरी में स्पेस को बचाता है।

प्रश्न 3.
इनहेरिटेन्स के किन्हीं दो प्रकारों पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (2012)
उत्तर
इनहेरिटेन्स मुख्य रूप से पाँच प्रकार सिंगल, मल्टीपल, मल्टीलेवल, हाइरारकिकल व हाइब्रिड के होते हैं। किन्हीं दो इनहेरिटेन्स पर संक्षिप्त टिप्पणी नीचे दी गई है।
मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स जिस प्रकार सिंगल इनहेरिटेन्स में एक बेस क्लास से एक डिराइब्ड क्लास बनाई जाती है। कभी-कभी डिराइब्ड क्लास से भी एक अन्य क्लास बनाई जा सकती है अर्थात् डिराइब्ड क्लास पुनः एक बेस क्लास की तरह कार्य करे, तो इस प्रकार के इनहेरिटेन्स को मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स कहते हैं।
हाइरारकिकल इनहेरिटेन्स यह सिंगल इनहेरिटेन्स का विकसित रूप है। हाइरारकिकल इनहेरिटेन्स में हम एक बेस क्लास से एक से अधिक डिराइड क्लास बना सकते हैं।

प्रश्न 4.
मल्टीपल इनहेरिटेन्स तथा मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स में भेद कीजिए। (2015,14,08)
उत्तर
मल्टीपल इनहेरिटेन्स तथा मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स में अन्तर इस प्रकार है
UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स img-2

प्रश्न 5.
हाइरैरकिकता इनहेरिटेन्स की व्याख्या, संक्षेप में कीजिए। उदाहरण देकर समझाइए। (2017)
उत्तर
यह सिंगल इनहेरिटेन्स का विकसित रूप है। सिंगल इनहेरिटेन्स में जहाँ हम एक बेस क्लास से एक डिराइव्ड क्लास बनाते हैं। वहीं हाइरारकिकल इनहेरिटेन्स में हम एक बेस क्लास से एक से अधिक डिराइब्ड क्लास बना सकते हैं।

उदाहरण
class A
{
protected:
int x, Y;
public:
void get()
{
cout<<"\n Enter two values \n"; cin>>x>>y;
}
};
class B:public A
private:
int m;
};
class C:public A
{
private:
int n;
};

लघु उत्तरीय प्रश्न ।।

प्रश्न 1.
बेस क्लास तथा डिराइड क्लास को समझाने हेतु एक प्रोग्राम लिखिए।
उत्तर
#include<iostream.h>
class Rectangle //Base class
{
protected:
float length, breadth;
public:
void Input()
{
cout<<"Enter length: "; cin>>length;
cout<<"Enter breadth: "; cin>>breadth;
}
};
class Area : public Rectangle//Derived class
{
public:
float calc()
{
return length*breadth;
};
void main()
{
cout<<"Enter data for find area\n";
Area a;
a. Input();
cout<<"Area = "<<a.calc()<<" square metre\n\n";
}

आउटपुट
Enter data for find area
Enter length: 5
Enter breadth: 2
Area = 10 square metre

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उदाहरण सहित मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स मल्टीपल इनहेरिटेन्स की व्याख्या कीजिए। (2016)
उत्तर
मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स जिस प्रकार सिंगल इनहेरिटेन्स में एक बेस क्लास से एक डिराइव्ड क्लास बनाई जाती है। कभी-कभी डिराइब्ड क्लास से भी एक अन्य क्लास बनाई जा सकती है अर्थात् डिराइब्ड क्लास पुनः एक बेस क्लास की तरह कार्य करे, तो इस प्रकार के इनहेरिटेन्स को मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स कहते हैं।

उदाहरण
#include<iostream.h>
class Person
{
protected:
char name;
public:
void get1()
{
cout<<"Enter your Name\n"; cin>>name;
}
};
class Emp: public Person
{
protected:
int basic;
public:
void get2()
{
cout<<"Enter your Basic\n"; cin>>basic;
}
};
class Manager: public Emp
{
protected:
int deptcode;
public:
void display()
{
cout<<"Name is "<<name;
cout<<"\nBasic "<<basic;
}
};
void main()
{
Manager obj;
obj.get1();
obj.get2();
obj.display();
getch();
}

आउटपुट
Enter your Name
H
Enter your Basic
25000
Name is H
Basic 25000

मल्टीपल इनहेरिटेन्स इस प्रकार के इनहेरिटेन्स में एक से अधिक बेस क्लासेज की सहायता से एक डिराइव्ड क्लास बनाई जाती है।

#include<iostream.h>
class Expdet
{
protected:
char name;
public:
void expr()
{
cout<<"Enter your Name"<<end1; cin>>name;
}
};
class Saldet
{
protected:
int salary;
public:
void sal()
{
cout<<"Enter your Salary"<<end1; cin>>salary;
}
};
class Promotion : public Expdet, public Saldet
{
public:
void promote()
{
if (salary> = 20000)
cout<<"PROMOTED FOR HIGHER GRADE";
else
cout<<"CANNOT BE PROMOTED";
}
};
void main()
{
Promotion obj;
obj . expr();
obj . sal();
obj . promote();
}

आउटपुट
Enter your Name
J
Enter your Salary
23000
PROMOTED FOR HIGHER GRADE

प्रश्न 2.
इनहेरिटेन्स क्या है? इसके कितने प्रकार होते हैं? संक्षेप में समझाइए। (2007)
अथवा
इनहेरिटेन्स से आप क्या समझते हैं? इसके विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए। (2007)
अथवा
इनहेरिटेन्से से क्या आशय है? इसके विभिन्न प्रकारों को समझाइए। (2011)
उत्तर
पहले से बनी क्लास के गुणों को सम्मिलित कर एक नई क्लास का निर्माण करना इनहेरिटेन्स कहलाता है। इसमें पुरानी क्लास को बेस क्लास (Base class) या पेरेण्ट क्लास (Parent class) कहते हैं तथा नवनिर्मित क्लास को डिराइव्ड क्लास (Derived class) या चाइल्ड क्लास (Child class) कहते हैं।
UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स img-3

इनहेरिटेन्स के प्रकार ये पाँच प्रकार के होते हैं, जो निम्न हैं। (i) सिंगल इनहेरिटेन्स इनहेरिटेन्स के इस प्रकार में एक बेस क्लास से केवल एक डिराइब्ड क्लास बनाई जाती है। डिराइव्ड क्लास, बेस क्लास के समस्त या कुछ गुणों का प्रयोग कर सकती हैं।

प्रारूप
class derived_class : acces_mode
base_class
{
// body of derived class
};

(ii) मल्टीपल इनहेरिटेन्स इस प्रकार के इनहेरिटेन्स में एक से अधिक बेस क्लास की सहायता से एक डिराइब्ड क्लास बनाई जाती है।

प्रारूप
class derived_class: access_mode
base_class1, access_mode base_class2
{
// body of the derived class
};

(iii) मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स जिस प्रकार सिंगल इनहेरिटेन्स में एक बेस क्लास से एक डिराइब्ड क्लास बनाई जाती है। कभी-कभी डिराइब्ड क्लास में भी एक अन्य क्लास बनाई जा सकती हैं अर्थात् ड्रािइड क्लास पुनः एक बेस क्लास की तरह कार्य करें, तो इस प्रकार के इनहेरिटेन्स को मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स कहते हैं।

प्रारूप
class derived1:access_mode base_class
{
//body of the derived1 class
};
class derived2:access_mode derived1
{
//body of the derived2 class
};
M
M
class derivedN:access_mode derivedN-1
{
//body of the derived class
};

(iv) हाइरारकिकल इनहेरिटेन्स यह सिंगल इनहेरिटेन्स का विकसित रूप है। सिंगल इनहेरिटेन्स में जहाँ हम एक बेस क्लास से एक डिराइब्ड क्लास बनाते हैं, वहीं हाइरारकिकल इनहेरिटेन्स में हम एक बेस क्लास से एक से अधिक डिराइब्ड क्लास बना सकते हैं।

प्रारूप
class derivedi: access_mode base_class
{
//body of the derived1 class
};
class derived2:access_mode base_class
{
//body of the derived2 class
};
:
:
class derivedN:access_mode base_class
{
//body of the derived class
};

(v) हाइब्रिड इनहेरिटेन्स हाइब्रिड का अर्थ होता है-मिला-जुला। उपयुक्त इनहेरिटेन्स के प्रकारों में से किन्हीं दो अथवा दो से अधिक प्रकारों को मिलाकर हाइब्रिड इनहेरिटेन्स का निर्माण किया गया है।

प्रारूप
class derivedl:access_mode base_class
{
//body of the derivedi class
};
M
class derivedN:access_mode base_class
{
//body of the derived class
};
class derivedN+1:access_mode
derived1,...., access mode derivedN
{
//body of the derivedN+1 class
};

प्रश्न 3.
विजिबिलिटी मोड (लेबल्स) का वर्णन कीजिए तथा इनहेरिटेन्स में उनके उपयोग बताइट। (2010)
अथवा
private, protected तथा public सदस्यों में भेद कीजिए। (2008)
उत्तर
विजिबिलिटी मोड इनहेरिटेन्स के प्रकार को समझने से पहले विजिबिलिटी मोड को समझना होगा। विजिबिलिटी मोड यह बताता है कि बेस क्लास के कौन-कौन से मैम्बर्स डिराइव्ड में एक्सेस (Access) होंगे।
UP Board Solutions for Class 12 Computer Chapter 16 इनहेरिटेन्स img-4
public एक्सेस स्पेसीफायर इस एक्सेस स्पेसीफायर के प्रयोग करने से बेस क्लास के सभी मैम्बर्स डिराइव्ड क्लास में उसी प्रकार प्रयोग में लाए जाते हैं, जिस प्रकार वे बेस क्लास में डिक्लेयर हैं।
प्राइवेट मैम्बर को डिराइब्ड क्लास में सीधे एक्सेस नहीं किया जा सकता।

protected एक्सेस स्पेसीफायर प्रोटेक्टेड एक्सेस स्पेसीफायर में, बेस क्लास के सभी प्राइवेट मैम्बर्स डिराइब्ड क्लास में प्राइवेट ही रहते हैं और प्रोटेक्टेड मैम्बर्स भी प्रोटेक्टेड ही रहते हैं, लेकिन बेस क्लास के सभी पब्लिक मैम्बर डिराईव्ड क्लास में प्रोटेक्टेड होते हैं।

private एक्सेस स्पेसीफायर प्राइवेट एक्सेस स्पेसीफायर में, बेस क्लास के सभी प्राइवेट मैम्बर्स डिराइब्ड क्लास में प्राइवेट ही रहते हैं और बेस क्लास के सभी प्रोटेक्टेड और पब्लिक मैम्बर डिराइब्ड क्लास में प्राइवेट बन जाते हैं।

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UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

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Board UP Board
Textbook NCERT
Class Class 11
Subject Samanya Hindi
Chapter Chapter 4
Chapter Name अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
Category UP Board Solutions

UP Board Solutions for Class 11 Samanya Hindi अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

नवीनतम पाठ्यक्रम में अनेक शब्दों अर्थात् वाक्य अथवा वाक्य-खण्डों के लिए उपयुक्त एक शब्द लिखने को सम्मिलित किया गया है। इस प्रकार के दो वाक्य-खण्डों के उत्तर लिखने होंगे। इसके लिए कुल 2 अंक निर्धारित हैं।

अनेक साधन (संकेत, लिपि आदि) होते हुए भी ‘भाषा’ ही भावों/विचारों की अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम साधन है। ‘भाषा में भावों/विचारों की वही अभिव्यक्ति अधिक प्रभावकारी होती है, जिसमें स्पष्टता के साथ-साथ कुशलता भी हो। किसी भाव/विचार की अभिव्यक्ति हम एक व्यंजक शब्द द्वारा भी कर सकते हैं। और एक बड़े वाक्य द्वारा भी। साहित्यिक भाषा में ही नहीं, दैनिक व्यवहार की भाषा में भी ऐसे व्यंजक शदों का महत्त्व स्वीकार किया जाता है, जिनका प्रयोग एक वाक्य या वाक्य-खण्ड के लिए सफलतापूर्वक किया। जा सकता है। अनेक शब्दों अर्थात् वाक्य अथवा वाक्य-खण्ड के लिए प्रयोग में लाये जा सकने वाले ऐसे व्यंजक और सटीक शब्दों की विस्तृत सूची यहाँ दी जा रही है।
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