UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 7 (Section 1)

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 7 यूरोप में राष्ट्रवाद का विकास (अनुभाग – एक)

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विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
फ्रांस की क्रान्ति का प्रभाव यूरोप के अन्य देशों पर किस प्रकार पड़ा?
उत्तर
फ्रांस की क्रान्ति का प्रभाव यूरोप के अन्य देशों पर निम्नलिखित रूप में पड़ा

  1. इस क्रान्ति ने सदियों से चली आ रही यूरोप की पुरातन व्यवस्था (Ancient Regime) का अन्त कर दिया।
  2. इस क्रान्ति की महत्त्वपूर्ण देन मध्यकालीन समाज की सामन्ती व्यवस्था का अन्त करना था।
  3. फ्रांस के क्रान्तिकारियों द्वारा की गई ‘मानव अधिकारों की घोषणा’ (27 अगस्त, 1989 ई०), मानव जाति की स्वाधीनता के लिए बड़ी महत्त्वपूर्ण थी।
  4. इस क्रान्ति ने समस्त यूरोप में राष्ट्रीयता (UPBoardSolutions.com) की भावना का विकास और प्रसार किया। परिणामस्वरूप यूरोप के अनेक देशों में क्रान्तियों का सूत्रपात हुआ।
  5. फ्रांस की क्रान्ति ने धर्मनिरपेक्ष राज्य की अवधारणा को जन्म दिया।
  6. इस क्रान्ति ने लोकप्रिय सम्प्रभुता के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया।
  7. फ्रांसीसी क्रान्ति ने मानव जाति को स्वतन्त्रता, समानता और बन्धुत्व का नारा प्रदान किया।
  8. इस क्रान्ति ने इंग्लैंड, आयरलैंड तथा अन्य यूरोपीय देशों की विदेश नीति को प्रभावित किया।
  9. कुछ विद्वानों के अनुसार फ्रांस की क्रान्ति समाजवादी विचारधारा का स्रोत थी, क्योंकि इसने समानता का सिद्धान्त प्रतिपादित कर समाजवादी व्यवस्था का मार्ग भी खोल दिया था।
  10. इस क्रान्ति के फलस्वरूप फ्रांस ने कृषि, उद्योग, कला, साहित्य, राष्ट्रीय शिक्षा तथा सैनिक गौरव के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की।

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प्रश्न 2.
जर्मनी का एकीकरण कैसे हुआ ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
सन् 1848 ई० के यूरोप में राष्ट्रवाद का स्वरूप बदलने लगा था और यह जनतन्त्र एवं क्रान्ति के सैलाब से दूर हो गया था। राज्य की सत्ता को बढ़ाने और पूरे यूरोप पर राजनीतिक प्रभुत्व प्राप्त करने के लिए रूढ़िवादियों ने अकसर राष्ट्रवादी भावनाओं का प्रयोग किया। उस समय जर्मनी तथा इटली के एकीकृत होने की प्रक्रिया जितनी कठिन थी उतनी ही भयावह भी थी। इस प्रक्रिया के बाद ही इटली तथा जर्मनी राष्ट्र-राज्य बन सके थे।

ज्ञातव्य है कि राष्ट्रवादी भावनाएँ मध्यमवर्गीय जर्मन लोगों में घर कर गयी थीं और उन्होंने सन् 1848 ई० में जर्मन महासंघ के विभिन्न भागों को जोड़कर एक निर्वाचित संसद द्वारा शासित राष्ट्र-राज्य बनाने का प्रयत्न किया था। मगर राष्ट्र-निर्माण की यह उदारवादी पहल राजशाही और फौज की शक्ति ने मिलकर दबा दी, जिनका प्रशा के बड़े भूस्वामियों (Junkers) ने भी समर्थन किया। उसके पश्चात् प्रशा ने राष्ट्रीय एकीकरण (UPBoardSolutions.com) के आन्दोलन की बागडोर सँभाली। उसका मन्त्री प्रमुख ऑटोवान बिस्मार्क इसे प्रक्रिया का जनक था, जिसने प्रशा की सेना और नौकरशाही की सहायता ली। सात वर्ष के दौरान ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस से तीन युद्धों में प्रशा को विजय प्राप्त हुई और एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हुई। जनवरी, 1871 में, वर्साय में हुए एक समारोह में प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मनी का सम्राट घोषित किया गया।

जनवरी 18, 1871 ई० को प्रात: कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। ऐसे मौसम में; वर्साय का शीशमहल जो कि पहले से ही बेहद सर्द रहता था; जर्मन राजकुमारों, सेना के प्रतिनिधियों और मन्त्री प्रमुख ऑटोवान बिस्मार्क सहित प्रशा के महत्त्वपूर्ण मन्त्रियों ने एक सभा का आयोजन किया। सभा ने प्रशा के काइजर विलियम प्रथम के नेतृत्व में नये जर्मन साम्राज्य की घोषणा की। प्रशा राज्य की शक्ति के प्रभुत्व के दर्शन जर्मनी में उसके राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में हुए। नये राज्य ने जर्मनी की मुद्रा, बैंकिंग और कानूनी तथा न्यायिक व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण पर अधिक जोर दिया और प्रशा द्वारा उठाये गये कदम और उसकी कार्यवाहियाँ शेष जर्मनी के लिए एक मॉडल बने।

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प्रश्न 3.
इटली के एकीकरण हेतु क्या प्रयास किये गये ? विस्तार से लिखिए। या इटली के एकीकरण में मेत्सिनी, काबूर और गैरीबाल्डी के योगदान को वर्णन कीजिए। [2014]
           या
इटली के एकीकरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तीन नेताओं के नाम लिखिए। [2018]
उत्तर
उन्नीसवीं सदी के मध्य में इटली सात राज्यों में विभक्त था। इसके निर्माण में भी जर्मनी की तरह बहुत-सी मुसीबतें उठायी गयीं। इसे भी राजनीतिक विखण्डन का एक लम्बा इतिहास देखना पड़ा था, जैसा कि जर्मनी में हुआ था। इटली कई वंशानुगत तथा बहुराष्ट्रीय हैब्सबर्ग साम्राज्य में बिखरा पड़ा था। इनमें से केवल सार्डिनिया-पीडमॉण्ट में एक इतालवी राजघराने का शासक था। उत्तरी भाग ऑस्ट्रियाई हैब्सबर्गों के अधीन था, मध्य इलाकों पर पोप का शासन था और दक्षिणी क्षेत्र स्पेन के बूबू राजाओं के अधीन थे। इतालवी भाषा ने भी साझा रूप प्राप्त नहीं किया था और अभी तक उसके विविध क्षेत्रीय और स्थानीय रूप उपस्थित थे।

इटली को एकीकृत कर गणराज्य बनाने में ज्युसेप मेसिनी; जो एक महान् क्रान्तिकारी भी था; ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी। उसने सन् 1830 ई० के दशक में एक सुविचारित कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसके लिए उसने एक गुप्त संगठन यंग इटली नाम से बनाया था। वह अपने विचारों को उक्त संगठन के माध्यम से आम लोगों तक पहुँचाना चाहता था। सन् 1831 ई० और 1848 ई० में क्रान्तिकारी विद्रोह हुए जिनकी असफलता (UPBoardSolutions.com) के कारण इतालवी राज्यों को जोड़ने को उत्तरदायित्व सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के शासक विक्टर इमैनुअल द्वितीय पर आ गया। इस क्षेत्र के अभिजात वर्ग की नजरों में एकीकृत इटली उनके लिए आर्थिक विकास और राजनीतिक प्रभुत्व की सम्भावनाएँ उत्पन्न करता था।

मन्त्री प्रमुख काबूर जिसने इटली को एकीकृत करने के लिए आन्दोलन का नेतृत्व किया था, वह न तो क्रान्तिकारी था और न ही जनतान्त्रिक। वह इटली के अन्य धनवान तथा शिक्षित लोगों की तरह फ्रेंच भाषी था। फ्रांस से सार्डिनिया-पीडमॉण्ट की एक चालाक कूटनीतिक सन्धि; जिसके पीछे काबूर का हाथ था; से सार्डिनिया-पीडमॉण्ट 1859 ई० में ऑस्ट्रियाई ताकतों को हरा पाने में कामयाब हुआ।

नियमित सैनिकों के अतिरिक्त ज्युसेपे गैरीबाल्डी के नेतृत्व में भारी संख्या में सशस्त्र स्वयंसेवकों ने इस युद्ध में भाग लिया। सन् 1860 ई० में वे दक्षिण इटली और दो सिसलियों के राज्य में प्रवेश कर गये और स्पेनी शासकों को हटाने के लिए स्थानीय कृषकों का समर्थन प्राप्त करने में सफल रहे।

सन् 1861 ई० में इमैनुअल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया। मगर इटली के अधिकतर निवासी जिनमें निरक्षरता की दर पर्याप्त ऊँची थी, अभी भी उदारवादी-राष्ट्रवादी विचारधारा से अनभिज्ञ थे।

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प्रश्न 4.
राष्ट्रवाद से क्या तात्पर्य है? यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय होने में कौन-सी परिस्थितियाँ सहायक हुईं? उनमें से किन्हीं दो को समझाकर लिखिए। [2018]
           या
राष्ट्रवाद ने राष्ट्रीय गौरव को किस प्रकार उत्तेजित किया ?
           या
यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय के क्या कारण थे ?
उत्तर
राष्ट्र की सर्वमान्य परिभाषा नहीं दी जा सकती। राष्ट्र बहुत हद तक एक ऐसा समुदाय होता है जो अपने सदस्यों के सामूहिक विश्वास, भावनाओं, आकांक्षाओं और कल्पनाओं के सहारे एक सूत्र में बँधा होता है। यह कुछ खास मान्यताओं (UPBoardSolutions.com) पर आधारित होता है जिन्हें लोग उस समुदाय के लिए गढ़ते हैं जिससे वे अपनी पहचान कायम करते हैं। राष्ट्र के प्रति यही भावना राष्ट्रवाद’ कहलाती है।
यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय ने जनता के हृदय में राष्ट्रीय भावनाएँ उत्पन्न कीं। वे भावनाएँ अग्रलिखित हैं –

1. पुनर्जागरण एवं धर्म-सुधार आन्दोलन – आधुनिक यूरोप के इतिहास में पुनर्जागरण एक युगान्तरकारी घटना थी। सोलहवीं शताब्दी तक समस्त यूरोप में सामन्ती व्यवस्था लागू होने से समस्त समाज त्राहि-त्राहि कर रहा था। रूढ़िवादियों का प्रबल जोर था। चर्च की अपनी राजनीतिक व्यवस्था अलग थी। इन सब दुष्प्रभावों से मानव-जीवन अभिशप्त हो गया था। मनुष्य एक विचारशील प्राणी होने के कारण सामन्तवाद तथा चर्च के बन्धनों से मुक्त होने के उपाय सोचने लगा। तुर्को की कुस्तुनतुनिया विजय ने दार्शनिकों एवं विचारकों को इटली में शरण लेने के लिए। बाध्य किया, जहाँ पर इन विद्वानों को भरपूर संरक्षण प्राप्त हुआ। इसी बौद्धिक वर्ग ने परलोकवाद तथा धर्मवाद के स्थान पर मानववाद का प्रचार किया, जिससे यूरोप में राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक जीवन में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन हुए। यही परिवर्तन यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय का कारण बने।

2. व्यापारिक पुनरुत्थान एवं भौगोलिक खोजें – नाविकों द्वारा नये-नये समुद्री मार्गों की खोज ने समस्त यूरोप में एक अप्रत्याशित क्रान्ति ला दी। इन मार्गों के खोज लेने से लोगों को एक-दूसरे के देश में जाने, वहाँ की सभ्यता एवं संस्कृति को समझने (UPBoardSolutions.com) के अवसर प्राप्त हुए। एक-दूसरे देश को आपस में व्यापार करने का अवसर प्राप्त हुआ। आर्थिक स्थिति में भी पर्याप्त सुधार हुआ। इस प्रकार नवीन भौगोलिक खोजों से यूरोपवासी अनेक उन्नत प्राचीन सभ्यताओं के सम्पर्क में आये, जिससे यूरोप में नवीन विचारों का उदय हुआ जो कि राष्ट्रवाद के उदय का एक प्रमुख कारण बना।

3. फ्रांस की क्रान्ति – सन् 1789 ई० में हुई फ्रांस की क्रान्ति विश्व की एक महानतम घटना है। इस क्रान्ति के समय फ्रांस की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दशा बड़ी दयनीय थी, जिस कारण देश में असन्तोष तथा अराजकता का वातावरण फैला हुआ था, जो शीघ्र ही क्रान्ति के रूप में फूट निकला। यह क्रान्ति एक ऐसी बाढ़ थी जो अपने साथ अनेक बुराइयों को बहाकर ले गयी। इस क्रान्ति ने यूरोप में राजनीतिक क्रान्ति के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक क्रान्ति को जन्म दिया। इस क्रान्ति ने पुरातन व्यवस्था का अन्त कर राष्ट्रीयता की भावना को विकसित किया। इसी से प्रेरित होकर जर्मनी, इटली एवं पोलैण्ड जैसे देशों में राष्ट्रवाद का विकास हुआ।

4. नेपोलियन के प्रशासनिक सुधार – हालाँकि नेपोलियन बाद में फ्रांस का तानाशाह बन गया था। लेकिन प्रारम्भ में उसने फ्रांस का नक्शा ही बदलकर रख दिया। उसने प्रशासनिक क्षेत्र में क्रान्तिकारी सिद्धान्तों का समावेश किया, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक तर्कसंगत एवं कुशल बन सके। सन् 1804 ई० की नागरिक संहिता; जिसे आमतौर पर नेपोलियन संहिता के नाम से जाना जाता था; ने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त कर दिये थे। उसने कानून के समक्ष समानता और सम्पत्ति के अधिकार को सुरक्षित बनाया। नेपोलियन ने सामन्ती व्यवस्था को समाप्त कर दिया, किसानों को भू-दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति दिलायी। नेपोलियन के समय में ही कारीगरों पर श्रेणी-संघों के नियन्त्रणों को हटा दिया गया, यातायात और संचार-व्यवस्थाओं को सुधारा गया। इससे किसानों, कारीगरों, (UPBoardSolutions.com) मजदूरों और नये उद्योगपतियों ने नयी आजादी का आनन्द उठाया। नेपोलियन के प्रशासनिक सुधारों के कारण एकीकरण की प्रक्रिया आरम्भ हुई। विदेशी शासन के विरुद्ध उसके राष्ट्रवादी एवं राष्ट्रव्यापी युद्धों का भी राष्ट्रवाद के उदय में विशेष योगदान है।

5. बौद्धिक क्रान्ति – अठारहवीं सदी की बौद्धिक क्रान्ति से भी राष्ट्रीयता की भावना को अत्यधिक बल मिला। इस काल में चिन्तन का केन्द्र मनुष्य था। मानववादी होने के कारण चिन्तनकर्ताओं ने मानव की गरिमा, उसके अधिकारों एवं आदर्शों को प्राथमिकता दी। बौद्धिक क्रान्ति की जागृति उत्पन्न करने वालों में रूसो, मॉण्टेस्क्यू तथा वाल्टेयर जैसे महान् दार्शनिक तथा दिदरो एवं क्वेसेन जैसे महान् लेखक थे। इनके विचारों का यूरोप की जनता पर भारी प्रभाव पड़ा जो कि राष्ट्रवाद के उदय का एक प्रमुख कारण था।

6. औद्योगिक क्रान्ति – उन्नीसवीं शताब्दी के आरम्भिक दशकों में औद्योगिक क्रान्ति के कारण पूँजीवाद का आधार तैयार हुआ। पूँजीवाद के विकास से यूरोपीय साम्राज्यवाद में बदलाव आया और अन्तत: राष्ट्रवादी प्रवृत्तियों का उद्भव हुआ।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
फ्रांसीसी क्रान्ति ने यूरोप में राष्ट्रवाद को किस प्रकार प्रभावित किया?
उत्तर
फ्रांसीसी क्रान्ति का यूरोप में राष्ट्रवाद पर प्रभाव

फ्रांस की क्रान्ति ने यूरोप में राजनीतिक क्रान्ति के साथ-साथ (UPBoardSolutions.com) सामाजिक एवं आर्थिक क्रान्ति को जन्म दिया। इस क्रान्ति ने प्राचीन व्यवस्था को समाप्त कर दिया और राष्ट्रीयता की भावना को विकसित किया। इसी से प्रेरित होकर जर्मनी, इटली और पोलैण्ड जैसे देशों में राष्ट्रवाद का विकास हुआ।

प्रश्न 2.
बौद्धिक क्रान्ति ने किस प्रकारे राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया?
उत्तर
बौद्धिक क्रान्ति से राष्ट्रवाद को बढ़ावा

18वीं सदी की बौद्धिक क्रान्ति से भी राष्ट्रवाद की भावना को अत्यधिक बल मिला। इस काल में चिन्तन का केन्द्र मनुष्य था। मानववादी होने के कारण चिन्तनकर्ताओं ने मानव की गरिमा, उसके अधिकारों एवं आदर्शों को प्राथमिकता दी।

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प्रश्न 3.
राष्ट्रवाद विश्व शान्ति के लिए किस प्रकार खतरा बन गया?
उत्तर
राष्ट्रवाद विश्व शान्ति के लिए खतरा

राष्ट्रवाद ने जर्मनी जैसे राष्ट्रों को अत्यधिक महत्त्वाकांक्षी बना दिया। यह महत्त्वाकांक्षा विश्व शान्ति के लिए। खतरा बनती चली गई। प्रत्येक राष्ट्र के लोग अपनी सभ्यता, संस्कृति, आचार-विचार को दूसरे राष्ट्र से अति श्रेष्ठ समझने लगे। विश्व के बड़े-बड़े राष्ट्र (UPBoardSolutions.com) छोटे-छोटे राज्यों पर हावी होने लगे। राष्ट्रवाद ने जर्मन, फ्रांस आदि देशों के अलावा बाल्कन व प्रायद्वीप के यूनान, सर्बिया आदि छोटे-छोटे देशों को भी प्रभावित किया। राष्ट्रवाद की इस लहर में दूसरे देशों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया। विश्व के प्रत्येक राष्ट्र ने सिर्फ अपनी सम्पन्नता और शक्ति के बारे में ही सोचना शुरू कर दिया। इससे औपनिवेशिक प्रतियोगिता शुरू हो गई और यह औपनिवेशिक प्रतियोगिता विश्व शान्ति के लिए एक खतरा बन गई।

प्रश्न 4
फ्रांस और प्रशा के मध्य युद्ध का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए। [2012]
उत्तर.
फ्रांस-प्रशा का युद्ध( 1870-71 ई०)-जर्मनी के एकीकरण का अन्तिम सोपान फ्रांस तथा प्रशा के मध्य युद्ध था। बिस्मार्क यह भली प्रकार समझ चुका था कि एक दिन प्रशो को फ्रांस के साथ अवश्य युद्ध करना पड़ेगा। इसीलिए उसने ऑस्ट्रिया के साथ उदारतापूर्ण व्यवहार किया था। फ्रांस की प्रतिनिधि सभा ने 19 जुलाई, 1870 ई० को प्रशा के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी।
युद्ध के परिणाम – इस युद्ध के निम्नलिखित परिणाम हुए

  1. इस युद्ध में फ्रांस की पराजय ने इटली के एकीकरण को पूर्ण कर दिया।
  2. इस युद्ध के परिणामस्वरूप नेपोलियन तृतीय के साम्राज्य का पतन हो गया और फ्रांस में तृतीय गणतन्त्र की स्थापना हुई।
  3. इस युद्ध का लाभ उठाकर रूस के जार ने काले सागर पर (UPBoardSolutions.com) अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया।
  4. प्रशा के नेतृत्व में जर्मनी का एकीकरण पूरा हो गया और जर्मन साम्राज्य का सम्राट कैसर विलियम प्रथम को बनाया गया।
  5. जर्मन साम्राज्य के लिए एक नवीन संविधान का निर्माण किया गया, जिसमें दो सदनों वाली व्यवस्थापिका सभा की व्यवस्था की गई। इसका पहला सदन बुन्देसराट और दूसरा सदन ‘राईखस्टैग कहलाता था।
  6. इस युद्ध ने यूरोप की दीर्घकालीन क्रान्ति को भंग कर दिया और इसी युद्ध के कारण भविष्य में अनेक युद्धों की भूमिका तैयार हो गई।

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प्रश्न 5.
यूरोपीयन राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं ? [2013]
उत्तर
राष्ट्रवाद एक सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक भावना है जो लोगों को एकता के सूत्र में बाँधती है। यह एक ऐसी सामूहिक भावना है जो एक भूभाग में रहने वाले विभिन्न लोगों को एक राजनीतिक संगठन का सदस्य बने रहने की प्रेरणा देती है और अपने देश से प्रेम करना भी सिखाती है।

फ्रांस में नेपोलियन के पश्चात् यूरोपीय राजनीतिज्ञों ने राष्ट्रवाद की उपेक्षा की, किन्तु इस भावना को वे पूर्णत: दबा नहीं सके। कालान्तर में राष्ट्रीयता के आधार पर ही यूरोप में इटली तथा जर्मनी जैसे राष्ट्रवादी राज्यों का विकास हुआ। नेपोलियन पहला व्यक्ति था जिसने इटली तथा जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया था।

इन दोनों देशों में एक ही राष्ट्रीयता के लोग राजनीतिक (UPBoardSolutions.com) सीमाओं द्वारा विभाजित थे। यूरोप में शुरू होने के कारण ही इसे यूरोपीयन राष्ट्रवाद कहते हैं।

अविलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जर्मनी के एकीकरण का नेतृत्व किसने किया ?
उत्तर
जर्मनी के एकीकरण का नेतृत्व ऑटोवान बिस्मार्क ने किया।

प्रश्न 2.
फ्रांसीसी क्रान्ति के प्रमुखतम सुधार कौन-कौन से थे ?
उतर
फ्रांसीसी क्रान्ति के मुख्य सुधार निम्नलिखित थे –

  1. यूरोपीय देशों में लोकतान्त्रिक सिद्धान्तों का प्रसार हुआ।
  2. इस क्रान्ति ने सदियों से चली (UPBoardSolutions.com) आ रही यूरोप की पुरातन सामन्ती व्यवस्था का अन्त कर दिया।

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प्रश्न 3.
बिस्मार्क कौन था? उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या थी? [2017]
उत्तर
बिस्मार्क एक महान कूटनीतिज्ञ था। उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि जर्मनी का एकीकरण थी।

प्रश्न 4.
इटली के एकीकरण में किसने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी ?
उत्तर
इटली के एकीकरण में ज्युसेपे मेत्सिनी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. एक राष्ट्र को दूसरे राष्ट्र से अलग करने वाले प्रतीक हैं

(क) सीमा
(ख) भाषा
(ग) संस्कृति एवं सम्प्रभुता
(घ) ये सभी

2. राष्ट्रवादी भावना के विकास में सहायक तत्त्व थे

(क) औद्योगिक क्रान्ति
(ख) पुनर्जागरण
(ग) फ्रांस की क्रान्ति
(घ) ये सभी

3. जर्मनी के एकीकरण के बाद वहाँ का सम्राट बना,

(क) विलियम प्रथम
(ख) विलियम द्वितीय
(ग) विलियम तृतीय
(घ) विलियम चतुर्थ

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4. गैरीबाल्डी सम्बन्धित था? (2015, 16)

(क) इटली के एकीकरण से (UPBoardSolutions.com)
(ख) जर्मनी के एकीकरण से
(ग) अमेरिका के स्वतन्त्रता संग्राम से
(घ) रूस की राज्य क्रान्ति से

उत्तरमाला

UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 7 यूरोप में राष्ट्रवाद का विकास 1

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UP Board Solutions for Class 6 History Chapter 7 मौर्य साम्राज्य

UP Board Solutions for Class 6 History Chapter 7 मौर्य साम्राज्य

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बूझो तो जानें – मेगस्थनीज ने अपनी भारत यात्रा विवरण में उन चीजों के बारे में जिक्र किया है। जो उसे आश्चर्यजनक लगी थीं। क्या तुम बता सकते हो कि उसने किनके बारे में लिखा होगा?

  1. इसकी जड़ें तनों से उगती हैं। इसकी छाया में 400 लोग एक साथ रह सकते हैं। बरगद
  2. बिना मधुमक्खी के शहद निकलता है। गन्ना
  3. ऊन पेड़ों से उगती है। कपास
  4. पक्षी जो मनुष्य जैसे बोलते हैं। – तोता

अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

(क) चन्द्रगुप्त मौर्य कौन था?
उत्तर :
चन्द्रगुप्त मौर्य मगध का सम्राट और मौर्य साम्राज्य का संस्थापक था।

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(ख) चाणक्य और मेगस्थनीज की पुस्तकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
चाणक्य की पुस्तक ‘अर्थशास्त्र’ और मेगस्थनीज की पुस्तक ‘इंडिका’ है।

(ग) कलिंग युद्ध किनके बीच लड़ा गया? युद्ध का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर :
कलिंग युद्ध अशोक और कलिंग के राजा के बीच लड़ा गया। इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए। इस युद्ध के बाद अशोक ने कभी युद्ध न करने का निश्चय किया।

(घ) अशोक ने बौद्ध धर्म क्यों अपनाया? इस धर्म के प्रसार के लिए उसने क्या किया?
उत्तर :
कलिंग युद्ध में हजारों सैनिक मारे गए तथा बहुत बड़ी संख्या में घायल हुए। इससे अशोक बहुत दुखी हुआ तथा उसने निश्चय कर लिया कि वह भविष्य में कभी युद्ध नहीं करेगी (UPBoardSolutions.com) और उसने बौद्ध धर्म अपना लिया तथा अहिंसा का पालन करने लगा।

(ङ) हमारा राष्ट्रीय चिहून क्या है?
उत्तर :
हमारा राष्ट्रीय चिह्न 4 सिंहों वाली आकृति है। जिसमें 3.सिं ही दिखाई देते हैं। एक सिंह पीछे की ओर होने के कारण दिखाई नहीं देता।

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(च) मौयों के प्रशासन का वर्णन करिए।
उत्तर :
मौर्य प्रशासन – मेगस्थनीज की ‘इंडिका’ और कौटिल्य के अर्थशास्त्र’ से मौर्य प्रशासन तन्त्र की जानकारी मिलती है। चन्द्रगुप्त मौर्य के हाथ में शासन के सारे अधिकार थे। उसकी सहायता के लिए एक परिषद थी, जिसमें बुद्धिमान सदस्य राजा को सलाह देते थे।

प्रशासन के लिए साम्राज्य तीन स्तरों में बँटा था – केन्द्र, प्रांत, जनपद (शहर और गाँव)। इस । समय नौकरशाही व्यवस्था थी। वेतन नकद राज्यकोष से दिया जाता था। राजा दौरा करके प्रांतों से लेकर गाँवों तक की खबर रखता था। गुप्तचर पूरे साम्राज्य की सूचना राजा को देते थे। बाहरी आक्रमण और आन्तरिक विद्रोह को दबाने के लिए पैदल, हाथी और घोड़ों से निर्मित थल सेना थी। कृषि कर, सिंचाई कर, व्यापार कर (UPBoardSolutions.com) आय के मुख्य स्रोत थे। राज्य के जंगलों और खानों पर राज्य का स्वामित्व था। राज्य, सेना के लिए हथियारों का निर्माण करते थे। लगभग 2500 वर्ष पूर्व का यह मौर्यकालीन प्रशासनिक ढाँचा आज भी हमारे देश के ढाँचे से मिलता है।

प्रश्न 2.
सही और गलत बताइए (बताकर) –

(क) अशोक ने अपने साम्राज्य विस्तार के लिए कई युद्ध किए। (सही)
(ख) चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेल्युकस को हराया। (सही)
(ग) अशोक का उत्तराधिकारी उसको पुत्र बिन्दुसार था। (गलत)
(घ) चन्द्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य को अपना मुख्यमंत्री नियुक्त किया। (सही)

प्रश्न 3.
सही जोड़े बनाइए (बनाकर) –
UP Board Solutions for Class 6 History Chapter 7 मौर्य साम्राज्य 1

पता कीजिए और लिखिए –

प्रश्न 1.
अशोक की लाट पर बने चार सिंहों का प्रयोग कहाँ-कहाँ किया गया है?
उत्तर :
अशोक की लाट पर बने चार सिंहों को भारत ने राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया है और इसका प्रयोग भारतीय मुद्राओं एवं केंद्र सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों एवं (UPBoardSolutions.com) सैनिकों की वर्दी पर किया जाता है।

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प्रश्न 2.
नीचे दिए गए क्रियाकलापों में से किसे आप सही एवं किसे गलत मानते हैं। अपना उत्तर (✓) एवं (✗) का निशान लगाकर स्पष्ट करें –
UP Board Solutions for Class 6 History Chapter 7 मौर्य साम्राज्य 2

प्रश्न 3.
अपने दोस्तों से अपने उत्तर का मिलान करें। कौन सा क्रियाकलाप क्यों सही है एवं क्यों गलत है। इसके कारणों पर चर्चा करें।

प्रोजेक्ट वर्क –
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

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UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry

UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry (निर्देशांक ज्यामिति)

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प्रश्नावली 3.1

प्रश्न 1.
एक अन्य व्यक्ति को आप अपने अध्ययन मेज पर रखे टेबल-लैम्प की स्थिति किस तरह बताएँगे?
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry img-1
हल :
मान लिया कि मेज का तल एक समतल है और उस पर रखा हुआ टेबल-लैम्प समतल में स्थित एक बिन्दु है। मेज की एक कोर के साथ इस प्रकार खड़े हुए कि इस कोर के साथ (UPBoardSolutions.com) लगी दूसरी कोर बाएँ हाथ की ओर रहे।
यदि दूसरी कोर से लैम्प की दूरी x यूनिट हो और पहली कोर से लैम्प की दूरी y यूनिट हो तो लैम्प की स्थिति = (x, y)

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प्रश्न 2.
(सड़क योजना) : एक नगर में दो मुख्य सड़कें हैं, जो नगर के केन्द्र पर मिलती हैं। ये दो सड़कें उत्तर-दक्षिण की दिशा और पूर्व-पश्चिम की दिशा में हैं। नगर की अन्य सभी सड़कें इन मुख्य सड़कों के समान्तर परस्पर 200 मीटर की दूरी पर हैं। प्रत्येक दिशा में पाँच सड़कें हैं। एक सेन्टीमीटर = 200 मीटर का पैमाना लेकर अपनी नोट-बुक में नगर को एक मॉडल बनाइए। सड़कों को एकल रेखाओं से निरूपित कीजिए।
आपके मॉडल में एक-दूसरे को काटती हुई अनेक क्रॉस-स्ट्रीट (चौराहे) हो सकती हैं। एक विशेष क्रॉस स्ट्रीट दो सड़कों से बनी है जिनमें से एक उत्तर-दक्षिण दिशा में जाती है और दूसरी पूर्व-पश्चिम दिशा में। प्रत्येक क्रॉस स्ट्रीट का निर्देशन इस प्रकार किया जाता है :
यदि दूसरी सड़क उत्तर-दक्षिण दिशा में जाती है और पाँचवीं सड़क पूर्व-पश्चिम दिशा में जाती है और ये एक क्रॉसिंग पर मिलती हैं, तब इसे क्रॉस स्ट्रीट (2, 5) कहेंगे। इसी परम्परा से यह ज्ञात कीजिए कि
(i) कितनी क्रॉस-स्ट्रीटों को (4, 3) माना जा सकता है।
(ii) कितनी क्रॉस-स्ट्रीटों को (3, 4) माना जा सकता है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry img-2

प्रश्नावली 3.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर दीजिए।
(i) कार्तीय तल में किसी बिन्दु की स्थिति निर्धारित करने वाली क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाओं के क्या नाम हैं?
(ii) इन दो रेखाओं से बने तल के प्रत्येक भाग के नाम बताइए।
(iii) उस बिन्दु का नाम बताइए जहाँ ये दोनों रेखाएँ प्रतिच्छेदित होती हैं।
हल :
(i) कार्तीय तल में किसी बिन्दु की स्थिति निर्धारित करने वाली क्षैतिज रेखा का नाम -अक्ष है और ऊर्ध्वाधर रेखा का नाम -अक्ष है।
(ii) ये दोनों रेखाएँ x-अक्ष और y-अक्ष तल को चार भागों में विभक्त क़रती हैं। प्रत्येक भाग,को एक चतुर्थांश (Quadrant) कहते हैं।
(iii) x-अक्ष और y-अक्ष जिस बिन्दु पर एक-दूसरे को काटते हैं, उस बिन्दु को मूलबिन्दु (Origin) कहते हैं।

प्रश्न 2.
दी गई आकृति देखकर निम्नलिखित को लिखिए :
(i) B के निर्देशांक
(ii) C के निर्देशांक
(iii) निर्देशांक (-3, -5) द्वारा पहचाना गया बिन्दु
(iv) निर्देशांक (2 -4) द्वारा पहचाना गया बिन्दु
(v) D का भुज
(vi) बिन्दु H की कोटि
(vii) बिन्दु L के निर्देशांक
(viii) बिन्दु Mके निर्देशांक।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry img-3
हल :
(i) बिन्दु B का भुज = – 6 और कोटि = 2 (बिन्दु B द्वितीय चतुर्थांश में स्थित है।)
बिन्दु B के निर्देशांक = (-5, 2)
(ii) बिन्दु C का भुज = 5 और = – 5 (बिन्दु C चतुर्थ चतुर्थांश में स्थित है।)
बिन्दु C के निर्देशांक = (5, -5)
(iii) बिन्दु (-3, -5) के दोनों निर्देशांक ऋणात्मक हैं।
यह बिन्दु तृतीय चतुर्थांश में स्थित होगा।
निर्देशांक (-3, -5) द्वारा पहचाना गया बिन्दु = E
(iv) बिन्दु (2, -4) का भुज धनात्मक तथा कोटि ऋणात्मक है।
यह बिन्दु चतुर्थ चतुर्थाश में स्थित होगा।
निर्देशांक (2, -4) द्वारा पहचाना गया बिन्दु = G
(v) बिन्दु D प्रथम चतुर्थांश में स्थित है।
इसका भुज धनात्मक होगा।
बिन्दु D की भुज = 6
(vi) बिन्दु H तृतीय चतुर्थांश में स्थित है।
बिन्दु H की कोटि ऋणात्मक होगी।
बिन्दु H की कोटि = -3
(vii) बिन्दु L के निर्देशांक = (भुज, कोटि) = (0, 5) (बिन्दु L धनात्मक y-अक्ष पर स्थित है।)
(viii) बिन्दु M के निर्देशांक (-3, 0) (बिन्दु M ऋणात्मक x-अक्ष पर स्थित है।)

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प्रश्नावली 3.3

प्रश्न 1.
किस चतुर्थांश में या किस अक्ष पर बिन्दु (-2, 4), (3, -1), (-1, 0), (1, 2) और (-3, -5) स्थित हैं? कार्तीय तल पर इनका स्थान निर्धारण करके अपने उत्तर सत्यापित कीजिए।
हल :
बिन्दु (-2, 4) का भुज (-) और कोटि (+) है। अत: यह द्वितीय चतुर्थांश में स्थित है।
बिन्दु (3, -1) का भुज (+) और कोटि (-) है। अत: यह चतुर्थ चतुर्थांश में स्थित है।
बिन्दु (-1, 0) की कोटि शून्य तथा भुज ऋणात्मक है। अत: यह ऋणात्मक x-अक्ष पर स्थित है।
बिन्दु (1, 2) का भुज (+) और कोटि (+) है। अतः यह प्रथम चतुर्थांश में स्थित है।
बिन्दु (- 3, -5) के भुज और कोटि दोनों ऋणात्मक हैं। अत: यह तृतीय चतुर्थांश में स्थित है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry img-4

प्रश्न 2.
अक्षों पर दूरी का उपयुक्त एकक लेकर नीचे सारणी में दिए गए बिन्दुओं को तल पर आलेखित कीजिए।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry img-5
हल :
बिन्दुओं का आलेखन चित्र में प्रदर्शित किया गया है।
UP Board Solutions for Class 9 Maths Chapter 3 Coordinate Geometry img-6

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UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त: चन्द्रशेखरः (संस्कृत-खण्ड)

UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त: चन्द्रशेखरः (संस्कृत-खण्ड)

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अवतरणों का सन्दर्भ हिन्दी अनुवाद

(प्रथमं दृश्यम्)

प्रश्न 1.
(स्थानम्-वाराणसी न्यायालयः। न्यायाधीशस्य पीठे एकः दुर्धर्षः पारसीकः तिष्ठति। आरक्षकाः चन्द्रशेखरं तस्य सम्मुखम् आनयन्ति। अभियोगः प्रारभते। चन्द्रशेखरः पुष्टाङ्गः गौरवर्णः षोडशवर्षीयः किशोरः।)
आरक्षकः- श्रीमान् ! अयम् अस्ति चन्द्रशेखरः। अयं राजद्रोही। गतदिने अनेनैव असहयोगिनां सभायां एकस्य आरेक्षकस्य दुर्जयसिंहस्य मस्तके प्रस्तरखण्डेन प्रहारः कृतः। येन दुर्जयसिंहः आहतः।।
न्यायाधीशः-(तं बालकं विस्मयेन विलोकयन्) रे बालक ! तव किं नाम ?
चन्द्रशेखरः-आजादः (स्थिरीभूय)।
न्यायाधीशः–तव पितुः किं नाम ?
चन्द्रशेखरः–स्वतन्त्रः।।
न्यायाधीशः-त्वं कुत्र निवसति ? तव गृहं कुत्रास्ति ?
चन्द्रशेखरः-कारागार एव मम गृहम् ।।
न्यायाधीशः-(स्वगतम्) कीदृशः प्रमत्तः स्वतन्त्रतायै अयम् ? (प्रकाशम्) अतीवधृष्ट: उद्दण्डश्चायं नवयुवकः। अहम् इमं पञ्चदश कशाघातान् दण्डयामि।
चन्द्रशेखरः-नास्ति चिन्ता। [2008, 17]
उत्तर
[ पीठेः = आसन पर। दुर्धर्षः = दुर्दमनीय। पारसीकः = पारसी। आरक्षकाः = सिपाही। आनयन्ति = ले आते हैं। अभियोगः = मुकदमा। पुष्टाङ्गः = हृष्ट-पुष्ट शरीर वाला। षोडशवर्षीयः = सोलह वर्ष का। प्रस्तरखण्डेन = पत्थर के टुकड़े से। (UPBoardSolutions.com) आहतः = घायल हो गया। स्थिरीभूय = दृढ़ होकर। प्रमत्तः = पागल। कशाघातान् = कोड़ों से।] |

सन्दर्भ-प्रस्तुत नाट्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी’ के ‘संस्कृत-खण्ड’ के ‘देशभक्तः चन्द्रशेखरः’ पाठ से उद्धृत है।

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प्रसंग-इसमें चन्द्रशेखर आजाद की वीरता, साहस और देशभक्ति का वर्णन किया गया है।

अनुवाद-(स्थान-वाराणसी न्यायालय। न्यायाधीश के आसन पर एक दुर्दमनीय पारसी बैठा हुआ है। सिपाही चन्द्रशेखर को उसके सामने लाते हैं। मुकदमा आरम्भ होता है। चन्द्रशेखर पुष्ट अंगों वाला, गोरे रंग का, सोलह वर्षीय एक किशोर है।)

सिपाही-श्रीमान् जी! यह चन्द्रशेखर है। यह राजद्रोही है। पिछले (UPBoardSolutions.com) दिन इसने ही असहयोग आन्दोलनकारियों की सभा में एक सिपाही दुर्जनसिंह के मस्तक पर पत्थर के टुकड़े से प्रहार किया था। उससे दुर्जनसिंह घायल हो गया था।

न्यायाधीश-(उस बालक को आश्चर्य से देखते हुए) अरे बालक! तुम्हारा क्या नाम है ?
चन्द्रशेखर--‘आजाद’ (दृढ़ता से)।
न्यायाधीश–तुम्हारे पिता का नाम क्या है ?
चन्द्रशेखर-‘स्वतन्त्र’।
न्यायाधीश-तुम कहाँ रहते हो ? तुम्हारा घर कहाँ है ?
चन्द्रशेखर-जेल ही मेरा घर है।
न्यायाधीश-(मन में) यह स्वतन्त्रता के लिए कैसा पागल है ? (प्रकट रूप में) यह नवयुवक अत्यन्त ढीठ और उद्दण्ड है। मैं इसे 15 कोड़े मारे जाने का दण्ड देता हूँ। चन्द्रशेखर-चिन्ता नहीं है।

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(द्वितीयं दृश्यम्)

प्रश्न 2.
(ततः दृष्टिगोचरौ भवतः–कौपीनमात्रावशेषः, फलकेन दृढं बद्धः चन्द्रशेखरः, कशाहस्तेन चाण्डालेन, अनुगम्यमानः कारावासाधिकारी गण्डासिंहश्च।)
गण्डासिंहः-(चाण्डाले प्रति) दुर्मुख ! मम आदेशसमकालमेव कशाघातः (UPBoardSolutions.com) कर्तव्यः। (चन्द्रशेखरं प्रति) रे दुर्विनीत युवक ! लभस्व इदानीं स्वाविनयस्य फलम्। कुरु राजद्रोहम्। दुर्मुख ! कशाघातः एकः (दुर्मुखः चन्द्रशेखरं कशया ताडयति।)
चन्द्रशेखरः-जयतु भारतम्।।
गण्डासिंहः-दुर्मुख ! द्वितीयः कशाघातः। (दुर्मुखः पुनः ताडयति)।
ताडित: चन्द्रशेखरः पुनः-पुनः “भारतं जयतु” इति वदति।
(एवं स पञ्चदशकशाघातैः ताडितः।)
उत्तर
[ दृष्टिगोचरौ भवतः = दिखाई देते हैं। कौपीनमीत्रावशेषः = लँगोटीमात्र पहने हुए। फलकेन दृढं बद्धः = हथकड़ी में कसकर बाँधा गया। कशाहस्तेन = हाथ में कोड़ा लिये हुए। कारावासाधिकारी = जेलर। आदेश-समकालमेव = आदेश पाते ही। कशाघीतः कर्त्तव्यः = कोड़े मारना। स्वाविनयस्य ( स्व + अविनयस्य) = अपनी धृष्टता का।]

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सन्दर्भ-प्रसंग-पूर्ववत्।
अनुवाद-(इसके पश्चात् लँगोटीमात्र पहने हुए, हथकड़ी से मजबूत बँधा हुआ चन्द्रशेखर और हाथ में कोड़ा लिये चाण्डाल से अनुगमित जेल अधिकारी गण्डासिंह दिखाई पड़ते हैं।)
गण्डासिंह-(जल्लाद से) दुर्मुख! मेरा आदेश पाते ही कोड़े लगाना। (चन्द्रशेखर से) अरे अविनयी युवक! अब तू अपनी अविनय का फल प्राप्त कर। राजद्रोह कर! दुर्मुख! एक कोड़े का प्रहार करो। (दुर्मुख चन्द्रशेखर को कोड़े से पीटता है।) ।
चन्द्रशेखर–भारतमाता की जय हो।
गण्डासिंह-दुर्मुख! कोड़े का दूसरा प्रहार (करो)। (दुर्मुख पुनः कोड़ा मारता है।) (UPBoardSolutions.com) पीटा गया चन्द्रशेखर बार-बार ‘भारतमाता की जय हो’ कहता है। (इस प्रकार वह पन्द्रह कोड़ों से पीटा जाता है।)

प्रश्न 3.
यदा चन्द्रशेखरः कारागारात् मुक्त: बहिः आगच्छति, तदैव सर्वे जनाः तं परित: वेष्टयन्ति, बहवः बालकाः तस्य पादयोः पतन्ति, तं मालाभिः अभिनन्दयन्ति च।
चन्द्रशेखरः–किमिदं क्रियते भवद्भिः ? वयं सर्वे भारतमातुः अनन्यभक्ताः तस्याः शत्रूणां कृते मदीया इमे रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गाः भविष्यन्ति।।
(जयतु भारतम्’ इति उच्चैः कथयन्तः सर्वे गच्छन्ति।)
उत्तर
[मुक्तः = छूटा हुआ। परितः वेष्टयन्ति = चारों ओर से घेर लेते हैं। (UPBoardSolutions.com) अभिनन्दयन्ति = अभिनन्दन करते हैं। मदीयाः = मेरी। अग्नि स्फुलिंगाः = अग्नि की चिंगारियाँ]

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सन्दर्भ-प्रसंग-पूर्ववत्।
अनुवाद-जब चन्द्रशेखर जेल से छूटकर बाहर आता है, तब सभी लोग उसे चारों ओर से घेर लेते हैं। बहुत-से बालक उसके पैरों में गिरते हैं और उसकी मालाओं से सम्मान करते हैं।
चन्द्रशेखर–आप लोग यह क्या कर रहे हैं ? हम सब भारतमाता के अनन्य भक्त हैं। उसके शत्रुओं के लिए हमारी ये खून की बूंदें अग्नि की चिंगारियाँ होंगी।
(‘भारतमाता की जय हो’ इस प्रकार जोर से कहते हुए सभी चले जाते हैं।)

अतिलघु-उत्तरीय संस्कृत प्रश्नोतर

प्रश्न 1
न्यायाधीशस्य पीठे (आसने) कः अतिष्ठत् ?
उत्तर
न्यायाधीशस्य पीठे (आसने) एकः पारसीकः अतिष्ठत्।।

प्रश्न 2
चन्द्रशेखरः कः आसीत् ? [2010, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17]
उतर
चन्द्रशेखरः प्रसिद्धः क्रान्तिकारी (UPBoardSolutions.com) देशभक्तश्चासीत्।।

प्रश्न 3
चन्द्रशेखरः कथं बन्दीकृतः ?
उत्तर
चन्द्रशेखरः आङ्ग्लशासकै: राजद्रोही घोषितः; अत: बन्दीकृतः।

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प्रश्न 4
चन्द्रशेखरस्य कः अपराधः आसीत् ?
उत्तर
चन्द्रशेखरः एकस्य आरक्षकस्य मस्तके पाषाणखण्डेन प्राहरत्।

प्रश्न 5
चन्द्रशेखरः स्वनाम किम् अकथयत् ?
उत्तर
चन्द्रशेखरः स्वनाम ‘आजाद’ इति अकथ्यत्।

प्रश्न 6
चन्द्रशेखरः स्वगृहं किम् अवदत् ? [2016]
या
चन्द्रशेखरः स्वगृहं कुत्र किम् अवदत् ?
उत्तर
चन्द्रशेखर: स्वगृहं कारागारम् अवदत्।

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प्रश्न 7
न्यायाधीशः चन्द्रशेखरं कथम्/किम् अदण्डयत् ? [2014]
उत्तर
न्यायाधीश: चन्द्रशेखरं पञ्चदश (UPBoardSolutions.com) कशाघातान् अदण्डयत्।

प्रश्न 8
कशया ताडिते चन्द्रशेखरः किम् अकथयत् ?
या
कशया ताडितः चन्द्रशेखरः पुनः पुनः किम् अवदत् ? [2010, 17]
उत्तर
कशया ताडितः चन्द्रशेखरः पुनः पुनः ‘जयतु भारतम् इति’ अकथयत्।

प्रश्न 9
यदा चन्द्रशेखरः कारागारात् बहिः आगच्छति तदा बालकाः किं कुर्वन्ति ?
उत्तर
यदा चन्द्रशेखरः कारागारात् बहिः आगच्छति तदा बालकाः तस्य पादयोः पतन्ति, तं मालाभिः । अभिनन्दयन्ति च।।

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प्रश्न 10
“शत्रूणां कृते मदीयाः इमे रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गः भविष्यन्ति’, इदं कस्य कथनम् अस्ति ?
उत्तर
इदं चन्द्रशेखरस्य कथनम् अस्ति।।

प्रश्न 11
‘कारागार एवं मम गृहं इदं कथनम् कस्य के प्रति अस्ति ?
उत्तर
इदं चन्द्रशेखरस्य कथनं (UPBoardSolutions.com) न्यायाधीशं प्रति अस्ति।

प्रश्न 12
चन्द्रशेखरः स्व पितुः नाम किम् अळ्थत् ?’
उत्तर
चन्द्रशेखरः स्व पितुः नाम ‘स्वतन्त्र’ इति अकथयत्।

प्रश्न 13
‘कारागार एव मम गृहम्’ इति कः अवदत् ?
उत्तर
‘कारागार एवं मम गृहम्’ इति चन्द्रशेखरः अवदत्।

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प्रश्न 14
‘स्वतन्त्रः कस्य पितुः नाम ?
उत्तर
‘स्वतन्त्रः चन्द्रशेखरस्य पितुः नाम आसीत्।

प्रश्न 15
चन्द्रशेखरस्य रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गाः केषां कृते भविष्यन्ति ?
उत्तर
चन्द्रशेखरस्य रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गाः (UPBoardSolutions.com) शत्रूणां कृते भविष्यन्ति।

प्रश्न 16
दुर्मुखः कः आसीत् ? [2011, 13, 15]
उत्तर
दुर्मुखः चाण्डालः आसीत्।

प्रश्न 17
‘जयतु भारतम्’ इति कथनम् कस्य के प्रति च अस्ति ?
उत्तर
‘जयतु भारतम्’ इति कथनम् चन्द्रशेखरस्य गण्डासिंहं प्रति च अस्ति।

प्रश्न 18
आरक्षकस्य किं नाम आसीत् ?
उत्तर
आरक्षकस्य नाम दुर्जयसिंहः आसीत्।

प्रश्न 19
न्यायाधीशः कः आसीत् ? [2014]
उत्तर
न्यायाधीशः एकः दुर्धर्षः पारसीकः आसीत्।

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प्रश्न 20
प्रतिकशाघात पश्चात् चन्द्रशेखरः किम् अकथयत् ? [2011, 17]
उत्तर
प्रतिकशाघात् पश्चात् चन्द्रशेखरः (UPBoardSolutions.com) ‘जयतु भारतम्’ इति अकथयत्।

प्रश्न 21
केन कारणेन चन्द्रशेखरः न्यायालये आनीतः ? [2010]
उत्तर
आरक्षकस्य दुर्जयसिंहस्य मस्तके प्रस्तरखण्डेन प्रहारेण कारणेन चन्द्रशेखरः न्यायालये आनीतः।

प्रश्न 22
राष्ट्रभक्तः कः अस्ति ? [2011]
उत्तर
राष्ट्रभक्त: चन्द्रशेखरः अस्ति।

अनुवादात्मक

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए-
उत्तर
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त: चन्द्रशेखरः (संस्कृत-खण्ड) img-3

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व्याकरणत्मक

प्रश्न 1
‘युष्मद् के पञ्चमी में और ‘अस्मद् के सप्तमी विभक्ति में रूप लिखिए।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त चन्द्रशेखर (संस्कृत-खण्ड) img-1

प्रश्न 2
निम्नलिखित धातु रूपों के लकार, वचन तथा पुरुष बताइए-
आनयन्ति, अस्ति, निवससि, दण्डयामि, ताडयति, वदति, वेष्टयन्ति, आगच्छति, अभिनन्दयन्ति, भविष्यन्ति, तिष्ठति, लभस्व।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त: चन्द्रशेखरः (संस्कृत-खण्ड) img-4

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प्रश्न 3
निम्नलिखित शब्दों के सन्धि-विच्छेद कीजिए-
तदेव, नास्ति, स्वाविनयस्य।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त चन्द्रशेखर (संस्कृत-खण्ड) img-2

प्रश्न 4
निम्नलिखित शब्दों के वचन एवं विभक्ति बताइए-
भालाभिः, सर्वे, तस्याः।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त: चन्द्रशेखरः (संस्कृत-खण्ड) img-5

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प्रश्न 5
निम्नलिखित शब्दों के सविग्रह समास का नाम लिखिए-
कशाघातः, रक्तबिन्दवः।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्त: चन्द्रशेखरः (संस्कृत-खण्ड) img-6

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UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom

UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom (परमाणु की संरचना)

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पाठ्य – पुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 53)

प्रश्न 1.
केनाल किरणें क्या हैं ?
उत्तर-
केनाल किरणें- जब विसर्जन नलिका में बहुत कम दाब पर छिद्र युक्त कैथोड लेकर विद्युत विसर्जन किया जाता है तो छिद्र युक्त कैथोड से एक प्रकार की किरणें निकलती हैं जिनकी (UPBoardSolutions.com) दिशा कैथोड किरणों के विपरीत होती है। ये किरणें धनावेशित कणों से मिलकर बनी होती हैं। जिन्हें प्रोटॉन कहा गया। इनका द्रव्यमान हाइड्रोजन के एक परमाणु के द्रव्यमान के बराबर पाया गया।

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प्रश्न 2.
यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन है तो उसमें कोई आवेश होगा या नहीं ?
उत्तर-
यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन तथा एक प्रोटॉन होगा, तो उस पर कोई आवेश नहीं होगा क्योंकि इलेक्ट्रॉन पर उपस्थित ऋण आवेश प्रोटॉन पर उपस्थित धन आवेश को उदासीन कर देगा।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 56)

प्रश्न 1.
परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टामसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
टॉमसन के परमाणे मॉडल के अनुसार परमाणु धन आवेशित गोले का बना होता है और इलेक्ट्रॉन उसमें फँसे होते हैं। क्योंकि धनात्मक आवेश तथा इलेक्ट्रॉन पर उपस्थित ऋणात्मक आवेश परिमाण में समान होते हैं।
अतः परमाणु उदासीन होता है।

प्रश्न 2.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में कौन-सा अवपरमाणुक कण विद्यमान है?
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार, परमाणु के नाभिक में धनावेशित कण प्रोटॉन विद्यमान है।

प्रश्न 3.
तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाण मॉडल का चित्र बनाइये।।
उत्तर-
तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु का मॉडल चित्र निम्न प्रकार से है। तीन कक्षाएँ क्रमशः K, L तथा M द्वारा दिखाई गई हैं
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 1

प्रश्न 4.
क्या अल्फा किरणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से संभव होगा?
उत्तर-
अल्फा किरणों के प्रकीर्णन प्रयोग में सोने की पन्नी को इसलिए चुना गया क्योंकि सोने की परत बहुत पतली अवस्था में प्राप्त हो सकती है अर्थात् 1000 परमाणुओं की मोटाई (UPBoardSolutions.com) के बराबर। यदि दूसरी भारी धातु लें तो हम इतनी पतली परत वाली पन्नी प्राप्त नहीं कर सकते अतः अल्फा किरणों का प्रकीर्णन तो इससे भी संभव होगा परन्तु परिणाम इतने स्पष्ट नहीं होंगे जितने सोने की पन्नी से प्राप्त होंगे।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 56)

प्रश्न 1.
परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखिए।
उत्तर-
परमाणु के तीन प्रमुख कण हैं-इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, और न्यूट्रॉन।

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प्रश्न 2.
होलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u है तथा उसके नाभिक में दो प्रोटॉन होते हैं। इसमें कितने न्यूट्रान होंगे?
उत्तर-
न्यूट्रॉनों की संख्या = परमाणु द्रव्यमान – प्रोटॉन की संख्या = 4 – 2 = 2

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 57)

प्रश्न 1.
कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन-वितरण लिखिए।
उत्तर-
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 2

प्रश्न 2.
अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है, तो उस परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या होगी ?
उत्तर-
K (पहला कक्ष)
इसमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2
L (दूसरा कक्ष)
इसमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 8
अतः परमाणु में कुल इलेक्ट्रॉन = 2 + 8 = 10.

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 58)

प्रश्न 1.
क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से आप इनकी संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर-
(i) क्लोरीन परमाणु संख्या = 17
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 7
क्लोरीन के बाह्यतम कोश को पूर्ण करने के लिए केवल 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। इसलिए इसकी संयोजकता 1 है।
(ii) सल्फर परमाणु क्रमांक = 16
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 6
क्योंकि इसके बाह्यतम कोश में 6 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं।
अत: इसे पूर्ण रूप से भरने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। अतः इसकी संयोजकता 2 है।
(iii) मैग्नीशियम परमाणु क्रमांक = 12
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 2
क्योंकि इसके बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन हैं
अतः इसकी संयोजकता 2 होगी।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 59)

प्रश्न 1.
यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब,
(a) परमाणु की परमाणुक संख्या क्या है ?
(b) परमाणु का क्या आवेश है ?
उत्तर-
(a) परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या = 8
(b) प्रोटॉनों की संख्या = 8
धनात्मक आवेश = 8
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 8
ऋणात्मक आवेश = 8
कुल आवेश = + 8 (- 8) = 0

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प्रश्न 2.
पाठ्य-पुस्तक की सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर परमाणुओं की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
(i) ऑक्सीजन की द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या = 8 + 8 = 16 u
(ii) सल्फर की परमाणु द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या = 16 + 16 = 32 u

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 60)

प्रश्न 1.
चिन्ह H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए।
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प्रश्न 2.
समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।
उत्तर-
कार्बन के समस्थानिक हैं
[latex]_{ 6 }^{ 12 }{ C }[/latex] और [latex]_{ 6 }^{ 14 }{ C }[/latex]
[latex]_{ 6 }^{ 12 }{ C }[/latex] (कार्बन-12)
प्रोटॉनों की संख्या = 8
इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
न्यूट्रॉन की संख्या = 12 – 6 = 6
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4
[latex]_{ 6 }^{ 14 }{ C }[/latex] (कार्बन-14)
इलेक्ट्रॉन की संख्या = 6
न्यूट्रॉन की संख्या = 14 – 6 = 8
प्रोटॉन की संख्या = 6
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4
समभारिक
[latex]_{ 18 }^{ 40 }{ Ar }[/latex] आर [latex]_{ 20 }^{ 40 }{ Ca }[/latex]
[latex]_{ 18 }^{ 40 }{ Ar }[/latex] (ऑर्गन)
इलेक्ट्रॉन की संख्या = 18
प्रोटॉन की संख्या = 18
न्यूट्रॉन की संख्या = 40 – 18 = 22
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 8, 4
[latex]_{ 20 }^{ 40 }{ Ca }[/latex] (कैल्सियम)
इलेक्ट्रॉन की संख्या = 20
प्रोटॉन की संख्या = 20
न्यूट्रॉन की संख्या = 40 – 20 = 20
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 8, 2

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अभ्यास के प्रश्न (पृष्ठ संख्या 61 – 63)

प्रश्न 1.
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन व न्यूटॉन के गुणों की तुलना-
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 4

प्रश्न 2.
जे. जे. टामसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं ?
उत्तर-
जे.जे. टामसन ने परमाणु को एक गोले के रूप में प्रतिपादित किया, जिसमें प्रोटॉनों की उपस्थिति के कारण धनात्मक आवेश होता है और इलेक्ट्रॉन इसके अन्दर धंसे होते हैं। टॉमसन के पास इसे प्रायोगिक रूप में सिद्ध करने का कोई प्रमाण नहीं था और इस मॉडल द्वारा दूसरे वैज्ञानिकों द्वारा किये गये प्रयोगों के परिणामों को भी नहीं समझाया जा सकता है।

प्रश्न 3.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं ?
उत्तर –
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की कमियाँ-रदरफोर्ड (UPBoardSolutions.com) ने प्रस्तावित किया कि इलेक्ट्रॉन धनावेशित नाभिक के चारों ओर घूमते हैं (या चक्कर लगाते हैं)।
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 5
चित्र- चक्कर लगाता इलेक्ट्रॉन नाभिक में प्रवेश करता हुआ
अतः नाभिक व घूमने वाले इलेक्ट्रॉनों के मध्य आकर्षण बल इलेक्ट्रॉनों के अपकेन्द्रिय बल से संतुलित हो जाता है। परन्तु जब आवेशित वस्तु वृत्ताकार पथ पर घूमती है तो वह विकिरण उत्सर्जित करती है, जिससे ऊर्जा में हानि होती है। इसके फलस्वरूप इलेक्ट्रॉनों को नाभिक में गिर जाना चाहिए। (UPBoardSolutions.com) अगर ऐसा होता तो परमाणु अस्थिर हो जायेगा। परन्तु परमाणु स्थायी है। इन सब तथ्यों की रदरफोर्ड व्याख्या न कर सका और परमाणु की स्थिरता के कारण की व्याख्या भी नहीं कर सका।

प्रश्न 4.
बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
बोर का परमाणु मॉडल- रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की त्रुटियों का निवारण करके बोर ने परमाणु का नया मॉडल प्रस्तावित किया। उसकी मुख्य धाराएँ निम्नलिखित हैं|

  1. इलेक्ट्रॉन परमाणु के नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं जिन्हें कक्ष कहते हैं।
  2. एक इलेक्ट्रॉन जब किसी कक्ष में चक्कर लगाता है तो उसमें निश्चित ऊर्जा होती है और ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।
  3. प्रत्येक कक्ष की अपनी निश्चित ऊर्जा होती है। इसीलिए उन्हें ऊर्जा स्तर कहा जाता है।
    UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 6
  4. इन ऊर्जा स्तरों को K, L, M, N… द्वारा या 1, 2, 3, 4 … द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

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प्रश्न 5.
इस अध्याय में दिए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
इस अध्याय में टॉमसन, रदरफोर्ड व बोर के परमाणु मॉडल दिये गये हैं। इनकी तुलना निम्न प्रकार से कर सकते हैं-
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प्रश्न 6.
पहले अठारह तत्त्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के नियमों को लिखिए।
उत्तर-
प्रथम 18 तत्त्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखने के लिए प्रयोग किए गए नियम निम्न प्रकार से हैं

  1. किसी भी कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉन की संख्या एक सूत्र 2n² द्वारा ज्ञात की जाती है, जहाँ n = कक्ष की संख्या या ऊर्जा स्तर की संख्या। अतः अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या
    पहले कक्ष (K) में होगी = 2 x 1² = 2
    दूसरे कक्ष (L) में होगी = 2 x 2² = 8
    तीसरे कक्ष (M) में होगी = 2 x 3² = 18
    चौथे कक्ष (N) में होगी = 2 x 4² = 32
  2. बाह्यतम कोष में अधिकतम आठ इलेक्ट्रॉन रखे जा सकते हैं।
  3. पहले कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या पूर्ण होने पर शेष इलेक्ट्रॉन दूसरे कक्ष में जा सकते हैं अर्थात् कक्ष क्रमानुसार ही भरे जाते हैं।

प्रश्न 7.
सिलिकॉन व ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
किसी तत्त्व की संयोग करने की क्षमता को उसकी संयोजकता कहते हैं। यह उस परमाणु के बाह्यतम कोश (कक्ष) में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या से ज्ञात (UPBoardSolutions.com) की जाती है।
यदि बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या चार या उससे कम हो तो संयोजकता = बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या।
उदाहरण- सिलिकॉन (Si) की परमाणु संख्या 14 है।
अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 4
सिलिकॉन की संयोजकता = 4
यदि बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या चार से अधिक हो तो
संयोजकता = 8 – (बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या)
उदाहरण- ऑक्सीजन (O) की परमाणु संख्या 8 है।
इसका इलेक्ट्रॉनिक वितरण = 2, 6
अतः इसकी संयोजकता = 8 – 6 = 2

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प्रश्न 8.
उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए-परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक। समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए।
उत्तर-

  1. परमाणु संख्या – परमाणु के नाभिक में पाए जाने वाले (धनावेशित कण) प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु संख्या कहते हैं।
    इसे Z द्वारा दर्शाया जाता है।
    उदाहरण-

    • कार्बन की परमाणु संख्या 6 है क्योंकि इसके नाभिक में 6 प्रोटॉन पाए जाते हैं।
    • ऑक्सीजन की परमाणु संख्या 8 है क्योंकि ऑक्सीजन के परमाणु के नाभिक में 8 प्रोटॉन पाए जाते हैं।
  2. द्रव्यमान संख्या – परमाणु के नाभिक में पाए जाने वाले प्रोटॉन व न्यूट्रॉन की कुल संख्या को द्रव्यमान संख्या कहते हैं।
    द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन की संख्या + न्यूट्रॉन की संख्या
    उदाहरण-

    • ऑक्सीजन की द्रव्यमान संख्या (परमाणु द्रव्यमान) 16 है क्योंकि ऑक्सीजन के परमाणु के नाभिक में 8 प्रोटॉन व 8 न्यूट्रॉन है।
      अतः द्रव्यमान संख्या = 8 + 8 = 16
    • सोडियम की द्रव्यमान संख्या 23 है क्योंकि सोडियम के नाभिक में 11 प्रोटॉन व 12 न्यूट्रॉन हैं।
      अतः द्रव्यमान संख्या = 11 + 12 = 23

समस्थानिक – एक ही तत्त्व के वे परमाणु जिनके परमाणु संख्या समान परन्तु द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न हों, समस्थानिक कहलाते हैं।
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समस्थानिकों के दो उपयोग-

  1. यूरेनियम के एक समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में किया जाता है।
  2. कैंसर के उपचार में कोबाल्ट के एक समस्थानिक का उपयोग होता है।
  3. पेंघा रोग के उपचार में आयोडीन के समस्थानिक का उपयोग होता है।

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प्रश्न 9.
Na+ के पूरी तरह से भरे हुए K वे L कोश होते हैं- व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
Na की परमाणु संख्या = 11
Na+ में उपस्थित इलेक्ट्रॉन की संख्या = 11 – 1 = 10
Na+ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = K, L = 2, 8
अत: Na+ में K तथा L कोश पूरी तरह भरे होते हैं।

प्रश्न 10.
अगर ब्रोमीन परमाणु दो समस्थानिकों [[latex]_{ 35 }^{ 79 }{ Br }[/latex] (49.7%) तथा [latex]_{ 35 }^{ 81 }{ Br }[/latex] (50.3%)] के रूप में हैं, तो ब्रोमीन परमाणु के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए।
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प्रश्न 11.
एक तत्त्व X का परमाणु द्रव्यमान 16.2 u है तो इसके किसी एक नमूने में समस्थानिक [latex]_{ 8 }^{ 16 }{ X }[/latex] और [latex]_{ 8 }^{ 18 }{ X }[/latex] का प्रतिशत क्या होगा?
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प्रश्न 12.
यदि तत्त्व का Z = 3 हो तो उस तत्त्व की संयोजकता क्या होगी? उस तत्त्व का नाम भी लिखिए।
उत्तर-
दिया है- Z = 3
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 1
तत्त्व की संयोजकता = 1
तत्त्व का नाम = लीथियम (Li)

प्रश्न 13.
दो परमाणु स्पीशीज के केन्द्रकों का संघटन नीचे दिया गया है
प्रोटॉन = 6(X) 6(Y)
न्यूट्रॉन = 6(X) 8(Y)
X और Y की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। इन दोनों स्पीशीज में क्या सम्बन्ध है?
हल-
X की द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = 6 + 6 = 12u
Y की द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन = 6 + 8 = 14u
X और Y दोनों में प्रोटॉनों की संख्या समांन है अर्थात् दोनों की परमाणु संख्या समान है। परन्तु उनकी द्रव्यमान संख्या भिन्न है।
अतः दोनों एक ही तत्त्व के समस्थानिक हैं।

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प्रश्न 14.
निम्नलिखित कथनों में से सही पर “T” और गलत पर “F” लिखिए
(a) जे. जे. टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केन्द्रक में केवल न्यूक्लीयॉन्स होते हैं।
(b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं इसलिए यह अनावेशित होता है।
(c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग [latex]\frac { 1 }{ 2000 }[/latex] गुना होता है।
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है। इसका उपयोग दवा के रूप में होता है।
उत्तर-
(a) F, (b) F, (c) T, (d) T.

प्रश्न संख्या 15, 16, 17 और 18 में सही के सामने (✓) का चिह्न और गलत के सामने (✗) का चिह्न लगाइए।

प्रश्न 15. रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था
(a) परमाणु केन्द्रक
(b) इलेक्ट्रॉन
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन
उत्तर-
(a) ✓
(b) ✗
(c) ✗
(d) ✗

प्रश्न 16.
एक तत्त्वे के समस्थानिक में होते हैं
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या
उत्तर-
(a) ✗
(b) ✗
(c) ✓
(d) ✗

प्रश्न 17.
Cl आयन में संयोजकत्ना-इलेक्ट्रॉनों की संख्या है
(a) 16
(b) 8
(c) 17
(d) 18
उत्तर-
(a) ✗
(b) ✓
(c) ✗
(d) ✗

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प्रश्न 18.
सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में कौन-सा है ?
(a) 2, 8
(b) 8, 2, 1
(c) 2, 1, 8
(d) 2, 8, 1
उत्तर-
(a) ✗
(b) ✗
(c) ✗
(d) ✓

प्रश्न 19.
निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए-
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अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कैथोड किरणों से उत्पन्न होने वाली दूसरी किरण का नाम बताइये जिसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है।
उत्तर-
कैथोड किरणों से उत्पन्न होने वाली दूसरी किरण का नाम एक्स-किरणें (X-Rays) है जिसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है।

प्रश्न 2.
X-किरणें किन्हें कहते हैं अथवा X-किरणों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
X-किरणें (X-Rays)- जब कैथोड किरणें उच्च गलनांक (UPBoardSolutions.com) की किसी धातु जैसे टंगस्टन (W) के लक्ष्य से टकराती हैं तो अत्यधिक ऊर्जा वाली आवेशरहित किरणे प्राप्त होती हैं, जिन्हें x-किरणें कहते हैं।

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प्रश्न 3.
कैथोड किरणों के दो गुण लिखिए।
उत्तर-
कैथोड किरणों के दो गुण-
(1) ये किरणें ऋणावेशित होती हैं।
(2) इनमें गतिज ऊर्जा होती है।

प्रश्न 4.
X-किरणों की खोज किसने की थी ?
उत्तर-
X-किरणों की खोज डब्ल्यू. के. रान्टजन (W. K. Rontgen) ने की थी।

प्रश्न 5.
X-किरणें किस प्रकार उत्पन्न होती हैं ?
उत्तर-
कैथोड किरणों के उच्च गलनांक की भारी धातु से टकराने से X-किरणें उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 6.
रान्टजन किरणें किन्हें कहते हैं और क्यों?
उत्तर-
X-किरणों को उसके खोजकर्ता के नाम पर रान्टजन किरणें भी कहते हैं।

प्रश्न 7.
धन किरणें’ किन्हें कहते हैं ? अथवा धन किरणों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
धन किरणें या ऐनोड किरणें (Positive Rays or Anode Rays)- जब विसर्जन नलिका प्रयोग को छिद्रयुक्त कैथोड से दुहराते हैं तो छिद्रयुक्त कैथोड के पीछे परदे पर एक मन्द दीप्ति दिखाई देती है। यह दीप्ति किन्हीं धनावेशित कणों से बनी किरणों की उपस्थिति के कारण होती है। इन किरणों को धन किरणें या ऐनोड किरणें कहते हैं।

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प्रश्न 8.
धन किरणों या ऐनोड किरणों की खोज किसने की थी ?
उत्तर-
धन किरणों या ऐनोड किरणों की खोज ई. गोल्डस्टीन (E. Goldstein) ने की थी।

प्रश्न 9.
ऐनोड किरणों को केनाल किरणें क्यों कहा जाता है ?
उत्तर-
ऐनोड किरणों को केनाल किरणें (Canal Rays) भी कहा जाता है, क्योंकि ये कैथोड के छिद्रों या केनाल में से होकर निकलती हैं।

प्रश्न 10.
धन किरणों को ऐनोड किरणें क्यों कहते हैं?
उत्तर-
धन किरणे ऐनोड से कैथोडं की ओर चलती हैं, इसलिए इन्हें ऐनोंड किरणें कहते हैं।

प्रश्न 11.
कैथोड एवं ऐनोड किरणों का कोई एक गुण लिखिए जिसमें दोनों समानता दशति हैं।
उत्तर-
दोनों में गतिज ऊर्जा होती है जिससे दोनों ही (UPBoardSolutions.com) अपने मार्ग में रखे हल्के पहिये को घुमा देती हैं।

प्रश्न 12.
कैथोड किरणों का अध्ययन किसने किया ?
उत्तर-
कैथोड किरणों का अध्ययन सर जे.जे.टॉमसने ने 1897 में किया था।

प्रश्न 13.
कैथोड किरणें कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर-
कैथोड किरणों को प्राप्त करना-विसर्जन नलिका में निम्न दाब (लगभग 0.001 मिमी पारे के तल) पर उच्च विभव पर विद्युत प्रवाहित करके कैथोड किरणें प्राप्त करते हैं।

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प्रश्न 14.
कैसे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें सीधी रेखा में चलती हैं ?
उत्तर-
यदि कैथोड किरणों के मार्ग में कोई ठोस वस्तु रख दी जाये तो उसकी छाया दिखाई देती है। इससे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें सीधी रेखा में चलती हैं।

प्रश्न 15.
कैसे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें गतिज ऊर्जा युक्त कणों से बनी हैं ?
उत्तर-
यदि कैथोड किरणों के मार्ग में किसी धातु की हल्की चकरी रख दी जाये तो चकरी घूमने लगती है। इससे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें ऐसे कणों से बनी हैं जिनमें गतिज ऊजी होती है।

प्रश्न 16.
कैसे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें ऋणावेशित कण हैं ?
उत्तर-
कैथोड किरणें जब विद्युत क्षेत्र से होकर गुजरती हैं तो धन प्लेट की ओर आकर्षित होती हैं। इससे सिद्ध होता है कि कैथोड किरणें ऋणावेशित कणों से बनी होती हैं।

प्रश्न 17.
प्रोटॉन के आवेश तथा द्रव्यमान का अनुपात (e/m) कितना होता है ?
उत्तर-प्रोटॉन के आवेश तथा द्रव्यमान का अनुपात (e/m) का मान 9.58 x 104 कूलॉम प्रति ग्राम होता है।

प्रश्न 18.
परमाणु का पहला मॉडल किस वैज्ञानिक ने दिया ?
उत्तर-
परमाणु को पहला मॉडल जे. जे. टॉमसन (J. J. Thomson) ने दिया।

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प्रश्न 19.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के दो दोष कौन-कौन से थे ?
अथवा
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के महत्त्वपूर्ण दोष क्या
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के दोष- रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के दो दोष निम्नलिखित हैं
(1) परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या न कर पाना ।
(2) परमाणु के विभिन्न स्पेक्ट्रम की व्याख्या न करे पाना।

प्रश्न 20.
नील बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार जब इलेक्ट्रॉन एक ही ऊर्जा स्तर में घूमता है तब वह ऊर्जा का उत्सर्जन करता है या अवशोषण या इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता, उत्तर दीजिए।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता।

प्रश्न 21.
कक्षा या ऊर्जा स्तर किसे कहते हैं ?
उत्तर-
कक्षा या ऊर्जा स्तर (Shells or Energy Levels)- “नाभिक के चारों ओर निश्चित ऊर्जा वाले वे पथ जिनमें इलेक्ट्रॉन घूमते रहते हैं: कक्षा, कोश या ऊर्जा-स्तर कहलाते हैं।”

प्रश्न 22.
बोर के परमाणु मॉडल में (K, L, M, N) कक्षाओं में से नाभिक की निकटतम कक्षा कौन-सी है ?
उत्तर-
बोर के परमाणु मॉडल में K कक्षा नाभिक (UPBoardSolutions.com) की निकटतम कक्षा है।

प्रश्न 23.
किसी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?
उत्तर-
किसी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या 2n² हो सकती है जहाँ कक्षा का क्रमांक है।

प्रश्न 24.
सबसे बाहरी कक्षा (कोश) में और उसके अन्दर वाली कक्षा में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं ?
उत्तर-
सबसे बाहरी कक्षा (कोश) में अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉन तथा उसके अन्दर वाली कक्षा (कोश) में अधिकतम 18 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

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प्रश्न 25.
संयोजी कोश को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
संयोजी कोश-किसी परमाणु के बाह्यतम कोश को संयोजी कोश कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
टॉमसन के परमाणु मॉडल के दो मुख्य अभिगृहीतियाँ बताइये।
उत्तर-
(i) परमाणु धन आवेशित गीले को बना होता है और इलेक्ट्रॉन उसमें फँसे होते हैं।
(ii) ऋणात्मक और धनात्मक आवेश परिमाण में समान होते हैं। इसलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होते हैं।

प्रश्न 2.
समस्थानिक तथा समभारिक में दो अन्तर लिखिए।
उत्तर-
समस्थानिक (Isotopes)-
(1) परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।
(2) प्रोटॉनों की संख्या समान होती है।
समभारिक (Isobars)-
(1) परमाणु संख्या अलग-अलग होती है लेकिन द्रव्यमान संख्या समान होती है।
(2) प्रोटॉनों की संख्या भिन्न होती है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित सारणी में कुछ तत्त्वों की द्रव्यमान संख्या तथा परमाणु संख्या दी गई है :
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 13
(a) उपर्युक्त सारणी से एक जोड़ा समभारिक चुनिए।
(b) उपर्युक्त सारणी में दिये गए तत्त्व ‘B’ की संयोजकता क्या होगी ?
उत्तर-
(a) D तथा E समभारिक हैं क्योंकि इनकी परमाणु संख्याएँ (40) परन्तु भिन्न-भिन्न द्रव्यमान संख्याएँ क्रमशः 18 तथा 20 हैं।
(b) B का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 5
अत: B की संयोजकता = 3, 5

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प्रश्न 4.
एक तत्त्व ‘X’ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 है।
(a) इलेक्ट्रॉन की संख्या ज्ञात कीजिए जो तत्व x में उपस्थित है।
(b) इसकी परमाणु संख्या लिखिए।
(c) यह तत्त्व ‘X’ एक धातु है या अधातु?
(d) तत्त्व X की संयोजकता ज्ञात कीजिए।
हल-
(a) X में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2 + 8 + 2 = 12
(b) X की परमाणु संख्या = 12
(c) तत्त्व X एक धातु है।
(d) X की संयोजकता = 2

प्रश्न 5.
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए तथा इनकी परमाणु में स्थिति एवं इनके खोजकर्ता का नाम लिखिए।
अथवा
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन की आवेश एवं (UPBoardSolutions.com) द्रव्यमान के तुलना कीजिए। इन कणों के खोजकर्ता का नाम एवं परमाणु क्रमांक में इनका स्थान लिखिए।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना-
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 14

प्रश्न 6.
रदरफोर्ड के प्रयोग का चित्र बनाइये तथा इसके निष्कर्ष लिखिये।
उत्तर-
रदरफोर्ड के प्रयोग का चित्र-
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 15
रदरफोर्ड के प्रयोग के निष्कर्ष
(1) प्रयोग में परमाणु के केन्द्रीय भाग से टकराकर कुछ α-कण वापस लौट आते हैं इससे निष्कर्ष निकलता है कि परमाणु का केन्द्रक ठोस, अभेद्य तथा प्रतिकर्षी है।
(2) अधिकांश α-कण स्वर्ण पत्र में बिना छेद किये सरल रेखा से बाहर निकल जाते हैं इससे निष्कर्ष निकलता है कि परमाणु खोखला है।
(3) कुछ α-कण विचलित हो जाते हैं इससे निष्कर्ष निकलता है कि परमाणु में ऋणावेशित कण हैं।

प्रश्न 7.
(a) नीचे दी गई स्पीशीज में किसमें 18 इलेक्ट्रॉन हैं ?
Ca2+, K+, Na, Cl, Ar
(b) किसी तत्त्व के सभी समस्थानिकों के रासायनिक गुण एकसमान होते हैं। कारण लिखिए।
उत्तर-
(a) Ca2+, K+, Cl, Ar
(b) समस्थानिकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान है, तब उनका इलेक्ट्रॉन विन्यास तथा संयोजकता इलेक्ट्रॉन की संख्या भी समान होगी।
अतः समस्थानिकों के रासायनिक गुण एकसमान होते हैं।

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प्रश्न 8.
नील बोर द्वारा अपने परमाणु मॉडल में शामिल नई संकल्पनाएँ बताइए। इस मॉडल को दिखाने के लिए एक रेखाचित्र खींचिए।
उत्तर-
बोर के मॉडल में शामिल नई संकल्पनाएँ हैं
(i) निश्चित ऊर्जायुक्त कुछ खास कक्षाएँ ही स्वीकार्य हैं।
(ii) जब तक कोई इलेक्ट्रॉन कण ऊर्जा स्तर में गतिशील है, इसमें ऊर्जा की हानि या लाभ नहीं होता।
(iii) जब इलेक्ट्रॉन ऊर्जा ग्रहण करते हैं तो उच्च ऊर्जा स्तर में पहुँच जाते हैं। जब ऊर्जा की हानि होती है तो निम्न ऊर्जा स्तर पर आ जाते हैं। इसे चित्र द्वारा दिखाया गया है।
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 16

प्रश्न 9.
एक तत्त्व [latex]_{ 8 }^{ 16 }{ X }[/latex] के रूप में निरूपित होता है। ज्ञात कीजिए-
(a) तत्त्व x में इलेक्ट्रॉनों की संख्या,
(b) तत्त्व x की द्रव्यमान संख्या,
(c) तत्त्व x में न्यूट्रॉनों की संख्या।।
हल-
(a) तत्त्व x में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 8
(b) तत्त्व x की द्रव्यमान संख्या = 16
(c) तत्त्व x में न्यूट्रॉनों की संख्या = 16 – 8 = 8

प्रश्न 10.
(a) किसी परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखिए।
(b) किसी तत्त्व में परमाणु की L कक्षा में पाँच इलेक्ट्रॉन हैं-
(i) तत्त्व की परमाणु संख्या क्या है ?
(ii) इसकी संयोजकता व्यक्त कीजिए।
(iii) तत्त्व को पहचानिए तथा इसका नाम लिखिए।
हल-
(a) किसी परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम हैं : इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन।
(b) K कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 2
L कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 5
(i) तत्त्व की परमाणु संख्या 2 + 5 = 7
(ii) तत्त्व की संयोजकता।
(iii) तत्त्व नाइट्रोजन (N) है।

प्रश्न 11.
(a) हीलियम तथा बेरीलियमें दोनों में ही संयोजकता कक्षा में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं। हीलियम एक अक्रिय गैस है जबकि बेरीलियम एक धातु है। पुष्टि कीजिए।
(b) हाइड्रोजन का अस्तित्व तीन समस्थानिक रूपों में होता है। हाइड्रोजन के समस्थानिक रासायनिक रूप से समान क्यों होते हैं ?
उत्तर-
(a) हीलियम के बाह्यतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या उसकी अधिकतम संख्या के बराबर है अतः हीलियम एक अक्रिय गैस है। बेरीलियम तत्त्व धातु है क्योंकि यह इलेक्ट्रॉन त्याग करके धनात्मक आयन बनाता है।
(b) समस्थानिकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान है। अतः उनका इलेक्ट्रॉन विन्यास और संयोजकता इलेक्ट्रॉन की संख्या भी समान होती है। अत: हाइड्रोजन के समस्थानिक रासायनिक रूप से समान होते हैं।

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प्रश्न 12.
समस्थानिक और समभारिक क्या होते हैं ? क्लोरीन के दो समस्थानिक कौन-कौन से हैं ? क्लोरीन के प्राकृतिक नमूने में इनका क्या अनुपात होता है ? क्लोरीन परमाणु का औसत परमाणु द्रव्यमान परिकलित कीजिए।
उत्तर-
समस्थानिक- एक ही तत्त्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान तथा द्रव्यमान भिन्न होता है, समस्थानिक कहलाते हैं।
समभारिक- वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है परन्तु परमाणु क्रमांक भिन्न होते हैं, समभारिक कहलाते हैं।
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 17

प्रश्न 13.
परमाणु नाभिक के आवश्यक गुणधर्मों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
परमाणु नाभिक के गुणधर्म :
(i) परमाणु नाभिक धनावेश युक्त होता है।
(ii) परमाणु का सम्पूर्ण द्रव्यमान उसके नाभिक में ही स्थित होता है।
(iii) परमाणु नाभिक की त्रिज्या 10-13 से 10-12 cm होती है, जबकि सम्पूर्ण परमाणु की त्रिज्या लगभग 10-8 cm होती है।
अत: परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त होता है।

प्रश्न 14.
टॉमसन परमाणु मॉडल, रदरफोर्ड परमाणु मॉडल तथा बोर परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
टॉमसन परमाणु मॉडल – टॉमसन ने तरबूज के समान परमाणु मॉडल प्रस्तावित किया जिसमें परमाणु का धनावेश तरबूज के खाने वाले भाग की भाँति फैला हुआ है, जबकि इलेक्ट्रॉन (ऋणावेश) धनावेशित गोले में तरबूज के बीज की भाँति फँसे हैं। ऋणावेश तथा धनावेश परिमाण में समान होते हैं। इसलिए परमाणु विद्युतीय उदासीन होता है।

रदरफोर्ड परमाणु मॉडल – इसके अनुसार, परमाणु में धनावेशित केन्द्र, जिसे नाभिक कहते हैं, होता है और इलेक्ट्रॉन स्थिर कक्षा में चक्कर लगाते हैं। नाभिक का आकार, परमाणु के आकार की तुलना में अत्यन्त कम या उपेक्षणीय होता है।

बोर परमाणु मॉडल – बोर परमाणु मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉनों की विविक्त कक्षा कहते हैं। जब इलेक्ट्रॉन इन विविक्त कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं तो उनकी ऊर्जा का विकिरण नहीं होता।

प्रश्न 15.
सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।
उत्तर-
परमाणु के अन्तिम कोश (बाह्यतम कोश) में विद्यमान इलेक्ट्रॉन, संयोजी इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं। किसी परमाणु द्वारा स्थायित्व (अष्टक) प्राप्त करने के लिए, त्यागे गए या प्राप्त या साझा किए गए इलेक्ट्रॉनों की संख्या, उसकी संयोजकता कहलाती है। परमाणु द्वारा अष्टक पूरा करने की क्रिया में संयोजी इलेक्ट्रॉनों का ही स्थानान्तरण या साझा होता है अर्थात संयोजी इलेक्ट्रॉन ही परमाणु की संयोजकता निर्धारित करते हैं। उदाहरणार्थ-सिलिकॉन का परमाणु क्रमांक 14 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 4 होगा। इसमें 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन उपस्थित हैं अर्थात् इसकी संयोजकता 4 है।
ऑक्सीजन का परमाणु क्रमांक 8 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 होगा। इसमें 6 संयोजी इलेक्ट्रॉन उपस्थित हैं। ऑक्सीजन परमाणु की प्रवृत्ति दो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके अष्टक प्रदान करने की होती है। अतः इसकी संयोजकता 2 है।

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प्रश्न 16.
Na+, K+, Al3-, O2- और F में कौन-से समइलेक्ट्रॉनी हैं ?
उत्तर-
समइलेक्ट्रॉनी स्पीशीज में इलेक्ट्रॉन की संख्या समान होती है।
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 18
उपर्युक्त सारणी से स्पष्ट है कि Na+, K+, Al3-, O2- और F में 10-10 इलेक्ट्रॉन हैं। अतः ये समइलेक्ट्रॉनी हैं।

प्रश्न 17.
रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल क्या है?
उत्तर-
रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (Atomic Model of Rutherford) – रदरफोर्ड ने अपने α-कणों के प्रकीर्णन के प्रयोग द्वारा प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर परमाणु का एक मॉडल प्रस्तुत किया जो निम्न प्रकार है

  1. परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान इसके केन्द्र में निहित है अतः परमाणु के केन्द्रीय भाग में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन विद्यमान हैं। ये कण न्यूक्लिऑन कहलाते हैं। परमाणु के इस सूक्ष्म केन्द्र को नाभिक या केन्द्रक कहते हैं।
  2. केन्द्रक के चारों ओर का अधिकांश भाग रिक्त होता है।
    UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 19
  3. परमाणु के केन्द्रक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन गतिशील होते हैं।
  4. नाभिक का आकार परमाणु के आकार की तुलना में बहुत छोटा होता है।
  5. चूँकि परमाणु उदासीन होता है अतः परमाणु में उपस्थित प्रोटॉन एवं इलेक्ट्रॉन की संख्या बराबर होती है।

प्रश्न 18.
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के महत्त्वपूर्ण दोषों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के महत्त्वपूर्ण दोषों की व्याख्या (Explanation of Defects of Rutherford’s Atomic Model)-

  1. परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या न कर पाना – रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल का पहला दोष यह है कि यह परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या नहीं करता है। मैक्सवैल के अनुसार, कोई भी आवेशित कण गतिमान होने पर निरन्तर विद्युत चुम्बकीय तरंगों को विकरित करेगा, जिसमें उसकी ऊर्जा में लगातार कमी होते रहने से उसे अपनी राह (कक्षा) घटानी पड़ेगी और ऐसा करते हुए अन्त में इलेक्ट्रॉन नाभिक में गिरकर नष्ट हो जायेगा परन्तु वास्तव में ऐसा घटित नहीं होता।
  2. परमाणु में विविक्त स्पेक्ट्रम की व्याख्या न कर पाना – रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल का दूसरा प्रमुख दोष यह है कि यह परमाणु के विविक्त स्पेक्ट्रम की व्याख्या भी नहीं कर पाता। रदरफोर्ड के अनुसार इलेक्ट्रॉन की कक्षा की त्रिज्या निरन्तर बदलती रहने के कारण सतत् स्पेक्ट्रम बनना चाहिए परन्तु रैखिक स्पेक्ट्रम प्राप्त होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नप्रश्न

प्रश्न 1.
बोर का परमाणु मॉडल समझाइये।
उत्तर-
बोर का परमाणु मॉडल-नील्स बोर ने क्वाण्टम सिद्धान्त के आधार पर परमाणु संरचना का सरल मॉडल प्रस्तुत किया। इस मॉडल की प्रमुख अभिधारणाएँ निम्नलिखित हैं

  1. परमाणु के केन्द्र में नाभिक होता है, जिसमें धनावेशित कण (प्रोटॉन) उपस्थित होता है।
  2. इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित ऊर्जा वाले पथ में घूमते हैं। ये निश्चित ऊर्जा वाले पथ कक्षा, कोश या ऊर्जा-स्तर कहलाते हैं।
  3. कक्षाओं के क्रम को (n) द्वारा व्यक्त किया जाता है जहाँ n = 1, 2, 3, 4….. हैं जो क्रमशः K, L, M, N…. आदि से व्यक्त किये जा सकते हैं।
  4. n के बढ़ते मान के साथ ये कक्षाएँ नाभिक से दूर होती जाती हैं और उनकी ऊर्जा क्रमशः बढ़ती जाती है। कक्षा k की ऊर्जा सबसे कम होती है। तथा यह नाभिक के निकटतम होती है।
  5. बोर के अनुसार यदि कोई इलेक्ट्रॉन एक ही ऊर्जा स्तर या कक्षा में घूमता रहे तो इस इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
  6. इलेक्ट्रॉन जब बाहर से ऊर्जा ग्रहण करता है तो उत्तेजित होकर निकटतम उच्च ऊर्जा स्तर में चला जाता है और जब ये ऊर्जा का उत्सर्जन करता है तब निकटतम निम्न ऊर्जा के स्तर में चला जाता है।

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प्रश्न 2.
इलेक्ट्रॉन वितरण की बोर-बरी योजना क्या है ? इसके अनुसार इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था लिखिए।
उत्तर-
इलेक्ट्रॉनवितरणकबर-बरीयोजना – इलेक्ट्रॉन वितरण के लिए बोर-बरी ने निम्न योजना प्रस्तुत की जिसे बोर-बरी की योजना कहते हैं। इसके प्रमुख बिन्दु निम्नलिखित हैं
(i) परमाणु की किसी भी कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की | अधिकतम संख्या 2n² होती है, जहाँ n कक्षा की क्रम संख्या है जो नाभिक से बाहर की ओर गिनी जाती है। इस तरह इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या पहली कक्षा में 2, दूसरी में 8, तीसरी में 18, चौथी में 32 एवं पाँचवीं में 50 होती है।
(ii) सबसे बाहर वाली कक्षा में 8 एवं उसके अन्दर वाली कक्षा में 18 से अधिक इलेक्ट्रॉन कभी नहीं हो सकते।
(iii) किसी कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन होने पर नई कक्षा प्रारम्भ हो जाती है चाहे उसकी अधिकतम सीमा कुछ भी हो।
(iv) सबसे बाहर की कक्षा में 2 से अधिक और उसके अन्दर वाली में 8 से अधिक इलेक्ट्रॉन तब तक नहीं होते जब तक अन्य अन्दर की कक्षाएँ 2n² से पूर्ण न हो जायें।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थान भरिए-(इलेक्ट्रॉन विन्यास पूर्ण कीजिए)
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प्रश्न 4.
क्लोरीन तत्त्व ([latex]_{ 17 }^{ 35 }{ Cl }[/latex]) के उदाहरण से उसकी परमाणु संरचना का मॉडल बनाइये।
हल-
क्लोरीन परमाणु संरचना का मॉडल-
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 21
चित्र- क्लोरीन की परमाणु संरचना
क्लोरीन का परमाणु क्रमांक Z = 17
क्लोरीन की द्रव्यमान संख्या A = 35
प्रोटॉन की संख्या p = Z = 17
न्यूट्रॉन की संख्या n = A – Z = 35 – 17 = 18
इलेक्ट्रॉन की संख्या e = p = 17
इलेक्ट्रॉन का वितरण e = 17 = 2, 8, 7

प्रश्न 5.
[latex]_{ 18 }^{ 40 }{ Ar }[/latex] (आर्गन तत्व) की परमाणु संरचना बनाइये।
उत्तर –
[latex]_{ 18 }^{ 40 }{ Ar }[/latex] (आर्गन तत्व) की परमाणु संरचना
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 22
चित्र- आर्गन की परमाणु संरचना
आर्गन को परमाणु क्रमांक Z = 18
आर्गन की द्रव्यमान संख्या A = 40
प्रोटॉन की संख्या p = 18
न्यूट्रॉन की संख्या n = A – Z = 40 – 18 = 22
इलेक्ट्रॉन की संख्या e = p = 18
इलेक्ट्रॉन का वितरण e = 18 = 2, 8, 8

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प्रश्न 6.
दो तत्त्वों A और B के परमाणुओं के अवपरमाणुक कण नीचे दिए गए हैं। उसका अध्ययन कीजिए तथा निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए। अपने उत्तर की सत्यता सिद्ध कीजिए।
UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 4 Structure of the Atom image - 23
(i) दोनों में से किसके परमाणु का आकार बड़ा है?
(ii) दोनों में से किसका नाभिक प्रबल है?
(iii) तत्त्व A तथा B की प्रकृति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
(i) B के परमाणु का आकार बड़ा है क्योंकि B में तीन कोश होते हैं जबकि A में एक कोश होता है।
(ii) B का नाभिक प्रबल है क्योंकि A की द्रव्यमान संख्या 2 + 2 = 4 है जबकि B की द्रव्यमान संख्या 11 + 12 = 23 है।
(iii) A अधातु है जबकि B धातु है। A गैस है तथा B के बाह्यतम कोश में एक इलेक्ट्रॉन है जिसका यह आसानी से त्याग कर सकता है।

प्रश्न 7.
(a) रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग में निम्न निष्कर्ष व्युत्पन्न करने के लिए प्रायोगिक प्रमाण दीजिए।
(i) परमाणु के भीतर का अधिकतर भाग खाली होता है।
(ii) परमाणु का केन्द्र धनावेशित होता है।
(b) एक तत्त्व की द्रव्यमान संख्या 32 तथा परमाणु संख्या 16 है, ज्ञात कीजिए :
(i) तत्त्व के परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या।
(ii) परमाणु के बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या ।
(c) रदरफोर्ड के परमाण्वीय मॉडल के आधार पर नाभिक में कौन-सा अवपरमाणुक कण विद्यमान होता है ?
उत्तर-
(a) (i) परमाणु के भीतर का अधिकतर भाग खाली होता है क्योंकि अधिकतर अल्फा कण बिना विक्षेपित हुए सोने की पन्नी को पार कर सीधे निकल गये।
(ii) कुछ α-कण अपने मूल पथ से थोड़ा विक्षेपित हो जाते हैं इससे सिद्ध होता है कि परमाणु का केन्द्र धनावेशित भाग है।
(b) तत्त्व की द्रव्यमान संख्या = 32
तत्त्व की परमाणु संख्या = 16
प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु संख्या = 16
न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या – प्रोटॉनों की संख्या = 32 – 16 = 16
(ii) तत्त्व का इलेक्ट्रॉन विन्यास = 2, 8, 6
परमाणु के बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 6
(c) प्रोटॉन।

प्रश्न 8.
(a) उस अवपरमाणुक कण का नाम लिखिए जिसकी खोज जे. चैडविक ने की थी। इस कण पर कौन-सा आवेश होता है ? यह कण परमाणु के कौन-से भाग में स्थित होता है ?
(b) रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के प्रयोग के तीन चरणों की सूची बनाइए।
(c) एक उदाहरण देते हुए समभारिक परमाणु की परिभाषा लिखिए।
(d) यह निष्कर्ष किस वैज्ञानिक ने निकाला था कि परमाणु की अपेक्षा नाभिक का साइज बहुत छोटा होता है।
उत्तर-
(a) जे. चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की थी। न्यूट्रॉन अनावेशित होता है। यह कण परमाणु के नाभिक में होता है।
(b) (i) रदरफोर्ड ने रेडियोऐक्टिव तत्त्व रेडियम को लैड के बॉक्स के भीतर रखकर प्राप्त अल्फा कणों को एक बारीक स्लिट से गुजारकर इन्हें पुंज के रूप में प्राप्त किया।
(ii) इस पुंज को उन्होंने एक भारी धातु, जैसे-गोल्ड के अत्यन्त पतली पन्नी पर डाला।
(iii) इससे ये अल्फा कण प्रकीर्णित हो गए तथा बहुत-से अल्फा कण पन्नी से पार होकर पीछे लगे जिंक सल्फाइड के मध्य जाकर टकरा गए।
(c) समभारिक – समभारिक, विभिन्न परमाणु संख्याओं परन्तु समान द्रव्यमान संख्या वाले विभिन्न तत्त्वों के परमाणु हैं। समभारिकों में, उनके नाभिकों में प्रोटॉनों की भिन्न संख्या होती है परन्तु उनमें न्यूक्लिआनो (प्रोटानों + न्यूट्रॉनों) की संख्या समान होती है। समभारिकों के उदाहरण आर्गन [latex]_{ 18 }^{ 40 }{ Ar }[/latex] और कैल्सियम [latex]_{ 20 }^{ 40 }{ Ca }[/latex] है।
(d) रदरफोर्ड ने निष्कर्ष निकाला था कि परमाणु की अपेक्षा नाभिक का साइज बहुत छोटा होता है।

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प्रश्न 9.
परमाणु क्रमांक 1 से 18 तक के तत्त्वों के परमाणुओं का इलेक्ट्रॉन-विन्यास दीजिए।
उत्तर-
परमाणु क्रमांक 1 से 18 तक के तत्त्वों का इलेक्ट्रॉन विन्यास

प्रश्न 10.
संयोजकता इलेक्ट्रॉन का महत्व लिखिए व तत्त्व की संयोजकता निर्धारण में इसकी भूमिका बताइए।
उत्तर-
संयोजकता – किसी तत्त्व के परमाणु द्वारा दिए जाने, लिए जाने या साझेदारी किए जाने वाले इलेक्ट्रॉन की संख्या, उस तत्त्व को संयोजकता कहलाती है।
हम जानते हैं कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में केवल बाह्यतम कक्ष में उपस्थित इलेक्ट्रॉन या संयोजकता इलेक्ट्रॉन ही भाग लेते हैं।
अत: संयोजकता निर्धारण में संयोजकता इलेक्ट्रॉन ही महत्वपूर्ण होते हैं। यदि किसी तत्त्व के परमाणु के संयोजकता इलेक्ट्रॉन 1, 2 या 3 हैं तो उसकी संयोजकता क्रमशः 1, 2 या 3 होगी। यदि तत्त्व के बाह्यतम कक्ष में 4 से 8 इलेक्ट्रॉन हैं तो उसकी संयोजकता (संयोजकता इलेक्ट्रॉन–8) होगी।
उदाहरणार्थ – क्लोरीन या फ्लोरीन के बाह्यतम कक्ष में 7 इलेक्ट्रॉन हैं, तब उनकी संयोजकता 7 – 8 = -1 होगी।
अतः क्लोरीन या फ्लोरीन के आयन को Cl या F से प्रदर्शित करेंगे।

अभ्यास प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. चैडविक ने खोज की थी
(a) इलेक्ट्रॉन की
(b) प्रोटॉन की
(c) न्यूट्रॉन की
(d) रेडियम की।

2. परमाणु के केन्द्रक में होते हैं
(a) इलेक्ट्रॉन
(b) प्रोटॉन
(c) न्यूट्रॉन
(d) प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन !

3. प्रोटॉन की खोज का श्रेय था
(a) चैडविक को
(b) गोल्डस्टीन को
(c) जे. जे. टॉमसन को
(d) रदरफोर्ड को।

4. X-किरणों की खोज की थी
(a) राण्टजन ने
(b) चैडविक ने
(c) मैडम क्यूरी ने
(d) गोल्डस्टीन ने।

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5. समान परमाणु क्रमांक एवं भिन्न परमाणु भार वाले परमाणु कहलाते हैं
(a) समस्थानिक
(b) समभारिक
(c) समन्यूट्रानिक
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

6. निम्न किरणों में से सबसे अधिक बेधन क्षमता किसमें होती है?
(a) α-किरणे
(b) X-किरणें
(c) γ-किरणे
(d) कैथोड किरणें

7. सोने की पन्नी द्वारा अल्फा कण प्रकीर्णन का प्रयोग किया
(a) टॉमसन ने
(b) रदरफोर्ड ने
(c) बोर ने
(d) उपरोक्त सभी ने।

8. परमाणु धन आवेश का गोला है, बताया
(a) टॉमसन ने
(b) रदरफोर्ड ने
(c) बोर ने
(d) उपरोक्त सभी ने।

9. इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं, प्रतिपादित किया
(a) टॉमसन ने
(b) रदरफोर्ड ने
(c) बोर ने
(d) उपरोक्त सभी ने।

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10. अवपरमाणुक कण है
(a) इलेक्ट्रॉन
(b) प्रोटॉन
(c) न्यूट्रॉन
(d) ये सभी।

11. दूसरे कक्ष में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या है
(a) 2
(b) 4
(c) 18
(d) 8

12. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त की कमी थी
(a) उसने परमाणु को अविभाज्य बताया
(b) वह एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने विभिन्न पदार्थों के अलग-अलग गुणों की व्याख्या न कर सका।
(c) क्यों कुछ कार्बनिक यौगिकों को संश्लेषण सम्भव नहीं है, स्पष्ट नहीं हो सका।
(d) उपर्युक्त सभी।

13. प्रोटियम में नहीं होता
(a) प्रोटॉन
(b) इलेक्ट्रॉन
(c) न्यूटॉन
(d) ये सभी।

14. दो न्यूट्रॉन होते हैं
(a) ड्यूटीरियम में
(b) ट्राइटियम में
(c) प्रोटियम में
(d) उपर्युक्त सभी में।

15. Ca व Ar के परमाणु हैं
(a) समस्थानिक
(b) समभारिक
(c) समावयव
(d) ये सभी।

16. फ्लोरीन की परमाणु संख्या 9 है, F में इलेक्ट्रॉन की कुल संख्या होगी
(a) 9
(b) 8
(c) 10
(d) 19

17. किसी तत्त्व के समस्थानिकों में
(a) प्रोटॉन की संख्या भिन्न होती है।
(b) इलेक्ट्रॉन की संख्या भिन्न होती है।
(c) न्यूट्रॉन की संख्या भिन्न होती है।
(d) न्यूट्रॉन की संख्या समान होती है।

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18. जब एक न्यूट्रॉन विघटित होता है तो ……… उत्पन्न होता है।
(a) एक प्रोटॉन
(b) एक इलेक्ट्रॉन
(c) एक न्यूट्रॉन व एक इलेक्ट्रॉन
(d) एक प्रोटॉन व एक इलेक्ट्रॉन

19. रेडियो आइसोटोप डेटिंग में ……. करते हैं।
(a) 12C परमाणु की
(b) 10C परमाणु की
(c) 14C परमाणु की
(d) 3C परमाणु की।

20. परमाणु संख्या 16 वाले तत्त्वे की संयोजकता है
(a) 6
(b) 4
(c) 1
(d) 2

21. एक तत्त्व A की परमाणु संख्या 40 व तत्त्व B की परमाणु संख्या 11 है। A व B के विषय में कौन-सा कथन सत्य है-
(a) A, B से अधिक सक्रिय है।
(b) B, A से अधिक सक्रिय है।
(c) B रासायनिक रूप से अक्रिय
(d) A व B समान रूप से सक्रिय हैं।

22. निम्न में कौन-सा कथन असत्य है
(a) भारी तत्त्व रेडियोधर्मी होते हैं।
(b) α-कण धन आवेशिते हैं।
(c) β-कण आवेश रहित हैं।
(d) समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है।

23. कैल्सियम परमाणु संख्या 20 की संयोजकता है
(a) 1
(b) 2
(c) 3
(d) 6.

24. P-32 प्रयोग किया जाता है
(a) कैंसर
(b) थायरॉइड
(c) ल्यूकेमिया
(d) धमनी की रुकावट।

25. I-131 ……………के उपचार में प्रयोग किया जाता है।
(a) कैंसर के उपचार में
(b) थायरॉइड विकार में
(c) ल्यूकेमिया में
(d) धमनी की रुकावट में।

26. इलेक्ट्रॉन पर आवेश है
(a) 1.6 x 10-19 C
(b) 9.1 x 10-16 C
(c) 1.9 x 10-16 C
(d) 6.1 x 10-19 C

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27. ……………… आवेश रहित हैं।
(a) न्यूट्रॉन
(b) प्रोटॉन
(c) इलेक्ट्रॉन
(d) इलेक्ट्रॉन व न्यूट्रॉन।

28. भारी तत्त्वों के नाभिक में ………. नहीं पाया जाता
(a) प्रोटॉन
(b) न्यूट्रॉन
(c) इलेक्ट्रॉन
(d) इलेक्ट्रॉन वे प्रोटॉन

29. हाइड्रोजन परमाणु में ………….. नहीं पाया जाता
(a) प्रोटॉन
(b) न्यूट्रॉन
(c) इलेक्ट्रॉन
(d) इलेक्ट्रॉन व प्रोटॉन।

30. कैथोड किरणों का प्रयोग सर्वप्रथम ……… किया।
(a) चैडविक ने
(b) जे. जे. टॉमसन ने
(c) नील बोर ने
(d) रदरफोर्ड ने।

31. सोने की पतली पन्नी पर α-कण की बौछार
वाला प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया
(a) चैडविक ने
(b) जे. जे. टॉमसन ने
(c) नील बोर ने
(d) रदरफोर्ड ने।

32. न्यूट्रॉन की खोज की
(a) चैडविक ने
(b) जे. जे. टॉमसन ने
(c) नील बोर ने
(d) रदरफोर्ड ने।

33. इलेक्ट्रॉन होता है
(a) द्रव्यमान में प्रोटॉन का [latex]\frac { 1 }{ 1838 }[/latex] वां भाग व धन आवेशित
(b) द्रव्यमान में प्रोटॉन के बराबर व ऋण आवेशित
(c) द्रव्यमान में प्रोटॉन का 1/1838 व ऋण आवेशित
(d) द्रव्यमान में प्रोटॉन के बराबर व धन आवेशित

34. किसी परमाणु में प्रोटॉन की संख्या होती है
(a) न्यूट्रॉन के बराबर
(b) इलेक्ट्रॉन के बराबर
(c) परमाणु द्रव्यमान के बराबर
(d) कोई निश्चित नहीं।

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35. यदि किसी तत्त्व के परमाणु में 9 प्रोटॉन व 10 न्यूट्रॉन हों तो उसका परमाणु द्रव्यमान है
(a) 19
(b) 9
(c) 10
(d) 1.

36. Na का परमाणु द्रव्यमान 23 व परमाणु क्रमांक 11 है तो उसके परमाणु में न्यूट्रॉन होंगे
(a) 11
(b) 12
(c) 23
(d) कोई निश्चित नहीं

37. संयोजकता इलेक्ट्रॉन परमाणु के ……. कक्ष में उपस्थित होते हैं।
(a) प्रथम कक्ष
(b) द्वितीय कक्ष
(c) बाह्यतम
(d) किसी भी।

38. यदि किसी तत्त्व का बाह्यतम कक्ष प्रथम कक्षे से तो वह बाह्यतम कक्ष में ……… इलेक्ट्रॉन होने पर ही अक्रिय गैस का विन्यास प्राप्त कर लेगा
(a) 2
(b) 4
(c) 6
(d) 8.

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39. प्रत्येक तत्त्वं अपने बाह्यतम कक्ष में ……… इलेक्ट्रॉन पूरे करने का प्रयत्न करता है।
(a) 2
(b) 4
(c) 6
(d) 8.

उत्तरमाला

  1. (c)
  2. (d)
  3. (b)
  4. (a)
  5. (a)
  6. (c)
  7. (b)
  8. (a)
  9. (c)
  10. (d)
  11. (d)
  12. (d)
  13. (c)
  14. (b)
  15. (b)
  16. (c)
  17. (c)
  18. (d)
  19. (c)
  20. (d)
  21. (b)
  22. (c)
  23. (b)
  24. (c)
  25. (b)
  26. (a)
  27. (a)
  28. (c)
  29. (b)
  30. (b)
  31. (d)
  32. (a)
  33. (c)
  34. (b)
  35. (a)
  36. (b)
  37. (c)
  38. (a)
  39. (d)

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